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RudrapurGangRape | PoliceAction |UttarakhandCrime : उत्तराखंड के रुद्रपुर में चर्चित गैंगरेप मामले की जांच के दौरान मंगलवार को हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। क्राइम सीन का निरीक्षण कराने के बाद वापस लौट रहे दो आरोपियों ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की। आरोपियों को भागता देख पुलिसकर्मी उनके पीछे दौड़े और कुछ ही दूरी पर उन्हें पकड़ लिया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों का गुस्सा भी फूट पड़ा और आरोपियों के साथ मारपीट हो गई। आरोपियों को काबू में करने के दौरान पुलिस ने भी बल प्रयोग किया।
जानकारी के अनुसार पुलिस दोनों आरोपियों को जांच के तहत घटनास्थल पर लेकर गई थी। वापसी के दौरान वाहन बदलने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी बीच दोनों आरोपियों ने मौके का फायदा उठाकर भागने का प्रयास किया…हालांकि पुलिस ने तुरंत पीछा कर उन्हें दबोच लिया।
आरोपियों के पकड़े जाने के दौरान घटनास्थल पर मौजूद लोगों की भीड़ भी आक्रोशित हो गई। लोगों ने आरोपियों को घेर लिया और उनके साथ हाथापाई शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया। आरोपियों को दोबारा काबू में करने के दौरान पुलिस ने भी बल प्रयोग किया। मौके का वीडियो सामने आया है….जिसमें पुलिसकर्मी आरोपियों को पीटते हुए और उन्हें नियंत्रण में लेते हुए दिखाई दे रहे हैं।
हालात तनावपूर्ण होते देख अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया। पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाकर दोनों आरोपियों को सुरक्षित वाहन में बैठाया और कड़ी सुरक्षा के बीच कोतवाली ले जाया गया। घटना के बाद कुछ देर तक इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस हिरासत के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस आरोपियों को दोबारा नहीं पकड़ती…तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने कहा कि वाहन बदलने के दौरान दोनों आरोपियों ने भागने का प्रयास किया था। पुलिस ने तत्काल पीछा कर उन्हें दोबारा गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा कि मौके पर भीड़ भी आक्रोशित हो गई थी….लेकिन पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण करते हुए आरोपियों को सुरक्षित हिरासत में ले लिया।
क्या है पूरा मामला?
25 जुलाई को रुद्रपुर के सिडकुल क्षेत्र में काम करने वाली एक युवती ने तीन युवकों पर अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बाद में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। एक आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ…जबकि दो अन्य को जांच के लिए घटनास्थल ले जाया गया था। इसी दौरान दोनों ने भागने की कोशिश की….जिसके बाद यह पूरा घटनाक्रम सामने आया।

Commonwealth Games 2026 | India Medal Tally | Sharmila Gold : स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने पांचवें दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 6 पदक अपने नाम किए। दिन की सबसे बड़ी सफलता पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने दिलाई…जिन्होंने महिलाओं की F37 शॉट पुट स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को इस संस्करण का दूसरा गोल्ड मेडल दिलाया।
शर्मिला ने अपने सर्वश्रेष्ठ 9.81 मीटर के थ्रो के साथ पहला स्थान हासिल किया। इससे पहले भारत को पहला स्वर्ण पदक वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने दिलाया था। शर्मिला की इस उपलब्धि से भारतीय दल का उत्साह और बढ़ गया।
वल्लुरी अजय बाबू सिर्फ 1 किलो से गोल्ड से चूके
पुरुषों की 79 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में वल्लुरी अजय बाबू ने शानदार प्रदर्शन किया…लेकिन वह महज 1 किलो के अंतर से स्वर्ण पदक जीतने से चूक गए। उन्होंने स्नैच में 149 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 181 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 330 किलोग्राम का स्कोर बनाया।
हालांकि मलेशिया के खिलाड़ी ने अपने अंतिम प्रयास में 184 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 331 किलोग्राम का स्कोर बनाया और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। अजय बाबू को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
हाई जंप और वेटलिफ्टिंग में भी भारत का दम
पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में सर्वेश अनिल कुशारे ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। वहीं महिलाओं की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में ज्ञानेश्वरी यादव ने भी शानदार प्रदर्शन कर भारत की झोली में एक और रजत पदक डाला।
इसके अलावा बिंदियारानी देवी ने महिलाओं की 58 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग में कांस्य पदक जीता…जबकि शिल्पा ने महिलाओं की F57 शॉट पुट स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
पांचवें दिन भारत के नाम रहे ये 6 पदक
स्वर्ण: शर्मिला धनखड़ – महिलाओं की F37 शॉट पुट
रजत: ज्ञानेश्वरी यादव – वेटलिफ्टिंग (53 किग्रा)
रजत: वल्लुरी अजय बाबू – वेटलिफ्टिंग (79 किग्रा)
रजत: सर्वेश अनिल कुशारे – पुरुष हाई जंप
कांस्य: बिंदियारानी देवी – वेटलिफ्टिंग (58 किग्रा)
कांस्य: शिल्पा – महिलाओं की F57 शॉट पुट
मेडल तालिका में भारत की स्थिति
पांचवें दिन के मुकाबलों के बाद भारत के खाते में अब 2 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 10 पदक हो गए हैं। भारत फिलहाल मेडल तालिका में आठवें स्थान पर बना हुआ है। वहीं ऑस्ट्रेलिया 26 स्वर्ण सहित कुल 59 पदकों के साथ पहले स्थान पर कायम है।
भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर होता जा रहा है और आने वाले मुकाबलों में देश को कई और पदकों की उम्मीद है।

CharDhamYatra | UttarakhandRain | WeatherAlert : उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट के बाद 28 और 29 जुलाई के लिए चारधाम यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि मौसम सामान्य होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य के कई जिलों में अगले दो दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण चारधाम यात्रा मार्गों पर कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है…जिससे सड़कें बाधित हो गई हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गढ़वाल मंडल प्रशासन ने यात्रा रोकने का निर्णय लिया है।
मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, ऊधम सिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश, आकाशीय बिजली और तेज गर्जना की भी संभावना जताई गई है।
इसके अलावा 29 जुलाई को भी उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी रहेगा। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम को देखते हुए ही यात्रा करने की सलाह दी है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के फ्लैश फ्लड गाइडेंस बुलेटिन के अनुसार अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चम्पावत, देहरादून, पौड़ी, टिहरी, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा बना हुआ है। लगातार बारिश के चलते नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है…जबकि भूस्खलन और जलभराव की घटनाएं भी हो सकती हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। यात्रा आवश्यक होने पर पहले मौसम और सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी अवश्य लें। नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और उफनते जलस्रोतों से दूर रहें तथा प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कहा कि लगातार बारिश और कई स्थानों पर हुए भूस्खलन को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जैसे ही मौसम में सुधार होगा और मार्ग सुरक्षित होंगे….चारधाम यात्रा दोबारा शुरू कर दी जाएगी।

PithoragarhNews | UttarakhandRain |RoadClosure : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। पिछले 24 घंटों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं और नदी-नाले उफान पर हैं। लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग तवाघाट के पास बंद हो गया है। इसके अलावा तवाघाट-लिपुलेख मार्ग, मुनस्यारी-धापा-मिलम मार्ग, थल-मुनस्यारी मार्ग समेत जिले की कुल 22 सड़कें भूस्खलन और मलबा आने के कारण बंद हैं। प्रशासन मार्ग खोलने के लिए मशीनों की मदद से काम करा रहा है।
लगातार बारिश के चलते काली नदी, गोरी गंगा, धौली गंगा, रामगंगा, मंदाकिनी, सेरा और जाकुर समेत जिले की सभी प्रमुख नदियां और नाले उफान पर हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के पास न जाने और सतर्क रहने की अपील की है।
बारिश का सबसे ज्यादा असर चीन सीमा से लगे मल्ला जोहर क्षेत्र में देखने को मिला। ल्वा गांव के पास तेज बहाव में एक पुलिया बह गई…जिससे नंदा देवी बेस कैंप ट्रेक और ल्वा गांव का संपर्क पूरी तरह कट गया। घटना की सूचना तहसील प्रशासन को दे दी गई है।
प्रशासन के अनुसार फिलहाल इस क्षेत्र में किसी ट्रैकिंग दल के फंसे होने की सूचना नहीं है। हालांकि संपर्क मार्ग टूटने के कारण स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ समय तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल आधिकारिक सूचना के आधार पर ही सफर करने की सलाह दी है।

UttarkashiNews | YamunotriHighway |UttarakhandRain : उत्तरकाशी जिले में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब सड़क और पैदल मार्गों पर भी दिखाई देने लगा है। सोमवार रात से जारी बारिश के कारण यमुनोत्री हाईवे और जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग कई जगह प्रभावित हो गए हैं। इससे यात्रियों और स्थानीय लोगों की आवाजाही में परेशानी बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार राम मंदिर के पास यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग का करीब 25 से 30 मीटर हिस्सा धंस गया है। इसके चलते इस मार्ग पर पैदल आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है।
लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) बड़कोट ने कहा कि फिलहाल यह मार्ग यात्रियों के लिए सुरक्षित नहीं है। विभाग जल्द ही श्रमिकों की मदद से वैकल्पिक पैदल मार्ग तैयार करने का काम शुरू करेगा…ताकि आवाजाही दोबारा बहाल की जा सके।
वहीं यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी कई स्थानों पर भूस्खलन की चपेट में आ गया है। पालीगाड़, सिलाई बैंड, जंगलचट्टी, दुर्बिल और बाड़िया क्षेत्र में मलबा और बड़े पत्थर आने से यातायात बाधित हो गया है।
इसके अलावा गंगोत्री हाईवे पर भी नेताला, गंगनानी, सुनगर और भटवाड़ी-चड़ेथी के पास भूस्खलन के कारण सड़क पर मलबा और बोल्डर आ गए हैं….जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
प्रशासन के अनुसार एनएच विभाग और सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमें मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु करने में जुटी हुई हैं। अधिकारियों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।

DehradunNews | BridgeDamage |UttarakhandRain : राजधानी देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में नंदा की चौकी के पास स्थित टौंस नदी के पुनर्निर्मित पुल के पास एप्रोच रोड का एक हिस्सा भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने मार्ग पर वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी है। घटना के बाद मौके पर पुलिस और संबंधित विभाग की टीमों ने निरीक्षण किया।
यह पुल करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया था और कुछ ही दिन पहले आम लोगों के लिए खोला गया था। लगातार हो रही बारिश के बीच एप्रोच रोड के नीचे से मिट्टी बह जाने के कारण सड़क का हिस्सा धंस गया…जिससे यातायात रोकना पड़ा।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि नया निर्माण होने के बावजूद इतनी जल्दी सड़क का क्षतिग्रस्त होना चिंता का विषय है।
हालांकि प्रेमनगर कोतवाली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पुल पूरी तरह सुरक्षित है। पुलिस के अनुसार नुकसान पुल को नहीं बल्कि उसके पास बनी एप्रोच रोड को हुआ है। भारी बारिश से सड़क के नीचे की मिट्टी बह गई, जिससे सड़क धंस गई।
फिलहाल संबंधित निर्माण एजेंसी एप्रोच रोड की मरम्मत में जुटी हुई है। प्रशासन का कहना है कि मरम्मत कार्य पूरा होते ही मार्ग को दोबारा यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
गौरतलब है कि इससे पहले भी टौंस नदी में तेज बहाव के कारण अस्थायी पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद जल्दबाजी में मुख्य पुल का निर्माण पूरा कर यातायात शुरू किया गया था। अब एप्रोच रोड के धंसने की घटना के बाद एक बार फिर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

HaldwaniNews | UttarakhandRain |RiverRescue : नैनीताल जिले के हल्द्वानी के फतेहपुर क्षेत्र में भारी बारिश के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया। भाखड़ा नदी पार करते समय दो युवक तेज बहाव में फंस गए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बिना देर किए राहत अभियान चलाया और काफी प्रयास के बाद दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जानकारी के अनुसार सोमवार शाम दोनों युवक बाइक से भाखड़ा नदी पार करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान अचानक नदी का जलस्तर बढ़ गया और तेज बहाव के कारण वे बीच धारा में फंस गए। उन्हें संकट में देख आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई और सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय पर मदद मिलने से दोनों की जान बच गई।
इस घटना के बाद एक बार फिर फतेहपुर क्षेत्र में पुल निर्माण का मुद्दा चर्चा में आ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में भाखड़ा नदी का जलस्तर हर साल बढ़ जाता है…लेकिन आज तक यहां स्थायी पुल का निर्माण नहीं हो सका। मजबूरी में ग्रामीणों को स्कूल, बाजार, खेती और रोजमर्रा के काम के लिए इसी खतरनाक रास्ते से गुजरना पड़ता है।
स्थानीय निवासी नीरज ने कहा कि हर साल बारिश के दौरान ऐसी घटनाएं होती हैं। कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पुल बनाने की मांग की गई….लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।
इधर लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों को पार न करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। मौसम विभाग ने भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

Banshidhar Tiwari | Times Achievers 2026 | Dehradun : महानिदेशक सूचना एवं मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल अच्छे अंक हासिल करने तक सीमित न रहें…बल्कि ज्ञान, चरित्र, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि यही गुण उन्हें वास्तविक सफलता दिलाएंगे।
वह एसबीएस यूनिवर्सिटी और द टाइम्स ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में नगर निगम टाउन हॉल ऑडिटोरियम, देहरादून में आयोजित ‘टाइम्स अचीवर्स 2026’ समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
अपने संबोधन में बंशीधर तिवारी ने कहा कि सफलता एक दिन में नहीं मिलती…बल्कि निरंतर मेहनत, सीखने की इच्छा और मजबूत जीवन मूल्यों का परिणाम होती है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक उपलब्धियां महत्वपूर्ण हैं…लेकिन एक सफल जीवन के लिए अच्छे संस्कार, ईमानदारी, अनुशासन, धैर्य और संवेदनशीलता भी उतनी ही आवश्यक हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे परीक्षा के अंकों और डिग्रियों से आगे बढ़कर समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझें। उनके अनुसार करियर में सफलता अवसर देती है…लेकिन वास्तविक संतुष्टि परिवार के मूल्यों का सम्मान करने और समाज के लिए सकारात्मक योगदान देने से मिलती है।
बंशीधर तिवारी ने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे भारत को ऐसे युवाओं की जरूरत है…जो पेशेवर उत्कृष्टता के साथ नैतिक नेतृत्व, नवाचार और जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें। उन्होंने विद्यार्थियों से सफलता मिलने पर भी विनम्र और कृतज्ञ बने रहने की अपील की।
उन्होंने एसबीएस यूनिवर्सिटी और द टाइम्स ऑफ इंडिया की पहल की सराहना करते हुए कहा कि ‘टाइम्स अचीवर्स 2026’ जैसे आयोजन मेधावी विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाने के साथ उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
समारोह में विभिन्न विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों तथा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले संस्थानों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर शिक्षाविद, संस्थान प्रमुख, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

Orange Alert Uttarakhand | Uttarakhand Rain | School Holiday : उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने 28 जुलाई के लिए प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसे देखते हुए चार जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, ऊधम सिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों के कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौर भी देखने को मिल सकते हैं। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं अल्मोड़ा, चंपावत, हरिद्वार और पौड़ी गढ़वाल जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में भी कहीं-कहीं तेज बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने पर्वतीय और तराई के कई इलाकों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और चमोली जिलों में 28 जुलाई को सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों और अभिभावकों से आदेश का पालन करने की अपील की है।
लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश के कई पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें बाधित होने और भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।

Uttarakhand Finance Secretary | State Corporation Employees Federation | Dehradun : राज्य निगम कर्मचारी महासंघ, उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रकाश राणाकोटी के नेतृत्व में सचिवालय पहुंचकर वित्त सचिव रणवीर सिंह चौहान से शिष्टाचार मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें वित्त सचिव का कार्यभार संभालने पर बधाई देते हुए पुष्पगुच्छ भेंट किया और सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।
मुलाकात के दौरान महासंघ के पदाधिकारियों ने प्रदेश के विभिन्न निगमों में कार्यरत कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर वित्त सचिव से संक्षिप्त चर्चा की। उन्होंने उम्मीद जताई कि कर्मचारियों से जुड़े वित्तीय और प्रशासनिक मामलों का समयबद्ध एवं सकारात्मक समाधान किया जाएगा। साथ ही राज्य के विकास और निगमों की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सहयोग का भरोसा भी दिया।
वित्त सचिव रणवीर सिंह चौहान ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और नियमों व वित्तीय प्रावधानों के अनुरूप सभी मामलों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। उन्होंने कर्मचारियों से अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महामंत्री नन्दलाल जोशी, अजयकांत, इं. जयपाल सिंह चौहान, बुद्धि सिंह रावत, सुनील पुंडीर, दलीप रावत, विमल भंडारी, ललित शर्मा सहित महासंघ के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।