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Dehradun | DowryCase | UttarakhandNews : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक संवेदनशील मामला सामने आया है। डोईवाला थाना क्षेत्र के हर्रावाला में नवविवाहिता और सरकारी शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मामले में मृतका की मां की शिकायत पर पुलिस ने पति, सास और ननद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार सृष्टि कंडारी की शादी नवंबर 2025 में हर्रावाला निवासी सौरभ रतूड़ी से हुई थी…जो सचिवालय में निजी सचिव के पद पर कार्यरत हैं। सृष्टि स्वयं भी सरकारी स्कूल में शिक्षिका थीं।
मृतका की मां सीमा कंडारी ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि शादी के बाद से उनकी बेटी को दहेज और अन्य बातों को लेकर लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि सृष्टि को मनहूस कहकर अपमानित किया जाता था और उस पर मानसिक दबाव बनाया जाता था।
परिजनों का कहना है कि 28 और 29 जुलाई को सृष्टि से उनका संपर्क नहीं हो सका। बाद में एक परिचित के जरिए पता चला कि उसकी तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया है। जब परिवार देहरादून पहुंचा तो उन्हें उसकी मौत की जानकारी मिली। परिजनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने समय रहते उन्हें इस घटना की सूचना भी नहीं दी।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि शादी के कुछ समय बाद सृष्टि के ससुर को हार्ट अटैक आया था। इसके बाद परिवार ने अंधविश्वास के चलते सृष्टि को अपशकुनी मानना शुरू कर दिया और उसे मानसिक रूप से परेशान किया। हाल ही में ससुर के निधन के बाद उस पर दबाव और बढ़ गया था।
डोईवाला पुलिस ने मृतका के पति सौरभ रतूड़ी, सास परवीना देवी और ननद चारू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धारा के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे…उसी के अनुसार कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

Uttarakhand | TechnicalEducation | ExamReforms : उत्तराखंड सरकार ने तकनीकी शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। विभागीय समीक्षा बैठक में परीक्षा प्रणाली, शिक्षकों की नियुक्ति, रिक्त पदों, निर्माण कार्यों और छात्रों की पढ़ाई से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी लंबित कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में सबसे बड़ा फैसला परीक्षा प्रबंधन को लेकर लिया गया। अब विश्वविद्यालयों के अधीन संचालित तकनीकी संस्थानों में परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और गोपनीय तरीके से संचालित करने की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। यदि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक की जवाबदेही तय की जाएगी। जरूरत पड़ने पर नकल विरोधी कानून के तहत भी कार्रवाई की जा सकेगी।
समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि प्रदेश के राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है। इस समस्या को दूर करने के लिए 480 गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है। अधिकारियों को इस प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए…ताकि नए शैक्षणिक सत्र में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
बैठक में विभिन्न तकनीकी संस्थानों में लंबे समय से खाली पड़े शैक्षणिक और शिक्षणेत्तर पदों को भी जल्द भरने पर जोर दिया गया। अधिकारियों का मानना है कि पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता से नियमित कक्षाएं, प्रयोगशाला प्रशिक्षण और तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
छात्रों की पढ़ाई को व्यवस्थित करने के लिए सभी संस्थानों में शैक्षणिक कैलेंडर लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत कक्षाएं, प्रायोगिक प्रशिक्षण, परीक्षाएं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां तय समय-सारिणी के अनुसार संचालित की जाएंगी, ताकि सत्र समय पर पूरा हो सके।
बैठक में शिक्षकों के कौशल विकास पर भी विशेष जोर दिया गया। इसके लिए फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) कैलेंडर लागू करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत शिक्षकों को देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में आधुनिक तकनीक और नई शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
तकनीकी संस्थानों में चल रहे निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। गोपेश्वर, उत्तरकाशी, टिहरी, पंतनगर, टनकपुर, पिथौरागढ़, पौड़ी और अल्मोड़ा सहित कई संस्थानों में भवन, प्रयोगशालाओं और अन्य आधारभूत सुविधाओं के निर्माण की प्रगति पर चर्चा हुई। अधिकारियों को सभी परियोजनाएं गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी परियोजना में लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
तकनीकी शिक्षा विभाग का मानना है कि इन फैसलों के लागू होने से प्रदेश के तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होगी…परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी और छात्रों को समय पर बेहतर शैक्षणिक एवं तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

Roorkee | FoodSafety | SauceFactory : हरिद्वार जिले के रुड़की में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक अवैध सॉस फैक्ट्री पर छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान फैक्ट्री में भारी गंदगी के बीच सॉस तैयार किया जा रहा था। टीम ने करीब 8 कुंतल सॉस और बिना लेबल की 351 बोतलें बरामद कर मौके पर ही नष्ट करा दीं।
खाद्य सुरक्षा विभाग को लगातार बिना लेबल वाली सॉस की बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। इसी के आधार पर विभाग की टीम ने रुड़की के मतलबपुर गांव स्थित एक फैक्ट्री में छापा मारा। जांच में पाया गया कि सॉस की बोतलों पर बैच नंबर, निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट, निर्माता का नाम-पता, एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज नहीं थी।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि फैक्ट्री में बेहद अस्वच्छ माहौल में सॉस का निर्माण किया जा रहा था। मशीनों, फर्श और दीवारों पर गंदगी जमा थी…जिससे खाद्य सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन हो रहा था। विभाग ने सॉस के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं।
जांच में फैक्ट्री संचालक पानी की गुणवत्ता रिपोर्ट, कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाण पत्र और पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक बोतलों के फूड ग्रेड प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज भी नहीं दिखा सका। अनियमितताओं को देखते हुए लगभग 32 हजार कीमत का करीब 8 कुंतल सॉस नष्ट कर दिया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने फिलहाल फैक्ट्री में खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। साथ ही फैक्ट्री के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया गया है। विभाग ने साफ कहा है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Haldwani | ChainSnatching | CCTV : हल्द्वानी के मुखानी थाना क्षेत्र में गुरुवार तड़के एक बुजुर्ग महिला से चेन स्नेचिंग जैसी वारदात सामने आई है। भगवानपुर इलाके में मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला को दो बाइक सवार बदमाशों ने निशाना बनाया…और उनके कानों के झुमके छीनकर मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया…और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। पुलिस फुटेज के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि सुबह टहलने निकलने वाले बुजुर्ग और अन्य नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस से इलाके में गश्त बढ़ाने और सुबह के समय सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है।
पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि सुबह या देर शाम सुनसान स्थानों पर अकेले जाने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

Kargil Vijay Diwas | Vashu Bhagat |Haldwani : कारगिल विजय दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित हाफ मैराथन में उत्तराखंड के हल्द्वानी निवासी युवा धावक वाशु भगत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फिनिशर मेडल अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने न केवल हल्द्वानी बल्कि पूरे उत्तराखंड का गौरव भी बढ़ाया।
देश के वीर सैनिकों की बहादुरी, शौर्य और बलिदान को समर्पित इस विशेष मैराथन में देशभर से हजारों धावकों, फिटनेस प्रेमियों, रक्षा कर्मियों और युवाओं ने भाग लिया। देशभक्ति के माहौल के बीच आयोजित इस प्रतियोगिता में वाशु भगत ने पूरे उत्साह, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ हाफ मैराथन पूरी की।
मैराथन पूरी करने के बाद वाशु भगत ने कहा कि उनके लिए यह केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं थी…बल्कि कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर था। उन्होंने कहा कि दौड़ का हर कदम उन सैनिकों के साहस और बलिदान को समर्पित था…जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
वाशु भगत की इस सफलता के पीछे कई महीनों की कड़ी मेहनत, नियमित अभ्यास और फिटनेस के प्रति उनका समर्पण रहा। राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में शानदार प्रदर्शन कर उन्होंने युवाओं को फिटनेस अपनाने, अनुशासित जीवन जीने और देशभक्ति की भावना से आगे बढ़ने का संदेश दिया।
इस उपलब्धि पर हल्द्वानी और उत्तराखंड के लोगों ने वाशु भगत को शुभकामनाएं दीं। खेल प्रेमियों का कहना है कि प्रदेश के युवा लगातार राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं…जो राज्य के लिए गर्व की बात है।
वाशु भगत के लिए यह फिनिशर मेडल केवल एक सम्मान नहीं…बल्कि उनके दृढ़ संकल्प, मेहनत और राष्ट्र के प्रति सम्मान का प्रतीक भी है। उनकी सफलता आने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

Haldwani News | LPG Cylinder | Bharat Gas : हल्द्वानी में गैस सिलिंडर से गैस की जगह पानी निकलने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। घटना के बाद उपभोक्ता ने सिलिंडर का वीडियो बनाकर गैस एजेंसी से शिकायत की…जिसके बाद एजेंसी ने सिलिंडर बदल दिया है। मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार देवलचौड़ खाम स्थित मां भवानी कॉलोनी फेज-3 निवासी विमला देवी ने कहा कि उन्होंने तीन दिन पहले नया गैस सिलिंडर लगाया था। मंगलवार को खाना बनाते समय अचानक सिलिंडर ने काम करना बंद कर दिया। जब सिलिंडर की जांच की गई तो उससे पानी निकलने लगा। यह देखकर परिवार के लोग भी हैरान रह गए।
विमला देवी ने सिलिंडर से पानी निकलने का वीडियो बनाकर रामपुर रोड स्थित गैस एजेंसी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद एजेंसी ने डिलीवरी कर्मी को भेजकर सिलिंडर बदल दिया।
खाद्य पूर्ति अधिकारी मनोज बर्मन ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद उपभोक्ता का सिलिंडर बदल दिया गया है। साथ ही गैस कंपनी को पूरे मामले की जांच के लिए पत्र भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि वर्ष 2020 में भी हल्द्वानी के कई इलाकों से सिलिंडरों में पानी मिलने की शिकायतें सामने आई थीं। अधिकारियों का कहना है कि गैस सिलिंडरों की समय-समय पर जांच की जाती है और यदि किसी तरह की गड़बड़ी की शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाती है।

Public Examinations Bill | Pushkar Singh Dhami | Exam Reform : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकसभा में पब्लिक एग्ज़ामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक 2026 पारित होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह कानून देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संशोधित कानून से पेपर लीक, परीक्षा माफिया और संगठित नकल जैसे मामलों पर और अधिक प्रभावी ढंग से कार्रवाई की जा सकेगी। इससे भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने में मदद मिलेगी और ईमानदारी से तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के हित सुरक्षित होंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। लोकसभा में इस विधेयक का पारित होना इस बात का प्रमाण है कि सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए गंभीरता से काम कर रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने विश्वास जताया कि संशोधित कानून लागू होने के बाद देशभर में परीक्षा प्रणाली और अधिक मजबूत होगी। इससे योग्य और मेहनती अभ्यर्थियों का भरोसा बढ़ेगा तथा भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता भी मजबूत होगी।
उन्होंने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला “नकल मुक्त भारत” के संकल्प को नई मजबूती देगा।

Swala Village | Champawat News | Uttarakhand : उत्तराखंड के चंपावत जिले का चर्चित स्वाला गांव अब एक नए फैसले को लेकर सुर्खियों में है। ग्राम पंचायत ने गांव को ‘भूतिया गांव’ बताकर सोशल मीडिया पर सनसनी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। अब बिना अनुमति किसी भी यूट्यूबर, ब्लॉगर, न्यूज चैनल, सोशल मीडिया क्रिएटर या रील बनाने वाले व्यक्ति को गांव में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
ग्राम पंचायत ने गांव के प्रवेश मार्ग पर बड़ा चेतावनी बोर्ड लगाया है। इसमें साफ लिखा गया है कि बिना अनुमति प्रवेश वर्जित है। साथ ही गांव के बारे में भ्रामक और तथ्यहीन जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
स्वाला गांव लंबे समय से रहस्य और लोककथाओं के कारण चर्चा में रहा है। सोशल मीडिया पर इसे ‘भूतिया गांव’ और ‘हॉन्टेड विलेज’ बताकर कई वीडियो और रील बनाई गईं। ग्रामीणों का कहना है कि इन वीडियो में अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर या गलत जानकारी दिखाई जाती है…जिससे गांव की छवि खराब हो रही है और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि स्वाला गांव के वीरान होने का कारण किसी तरह की रहस्यमयी घटना नहीं…बल्कि सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण हुआ पलायन है। लोगों के गांव छोड़ने के बाद कई मकान खाली हो गए और समय के साथ खंडहर में बदल गए।
ग्राम पंचायत का कहना है कि स्वाला गांव की पहचान उसके इतिहास, संस्कृति और सामाजिक विरासत से होनी चाहिए…न कि अफवाहों और अंधविश्वास से। इसी उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। पंचायत ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति वीडियो शूट करने या गांव के बारे में भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Jakhan River Rescue | Dehradun News, Uttarakhand Rain : उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच देहरादून की जाखन नदी में बड़ा हादसा टल गया। तेज बहाव में एक 12 वर्षीय बच्ची बहने लगी…लेकिन मौके पर मौजूद छुट्टी पर आए सेना के एक जवान और तीन स्थानीय युवकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जानकारी के अनुसार बच्ची अपने साथियों के साथ जाखन नदी का जलस्तर देखने गई थी। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह तेज बहाव की चपेट में आकर बहने लगी। बच्ची को बहता देख आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
इसी बीच मौके पर मौजूद छुट्टी पर आए सेना के जवान और तीन स्थानीय युवकों ने बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी। काफी मशक्कत के बाद चारों ने मिलकर बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते किए गए इस रेस्क्यू से एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने सेना के जवान और युवकों की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सूझबूझ और साहस की वजह से एक मासूम की जान बच सकी।
इस बीच लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी, नालों और बरसाती गदेरों के पास नहीं जाने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि बारिश के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ सकता है…इसलिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने कहा कि सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमें संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी कर रही हैं। पुलिस लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की चेतावनी दे रही है। जिन स्थानों पर खतरा अधिक है….वहां से लोगों को सुरक्षित जगहों पर भी भेजा जा रहा है।
हरिद्वार में भी एसडीआरएफ ने बचाई कांवड़िए की जान
उधर हरिद्वार के कांगड़ा घाट पर गंगा स्नान के दौरान एक कांवड़िया गहरे पानी में डूबने लगा। घाट पर तैनात एसडीआरएफ की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कांस्टेबल नितेश खेतवाल ने गंगा में छलांग लगाई और कांवड़िए को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बचाए गए युवक की पहचान मनीष (23 वर्ष) निवासी सूरजकुंड, मेरठ (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई।

PushkarSinghDhami | NandaKiChowki DehradunNews : देहरादून के नंदा की चौकी क्षेत्र में भारी बारिश के कारण मंगलवार सुबह पुल की एप्रोच रोड का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया…जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने राहत और मरम्मत कार्य शुरू किया और लगभग 12 घंटे के भीतर मार्ग को दोबारा वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरम्मत कार्य में तेजी लाई जाए और आम लोगों को जल्द से जल्द राहत मिले। इसके बाद लोक निर्माण विभाग, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों ने संयुक्त रूप से युद्धस्तर पर काम शुरू किया।
लगातार चले मरम्मत अभियान के बाद शाम तक एप्रोच रोड को दुरुस्त कर यातायात बहाल कर दिया गया। मार्ग खुलने से स्थानीय लोगों, यात्रियों और आवश्यक सेवाओं को राहत मिली। इस दौरान एक एम्बुलेंस भी बिना किसी बाधा के मरीज को अस्पताल तक पहुंच सकी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के समय राहत और पुनर्स्थापन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक तकनीकी और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुल सुरक्षित है और केवल एप्रोच रोड का हिस्सा प्रभावित हुआ था। साथ ही पुल और एप्रोच रोड के निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार से स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या निर्माण मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पांडेय ने मौके का निरीक्षण कर बताया कि तेज बारिश और पानी के बहाव से एप्रोच रोड के नीचे की मिट्टी और मलबा बह गया था। मामले की तकनीकी जांच के निर्देश दिए गए हैं और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने समय पर सड़क बहाल होने पर राहत जताई। उनका कहना है कि मार्ग जल्द खुलने से दैनिक जीवन और आवश्यक सेवाएं सामान्य हो गईं। प्रशासन ने भी भरोसा दिलाया है कि प्रदेश में आपदा की स्थिति में राहत और सड़क बहाली का कार्य प्राथमिकता के आधार पर जारी रहेगा।