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Uttarakhand: Haldwani: Cricket: Legends Cricket League: Pawan Negi: इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में गुरुवार को खेले गए लीजेंड्स लीग क्रिकेट (LLC) के दूसरे मुकाबले में इंडिया टाइगर्स ने शानदार खेल दिखाते हुए रॉयल राइडर्स पंजाब को 20 रनों से मात दी। पवन नेगी की आतिशी बल्लेबाजी और गेंदबाजों के सटीक प्रदर्शन के दम पर टाइगर्स ने टूर्नामेंट में अपनी जीत का आगाज किया।
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंडिया टाइगर्स की शुरुआत बेहद खराब रही। अनुरीत सिंह की घातक गेंदबाजी के सामने किर्क एडवर्ड्स और कप्तान तिलकरत्ने दिलशान सस्ते में पवेलियन लौट गए। एक समय टीम ने 48 रनों पर 4 विकेट गंवा दिए थे।
इसके बाद कुलदीप हुड्डा (48 रन) ने संयम के साथ पारी को बुना। लेकिन मैच का पासा पलटा पवन नेगी ने, जिन्होंने मात्र 18 गेंदों में 41 रनों की तूफानी पारी खेली। उनकी इस पारी में 3 चौके और 3 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। अंत में अमित पौनिकर के कैमियो (7 गेंद, 15 रन) की बदौलत टाइगर्स ने 20 ओवर में 168/8 का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।
169 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब की शुरुआत बिजली की तरह तेज रही। मोहम्मद शहजाद ने मैदान के चारों ओर शॉट लगाते हुए मात्र 18 गेंदों में 48 रन (4 चौके, 4 छक्के) कूट डाले। उनकी बल्लेबाजी देख लग रहा था कि मैच जल्दी खत्म हो जाएगा, लेकिन सुमित सिंह ने उन्हें आउट कर टाइगर्स की वापसी कराई।
इसके बाद ऋषि धवन (45 रन) और कप्तान असगर अफगान (28 रन) ने संघर्ष तो किया, लेकिन इंडिया टाइगर्स के गेंदबाजों ने रनों की गति पर अंकुश लगा दिया। पंजाब की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 148/9 रन ही बना सकी।
Gairsain: Ias Bansidhar Tiwari: प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में इन दिनों विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। सत्र के दौरान जहां सरकार की नीतियों और योजनाओं पर चर्चा हो रही है, वहीं यहां से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
दरअसल, उत्तराखंड के सूचना महानिदेशक एवं मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। तस्वीर में वह पहाड़ के पारंपरिक जलस्रोत यानी धारे का पानी पीते हुए नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि बजट सत्र के दौरान गैरसैंण में पत्रकारों को सूचनाओं का आदान-प्रदान करते समय बंशीधर तिवारी कुछ देर के लिए धारे के पास रुके और वहीं से पानी पीते दिखाई दिए। किसी ने इस पल को कैमरे में कैद कर लिया, जिसके बाद यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगी।
बंशीधर तिवारी अपने सरल और सौम्य स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। पहाड़ के विकास, पलायन और स्थानीय मुद्दों को लेकर उनकी संवेदनशीलता भी अक्सर चर्चा में रहती है। ऐसे में धारे का पानी पीते हुए उनकी यह तस्वीर पहाड़ की संस्कृति और प्रकृति के प्रति उनके लगाव को भी दर्शाती है।
Uttarakhand: Haldwani International Stadium: Cricket: League: गौलापार स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में एक बार फिर क्रिकेट टूर्नामेंट को लेकर हलचल तेज हो गई है। स्टेडियम में प्रस्तावित टी-20 मैचों के आयोजन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने यातायात व्यवस्था और पार्किंग को लेकर विस्तृत डायवर्जन प्लान जारी किया है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी मैदान में ईवीसीएल नाम से एक क्रिकेट आयोजन का बड़े स्तर पर प्रचार-प्रसार किया गया था। उस दौरान सितारगंज से लेकर हल्द्वानी तक कई नेताओं के होर्डिंग लगाए गए थे और दर्शकों से टिकट के पैसे भी वसूले गए थे। हालांकि बाद में वह टूर्नामेंट फर्जी साबित हुआ और मैच आयोजित नहीं हो सके, जिससे लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली थी।
अब एक बार फिर इसी मैदान में टी-20 मैचों के आयोजन की तैयारी की जा रही है। पुलिस प्रशासन के अनुसार यह ट्रैफिक डायवर्जन प्लान 11 मार्च से 14 मार्च 2026 तक प्रतिदिन शाम 4 बजे से मैच समाप्ति तक प्रभावी रहेगा।
भारी वाहनों के लिए डायवर्जन
तीनपानी से गोलापार रोड होते हुए काठगोदाम की ओर जाने वाले सभी भारी मालवाहक वाहनों को गोलापुल कुँवरपुर कट से डायवर्ट किया जाएगा। ये वाहन कुँवरपुर तिराहा, खेड़ा चौराहा और महाकाली जनरल स्टोर तिराहा होते हुए काठगोदाम की ओर जाएंगे।
वहीं काठगोदाम से गोलापार रोड होते हुए तीनपानी की ओर आने वाले भारी वाहन महाकाली जनरल स्टोर तिराहा से डायवर्ट होकर खेड़ा चौराहा और कुँवरपुर तिराहा होते हुए गोलापुल कुँवरपुर कट से तीनपानी की ओर भेजे जाएंगे।
पार्किंग व्यवस्था
स्टेडियम में वीआईपी अतिथियों के वाहनों के लिए मुख्य द्वार के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई है। आयोजनकर्ता, पुलिस-प्रशासन के अधिकारी, पत्रकारों और खिलाड़ियों को लाने-ले जाने वाली बसों के लिए स्टेडियम गेट नंबर-1 के अंदर दाहिनी ओर पार्किंग निर्धारित की गई है।
वहीं मैच देखने आने वाले दर्शकों के वाहनों के लिए स्टेडियम गेट नंबर-2 के बाईं ओर पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
प्रशासन ने दर्शकों से अपील की है कि वे निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।
Uttarakhand: Haldwani: Gas Cylinder: DM : IAS Lalit Mohan Rayal: जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों की बढ़ती कीमतों और कुछ स्थानों पर कालाबाजारी की शिकायतों को देखते हुए प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने एलपीजी गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते घरेलू गैस की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। ऐसे में जनपद के कुछ क्षेत्रों से गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी की शिकायतें सामने आई हैं। इस स्थिति को देखते हुए गैस वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना और जमाखोरी पर रोक लगाना आवश्यक हो गया है।
इस संबंध में जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट हल्द्वानी, सभी उपजिलाधिकारियों और जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि वे लगातार छापेमारी की कार्रवाई करते हुए जनपद की गैस वितरण एजेंसियों पर प्रभावी निगरानी रखें।
उन्होंने अधिकारियों को गैस एजेंसियों के गोदामों में एलपीजी सिलेंडरों के स्टॉक की स्थिति, वितरण व्यवस्था, एक सिलेंडर के बाद दूसरे सिलेंडर की बुकिंग के बीच निर्धारित अंतराल का पालन, अवैध रिफिलिंग की जांच और उपभोक्ताओं को जारी गैस पासबुक में वितरण से संबंधित विवरण दर्ज किए जाने की स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि छापेमारी के दौरान विशेष सतर्कता बरती जाए और यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति सुचारू रूप से मिलती रहे।
Uttarakhand: Gas: LPG: Iran: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार की ओर से एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार जब तक कच्चे तेल की कीमत 130 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से अधिक नहीं पहुंचती, तब तक ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना कम है। सरकार का कहना है कि भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है, जिसका आवश्यकता पड़ने पर उपयोग किया जा सकता है।
सरकार ने कच्चे तेल की आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य के अलावा अन्य वैकल्पिक मार्गों से भी तेल खरीद बढ़ा दी है, ताकि किसी भी संभावित संकट की स्थिति में देश में ईंधन की उपलब्धता बनी रहे।
वहीं विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) को लेकर भी चिंता की कोई बात नहीं बताई गई है। भारत एटीएफ का उत्पादक और निर्यातक देश है, इसलिए इसकी उपलब्धता पर्याप्त बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक अन्य देशों की तुलना में भारत फिलहाल बेहतर स्थिति में है।
एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर भी सरकार सतर्क है। जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग अवधि 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है।
घरेलू गैस संकट से बचने के लिए सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है। इसके तहत अस्पताल, स्कूल, सरकारी संस्थानों और अन्य आवश्यक सेवाओं वाले क्षेत्रों को एलपीजी और अन्य ईंधन की आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाएगी।
सरकार ने रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि वाणिज्यिक कनेक्शनों की तुलना में घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाएगी।
बताया जा रहा है कि अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और नॉर्वे जैसे देशों ने भी भारत को एलपीजी बेचने के लिए संपर्क किया है, जिससे भविष्य में गैस आपूर्ति और मजबूत होने की संभावना है।
Uttarakhand News: Transport Department: Roadways: उत्तराखंड सरकार ने इस बार के बजट में पर्वतीय क्षेत्रों में बस सेवा को मजबूत बनाने और जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत मुफ्त यात्रा सुविधा को विस्तार देने पर विशेष जोर दिया है। इसके लिए उत्तराखंड परिवहन निगम को कुल 107 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है, जिससे पहाड़ी मार्गों पर बस संचालन को सहारा मिलेगा और मुफ्त यात्रा की योजनाओं को भी मजबूती मिलेगी।
बजट में पर्वतीय मार्गों पर बस संचालन के घाटे की भरपाई के लिए 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10 करोड़ रुपये अधिक है। पहाड़ी क्षेत्रों में कम यात्री संख्या और लंबी दूरी के कारण बस सेवाएं अक्सर घाटे में चलती हैं, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए यही सेवाएं जीवन रेखा मानी जाती हैं। ऐसे में सरकार की यह सहायता दूरस्थ गांवों तक बस सेवा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत दी जा रही मुफ्त यात्रा सुविधा के लिए भी बजट बढ़ाया गया है। पिछले वर्ष इस मद में 40 करोड़ रुपये का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर इस बार 42 करोड़ रुपये कर दिया गया है। हाल ही में कुछ नई श्रेणियों को भी मुफ्त यात्रा योजना में शामिल किया गया है, जिसके चलते बजट में वृद्धि की गई है।
इसके अलावा परिवहन निगम को घाटे से उबारने के लिए अन्य मदों में भी सहायता जारी रखी गई है। नई बसों की खरीद के लिए निगम द्वारा लिए गए करीब 5 करोड़ रुपये के ऋण का सालाना ब्याज राज्य सरकार वहन करेगी।
गौरतलब है कि उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में सड़क परिवहन ही शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक पहुंच का प्रमुख साधन है। ऐसे में सरकार की ओर से बजट में किया गया यह प्रावधान न केवल परिवहन निगम के लिए राहत लेकर आएगा बल्कि पहाड़ों में रहने वाले हजारों लोगों की आवाजाही को भी सुगम बनाएगा।
हालांकि बस अड्डों के निर्माण और सुधार के लिए पिछले वर्ष 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, लेकिन परिवहन निगम इस बजट का उपयोग नहीं कर पाया। इसी कारण इस बार बस अड्डों के सुधार के लिए कोई अलग धनराशि नहीं रखी गई है।
वहीं अगले वर्ष हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ मेले को देखते हुए परिवहन निगम के कर्मचारियों ने 500 नई बसों की मांग की थी, लेकिन बजट में इसके लिए कोई प्रावधान नहीं किए जाने से कर्मचारियों ने निराशा व्यक्त की है।
Uttarakhand: News: Weather: Rain:उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। जहां मैदानी इलाकों में गर्मी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है, वहीं पर्वतीय जिलों में मौसम का मिजाज अचानक बदलने की संभावना है। मौसम विभाग ने राज्य के कई पहाड़ी इलाकों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण राज्य के पहाड़ी जिलों में 15 मार्च तक मौसम बदला हुआ रह सकता है। इस दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।
11 मार्च को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं आकाशीय बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं इन जिलों के 3800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी देखने को मिल सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार 12 मार्च को खास तौर पर पिथौरागढ़ जिले के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इसके अलावा 14 और 15 मार्च को राज्य के 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में फिर से बर्फबारी हो सकती है।
वहीं मैदानी जिलों में फिलहाल मौसम शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि तापमान में लगातार बढ़ोतरी के चलते लोगों को गर्मी और हल्की उमस का सामना करना पड़ सकता है।
मौसम विभाग ने पहाड़ों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा करने से पहले मौसम की जानकारी लेना जरूरी बताया गया है।
फिलहाल मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद एक बार फिर उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू होने की संभावना है, जिसका असर आने वाले कुछ दिनों तक देखने को मिल सकता है।
Uttarakhand: Heli Services: Pant Nagar Airport: उत्तराखंड सरकार ने इस बार के बजट में पर्वतीय क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण फैसले लेते हुए राज्य में हवाई सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी है। सरकार का उद्देश्य दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों को बेहतर एयर कनेक्टिविटी से जोड़ना और पर्यटन को नई गति देना है। भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए राज्य में हवाई संपर्क को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राज्य मंत्रिमंडल ने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चमोली जिले की गौचर और चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टियों को भारतीय वायुसेना को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इससे इन एयरस्ट्रिप्स का बेहतर उपयोग और रखरखाव सुनिश्चित हो सकेगा।
उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी के माध्यम से राज्य में हवाई यातायात को मजबूत करने के प्रयास जारी हैं। वर्तमान में देहरादून के सहस्त्रधारा, श्रीनगर, गौचर, चिन्यालीसौड़, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और मुनस्यारी में हेलीपोर्ट का संचालन और विकास किया जा चुका है। इन हेलीपोर्ट्स के माध्यम से पर्वतीय जिलों को तेजी से जोड़ने की योजना है, जिससे आपातकालीन सेवाओं, पर्यटन और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
इसके अलावा त्रियुगीनारायण मंदिर, मसूरी, रामनगर, बागेश्वर और हरिद्वार में नए हेलीपोर्ट के निर्माण की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य में कुल 18 हेलीपोर्ट के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 10 स्थानों पर हेली और हवाई सेवाएं संचालित की जा रही हैं।
सरकार पंतनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने की दिशा में भी तेजी से काम कर रही है। इसके लिए 524.78 एकड़ भूमि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को हस्तांतरित की जा चुकी है। साथ ही पंतनगर एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई 1372 मीटर से बढ़ाकर 3000 मीटर करने की योजना पर काम जारी है।
पिथौरागढ़ स्थित नैनीसैनी एयरपोर्ट का भी सुदृढ़ीकरण कर उसे नागरिक उड्डयन के उपयोग के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को सौंप दिया गया है। क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस) के तहत पिथौरागढ़ से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नई दिल्ली के लिए नियमित उड़ान सेवा शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। वहीं पिथौरागढ़ से धारचूला और मुनस्यारी के लिए हेली सेवाएं पहले ही शुरू की जा चुकी हैं।
सरकार देहरादून से हल्द्वानी, पंतनगर और नागपुर के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू करने की तैयारी भी कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से आग्रह किया है।
इसके अलावा देहरादून से काठमांडू और दुबई के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने की भी उम्मीद जताई जा रही है। देहरादून एयरपोर्ट का टर्मिनल पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का है। रनवे विस्तार के लिए लगभग 87 हेक्टेयर वन भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जबकि नाइट लैंडिंग सुविधा के लिए 1.9 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।
राज्य सरकार ने नागरिक उड्डयन विभाग के लिए इस वर्ष 52.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं के लागू होने से राज्य के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा और पर्यटन के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
Uttarakhand: Tourism: Budget: Startup:उत्तराखंड सरकार राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कृषि, उद्योग और पर्यटन को प्रमुख आधार मानकर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन तीनों क्षेत्रों को आत्मनिर्भर उत्तराखंड की यात्रा के “ड्राइवर्स” बताया है और बजट में इनके लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों को समान रूप से विकसित करते हुए ऐसा वातावरण तैयार करना है जिससे उत्पादकता बढ़े, निवेश आकर्षित हो और लोगों को सम्मानजनक आजीविका के अवसर मिल सकें। कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों के लिए उद्यान बीमा योजना हेतु 40 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना के लिए 20 करोड़ रुपये, कीवी और ड्रैगन फ्रूट प्रोत्साहन के लिए 30.70 करोड़ रुपये, मिशन एप्पल के लिए 42 करोड़ रुपये तथा फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ योजना में 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा चाय विकास योजना के लिए 25.93 करोड़ रुपये, सुगंध पौधा विकास के लिए 24.75 लाख रुपये और महक क्रांति के लिए 10 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
उद्योग क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सहायता देने के लिए 75 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 60 करोड़ रुपये, मेगा इंडस्ट्रियल एवं मेगा टेक्सटाइल नीति अनुदान के लिए 25 करोड़ रुपये तथा निवेश, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही स्टार्टअप वेंचर फंड के लिए 25 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। पर्यटन क्षेत्र में भी सरकार ने विशेष ध्यान देते हुए पर्यटन विभाग के राजस्व मद में 210.59 करोड़ रुपये और पूंजीगत मद में 296.45 करोड़ रुपये का बजट रखा है।
इसके अलावा वैश्विक पर्यटक स्थलों के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये, इको टूरिज्म गतिविधियों के लिए 18.50 करोड़ रुपये तथा योग दिवस आयोजन के लिए 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इन तीनों क्षेत्रों के सशक्त विकास से उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और राज्य आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
Tankpur: Kartik Jiyala: Indian Army: चम्पावत जिले के टनकपुर क्षेत्र के नायकगोठ निवासी कार्तिक सिंह ज्याला भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में गर्व और खुशी का माहौल है।
शनिवार को चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान कार्तिक के कंधों पर लेफ्टिनेंट के सितारे सजाए गए। इस खास मौके पर उनके माता-पिता भी मौजूद रहे और बेटे की इस उपलब्धि के साक्षी बने।
कार्तिक सिंह ज्याला ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल बेंगलुरु से प्राप्त की, जहां से उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीएससी की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने सेना में जाने का सपना संजोए रखा और कड़ी मेहनत के बल पर इसे साकार किया।
पासिंग आउट परेड में उनके पिता रमेश सिंह ज्याला और माता बबीता ज्याला भी शामिल हुए। इस अवसर पर कार्तिक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के मार्गदर्शन और समर्थन को दिया।
कार्तिक के पिता रमेश सिंह ज्याला भारतीय सेना की एएमसी शाखा में सूबेदार के पद पर तैनात हैं, जबकि उनकी माता बबीता ज्याला दिल्ली के एक विद्यालय में शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं।
कार्तिक की इस सफलता से टनकपुर और आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।