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UttarakhandRain | WeatherAlert | HeavyRain : उत्तराखंड में मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है। पहाड़ी जिलों में हो रही लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कई जगहों पर भूस्खलन के कारण सड़कें बंद हो रही हैं….जबकि नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर भी बढ़ गया है। इससे लोगों की आवाजाही और दैनिक जीवन पर असर पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने सोमवार को देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी कई स्थानों पर तेज बारिश होने का अनुमान है।
राजधानी देहरादून में दिनभर आंशिक बादल छाए रहने और एक-दो दौर की हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। भूस्खलन से बाधित सड़कों को जल्द खोलने और आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, उफनती नदियों, नालों और गदेरों के पास जाने से परहेज करें तथा मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

Ramnagar Road | PWD Uttarakhand | Road Repair : रामनगर क्षेत्र की जर्जर सड़कों के सुधारीकरण और डामरीकरण की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता राहुल सिंह दरम्वाल और उनकी टीम ने लोक निर्माण विभाग (PWD) कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ग्रामीण क्षेत्रों की खराब सड़कों की स्थिति पर चिंता जताते हुए जल्द मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की गई।
राहुल सिंह दरम्वाल ने कहा कि रामनगर के छोई मार्ग, क्यारी गांव को जोड़ने वाली सड़क, पाटकोट मार्ग, तेलीपुरा, जस्सागांजा सहित कई ग्रामीण सड़कें लंबे समय से बदहाल हैं। इन सड़कों पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं…जिससे स्थानीय लोगों, स्कूली बच्चों और राहगीरों को परेशानी के साथ-साथ चोटिल होने का खतरा बना हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय स्तर पर केवल कागजी कार्रवाई हो रही है….जबकि जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। उनका कहना है कि कई सड़कों के प्रस्ताव पिछले छह महीने से लेकर डेढ़ वर्ष पहले तक रामनगर, हल्द्वानी और देहरादून के संबंधित कार्यालयों में भेजे जा चुके हैं….लेकिन अब तक उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
दरम्वाल ने सवाल उठाया कि यदि किसी सड़क का प्रस्ताव मंजूरी के बाद भी महीनों तक लंबित रहता है तो इसकी जिम्मेदारी किस अधिकारी की है। उन्होंने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि आखिर किन स्तरों पर फाइलें अटकी हुई हैं और उनकी जवाबदेही कब तय होगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से खराब सड़कों के कारण रोजाना हजारों लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इस दौरान जिम कॉर्बेट जीएम एसोसिएशन ने भी पीडब्ल्यूडी कार्यालय पहुंचकर खराब सड़कों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क आने वाले देश-विदेश के पर्यटक खराब सड़कों की वजह से नाराज हैं। विशेष रूप से छोई और क्यारी गांव की सड़कें अत्यधिक खराब होने से पर्यटन पर भी असर पड़ रहा है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान राहुल सिंह दरम्वाल के साथ करन बिष्ट, सौरभ छिमवाल, रवि तिवारी, अध्यक्ष राजीव शाह, उपाध्यक्ष सुन्दर सिंह बिष्ट, सचिव किरण सागर, राजेश पंत, प्रकाश पाठक, देवी सिंह, बबीता मेहरा, एन.डी. पालीवाल, लक्ष्मण रावत, दीप छाबड़ा, मनीष, पुष्पेंद्र, महिपाल, सुधीर सहित स्थानीय ग्रामीण और होटल व्यवसाय से जुड़े कई लोग मौजूद रहे।

IRCTC | Bharat Gaurav | Religious Tour : धार्मिक यात्रा करने की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने दो नए विशेष पर्यटन पैकेज शुरू किए हैं। इन पैकेजों के तहत भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन से दक्षिण भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों और चार ज्योतिर्लिंगों की यात्रा कराई जाएगी।
पहला पैकेज 31 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक 11 रात और 12 दिन का होगा। इस यात्रा में श्रद्धालु तिरुपति बालाजी, रामेश्वरम स्थित रामनाथस्वामी मंदिर, मदुरै का मीनाक्षी मंदिर, कन्याकुमारी और मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर सकेंगे।
दूसरा पैकेज 17 अगस्त से 26 अगस्त 2026 तक 9 रात और 10 दिन का रहेगा। इसमें महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, नागेश्वर और सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के साथ द्वारकाधीश मंदिर, भेंट द्वारका, सिग्नेचर ब्रिज और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भ्रमण भी शामिल किया गया है।
भारत गौरव ट्रेन गोरखपुर से रवाना होगी और रास्ते में मनकापुर, अयोध्या कैंट, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, लखनऊ, कानपुर, झांसी और ललितपुर समेत कई स्टेशनों से यात्री यात्रा में शामिल हो सकेंगे।
दोनों पैकेजों में स्लीपर, 3 एसी और 2 एसी श्रेणी में यात्रा की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा शाकाहारी भोजन, नाश्ता और स्थानीय दर्शनीय स्थलों के भ्रमण के लिए बस की व्यवस्था भी पैकेज में शामिल होगी।
दक्षिण भारत यात्रा के लिए स्लीपर श्रेणी का किराया 23,560 रुपये, 3 एसी का 39,100 रुपये और 2 एसी का 51,760 रुपये प्रति व्यक्ति रखा गया है। वहीं चार ज्योतिर्लिंग यात्रा के लिए स्लीपर का किराया 18,380 रुपये, 3 एसी का 29,570 रुपये और 2 एसी का 38,870 रुपये प्रति व्यक्ति निर्धारित किया गया है।
यात्रियों को एलटीसी और ईएमआई जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। इच्छुक लोग ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से या IRCTC कार्यालय से संपर्क कर यात्रा में अपना स्थान सुरक्षित कर सकते हैं।

Forest Line | Dehradun | Uttarakhand : उत्तराखंड में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य की पहली फॉरेस्ट लाइन बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। सरकार ने इस परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। पहली फॉरेस्ट लाइन देहरादून के रायपुर क्षेत्र में विकसित की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, इस परियोजना के तहत रायपुर के भोपालपानी क्षेत्र में करीब 60 हेक्टेयर भूमि पर आधुनिक आवासीय परिसर बनाया जाएगा। यहां लगभग 2,000 वनकर्मियों और 50 भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों के लिए आवास तैयार किए जाएंगे।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से कर्मचारी एक ऐसे एकीकृत आवासीय परिसर की मांग कर रहे थे, जहां उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकें। इसी उद्देश्य से फॉरेस्ट लाइन की योजना तैयार की गई है।
परियोजना में सिर्फ आवास ही नहीं…बल्कि अस्पताल, विद्यालय, सामुदायिक भवन, सड़क, पेयजल, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे वनकर्मियों और उनके परिवारों को बेहतर जीवन सुविधाएं मिलेंगी।
मसूरी वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी अमित कंवर ने बताया कि परियोजना के लिए स्थान का चयन कर लिया गया है। अब भूमि हस्तांतरण और अन्य प्रशासनिक व तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
वन विभाग का मानना है कि इस परियोजना से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और दूरदराज के क्षेत्रों में तैनात वनकर्मियों के परिवारों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवास उपलब्ध हो सकेगा।
राज्य सरकार भविष्य में गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में भी इसी तरह की फॉरेस्ट लाइन विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। फिलहाल रायपुर में बनने वाली पहली फॉरेस्ट लाइन को इस दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है।

Fake Currency | Haridwar | Punjab : हरिद्वार पुलिस ने नकली नोट गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में नकली नोट, एक प्रिंटर और एक कार भी बरामद की है।
एसपी सिटी अभय सिंह ने कहा कि 6 जुलाई को नगर कोतवाली पुलिस ने चार आरोपियों को हरिद्वार में नकली 500-500 रुपये के नोट चलाते हुए गिरफ्तार किया था। उनके पास से 84,500 रुपये के नकली नोट बरामद हुए थे। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी करीब 10 हजार रुपये के नकली नोट बाजार में चला चुके थे।
इसके बाद पुलिस ने दो आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की। पूछताछ में गिरोह के दो मुख्य सदस्यों के नाम सामने आए। जानकारी के आधार पर पुलिस टीम पंजाब पहुंची और गुरदासपुर निवासी पवन कुमार तथा अमृतसर निवासी सुखबीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार पवन के पास से 5 हजार रुपये और सुखबीर के पास से 1 लाख रुपये के नकली नोट बरामद हुए। इसके अलावा नकली नोट छापने में इस्तेमाल किया जाने वाला प्रिंटर और एक कार भी जब्त की गई।
जांच में पता चला कि पवन ढाबा चलाने की आड़ में और सुखबीर कपड़ों के कारोबार की आड़ में नकली नोटों का कारोबार करते थे। दोनों असली 50 हजार रुपये लेकर बदले में 1 लाख रुपये के नकली नोट देते थे और इसी तरह मुनाफा कमाते थे।
पुलिस ने बताया कि सुखबीर पहले भी बैंक फ्रॉड और जाली करेंसी के मामलों में जेल जा चुका है…जबकि पवन एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में जेल गया था। दोनों की दोस्ती जेल में हुई और वहीं से नकली नोट बनाने का नेटवर्क तैयार किया गया।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी अच्छी गुणवत्ता का कागज मंगाकर प्रिंटर से नोट छापते थे। बाद में उन्हें धूप और धूल-मिट्टी में रख देते थे…ताकि वे पुराने और असली जैसे दिखाई दें और आसानी से बाजार में चल सकें।
एसपी सिटी अभय सिंह ने कहा कि दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।

Haridwar | Gang Canal | SDRF : उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के बहादराबाद थाना क्षेत्र में रविवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के बाद एक महिला अपनी एक वर्षीय बेटी को गोद में लेकर गंग नहर में कूद गई। दोनों के पानी में बह जाने के बाद पुलिस और एसडीआरएफ ने तलाश अभियान शुरू कर दिया है।
पुलिस के अनुसार कलियर थाना क्षेत्र के कोटा मुरादनगर निवासी अर्जुन अपनी पत्नी सविता और दो बच्चों के साथ बाइक से रायपुर दरेड़ा स्थित ससुराल जा रहे थे। उनके साथ चार वर्षीय बेटा और एक वर्षीय बेटी भी थी।
रास्ते में दौलतपुर स्थित डीपीएस कॉलेज के पास किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर सविता ने बाइक रुकवाई और अपनी एक वर्षीय बेटी को गोद में लेकर गंग नहर में छलांग लगा दी। इससे पहले कि कोई उन्हें बचा पाता…दोनों गहरे पानी में लापता हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही बहादराबाद थाना पुलिस, जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और गोताखोर महिला व बच्ची की तलाश में जुटे हुए हैं।
घटना के बाद दोनों परिवारों में मातम का माहौल है। महिला का चार वर्षीय बेटा सुरक्षित है…जबकि पति और परिजन मौके पर मौजूद हैं। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी रेस्क्यू अभियान पर नजर बनाए हुए हैं।
बहादराबाद थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में पति-पत्नी के बीच विवाद की बात सामने आई है। महिला और उसकी बेटी की तलाश के लिए लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
Tehri | Ambika Sajwan | Land Excavation : नई टिहरी के सी ब्लॉक क्षेत्र में भू-धंसाव के मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण की पत्नी और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अंबिका सजवाण के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन के अनुसार सी ब्लॉक स्थित दो भूखंडों पर निर्माण कार्य के दौरान गहरी और अवैज्ञानिक तरीके से खुदाई कराई गई। इससे आसपास की जमीन कमजोर हो गई…और सरकारी व निजी आवासों की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो गया। प्रभावित इलाके में एहतियात के तौर पर बैरिकेडिंग भी कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक संबंधित भूखंड अंबिका सजवाण ने पहले से आवंटित जमीन के खरीदार के रूप में लिए थे। आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान मानकों का पालन नहीं किया गया….जिससे क्षेत्र में भू-धंसाव की स्थिति बन गई।
मामले को गंभीर मानते हुए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) ने कोतवाली पुलिस को अंबिका सजवाण के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
इस मामले में शिकायतकर्ता बलबीर सिंह का कहना है कि पुनर्वास विभाग की ओर से वर्षों पहले गलत स्थान पर भूमि आवंटित किए जाने के कारण अब उन्हें अपना घर छोड़कर दूसरी जगह जाना पड़ रहा है। उनकी शिकायत के आधार पर कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।
जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने कहा कि खतरे को देखते हुए तीन परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अनियोजित भू-कटान से लोगों की जान-माल को खतरा पैदा हुआ है…इसलिए मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं नई टिहरी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ऐश्वर्य पाल ने बताया कि एसडीएम के आदेश के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Waqf Properties | Uttarakhand | Dehradun : उत्तराखंड में वक्फ संपत्तियों से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच में हो रही देरी पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गढ़वाल कमिश्नर कार्यालय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 10 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए…ताकि मामले का समय पर निस्तारण किया जा सके।
जानकारी के अनुसार वक्फ संपत्तियों में रिकॉर्ड संबंधी गड़बड़ियों और संपत्तियों के प्रबंधन को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। इन शिकायतों के आधार पर जांच के आदेश दिए गए थे…लेकिन अब तक कई मामलों की रिपोर्ट लंबित है। इसे देखते हुए कमिश्नर कार्यालय ने देहरादून जिलाधिकारी को पत्र भेजकर जांच प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा है।
बताया जा रहा है कि उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने शासन को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि वक्फ बोर्ड की कई महत्वपूर्ण संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं और रिकॉर्ड में भी कई तरह की विसंगतियां हैं। शिकायत के बाद शासन ने संबंधित जिलों में जांच के निर्देश जारी किए थे।
इसी क्रम में देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर के जिलाधिकारियों से राजस्व अभिलेखों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर वक्फ संपत्तियों की स्थिति का सत्यापन कर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा गया था। जांच का उद्देश्य सरकारी रिकॉर्ड और वक्फ बोर्ड के अभिलेखों का मिलान कर किसी भी प्रकार की अनियमितता, रिकॉर्ड में हेरफेर या अवैध कब्जे की स्थिति का पता लगाना है।
कमिश्नर कार्यालय ने अब स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। यदि जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित मामलों को लैंड फ्रॉड समन्वय समिति के समक्ष भी रखा जा सकता है…जिससे आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा है कि उन्होंने पहले भी वक्फ संपत्तियों में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया था और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। उनका कहना है कि जिलाधिकारियों की रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी तथा यदि अनियमितताओं की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं देहरादून के जिलाधिकारी आशीष चौहान ने कहा है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और जांच प्रक्रिया में तेजी लाकर निर्धारित समय के भीतर रिपोर्ट भेजने का प्रयास किया जाएगा। अब सभी की नजरें जिलों से आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं…जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
IDBIBankRecruitment | SpecialistOfficer |BankJobs : बैंकिंग क्षेत्र में नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है। आईडीबीआई बैंक ने स्पेशलिस्ट ऑफिसर (SO) के 31 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी 14 जुलाई 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 26 जुलाई 2026 तय की गई है।
इस भर्ती के तहत ऑडिट, इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट, लीगल और सिक्योरिटी विभाग में नियुक्तियां की जाएंगी। सबसे अधिक पद ऑडिट (इन्फॉर्मेशन सिस्टम) और लीगल विभाग में हैं।
पदों का विवरण:
ऑडिट (इन्फॉर्मेशन सिस्टम) – 10 पद
इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट (प्रिमाइसेस) – 8 पद
लीगल – 9 पद
सिक्योरिटी ऑफिसर – 4 पद
कौन कर सकता है आवेदन? हर पद के लिए शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और आयु सीमा अलग-अलग निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले आधिकारिक भर्ती विज्ञापन में दी गई पात्रता शर्तों को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है।
चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन आवेदन की जांच, दस्तावेज सत्यापन, ग्रुप डिस्कशन, व्यक्तिगत साक्षात्कार और आवश्यकता पड़ने पर मेडिकल परीक्षण के आधार पर किया जाएगा।
आवेदन शुल्क
एससी, एसटी और दिव्यांग उम्मीदवार: 250 रुपये
सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवार: 1050 रुपये
कैसे करें आवेदन? उम्मीदवार आईडीबीआई बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे और निर्धारित शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा। आवेदन जमा करने के बाद उसका प्रिंट अपने पास सुरक्षित रखना चाहिए।
LokSamvardhanParv | KirenRijiju | PushkarSinghDhami : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शनिवार से छठे लोक संवर्धन पर्व की शुरुआत हो गई। परेड ग्राउंड में आयोजित इस पांच दिवसीय महोत्सव का उद्घाटन केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
11 से 15 जुलाई तक चलने वाले इस आयोजन में देश के अलग-अलग राज्यों से आए शिल्पकार, हस्तशिल्पी, लोक कलाकार और उद्यमी अपनी पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। महोत्सव में 150 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं…जहां विभिन्न राज्यों के पारंपरिक उत्पादों और व्यंजनों की भी प्रदर्शनी लगाई गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के लिए यह गर्व का विषय है कि केंद्र सरकार के साथ मिलकर इस आयोजन की मेजबानी करने वाला वह देश का पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन देश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ-साथ स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों को नए बाजार और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का काम करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ और ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ जैसी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में महोत्सव में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करने की अपील भी की।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि लोक संवर्धन पर्व केवल एक प्रदर्शनी नहीं…बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक कौशल का उत्सव है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कारीगरों और हस्तशिल्पियों को बेहतर बाजार, ब्रांडिंग और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।
महोत्सव में उत्तराखंड सहित देश के कई राज्यों की लोक संस्कृति, हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पाद और व्यंजन लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों ने पहले दिन आयोजन का आनंद लिया।