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PM Modi | Mann Ki Baat | Henval River |Uttarakhand : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 139वें संस्करण में उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले की हेंवल नदी का जिक्र किया। उन्होंने चंबा क्षेत्र में नदी को फिर से जीवंत करने के लिए स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों की ओर से किए गए प्रयासों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने इस काम को जल संरक्षण और प्रकृति की देखभाल से जुड़ा अहम उदाहरण बताया।
पीएम मोदी ने कहा कि प्रकृति का सम्मान करना और आसपास के जलस्रोतों की देखभाल करना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने चंबा का उदाहरण देते हुए बताया कि जब हेंवल नदी में पानी कम होने लगा और आसपास के प्राकृतिक जलस्रोत सूखने लगे, तब स्थानीय लोगों और प्रशासन ने मिलकर इसे बचाने की कोशिश शुरू की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हेंवल नदी को फिर से जीवन देने के लिए बारिश के पानी को रोकने, उसे जमीन के भीतर पहुंचाने और बड़े पैमाने पर पौधे लगाने जैसे काम किए गए। इन प्रयासों से नदी की स्थिति सुधारने में मदद मिली। साथ ही आसपास के कई प्राकृतिक जलस्रोतों को फिर से जीवित करने का रास्ता भी खुला।
पहाड़ी क्षेत्रों में जलस्रोतों का घटना और गर्मियों में पेयजल संकट बढ़ना बड़ी चुनौती है। ऐसे में हेंवल नदी का संरक्षण स्थानीय लोगों के लिए खास महत्व रखता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक चंबा शहर और आसपास के करीब 80 गांवों को इस नदी से पेयजल मिलता है।
नदी को बचाने के लिए ग्रामीणों और प्रशासन की संयुक्त कोशिशों ने जल संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी की अहमियत सामने रखी है। प्रधानमंत्री ने भी ‘मन की बात’ में इस प्रयास का उल्लेख कर बताया कि स्थानीय स्तर पर मिलकर किए गए काम प्राकृतिक संसाधनों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
हेंवल नदी का उदाहरण उत्तराखंड के उन पहाड़ी इलाकों के लिए भी अहम है…जहां पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए वर्षा जल संरक्षण, पौधरोपण और प्राकृतिक जलस्रोतों की देखभाल की जरूरत लगातार बढ़ रही है।

Uttarakhand News | BUMS Admission | Medical College : हरिद्वार के पदार्था स्थित उत्तरांचल यूनानी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में शिक्षकों की नियुक्ति और उपस्थिति से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद राष्ट्रीय आयोग ने संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कॉलेज की मान्यता रद्द करने और एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही बीयूएमएस की 60 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड की टीम ने जून में कॉलेज का निरीक्षण किया था। इस दौरान रिकॉर्ड में दर्ज 20 शिक्षकों की वास्तविक उपस्थिति और कॉलेज में उनकी भूमिका को लेकर गंभीर सवाल सामने आए। जांच में शिक्षकों की आधार से जुड़ी बायोमेट्रिक हाजिरी व्यवस्था में भी गड़बड़ियां पाई गईं।
उपस्थिति के प्रमाण के तौर पर कॉलेज की ओर से सीसीटीवी फुटेज भी दिए गए। आरोप है कि इन वीडियो में संपादन और एक ही फुटेज को बार-बार चलाने जैसी छेड़छाड़ की गई थी। जांच में सामने आई इन खामियों के बाद आयोग ने संस्थान पर कार्रवाई की।
आयोग के आदेश के बाद शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कॉलेज की बीयूएमएस की सभी 60 सीटों पर दाखिले रोक दिए गए हैं। इससे यूनानी चिकित्सा की पढ़ाई करने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के सामने अनिश्चितता पैदा हो गई है।
उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. शिवकुमार बरनवाल ने आयोग के निर्देशों और संस्थान की मान्यता से जुड़ी कार्रवाई की पुष्टि की है।
उत्तराखंड का यह इकलौता यूनानी मेडिकल कॉलेज है। ऐसे में यहां सामने आई गड़बड़ियों ने मेडिकल शिक्षा में निर्धारित मानकों के पालन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस कार्रवाई का असर कॉलेज के संचालन के साथ-साथ दाखिले की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों पर भी पड़ेगा। प्रवेश से जुड़ी आगे की स्थिति के लिए विद्यार्थियों को आयोग और संबंधित विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा।

Uttarakhand News | Journalist Welfare | CM Dhami : उत्तराखंड में पत्रकारों और उनके परिवारों की मदद के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। पत्रकार कल्याण कोष से चार दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की संस्तुति की गई है। वहीं गंभीर बीमारी से जूझ रहे एक वरिष्ठ पत्रकार के इलाज के लिए भी पांच लाख रुपये की सहायता की संस्तुति की गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में सूचना निदेशालय में पत्रकार कल्याण कोष और मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना से जुड़ी समितियों की बैठक हुई। सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पत्रकारों और उनके परिवारों से जुड़े सहायता के मामलों पर चर्चा की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना के तहत चार वरिष्ठ पत्रकारों को हर महीने आठ-आठ हजार रुपये पेंशन देने की संस्तुति भी की गई। इस कदम का उद्देश्य वरिष्ठ पत्रकारों को आर्थिक सहारा उपलब्ध कराना है।
सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार पत्रकारों के कल्याण और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। सूचना विभाग संकट का सामना कर रहे पत्रकारों और उनके परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि पत्रकार कल्याण से जुड़े मामलों पर नियमित बैठकें आयोजित की जा रही हैं…ताकि पात्र लोगों के प्रकरणों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जा सके और उन्हें समय पर मदद मिल सके।
बैठक में अपर निदेशक आशीष कुमार त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक केएस चौहान, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी चंद्र सिंह तोमर, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी चेतन कुमार पाण्डेय और पत्रकार कल्याण कोष समिति के सदस्य गिरीश तिवारी, अमित शर्मा व शशि शर्मा मौजूद रहे।

Lalkuan Bypass | Haldwani | Highway : गोरापड़ाव ओवरब्रिज पर हुए सड़क हादसे में तीन छात्रों की मौत और एक छात्रा के घायल होने के बाद हाईवे पर सुरक्षा इंतजामों की जरूरत फिर सामने आई है। इस मार्ग पर यातायात को सुगम बनाने और हादसों पर अंकुश लगाने के लिए गोरापड़ाव और तीनपानी में फ्लाईओवर व अंडरपास बनाए जाने की योजना है। वहीं लालकुआं शहर को जाम से राहत दिलाने के लिए बाईपास परियोजना को भी केंद्र से मंजूरी मिल गई है।
एनएच-109 पर गोरापड़ाव और तीनपानी में फ्लाईओवर व अंडरपास बनाने के लिए करीब 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। इन निर्माण कार्यों से हाईवे पर यातायात का दबाव कम होने और वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
लालकुआं में जाम की समस्या कम करने के लिए 7.2 किलोमीटर लंबी बाईपास परियोजना तैयार की गई है। इसमें 5.277 किलोमीटर नया मार्ग बनाया जाएगा। चार लेन का बाईपास बनने से भारी और बाहरी वाहन शहर के भीतर आने के बजाय बाहर से गुजर सकेंगे। इससे शहर में यातायात का दबाव घटने की उम्मीद है।
परियोजना में तीन छोटे पुल, दो चार लेन के रेलवे पुल और चार वाहन अंडरपास बनाने का प्रस्ताव है। नगला बाईपास के पास टांडा क्षेत्र में करीब 600 मीटर सड़क का संरेखण बदलने की योजना भी है। इससे सड़क के तीखे मोड़ को सीधा किया जा सकेगा।
बाईपास निर्माण के लिए करीब 31.40 हेक्टेयर भूमि की जरूरत होगी। इसमें 23.5 हेक्टेयर वन भूमि शामिल है। परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए भूमि अधिग्रहण के साथ वन, रेलवे और वन्यजीव संबंधी अनुमतियां भी लेनी होंगी। पंतनगर एयरपोर्ट के आसपास सड़क के मार्ग में बदलाव की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।
हल्द्वानी और काठगोदाम के बीच यातायात बेहतर बनाने के लिए 8.4 किलोमीटर लंबे बाईपास को भी मंजूरी मिली है। इसके तहत मौजूदा सड़क को चार लेन करने, गौला नदी पर नया दो लेन का पुल बनाने और करीब 1.4 किलोमीटर के हिस्से में सड़क का मार्ग बदलने का प्रस्ताव है।
केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा ने बताया कि लालकुआं बाईपास की डीपीआर तैयार हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी स्टेडियम से काठगोदाम स्थित गौला पुल तक सड़क को भी चार लेन किया जाएगा।

Uttarakhand |Indore News | Anjali Thapa | chamoli : मध्य प्रदेश के इंदौर में एक 20 वर्षीय युवती की आठवीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। युवती की पहचान उत्तराखंड के चमोली निवासी अंजलि थापा के रूप में हुई है। घटना से पहले युवती और उसके लिव-इन पार्टनर के बीच विवाद होने की बात सामने आई है। पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
यह घटना तेजाजी नगर थाना क्षेत्र के पलास परिसर की है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, अंजलि अपने साथी अजय मुंडे के साथ फ्लैट में रह रही थी। पुलिस दोनों के बीच पिछले तीन दिनों से विवाद होने की जानकारी की जांच कर रही है। फिलहाल युवती की मौत के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हुई है।
पुलिस के मुताबिक अंजलि मूल रूप से उत्तराखंड के चमोली जिले की रहने वाली थी और दिल्ली के एक स्पा में काम करती थी। कुछ साल पहले उसकी मुलाकात उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के समयपुर निवासी अजय मुंडे से हुई थी। बाद में दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे।
बताया गया है कि 18 अक्टूबर को दोनों दिल्ली से इंदौर पहुंचे थे। यहां उन्होंने पलास परिसर के बी-ब्लॉक की आठवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 801 किराये पर लिया था। सोसाइटी के लोगों को दोनों ने पीथमपुर में नौकरी करने की बात बताई थी।
तेजाजी नगर थाना प्रभारी देवेंद्र मरकाम ने कहा कि पूछताछ में अजय ने बताया कि दोनों के बीच पिछले तीन दिनों से विवाद चल रहा था। शनिवार को साथ में शराब पीने के बाद भी दोनों के बीच कहासुनी हुई।
अजय का दावा है कि विवाद के दौरान वह किसी काम से किचन में गया था। इसी बीच अंजलि बालकनी से नीचे गिर गई। हालांकि घटना किन परिस्थितियों में हुई इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
अंजलि के नीचे गिरने की जानकारी मिलते ही सोसाइटी के लोग मौके पर पहुंचे। रेजिडेंट संघ के अध्यक्ष अभिषेक दुबे और अन्य लोग उसे गंभीर हालत में राऊ स्थित मैक्सवेल अस्पताल ले गए। वहां से उसे एमवाय अस्पताल रेफर किया गया। एमवाय अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस पूछताछ में अजय ने दावा किया कि अंजलि पिछले तीन दिनों से किसी व्यक्ति से फोन पर बात कर रही थी। उसने इस बात को लेकर भी विवाद होने की जानकारी दी है। अजय ने बताया कि वह मजदूरी करता था….जबकि अंजलि स्पा में काम करती थी। उसके मुताबिक अंजलि अपने परिजनों के संपर्क में भी नहीं थी।
फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। युवती की मौत कैसे हुई और घटना से पहले हुए विवाद की क्या वजह थी इन सवालों के जवाब जुटाए जा रहे हैं। पुलिस की जांच और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Uttarakhand Weather | Rain Alert | Snowfall Forecast : उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। मौसम विभाग ने राज्य के पांच पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई है। इससे पहाड़ों में ठंड बढ़ सकती है। वहीं, मैदानी और निचले इलाकों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की भी संभावना है।
पर्वतीय जिलों में 3200 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं। अगर बारिश और बर्फबारी होती है, तो पहाड़ी इलाकों के तापमान में गिरावट आ सकती है। इससे ठंड का असर और बढ़ने की संभावना है।
इन पांच जिलों को छोड़कर प्रदेश के बाकी मैदानी और निचले इलाकों में मौसम साफ और शुष्क रहने का अनुमान है।
राजधानी देहरादून में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। हालांकि बीच-बीच में हल्के बादल दिखाई दे सकते हैं। दिन के समय धूप खिलने का अनुमान है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक देहरादून में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 16 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस हो रही है।
पिछले 24 घंटों में प्रदेश के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य रहा। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान सामान्य से लेकर कुछ अधिक दर्ज किया गया।
अब पहाड़ों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने पर तापमान में गिरावट आ सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में ठंड का असर बढ़ने की संभावना है।

AIIMS Rishikesh : Parking Fee : Uttarakhand News : एम्स ऋषिकेश में इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को अब पार्किंग के लिए भी पैसे खर्च करने होंगे। अस्पताल परिसर में वाहन खड़ा करने के लिए शुल्क वसूला जाएगा। इसके लिए एम्स प्रशासन ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ठेकेदार नियुक्त कर दिया है।
निर्धारित दरों के मुताबिक दोपहिया वाहन पार्क करने पर 20 रुपये और चारपहिया वाहन खड़ा करने पर 40 रुपये देने होंगे। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी श्रीलॉय मोहंती ने भी पार्किंग शुल्क की व्यवस्था की पुष्टि की है।
एम्स ऋषिकेश में उत्तराखंड के अलावा दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। कई मरीजों को डॉक्टर से परामर्श लेने, जांच कराने और रिपोर्ट दिखाने के लिए अस्पताल में काफी समय बिताना पड़ता है। ऐसे में पार्किंग शुल्क उनके खर्च को बढ़ा सकता है।
खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च परेशानी का कारण बन सकता है। मरीजों के इलाज, दवाइयों, जांच और आने-जाने पर पहले ही खर्च होता है। अब वाहन पार्क करने के लिए भी शुल्क देना होगा।
एम्स में पार्किंग शुल्क लगाए जाने को लेकर ऋषिकेश के व्यापार मंडल ने नाराजगी जताई है। इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए शुल्क के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई गई है।
स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहे हैं कि दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को राहत देने के लिए कोई विशेष व्यवस्था हो सकती है या नहीं।
एम्स के जनसंपर्क अधिकारी श्रीलॉय मोहंती ने कहा कि अस्पताल में आने वाले लोगों को पार्किंग शुल्क देना होगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। दोपहिया वाहनों के लिए 20 रुपये और चारपहिया वाहनों के लिए 40 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
हालांकि उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि ये दरें कितनी अवधि की पार्किंग के लिए लागू होंगी और मरीजों या उनके तीमारदारों को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं।

Education News | Uttarakhand News | Teacher Recruitment : उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बेसिक शिक्षकों के 400 से अधिक पद खाली हैं। इन पदों को भरने के लिए शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
शनिवार को शासकीय आवास पर विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री ने शिक्षकों की भर्ती, प्रधानाचार्यों की पदोन्नति और स्कूलों में खेल सुविधाएं विकसित करने सहित कई विषयों पर चर्चा की।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम होने के बावजूद जरूरत से ज्यादा शिक्षक तैनात हैं। वहीं कई विद्यालयों में छात्रों की संख्या अधिक है….लेकिन शिक्षकों की कमी बनी हुई है। ऐसे में शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा, ताकि जरूरत वाले स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हो सकें।
बैठक में राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्यों के खाली पदों को भरने पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि विद्यालयों में शैक्षणिक और प्रशासनिक कामकाज बेहतर तरीके से चल सके।
इसके साथ ही उन्होंने विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की और संबंधित कार्यों के भूमि-पूजन, शिलान्यास, उद्घाटन तथा लोकार्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा।
सरकारी स्कूलों में खेल सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्रदेश के हर जिले के प्रत्येक ब्लॉक में एक विद्यालय में खेल मैदान बनाने की योजना है। इसके लिए शिक्षा विभाग अपने विद्यालय परिसरों में जमीन उपलब्ध कराएगा।
इस काम को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के बीच जल्द समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को इसकी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं।
इससे पहले शिक्षा और युवा कल्याण विभाग के बीच प्रदेश में खेल गतिविधियों के लिए वार्षिक खेल कैलेंडर लागू किया जा चुका है।

Sports News | Yashasvi Mer |Haldwani News : खेल के मैदान में उम्र नहीं, प्रतिभा और मेहनत पहचान बनाती है। इस बात को नन्ही खिलाड़ी यशस्वी मेर ने अपनी शानदार उपलब्धि से साबित किया है। 10वें उत्तराखंड स्पोर्ट्स स्टेट गेम्स 2026 में यशस्वी ने अंडर-12 वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
ऊधम सिंह नगर के बाजपुर में आयोजित इस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल हासिल करना यशस्वी के लिए बड़ी उपलब्धि है। उनकी इस सफलता से परिवार और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है।
कम उम्र में मिली इस कामयाबी ने यशस्वी की खेल प्रतिभा को सामने लाया है। उनकी जीत दूसरे बच्चों को भी खेल के क्षेत्र में मेहनत करने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
यशस्वी की उपलब्धि पर परिवारजनों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सभी को उम्मीद है कि वह आगे भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन करेंगी।

MDDA Action | Illegal Plotting |Dehradun News : मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने अवैध प्लॉटिंग, निर्माण और बिना जरूरी मंजूरी के चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। शनिवार 24 अक्टूबर को प्राधिकरण की टीम ने देहरादून, मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में अभियान चलाकर सात स्थानों पर कार्रवाई की। इस दौरान शिमला बाईपास क्षेत्र में करीब 20 बीघा जमीन पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया….जबकि पौंधा में 30 से 40 बीघा जमीन पर की जा रही प्लॉटिंग को सील किया गया।
MDDA के मुताबिक मेदनीपुर, शिमला बाईपास रोड के ढकरानी-हरबर्टपुर क्षेत्र में करीब 20 बीघा भूमि पर गौरव रावत की ओर से की जा रही प्लॉटिंग के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
वहीं पौंधा रोड पर राजेंद्र अग्रवाल की ओर से करीब 30 से 40 बीघा जमीन पर की जा रही प्लॉटिंग को सील किया गया। प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि जमीन या प्लॉट खरीदने से पहले स्वीकृत लेआउट और जरूरी दस्तावेजों की जांच जरूर करें।
मसूरी के विन्सेन्ट हिल, क्रेग टॉप एस्टेट, वैवरली और हाथीपांव रोड क्षेत्र में अरुण सहगल तथा निर्माणकर्ता राहुल रोहानी से जुड़े अवैध निर्माण के मामले में सीलिंग की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि निर्माण के लिए स्वीकृत नक्शे और निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है।
विधौली स्थित यूपीईएस कॉलेज के पास भी MDDA की टीम ने पांच स्थानों पर सीलिंग की। इनमें अक्षय पंवार का कैफे, रवि शंकर का कैफे और दुकान, गायत्री शर्मा की दुकान और माही कैफे शामिल हैं। प्राधिकरण के मुताबिक संबंधित प्रतिष्ठानों में जरूरी मानचित्र स्वीकृति या अनुमतियों से जुड़ी अनियमितताओं के चलते कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान MDDA के क्षेत्रीय अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौजूद रहे। प्राधिकरण ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग, बिना अनुमति निर्माण और नियमों के खिलाफ संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
MDDA उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। नियमों का उल्लंघन सामने आने पर नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।