उत्तराखंड: चुनाव से पहले इस पार्टी ने अपने ही नेता को किया निष्कासित, 2027 से पहले मचा सियासी घमासान

Uttarakhand Politics | UKD | Ashutosh Negi : उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 से पहले उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। पार्टी ने अपने नेता आशुतोष नेगी को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इसके साथ ही उनकी प्राथमिक सदस्यता भी समाप्त कर दी गई है।

पार्टी की ओर से यह कार्रवाई पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों के चलते की गई है। बताया जा रहा है कि निष्कासन से पहले यूकेडी अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने आशुतोष नेगी को पार्टी लाइन का पालन करने की नसीहत दी थी। इसके बाद अब उन्हें छह साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया गया है।

चुनाव से पहले बड़ा झटका

आशुतोष नेगी आगामी विधानसभा चुनाव में रायपुर सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। ऐसे में चुनाव से कुछ समय पहले यूकेडी की ओर से की गई इस कार्रवाई को राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इससे पहले भी पार्टी ने आशुतोष नेगी पर कार्रवाई करते हुए उन्हें केंद्रीय उपाध्यक्ष के पद और अन्य जिम्मेदारियों से हटा दिया था। उस समय पार्टी की ओर से इस संबंध में पत्र भी जारी किया गया था।

दो महीने बाद पार्टी से निष्कासन

केंद्रीय उपाध्यक्ष के पद से हटाए जाने के करीब दो महीने बाद अब यूकेडी ने उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी निष्कासित कर दिया है। आशुतोष नेगी पार्टी के सक्रिय और मुखर नेताओं में शामिल रहे हैं। वे कई मुद्दों को लेकर सड़क पर आंदोलन करते हुए भी नजर आते रहे हैं।

1979 में हुई थी यूकेडी की स्थापना

उत्तराखंड क्रांति दल की स्थापना 25 जुलाई 1979 को हुई थी। राज्य आंदोलन के दौरान यूकेडी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पार्टी का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के विकास के साथ स्थानीय लोगों के अधिकारों और संस्कृति से जुड़े मुद्दों को उठाना रहा है।

उत्तराखंड राज्य बनने के बाद यूकेडी को कुछ चुनावों में सफलता मिली…लेकिन पार्टी लगातार मजबूत राजनीतिक आधार बनाने में कामयाब नहीं हो सकी। अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आशुतोष नेगी के निष्कासन ने पार्टी के भीतर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।

उत्तराखंड को मिली पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, हल्द्वानी में सीएम धामी ने किया शुभारंभ

Sports University | Haldwani | Uttarakhand : राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के मौके पर उत्तराखंड को अपनी पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मिल गई है। शनिवार 29 अगस्त को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में उत्तराखंड खेल विश्वविद्यालय का शुभारंभ किया। इस दौरान खेल मंत्री रेखा आर्या और सांसद अजय भट्ट समेत कई लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने विश्वविद्यालय के शुभारंभ के साथ ही पहले चरण के निर्माण कार्यों का भूमि पूजन और शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि खेल विश्वविद्यालय राज्य के युवाओं और खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

खेल दिवस पर मेजर ध्यानचंद को किया याद

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को उनकी जयंती पर याद किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को सफलता के लिए प्रतिभा के साथ मेहनत और अनुशासन को भी महत्व देना चाहिए।

सीएम धामी ने कहा कि राज्य में खेल सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए 23 नई हाईटेक खेल अकादमियां स्थापित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

खिलाड़ियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल विश्वविद्यालय शुरू होने से उत्तराखंड के युवाओं को खेलों की उच्चस्तरीय सुविधाओं के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यहां खिलाड़ियों को कोचिंग, आधुनिक खेल ढांचा और खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

उन्होंने खिलाड़ियों से मैदान में उतरकर पूरी मेहनत करने की अपील की। साथ ही कहा कि खिलाड़ियों की सफलता के रास्ते में आर्थिक परेशानी को बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया अपना सपना पूरा

खेल मंत्री रेखा आर्या ने खेल विश्वविद्यालय की शुरुआत को उत्तराखंड के खेल क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में आधुनिक सुविधाओं से लैस खेल विश्वविद्यालय की स्थापना लंबे समय से उनका सपना था…जो अब जमीन पर साकार हो गया है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय से राज्य की नई खेल प्रतिभाओं को बेहतर कोचिंग और प्रशिक्षण मिलेगा। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को सम्मानित भी किया गया।

खिलाड़ियों को पुरस्कार और छात्रवृत्ति

कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों को कई तरह की सुविधाएं और सम्मान दिए गए। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि का डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया गया।

इसके अलावा मुख्यमंत्री उदयीमान खिलाड़ी एवं प्रोत्साहन योजना के तहत चयनित खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति दी गई। वर्ष 2024-25 के देवभूमि खेल रत्न और देवभूमि द्रोणाचार्य पुरस्कार से खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।

32 हेक्टेयर में तैयार हो रहा खेल विश्वविद्यालय

उत्तराखंड का पहला खेल विश्वविद्यालय हल्द्वानी के गौलापार में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के पास बनाया गया है। विश्वविद्यालय परिसर के लिए करीब 32 हेक्टेयर भूमि निर्धारित है। इसके पहले चरण के निर्माण के लिए सरकार ने 43.50 करोड़ रुपये का बजट तय किया है।

विश्वविद्यालय में आने वाले समय में हॉस्टल समेत अन्य जरूरी सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा। इसके संचालन के लिए कुलपति सहित 94 नियमित पदों को मंजूरी दी गई है।

साउंड सिस्टम को लेकर सीएम ने मंच से पूछ लिया सवाल

कार्यक्रम के दौरान साउंड सिस्टम की आवाज को लेकर भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों से सवाल किया। माइक की आवाज में परेशानी आने पर उन्होंने विशेष प्रमुख सचिव खेल से पूछा कि इसे कब तक ठीक किया जाएगा। अधिकारी ने अगले कार्यक्रम तक साउंड सिस्टम को दुरुस्त करने का भरोसा दिया।

उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय का शैक्षणिक सत्र भी 29 अगस्त यानी राष्ट्रीय खेल दिवस से शुरू हो गया है। सरकार को उम्मीद है कि यह संस्थान आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा।

उत्तराखंड की महिलाओं के लिए एक साथ कई बड़े ऐलान, फ्री बस यात्रा से लेकर पिंक ई-बस तक

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने महिलाओं को लेकर कई अहम घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देने का ऐलान किया है। सरकार के अनुसार इस फैसले से प्रदेश की साढ़े छह लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो सकती हैं।

इस योजना से खासतौर पर पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली बुजुर्ग महिलाओं को राहत मिलने की उम्मीद है। अब 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को रोडवेज बस से सफर करने पर किराया नहीं देना होगा।

देहरादून में शुरू होंगी पिंक ई-बसें

महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए देहरादून में 10 पिंक ई-बसें शुरू करने की घोषणा भी की गई है। ये बसें प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत महिलाओं को समर्पित की जाएंगी। सरकार की योजना भविष्य में इस सुविधा का विस्तार प्रदेश के अन्य क्षेत्रों तक करने की है।

लखपति दीदी योजना के बाद स्वरोजगार पर जोर

महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार लखपति दीदी योजना भी चला रही है। सरकार के मुताबिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी तीन लाख से अधिक महिलाएं अब सालाना एक लाख रुपये से ज्यादा की आय हासिल कर रही हैं।

अब महिला स्वरोजगार योजना के तहत रियायती बैंक ऋण की सीमा बढ़ाने की घोषणा की गई है। इसे दो लाख रुपये से बढ़ाकर ढाई लाख रुपये किया जाएगा। इससे महिलाओं को अपना कारोबार शुरू करने या पहले से चल रहे स्वरोजगार को बढ़ाने के लिए अतिरिक्त आर्थिक मदद मिल सकेगी।

इसके अलावा एकल महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए एकल महिला स्वरोजगार योजना पर भी जोर दिया जा रहा है।

सरकारी नौकरियों में 30 फीसदी आरक्षण

महिला सशक्तिकरण के तहत उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई है। सरकार का कहना है कि इससे सरकारी सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है।

महिलाओं की सुविधा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर आधुनिक हाईटेक टॉयलेट बनाने की घोषणा भी की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति ने प्रदेश के विकास में हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा भी मिले।

हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय की शुरुआत, सीएम धामी के दौरे का शेड्यूल जारी

Uttarakhand: Haldwani: Sports University: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार, 29 अगस्त 2026 को एक दिवसीय जनपद नैनीताल दौरे पर पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार वह रुद्रपुर से हेलीकॉप्टर के माध्यम से हल्द्वानी पहुंचेंगे और गौलापार स्थित उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के भूमि-पूजन/शिलान्यास कार्यक्रम समेत विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिभाग करेंगे।

जिलाधिकारी कार्यालय से प्राप्त कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सुबह 11:50 बजे डीपीएस स्कूल मैदान, रुद्रपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान करेंगे और दोपहर 12:00 बजे गौलापार स्टेडियम हैलीपैड पहुंचेंगे। यहां से 12:10 बजे कार द्वारा उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, गौलापार के लिए रवाना होकर 12:15 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे।

मुख्यमंत्री दोपहर 12:15 बजे से 2:00 बजे तक उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के भूमि-पूजन/शिलान्यास एवं राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।

इसके बाद मुख्यमंत्री 2:00 बजे क्रीड़ा विश्वविद्यालय से कार द्वारा आईटीडीसी फॉर्च्यून, हल्द्वानी के लिए रवाना होंगे। यहां दोपहर 2:45 बजे से 3:30 बजे तक व्यापार एवं उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे।

कार्यक्रम के अगले चरण में मुख्यमंत्री 3:30 बजे आईटीडीसी फॉर्च्यून से आनन्द बाग, जिला सहकारी बैंक के निकट के लिए रवाना होंगे, जहां वह निर्धारित कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद शाम 4:00 बजे आनन्द बाग से साउथ एन्क्लेव-4, फार्म नंबर-03, मुखानी के लिए प्रस्थान करेंगे और वहां आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे।

मुख्यमंत्री का अंतिम कार्यक्रम एफटीआई हैलीपैड, हल्द्वानी में होगा। वह शाम 4:30 बजे साउथ एन्क्लेव से कार द्वारा एफटीआई हैलीपैड के लिए रवाना होंगे और 4:40 बजे हैलीपैड पहुंचकर हेलीकॉप्टर से देहरादून के लिए प्रस्थान करेंगे।

मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन की ओर से तैयारियां पूरी की जा रही हैं। दौरे के दौरान खेल, उद्योग एवं स्थानीय स्तर से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों पर मुख्यमंत्री की मौजूदगी रहेगी।

CM धामी ने छात्रों से पूछा- कैसा हो आपका उत्तराखण्ड? 2.67 लाख युवाओं ने दिए जवाब

Youth Students | Developed Uttarakhand | CM Dhami : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को रुद्रपुर स्थित एक निजी विद्यालय में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम का विषय ‘मेरे सपनों का उत्तराखण्ड’ रखा गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किय….और उनके विचार, सुझाव तथा भविष्य के उत्तराखण्ड को लेकर उनकी सोच जानी।

मुख्यमंत्री ने छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए उनका मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, सोच और उत्तराखण्ड को विकसित बनाने की प्रतिबद्धता उत्साह बढ़ाने वाली है। सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश की नई पीढ़ी सशक्त, आत्मनिर्भर और जागरूक बने।

उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ युवाओं को रोजगार, कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता के बेहतर अवसर देना जरूरी है। ‘विकसित भारत–विकसित उत्तराखण्ड’ के लक्ष्य को पूरा करने के लिए शिक्षा, रोजगार, पर्यटन, कृषि, खेल, तकनीक और विज्ञान जैसे क्षेत्रों पर लगातार काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में देश की पांचवीं सबसे बड़ी साइंस सिटी का निर्माण किया गया है। इसका उद्देश्य प्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर देना है…ताकि वे देश और दुनिया में अपनी पहचान बना सकें।

उन्होंने नेतृत्व क्षमता के महत्व पर भी बात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि लीडरशिप सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं है। खेल, चिकित्सा, विज्ञान, मीडिया और उद्योग सहित हर क्षेत्र में बेहतर काम करने वाला व्यक्ति अपने क्षेत्र का नेतृत्व कर सकता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मेरे सपनों का उत्तराखण्ड’ अभियान को प्रदेश के विद्यार्थियों का व्यापक समर्थन मिला है। अभियान के तहत प्रदेशभर से 2,67,744 विद्यार्थियों ने अपने निबंध और विचार भेजे हैं। उन्होंने कहा कि इन विचारों से पता चलता है कि उत्तराखण्ड की युवा पीढ़ी अपने राज्य के भविष्य को लेकर गंभीर और जागरूक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के सुझावों और नए विचारों को विकास की योजनाओं से जोड़कर ऐसा उत्तराखण्ड बनाने की दिशा में काम किया जाएगा…जो सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित हो।

कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के करीब 800 छात्र-छात्राएं और शिक्षक शामिल हुए। इस दौरान महापौर विकास शर्मा, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, रामपाल सिंह, दिनेश मानसेरा, उत्तम दत्ता, फरजाना बेगम, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी को राखी पर्व की शुभकामनाएं भी दीं।

राजपुरा में नशे के मुद्दे पर गरमाई सियासत, कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा

Drug Campaign | Haldwani Congress | Rajpura Protest : राजपुरा क्षेत्र में कथित नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। जिला और महानगर कांग्रेस के नेतृत्व में कार्यकर्ता बुद्ध पार्क में जुटे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद पुतला दहन भी किया गया।

प्रदर्शन में हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि राजपुरा में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम केवल किसी एक इलाके की समस्या नहीं है….बल्कि यह पूरे हल्द्वानी से जुड़ा मुद्दा है।

सुमित हृदयेश ने आरोप लगाया कि नशे के कारोबार पर कार्रवाई करने के बजाय इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को ही मुकदमों में फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने पुलिस को शिकायतें दीं, हस्ताक्षर अभियान चलाया और चौकी पर धरना भी दिया।

विधायक ने पुलिस से मांग की कि नशे के वास्तविक कारोबार और उससे जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई की जाए। साथ ही सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों को बेवजह परेशान न किया जाए।

महानगर कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले लोगों को अपराधी की तरह पेश करना उचित नहीं है। उन्होंने कथित तौर पर दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष जांच कराने और यदि आरोप गलत पाए जाएं तो मुकदमे खत्म करने की मांग की।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल ने कहा कि राजपुरा में चल रहा अभियान युवाओं को नशे से बचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता की इस आवाज को दबाने के बजाय नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राजपुरा चौकी पर धरने के बाद पुलिस अधिकारियों से मुलाकात के दौरान उनकी शिकायत को उचित तरीके से नहीं लिया गया। पार्टी की ओर से पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की गई है।

कांग्रेस ने घटनाक्रम से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल वीडियो को जांच का हिस्सा बनाने की मांग की…ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

पार्टी नेताओं ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई सामाजिक मुद्दा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को परेशान किया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।

नेपाल में बाढ़ से हाहाकार, सैकड़ों मौतें और बड़ी संख्या में लोग लापता; उत्तराखंड भी अलर्ट, सरकार ने हेल्पलाइन नंबर किए जारी

Nepal Flood | Uttarakhand Helpline | Disaster Update : नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं….और कई इलाकों में सड़क, पुल, घर और दूसरी जरूरी सुविधाएं प्रभावित हुई हैं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक नेपाल में मृतकों की संख्या बढ़कर 300 से ज्यादा हो चुकी है…जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं।

यह आपदा 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ के बाद शुरू हुई। शुरुआती जानकारी में ग्लेशियर या बर्फ-पत्थर के मलबे से नदी में अचानक पानी बढ़ने की बात सामने आई है। बाढ़ का असर रसुवा, नुवाकोट समेत आसपास के कई इलाकों में पड़ा है।

उत्तराखंड सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

नेपाल में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के प्रभावित होने की जानकारी के बाद उत्तराखंड सरकार ने प्रदेशवासियों की सहायता के लिए राज्य और देहरादून जिला स्तर पर 24 घंटे चलने वाले हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

राज्य स्तरीय हेल्पलाइन: 0135-2710334, 0135-2710335 0135-2664314, 0135-2664315, 0135-2664316 मोबाइल: 8218877005 टोल फ्री: 1070

देहरादून जिला हेल्पलाइन: 0135-2726066, 0135-2626066 मोबाइल: 7534826066 टोल फ्री: 1077

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नेपाल में मौजूद अपने परिजनों या परिचितों से संबंधित जानकारी और सहायता के लिए इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। लोगों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को भी कहा गया है।

भारत ने भी बढ़ाया मदद का हाथ

नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए भारत सरकार की ओर से भी राहत और बचाव प्रयास किए जा रहे हैं। ताजा जानकारी के अनुसार भारत ने नेपाल के लिए राहत सामग्री भेजी है….और प्रभावित भारतीयों के संपर्क में रहने के प्रयास किए जा रहे हैं।

बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। कुछ जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है….जिससे प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।

लगातार जारी है राहत और बचाव अभियान

नेपाल और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव टीमें लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटी हैं। कई इलाकों में संचार और आवागमन प्रभावित होने के कारण लापता लोगों की तलाश चुनौती बनी हुई है।

नोट: नेपाल में मृतकों और लापता लोगों की संख्या लगातार बदल रही है। इसलिए ऊपर दी गई संख्या को उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के आधार पर बताया गया है।

खराब मौसम भी नहीं रोक सका CM धामी का सफर, हेली छोड़ सड़क मार्ग से चंपावत पहुंचे

CM Dhami | Champawat Visit | Uttarakhand News : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चंपावत दौरे के दौरान खराब मौसम के कारण उनके कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ा। धूरा हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर की लैंडिंग नहीं हो सकी। इसके बाद मुख्यमंत्री टनकपुर स्टेडियम हेलीपैड पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग के जरिए धूरा के रामलीला मैदान में आयोजित सशक्त बहना उत्सव के लिए रवाना हुए।

मुख्यमंत्री का धूरा में महिलाओं से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने का कार्यक्रम पहले से तय था। मौसम खराब होने के कारण हवाई मार्ग से सीधे कार्यक्रम स्थल तक पहुंचना संभव नहीं हुआ…इसलिए सड़क मार्ग का सहारा लिया गया।

सशक्त बहना उत्सव में मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों के काम की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं समूहों के माध्यम से स्थानीय उत्पाद तैयार कर रही हैं…और आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाए। इससे महिलाओं की आमदनी बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।

रुद्रपुर में विद्यार्थियों से किया संवाद

चंपावत रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रुद्रपुर में आयोजित मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में ऊधम सिंह नगर जिले के विभिन्न स्कूलों से करीब 800 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, पर्यटन, पर्यावरण, पलायन, तकनीक और स्टार्टअप समेत कई विषयों पर सुझाव लिए।

बच्चों से भी मिले CM धामी

कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के दौरान मुख्यमंत्री का बच्चों के साथ सहज अंदाज देखने को मिला। उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उनसे हाथ मिलाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट भी बांटी। कुछ बच्चों ने उन्हें राखी भी बांधी।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने ऑडिटोरियम में विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। छात्रों ने ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान के तहत अपने विचार और निबंध प्रस्तुत किए।

युवाओं से मांगा विकसित उत्तराखंड का विजन

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के भविष्य को बेहतर बनाने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। सरकार चाहती है कि विद्यार्थी अपने विचारों और सुझावों के जरिए प्रदेश के विकास में भागीदारी करें।

उन्होंने छात्रों से रोजगार, स्वरोजगार, स्टार्टअप, पर्यटन, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और पलायन जैसे मुद्दों पर सुझाव लिए। मुख्यमंत्री के अनुसार, विद्यार्थियों और युवाओं के सुझावों से विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

उत्तराखंड का नाम रोशन, लक्ष्य रायचंदानी को टीम इंडिया U19 की मिली कप्तानी; सहवाग-द्रविड़ के बेटे भी टीम में

Lakshya Raichandani | India U19 | Uttarakhand Cricket : उत्तराखंड के युवा क्रिकेटर लक्ष्य रायचंदानी ने राज्य का नाम रोशन किया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीम के भारत दौरे के लिए भारतीय अंडर-19 टीम का ऐलान किया है। लक्ष्य रायचंदानी को तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए टीम का कप्तान बनाया गया है।

लक्ष्य को चार दिवसीय मल्टी-डे मैचों वाली भारतीय अंडर-19 टीम में उपकप्तान की जिम्मेदारी भी मिली है। लक्ष्य को दो अलग-अलग फॉर्मेट में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बाद क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (CAU) और प्रदेश के युवा खिलाड़ियों में खुशी है।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन वनडे मैच

भारत और ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीमों के बीच तीन वनडे मुकाबले खेले जाएंगे। ये मैच 18, 21 और 23 सितंबर को राजकोट में आयोजित किए जाएंगे।

वनडे टीम की कप्तानी लक्ष्य रायचंदानी करेंगे…जबकि यशबर्धन चौहान को उपकप्तान बनाया गया है। टीम में पूर्व भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड़ और वीरेंद्र सहवाग के बेटे अन्वय द्रविड़ और आर्यवीर सहवाग को भी जगह मिली है।

चार दिवसीय मैचों में लक्ष्य उपकप्तान

बीसीसीआई ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले दो मल्टी-डे मैचों के लिए भी टीम घोषित की है। इसमें उत्तराखंड के लक्ष्य रायचंदानी को उपकप्तान बनाया गया है। यशबर्धन चौहान इस टीम की कप्तानी करेंगे।

पहला चार दिवसीय मुकाबला 27 से 30 सितंबर तक राजकोट में खेला जाएगा। दूसरा मैच 5 से 8 अक्टूबर तक अहमदाबाद में होगा।

टीम में मिली बड़ी जिम्मेदारी पर क्या बोले लक्ष्य?

कप्तानी की जिम्मेदारी मिलने पर लक्ष्य रायचंदानी ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस बारे में पहले नहीं सोचा था और अब तक मिले मौकों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान दिया।

लक्ष्य ने कहा कि इस खबर से उनके माता-पिता और परिवार के लोग काफी खुश हैं। उन्होंने इसे अपने लिए एक अच्छा अवसर बताया और कहा कि वह इस मौके का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेंगे।

लक्ष्य ने अपनी सफलता में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के योगदान को भी अहम बताया।

उत्तराखंड: एक के बाद एक मुकदमे…अब उर्मिला सनावर पर फिर दर्ज हुआ मामला, जानिए क्या है आरोप

Urmila Sanawar | Dehradun Police | Social Media Case : सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट और कथित अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर उर्मिला सनावर के खिलाफ नेहरू कॉलोनी थाने में एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। महिला की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि उर्मिला अपनी फेसबुक आईडी के जरिए महिला के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र बातें लिख रही थीं।

शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्हें लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। महिला ने पुलिस को दी तहरीर में यह भी कहा है कि उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी बातें कही जा रही थीं।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में सोशल मीडिया पोस्ट, संबंधित अकाउंट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को देखा जा रहा है।

पहले भी दर्ज हो चुके हैं मामले

उर्मिला सनावर के खिलाफ उत्तराखंड के अलग-अलग थानों में पहले भी कई मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम की शिकायत पर दर्ज मामला भी शामिल है।

नेहरू कॉलोनी थाने में ही आरती गौड़ की शिकायत पर भी उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। आरती ने आरोप लगाया था कि उनका मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए जाने के बाद उन्हें अज्ञात लोगों की ओर से धमकी भरे फोन आने लगे।

पूर्व विधायक सुरेश राठौर को लेकर आई थीं चर्चा में

उर्मिला सनावर नवंबर 2025 में सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करने के बाद भी चर्चा में आई थीं। वीडियो में उन्होंने हरिद्वार की ज्वालापुर विधानसभा सीट से भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मदद की अपील भी की थी।

उर्मिला सोशल मीडिया पर अपना नाम उर्मिला सुरेश राठौर लिखती हैं और खुद को पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बताती हैं। हालांकि उनके द्वारा लगाए गए आरोपों को संबंधित पक्षों के जवाब और जांच के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

अंकिता भंडारी मामले को लेकर भी दिए थे बयान

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सोशल मीडिया पर ऑडियो और वीडियो जारी करने के बाद भी उर्मिला सनावर सुर्खियों में रही थीं। उन्होंने कुछ राजनेताओं और अन्य लोगों को लेकर कई दावे किए थे। इन बयानों के बाद उत्तराखंड पुलिस की सात सदस्यीय एसआईटी ने उन्हें पूछताछ के लिए समन भेजा था।

जनवरी 2026 में देहरादून और हरिद्वार में उनसे कई घंटे पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इस दौरान उन्होंने अपने मोबाइल फोन में मौजूद रिकॉर्डिंग और अन्य सामग्री पुलिस को उपलब्ध कराने की बात कही थी।

अब नए मुकदमे के बाद पुलिस सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट और उससे जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।