हल्द्वानी: अन्नपूर्णा कॉलोनी की सड़क सुधरने लगी, वार्ड 43 के लोगों को मिलेगी राहत

Haldwani News | Road Reconstruction | Chhadyal : शहर के छड़ायल क्षेत्र की अन्नपूर्णा कॉलोनी में सड़क के पुनर्निर्माण का काम शुरू हो गया है। वार्ड संख्या 43 में एडीबी की सहायता से संचालित यूयूएसडीए हल्द्वानी परियोजना के तहत करीब 400 मीटर लंबी सड़क पर बीएम यानी बिटुमिनस मैकाडम बिछाया जा रहा है। काम आज पूरा होने की संभावना जताई गई है।

यह सड़क क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसके जरिए गैस गोदाम रोड और आरटीओ रोड आपस में जुड़ते हैं। ऐसे में इस सड़क के ठीक होने से रोजाना यहां से आने-जाने वाले लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।

अन्नपूर्णा कॉलोनी की यह सड़क स्थानीय आवागमन के लिहाज से अहम है। सड़क के पुनर्निर्माण से आवाजाही पहले के मुकाबले आसान होने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र के निवासियों को सड़क से जुड़ी परेशानियों से राहत मिल सकती है।

वार्ड संख्या 43 में सड़क का काम पूरा होने के बाद हजारों लोगों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है। स्थानीय संपर्क मार्ग बेहतर होने से लोगों को आने-जाने में सुविधा मिलेगी और आसपास के इलाकों तक पहुंच आसान हो सकेगी।

22 साल साथ रहे, अब क्यों लगे आरोप? रेखा आर्या-गिरधारी साहू विवाद पर बोले सीएम धामी

Uttarakhand Politics | Rekha Arya Controversy | CM Pushkar Singh Dhami : उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहे विवाद पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मामले को संवेदनशील बताते हुए कहा कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कानून की नजर में जो दोषी साबित होगा…उसी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

गुरुवार 22 अक्टूबर को देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से इस विवाद को लेकर सवाल किए। इस पर सीएम धामी ने कहा कि केवल आरोप लगने से किसी को दोषी नहीं माना जा सकता। मामले की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में यह भी समझना जरूरी है कि आरोप किन परिस्थितियों में लगाए गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब दोनों करीब 22 साल तक साथ रहे….तो इतने लंबे समय तक आरोप सामने क्यों नहीं आए और अब इन्हें उठाने की वजह क्या है?

सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को केवल आरोपों या राजनीतिक बयानबाजी के आधार पर दोषी ठहराना सही नहीं है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।

इस विवाद से जुड़े कथित ऑडियो को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसी बातचीत में किसी व्यक्ति का नाम आने भर से यह साबित नहीं हो जाता कि वह मामले में शामिल है। ऑडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों की जांच जरूरी है।

उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक सुरेश राठौर से जुड़े कथित ऑडियो को लेकर पूछे गए सवालों पर भी सीएम ने जांच की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में सभी तथ्यों को परखना जरूरी है…ताकि किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो और दोषी कानून से बच न सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और सच्चाई सामने आनी चाहिए। बिना सबूत किसी को दोषी मानना उचित नहीं है।

दरअसल कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने हाल ही में देहरादून के कैंट थाने में अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने घरेलू हिंसा और मारपीट समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

इसके बाद गिरधारी लाल साहू ने भी एक वीडियो जारी कर रेखा आर्या पर करीब 200 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। ये आरोप गिरधारी लाल साहू की ओर से लगाए गए हैं….जिनकी सत्यता जांच और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगी।

फिलहाल इस विवाद में दोनों पक्षों की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि मामले में अंतिम निष्कर्ष आरोपों के आधार पर नहीं….बल्कि जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।

कांग्रेस की न्याय यात्रा का जवाब देगी BJP, CM धामी ने किया बड़ा ऐलान

BJP Uttarakhand | CM Pushkar Singh Dhami | Loktantra Bachao Yatra : उत्तराखंड में कांग्रेस की न्याय यात्रा के बीच भाजपा ने भी अपनी यात्रा का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार, 22 अक्टूबर को देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता कर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय तक देश की सत्ता में रही….लेकिन अब चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठा रही है।

सीएम धामी ने कहा कि कांग्रेस को चुनाव में जीत मिलती है तो उसका नजरिया अलग होता है….लेकिन हार मिलने पर वही पार्टी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने लगती है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले अपने रवैये पर भी विचार करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की न्याय यात्रा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल यात्राएं निकालने और नारे लगाने से जनता का विश्वास हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना और उनके हितों में काम करना जरूरी है।

धामी ने कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को जनता के सामने अपनी नीतियों और कामकाज को लेकर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

कांग्रेस की न्याय यात्रा के बीच भाजपा ने अब ‘लोकतंत्र बचाओ यात्रा’ के जरिए जवाब देने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि पार्टी इस अभियान के तहत प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में पदयात्राएं निकालेगी। इन कार्यक्रमों के जरिए भाजपा जनता के बीच अपना पक्ष रखेगी और कांग्रेस के आरोपों का जवाब देगी।

मुख्यमंत्री ने यात्रा का कार्यक्रम बताते हुए कहा कि 31 अक्टूबर को श्रीनगर और 2 नवंबर को देहरादून में पदयात्रा निकाली जाएगी। ऊधम सिंह नगर में भी यात्रा आयोजित की जाएगी….हालांकि वहां की तारीख और विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। कांग्रेस अपनी न्याय यात्रा के जरिए जनता तक पहुंचने की कोशिश कर रही है वहीं भाजपा ने इसके जवाब में लोकतंत्र बचाओ यात्रा का ऐलान किया है।

बारात लेकर 8 किमी पैदल चली उत्तराखंड की दुल्हन, सीएम धामी से लगाई गुहार

Uttarakhand News | Chakrata News : Bride Walks 8Km : CM Dhami : उत्तराखंड के जौनसार-बावर क्षेत्र में एक शादी इन दिनों खास वजह से चर्चा में है। यहां बुल्हाड़ गांव की रहने वाली शर्मिला को शादी के बाद अपने ससुराल उदावा गांव पहुंचने के लिए करीब 8 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। यह सफर तय करने में उन्हें लगभग ढाई घंटे लगे। वजह थी उदावा गांव तक सड़क का न होना।

शर्मिला की शादी उदावा गांव के अनिल के साथ हुई है। जौनसार-बावर की पारंपरिक जोजोड़ा’ विवाह परंपरा में दुल्हन बारात लेकर दूल्हे के घर जाती है। इसी रस्म को निभाते हुए शर्मिला अपने परिजनों और ग्रामीणों के साथ पैदल ससुराल पहुंचीं।

शादी के मौके पर जहां आमतौर पर लोग वाहनों से दूल्हा-दुल्हन को घर तक पहुंचाते हैं वहीं उदावा गांव में सड़क संपर्क नहीं होने के कारण शर्मिला और उनके साथ आए लोगों को पैदल रास्ता तय करना पड़ा। करीब 8 किलोमीटर के इस सफर में लगभग ढाई घंटे लगे।

यह घटना एक बार फिर पहाड़ी गांवों में सड़क जैसी बुनियादी सुविधा की जरूरत को सामने लाती है। सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को केवल शादी-विवाह ही नहीं….बल्कि रोजमर्रा के कामों और जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में भी परेशानी होती है।

शर्मिला ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उदावा गांव तक मोटर मार्ग बनवाने की मांग की है। उनका कहना है कि गांव तक सड़क पहुंचने से स्थानीय लोगों को आने-जाने में राहत मिलेगी और जरूरी कामों के लिए होने वाली दिक्कतें भी कम होंगी।

ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क बेहतर होने से लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और दूसरी जरूरी सुविधाओं तक पहुंचने में मदद मिलती है। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि उदावा गांव तक सड़क पहुंचाने की मांग पर संबंधित विभाग ध्यान देगा।

जौनसार-बावर अपनी अलग संस्कृति और परंपराओं के लिए जाना जाता है। जोजोड़ा भी इसी क्षेत्र की पारंपरिक विवाह रस्मों में शामिल है। लेकिन शर्मिला की शादी के दौरान सामने आई परेशानी ने यह सवाल भी उठाया है कि दूरस्थ गांवों तक सड़क जैसी जरूरी सुविधाएं कब पहुंचेंगी।

फिलहाल शर्मिला ने मुख्यमंत्री से सड़क निर्माण की गुहार लगाई है। अब देखना होगा कि उनकी मांग पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

उत्तराखंड में देश का पहला धार्मिक सिलेबस तैयार! राष्ट्रवाद और संस्कृति भी शामिल

Uttarakhand Education | Minority Education | Religious Syllabus : उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण ने धार्मिक शिक्षा के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार किया है। इसमें धर्म और धार्मिक मान्यताओं के साथ भारतीय इतिहास, संस्कृति, राष्ट्रवाद तथा स्वतंत्रता सेनानियों से जुड़े विषय भी शामिल किए गए हैं। फिलहाल इस प्रारूप को शिक्षा विभाग की मंजूरी मिलने का इंतजार है।

प्राधिकरण की ओर से कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम पहले तैयार किया गया था। अब कक्षा 9 से 12 तक के लिए भी पाठ्यक्रम का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। इसे मंजूरी के लिए शिक्षा विभाग के पास भेजा जाना है।

प्रस्तावित पाठ्यक्रम में धार्मिक विषयों के अलावा भारत की ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति और देश की आजादी में योगदान देने वाली प्रमुख हस्तियों को भी शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य धार्मिक शिक्षा के दायरे में इन विषयों की जानकारी देना है।

पाठ्यक्रम को मंजूरी मिलने के बाद इसके संचालन से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। फिलहाल इसे लागू किए जाने की अंतिम तारीख स्पष्ट नहीं है।

प्राधिकरण की ओर से पाठ्यक्रम के आधार पर परीक्षा आयोजित करने और विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र देने की व्यवस्था प्रस्तावित है। हालांकि इन प्रमाणपत्रों की मान्यता किन संस्थानों में होगी और उनसे जुड़ी शर्तें क्या होंगी….इस बारे में अभी आधिकारिक जानकारी स्पष्ट नहीं है।

धार्मिक शिक्षा को वैकल्पिक रखने की बात भी कही गई है। यानी विद्यार्थी अपनी इच्छा से इसका चयन कर सकेंगे। नियमित पढ़ाई के साथ इसे किस तरह संचालित किया जाएगा….इसकी जानकारी मंजूरी और क्रियान्वयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट हो सकेगी।

उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रो. सुरजीत सिंह गांधी ने बताया कि पाठ्यक्रम का प्रारूप तैयार है और अब शिक्षा विभाग की मंजूरी की प्रतीक्षा है।

प्राधिकरण का दावा है कि इस तरह का धार्मिक शिक्षा पाठ्यक्रम तैयार करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन सकता है। हालांकि इसे देश का पहला पाठ्यक्रम बताने के दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

बदरीनाथ से कांग्रेस का शंखनाद, उत्तराखंड न्याय यात्रा शुरू

Congress Nyay Yatra | Uttarakhand Politics | Ganesh Godiyal : उत्तराखंड में कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ अपने अभियान को आगे बढ़ाते हुए बदरीनाथ धाम से उत्तराखंड न्याय यात्रा की शुरुआत की है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में शुरू हुए इस अभियान के जरिए पार्टी भ्रष्टाचार, अपराध और जनता से जुड़े दूसरे मुद्दों को उठाने की तैयारी कर रही है।

यात्रा के शुभारंभ पर बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला, प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला और अन्य पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार, दुराचार और अन्याय से जुड़े मामलों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के अधिकारों और उत्तराखंड की अस्मिता से जुड़े विषयों को लोगों के बीच ले जाएगी।

यह कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का राजनीतिक बयान है। सरकार की नीतियों और कामकाज को लेकर पार्टी का नजरिया आने वाले कार्यक्रमों में भी सामने आ सकता है।

बदरीनाथ धाम से शुरू हुई यात्रा जोशीमठ और पीपलकोटी होते हुए चमोली पहुंचेगी। इसके बाद नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग और गौचर से गुजरते हुए रुद्रप्रयाग में कार्यक्रम होंगे।

24 अक्टूबर को चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के सतपुली, यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र और कोटद्वार में यात्रा निकालने का कार्यक्रम है। 25 अक्टूबर को लैंसडाउन क्षेत्र के बीरोंखाल में भी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

कुमाऊं क्षेत्र में यात्रा की शुरुआत अल्मोड़ा के गोल्ज्यू मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ की जानी है। इस दल में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पश्चिम बंगाल प्रभारी प्रकाश जोशी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी और विधायक तिलकराज बेहड़ के नेतृत्व की जानकारी दी गई है।

कुमाऊं का प्रस्तावित रूट रानीखेत, खैरना, भवाली, भीमताल, हल्द्वानी, लालकुआं, किच्छा, सितारगंज, नानकमत्ता, खटीमा, रुद्रपुर, बाजपुर और काशीपुर से होकर गुजरेगा। कांग्रेस ने 25 अक्टूबर को हल्द्वानी में प्रेस वार्ता का कार्यक्रम भी बताया है।

26 अक्टूबर को गैरसैंण में विधानसभा घेराव की तैयारियों को लेकर बैठक प्रस्तावित है।

सीएम धामी की पहल, अब AI से जुड़ेंगी उत्तराखंड की लोकभाषाएं

Bhasha AI | Garhwali Kumaoni | Uttarakhand Languages : उत्तराखंड की क्षेत्रीय भाषाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए ‘भाषा AI’ पोर्टल शुरू किया गया है। इस पहल के तहत गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी भाषाओं की आवाजों के नमूने एकत्र किए जाएंगे….ताकि इन भाषाओं से जुड़ा डिजिटल डेटा तैयार किया जा सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस वॉइस कलेक्शन पोर्टल का शुभारंभ किया। अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री की कुमाऊंनी भाषा में रिकॉर्ड की गई आवाज के नमूने से हुई।

उत्तराखंड में अलग-अलग क्षेत्रों में बोली जाने वाली भाषाओं और बोलियों की अपनी विशेषताएं हैं। शब्दों के उच्चारण और बोलने के तरीके में भी क्षेत्र के हिसाब से अंतर हो सकता है। ऐसे में अलग-अलग वक्ताओं की आवाजों को एकत्र करना भाषाई विविधता को डिजिटल रूप में दर्ज करने की दिशा में उपयोगी कदम है।

पोर्टल के जरिए एकत्र की जाने वाली आवाजों का इस्तेमाल भविष्य में ऐसी तकनीक विकसित करने में मदद कर सकता है…जो स्थानीय भाषाओं को बेहतर ढंग से समझ सके और उनसे जुड़े डिजिटल समाधान तैयार कर सके।

इस पहल से जुड़े लोगों में पद्मश्री लोकगायक प्रीतम भरतवाण और AiSE Foundation के संस्थापक सचिदानंद सेमवाल का नाम भी सामने आया है। अभियान का उद्देश्य स्थानीय भाषाओं को तकनीक के माध्यम से आगे बढ़ाने के प्रयासों को प्रोत्साहित करना है।

गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी जैसी भाषाओं का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से भविष्य में इनके उपयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं। हालांकि पोर्टल पर कितने वॉइस सैंपल एकत्र किए जाएंगे और इससे जुड़े तकनीकी उत्पाद कब उपलब्ध होंगे….इसकी विस्तृत समयसीमा उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई है।

उत्तराखंड में बदली जाएंगी पुरानी 108 एंबुलेंस, सरकार ने शुरू की तैयारी

108 Ambulance | Uttarakhand Health | Emergency Services : उत्तराखंड में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए ज्यादा चल चुकी एंबुलेंस को बदलने की तैयारी की जा रही है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने तीन लाख किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर चुकी करीब 50 एंबुलेंस को बदलने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं।

एंबुलेंस मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। ऐसे में वाहनों की स्थिति, उनमें उपलब्ध चिकित्सा उपकरण और आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों पर नियमित नजर रखना जरूरी है।

प्रदेश में 108 आपातकालीन सेवा के तहत 272 एंबुलेंस संचालित हैं। इसके अलावा सरकारी व्यवस्था में 250 से अधिक अन्य एंबुलेंस भी उपलब्ध हैं। सेवा की निगरानी मजबूत करने के लिए एक विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य सचिव ने एंबुलेंस में मौजूद जीवनरक्षक उपकरणों की हर महीने जांच करने पर भी जोर दिया है। इससे उपकरणों की स्थिति का पता लगाने और खराबी मिलने पर समय रहते जरूरी कदम उठाने में मदद मिल सकती है।

एंबुलेंस सेवा की निगरानी के लिए ऐप का इस्तेमाल करने की योजना भी बताई गई है। इसका उद्देश्य वाहनों और सेवा से जुड़ी व्यवस्थाओं पर बेहतर निगरानी रखना है।

पुरानी एंबुलेंस को बदलने, चिकित्सा उपकरणों की नियमित जांच और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने से आपातकालीन सेवा की तैयारियों में सुधार लाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि संबंधित एंबुलेंस को बदलने की समयसीमा और नई गाड़ियों की तैनाती का विस्तृत कार्यक्रम उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है।

पिथौरागढ़ की महिला बुनकरों का हुनर, ऊनी कालीनों पर बनाई PM मोदी और CM धामी की तस्वीर

Pithoragarh News | Women Weavers | Uttarakhand Handicrafts : उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में महिला बुनकर पारंपरिक ऊनी उत्पादों के जरिए अपनी कला को नई पहचान दे रही हैं। यहां तैयार किए जा रहे कालीनों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और अशोक स्तंभ की आकृतियां उकेरी गई हैं। इन कालीनों में सत्यमेव जयते को भी जगह दी गई है।

पारंपरिक बुनाई के साथ नए विषयों को जोड़ने की यह कोशिश स्थानीय हस्तशिल्प की खासियत को सामने लाती है। ऊन से तैयार किए जाने वाले इन उत्पादों में बुनकरों का हुनर और उनकी मेहनत दिखाई देती है। कालीनों पर राष्ट्रीय प्रतीकों और प्रमुख व्यक्तित्वों की आकृतियां बनाने से इनकी प्रस्तुति भी अलग नजर आती है।

उत्तराखंड के कई पहाड़ी इलाकों में ऊन से कपड़े, कालीन और दूसरे उपयोगी उत्पाद तैयार करने की परंपरा रही है। ऐसे उत्पाद स्थानीय कारीगरों की आजीविका से भी जुड़े हैं। महिला बुनकर पारंपरिक कला को आगे बढ़ाते हुए नए डिजाइन और विषयों को अपना रही हैं।

एक जिला एक उत्पाद (ODOP) के तहत स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने पर भी जोर दिया जाता है। ऊनी उत्पादों से जुड़ा यह काम क्षेत्र की पारंपरिक कला और स्थानीय संसाधनों की उपयोगिता को सामने लाता है।

महिला बुनकरों के बनाए इन कालीनों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने और उनके हुनर को उचित पहचान दिलाने के लिए प्रचार-प्रसार और बिक्री के अवसर महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

उत्तराखंड में जीत की हैट्रिक के लिए भाजपा की तैयारी, कालाढूंगी में सुरेश भट्ट ने किया संवाद

BJP | Kaladhungi | Uttarakhand Election 2027 : उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी तैयारियां तेज करने की दिशा में संवाद शुरू कर दिया है। कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र के लामाचौड़ खास और पूरनपुर कुमटिया में पार्टी नेताओं ने वरिष्ठजनों, स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति और संगठन की मजबूती पर चर्चा की।

इन कार्यक्रमों में राज्य स्तरीय राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवं अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष सुरेश भट्ट शामिल हुए। उन्होंने कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के लोगों से संवाद करते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने और राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य पर चर्चा की।

जिला कार्यकारिणी सदस्य भुवन पांडे के आवास पर हुई मुलाकात में कार्यकर्ताओं से जनसंपर्क बढ़ाने और केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। बैठक में कहा गया कि चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करना और जनता के बीच सक्रिय रहना जरूरी है।

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे विकास कार्यों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं पर भी चर्चा हुई। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र से जुड़े मुद्दे रखे और संगठन को मजबूत बनाने को लेकर अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम में पूर्व प्रधान भगवती बिष्ट, प्रधान प्रतिनिधि जसविंदर जस्सा, क्षेत्र पंचायत सदस्य नीरज चौरसिया, भुवेंद्र जोशी, उर्बादत्त पांडे, शिवदत्त पांडे, कमलेश पांडे, दिनेश कबड़वाल, महेश जोशी, दयाकिशन पांडे और दिनेश पांडे समेत कई गणमान्यजन और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।