उत्तराखंड: फिर सुर्खियों में हरियाणा के पोस्टमास्टर, खाताधारकों के रुपये निकालने का आरोप

PauriNews | PostOfficeFraud | UttarakhandNews : उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के खिर्सू ब्लॉक स्थित जाख डाकघर में खाताधारकों के खातों से कथित फर्जी निकासी और वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद डाक विभाग ने जांच शुरू कर दी है। साथ ही दो कर्मचारियों को निलंबित कर तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है।

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कोतवाली श्रीनगर में शिकायत दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि दो खाताधारकों के खातों से बिना जानकारी के करीब 1.80 लाख रुपये निकाल लिए गए। इनमें एक खाते से लगभग 80 हजार रुपये और दूसरे खाते से करीब एक लाख रुपये की निकासी बताई जा रही है।

शिकायत के बाद डाक विभाग की टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में खातों में जमा और निकासी से जुड़े कई मामलों में अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जीवनभर की जमा पूंजी सुरक्षित नहीं है….इसलिए पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए।

डाक अधीक्षक विपिन भट्ट ने बताया कि जाख डाकघर का काम प्रभावित न हो…इसके लिए फिलहाल एक अन्य कर्मचारी की तैनाती की गई है। साथ ही दोनों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।

जांच अधिकारी और डाक निरीक्षक अवधेश कुमार ने बताया कि जाख डाकघर से जुड़े सभी खाताधारकों की पासबुक और लेन-देन का रिकॉर्ड जांचा जाएगा। जाख, दोंदड़ी, चिमनियूं, थापला, संगलदर और असिंगी गांवों के करीब 350 खाताधारकों के खातों की जांच के बाद ही फर्जी निकासी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

इस बीच जाख के ग्राम प्रधान मनीष रावत ने भी डाकघर के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि उनका एटीएम कार्ड समय पर नहीं दिया गया और पंजीकृत डाक भी संबंधित व्यक्ति तक नहीं पहुंचाई गई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पहले भी शिकायत की गई थी…लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

फिलहाल डाक विभाग और पुलिस दोनों स्तर पर मामले की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

क्या आपने कभी उड़ने वाली गिलहरी देखी है? उत्तराखंड में 12 साल बाद दिखी दुर्लभ प्रजाति

RamnagarNews | FlyingSquirrel |WildlifeRescue : उत्तराखंड के रामनगर से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक खास खबर सामने आई है। यहां कोसी रेंज के टेड़ा गांव में एक दुर्लभ इंडियन जायंट फ्लाइंग स्क्विरल (विशाल उड़न गिलहरी) दिखाई दी…जिसे वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।

जानकारी के अनुसार शुक्रवार को यह दुर्लभ गिलहरी टेड़ा गांव के एक ग्रामीण के घर में पहुंच गई। बड़े आकार और अलग दिखने के कारण ग्रामीण हैरान रह गए। सूचना मिलने पर कोसी रेंज के रेस्क्यू एक्सपर्ट आशीष कश्यप और राजेश कश्यप मौके पर पहुंचे और सावधानीपूर्वक गिलहरी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

जांच में पता चला कि यह इंडियन जायंट फ्लाइंग स्क्विरल प्रजाति की है। वन विभाग के अनुसार रामनगर क्षेत्र में यह प्रजाति करीब 12 साल बाद फिर से देखी गई है। इससे पहले वर्ष 2014 में इसे ढिकुली-गार्जिया वन क्षेत्र में दर्ज किया गया था।

यह गिलहरी वास्तव में उड़ती नहीं है…बल्कि अपने पैरों के बीच मौजूद त्वचा की झिल्ली (पेटागियम) की मदद से एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक लगभग 60 मीटर तक हवा में ग्लाइड कर सकती है। यह एक रात्रिचर (रात में सक्रिय रहने वाला) वन्यजीव है।

वन विभाग ने कहा कि उत्तराखंड में यह प्रजाति रानीखेत, लैंसडौन, पिथौरागढ़, चकराता और मसूरी के जंगलों में भी पाई जाती है। अधिकारियों का कहना है कि रामनगर क्षेत्र में इसका दोबारा दिखाई देना यहां की समृद्ध जैव विविधता और संरक्षण प्रयासों का सकारात्मक संकेत है।

उप प्रभागीय वनाधिकारी अंकित बडोला ने कहा कि रेस्क्यू के बाद गिलहरी को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया जाएगा। साथ ही इस दुर्लभ प्रजाति की मौजूदगी को विभागीय रिकॉर्ड में भी दर्ज किया जाएगा।

उत्तराखंड: दीवार का निरीक्षण कर रहे थे डॉक्टर, तभी हुआ ऐसा हादसा कि चली गई जान

ChamoliNews | UttarakhandNews |HealthDepartment : उत्तराखंड के चमोली जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। नारायणबगड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. नवीन डिमरी की शनिवार को एक हादसे में मौत हो गई। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

डॉ. नवीन डिमरी अस्पताल परिसर के पास स्थित आवासीय भवन के पीछे क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान अचानक दीवार भरभराकर गिर गई और वह उसकी चपेट में आ गए। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं।

अस्पताल के कर्मचारियों ने तुरंत उनका प्राथमिक उपचार किया और 108 एंबुलेंस की मदद से हायर सेंटर के लिए रवाना किया। हालांकि रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

डॉ. नवीन डिमरी लंबे समय से नारायणबगड़ पीएचसी में सेवाएं दे रहे थे। मरीजों के प्रति उनका व्यवहार बेहद सरल और सेवा भाव से भरा हुआ था। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने हर परिस्थिति में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रयास किया और इसी वजह से क्षेत्र में उनका विशेष सम्मान था।

घटना पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक लोगों ने गहरा दुख जताया है। उनका कहना है कि डॉ. डिमरी के निधन से क्षेत्र ने एक समर्पित और कर्तव्यनिष्ठ चिकित्सक को खो दिया है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. गुप्ता ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि क्षतिग्रस्त दीवार गिरने से डॉ. नवीन डिमरी गंभीर रूप से घायल हुए थे और हायर सेंटर ले जाते समय उनका निधन हो गया। उन्होंने इसे स्वास्थ्य विभाग के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

डॉ. नवीन डिमरी के निधन से स्वास्थ्य विभाग, उनके सहयोगियों और क्षेत्र के लोगों में गहरा शोक है। उन्हें एक ऐसे डॉक्टर के रूप में याद किया जा रहा है…जिन्होंने हमेशा मरीजों की सेवा को अपनी प्राथमिकता बनाया।

उत्तराखंड वालों के लिए बड़ा अलर्ट! अगले 7 दिन कैसा रहेगा मौसम, जानिए पूरा अपडेट

Uttarakhand Weather | Rain Alert | IMD Forecast : उत्तराखंड में अगले एक सप्ताह तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र ने 11 से 17 जुलाई तक का ताजा मौसम पूर्वानुमान जारी करते हुए राज्य के कई जिलों में लगातार बारिश, तेज गर्जना और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को कुमाऊं मंडल के अधिकांश जिलों और गढ़वाल मंडल के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। वहीं रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी गढ़वाल, ऊधम सिंह नगर, चंपावत, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी तेज से अति तेज बारिश देखने को मिल सकती हैं।

12 जुलाई को भी पर्वतीय जिलों में कई स्थानों और मैदानी इलाकों में कुछ जगहों पर बारिश जारी रहने का अनुमान है। देहरादून, बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और चंपावत में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है।

13 जुलाई को बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा अन्य पर्वतीय जिलों में भी तेज वर्षा का दौर बना रहेगा।

14 जुलाई को हरिद्वार के कुछ हिस्सों और राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। देहरादून, चंपावत, नैनीताल और पिथौरागढ़ में भारी बारिश हो सकती है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।

15 जुलाई को राज्य के सभी जिलों में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है…जबकि अन्य जिलों में तेज बारिश का दौर बना रहेगा।

मौसम विभाग ने कहा कि 16 और 17 जुलाई को भी प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। पूरे सप्ताह के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतने और मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की है।

वर्दीधारी सिपाही भर्ती नियमावली में संशोधन, अब ज्यादा युवाओं को मिलेगा आवेदन का मौका

UKSSSC Recruitment|Uttarakhand Jobs| Police Recruitment : उत्तराखंड सरकार ने वर्दीधारी पदों पर होने वाली सीधी भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-2 की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार उत्तराखंड वर्दीधारी सिपाही पदों की सीधी भर्ती चयन प्रक्रिया नियमावली-2025 में संशोधन किया गया है।

नई व्यवस्था के तहत अब पुलिस, पीएसी, आईआरबी और अग्निशमन विभाग के सिपाही पदों पर सीधी भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा 22 वर्ष से बढ़ाकर 25 वर्ष कर दी गई है। जबकि न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष ही रहेगी।

सरकार ने यह भी तय किया है कि अभ्यर्थियों की आयु की गणना उसी वर्ष की 1 जुलाई के आधार पर की जाएगी…जिस वर्ष उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) भर्ती का विज्ञापन जारी करेगा।

अधिसूचना के अनुसार नियमावली लागू होने की तिथि से 31 दिसंबर 2028 तक पुलिस आरक्षी, पीएसी, आईआरबी और अग्निशामक पदों की भर्ती में अभ्यर्थियों को आयु सीमा में एकमुश्त छूट भी दी जाएगी। यह छूट संबंधित सेवा नियमावली के प्रावधानों के अनुसार लागू होगी।

सरकार का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, स्पष्ट और व्यवस्थित बनाना है। साथ ही आयु सीमा बढ़ने से अधिक संख्या में युवाओं को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

नई नियमावली लागू होने के बाद राज्य के हजारों युवाओं को सीधी भर्ती में आवेदन करने का अतिरिक्त मौका मिलेगा…जिससे सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

देहरादून: धामी कैबिनेट की बैठक में 10 बड़े फैसले, पढ़िए किस प्रस्ताव पर लगी मुहर

Uttarakhand Cabinet | CM Dhami | Cabinet Decisions : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार शाम हुई उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में कुल 10 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें शिक्षा, तकनीकी विकास, पर्यटन, रोजगार, कर्मचारियों के हित और कुंभ मेला 2027 से जुड़े अहम निर्णय शामिल हैं। सबसे चर्चित फैसला मदरसों को मिलने वाले सरकारी अनुदान से जुड़ा रहा।

कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2027-28 से मदरसों को दी जाने वाली अनुदान योजना के बजट प्रावधान को समाप्त करने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि यह फैसला नई वित्तीय व्यवस्था के तहत लिया गया है।

पिथौरागढ़ में निर्माणाधीन ‘नन्हीं परी सीमान्त प्रौद्योगिकी संस्थान’ के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया। कैबिनेट ने संस्थान के आसपास की करीब 14.857 हेक्टेयर भूमि तकनीकी शिक्षा विभाग को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी…जिससे संस्थान के विकास कार्यों को गति मिलेगी।

बाबू ग्राम, चौवन बग्गा और बिंदुखत्ता के निवासियों को भूमिधरी अधिकार देने की दिशा में भी सरकार ने कदम बढ़ाया है। इस संबंध में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित करने का फैसला लिया गया है…जो पूरे मामले का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट देगी।

साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग और क्याकिंग (संशोधन) नियमावली-2026 को भी मंजूरी दी गई। नई व्यवस्था के तहत सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जाएगा…जिससे पर्यटकों को सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

स्कूली बच्चों के पोषण को ध्यान में रखते हुए पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर क्षेत्र में प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत अक्षय पात्र फाउंडेशन की केंद्रीकृत रसोई से बच्चों को ताजा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली।

उत्तराखंड राज्य भंडारण निगम के 68 नियमित कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ देने का निर्णय भी कैबिनेट ने लिया। इससे कर्मचारियों को वेतन और अन्य सुविधाओं में लाभ मिलेगा।

हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। मेले की लेखा व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है।

विदेशों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) के गठन और सात नए पदों को स्वीकृति दी गई। इसके अलावा वित्त ऑडिट प्रकोष्ठ में दो नए पद सृजित करने और उत्तराखंड वित्त सेवा (संशोधन) नियमावली-2026 को भी मंजूरी प्रदान की गई।

सरकार का कहना है कि इन फैसलों से शिक्षा, पर्यटन, रोजगार, प्रशासनिक व्यवस्था और विकास कार्यों को मजबूती मिलेगी तथा राज्य में पारदर्शी और प्रभावी शासन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

उत्तराखंड में मौसम बना मुसीबत, 118 सड़कें बंद; यात्रा से पहले जरूर पढ़ें यह खबर

Uttarakhand Rain | Monsoon Update | Char Dham Yatra : उत्तराखंड में मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है। बीते 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में औसतन 52.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है। भूस्खलन और मलबा आने के कारण राज्यभर में 118 सड़कें बंद हैं।

रिपोर्ट के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से अब तक राज्य में आपदा से जुड़ी घटनाओं में 20 लोगों की मौत और 23 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा 9 बड़े और 604 छोटे पशुओं की भी जान गई है। सात मकानों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है।

बारिश के कारण एक राष्ट्रीय राजमार्ग, पांच राज्य राजमार्ग, एक बीआरओ सड़क, दो प्रमुख जिला मार्ग और 109 अन्य सड़कें बंद हैं। सबसे ज्यादा 22 सड़कें टिहरी जिले में, 21 देहरादून और 16 चमोली में प्रभावित हैं। संबंधित विभाग सड़कें खोलने में जुटे हुए हैं।

देहरादून के भीमगोड़ा बैराज क्षेत्र में एक व्यक्ति के गंगा में डूबने की सूचना के बाद एसडीआरएफ की टीम तलाश अभियान चला रही है। वहीं उत्तरकाशी के हर्षिल क्षेत्र में भागीरथी नदी के कटाव को रोकने के लिए सुरक्षा कार्य जारी है और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।

चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ा है…हालांकि सभी प्रमुख नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

चारधाम यात्रा के दौरान अब तक 43.77 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इस अवधि में विभिन्न कारणों से 210 यात्रियों की मौत दर्ज की गई है…जिनमें सबसे अधिक 99 मौतें केदारनाथ धाम में हुई हैं।

मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों से दूर रहने और मौसम की जानकारी लेने के बाद ही सफर करने की अपील की है।

उत्तराखंड के वीर सपूत बलवंत को नम आंखों से अंतिम विदाई, तिरंगे में लौटे पति को देख रो पड़ीं पत्नी

Indian Army | Balwant Singh | Uttarakhand News : देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए सैनिक बलवंत सिंह का पार्थिव शरीर गुरुवार को उनके घर पहुंचा। तिरंगे में लिपटे वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। पूरे गांव में शोक का माहौल रहा और हर आंख नम दिखाई दी।

शहीद होने की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पत्नी संगीता, बच्चों और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। जिस घर में हर बार छुट्टी पर बलवंत सिंह के आने की खुशी होती थी…इस बार वहीं उनके पार्थिव शरीर का इंतजार किया जा रहा था।

पूरी रात परिवार के लोग जागते रहे। घर के बाहर हर वाहन की आवाज पर सभी की निगाहें सड़क की ओर उठ जाती थीं। गुरुवार सुबह जब सेना की एंबुलेंस तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर लेकर पहुंची तो माहौल बेहद भावुक हो गया।

पत्नी संगीता अपने पति के अंतिम दर्शन कर खुद को संभाल नहीं सकीं। बेटियां पिता को देखकर फूट-फूटकर रो पड़ीं, जबकि पुत्र रोहन गमगीन माहौल में अपने पिता को निहारता रहा। बाद में चित्रशिला घाट पर बेटे रोहन ने पूरे सैन्य सम्मान के बीच अपने पिता को मुखाग्नि दी।

अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने शहीद बलवंत सिंह को नम आंखों से विदाई दी। गांव के लोगों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बलवंत सिंह ने देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है।

शोक में डूबे परिवार के बीच गर्व की भावना भी साफ दिखाई दी। ग्रामीणों ने कहा कि बलवंत सिंह केवल अपने परिवार के नहीं…बल्कि पूरे देश के वीर सपूत हैं। उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।

उत्तराखंड में बना नया इतिहास, सीएम धामी ने तोड़ा एनडी तिवारी का रिकॉर्ड

Pushkar Singh Dhami | Uttarakhand CM | ND Tiwari Record : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की राजनीति में एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने उत्तराखंड के पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री रहे नारायण दत्त तिवारी के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।

10 जुलाई को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री पद पर 1832 दिन पूरे कर लिए। इससे पहले यह रिकॉर्ड नारायण दत्त तिवारी के नाम था…जिन्होंने अपने कार्यकाल में 1831 दिन तक मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी।

पुष्कर सिंह धामी पहली बार 4 जुलाई 2021को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने थे। इसके बाद वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री चुना। तब से वह लगातार इस पद पर बने हुए हैं।

धामी ने हाल के दिनों में लगातार दो अहम उपलब्धियां हासिल की हैं। 4 जुलाई को उन्होंने भाजपा के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाया…जिन्होंने उत्तराखंड में लगातार पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। इसके कुछ ही दिन बाद उन्होंने सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।

उत्तराखंड के इतिहास में कांग्रेस की ओर से अब तक तीन मुख्यमंत्री बने हैं…नारायण दत्त तिवारी, विजय बहुगुणा और हरीश रावत। इनमें केवल नारायण दत्त तिवारी ही अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा कर सके थे।

वहीं भाजपा की ओर से अब तक सात नेताओं ने मुख्यमंत्री पद संभाला है। इनमें नित्यानंद स्वामी, भगत सिंह कोश्यारी, भुवन चंद्र खंडूड़ी, रमेश पोखरियाल निशंक, त्रिवेंद्र सिंह रावत, तीरथ सिंह रावत और पुष्कर सिंह धामी शामिल हैं। भुवन चंद्र खंडूड़ी और पुष्कर सिंह धामी दो-दो बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं।

अगर सबसे लंबे कार्यकाल की बात करें तो अब पुष्कर सिंह धामी 1832 दिनों के साथ पहले स्थान पर हैं। उनके बाद नारायण दत्त तिवारी (1831 दिन), त्रिवेंद्र सिंह रावत (1452 दिन), हरीश रावत (1148 दिन) और भुवन चंद्र खंडूड़ी (840 दिन) का नाम आता है।

पुष्कर सिंह धामी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र संगठन एबीवीपी से की थी। बाद में वे भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बने। वर्ष 2012 में पहली बार विधायक चुने गए और 2021 में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने। 2022 के विधानसभा चुनाव में खटीमा सीट से हारने के बावजूद भाजपा ने उन पर भरोसा जताया और उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाया। बाद में उन्होंने चंपावत विधानसभा उपचुनाव जीतकर विधानसभा में वापसी की।

हल्द्वानी में दर्द से राहत की नई उम्मीद बना मेर फिजियोथेरेपी सेंटर, आधुनिक उपचार से बढ़ रहा मरीजों का भरोसा

Haldwani Physiotherapy Centre|Physiotherapist in Haldwani|Pain Relief Treatment : बदलती जीवनशैली, लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत और सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों के कारण कमर दर्द, गर्दन दर्द, घुटनों की समस्या, कंधे का दर्द और पैरालिसिस जैसी बीमारियों से जूझने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे मरीजों के लिए हल्द्वानी का मेर फिजियोथेरेपी सेंटर आधुनिक तकनीकों के साथ विशेषज्ञ फिजियोथेरेपी सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।

केंद्र के फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. दीपक मेर ने कहा कि फिजियोथेरेपी केवल दर्द कम करने तक सीमित नहीं है…बल्कि यह मरीज को दोबारा सामान्य जीवन और दैनिक गतिविधियों में लौटाने का वैज्ञानिक उपचार है। उन्होंने कहा कि समय पर शुरू किया गया फिजियोथेरेपी उपचार मरीज की रिकवरी को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने बताया कि केंद्र पर कमर दर्द, सर्वाइकल दर्द, घुटनों की तकलीफ, फ्रोजन शोल्डर, स्पोर्ट्स इंजरी, पैरालिसिस और सड़क दुर्घटनाओं के बाद होने वाली शारीरिक समस्याओं का आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ निगरानी में उपचार किया जाता है। प्रत्येक मरीज की स्थिति का मूल्यांकन करने के बाद उसके अनुसार व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार की जाती है।

डॉ. मेर ने लोगों से अपील की कि यदि शरीर में दर्द लंबे समय तक बना रहे तो उसे नजरअंदाज न करें। समय पर विशेषज्ञ से सलाह लेने और नियमित फिजियोथेरेपी कराने से कई समस्याओं में बेहतर और तेजी से सुधार संभव है।

मेर फिजियोथेरेपी सेंटर में प्रतिदिन सुबह 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक सेवाएं उपलब्ध हैं। जरूरतमंद मरीजों के लिए होम विजिट की सुविधा भी दी जा रही है। केंद्र का उद्देश्य आधुनिक फिजियोथेरेपी के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को स्वस्थ, सक्रिय और दर्दमुक्त जीवन प्रदान करना है।

संपर्क: डॉ. दीपक मेर मेर फिजियोथेरेपी सेंटर, अरोड़ा मार्केट, तल्ली हल्द्वानी, बरेली रोड, नियर हरियाल सर्विस सेंटर, ओल्ड आईटीआई, हल्द्वानी।
मोबाइल: 8218980635