उत्तराखंड: CRP-BRP भर्ती को लेकर आया बड़ा अपडेट, जल्दी पढिए…

Uttarakhand Education Department | CRP BRP Recruitment | Samagra Shiksha | Waiting List Update | Education Jobs Uttarakhand : शिक्षा विभाग में सीआरपी और बीआरपी के कई पद अब भी खाली हैं। कुछ अभ्यर्थियों की नियुक्ति के बावजूद पूरी भर्ती प्रक्रिया अभी अधूरी है।

समग्र शिक्षा के अपर राज्य परियोजना कार्यालय ने इस मामले में संबंधित आउटसोर्स एजेंसी को प्रतीक्षा सूची जारी करने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि कई अभ्यर्थी लंबे समय से वेटिंग लिस्ट का इंतजार कर रहे हैं और एजेंसी से संपर्क करने पर भी उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही थी।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रतीक्षा सूची मेरिट के आधार पर तैयार की जाएगी और इसे जारी करने की जिम्मेदारी एजेंसी की है।

कार्यालय की ओर से सख्त निर्देश दिए जाने के बाद एजेंसी ने भरोसा दिलाया है कि अगले 2 से 3 दिनों में वेटिंग लिस्ट जारी कर दी जाएगी।

गौरतलब है कि यह भर्ती प्रक्रिया काफी समय से लंबित है, जिस पर पहले भी सरकार स्तर से निर्देश दिए जा चुके हैं।

उत्तराखंड: हल्द्वानी रिंग रोड पर आया बड़ा अपडेट, आप भी पढिए

Haldwani Ring Road Project | Uttarakhand Road Development | PWD Survey Haldwani | Forest Land Clearance India | Traffic Solution Haldwani : हल्द्वानी में बढ़ते ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए रिंग रोड प्रोजेक्ट पर काम तेज हो गया है। लोक निर्माण विभाग ने सर्वे के लिए दिल्ली की निजी कंपनी का चयन किया है। वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद कंपनी को 9 महीने के भीतर पूरी रिपोर्ट तैयार करनी होगी।

इस रिपोर्ट में वनभूमि का आकलन, पेड़ों की संख्या और निर्माण लागत का विवरण शामिल होगा। इसके बाद वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी…जिसके लिए केंद्र स्तर तक अनुमति ली जाएगी।

करीब 51 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट को ट्रैफिक जाम कम करने के लिए तैयार किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार सड़क जंगल क्षेत्र से निकाली जाएगी क्योंकि ग्रामीण इलाकों से ले जाने पर विरोध हुआ था।

प्रारंभिक अनुमान के अनुसार 56 हेक्टेयर वनभूमि और करीब 4280 पेड़ों के कटान की जरूरत पड़ सकती है। साथ ही दोगुनी जमीन पर पौधरोपण भी करना होगा।

यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर हल्द्वानी शहर को जाम से बड़ी राहत मिल सकती है। 

उत्तराखंड: हल्द्वानी में बड़ा फैसला आने वाला! ई-रिक्शा पर लग सकती है रोक

Haldwani E Rickshaw Ban | Traffic Jam Haldwani | Uttarakhand Transport News | RTO Enforcement | Haldwani Traffic Plan : हल्द्वानी में बढ़ते ट्रैफिक जाम और सड़क अव्यवस्था को देखते हुए परिवहन विभाग अब बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। परिवहन विभाग देहरादून की तर्ज पर शहर की प्रमुख सड़कों पर ई-रिक्शा संचालन पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहा है।

इसके लिए पहले जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद एक कमेटी बनाई जाएगी…जो सर्वे कर सड़कों का चयन करेगी। अंतिम निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा।

शहर में करीब 4500 ई-रिक्शा और 2800 ऑटो संचालित हो रहे हैं, जिससे जाम की समस्या बढ़ती जा रही है। कई बार नियमों का पालन न होने से अव्यवस्था और बढ़ जाती है।

संभावित सड़कों में कालाढूंगी रोड, नैनीताल रोड, रामपुर रोड और बरेली रोड शामिल हैं।

अधिकारियों का कहना है कि देहरादून में इस व्यवस्था से राहत मिली है…ऐसे में हल्द्वानी में भी इसे लागू करने से ट्रैफिक समस्या कम हो सकती है।

उत्तराखंड को 461 करोड़ की बड़ी सौगात, उत्तरकाशी-पिथौरागढ़ को मिलेगा लाभ

Uttarakhand landslide fund | NH134 repair | NH09 Pithoragarh road | Pushkar Singh Dhami | road safety Uttarakhand : उत्तराखंड में भूस्खलन प्रभावित सड़कों के सुधार और सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार ने 461 करोड़ की स्वीकृति दी है। इस फैसले को राज्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari का आभार जताया है।

स्वीकृत राशि में उत्तरकाशी जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग-134 पर भूस्खलन से प्रभावित 17 स्थानों के उपचार के लिए 233 करोड़ और पिथौरागढ़ जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-09 के तवाघाट-घटियाबागड़ मार्ग पर 3 संवेदनशील स्थलों के लिए 228 करोड़ शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना न केवल आपदा जोखिम को कम करेगी…बल्कि प्रदेश के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों में आवागमन को भी आसान बनाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग-134 चारधाम यात्रा का एक प्रमुख मार्ग है…जो धरासू और कुठनोरी से यमुनोत्री धाम को जोड़ता है। इस मार्ग पर अक्सर भूस्खलन के कारण यातायात बाधित होता रहा है….जिससे यात्रियों को परेशानी होती है।

इन कार्यों के पूरा होने के बाद इस मार्ग की स्थिरता बढ़ेगी और चारधाम यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगी। साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग-09 पर प्रस्तावित कार्यों से सीमांत क्षेत्रों तक बेहतर संपर्क स्थापित होगा….जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिलने के साथ-साथ सामरिक दृष्टि से भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उत्तराखंड में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं और यह फैसला उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।

सीएम धामी की हरिद्वार को लेकर बड़ी मांग, नए प्लान के साथ केंद्रीय मंत्री से मुलाकात

Pushkar Singh Dhami | Haridwar Kumbh 2027 | Ganga Corridor | RRTS Haridwar | Dehradun Metro Project : मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री Manohar Lal Khattar से मुलाकात कर कुंभ मेला 2027 की तैयारियों को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे।

Pushkar Singh Dhami ने हरिद्वार में गंगा कॉरिडोर क्षेत्र के विकास के लिए बिजली लाइनों के भूमिगतकरण और सिस्टम को आधुनिक बनाने हेतु पहले चरण में 325 करोड़ और दूसरे चरण में करीब 425 करोड़ मंजूर करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने बैठक में हरिद्वार के समग्र विकास को लेकर कई अहम मांगें भी रखीं। इनमें गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण, आवासीय सुविधाओं को मजबूत करने और शहरी ढांचे के विस्तार के लिए केंद्र से सहयोग मांगा गया।

इसके साथ ही उन्होंने रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) को मेरठ के मोदीपुरम से आगे हरिद्वार तक बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा…जिससे कनेक्टिविटी बेहतर हो सके।

Pushkar Singh Dhami ने देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश को जोड़ने वाले मेट्रो कॉरिडोर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की भी मांग की। उनका कहना है कि इससे धार्मिक पर्यटन और स्थानीय आवागमन दोनों को बड़ा फायदा मिलेगा।

बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख दिखाया। मुख्यमंत्री ने सहयोग के आश्वासन के लिए उनका आभार जताया।

इस मौके पर सीएम धामी ने उत्तराखंड की पहचान से जुड़े उत्पाद बद्री गाय का घी केंद्रीय मंत्री को भेंट किया।

तैयार हो जाइए! उत्तराखंड में जनगणना के दौरान पूछे जाएंगे ये 33 सवाल

Uttarakhand Census 2027 | Dehradun census update | self enumeration India | census portal India | population survey Uttarakhand : उत्तराखंड में प्रस्तावित जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पहले चरण में 25 अप्रैल से 25 मई के बीच राज्यभर में भवनों की सूची (हाउस लिस्टिंग) तैयार की जाएगी। इस बार प्रक्रिया को और आसान और डिजिटल बनाने के लिए सरकार ने स्वगणना (Self Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया है।

बताया गया है कि 10 अप्रैल से ऑनलाइन पोर्टल शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद आम लोग वेबसाइट पर जाकर खुद अपने मकान और परिवार से जुड़ी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।

खुद भी भर सकेंगे जनगणना फॉर्म

नई व्यवस्था के तहत अब नागरिकों को सिर्फ सरकारी कर्मियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वे पोर्टल पर जाकर “स्वगणना” विकल्प चुनकर अपनी जानकारी खुद अपलोड कर सकेंगे। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी आने की उम्मीद है।

जनगणना में पूछे जाएंगे 33 अहम सवाल

जनगणना के दौरान नागरिकों से कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे…जिनमें मकान, सुविधाओं और परिवार से जुड़ी विस्तृत जानकारी शामिल होगी।

प्रमुख सवाल इस प्रकार हैं:
मकान नंबर और जनगणना नंबर
मकान की दीवार, छत और फर्श की सामग्री
मकान का उपयोग और उसकी स्थिति
परिवार के सदस्यों की संख्या और विवरण
परिवार के मुखिया का नाम, लिंग और वर्ग (SC/ST/Others)
मकान का स्वामित्व और कमरों की संख्या
विवाहित दंपत्तियों की संख्या
पेयजल और बिजली का स्रोत
शौचालय और स्नानगृह की उपलब्धता
रसोईघर और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन
खाना पकाने का ईंधन
इंटरनेट, मोबाइल, कंप्यूटर जैसी सुविधाएं
वाहन जैसे साइकिल, बाइक, कार आदि
परिवार द्वारा उपयोग किया जाने वाला मुख्य अनाज
मुखिया का मोबाइल नंबर (केवल जनगणना उपयोग के लिए)
डिजिटल जनगणना से बदलेगी प्रक्रिया

इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक तकनीक आधारित होगी। इससे डेटा संग्रहण में तेजी आएगी और त्रुटियों की संभावना भी कम होगी। सरकार का मानना है कि स्वगणना की सुविधा से ज्यादा से ज्यादा लोग खुद अपनी जानकारी दर्ज करेंगे…जिससे जनगणना अधिक सटीक और प्रभावी बन सकेगी।

लालकुआं में अचानक दौड़ा ट्रेन का कोच, 150 मीटर बाद पटरी से उतरा

alkuan Railway Accident | Train Coach Derailed Uttarakhand | Indian Railways News | Railway Pit Line Incident | Lalkuan Junction News : लालकुआं से बड़ी खबर सामने आई है जहां रेलवे स्टेशन की पिट लाइन में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। मरम्मत कार्य के दौरान रेलगाड़ी का जनरेटर और गार्ड कोच अचानक बिना इंजन के ही ढलान की ओर चल पड़ा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह करीब 8:30 बजे कोच धीरे-धीरे खिसकने लगा…जिसे देखकर मौके पर मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों ने कोच को रोकने के लिए पीछे दौड़ लगाई और व्हील चाक लगाने की कोशिश भी की…लेकिन कोच नहीं रुका।

करीब 150 मीटर तक ढलान में लुढ़कने के बाद कोच टर्नआउट के पास पटरी से उतर गया। घटना के बाद रेलवे परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही रेल कर्मचारी मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद कोच को दोबारा पटरी पर चढ़ाने का काम शुरू किया गया।

भारतीय रेलवे के अधिकारियों के अनुसार स्थिति अब नियंत्रण में है और कोच को दुरुस्त कर लिया गया है। स्टेशन अधीक्षक पुष्कर राणा ने कहा कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

नैनीताल में गैस संकट के बीच नई व्यवस्था लागू, अब पहले बुकिंग पर ही मिलेगा सिलिंडर

Nainital gas shortage | Indane cylinder backlog | Haldwani gas crisis | LPG delivery rule | Uttarakhand news : नैनीताल जिले में रसोई गैस की भारी किल्लत के बीच प्रशासन ने इंडेन गैस वितरण को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब डिलीवरी वाहनों में जितने गैस सिलिंडर होंगे…उतनी ही नाम वाली पर्चियां भी साथ भेजी जाएंगी। इसका सीधा मतलब है कि जिस उपभोक्ता ने पहले बुकिंग कराई है उसी को प्राथमिकता के आधार पर सिलिंडर मिलेगा।

जिले में करीब 3.50 लाख उपभोक्ता हैं, जिन्हें 16 से अधिक एजेंसियों के जरिए गैस उपलब्ध कराई जाती है। बावजूद इसके मौजूदा समय में गैस का बैकलॉग लगभग 25 हजार तक पहुंच गया है। अकेले हल्द्वानी के सरस मार्केट स्थित इंडेन एजेंसी में ही एक दिन का बैकलॉग करीब 7 हजार बताया जा रहा है।

10–20 दिन बाद भी नहीं मिल रहा सिलिंडर, लोगों में नाराज़गी

गैस उपभोक्ताओं को 10 से 20 दिन तक इंतजार करने के बावजूद सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। हल्द्वानी और आसपास के इलाकों में लोग एजेंसियों और सड़कों पर गैस गाड़ियों का इंतजार करते नजर आए। नीलियम कॉलोनी समेत कई इलाकों में लोग घंटों इंतजार करते रहे, लेकिन गैस नहीं पहुंची। उपभोक्ताओं का आरोप है कि होम डिलीवरी से जुड़े ठेकेदार के कर्मचारी मनमाने तरीके से सिलिंडर वितरण कर रहे हैं।

तत्काल बुकिंग से बढ़ रहा बैकलॉग

स्थिति को और बिगाड़ने वाली एक बड़ी वजह यह भी सामने आई है कि लोग सिलिंडर मिलते ही तुरंत अगली बुकिंग करा दे रहे हैं। इससे बैकलॉग कम होने के बजाय लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रशासन ने इस पर सख्ती दिखाते हुए एजेंसियों को फर्स्ट इन–फर्स्ट आउट (FIFO) नियम के तहत ही वितरण करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन का दावा—सख्ती से लागू होंगे नए नियम

एडीएम नैनीताल विवेक राय ने कहा कि अब एजेंसियों को सख्ती से निर्देश दिए गए हैं कि बिना पर्ची के कोई सिलिंडर नहीं दिया जाएगा। नई व्यवस्था से पारदर्शिता आएगी और मनमानी पर रोक लगेगी।

वहीं जिला पूर्ति अधिकारी मनोज वर्मा ने कहा कि अवकाश के बावजूद इंडेन, भारत और एचपी कंपनियों के सिलिंडर वितरित किए गए। हाल ही में एक दिन में 7680 घरेलू, 270 कॉमर्शियल और 78 छोटे (5 किलो) सिलिंडरों की आपूर्ति की गई।

प्रदर्शन के बाद भी नहीं पहुंची गैस

हल्द्वानी के बिठौरिया स्थित देवकी विहार कॉलोनी में लोगों को 20 दिन बाद भी गैस नहीं मिली। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया…लेकिन समस्या जस की तस. बनी हुई है। अब क्षेत्र के लोग बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे।

आज इन क्षेत्रों में होगी गैस वितरण

प्रशासन के अनुसार आज भगवानपुर, सरस्वती विहार, राधा विहार, कठघरिया, हिम्मतपुर मल्ला-तल्ला, अंबेडकरनगर, पनियाली, जीतपुर नेगी, लामाचौड़, हल्दूचौड़, काठगोदाम, हैड़ाखान, आवास विकास, रानीबाग, रामपुर रोड, नवाबी रोड और नैनीताल रोड समेत कई इलाकों में गैस वितरण किया जाएगा।

नैनीताल जाने वालों के लिए जरूरी खबर: बदल गया पूरा रूट, देखें नया ट्रैफिक प्लान

Haldwani Traffic Update | Weekend Traffic Plan | Nainital Police Advisory | Heavy Vehicle Ban | Route Diversion : वीकेंड पर बढ़ने वाली पर्यटकों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। जिले में आज और कल दो दिन भारी वाहनों के प्रवेश पर विशेष प्रतिबंध लागू रहेगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह 8 बजे से ही जिले की सीमाओं में भारी वाहनों की एंट्री रोक दी जाएगी। वहीं सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक यात्रा रूट पर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। रात 10 बजे के बाद ही इन वाहनों को पर्वतीय क्षेत्रों की ओर भेजा जाएगा।

नैनीताल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर से पहाड़ की ओर जाने वाले भारी वाहनों को एचएमटी क्षेत्र और पुलिस चौकी सलड़ी के पास अमृतपुर मोड़ व मैगी प्वाइंट के भीतर पार्क कराया जाएगा। वहीं मैदानी इलाकों से आने वाले भारी वाहनों को गौलापार क्षेत्र में पुराने आरटीओ फिटनेस सेंटर डिवाइडर के पीछे और खेड़ा चौकी से पहले ही रोक दिया जाएगा।

Route Diversion Update | मंगोली रूट से भेजे जाएंगे वाहन
बरेली रोड से आने वाले पर्यटकों को तीनपानी फ्लाईओवर से गौलापार रोड होते हुए नारीमन तिराहा काठगोदाम के रास्ते गंतव्य तक भेजा जाएगा। रामनगर और बाजपुर की ओर से आने वाले वाहन कालाढूंगी-नैनीताल तिराहे से डायवर्ट होकर मंगोली रूट से गुजरेंगे।

इसके अलावा आवश्यक सेवाओं को छोड़कर एलपीजी, सब्जी, ईंधन और दुग्ध वाहनों की आवाजाही भी दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक प्रतिबंधित रहेगी।

Special Traffic Plan | 5 अप्रैल के लिए खास व्यवस्था
5 अप्रैल को शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक भवाली मस्जिद तिराहा और नैनीताल से मैदानी क्षेत्रों की ओर जाने वाले पर्यटक वाहनों को नंबर-1 बैंड और रूसी बाईपास द्वितीय से डायवर्ट किया जाएगा। इन वाहनों को रूसी बाईपास प्रथम होते हुए मंगोली और फिर कालाढूंगी मार्ग से भेजा जाएगा।

प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे निर्धारित रूट प्लान का पालन करें और ट्रैफिक नियमों का सहयोग करें…ताकि वीकेंड के दौरान जाम की स्थिति से बचा जा सके।

उत्तराखंड के कई जिलों में अलर्ट घोषित, आपदा प्रबंधन भी रहेगी तैयार !

Uttarakhand News: Weather: Alert: मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जो झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।

मौसम अलर्ट को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र देहरादून ने संबंधित जिलों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग गतिविधियों को खराब मौसम के दौरान नियंत्रित रखने, संवेदनशील इलाकों में आवाजाही सीमित करने और हर स्तर पर सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा आपदा प्रबंधन की आईआरएस प्रणाली के तहत सभी अधिकारी और विभागीय नोडल अधिकारी हाई अलर्ट पर रहेंगे। मोटर मार्ग बाधित होने पर तत्काल बहाली, गांव स्तर के अधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति और पुलिस चौकियों में आपदा उपकरणों के साथ वायरलेस सिस्टम को भी अलर्ट रखने को कहा गया है।


आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने आम जनता से अपील की है कि मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें, सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।