सीएम धामी से मिले अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माता, उत्तराखंड में होगी हॉलीवुड की बड़ी फिल्म की शूटिंग

TheBeatles | SamMendes | Cm Dhami | Uttarakhand : उत्तराखंड में जल्द ही एक बड़े अंतरराष्ट्रीय फिल्म प्रोजेक्ट की शूटिंग हो सकती है। विश्वप्रसिद्ध ब्रिटिश म्यूजिक बैंड द बीटल्स पर आधारित फिल्म श्रृंखला की शूटिंग ऋषिकेश के ऐतिहासिक बीटल्स आश्रम में प्रस्तावित है। इस संबंध में रविवार को अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि क्लोवर नाम की इस फिल्म परियोजना की शूटिंग फरवरी 2027 में ऋषिकेश स्थित चौरासी कुटिया यानी बीटल्स आश्रम में करने की योजना है। इस परियोजना के निर्देशन की जिम्मेदारी ऑस्कर विजेता निर्देशक सर सैम मेंडेस संभाल रहे हैं।

इस परियोजना के तहत ब्रिटिश बैंड द बीटल्स के चारों सदस्यों के जीवन और संगीत के सफर पर आधारित अलग-अलग फिल्में बनाई जा रही हैं। द बीटल्स – ए फोर-फिल्म सिनेमैटिक इवेंट नाम की इस श्रृंखला को सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के लिए नील स्ट्रीट प्रोडक्शंस, एप्पल कॉर्प्स के सहयोग से बना रहा है।

इन फिल्मों को अप्रैल 2028 में दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज करने की योजना है।

ऋषिकेश में शूटिंग के दौरान 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय और करीब 150 भारतीय क्रू सदस्यों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। इनके साथ स्थानीय तकनीशियनों और दूसरे सहयोगियों की सेवाएं भी ली जाएंगी।

भारत में फिल्म निर्माण से जुड़े कामों का समन्वय ऑन द रोड इंडिया कर रहा है। शूटिंग होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ होटल, परिवहन और अन्य कारोबार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और अलग-अलग तरह की लोकेशन फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करती हैं। राज्य सरकार फिल्म नीति-2024 के तहत निर्माताओं को जरूरी सुविधाएं दे रही है…ताकि प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा फिल्मों की शूटिंग हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश की पहचान दुनिया भर में योग और आध्यात्मिक नगरी के रूप में है। द बीटल्स का भी इस शहर से पुराना जुड़ाव रहा है। ऐसे में यहां अंतरराष्ट्रीय फिल्म की शूटिंग होने से उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलने के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है।

मुख्यमंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में ब्रिटिश फिल्म निर्माता और बाफ्टा पुरस्कार के लिए नामित एलेक्जेंड्रा डर्बीशायर, भारतीय फिल्म निर्माता दिलीप सिंह राठौर और सुपरवाइजिंग लोकेशन मैनेजर एम्मा पिल शामिल थीं।

मसूरी में शूटिंग कर रहे अक्षय कुमार पहुंचे सीएम धामी से मिलने, जानिए क्या हुई बात

Akshay Kumar | Uttarakhand Film Policy | Uttarakhand News : Cm Dhami : बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। शनिवार को देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास में हुई इस मुलाकात के दौरान उत्तराखंड में फिल्मों की शूटिंग, फिल्म नीति और प्रदेश में फिल्म निर्माण की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

अक्षय कुमार इन दिनों मसूरी और लंढौर में अपनी आगामी फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं। उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में चल रही शूटिंग के बीच मुख्यमंत्री से उनकी यह मुलाकात हुई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड फिल्म शूटिंग के लिए पसंदीदा जगहों में अपनी पहचान बना रहा है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और अलग-अलग तरह के भौगोलिक क्षेत्र फिल्म निर्माताओं को आकर्षित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग होने से उत्तराखंड की पहचान एक प्रमुख फिल्म डेस्टिनेशन के रूप में मजबूत हो रही है।

सीएम धामी ने बताया कि उत्तराखंड फिल्म नीति-2024 के जरिए फिल्म निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। फिल्म निर्माताओं को सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से शूटिंग की अनुमति और दूसरी जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं। इसके साथ ही फिल्मों की शूटिंग को प्रोत्साहित करने के लिए अनुदान की व्यवस्था भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ज्यादा फिल्मों की शूटिंग होने से स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसका फायदा पर्यटन, होटल, परिवहन और दूसरे स्थानीय कारोबारों को भी मिल रहा है।

राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड में फिल्म निर्माण की गतिविधियों को और बढ़ावा मिले और फिल्म निर्माता यहां शूटिंग के लिए आएं। इसके लिए सरकार हरसंभव सहयोग देने को तैयार है।

अंकिता भंडारी केस में बड़ा एक्शन, आखिर क्यों सस्पेंड हुए LIU इंस्पेक्टर? जानिए

AnkitaBhandariCase : LIUInspectorSuspended : UttarakhandNews : अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उठे विवाद के बीच पौड़ी गढ़वाल में तैनात एलआईयू के एक इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है। अंकिता के माता-पिता के दिल्ली पहुंचने और वहां प्रदर्शन करने की जानकारी समय पर नहीं मिल पाने को इस कार्रवाई की वजह बताया जा रहा है।

दरअसल अंकिता भंडारी के माता-पिता हाल ही में दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने इंडिया गेट के पास कथित वीआईपी को राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया था। इस घटनाक्रम की जानकारी स्थानीय खुफिया इकाई को पहले से नहीं मिल पाई। इसके बाद पुलिस विभाग में इस चूक को लेकर सवाल उठे और अब संबंधित एलआईयू इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की गई है।

अंकिता के माता-पिता के दिल्ली पहुंचकर धरने पर बैठने के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया। उनके समर्थन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और अलका लांबा समेत कई नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी पहुंचे थे।

दिल्ली में हुए इस घटनाक्रम के बाद उत्तराखंड में भी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अंकिता को न्याय दिलाने की मांग उठाई जा रही है। कांग्रेस की ओर से कैंडल मार्च सहित अन्य कार्यक्रम भी किए जा रहे हैं।

अंकिता के माता-पिता के दिल्ली पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी दिल्ली गए थे। इस दौरान प्रशासन और खुफिया विभाग के अधिकारी भी सक्रिय हुए। अब इस मामले में पौड़ी गढ़वाल के एलआईयू इंस्पेक्टर को निलंबित किए जाने की पुष्टि उत्तराखंड के डीजी इंटेलिजेंस अभिनव कुमार ने की है।

उत्तराखंड: आईएएस बंशीधर तिवारी के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी, लोगों को किया सतर्क

BanshidharTiwari | FakeFacebookID |UttarakhandNews : उत्तराखंड में साइबर ठगी के बीच अब आईएएस अधिकारी बंशीधर तिवारी के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाए जाने का मामला सामने आया है। खुद बंशीधर तिवारी ने फेसबुक पर पोस्ट साझा कर लोगों को इसकी जानकारी दी और सावधान रहने की अपील की है।

किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके नाम का इस्तेमाल कर फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाई है। ऐसी प्रोफाइल के जरिए लोगों को गुमराह करने या ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसे देखते हुए लोगों को अनजान प्रोफाइल से आने वाले संदेशों और फ्रेंड रिक्वेस्ट को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।

आईएएस बंशीधर तिवारी ने अपनी पोस्ट के जरिए लोगों को फर्जी आईडी से सावधान किया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी के नाम और तस्वीर को देखकर ही उसे असली न मानें। किसी भी संदिग्ध संदेश या अनुरोध पर भरोसा करने से पहले संबंधित व्यक्ति की पहचान की पुष्टि जरूर करें।

साइबर ठगी से बचने के लिए किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य निजी विवरण साझा न करें। अगर किसी फर्जी प्रोफाइल से संदिग्ध संदेश आता है….तो उसका जवाब देने के बजाय संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट करें।

अधिकारियों के नाम और पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह करने की कोशिशों से बचने के लिए सतर्कता जरूरी है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या साइबर पुलिस को दें।

CM धामी ने युवाओं से किया संवाद, उत्तराखंड में 700 से बढ़कर 1700 पार हुए स्टार्टअप

Uttarakhand Startup Growth | Youth Entrepreneurship | CM Pushkar Singh Dhami : उत्तराखंड में युवा अब नौकरी तलाशने के साथ-साथ अपने कारोबार और नए प्रयोगों के जरिए रोजगार के अवसर भी पैदा कर रहे हैं। सौर ऊर्जा से चलने वाली कार बनाने से लेकर डेयरी, मशरूम उत्पादन, हर्बल उत्पाद और आधुनिक खेती तक, प्रदेश के लोग अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को ऐसे ही उद्यमियों, किसानों और नवाचारकर्ताओं से मुलाकात कर उनके अनुभव सुने।

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में विकसित उत्तराखण्ड–यात्रा जारी है संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। नियोजन विभाग और देवभूमि डायलॉग के संयुक्त आयोजन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए लोगों ने अपने काम, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने में युवाओं, उद्यमियों और नए विचारों के साथ काम करने वाले लोगों की अहम भूमिका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में राज्य भी अपना योगदान दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में उत्तराखंड में स्टार्टअप की संख्या करीब 700 से बढ़कर 1700 से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा तकनीक, कृषि, उद्योग और दूसरे क्षेत्रों में नए प्रयोग कर रहे हैं। इनमें से कई लोग अपने कारोबार के जरिए दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं।

उन्होंने पर्यटन और ऊर्जा क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन में रोजगार और स्वरोजगार के कई अवसर हैं। ऊर्जा क्षेत्र में भी विभिन्न परियोजनाओं पर काम चल रहा है और जलविद्युत उत्पादन की संभावनाओं का उपयोग करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में चंपावत के राहुल नरियाल ने सौर ऊर्जा और बैटरी से चलने वाली कार तैयार करने के अपने प्रयासों की जानकारी दी। उत्तरकाशी के जयप्रकाश ने बताया कि उन्होंने एक गाय से डेयरी व्यवसाय शुरू किया था। सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर उन्होंने अपना काम आगे बढ़ाया। अब उनके पास पांच बद्री गाय और आठ देशी गाय हैं।

ऊधमसिंह नगर के विकास कुमार शाह ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ स्टार्टअप चला रहे हैं। उनका कारोबार 10 करोड़ रुपये से अधिक के टर्नओवर तक पहुंच चुका है। पौड़ी के नवीन पटवाल ने गुच्छी मशरूम के व्यावसायिक उत्पादन और इससे लोगों को मिल रहे रोजगार के बारे में बताया।

चमोली के राजेश ने गांव लौटकर रोजमेरी और दूसरे हर्बल उत्पादों के क्षेत्र में काम शुरू किया है। उनके प्रयासों से स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिल रहा है। नैनीताल की कमला देवी ने बताया कि वह वाहनों के टायरों की मरम्मत का काम कर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं।

चमोली के डॉ. हरपाल नेगी ने घेस क्षेत्र में कुटकी जैसी औषधीय वनस्पतियों की खेती को बढ़ावा देने के प्रयास साझा किए। उनके मुताबिक 300 से अधिक लोग इस काम से जुड़े हैं और सामूहिक रूप से सालाना करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।

सोमेश्वर के ललित खाती ने एकीकृत कृषि प्रणाली के जरिए खेती और रोजगार बढ़ाने की जानकारी दी। कार्यक्रम में पिरूल से उपयोगी उत्पाद बनाने वाली गीता पंत और सुमन पांथरी, बागवानी से जुड़े महाबल नेगी और मोटे अनाज से बने उत्पादों की बेकरी चलाने वाली कल्पना बिष्ट ने भी अपने अनुभव साझा किए।

टनकपुर के मूल निवासी शैलेश सिंगापुर से ऑनलाइन कार्यक्रम में जुड़े। उन्होंने वहां सीवरेज के पानी को साफ करने के क्षेत्र में अपने काम की जानकारी दी और चंपावत के एक गांव के विकास में सहयोग करने की इच्छा जताई।

वहीं टिहरी की सपना राणा ने बताया कि मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत जर्मन भाषा का प्रशिक्षण लेने के बाद उन्हें जर्मनी में नर्सिंग के क्षेत्र में नौकरी मिली।

कार्यक्रम में अनीता शर्मा थपलियाल ने ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे काम के बारे में बताया। उन्होंने देहरादून में विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने की बात कही।

मुख्यमंत्री धामी ने प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक उत्पादों और युवाओं की प्रतिभा का बेहतर इस्तेमाल कर आजीविका के नए रास्ते खोले जा सकते हैं। सरकार का लक्ष्य युवाओं को उद्यमिता और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है…ताकि वे अपने पैरों पर खड़े होने के साथ दूसरे लोगों को भी काम दे सकें।

अंकिता भंडारी केस में CBI की जांच तेज, हरिद्वार में सुरेश राठौड़ से पूछताछ

Ankita Bhandari Case | CBI Investigation | Suresh Rathour : उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP की भूमिका को लेकर चल रही जांच के बीच CBI की टीम शनिवार 17 अक्टूबर को पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ के आवास पर पहुंची। इस घटनाक्रम के बाद मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक टीम सुरेश राठौड़ को हरिद्वार के बीएचईएल स्थित शिवालिक गेस्ट हाउस ले गई…जहां उनसे पूछताछ की गई। हालांकि पूछताछ के सवालों और उससे सामने आए तथ्यों को लेकर CBI की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई।

CBI की यह कार्रवाई अंकिता के माता-पिता की जांच एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात के एक दिन बाद हुई। 16 अक्टूबर को अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और मां सोनी देवी ने दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय पहुंचकर अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी थी। इस दौरान सांसद अनिल बलूनी भी उनके साथ मौजूद थे। CBI अधिकारियों ने परिवार को भरोसा दिलाया कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्षता से जांच की जाएगी।

अंकिता के माता-पिता लंबे समय से मामले में कथित VIP की भूमिका की जांच की मांग उठा रहे हैं। हालिया मुलाकात के दौरान परिवार ने पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ और अभिनेत्री उर्मिला सनावर के नार्को टेस्ट की मांग भी रखी। यह मांग कथित तौर पर वायरल हुए ऑडियो क्लिप के संदर्भ में की गई है….जिनमें अंकिता प्रकरण से जुड़े एक VIP का जिक्र होने का दावा किया गया था।

दिसंबर 2025 में सुरेश राठौड़ और उर्मिला सनावर के बीच बातचीत का बताया गया ऑडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। इसके बाद अंकिता हत्याकांड में कथित VIP की भूमिका को लेकर नए सवाल उठने लगे। उर्मिला सनावर ने ऑडियो और वीडियो के जरिए कई दावे किए थे….जबकि सुरेश राठौड़ ने रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए उसे फर्जी और AI से तैयार बताया था।

इस विवाद के बाद सुरेश राठौड़ और उर्मिला सनावर के खिलाफ अलग-अलग स्थानों पर मुकदमे दर्ज होने की खबरें सामने आई थीं। जनवरी 2026 में उत्तराखंड पुलिस की विशेष जांच टीम ने भी इस विवाद से जुड़े मामले में दोनों से पूछताछ की थी। उस समय राठौड़ से कई घंटे तक सवाल-जवाब किए गए थे।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में मुख्य आरोपियों के खिलाफ अदालत में मुकदमा चल चुका है। मई 2025 में कोटद्वार की अदालत ने रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

इसके बाद सामने आए कथित VIP से जुड़े दावों ने मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया। CBI ने अज्ञात लोगों के खिलाफ कथित VIP की भूमिका की जांच के लिए अलग मामला भी दर्ज किया है। जांच का यह पहलू उन आरोपों और दावों से जुड़ा है…जिनमें कहा गया कि अपराध से जुड़े कुछ पहलुओं की जानकारी सामने नहीं आई। इन दावों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल सुरेश राठौड़ से पूछताछ में क्या जानकारी मिली, टीम ने उनसे किन बिंदुओं पर सवाल किए और जांच आगे किस दिशा में बढ़ेगी….इन बातों पर आधिकारिक स्पष्टता नहीं है।

अंकिता के माता-पिता न्याय की मांग करते हुए जांच के सभी पहलुओं को सामने लाने की अपील कर रहे हैं। अब इस मामले में CBI की आगे की कार्रवाई और आधिकारिक जानकारी पर नजर रहेगी।

उत्तराखंड का कौन-सा मॉडल अपनाना चाहता है यूपी? श्रमिकों की सेहत से जुड़ा है पूरा मामला

Uttarakhand CMSSY Scheme | Workers Health Scheme | Uttar Pradesh Labour Department : उत्तराखंड में निर्माण श्रमिकों को स्वास्थ्य जांच की सुविधा देने के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (CMSSY) दूसरे राज्यों का भी ध्यान खींच रही है। इसी योजना की कार्यप्रणाली को समझने के लिए शनिवार को उत्तर प्रदेश के श्रम विभाग की एक टीम उत्तराखंड पहुंची। टीम ने अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना के संचालन, तकनीकी व्यवस्था और श्रमिकों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली।

उत्तर प्रदेश राज्य श्रम विभाग के अपर श्रम आयुक्त जुनैद के नेतृत्व में आई टीम ने उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके पात्र आश्रितों को दी जा रही स्वास्थ्य जांच सुविधाओं पर चर्चा हुई। टीम ने यह भी समझा कि उपलब्ध संसाधनों के जरिए योजना को किस तरह संचालित किया जा रहा है।

बैठक में उत्तराखंड के श्रमायुक्त प्रकाश चन्द्र दुम्का ने उत्तर प्रदेश की टीम को योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके पात्र आश्रितों को स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके जरिए गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान करने और जरूरत पड़ने पर मरीजों को उचित चिकित्सा परामर्श व उपचार के लिए रेफर करने की व्यवस्था की गई है।

श्रमायुक्त के मुताबिक योजना के तहत अब तक करीब 60 हजार पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को स्वास्थ्य जांच की सुविधा दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था को संचालित करने के लिए उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है और बिना किसी अतिरिक्त पूंजीगत निवेश के श्रमिकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

उत्तर प्रदेश से आई टीम ने योजना के अलग-अलग पहलुओं का अध्ययन किया। इसमें श्रमिकों का पंजीकरण और सत्यापन, स्वास्थ्य जांच शिविरों का संचालन, जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया और गंभीर बीमारियों की पहचान जैसे विषय शामिल रहे।

टीम ने यह भी जानकारी ली कि स्वास्थ्य जांच के बाद जरूरतमंद श्रमिकों को आगे के इलाज के लिए किस तरह चिकित्सा सेवाओं से जोड़ा जाता है। इसके साथ ही संबंधित विभागों के बीच समन्वय और योजना की निगरानी की व्यवस्था पर भी चर्चा की गई।

बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश की टीम ने अपने राज्य में इसी तरह की व्यवस्था विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उत्तराखंड के अधिकारियों ने योजना के संचालन और उसके व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी साझा की….ताकि दूसरे राज्य भी श्रमिकों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए उपयोगी व्यवस्थाएं अपना सकें।

इस दौरे को दोनों राज्यों के बीच श्रमिक कल्याण योजनाओं से जुड़े अनुभव साझा करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। यदि उत्तर प्रदेश में भी इस तरह की व्यवस्था विकसित होती है….तो वहां के निर्माण श्रमिकों को स्वास्थ्य जांच की सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

श्रमायुक्त प्रकाश चन्द्र दुम्का ने कहा कि मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना केवल स्वास्थ्य जांच तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य श्रमिकों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संभावित गंभीर बीमारियों का समय पर पता लगाना और जरूरत के मुताबिक उन्हें चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना भी है।

उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से श्रमिक कल्याण सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस पहल में तकनीकी व्यवस्था, बेहतर प्रबंधन और विभागीय समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका है।

इस अवसर पर उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के उप श्रम आयुक्त विपिन कुमार, वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ दुर्गा चमोली और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

उत्तर प्रदेश की टीम के इस दौरे से दोनों राज्यों के बीच श्रमिकों के स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़ी योजनाओं में अनुभव साझा करने का अवसर मिला। अब देखना होगा कि उत्तराखंड में अपनाई जा रही इस व्यवस्था के कौन-कौन से पहलू उत्तर प्रदेश में लागू किए जाते हैं।

उत्तराखंड की बेटियों का धमाकेदार प्रदर्शन, चंडीगढ़ को 7 विकेट से हराकर नॉकआउट में बनाई जगह

Uttarakhand Women Cricket | U19 Womens T20 Trophy | Uttarakhand vs Chandigarh : उत्तराखंड की अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चंडीगढ़ को सात विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ टीम ने महिला अंडर-19 टी20 ट्रॉफी एलीट के नॉकआउट राउंड में अपनी जगह पक्की कर ली है। मुकाबले में उत्तराखंड की गेंदबाजों ने पहले चंडीगढ़ की टीम को कम स्कोर पर रोक दिया। इसके बाद बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी से खेलते हुए लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया।

यह मुकाबला शुक्रवार 16 अक्टूबर को मुंबई के एमसीए शरद पवार क्रिकेट अकादमी, बीकेसी में खेला गया। चंडीगढ़ की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में आठ विकेट खोकर केवल 72 रन बना सकी। जवाब में उत्तराखंड ने 14 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर 73 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया।

शुरुआत से ही दबाव में रही चंडीगढ़ की टीम

पहले बल्लेबाजी करने उतरी चंडीगढ़ की शुरुआत बेहद खराब रही। उत्तराखंड की गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में ही विपक्षी टीम को झटके देने शुरू कर दिए। तैशा मंचंदा बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद अन्नवी राणा भी अपना खाता नहीं खोल सकीं।

शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से चंडीगढ़ की टीम दबाव में आ गई। उत्तराखंड की गेंदबाजों ने लगातार अच्छी लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी की और बल्लेबाजों को खुलकर रन बनाने का मौका नहीं दिया। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और चंडीगढ़ की टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही।

पूरी पारी में चंडीगढ़ की टीम आठ विकेट गंवाकर 72 रन ही बना सकी। उत्तराखंड के गेंदबाजों के इस प्रदर्शन ने टीम की जीत की नींव रख दी।

दानू और कनिका ने गेंदबाजी में दिखाया दम

उत्तराखंड की जीत में गेंदबाजों की अहम भूमिका रही। दानू ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 18 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। उनकी गेंदबाजी ने चंडीगढ़ की बल्लेबाजी को लगातार दबाव में रखा।

वहीं कनिका नेगी ने किफायती गेंदबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने चार ओवर में केवल छह रन देकर दो विकेट अपने नाम किए। धारा ने भी दो विकेट हासिल किए….जबकि तन्वी तोमर को एक विकेट मिला।

उत्तराखंड के गेंदबाजों ने मिलकर चंडीगढ़ को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोक दिया। कम लक्ष्य मिलने के कारण उत्तराखंड की टीम को जीत के लिए 73 रन बनाने थे।

धृति आनंद और निर्जला महरा ने संभाली पारी

73 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी उत्तराखंड की टीम को शुरुआत में कुछ झटके लगे। करिना, अनन्या मेहरा और तन्वी तोमर जल्दी आउट हो गईं। हालांकि शुरुआती विकेट गिरने के बाद धृति आनंद और निर्जला महरा ने मोर्चा संभाल लिया।

धृति आनंद ने नाबाद 31 रन की पारी खेली। उन्होंने 45 गेंदों का सामना करते हुए एक चौका और एक छक्का लगाया। दूसरी ओर निर्जला महरा ने नाबाद 20 रन बनाए। उन्होंने 21 गेंदों में दो चौके लगाए।

दोनों बल्लेबाजों ने संयम के साथ खेलते हुए टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। उनकी पारियों की मदद से उत्तराखंड ने 14 ओवर में ही तीन विकेट खोकर 73 रन बना लिए और सात विकेट से जीत दर्ज की।

नॉकआउट राउंड में उत्तराखंड की नजरें अगले मुकाबलों पर

चंडीगढ़ के खिलाफ मिली जीत उत्तराखंड की अंडर-19 महिला टीम के लिए अहम है। टीम ने गेंदबाजी और बल्लेबाजी, दोनों विभागों में अच्छा प्रदर्शन किया। गेंदबाजों ने विपक्षी टीम को कम स्कोर पर रोका….जबकि बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा करते हुए समझदारी दिखाई।

इस जीत के साथ उत्तराखंड ने महिला अंडर-19 टी20 ट्रॉफी एलीट के नॉकआउट राउंड में प्रवेश कर लिया है। अब टीम की कोशिश अगले चरण में भी इसी प्रदर्शन को जारी रखने की होगी। चंडीगढ़ के खिलाफ सात विकेट से मिली जीत से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और टीम अगले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन के इरादे से उतरेगी।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य का हॉस्पिटल से आया वीडियो, 210 करोड़ के आरोपों पर सुनिए क्या कहा

Rekha Arya | Girdhari Lal Sahu | Uttarakhand News : उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। पति के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद रेखा आर्या ने शादी से जुड़े मामले और अपने ऊपर लगाए गए 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी है। अस्पताल में भर्ती रेखा आर्या ने कहा कि उन्हें शादी से पहले इस बात की जानकारी नहीं थी कि गिरधारी लाल साहू पहले से शादीशुदा हैं। उन्होंने पुलिस पर भरोसा जताते हुए निष्पक्ष जांच और न्याय मिलने की उम्मीद जताई।

रेखा आर्या ने कहा कि जिस तरह पुलिस किसी आम महिला की शिकायत पर कार्रवाई करती है उसी तरह उनके मामले में भी तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्हें उम्मीद है कि पुलिस उनकी शिकायत की निष्पक्ष जांच कर उन्हें न्याय दिलाएगी।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने देहरादून के कैंट थाने में अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने मानसिक प्रताड़ना, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल, कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर कर एक कंपनी के निदेशक पद से हटाने और एक अन्य महिला के साथ मिलकर जान से मारने की साजिश रचने जैसे आरोप लगाए हैं।

उन्होंने पति की पहली शादी और अन्य महिलाओं से संबंधों को लेकर भी शिकायत में आरोप शामिल किए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

210 करोड़ रुपये के आरोपों पर क्या बोलीं रेखा आर्या?

गिरधारी लाल साहू की ओर से रेखा आर्या पर करीब 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों पर जवाब देते हुए रेखा आर्या ने कहा कि यदि उनके खिलाफ कोई सबूत है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना काम ईमानदारी से किया है और उनके खिलाफ जानबूझकर आरोप लगाए जा रहे हैं। रेखा आर्या ने यह भी कहा कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के प्रमाण सामने आते हैं…तो वह अपनी शिकायत वापस लेने को तैयार हैं।

वीडियो जारी कर दोनों पक्षों ने लगाए आरोप

इस विवाद के बीच रेखा आर्या ने एक वीडियो जारी कर अपने पति पर धोखे से शादी करने, मारपीट, दूसरी महिलाओं से संबंध रखने और जान से मारने की धमकी देने जैसे आरोप लगाए थे। इसके बाद गिरधारी लाल साहू ने भी वीडियो जारी कर रेखा आर्या पर गंभीर आरोप लगाए।

साहू ने कथित अवैध संपत्ति के अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग के कामकाज और बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार व राशन से जुड़े मामलों में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अब पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर इस मामले की आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।

स्मार्ट मीटर में छिपा है काम का फीचर, बिजली खपत के साथ करंट लीकेज की भी मिलेगी जानकारी

Haldwani | Smart Meter | Current Leakage : घरों में लगे स्मार्ट बिजली मीटर अब सिर्फ बिजली की खपत और बिल की जानकारी देने तक सीमित नहीं रहेंगे। इनके जरिए उपभोक्ता घर में करंट लीकेज यानी अर्थिंग से जुड़ी जानकारी भी हासिल कर सकेंगे। इससे समय रहते बिजली से होने वाले हादसों का खतरा पहचानने और जरूरी कदम उठाने में मदद मिल सकती है।

कुमाऊं के उपभोक्ताओं को इसके लिए प्ले स्टोर से यूपीसीएल स्मार्ट विद्युत कुमाऊं एप डाउनलोड करना होगा। एप में करंट लीकेज और बिजली बिल में बचत जैसे विकल्प दिए गए हैं। इनके जरिए उपभोक्ता बिजली की खपत पर नजर रखने के साथ अर्थिंग से जुड़ी जानकारी भी देख सकेंगे।

स्मार्ट मीटर की मदद से उपभोक्ता मोबाइल पर बिजली की खपत का ब्योरा देख सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल रिचार्ज की तरह मीटर रिचार्ज करने समेत कई सुविधाएं भी मिलती हैं। ऊर्जा निगम के अधिकारियों का कहना है कि इन सुविधाओं से उपभोक्ताओं को बिजली के इस्तेमाल और खर्च को समझने में आसानी होगी।

स्मार्ट मीटर के इंजीनियर इंचार्ज ईई डीडी पांगती ने कहा कि एप के माध्यम से उपभोक्ता बिजली की खपत की जानकारी देख सकते हैं। इसमें कई अन्य सुविधाएं भी दी गई हैं।

प्रदेश में करीब 16 लाख उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक दो लाख से अधिक उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।

नैनीताल जिले में 1 लाख 88 हजार 516 उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। इनमें से अब तक 87 हजार 916 उपभोक्ताओं के यहां मीटर लग चुके हैं। स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर विरोध के चलते कई उपभोक्ता इन्हें लगवाने से बच रहे हैं।

घरों में बिजली के उपकरणों से करंट लगने की घटनाएं गंभीर खतरा बनी हुई हैं। हल्द्वानी में मई महीने में राजपुरा के टनकपुर रोड क्षेत्र में फ्रिज से करंट लगने के बाद एक वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी। बच्चा गेंद से खेल रहा था। गेंद फ्रिज के नीचे चली गई…जिसे निकालने के दौरान वह करंट की चपेट में आ गया।

इसी महीने एफटीआई परिसर में 14 वर्षीय किशोर की कूलर से करंट लगने के बाद मौत हो गई थी। गर्मी लगने पर उसने कूलर चालू किया और उसे छूते ही करंट लग गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने कहा कि सेंसर युक्त स्मार्ट मीटर की खासियतों में करंट लीकेज से जुड़ी जानकारी देना भी शामिल है। घरों में करंट लीकेज कई बार बड़े हादसों की वजह बनता है। ऐसे में एप के जरिए मिलने वाली जानकारी उपभोक्ताओं को समय रहते सतर्क करने में मदद कर सकती है।

हालांकि करंट लीकेज का अलर्ट मिलने पर केवल एप पर निर्भर रहने के बजाय बिजली की जांच किसी योग्य इलेक्ट्रिशियन से कराना जरूरी है। बिजली के उपकरणों में करंट महसूस होने पर उन्हें छूने से बचें और सुरक्षित तरीके से बिजली की सप्लाई बंद कराकर जांच करवाएं।