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PM Modi : Uttarakhand : Government 4 Years: Pushkar Singh Dhami : Uttarakhand Development : Good Governance : नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि धामी के नेतृत्व में राज्य विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन जैसे प्रोजेक्ट से कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। सीमांत क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा हो रहा है।
उन्होंने राज्य सरकार के महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन, स्टार्टअप्स और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। साथ ही आपदा प्रबंधन और सतत विकास की दिशा में काम को भी महत्वपूर्ण बताया।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।
Dehradun CM Dhami Calendar Launch : Uttarakhand Panchang : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में एक विशेष पंचांग टेबल कैलेंडर का विमोचन किया। इस कैलेंडर का शीर्षक उत्तराखंड की मिट्टी से-नायक से जन नायक पुष्कर सिंह धामी रखा गया है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंचांग केवल तिथि और वार की जानकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पक्ष, मास, पर्व और विशेष दिवसों का भी विस्तार से उल्लेख किया गया है। साथ ही पारंपरिक त्योहारों और व्रतों को भी इसमें शामिल किया गया है…जिससे लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं। इस कैलेंडर की संकल्पना मीडिया समन्वयक मदन मोहन सती द्वारा की गई है।
कैलेंडर में राज्य सरकार की योजनाओं, जनकल्याणकारी नीतियों और अब तक की प्रमुख उपलब्धियों को भी शामिल किया गया है। साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों को भी इसमें दर्शाया गया है।
कार्यक्रम के दौरान कई गणमान्य लोग मौजूद रहे…जिनमें मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, दीप कोश्यारी और किशोर भट्ट समेत अन्य लोग शामिल थे।
Dehradun Holiday Update : Mahavir Jayanti 2026 : उत्तराखंड सरकार ने महावीर जयंती की छुट्टी को लेकर चल रही सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है। सरकार की ओर से जारी नए आदेश के अनुसार अब महावीर जयंती की छुट्टी 31 मार्च के बजाय 30 मार्च सोमवार को रहेगी।
पहले जारी सरकारी कैलेंडर में यह अवकाश 31 मार्च को तय किया गया था…लेकिन जैन पंचांग के अनुसार महावीर जयंती 30 मार्च को पड़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अवकाश की तारीख में संशोधन कर दिया है।
Holiday Update: जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 30 मार्च को सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे…जबकि 31 मार्च को सामान्य रूप से कामकाज जारी रहेगा। इस फैसले के बाद सरकारी कर्मचारियों को बड़ा फायदा मिला है।
दरअसल 29 मार्च को रविवार है और उसके तुरंत बाद 30 मार्च को महावीर जयंती की छुट्टी होने से लगातार दो दिन का वीकेंड मिल गया है…जिससे कर्मचारियों में खुशी का माहौल है।
महावीर जयंती जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्म दिवस के रूप में मनाई जाती है। यह पर्व अहिंसा, शांति और सत्य के संदेश के लिए जाना जाता है और हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है।
सरकार के इस फैसले से अब छुट्टी को लेकर चल रहा भ्रम पूरी तरह खत्म हो गया है और लोगों को स्पष्ट जानकारी मिल गई है।
Dehradun LPG Supply : Uttarakhand Gas Update : प्रदेश में एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर सरकार सतर्क नजर आ रही है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय से सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर गैस आपूर्ति की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की।
बैठक में साफ निर्देश दिए गए कि घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह के सिलेंडरों की आपूर्ति मांग के अनुसार समय पर सुनिश्चित की जाए। साथ ही अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य जरूरी सेवाओं में गैस की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहे।
LPG Supply Update: जिलावार स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को एलपीजी स्टेट कोऑर्डिनेटर के साथ लगातार संपर्क में रहने और जरूरत के अनुसार आपूर्ति बढ़ाने को कहा गया। ग्रामीण क्षेत्रों से नए शहरी क्षेत्रों में शामिल इलाकों को तेल कंपनियों के सिस्टम में अपडेट करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। खासतौर पर व्यावसायिक संस्थानों को पीएनजी अपनाने के लिए प्रेरित करने की बात कही गई…ताकि एलपीजी पर दबाव कम हो सके।
इसके अलावा गैस के विकल्प के रूप में पिरुल ब्रिकेट को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि इससे एलपीजी की खपत कम होगी और चीड़ के जंगलों से पिरुल हटाने में भी मदद मिलेगी।
IAS Pari Bishnoi Success Story, UPSC Motivation : राजस्थान के बीकानेर की रहने वाली परी बिश्नोई की कहानी सिर्फ एक UPSC सफलता की नहीं…बल्कि खुद से लड़कर जीतने की मिसाल है। उनका सफर बताता है कि असली लड़ाई किताबों से नहीं…बल्कि अपने मन और हालात से होती है।
परी बिश्नोई ने जब सिविल सेवा की तैयारी शुरू की, तो शुरुआती असफलताओं ने उनका आत्मविश्वास हिला दिया। तैयारी के दबाव और तनाव के कारण उनका वजन करीब 45 किलो तक बढ़ गया। इस दौरान उन्हें सेल्फ-डाउट यानी खुद पर शक जैसी बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा।
लेकिन यहीं से उनकी असली जंग शुरू हुई। परी ने हार मानने के बजाय खुद को संभालने का फैसला लिया। उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बना ली और एक अनुशासित, सादगी भरी जिंदगी अपनाई। उनका पूरा फोकस सिर्फ अपने लक्ष्य पर था।
UPSC Motivation: परी ने अपनी लाइफस्टाइल में बड़ा बदलाव किया। डाइट कंट्रोल, योग और नियमित एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया। इससे न सिर्फ उनका वजन कम हुआ, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ। धीरे-धीरे उन्होंने खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से इतना मजबूत बना लिया कि यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा भी आसान लगने लगी।
दो बार असफल होने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। आखिरकार तीसरे प्रयास में उन्होंने UPSC 2019 में ऑल इंडिया रैंक 30 हासिल कर अपना सपना पूरा कर लिया।
आज परी बिश्नोई न सिर्फ एक सफल IAS अधिकारी हैं, बल्कि लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। वह बताती हैं कि असफलता अंत नहीं होती…बल्कि एक नई शुरुआत का मौका होती है।
पारिवारिक सहयोग भी उनकी सफलता की बड़ी वजह रहा। उनके पिता वकील हैं मां पुलिस विभाग में कार्यरत हैं और पूरे परिवार ने हर मुश्किल समय में उनका साथ दिया।
परी बिश्नोई की कहानी यह सिखाती है कि अगर इंसान ठान ले…तो कोई भी बाधा उसे रोक नहीं सकती। मेहनत, अनुशासन और खुद पर विश्वास…यही सफलता की असली कुंजी है।
UPSC Success Story : Ajay R Raj IAS Journey : केरल के एक छोटे से गांव से निकलकर देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता हासिल करना आसान नहीं होता, लेकिन अजय आर राज ने यह कर दिखाया। 24 वर्षीय अजय ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 109 हासिल कर अपनी मेहनत और जुनून का शानदार उदाहरण पेश किया है।
कोझिकोड जिले के थोट्टिलपालम गांव के रहने वाले अजय इस समय इरिंजालकुड़ा के क्राइस्ट कॉलेज में अंग्रेजी के लेक्चरर हैं। अपनी सादगी, आत्मविश्वास और मुस्कान से उन्होंने इंटरव्यू बोर्ड को भी काफी प्रभावित किया।
बचपन में आंखों की रोशनी कमजोर हो जाने के बावजूद अजय ने इसे कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने हमेशा अपनी काबिलियत और मेहनत पर भरोसा रखा।
UPSC Success Story: अजय का सफर आसान नहीं था। उन्होंने पहले प्रयासों में असफलता देखी, लेकिन हार नहीं मानी। साल 2024 में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 730 हासिल कर इंडियन रेलवे मैनेजमेंट सर्विस जॉइन की, लेकिन उनका लक्ष्य IAS बनना था। पांचवें प्रयास में आखिरकार उन्होंने अपनी मंजिल हासिल कर ली।
अजय का परिवार भी उनकी ताकत बना। उनके पिता एन के राज ऑटो चलाते हैं, मां राधा गृहिणी हैं और बड़े भाई रेनोज यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। जब भी अजय को जरूरत पड़ी, उनके परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया।
पढ़ाई में भी अजय हमेशा आगे रहे। उन्होंने CBSE 12वीं में ऑल इंडिया 8वीं रैंक हासिल की और इसके बाद सेंट स्टीफेंस कॉलेज से अंग्रेजी में पोस्ट ग्रेजुएशन किया।
UPSC की तैयारी के दौरान उन्होंने सोशियोलॉजी को ऑप्शनल विषय चुना और LeadIAS अकादमी से कोचिंग ली। उनकी स्ट्रैटेजी साफ थी….सही दिशा में लगातार मेहनत और खुद पर भरोसा।
इंटरव्यू के दौरान भी उन्होंने अलग अंदाज अपनाया। सामान्य सवालों का उन्होंने विस्तार से जवाब दिया, जबकि अकादमिक सवालों पर संक्षिप्त और सटीक जवाब दिए। उनकी ईमानदारी और पॉजिटिव एटीट्यूड ने बोर्ड पर गहरी छाप छोड़ी।
अजय अपनी प्रेरणा मालाबार की पहली मुस्लिम महिला IAS डॉ. अदीला अब्दुल्लाह को मानते हैं। साथ ही उनके परिवार और शिक्षकों ने भी उनके सपने को मजबूत किया।
यह कहानी सिर्फ एक सफलता की नहीं, बल्कि धैर्य, मेहनत और कभी हार न मानने की सोच की मिसाल है।
Dehradun Weather | Uttarakhand Weather Update : उत्तराखंड में मौसम का मिजाज इन दिनों दो अलग-अलग रूपों में नजर आ रहा है। जहां मैदानी इलाकों में मौसम पूरी तरह शुष्क हो गया है और तेज धूप लोगों को गर्मी का एहसास करा रही है…वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में अब भी बादलों की आवाजाही बनी हुई है।
राजधानी देहरादून में सुबह से ही साफ आसमान के साथ चटख धूप देखने को मिली…जिससे तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, दोपहर बाद आंशिक बादल छाने लगे और हल्की हवाओं ने मौसम को थोड़ा सुहावना बना दिया। वहीं पहाड़ी जिलों में दिनभर धूप और बादलों के बीच आंख-मिचौनी जारी रही। कई जगहों पर मध्यम गति की हवाएं चलने से ठंडक बनी हुई है और तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है।
Uttarakhand Weather Update: मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आज भी ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम अस्थिर रह सकता है। खासकर 3300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा कुछ जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
मैदानी इलाकों की बात करें तो यहां फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा। देहरादून में भी अगले कुछ दिनों तक आंशिक बादलों के बीच धूप खिलने का अनुमान है…जबकि पहाड़ों में मौसम का मिजाज लगातार बदलता रह सकता है।
तापमान (डिग्री सेल्सियस में):
देहरादून: अधिकतम 27.5 – न्यूनतम 12.6
ऊधमसिंह नगर: अधिकतम 28.0 – न्यूनतम 13.2
मुक्तेश्वर: अधिकतम 18.2 – न्यूनतम 4.6
नई टिहरी: अधिकतम 18.6 – न्यूनतम 6.2
फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी है…जहां अचानक मौसम बदलने की संभावना बनी हुई है।
Asian Cricket Legend League: रुद्रपुर में रविवार को एशियन लीजेंड्स लीग (ALL) की आधिकारिक ट्रॉफी का भव्य अनावरण किया गया, जिसके साथ ही बहुप्रतीक्षित दूसरे सीज़न की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। यह लीग 2 जून 2026 से शुरू होगी और इसमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कई दिग्गज खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
ट्रॉफी अनावरण समारोह में थिसारा परेरा, असगर अफगान, ऋषि धवन और एंजेलो परेरा समेत कई प्रमुख क्रिकेटर मौजूद रहे, जिससे कार्यक्रम की रौनक और बढ़ गई।
इस मौके पर थिसारा परेरा ने लीग के पिछले सीज़न को सफल बताते हुए आगामी संस्करण को लेकर उत्साह जताया। उन्होंने कहा कि यह लीग खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा, तालमेल और प्रशंसकों के जुनून के कारण खास बनती है और इस बार सभी टीमें बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार हैं।
वहीं ऋषि धवन ने प्रशंसकों के समर्थन को अहम बताते हुए कहा कि दर्शकों की ऊर्जा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर बड़ा असर डालती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सीज़न में भी दर्शकों का भरपूर प्यार मिलेगा और उनकी टीम ट्रॉफी जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी।
लीग के निदेशक नीरज कुकरेजा ने कहा कि एशियन लीजेंड्स लीग का उद्देश्य एशिया के अनुभवी और मशहूर क्रिकेटरों को एक मंच पर लाना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि लीग पेशेवरता, प्रतिस्पर्धा और मनोरंजन के उच्च मानकों पर खरी उतरेगी।
इस लीग में कुल छह टीमें हिस्सा लेंगी—इंडियन रॉयल्स, श्रीलंकन लायंस, अफगानिस्तान पठान, एशियन स्टार्स, पाकिस्तान पैंथर्स और बांग्लादेश टाइगर्स। हालांकि, वर्तमान युद्ध जैसी स्थिति के चलते खाड़ी देशों की टीमें इस बार लीग का हिस्सा नहीं बन पाएंगी। एशियन लीजेंड्स लीग जून 2026 में आयोजित की जाएगी, जिसे लेकर क्रिकेट प्रेमियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
उत्तराखंड में कैबिनेट मंत्रियों की सूची और उनके नए विभाग pic.twitter.com/DhiTFjPDFz
— haldwanilive (@haldwanilive1) March 22, 2026
Cabinet Allocation Uttarakhand : Ministerial Departments : Pushkar Singh Dhami : Uttarakhand Politics : Administrative Control : Cabinet Expansion : Governance Update : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है। पांच नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के तुरंत बाद किए गए इस आवंटन में मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रशासनिक विभाग अपने पास ही रखे हैं। अब तक मुख्यमंत्री के पास 35 से अधिक विभागों का दायित्व था।
जारी सूची के अनुसार मुख्यमंत्री सामान्य प्रशासन, गृह, कार्मिक, सतर्कता, नियुक्ति एवं प्रशिक्षण तथा सूचना एवं जनसंपर्क जैसे प्रमुख विभाग स्वयं देखेंगे। इन विभागों को शासन संचालन की रीढ़ माना जाता है…जिनके माध्यम से प्रशासनिक फैसलों और कानून-व्यवस्था पर सीधा नियंत्रण सुनिश्चित किया जाता है।
वहीं अन्य विभागों का बंटवारा मंत्रियों के बीच करते हुए उन्हें उनके-उनके दायित्व सौंपे गए हैं। इस नए बंटवारे से कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित होगा और विकास योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारा जा सकेगा।
Ministerial Department Allocation:
खजान दास को मिले ये विभाग:
समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण, भाषा
भरत सिंह चौधरी को मिले ये विभाग:
ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम
मदन कौशिक को मिले ये विभाग:
पंचायती राज, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, आयुष एवं आयुष शिक्षा, पुनर्गठन एवं जनगणना
प्रदीप बत्रा को मिले ये विभाग:
परिवहन, सूचना प्रौद्योगिकी, सुराज एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी
राम सिंह कैड़ा को मिले ये विभाग:
शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन, जलागम प्रबंधन
हाल ही में मुख्यमंत्री ने कैबिनेट का विस्तार करते हुए इन पांच मंत्रियों को पद की जिम्मेदारी सौंपी थी। मंत्रिमंडल में लंबे समय से रिक्त चल रहे पाँच पदों में तीन पहले से खाली थे…एक पद पूर्व मंत्री चंदन राम दास के निधन के बाद रिक्त हुआ था और एक पद प्रेम चंद अग्रवाल के इस्तीफे के कारण खाली हुआ था।
राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से यह विभागीय बंटवारा संतुलन साधने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने का प्रयास माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार मुख्यमंत्री द्वारा संवेदनशील विभाग अपने पास रखना रणनीतिक कदम है…जिससे शासन की मुख्य कमान उनके नियंत्रण में बनी रहेगी। वहीं अन्य विभाग मंत्रियों को सौंपकर कार्यों का प्रभावी वितरण सुनिश्चित किया गया है।