कर्नाटक में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन !

Social Media: Karnataka: कर्नाटक में सरकार ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने जा रहा है. यह घोषणा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने बजट भाषण के दौरान की, जहां उन्होंने कहा कि बच्चों की मानसिक सेहत, सीखने की क्षमता और डिजिटल लत को देखते हुए कड़े नियम जरूरी हो गए हैं. सरकार का मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अनियंत्रित स्क्रीन टाइम बच्चों के व्यवहार, ध्यान क्षमता और सुरक्षा पर गंभीर असर डाल रहे हैं. इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया के जोखिमपूर्ण और अनुचित प्रभावों से दूर रहें. वहीं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया यूज पर पाबंदी की घोषणा कर दी है.

सीएम सिद्धारमैया का ऐलान

बच्चों में मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल के साइड इफेक्ट को रोकने के लिए, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि कर्नाटक 16 साल से कम उम्र के युवाओं के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाएगा. हाल ही में, वाइस चांसलर के साथ एक मीटिंग में, उन्होंने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए मोबाइल फ़ोन पर बैन लगाने पर उनकी राय मांगी थी. इससे पहले हेल्थ मिनिस्टर दिनेश गुंडू राव और IT/BT मिनिस्टर प्रियांक खरगे ने भी इसी तरह की बात कही थी. जिसके बाद सीएम ने ये ऐलान किया

आंध्र प्रदेश में भी बैन की तैयारी

ऑनलाइन लत, दुरुपयोग और डिजिटल हानि को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आंध्र प्रदेश सरकार बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर कड़ा कदम उठाए हैं. राज्य के मंत्री नारा लोकेश ने कहा था कि सोशल मीडिया पर भरोसा “टूट रहा है” और “बच्चे निरंतर उपयोग में फिसलते जा रहे हैं”, इसलिए सरकार कानूनी विकल्पों का अध्ययन कराने का निर्णय लिया है. लोकेश के मुताबिक, राज्य सरकार ने Meta, Google, X और ShareChat जैसी प्रमुख कंपनियों को आमंत्रित किया है, ताकि वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा कर प्रभावी मॉडल तैयार किया जा सके.

सोशल मीडिया बैन का क्या मकसद

नाबालिगों के सोशल मीडिया उपयोग पर संभावित प्रतिबंध/सीमाएं लगाने का उद्देश्य बच्चों पर मोबाइल और स्क्रीन टाइम के नकारात्मक प्रभाव को कम करना है. इसी संदर्भ में बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (बजट घोषणा) ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग पर पाबंदी की बात कही. जिसका मकसद ये है कि नाबालिगों को सोशल मीडिया की बुरी लत से दूर रखा जाए. 

कांग्रेस 10 मार्च को भराड़ीसैंण विधानसभा का घेराव करेगी:पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत

Harish Rawat: Uttarakhand: Congress: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि जनहित के मुद्दों को लेकर कांग्रेस पार्टी 10 मार्च को भराड़ीसैंण विधानसभा का घेराव करेगी। इस प्रदर्शन में प्रदेशभर से कांग्रेस कार्यकर्ता गैरसैंण पहुंचेंगे और सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का यह निर्णय कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने वाला है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल कांग्रेस के लिए ही नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो उत्तराखंड में बदलाव की उम्मीद रखते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 मार्च को भराड़ीसैंण के हर क्षेत्र और हर धार में कांग्रेस का झंडा दिखाई देगा और विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में लोग इस प्रदर्शन में शामिल होंगे। उनका कहना है कि यह प्रदर्शन प्रदेश की राजनीति में परिवर्तन की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह स्वयं भी इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए भराड़ीसैंण जाएंगे और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर जन मुद्दों को उठाएंगे।

उत्तराखंड का दिया उदाहरण, अमित शाह बोले एक-एक घुसपैठिये को करेंगे बाहर

Uttarakhand News: Amit Sah: Haridwar: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को हरिद्वार के बैरागी कैम्प में आयोजित ‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में विशाल जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य की समस्याओं को चुन-चुन कर हल कर रहे हैं और उनके नेतृत्व में उत्तराखंड तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

अमित शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत उत्तराखंड राज्य आंदोलन का उल्लेख करते हुए की। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं को अपनी पहचान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा और उन्हें रामपुर तिराहा कांड जैसी दुखद घटनाओं का सामना करना पड़ा। बाद में केंद्र में भाजपा सरकार बनने पर तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने उत्तराखंड, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे नए राज्यों का गठन किया, जो आज विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई ने उत्तराखंड का निर्माण किया था और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे संवारने का काम किया जा रहा है। शाह ने कहा कि वर्ष 2017 से 2026 तक का समय उत्तराखंड के विकास को समर्पित रहा है और बीते चार वर्षों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की कई समस्याओं का समाधान किया है, जिससे राज्य दोगुनी रफ्तार से विकास कर रहा है।

तीन साल के भीतर मिलेगा न्याय

केंद्रीय गृह मंत्री ने नई न्याय संहिता का जिक्र करते हुए अधिवक्ता वर्ग से अपील की कि वे इस विषय पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंग्रेजों के समय के लगभग 150 साल पुराने कानूनों को बदलने का काम किया है। वर्ष 2028 तक नई न्याय संहिता पूरी तरह लागू हो जाएगी और इसके बाद किसी भी मामले में एफआईआर दर्ज होने से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक फैसला आने में अधिकतम तीन वर्ष का समय लगेगा। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे आधुनिक और वैज्ञानिक न्याय संहिता बताया।

शाह ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत भारत की नागरिकता प्राप्त करने वाले शरणार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन शरणार्थियों को भारत की नागरिकता देने का निर्णय सरकार ने लिया है और इस पर वह किसी भी विरोध के बावजूद अडिग है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धारा 370 को समाप्त किया गया, सीएए कानून बनाया गया और साढ़े पांच सौ साल बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण संभव हुआ। इसके साथ ही बद्रीनाथ–केदारनाथ पुनर्निर्माण, महाकाल लोक और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे कई ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं।

नकल विरोधी कानून से आई पारदर्शिता

केंद्रीय गृह मंत्री ने उत्तराखंड पुलिस में आरक्षी पद पर नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले 1900 युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि राज्य में अब बिना पर्चा और बिना खर्चा के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कठोर नकल विरोधी कानून लागू कर रोजगार के क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित की है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में कुंभ मेला आयोजित होने जा रहा है और यह कुंभ मेला आने वाले सभी रिकॉर्ड तोड़ देगा। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमांत गांवों को प्रथम गांव का सम्मान दिया है, जिसका उद्देश्य पलायन को रोकना है।

घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

अमित शाह ने उत्तराखंड में 10 हजार एकड़ सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना करते हुए कहा कि सरकार केदारनाथ से कन्याकुमारी तक एक-एक घुसपैठिये को देश से बाहर निकालने के लिए संकल्पबद्ध है।

उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के लिए भी धामी सरकार की प्रशंसा की और कहा कि इससे जनसंख्या संरचना में होने वाले अप्राकृतिक बदलाव को रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि जो भारत का नागरिक नहीं है, उसका नाम मतदाता सूची से हटना चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र की रक्षा के लिए मतदाता सूची का शुद्ध होना आवश्यक है।

उत्तराखंड को देश में पहला स्थान, दूसरे नंबर पर हरियाणा, राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े जारी

Uttarakhand: ICJS: Haryana: नए आपराधिक कानूनों को लागू करने के मामले में उत्तराखंड ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) 2.0 के प्रभावी संचालन के आधार पर जारी राष्ट्रीय प्रगति डैशबोर्ड में राज्य ने सबसे अधिक अंक प्राप्त किए हैं।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के जनवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड को 93.46 अंक मिले हैं, जिससे वह देश में पहले स्थान पर रहा। इस सूची में हरियाणा 93.41 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि असम 93.16 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा सिक्किम चौथे और मध्य प्रदेश पांचवें स्थान पर शामिल हैं।

राज्य में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) को लागू करने के लिए सरकार और प्रशासन ने लगातार समीक्षा और निगरानी की। मुख्यमंत्री स्तर पर समय-समय पर अधिकारियों के साथ बैठकों के माध्यम से इन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।

डिजिटल सिस्टम से कामकाज हुआ तेज
ICJS 2.0 के तहत ‘वन डेटा, वन एंट्री’ व्यवस्था लागू की गई है। इस व्यवस्था के जरिए पुलिस के CCTNS सिस्टम, ई-कोर्ट, ई-जेल, ई-अभियोजन और ई-फॉरेंसिक प्लेटफॉर्म आपस में जुड़े हैं। इससे अलग-अलग विभागों के बीच डेटा साझा करना आसान हुआ है और कागजी कार्यवाही में काफी कमी आई है।

साथ ही ‘ई-साक्ष्य’ ऐप के माध्यम से अपराध स्थल की वीडियोग्राफी और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया को भी मजबूत किया गया है, जिससे जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनी है।

हजारों पुलिसकर्मियों को मिला प्रशिक्षण
नए कानूनों को सही ढंग से लागू करने के लिए राज्य में 23 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा वर्चुअल सुनवाई की सुविधा, फॉरेंसिक मोबाइल वैन और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को भी बढ़ावा दिया गया है।

पुलिस महानिरीक्षक सुनील कुमार मीणा के अनुसार, राज्य ने तकनीकी व्यवस्था को तेजी से लागू करने के साथ-साथ रीयल-टाइम डेटा एंट्री में भी बेहतर प्रदर्शन किया है, जिसके चलते उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान मिला है।

गृहमंत्री Amit Shah ने 1129 करोड़ की 39 योजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

Amit Shah Uttarakhand projects : Haridwar development projects : Amit Shah inauguration Uttarakhand : Pushkar Singh Dhami development works : Haridwar Ganga Corridor : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने शनिवार को हरिद्वार में 1129.91 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान 115.10 करोड़ की 17 योजनाओं का लोकार्पण तथा 1014.81 करोड़ की 22 योजनाओं का शिलान्यास किया गया।

इन परियोजनाओं में पुलिस, कारागार, आपदा प्रबंधन, सहकारिता और शहरी विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। लोकार्पित परियोजनाओं में सहकारिता विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना के तहत टीएमआर प्लांट, पुलिस विभाग के आवासीय भवन, बहुउद्देशीय भवन और प्रशिक्षण अवसंरचना से जुड़े कार्य प्रमुख हैं। इसके साथ ही कारागार विभाग के तहत जिला कारागारों में हाई सिक्योरिटी बैरक, वीसी क्यूबिकल्स और अन्य सुविधाओं का भी लोकार्पण किया गया।

शिलान्यास की गई परियोजनाओं में आपदा प्रबंधन विभाग की विश्व बैंक पोषित योजनाएं विशेष रूप से शामिल हैं। इनमें ज्योतिर्मठ क्षेत्र में भू-स्खलन प्रभावित इलाकों के लिए लगभग 516 करोड़ की स्लोप स्टेबलाइजेशन परियोजना भी शामिल है। इसके अलावा अलकनंदा और कोसी नदियों पर मोटर पुलों के निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया गया।

पुलिस विभाग के तहत देहरादून में 360 आवासों और आईआरबी परिसर में 120 आवासों के निर्माण की आधारशिला भी रखी गई। वहीं हरिद्वार में गंगा कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत रोडीबेलवाला क्षेत्र के पुनर्विकास और सतीकुंड क्षेत्र के विकास कार्यों की भी शुरुआत की गई।

इन परियोजनाओं को राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने भी इन परियोजनाओं को राज्य के विकास के लिए अहम बताया।

उत्तराखंड के आयुष सेमवाल ने पास की UPSC परीक्षा, प्रदेश का बढ़ाया गौरव

Ayush Semwal UPSC Success : Uttarakhand UPSC News : Dehradun Student Success Story : UPSC Inspirational Story India : Hansraj College UPSC : उत्तराखंड के होनहार युवा Ayush Semwal ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा पास कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी इस सफलता से परिवार और पूरे उत्तराखंड में खुशी का माहौल है।

आयुष सेमवाल S. L. Semwal के पुत्र हैं…जो पहले Uttarkashi में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) रह चुके हैं और वर्तमान में उद्यान विभाग में उप निदेशक के पद पर कार्यरत हैं।

आयुष ने अपनी शुरुआती पढ़ाई Brightlands School से की। इंटरमीडिएट के बाद उन्होंने दिल्ली के Hansraj College से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने पूरी लगन और अनुशासन के साथ यूपीएससी की तैयारी की।

कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर आयुष ने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाने वाली यूपीएससी को सफलतापूर्वक पास कर लिया। उनकी यह उपलब्धि उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।

आयुष की सफलता यह साबित करती है कि निरंतर मेहनत, धैर्य और मजबूत इरादों के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनकी इस उपलब्धि पर प्रदेशभर से बधाइयों का सिलसिला जारी है।

टिहरी की बेटी मीनल नेगी ने UPSC में हासिल की ऑल इंडिया रैंक 66, उत्तराखंड का बढ़ाया मान

UPSC Result 2026 : Meenal Negi UPSC Rank 66 : Tehri Garhwal News : Uttarakhand Daughter Success Story : UPSC Inspirational Story : उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के चंबा क्षेत्र की प्रतिभाशाली बेटी Meenal Negi ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 66 हासिल कर पूरे प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है।

ग्राम दीवाड़ा (चंबा) में जन्मी मीनल नेगी शिक्षक Pritam Singh Negi और Meena Negi की पुत्री हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने देहरादून में रहकर ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई की और कड़ी मेहनत के दम पर यह बड़ी सफलता हासिल की।

मीनल नेगी को पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली थी…लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। धैर्य और नई रणनीति के साथ दोबारा तैयारी की और दूसरे प्रयास में शानदार सफलता प्राप्त कर ली।

उनकी यह उपलब्धि पहाड़ के युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है। मीनल की सफलता यह संदेश देती है कि मजबूत इरादे, अनुशासन और लगातार मेहनत से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

मीनल नेगी की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है और हर कोई उन्हें बधाई दे रहा है। लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई है कि वह आगे चलकर देश और समाज की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।

उत्तराखंड: बहादराबाद के तुषार चौहान बने IAS, गांव अत्मलपुर बोंगला का नाम किया रोशन

UPSC Success Story : Tushar Chauhan IAS : Bahadrabad Haridwar News : Uttarakhand UPSC Success : Inspirational Story India : बहादराबाद क्षेत्र के ग्राम अत्मलपुर बोंगला के रहने वाले तुषार चौहान ने देश की प्रतिष्ठित आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) परीक्षा पास कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। तुषार चौहान, अनुज चौहान के सुपुत्र हैं। उनकी इस सफलता से परिवार के साथ-साथ पूरे गांव और क्षेत्र में खुशी की लहर है।

तुषार चौहान की इस उपलब्धि को क्षेत्र के लोग ऐतिहासिक सफलता मान रहे हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कठिन मेहनत, लगन और मजबूत इरादों के दम पर यह मुकाम हासिल किया। उनकी सफलता यह साबित करती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो…तो किसी भी मंजिल को पाया जा सकता है।

तुषार की इस उपलब्धि से क्षेत्र के युवाओं को भी नई प्रेरणा मिली है। गांव और आसपास के लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि तुषार की सफलता पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।

तुषार चौहान के पिता अनुज चौहान और माता प्रतिभा चौहान के साथ ही उनके चाचा चेयरमैन नीरज चौहान, ताऊ संजीव चौहान और परिवार के अन्य सदस्य भी इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं।

वरिष्ठ पत्रकार Shivkumar Chauhan ने कहा कि तुषार शुरू से ही पढ़ाई में होनहार रहे हैं और उनका बौद्धिक स्तर काफी अच्छा है। उन्होंने बताया कि पिछले महीने हुई बातचीत के दौरान ही तुषार के आत्मविश्वास से यह महसूस हो रहा था कि इस बार वह यूपीएससी परीक्षा जरूर पास कर लेंगे।

क्षेत्र के लोगों ने तुषार चौहान को बधाई देते हुए उम्मीद जताई है कि वह आगे चलकर देश और समाज की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

नैनीताल जा रही महिला पर्यटक के साथ छेड़छाड़, पुलिस ने टैक्सी चालक को पकड़ा

Police : Haldwani: Taxi: Woman Tourist:  उत्तराखंड के नैनीताल में एक महिला पर्यटक के साथ अभद्रता और लूट के प्रयास का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी टैक्सी चालक को घटना के लगभग 10 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के अनुसार 5 मार्च 2026 को एक महिला पर्यटक देहरादून से हल्द्वानी पहुंची थी। वहां से वह टैक्सी के जरिए नैनीताल जा रही थी। देर रात लगभग 1:30 बजे बैरियर क्षेत्र के पास टैक्सी चालक ने वाहन को मुख्य मार्ग से हटाकर दूसरी तरफ मोड़ दिया। इस दौरान चालक ने महिला के साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट करते हुए लूट का प्रयास किया।

महिला ने किसी तरह मौके से बचकर स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल के निर्देशन में गठित पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी की पहचान दीपक सिंह (39 वर्ष)  जिला नैनीताल के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपी के पास से पीड़िता का मोबाइल फोन  बरामद किया है और घटना में प्रयुक्त टैक्सी वाहन UK04TB 5500 को भी कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि महिलाओं और पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस प्रकार के अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नैनीताल में डीएम का एक्शन, रजिस्ट्रार कानूनगो को महंगा पड़ गया ये काम

Nainital: Dm Nainital: राजस्व अभिलेखीय कार्यों को निजी व्यक्ति से संपादित कराने के गंभीर आरोप सिद्ध होने पर जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दो निलंबित रजिस्ट्रार कानूनगो को पदावनत कर दिया है।

उन्होंने अवगत कराया कि विभागीय जांच में आरोप सिद्ध पाए जाने के बाद यह दंडादेश पारित किया गया। प्रशासनिक अभिलेखों के अनुसार रजिस्ट्रार कानूनगो भूपेश चंद और अर्जुन सिंह बिष्ट पर आरोप था कि उन्होंने अपने पद से जुड़े वैधानिक दायित्व निजी एवं अनधिकृत व्यक्तियों से कराए। इस प्रकरण को गंभीर मानते हुए नियमानुसार प्रारंभिक जांच कराई गई, जिसके बाद विभागीय कार्यवाही शुरू की गई।

जांच अधिकारी द्वारा दस्तावेजी साक्ष्यों, अभिलेखों और संबंधित व्यक्तियों के बयानों के आधार पर यह तथ्य स्थापित पाया गया कि दोनों कार्मिकों ने राजस्व से जुड़े कार्यों में निजी व्यक्ति की सहायता ली। जांच प्रतिवेदन में आरोपों को पूर्ण रूप से सिद्ध माना गया।
कारण बताओ नोटिस के जवाब में संबंधित कार्मिकों ने यह स्वीकार किया कि अधिक कार्यभार और लंबित मामलों के दबाव के कारण उन्होंने निजी व्यक्ति की सहायता ली थी। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कार्यभार किसी भी स्थिति में वैधानिक शक्तियों के हस्तांतरण को वैध नहीं ठहरा सकता। निजी व्यक्ति को राजस्व अभिलेखीय कार्यों में शामिल करना नियमों के विरुद्ध है तथा राजकीय अभिलेखों की गोपनीयता और विश्वसनीयता के लिए गंभीर खतरा है।
प्रशासन ने इसे गंभीर कदाचार, कर्तव्य में घोर लापरवाही तथा राजकीय शक्तियों के अवैध हस्तांतरण की श्रेणी में माना। दंड निर्धारण के दौरान पद की संवेदनशीलता, कृत्य की गंभीरता और अधिकारियों द्वारा तथ्य स्वीकार किए जाने जैसे पहलुओं पर विचार किया गया।

इन परिस्थितियों में प्रशासन ने दोनों कार्मिकों, भूपेश चंद और अर्जुन सिंह बिष्ट को उनके वर्तमान पद से पदावनत करते हुए निम्न पद एवं वेतनमान पर आसीन किए जाने का दंड दिया है। आदेश के अनुसार यह दंड तत्काल प्रभाव से लागू होगा और इसे सेवा पुस्तिका में अंकित किया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह आदेश किसी पृथक आपराधिक या विजिलेंस कार्यवाही को प्रभावित नहीं करेगा।