धौलादेवी ब्लॉक: पति निविरोध चुना गया औ पत्नी को 72 वोटों से मिली जीत

अल्मोड़ा: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले की धौलादेवी ब्लॉक की काफली ग्राम पंचायत में पंचायत चुनाव इस बार खास चर्चा में रहा। इसकी वजह थी एक ही परिवार से पति और पत्नी दोनों का चुनावी मैदान में उतरना और फिर जीत हासिल करना। इस अनोखी जीत ने न केवल पंचायत चुनाव को रोचक बना दिया, बल्कि पूरे क्षेत्र में इस जोड़ी की चर्चा भी तेज कर दी।

ग्राम प्रधान पद पर सुमित लाल साह को निर्विरोध चुना गया, जबकि उनकी पत्नी कविता साह ने बीडीसी सदस्य पद पर जीत दर्ज की। कविता साह ने 292 मत प्राप्त कर अपनी प्रतिद्वंदी सरस्वती देवी को 72 वोटों से हराया।

काफली पंचायत में यह पहली बार हुआ है जब पति-पत्नी दोनों ने साथ में पंचायत सत्ता में प्रवेश किया है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद गांव में उत्सव जैसा माहौल है और ग्रामीणों को उनसे गांव के विकास को लेकर बड़ी उम्मीदें हैं।

जो शुभांशु के साथ हुआ वो किसी के साथ ना हो… लचर स्वास्थ्य व्यवस्था से कैसा पार पाएगा उत्तराखंड

Uttarakhand: Chamoli: Subhanshu: उत्तराखंड के चमोली ज़िले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। चिडंगा गांव निवासी और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में तैनात सैनिक दिनेश चंद्र के डेढ़ साल के बेटे शुभांशु की मौत इलाज के अभाव में हो गई। मासूम की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद परिजन उसे अस्पताल लेकर दौड़ते रहे, लेकिन लचर स्वास्थ्य व्यवस्था ने उसकी जान नहीं बचा पाई।

घटना 10 जुलाई की बताई जा रही है। जब शुभांशु की तबीयत अचानक खराब हुई तो उसकी दादी और मां उसे लेकर ग्वालदम अस्पताल पहुँचीं। वहां से इलाज के बजाय बच्चे को बैजनाथ रेफर कर दिया गया। बैजनाथ में भी उचित इलाज न मिलने पर बागेश्वर भेजा गया, लेकिन वहां भी बच्चे की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।

स्थिति बिगड़ती देख डॉक्टरों ने शुभांशु को हल्द्वानी के लिए रेफर कर दिया, लेकिन इस दौरान एक घंटे तक एंबुलेंस ही नहीं मिली। परिजनों की परेशानी बढ़ती गई और मजबूर होकर सैनिक पिता ने फोन पर जिलाधिकारी से मदद की गुहार लगाई। डीएम के निर्देश पर रात करीब साढ़े नौ बजे एंबुलेंस तो मिली, लेकिन तब तक काफ़ी देर हो चुकी थी।

हल्द्वानी ले जाते समय, अल्मोड़ा के पास शुभांशु ने दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि उनके घर का चिराग सरकारी तंत्र की बेरुखी के कारण बुझ गया। सैनिक पिता दूर सरहद से फोन पर इलाज का इंतज़ाम कराने की कोशिश करता रहा, लेकिन एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक बच्चे को केवल रेफर ही किया जाता रहा — इलाज कहीं नहीं मिला।

क्या होगी कार्रवाई …

पूरे घटनाक्रम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने शुरू में बागेश्वर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। हालांकि, अब यह समिति खुद सवालों के घेरे में आ गई है।

जानकारी के अनुसार, जांच समिति ने शासन को रिपोर्ट सौंप दी है, लेकिन शासन का मानना है कि यह रिपोर्ट सतही और लापरवाह ढंग से तैयार की गई है। रिपोर्ट में न तो गंभीर तथ्यों का उल्लेख किया गया और न ही ज़िम्मेदारियों को स्पष्ट किया गया। इसी को लेकर स्वास्थ्य सचिव आर. राजेश कुमार ने बागेश्वर के जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मामले की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही, स्वास्थ्य सचिव ने जांच समिति में शामिल तीन अधिकारियों—डॉ. अनुपम ह्यांकी (अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बागेश्वर), डॉ. तपन शर्मा (मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला चिकित्सालय बागेश्वर) और डॉ. प्रमोद सिंह जंगपांगी (वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, सीएमओ कार्यालय)—को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

नोटिस में यह स्पष्ट किया गया है कि बच्चों की मौत जैसे संवेदनशील मामले की जांच में गंभीर कमियां पाई गईं, जिसके चलते इन अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है। शासन ने यह भी संकेत दिया है कि यदि जांच में लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह घटनाक्रम एक बार फिर राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है, जहां एक सैनिक का परिवार अपने बच्चे के इलाज के लिए भटकता रहा और अंततः सिस्टम की लापरवाही ने मासूम की जान ले ली।

मुख्यमंत्री पुश्कर सिंह धामी के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर पोस्ट किया, “बागेश्वर में एक मासूम बच्चे की चिकित्सा में लापरवाही से मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक और दुर्भाग्यपूर्ण है। जैसा कि अभी तक सूचना प्राप्त हुई है, उनसे प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि कतिपय स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरती गई है।”

सीएम ने कहा कि इस अत्यंत संवेदनशील प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए कुमाऊं आयुक्त को तत्काल जांच के आदेश दिए गए हैं। इस मामले में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जनता के विश्वास और जीवन की रक्षा में कोई कोताही सहन नहीं की जाएगी।

राजस्थान में बारिश का 70 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा, मौसम विभाग का नया अपडेट भी जारी

Rajasthan News: Rain: राजस्थान में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे सड़कों पर पानी भर गया है और यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। जयपुर, कोटा, उदयपुर, भरतपुर, सवाई माधोपुर, टोंक और अजमेर समेत कई जिलों में जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है।

सरकारी एजेंसियां राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश की वजह से बचाव कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए अगले 24 घंटों में तेज बारिश की चेतावनी दी है।

70 साल का रिकॉर्ड टूटा

इस साल जुलाई में बारिश ने पुराने आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है। राजस्थान में औसतन 285 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत (161.4 मिमी) से 77 प्रतिशत अधिक है। यह बीते लगभग सात दशकों में दूसरी सबसे अधिक बारिश है। इससे पहले 1956 में जुलाई माह में सर्वाधिक औसत वर्षा 308 मिमी दर्ज की गई थी।

1 अगस्त को फिर अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने 1 अगस्त को छह जिलों में मध्यम से तेज बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहने या हल्की बारिश की संभावना बताई गई है।

धौलपुर में हालात गंभीर, सेना तैनात

धौलपुर जिले में चंबल नदी खतरे के निशान से करीब 12 मीटर ऊपर बह रही है, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है और कई बस्तियों में बाढ़ जैसे हालात हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना की मदद ली गई है। पार्वती बांध के चार गेट खोले गए हैं, जिससे आस-पास के इलाकों में जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।

हल्द्वानी समेत पूरे जिले में होगी राशन कार्ड की जांच, पकड़े जाने पर होगी कार्रवाई

Ration Card: Nainital: जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को सख्त निर्देश दिए हैं कि गलत तरीके से बनाए गए राशन कार्डों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। साथ ही विद्युत विभाग के अधिकारियों को आदेशित किया गया है कि सर्वे के दौरान यदि कहीं भी विद्युत चोरी पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को भी निर्देशित किया गया कि अतिक्रमण वाली भूमि पर अवैध रूप से दिए गए पेयजल कनेक्शन को तत्काल काटा जाए और आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाए।

जिलाधिकारी ने निर्वाचन पहचान पत्रों की भी जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई पहचान पत्र गलत तरीके से बनाया गया हो, तो उसके लिए जिम्मेदार बीएलओ या सुपरवाइजर के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाए। साथ ही आयुष्मान कार्ड सहित अन्य सरकारी योजनाओं के कार्डों की भी जांच कराई जाए। सर्वे के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात करने के निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिए।

दिल्ली-देहरादून की दूरी होगी कम, अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य

देहरादून: दिल्ली से देहरादून का सफर जल्द और भी आसान होने वाला है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में जानकारी दी है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य इस साल अक्तूबर तक पूरा कर लिया जाएगा।

फिलहाल इस एक्सप्रेस-वे के कई हिस्से पूरी तरह बनकर तैयार हो चुके हैं…और बाकी पर तेजी से काम चल रहा है। जैसे ही पूरा प्रोजेक्ट तैयार होगा…दिल्ली से देहरादून की दूरी कम हो जाएगी और सफर का समय भी घटेगा।

राज्यसभा में हुआ सवाल-जवाब
यह जानकारी राज्यसभा सांसद नरेश बंसल के सवाल के जवाब में दी गई। सांसद ने प्रोजेक्ट की लागत और निर्माण से जुड़ी जानकारी पूछी थी।

मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 11,868 करोड़ रुपये है। इसके लिए 17913 पेड़ काटे गए, लेकिन इनकी भरपाई के लिए 157 हेक्टेयर भूमि पर पौधारोपण किया गया है। यह प्रोजेक्ट उत्तराखंड और दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है…जिससे पर्यटन, कारोबार और स्थानीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

मौसम विभाग का अपडेट, उत्तराखंड में बारिश का दौर शुरू…

देहरादून: उत्तराखंड में इस समय मॉनसून पूरे शबाब पर है और आसमान से राहत के साथ-साथ मुसीबतें भी बरस रही हैं। मौसम विभाग ने आज देहरादून, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। बादलों की गड़गड़ाहट, बिजली की चमक और तेज़ हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश होने के आसार हैं।

मौसम निदेशक डॉ. बिक्रम सिंह के ताज़ा अपडेट के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तराखंड में मॉनसून और भी सक्रिय हो गया है। 6 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, लेकिन कुछ इलाकों में भारी बारिश भी परेशान कर सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कों के बंद होने की संभावना बनी हुई है, इसलिए यात्रियों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

राजधानी देहरादून में आज बादल घिरे रहेंगे और कई जगहों पर तेज़ बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना है। येलो अलर्ट को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। उधर, मशहूर हिल स्टेशन मसूरी में भी बारिश अपना रंग दिखा रही है। माल रोड पर पानी भरने से पर्यटकों को थोड़ी मुश्किल हुई…मगर ठंडी हवाओं और हरियाली ने मौसम को और भी हसीन बना दिया।

इन जिलों के लिए येलो अलर्ट….

देहरादून: गरज-चमक के साथ तेज़ बारिश, बिजली गिरने की आशंका और जलभराव का खतरा।

पौड़ी: पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की चेतावनी, यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की जानकारी ज़रूर लें।

नैनीताल: झीलों के शहर में बारिश का मज़ा जरूर लें…लेकिन सुरक्षा का भी ध्यान रखें।

बागेश्वर: भारी बारिश के साथ तेज़ हवाएं परेशान कर सकती हैं।

तो अगर आप भी पहाड़ों की रवानगी का लुत्फ उठाने की तैयारी में हैं, तो छाता, रेनकोट साथ रखें और मौसम अपडेट पर नज़र बनाए रखें!

करुण नायर ने 9 साल बाद जड़ा टेस्ट करियर का पहला अर्धशतक

Karun Nair: Cricket: Fifty: इंग्लैंड के खिलाफ 2016 में एक खिलाड़ी ने भारत में तिहरा शतक जड़ा था। करुण नायर टेस्ट में तिहरा शतक जड़ने वाले भारत के दूसरे खिलाड़ी बनें थे। सभी को लगा होगा कि भारत को नया स्टार मिल गया है लेकिन किसे पता था, ये खिलाडी कुछ ही मुकाबलों के बाद बाहर हो जाएगा। साल 2018 में करुण को आखिरी बार इंग्लैंड दौरे के लिए ही चुना गया था लेकिन मौका नहीं मिला और फिर वो कभी टीम में शामिल नहीं किए गए।

2025 करुण के लिए नया रास्ता खोजकर लाया। घरेलू क्रिकेट में 9 शतक और आईपीएल में अच्छे प्रदर्शन के बल पर इंग्लैंड दौरे पर उन्हें जगह मिली। पहली 5 पारियों में उन्हें स्टार्ट मिला लेकिन बड़ा स्कोर नहीं निकला। चौथे टेस्ट में बाहर हुए तो पांचवे में मौका मिला। करुण ने इस मौके को दो हाथों से पकड़ा और ओवल के मैदान पर करियर का पहला अर्धशतक जड़ा। 5वें टेस्ट मैच का पहला दिन जब खत्म हुआ, तब भारत का स्कोर 6 विकेट पर 204 रन है।

करुण नायर ने 3146 दिन बाद टेस्‍ट में फिफ्टी लगाई है। उन्‍होंने 90 गेंदों पर यह फिफ्टी पूरी की। भारतीय टीम को इस समय सबसे ज्‍यादा जरूरत थी, जब नायर का अर्धशतक आया। भारत का स्‍कोर 200 के पार पहुंचाया।करुण ने इंग्लैंड के खिलाफ पहली पारी में अपना अर्धशतक पूरा किया और इसके लिए उन्होंने 89 गेंदों का सामना किया। करुण को इस मैच में बैटिंग के लिए 5वें नंबर पर भेजा गया है।