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HaridwarNews | SanatanDharma | UttarakhandNews : हरिद्वार के चंडीघाट स्थित ब्रह्मकुंड में वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ एक युवती ने स्वेच्छा से सनातन धर्म अपनाया। घरवापसी संस्कार के बाद युवती का नया नाम नेहा रखा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में संत, धर्माचार्य और श्रद्धालु मौजूद रहे।
यह वैदिक संस्कार तीर्थ सेवा न्यास के अध्यक्ष तीर्थाचार्य संत राम विशाल दास महाराज के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। वैदिक अनुष्ठान पंडित जितेंद्र ज्योति ने कराया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय संत आश्रम परिषद के संरक्षक बाबा हठयोगी महाराज, दिल्ली आर्य समाज के मुकेश शास्त्री, विश्व हिंदू परिषद के विभाग संगठन मंत्री अर्जुन, पानब देव आश्रम के महंत ओमदास महाराज सहित कई संत और धर्मावलंबी शामिल हुए। घरवापसी कार्यक्रम में हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं की भी सक्रिय भागीदारी रही।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने पुष्पवर्षा कर नवदीक्षित नेहा का स्वागत किया। संतों ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपनी स्वतंत्र इच्छा और आस्था के आधार पर अपनी सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ना चाहता है…तो उसका सम्मान किया जाना चाहिए।
तीर्थाचार्य संत राम विशाल दास महाराज ने कहा कि सनातन धर्म किसी भी प्रकार के बलपूर्वक धर्म परिवर्तन का समर्थन नहीं करता। उन्होंने कहा कि अपनी इच्छा और विश्वास से सनातन परंपरा को अपनाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का स्वागत किया जाना चाहिए।
महंत ओमदास महाराज ने कहा कि सनातन धर्म प्रेम, करुणा और सद्भाव का संदेश देता है। उन्होंने सभी लोगों से समाज में आपसी सम्मान, भाईचारे और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

BageshwarNews | MilkQuality |UttarakhandNews : बागेश्वर जिले के गरुड़ क्षेत्र में दूध की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। एक उपभोक्ता ने खरीदे गए दूध में कथित तौर पर कीड़े मिलने का दावा किया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों में चिंता बढ़ गई है। हालांकि मामले की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
जानकारी के अनुसार दर्शानी निवासी कैलाश जोशी ने एक दुग्ध वाहन से दूध खरीदा था। उनका कहना है कि जब दूध का उपयोग किया गया…तो उसमें कीड़े दिखाई दिए। उन्होंने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया और लोगों से दूध का इस्तेमाल करने से पहले उसकी जांच करने की अपील की।
वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में दूध की गुणवत्ता को लेकर चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने खाद्य सुरक्षा विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दूध के नमूनों की नियमित जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि दूध जैसे जरूरी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता में लापरवाही बरती जाती है…तो यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। उपजिलाधिकारी वैभव कांडपाल ने कहा कि सूचना मिलते ही फूड इंस्पेक्टर को मौके पर भेजा गया। दूध का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
प्रशासन का कहना है कि लैब की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल लोगों से अपील की गई है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच रिपोर्ट का इंतजार करें।

NEET UG | Dharmendra Pradhan | Education Minister Resignation : परीक्षा को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देश के कई हिस्सों में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी था। दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे।
इस्तीफे की जानकारी देते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि पिछले चार दशकों से उनका जीवन छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए समर्पित रहा है। उनका मानना है कि मजबूत और पारदर्शी शिक्षा प्रणाली ही देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव होती है।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि देश के युवाओं की उम्मीदों और भावनाओं का सम्मान करना उनकी प्राथमिकता रही है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सेवा करने का अवसर मिलने पर आभार भी व्यक्त किया।
धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी कहा कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा के बाद सामने आए आरोपों को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया। मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई…परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया और दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की गई।
उन्होंने बताया कि भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए अगले वर्ष से NEET-UG परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित करने का फैसला किया गया है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद अब सभी की नजर सरकार के अगले फैसले और NEET परीक्षा प्रणाली में होने वाले बदलावों पर टिकी हुई है।

Uttarakhand Police | Sher Singh | Jantar Mantar : दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान उत्तराखंड पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति का मंच पर पहुंचना चर्चा का विषय बन गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वह खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए छात्रों के समर्थन में बोलता नजर आया। उसने मंच से उत्तराखंड की भर्ती परीक्षाओं को लेकर भी विवादित टिप्पणी की और वर्दी से अपना बैज उतारते हुए कथित तौर पर पुलिस सेवा छोड़ने की घोषणा की। वीडियो सामने आने के बाद उत्तराखंड पुलिस ने पूरे मामले पर आधिकारिक जानकारी जारी की है।
उत्तराखंड पुलिस के अनुसार वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति पिथौरागढ़ में तैनात निलंबित कांस्टेबल शेर सिंह है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि वह लंबे समय से सक्रिय सेवा में नहीं है और पहले से ही विभागीय कार्रवाई का सामना कर रहा है।
कुमाऊं रेंज की आईजी निवेदिता कुकरेती ने कहा कि शेर सिंह 28 जून 2026 से बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित था। उसे पिथौरागढ़ पुलिस की ओर से नोटिस जारी किया गया, लेकिन जवाब नहीं मिलने पर 20 जुलाई 2026 को उसे निलंबित कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि वर्तमान में वह विभाग का सक्रिय कर्मचारी नहीं है।
पुलिस के मुताबिक शेर सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। उसके खिलाफ पहले से गंभीर मामलों में कार्रवाई चल रही है। विभाग का दावा है कि वह हरिद्वार-रुड़की क्षेत्र में सक्रिय एक संगठित गिरोह से जुड़े मामले में आरोपी रह चुका है। इस मामले में उसके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आया था कि शेर सिंह पर कुछ अन्य आरोपियों के साथ मिलकर लोगों को डराने-धमकाने, विवादित जमीनों पर अवैध कब्जे और फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन के सौदों में सहयोग करने के आरोप लगे थे। इस मामले में उसका नाम कुख्यात अपराधी प्रवीण वाल्मीकि से जुड़े गिरोह के साथ भी सामने आया था।
जांच एजेंसियों के अनुसार सितंबर 2025 में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद शेर सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। बाद में उसे हाईकोर्ट से जमानत मिली…लेकिन गिरफ्तारी के बाद विभाग ने उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। पुलिस का कहना है कि उसके खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी की विभागीय प्रक्रिया भी चल रही है।
उत्तराखंड पुलिस ने यह भी कहा कि जंतर-मंतर पर दिए गए उसके बयान व्यक्तिगत हैं और उनका विभाग से कोई संबंध नहीं है। पुलिस के अनुसार वीडियो में की गई टिप्पणियां भ्रामक और उकसाने वाली हैं। मामले की जांच की जा रही है और विभागीय नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो या किसी भी दावे पर विश्वास करने से पहले आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। विभाग का कहना है कि पूरे मामले की निगरानी की जा रही है और आवश्यक कानूनी व विभागीय कार्रवाई नियमानुसार जारी रहेगी।

Kanwar Mela | Haridwar Railway | Special Trains : कांवड़ मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे और रोडवेज ने विशेष इंतजाम किए हैं। रेलवे प्रशासन ने नियमित ट्रेनों का हरिद्वार तक विस्तार करने के साथ कई अनारक्षित मेला स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। वहीं भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई प्रमुख ट्रेनों को अतिरिक्त स्टॉपेज भी दिए गए हैं।
रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 74022/74023 दिल्ली–शामली डीईएमयू का संचालन अब हरिद्वार तक किया जाएगा। यह ट्रेन 30 जुलाई से 13 अगस्त तक दिल्ली से और 31 जुलाई से 14 अगस्त तक हरिद्वार से प्रतिदिन चलेगी। इसी तरह गाड़ी संख्या 64557/64558 दिल्ली–सहारनपुर मेमू का भी हरिद्वार तक विस्तार किया गया है।
कांवड़ मेले के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए कई एक्सप्रेस ट्रेनों को रायवाला, मोतीचूर, ज्वालापुर और कांकाठेर स्टेशनों पर अस्थायी ठहराव दिया जाएगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इससे भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों को राहत देने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा रेलवे हरिद्वार–दिल्ली शाहदरा, योगनगरी ऋषिकेश–दिल्ली शाहदरा और योगनगरी ऋषिकेश–आलमनगर के बीच अनारक्षित मेला स्पेशल ट्रेनें भी संचालित करेगा…ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा में परेशानी न हो।
दूसरी ओर उत्तराखंड परिवहन निगम ने भी कांवड़ मेले को देखते हुए मोतीचूर, गौरीशंकर और ऋषिकुल में तीन अस्थायी बस अड्डे बनाए हैं। भीड़ बढ़ने पर अलग-अलग राज्यों से आने वाली बसों को इन स्थानों पर पार्क किया जाएगा…जिससे शहर में यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
रेलवे और रोडवेज का कहना है कि कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधनों की भी व्यवस्था की जाएगी।

Bajrang Setu | Rishikesh | Glass Walkway : ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला के विकल्प के रूप में तैयार किए गए बजरंग सेतु के संचालन को लेकर नई व्यवस्था बनाई जा रही है। पुल के सुरक्षित उपयोग और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जा रही है। इसके तहत कांच से बने पैदल मार्ग पर प्रवेश के लिए भविष्य में शुल्क लिया जा सकता है।
नई व्यवस्था के अनुसार पुल का सामान्य हिस्सा पहले की तरह आम लोगों की आवाजाही के लिए खुला रहेगा। हालांकि दोनों ओर बने कांच के फुटपाथ पर जाने के लिए अलग नियम लागू किए जाएंगे। इस हिस्से में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से निर्धारित शुल्क लिया जा सकता है।
कांवड़ यात्रा के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए कांच वाले हिस्से को पूरी तरह बंद रखने की तैयारी भी की जा रही है। इस दौरान श्रद्धालु पुल के सामान्य मार्ग का उपयोग कर सकेंगे….लेकिन ग्लास वॉकवे पर जाने की अनुमति नहीं होगी।
करीब 69.20 करोड़ रुपये की लागत से बने इस आधुनिक सस्पेंशन ब्रिज का निर्माण वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। पुल की लंबाई लगभग 132.30 मीटर और चौड़ाई 8.60 मीटर है। इसके दोनों ओर पांच परतों वाले टफेंड ग्लास से पैदल मार्ग बनाया गया है….जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
निर्माण के दौरान और उसके बाद कांच को नुकसान पहुंचने की कुछ घटनाएं भी सामने आई थीं। इसी को देखते हुए पुल पर सीसीटीवी कैमरे, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और नियमित निगरानी की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही कांच वाले हिस्से के रखरखाव और सुरक्षा के लिए भी विशेष प्रबंध किए जाएंगे।
लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पांडे ने कहा कि दुनिया के कई देशों में इस तरह के ग्लास ब्रिज पर प्रवेश के लिए टिकट व्यवस्था लागू है। इससे लोगों की संख्या नियंत्रित रहती है और पुल के रखरखाव व संचालन का खर्च भी बेहतर ढंग से पूरा किया जा सकता है।
विभाग का कहना है कि SOP लागू होने के बाद यह तय होगा कि एक समय में कितने लोगों को कांच वाले हिस्से में प्रवेश दिया जाएगा…सुरक्षा व्यवस्था कैसे संचालित होगी और रखरखाव के लिए क्या व्यवस्था रहेगी। उद्देश्य यह है कि बजरंग सेतु पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित और सुव्यवस्थित अनुभव मिल सके।

Uttarakhand Weather | Heavy Rain Alert | IMD Forecast : उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है…जबकि कई संपर्क मार्ग भूस्खलन और मलबा आने से बाधित हो रहे हैं। ऐसे में मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। वहीं देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
मैदानी जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों के किनारे नहीं जाने की सलाह दी है।
राजधानी देहरादून में दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। एक या दो दौर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है….जबकि कुछ इलाकों में तेज बारिश भी देखने को मिल सकती है। अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
लगातार हो रही बारिश का असर कई जिलों में दिखाई दे रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने से सड़कें बाधित हो रही हैं…जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। रुद्रप्रयाग जिले में हाल के दिनों में हुई तेज बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़कें बंद हुई हैं और इसका असर केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भी पड़ा है।
राज्य आपदा प्रबंधन से जुड़े विभाग हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की सलाह का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है।

Narendra Modi, Paper Leak, Student Protest : पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो संदेश सामने आया है। संदेश में उन्होंने कहा कि सरकार ईमानदारी से मेहनत करने वाले छात्रों के साथ खड़ी है और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं केवल परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करतीं…बल्कि लाखों छात्रों की मेहनत और उनके भविष्य पर भी असर डालती हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास केवल आरोपियों को गिरफ्तार करना नहीं है…बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि ईमानदार छात्रों की पढ़ाई और करियर प्रभावित न हो। इसी उद्देश्य से परीक्षाओं को समयबद्ध तरीके से कराने और परिणाम जल्द जारी करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों के त्वरित निपटारे के लिए कानूनी व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी काम किया जा रहा है…ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार पहले ही सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम 2024 लागू कर चुकी है। इस कानून के तहत पेपर लीक, नकल और परीक्षा से जुड़े संगठित अपराधों पर सख्त दंड का प्रावधान किया गया है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करना है…जिस पर देश का हर छात्र भरोसा कर सके। उन्होंने दोहराया कि मेहनत करने वाले युवाओं के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है और उनके सपनों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी.

Sanaya Bhandari | CBSE Archery Championship | Uttarakhand : उत्तराखंड की उभरती तीरंदाज सनाया भंडारी (माही) ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का नाम रोशन किया है। बिजनौर में आयोजित सीबीएसई नॉर्थ जोन आर्चरी चैंपियनशिप में सनाया ने अंडर-14 वर्ग की सिंगल और डबल स्पर्धा में दो स्वर्ण पदक जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की।
प्रतियोगिता में करीब 600 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। कड़े मुकाबले के बीच सनाया ने इंडियन राउंड (70 मीटर और 30 मीटर) में शानदार निशानेबाजी करते हुए दोनों वर्गों में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। उनकी इस सफलता से श्रीनगर गढ़वाल सहित पूरे उत्तराखंड में खुशी का माहौल है।
सनाया की इस उपलब्धि में उनके कोच प्रतिभा धामी और कुलदीप बिष्ट का महत्वपूर्ण योगदान रहा। दोनों प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में उन्होंने लगातार अपने खेल को बेहतर बनाया और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई।
यह सनाया की लगातार तीसरी बड़ी सफलता है। इससे पहले उन्होंने आंध्र प्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया था। इसके बाद नैनीताल में आयोजित राज्य स्तरीय आर्चरी चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक भी जीता। वहीं अरुणाचल प्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में भी उन्होंने प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया था।
सनाया भंडारी, श्रीनगर नगर निगम की महापौर आरती भंडारी और पूर्व जिला पंचायत सदस्य लखपत सिंह भंडारी की बेटी हैं। उनका सपना भविष्य में ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर देश के लिए पदक जीतना है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सनाया को इसी तरह बेहतर प्रशिक्षण और अवसर मिलते रहे तो वह आने वाले समय में राष्ट्रीय ही नहीं…बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत और उत्तराखंड का नाम रोशन कर सकती हैं। उनकी उपलब्धि प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।

Road Accident | Emergency Services | Uttarakhand: उत्तराखंड में सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को और मजबूत करने जा रही है। नई व्यवस्था के तहत पुलिस, फायर और स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत हेल्पलाइन 112 से जोड़ा जाएगा…ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को एक ही नंबर पर तुरंत सहायता मिल सके।
नई प्रणाली के तहत 112 पर कॉल आते ही जरूरत के अनुसार पुलिस फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीम को तुरंत सूचना भेजी जाएगी। इससे राहत और बचाव कार्य में लगने वाला समय कम होगा….और घायलों को जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटना के बाद ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर बेहतर उपचार सुनिश्चित करना है।
राज्य सरकार सभी सरकारी और निजी एंबुलेंस में जीपीएस और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) लगाने की तैयारी कर रही है। इन एंबुलेंसों को भी 112 प्रणाली से जोड़ा जाएगा…जिससे सबसे नजदीक उपलब्ध एंबुलेंस की तुरंत पहचान कर उसे घटनास्थल पर भेजा जा सकेगा। साथ ही एंबुलेंस की रियल टाइम निगरानी भी संभव होगी।
राज्य स्तर पर महानिदेशक स्वास्थ्य (DG Health) को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा…जबकि प्रत्येक जिले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) इस व्यवस्था की निगरानी करेंगे। समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी…ताकि आपातकालीन सेवाओं के संचालन में किसी प्रकार की कमी न रहे।
इसके अलावा राज्य में ट्रॉमा रजिस्ट्री तैयार की जाएगी…जिसमें सरकारी और निजी अस्पतालों को जोड़ा जाएगा। इससे सड़क दुर्घटनाओं, घायलों के उपचार और अन्य जरूरी आंकड़ों का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार होगा…जो भविष्य में सड़क सुरक्षा और ट्रॉमा केयर से जुड़ी योजनाओं को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
सरकार पीएम-राहत (PM-RAHAT) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दे रही है…ताकि सड़क हादसों के पीड़ितों को समय पर इलाज और आर्थिक सहायता मिल सके। मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ व्यवस्था को मजबूत करने और घायलों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।