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Baisakhi | PushkarSinghDhami | SikhDelegation | HemkundSahib | NarendraModi | Uttarakhand | Dehradun | Development : बैसाखी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami से सिख समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की और उन्हें सरोपा भेंट कर सम्मानित किया। प्रतिनिधिमंडल में हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा समेत कई प्रमुख लोग शामिल रहे।
इस दौरान सिख समाज ने केंद्र और राज्य सरकार के फैसलों की सराहना करते हुए हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना को ऐतिहासिक बताया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि करीब 1700 करोड़ रुपये की इस परियोजना से श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी और यात्रा आसान व सुरक्षित बनेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने सभी को बैसाखी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व एकता, समृद्धि और संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सिख समाज ने हमेशा देश निर्माण में अहम योगदान दिया है और उनकी सेवा भावना प्रेरणादायक रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में सिख समुदाय के सम्मान में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं…जिनमें “वीर बाल दिवस” और गुरु तेग बहादुर के बलिदान दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देना शामिल है।
उन्होंने कहा कि “तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक” बनाने के संकल्प को तेजी से जमीन पर उतारा जा रहा है। राज्य में सड़क, रेल, पर्यटन और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को उत्तराखंड के विकास का नया द्वार बताते हुए कहा कि इससे यात्रा समय घटेगा…पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना को आस्था और आधुनिकता का संगम बताते हुए कहा कि इससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा…साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सिख श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यात्रा मार्ग पर लगातार बेहतर व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। अंत में उन्होंने सभी को बैसाखी की शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
NarendraModi | DelhiDehradunCorridor | UttarakhandTourism | Employment | GreenCorridor | Infrastructure | CharDham | Corbett : प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लोकार्पण के साथ ही उत्तराखंड में रोजगार और पर्यटन के नए युग की शुरुआत हो गई है। इस कॉरिडोर के चालू होने से अब दिल्ली से देहरादून का सफर महज ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
यह कॉरिडोर राज्य के लिए “ग्रीन कॉरिडोर” के रूप में उभर रहा है…जो न सिर्फ यातायात को सुगम बनाएगा बल्कि अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देगा। बेहतर कनेक्टिविटी से चारधाम यात्रा, मसूरी, टिहरी, और प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ-साथ Jim Corbett National Park और Rajaji National Park में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
कॉरिडोर के जरिए पहाड़ और मैदान के बीच की दूरी कम होगी, जिससे किसानों, उद्यमियों और स्थानीय उत्पादकों को सीधे बड़े बाजारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। हर्षिल के सेब, जोशीमठ और चकराता की राजमा, पुरोला के लाल चावल और रुद्रप्रयाग के बुरांश जैसे उत्पाद अब तेजी से बड़े शहरों तक पहुंच सकेंगे। इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने के साथ उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी।
इस परियोजना से राज्य में कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउसिंग, फूड प्रोसेसिंग और एग्री-लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके चलते स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पलायन की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
पर्यटन क्षेत्र को भी इस कॉरिडोर से बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क के कारण देश-विदेश के पर्यटक अब आसानी से उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच सकेंगे…जिससे होटल उद्योग, स्थानीय व्यापार और हस्तशिल्प को नई गति मिलेगी।
NitinGadkari | RoadTransport | HighwayProjects | UttarakhandDevelopment | Dehradun | Infrastructure | CharDhamProject :केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने उत्तराखंड में चल रही विकास परियोजनाओं का विस्तृत खाका पेश करते हुए कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर राज्य के विकास को नई रफ्तार देगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में करीब 1.30 लाख करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर काम चल रहा है। गडकरी ने कहा कि सहारनपुर बाईपास से हरिद्वार तक 51 किमी छह लेन सड़क का उद्घाटन जून में किया जाएगा। वहीं 1650 करोड़ रुपये की लागत से पांवटा साहिब से देहरादून फोरलेन मार्ग अगले महीने तक शुरू होने की उम्मीद है।
उन्होंने जानकारी दी कि हरिद्वार में 1600 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा ग्रीन फील्ड बाईपास अक्टूबर 2026 तक पूरा होगा…जिससे हरिद्वार और ऋषिकेश में ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। साथ ही 1100 करोड़ रुपये की लागत से ऋषिकेश बाईपास परियोजना को भी मंजूरी मिल चुकी है…जिस पर जल्द काम शुरू होगा।
गडकरी ने कहा कि रुद्रपुर और काशीपुर में भी फोरलेन बाईपास परियोजनाएं तय समय में पूरी की जाएंगी। देहरादून-झाझरा-आशारोड़ी एलिवेटेड रोड और भानियावाला से ऋषिकेश तक फोरलेन मार्ग भी चरणबद्ध तरीके से पूरे किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि टनकपुर से पिथौरागढ़ होते हुए लिपुलेख तक सड़क निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है…जिससे मानसरोवर यात्रा अब भारत से ही संभव हो सकेगी। इसके अलावा 12 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली चारधाम सड़क परियोजना का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे परियोजनाओं पर भी काम कर रही है। उत्तराखंड में कई स्थानों पर टनल निर्माण कार्य भी तेजी से जारी है…जिससे आवागमन और अधिक सुगम होगा।
NarendraModi | PushkarSinghDhami | Dehradun | DelhiDehradunCorridor | UttarakhandDevelopment | ViksitBharat | Infrastructure | Tourism : मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के उत्तराखंड दौरे को राज्य के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का हर दौरा प्रदेश में नई ऊर्जा और विकास की नई सौगात लेकर आता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार उत्तराखंड को करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बने एशिया के सबसे लंबे एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर की बड़ी सौगात मिली है। साथ ही दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से राज्य की विकास यात्रा को नई गति मिलेगी।
उन्होंने बाबा साहेब B. R. Ambedkar की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने समाज के वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने बीते वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति की है। 2014 के बाद भारत ने इंफ्रास्ट्रक्चर, अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में नई ऊंचाइयां हासिल की हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड को 21वीं सदी का दशक बताकर राज्य के लोगों का उत्साह बढ़ाया है। माणा गांव को देश का पहला गांव घोषित करना, वेड इन उत्तराखंड जैसे अभियान और आदि कैलाश यात्रा को वैश्विक पहचान दिलाना इसी का उदाहरण हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “विकास भी और विरासत भी” की सोच के साथ आगे बढ़ रही है और उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा अब रफ्ता-रफ्ता नहीं, पूरी रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है भारत प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की उपलब्धियों को कविता के माध्यम से प्रस्तुत किया।
NarendraModi | Dehradun | DelhiDehradunCorridor | ViksitBharat | Uttarakhand | CharDhamYatra | Infrastructure | Tourism | DoubleEngineGovernment | NariShakti : देहरादून में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 210 किमी लंबे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रगति, प्रकृति और संस्कृति का संतुलन बेहद जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने गढ़ी कैंट स्थित जसवंत सिंह आर्मी ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में देशवासियों को बैसाखी और बिहू की शुभकामनाएं दीं और आगामी चारधाम यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर से यात्रा आसान होगी और उत्तराखंड के पर्यटन को बड़ा फायदा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है और डबल इंजन सरकार की नीतियों का असर जमीन पर दिख रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े निवेश का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि देश में सड़क, रेल और अन्य परियोजनाएं भविष्य की “भाग्य रेखाएं” बन रही हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि नए भारत में विकास तेज गति और बड़े पैमाने पर हो रहा है। दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर से समय, ईंधन और लागत की बचत होगी…साथ ही किसानों और व्यापार को भी लाभ मिलेगा।
उत्तराखंड में बढ़ते पर्यटन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य अब बारामासी पर्यटन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने लोगों से देवभूमि की स्वच्छता बनाए रखने की अपील भी की।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलेगा और 2029 तक उन्हें पूरा अधिकार देने की दिशा में काम हो रहा है।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड की सैन्य परंपरा को याद करते हुए पूर्व सैनिकों के लिए वन रैंक, वन पेंशन योजना का भी जिक्र किया और विकसित भारत के संकल्प को दोहराया।
KMOU Bus History | Kumaon Motor Union | Uttarakhand Transport | Nainital News | KMOU 88 Years : एक भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है…एक ऐसी बस सेवा की…जिसने सिर्फ यात्रियों को नहीं…बल्कि पूरे कुमाऊं की जिंदगी को जोड़ा। बात हो रही है कुमाऊं मोटर यूनियन (KMOU) की…जिसने आज 88 साल पूरे कर लिए हैं।
14 अप्रैल 1939 को शुरू हुई यह बस सेवा उस दौर में आई…जब पहाड़ों में सफर बेहद कठिन हुआ करता था। संकरी और घुमावदार सड़कों पर चलने वाली यह बस कुमाऊं के लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं थी। पंडित गोविंद बल्लभ पंत की दूरदर्शिता से परिवहन व्यवस्था को संगठित करते हुए इसकी नींव रखी गई थी।
नौ लोगों ने मिलकर इस ऐतिहासिक सेवा की शुरुआत की। धीरे-धीरे केमू बस सिर्फ एक परिवहन सेवा नहीं रही…बल्कि कुमाऊं की पहचान बन गई। यह बस यात्रियों के साथ-साथ चिट्ठियां, मनीऑर्डर, अनाज और लोगों की उम्मीदें भी एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाती रही।
इतिहास गवाह है कि देश की सेवा में भी केमू पीछे नहीं रही। आजादी के दौर से लेकर युद्ध के समय तक इसने सैनिकों और उनके परिवारों के बीच एक अहम कड़ी का काम किया। यहां तक कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान भी केमू बसों ने अपनी भूमिका निभाई।
हालांकि आज हालात बदल चुके हैं। जिस केमू ने दशकों तक पहाड़ को जोड़े रखा। वही अब सरकारी उपेक्षा का शिकार होती नजर आ रही है। पुराने दफ्तर खंडहर में तब्दील हो चुके हैं और कई जगह किराए के भवनों से काम चल रहा है। इसके बावजूद, केमू आज भी 366 रूटों पर सेवा दे रही है और रोजाना हजारों लोग इससे सफर करते हैं। लेकिन अवैध वाहनों की बढ़ती संख्या और सरकारी समर्थन की कमी ने इसकी हालत कमजोर कर दी है।
एक समय कुमाऊं की धड़कन रही यह बस सेवा आज संघर्ष कर रही है। अगर समय रहते इसे संबल नहीं मिला…तो यह विरासत सिर्फ किस्सों और पुरानी यादों तक सिमट कर रह जाएगी।
Delhi Dehradun Expressway Rules | Speed Limit India Highway | NHAI Safety Guidelines | ANPR Camera System | Economic Corridor Launch : देहरादून में आज प्रधानमंत्री Narendra Modi ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का आधिकारिक उद्घाटन किया। करीब 11,963 करोड़ रुपये की लागत से बना 213 किलोमीटर लंबा यह इकोनॉमिक कॉरिडोर अब दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच यात्रा को तेज और आसान बनाएगा।
इस एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सख्त नियम लागू किए गए हैं। पैसेंजर कारों के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किमी प्रति घंटा तय की गई है…जबकि भारी वाहनों के लिए यह सीमा 80 किमी प्रति घंटा रखी गई है।
इन नियमों के पालन के लिए National Highways Authority of India ने एडवांस्ड तकनीक का इस्तेमाल किया है। पूरे मार्ग पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं…जो नियम तोड़ने पर स्वतः चालान जारी करेंगे।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए परिवहन विभाग ने कई जरूरी गाइडलाइंस भी जारी की हैं। वाहन चालकों को सफर से पहले एंट्री और एग्जिट पॉइंट तय करने, लेन अनुशासन का पालन करने और ओवरटेकिंग के लिए ही दाईं लेन का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
साथ ही एक्सप्रेसवे पर वाहन रोकना, यू-टर्न लेना, मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना और शराब पीकर गाड़ी चलाना सख्त मना है। इमरजेंसी की स्थिति में वाहन को किनारे लगाकर हेल्पलाइन के जरिए पेट्रोलिंग टीम से संपर्क करने को कहा गया है।
पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा का भी खास ध्यान रखा गया है। अनावश्यक हॉर्न बजाने से बचने और सतर्क ड्राइविंग की अपील की गई है…खासकर देहरादून के आशारोड़ी क्षेत्र में जहां ढलान अधिक है।
इसके अलावा पूरे एक्सप्रेसवे पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया गया है…जो हादसे की स्थिति में तुरंत अलर्ट जारी कर सहायता उपलब्ध कराता है। साथ ही ओवरस्पीडिंग और गलत दिशा में वाहन चलाने पर स्वतः जुर्माना भी लगाया जाएगा।
PM Modi Uttarakhand Speech | Local Connect Uttarakhand | Pushkar Singh Dhami | Delhi Dehradun Expressway | Devbhoomi Connect : देहरादून में दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने एक बार फिर अपने खास अंदाज में उत्तराखंड से जुड़ाव दिखाया। उनके भाषण में स्थानीय संस्कृति, बोली और आस्था की झलक साफ नजर आई।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में गढ़वाली और कुमाऊंनी बोली के शब्दों जैसे “भुला-भुलियों”, “आमा”, “बाबा” और “सयाणा” का इस्तेमाल किया…जिससे लोगों के साथ उनका सीधा जुड़ाव देखने को मिला। यही वजह रही कि उनका भाषण लोगों के दिलों तक पहुंचता नजर आया।
उन्होंने अपने संबोधन में मां डाट काली का विशेष रूप से जिक्र किया और कहा कि देहरादून पर उनका आशीर्वाद बना हुआ है। साथ ही हरिद्वार कुंभ, नंदा राजजात, पंच बदरी, पंच केदार और पंच प्रयाग जैसे धार्मिक स्थलों का उल्लेख कर उन्होंने देवभूमि की आस्था और परंपरा को सम्मान दिया।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की भी जमकर सराहना की। उन्होंने उन्हें लोकप्रिय, कर्मठ और युवा मुख्यमंत्री बताते हुए प्रदेश के विकास में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। इस दौरान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बीच मजबूत तालमेल भी देखने को मिला। मंच पर दोनों नेताओं के बीच बातचीत और आपसी समझ साफ नजर आई…जिसने एक बार फिर केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय का संकेत दिया।
प्रधानमंत्री का यह लोकल कनेक्ट न केवल लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ता है…बल्कि उत्तराखंड के प्रति उनके विशेष लगाव को भी दर्शाता है।
CRPF Brave Soldier | Mushahid Ali Award | President Gallantry Award | Uttarakhand Pride | Khateema Hero : उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के खटीमा से एक गर्व की खबर सामने आई है। यहां के निवासी और Central Reserve Police Force के जवान मुशाहिद अली को उनकी बहादुरी के लिए राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
मुशाहिद अली ने बिहार-औरंगाबाद बॉर्डर के चकरबंदा क्षेत्र में चलाए गए सर्च एंड डिस्ट्रॉय ऑपरेशन (शैडो) के दौरान अदम्य साहस का परिचय दिया था। इस ऑपरेशन के दौरान उन्होंने तीन नक्सलियों को मार गिराया था…जिसके लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला।
खटीमा के इस्लामनगर निवासी मुशाहिद अली वर्ष 2014 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। उन्होंने देश के कई संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दी हैं और वर्तमान में नक्सल प्रभावित क्षेत्र में तैनात हैं। उनकी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा ने उन्हें यह सम्मान दिलाया।
इस सम्मान की घोषणा Republic Day 2025 के मौके पर की गई थी। बाद में 9 अप्रैल 2026 को दिल्ली में आयोजित ‘शौर्य दिवस’ कार्यक्रम में सीआरपीएफ के महानिदेशक Gyanendra Pratap Singh द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया।
मुशाहिद अली की इस उपलब्धि से उनके परिवार, दोस्तों और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। उनकी वीरता की कहानी आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है और प्रदेश का नाम रोशन कर रही है।
Kichha Khatima Rail Line | North Eastern Railway Approval | Uttarakhand Rail Project | Udham Singh Nagar Development | Railway Expansion India : उधम सिंह नगर जिले के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। North Eastern Railway ने किच्छा से खटीमा के बीच नई रेल लाइन को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना क्षेत्र की कनेक्टिविटी और विकास को नई रफ्तार देने वाली मानी जा रही है।
इस परियोजना के तहत करीब 57.7 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाई जाएगी…जिसकी कुल लागत 350.85 करोड़ रुपये तय की गई है। रेलवे के अनुसार इस पर पूंजीगत व्यय, विशेष निधि और डिपॉजिट मद के तहत अलग-अलग मदों से खर्च किया जाएगा।
नई रेल लाइन से Kichha और Khatima के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा…जिससे सीमांत क्षेत्रों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे न सिर्फ यात्रियों के लिए सफर आसान होगा…बल्कि व्यापार, उद्योग और कृषि क्षेत्र को भी नई गति मिलेगी।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। फिलहाल तकनीकी सर्वे, भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं जारी हैं। सभी मंजूरियां पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है।
रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक संजीव शर्मा ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्रीय विकास के लिए बेहद अहम साबित होगी। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और सीमांत क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
कुल मिलाकर किच्छा-खटीमा रेल लाइन को मंजूरी मिलना उधम सिंह नगर के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है…जिससे आने वाले समय में पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है।