दलेर मेहंदी विवाद में CM धामी के प्रयास की मीका सिंह ने की तारीफ

Daler Mehndi | Pushkar Singh Dhami | Mika Singh : उत्तराखंड में पंजाबी गायक दलेर मेहंदी के कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब लगातार चर्चा में है। मामले को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर दलेर मेहंदी से फोन पर बातचीत की। वहीं गायक मीका सिंह ने मुख्यमंत्री के प्रयास की सराहना करते हुए कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल से अपने बयान पर सफाई देने और दलेर मेहंदी से माफी मांगने की अपील की है।

मुख्यमंत्री धामी ने बातचीत के दौरान दलेर मेहंदी का हालचाल जाना और विवाद को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अतिथियों का स्वागत और सम्मान करने की परंपरा रही है। देवभूमि की पहचान यहां की लोकसंस्कृति, आत्मीयता और आपसी सौहार्द से है। कलाकारों का भी हमेशा सम्मान किया जाता रहा है।

सीएम धामी ने कहा कि उनकी कोशिश है कि इस घटनाक्रम को पीछे छोड़कर बातचीत, सौहार्द और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ा जाए।

इस मामले में मुख्यमंत्री धामी ने पहले भी लोगों से विवाद को ज्यादा तूल न देने की अपील की थी। उन्होंने दलेर मेहंदी और मीका सिंह से बातचीत करने की बात कही थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मीका सिंह से भी फोन पर चर्चा की।

बातचीत के बाद मीका सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर मुख्यमंत्री के प्रति सम्मान जताया। उन्होंने कहा कि सीएम धामी ने खुद फोन कर दलेर मेहंदी से जुड़े मामले पर बात की…जिसकी वह सराहना करते हैं। मीका सिंह ने मुख्यमंत्री को विनम्र और जमीन से जुड़ा व्यक्ति बताया।

मीका सिंह ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वह सुबोध उनियाल से अपने बयान को स्पष्ट करने के लिए एक वीडियो जारी करने और दलेर मेहंदी से माफी मांगने को कहें। मीका सिंह ने यह बात मंत्री के उस कथित बयान के संदर्भ में कही, जिसमें दलेर मेहंदी पर कार्यक्रम के दौरान नशे में होने की बात कही गई थी।

उन्होंने कहा कि गलतफहमियां हो सकती हैं…लेकिन उन्हें बातचीत और शालीनता से दूर किया जा सकता है। मीका सिंह ने उम्मीद जताई कि इस प्रयास से विवाद खत्म होगा और दलेर मेहंदी के सम्मान का ध्यान रखा जाएगा।

यह पूरा मामला नरेंद्रनगर में आयोजित सिद्धपीठ कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की सांस्कृतिक संध्या से जुड़ा है। कार्यक्रम में दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे। इस दौरान बैकग्राउंड साउंड ट्रैक के इस्तेमाल को लेकर दर्शकों के बीच नाराजगी सामने आई।

विवाद बढ़ने पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और उन्होंने गायक के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया और कई कलाकारों ने दलेर मेहंदी के समर्थन में प्रतिक्रियाएं दीं।

अब मुख्यमंत्री धामी की दलेर मेहंदी और मीका सिंह से बातचीत के बाद सबकी नजर इस बात पर है कि विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश किस दिशा में आगे बढ़ती है।

उत्तराखंड में छह वित्त सेवा अधिकारियों का प्रमोशन, ये नाम हैं शामिल

Uttarakhand Finance Service | Promotion | Government Officers: उत्तराखंड शासन ने वित्त सेवा संवर्ग के छह अधिकारियों को चयन वेतनमान (लेवल-13) में पदोन्नति देने की मंजूरी दे दी है। यह पदोन्नति विभागीय चयन समिति की संस्तुति पर दी गई है।

शासन के आदेश के मुताबिक पदोन्नति अधिकारियों के कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी। पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों में डॉ. पंकज कुमार शुक्ल, पूजा नेगी, नीतू भंडारी, शशि सिंह, आनंद सिंह और वीरेंद्र रावत शामिल हैं।

UPCL की Smart Meter App है बड़े काम की, बिजली बचाने से लेकर रिचार्ज तक की सुविधा

Smart Meter | Electricity Saving | UPCL Uttarakhand : घरों में बिजली की खपत पर नजर रखने और बिजली चोरी रोकने के लिए उत्तराखंड में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। राज्य में करीब 16 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य है। अब तक दो लाख से अधिक उपभोक्ताओं के यहां ये मीटर लगाए जा चुके हैं।

स्मार्ट मीटर की खास बात यह है कि इससे उपभोक्ता बिजली की खपत की जानकारी मोबाइल पर देख सकेंगे। इसके साथ ही घर में करंट लीकेज से जुड़ी जानकारी भी मिल सकेगी….जिससे समय रहते सावधानी बरतने में मदद मिलेगी।

स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को बिजली से जुड़ी कई सुविधाएं मिलेंगी। इसके जरिए रोजाना बिजली की खपत देखी जा सकेगी। जरूरत के मुताबिक घर बैठे बिजली का लोड बढ़ाने की सुविधा भी मिलेगी।

इसके अलावा मीटर से जुड़े ऐप के माध्यम से अर्थिंग और करंट लीकेज से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इससे उपभोक्ताओं को बिजली की खपत समझने और संभावित समस्याओं पर ध्यान देने में मदद मिलेगी।

स्मार्ट मीटर देखने में सामान्य बिजली मीटर जैसा ही होता है, लेकिन इसमें संचार के लिए सिम आधारित तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इससे मीटर और बिजली विभाग के बीच जानकारी का आदान-प्रदान हो सकता है। उपभोक्ता भी मोबाइल ऐप के जरिए बिजली की खपत से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं।

इस व्यवस्था से मीटर की रीडिंग और बिजली के इस्तेमाल पर नजर रखना आसान हो जाता है।

कुमाऊं क्षेत्र के उपभोक्ता प्ले स्टोर से यूपीसीएल स्मार्ट विद्युत कुमाऊं ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। इसके जरिए बिजली की खपत की जानकारी लेने के साथ रिचार्ज जैसी सुविधाओं का लाभ भी उठाया जा सकता है।

स्मार्ट मीटर के इंजीनियर इंचार्ज और अधिशासी अभियंता डीडी पांगती ने बताया कि ऐप के माध्यम से उपभोक्ता बिजली की खपत की जानकारी देख सकते हैं। इसमें मोबाइल रिचार्ज की तरह भुगतान और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

उत्तराखंड में स्मार्ट मीटर लगाने का काम जारी है। विभाग का लक्ष्य करीब 16 लाख उपभोक्ताओं तक यह सुविधा पहुंचाना है। अब तक दो लाख से ज्यादा स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।

स्मार्ट मीटर से बिजली की खपत पर नजर रखने और बिलिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि करंट लीकेज से जुड़े अलर्ट मिलने पर भी उपभोक्ताओं को सावधानी बरतनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर बिजली विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की बढ़ीं मुश्किलें? बरेली का आलीशान फार्म हाउस बीडीए के रडार पर, जानें वजह

Rekha Arya | Bareilly Farmhouse | BDA | Uttarakhand | Investigation : उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से जुड़े विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित एक आलीशान फार्म हाउस का मामला भी चर्चा में है। बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) की जांच में सामने आया है कि लालपुर गांव में बने इस फार्म हाउस का नक्शा स्वीकृत नहीं है। प्राधिकरण अब निर्माण और जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहा है।

बताया जा रहा है कि करीब 12 हजार वर्ग मीटर में फैले इस परिसर में तीन मंजिला कोठी, गेस्ट हाउस और स्वीमिंग पूल समेत कई निर्माण हैं। हालांकि मामले में आगे की कार्रवाई जांच के नतीजों और संबंधित दस्तावेजों पर निर्भर करेगी।

बीडीए की जांच के मुताबिक इज्जतनगर क्षेत्र के लालपुर गांव में स्थित फार्म हाउस के निर्माण का नक्शा स्वीकृत नहीं है। वर्ष 2024 में पप्पू गिरधारी के करीबी सत्येंद्र राठौर की ओर से निर्माण की कंपाउंडिंग के लिए आवेदन किया गया था। लेकिन निर्धारित शुल्क जमा नहीं होने के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

बीडीए सचिव हिमांशु गुप्ता ने कहा कि आवेदन से जुड़ी कमियां दूर करने के लिए जनवरी 2026 और सितंबर 2026 में नोटिस जारी किए गए थे। संबंधित पक्ष ने तीन महीने का समय भी मांगा था। अब तक कमियां दूर नहीं होने के कारण प्राधिकरण में मामले की कार्रवाई जारी है।

फार्म हाउस परिसर की जमीन अलग-अलग गाटा संख्या में दर्ज है। बीडीए से मिली जानकारी के मुताबिक इसमें 3,300 वर्ग मीटर जमीन रेखा आर्या के नाम पर दर्ज है। वहीं, परिसर के कुछ अन्य हिस्सों की जमीन कृष्णा वैष्णवी इंटरप्राइजेज के नाम पर बताई गई है।

प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी अजीत सिंह ने भी पुष्टि की है कि फार्म हाउस का नक्शा स्वीकृत नहीं है। उन्होंने बताया कि जमीन और निर्माण से जुड़े अभिलेखों की जांच की जा रही है।

रेखा आर्या और बरेली निवासी गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद के बाद यह मामला चर्चा में आया है। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। रेखा आर्या ने अपने पति पर धोखाधड़ी, मारपीट और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। वहीं गिरधारी लाल साहू ने इन आरोपों को खारिज करते हुए मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।

गिरधारी लाल साहू ने रेखा आर्या की कथित संपत्ति को लेकर भी करीब 210 करोड़ रुपये का दावा किया है। यह उनका आरोप है….जिसकी स्वतंत्र पुष्टि यहां उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।

फिलहाल बीडीए फार्म हाउस के नक्शे, निर्माण की कंपाउंडिंग और जमीन के स्वामित्व से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रहा है। प्राधिकरण का कहना है कि नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब इस मामले में जांच के नतीजों और संबंधित पक्ष की ओर से कमियां दूर किए जाने पर नजर है।

अंकिता भंडारी केस: उर्मिला सनावर के बड़े दावे, CBI के सामने रखी ये मांग

Ankita Bhandari Case | CBI Investigation | Narco Test : अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी कनेक्शन की जांच के बीच पूर्व विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर के नार्को टेस्ट को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। दोनों ने सीबीआई कोर्ट में नार्को टेस्ट कराने पर सहमति जताई है। मामले में अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी।

सीबीआई इस मामले में दोनों से पूछताछ कर चुकी है। अब नार्को टेस्ट को लेकर आगे की प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।

सीबीआई कोर्ट में पेशी के बाद उर्मिला सनावर ने कहा कि उन्हें नार्को टेस्ट के बारे में दोबारा विचार करने को कहा गया है। इसी वजह से उन्हें 26 अक्टूबर को फिर से बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि वह अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रही हैं और नार्को टेस्ट के लिए तैयार हैं।

उर्मिला सनावर ने यह भी कहा कि उन्हें सीबीआई पर भरोसा नहीं है। उन्होंने मांग की कि उनका नार्को टेस्ट मीडिया के सामने कराया जाए। उन्होंने साफ किया कि वह अपनी इस मांग पर कायम हैं और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगी।

उर्मिला सनावर ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात करने की इच्छा भी जताई। उन्होंने दावा किया कि उनके पास कुछ गोपनीय जानकारी है…जिसे वह मुख्यमंत्री को देना चाहती हैं।

उन्होंने वायरल ऑडियो का जिक्र करते हुए दावा किया कि इस मामले में चुप रहने और झूठ बोलने के लिए उन्हें 50 करोड़ रुपये देने के साथ देश छोड़ने का प्रस्ताव दिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि ऑडियो की फॉरेंसिक रिपोर्ट में उसके असली होने की पुष्टि हुई है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।

उर्मिला सनावर ने राज्य सरकार गिराने की साजिश का आरोप भी लगाया और दावा किया कि इसमें सत्ताधारी पक्ष के कुछ लोग शामिल हैं। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।

सीबीआई कोर्ट पहुंचे पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने भी नार्को टेस्ट के लिए सहमति जताई है।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब 26 अक्टूबर की सुनवाई अहम मानी जा रही है। इस मामले में आगे की जांच और अदालत की कार्यवाही से जुड़े घटनाक्रम पर सबकी नजर रहेगी।

उत्तराखंड में होमगार्ड भर्ती में AI से बने फर्जी सर्टिफिकेट पकड़े, 20 आवेदन निरस्त

Haridwar | Home Guard Recruitment | AI Fraud : उत्तराखंड में फर्जी प्रमाण पत्रों से जुड़े मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब हरिद्वार में होमगार्ड भर्ती के दौरान कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। यहां 20 अभ्यर्थियों के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के प्रमाण पत्र जांच में संदिग्ध पाए गए। आरोप है कि इन दस्तावेजों को कंप्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया था।

मामला सामने आने के बाद विभाग ने संबंधित अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त कर दिए हैं। अब जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

हरिद्वार जिले में जुलाई 2026 में होमगार्ड के 227 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। इन पदों के लिए करीब 11 हजार युवाओं ने आवेदन किया था। भर्ती के दौरान सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा था।

इसी प्रक्रिया में कुछ अभ्यर्थियों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों को लेकर गड़बड़ी सामने आई। जांच में पता चला कि प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल भर्ती में शैक्षिक योग्यता के आधार पर मिलने वाले अतिरिक्त अंक हासिल करने के लिए किया जा रहा था।

विभागीय जांच के दौरान 20 अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए। इनमें दसवीं और बारहवीं के शैक्षिक दस्तावेज भी शामिल थे। शुरुआती जांच में इन प्रमाण पत्रों को कूटरचित तरीके से तैयार किए जाने की बात सामने आई है।

विभाग ने कार्रवाई करते हुए संबंधित अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त कर दिए हैं। मामले की जांच जारी है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड होमगार्ड के मंडलीय कमांडेंट गौतम कुमार ने बताया कि भर्ती के लिए आए आवेदनों के दस्तावेजों का सत्यापन किया गया था। इस दौरान 20 अभ्यर्थियों के शैक्षिक प्रमाण पत्र संदिग्ध मिले। फिलहाल सभी संबंधित अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। मामले की गहन जांच की जा रही है….और इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।

रामनगर में दहेज के लिए नवविवाहिता की हत्या का आरोप, पति-सास समेत चार गिरफ्तार

Ramnagar | Dowry Case | Nainital Police : नैनीताल जिले के रामनगर में 20 वर्षीय नवविवाहिता कोहिनूर की मौत के मामले में पुलिस ने उसके पति समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों पर घटना को आत्महत्या दिखाने की कोशिश करने का भी आरोप है।

मुरादाबाद जिले के डिलारी थाना क्षेत्र के बुढनपुर गांव निवासी नसीम अहमद ने 18 अक्टूबर को रामनगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी कोहिनूर का निकाह 16 मई 2026 को रामनगर के खताड़ी क्षेत्र में रहने वाले उवेश से हुआ था।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि शादी में अपनी सामर्थ्य के मुताबिक दहेज देने के बावजूद ससुराल पक्ष की ओर से बुलेट मोटरसाइकिल और पांच लाख रुपये नकद की मांग की जा रही थी। मायके पक्ष ने 16 अक्टूबर को कोहिनूर की हत्या किए जाने का आरोप लगाया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस की जांच में सामने आया कि दहेज की मांग और पारिवारिक मामलों को लेकर कोहिनूर और उसके पति के बीच विवाद होता था। पुलिस का कहना है कि घटना वाले दिन भी दोनों के बीच कहासुनी हुई….जिसमें परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हो गए।

पुलिस के मुताबिक आरोप है कि विवाद बढ़ने पर कोहिनूर के साथ मारपीट की गई और उसका मुंह कपड़े से बंद कर गला दबाया गया। उसकी मौत के बाद घटना को आत्महत्या दिखाने के लिए गले में दुपट्टा बांधकर पंखे से लटकाने की कोशिश किए जाने का भी आरोप है। पुलिस इन तथ्यों की जांच कर रही है।

मामले में कार्रवाई करते हुए रामनगर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मृतका का पति उवेश (22), सास नसरीन (50), जेठ अनस (23) और ननद शबा (20) शामिल हैं। सभी रामनगर के खताड़ी क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।

पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े साक्ष्यों और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल जारी है। अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

इस मामले में कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम को प्रोत्साहित करने के लिए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने 2,500 रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है।

उत्तराखंड: दलेर मेहंदी विवाद में CM धामी की एंट्री, मीका सिंह से की बात, जानिए क्या कहा ?

Dehradun | Pushkar Singh Dhami | Daler Mehndi: टिहरी के कुंजापुरी मेले में गायक दलेर मेहंदी और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच हुए विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मामले में संगीत और फिल्म जगत की हस्तियां दलेर मेहंदी के समर्थन में सामने आई हैं। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी विवाद को सुलझाने की पहल की है। उन्होंने 22 अक्टूबर को गायक मीका सिंह से फोन पर बातचीत की।

सीएम धामी ने बातचीत के दौरान कहा कि किसी भी तरह की गलतफहमी या मतभेद को आपसी संवाद और सौहार्द के साथ दूर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड हमेशा ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के साथ आगे बढ़ा है। प्रदेश में देश और दुनिया से आने वाले सभी कलाकारों का स्वागत और सम्मान है। राज्य सरकार कला, संस्कृति और कलाकारों के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है।

दलेर मेहंदी के समर्थन में आए मीका सिंह को लेकर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मीका सिंह, दलेर मेहंदी के भाई हैं और बॉलीवुड में दोनों की वर्षों पुरानी पहचान है। ऐसे में उनके मित्रों का दलेर मेहंदी के समर्थन में आना स्वाभाविक है। मंत्री ने कहा कि जो लोग दोस्ती का फर्ज निभा रहे हैं, वे अच्छा कर रहे हैं।

क्या है पूरा विवाद?

यह मामला 18 अक्टूबर को टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का है। कार्यक्रम में दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान बैकग्राउंड में रिकॉर्डेड आवाज सुनाई देने का आरोप लगा था। मंच पर मौजूद मंत्री सुबोध उनियाल ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा था कि लोग गायक को लाइव सुनने आए हैं रिकॉर्डेड आवाज सुनने नहीं।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मंत्री के मंच पर सवाल उठाने के तरीके को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई। इसके बाद कई कलाकार दलेर मेहंदी के समर्थन में सामने आए।

फिल्म जगत की संस्था ने भी जताई आपत्ति

विवाद में फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयीज (FWICE) भी शामिल हो गई है। संस्था ने दलेर मेहंदी का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखा है। पत्र में मंत्री सुबोध उनियाल की शिकायत किए जाने की बात सामने आई है।

घोड़ा-खच्चर संचालक की बेटी अब खेलेगी उत्तराखंड की महिला क्रिकेट टीम में, पढ़िए सक्सेस स्टोरी

Rudraprayag | Ritika Rawat | Uttarakhand | Cricket : केदारघाटी के रामपुर-न्यालसू गांव की बेटी रीतिका रावत ने अपनी मेहनत के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 20 साल की उम्र में उनका चयन उत्तराखंड की सीनियर महिला क्रिकेट टीम में हुआ है। साधारण परिवार से आने वाली रीतिका ने सीमित संसाधनों के बीच क्रिकेट का अभ्यास जारी रखा और अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलने जा रहा है।

रीतिका के पिता महेंद्र सिंह रावत केदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़ा-खच्चर चलाने का काम करते हैं….जबकि उनकी मां अरुणा देवी गृहिणी हैं। परिवार की सामान्य आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद रीतिका ने क्रिकेट के प्रति अपने जुनून को कम नहीं होने दिया। उन्होंने खेतों में अभ्यास करके अपनी गेंदबाजी को बेहतर बनाया और लगातार मेहनत करती रहीं।

रीतिका बाएं हाथ की ऑर्थोडॉक्स स्पिन गेंदबाज हैं। उन्होंने पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, ऊखीमठ से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद मदमहेश्वर क्रिकेट एकेडमी में कोच गणेश वर्मा के मार्गदर्शन में क्रिकेट की बारीकियां सीखीं। फिलहाल वह देहरादून की निंबस क्रिकेट एकेडमी में अभ्यास कर रही हैं।

उत्तराखंड की सीनियर महिला टीम में चयन के बाद रीतिका के सामने अब राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर है। वह 23 अक्टूबर को टीम के साथ पुणे के लिए रवाना होंगी। इस चयन को उनके क्रिकेट करियर का अहम पड़ाव माना जा रहा है।

रीतिका की उपलब्धि से केदारघाटी और रुद्रप्रयाग जिले में खुशी का माहौल है। उनकी सफलता क्षेत्र की उन बेटियों के लिए भी प्रेरणा है….जो सीमित सुविधाओं के बीच अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रही हैं।

केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने रीतिका के चयन पर खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी है। वहीं क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई है कि रीतिका राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर उत्तराखंड और रुद्रप्रयाग का नाम रोशन करेंगी।

उत्तराखंड: एमडीडीए का बड़ा एक्शन, छह जगह अवैध निर्माण सील

Dehradun News | MDDA Action | Illegal Construction : मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए छह स्थानों पर सीलिंग की है। प्राधिकरण की टीम ने हरभजवाला, मेहुवाला माफी, चंद्रमणी रोड और राजपुर रोड पर बिना जरूरी मंजूरी या स्वीकृत नक्शे के किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की। इनमें आवासीय क्षेत्रों में बनाई जा रही दुकानें और अन्य निर्माण भी शामिल हैं।

एमडीडीए की यह कार्रवाई उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। प्राधिकरण ने साफ किया है कि भवन निर्माण के लिए जरूरी अनुमति और स्वीकृत मानचित्र का पालन करना अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

प्राधिकरण की टीम ने हरभजवाला क्षेत्र में अशरफ अली की ओर से बनाई जा रही छह दुकानों को सील किया। एमडीडीए के मुताबिक इन दुकानों के निर्माण के लिए जरूरी स्वीकृति नहीं ली गई थी। इसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की।

शिमला बाईपास रोड के पास मेहुवाला माफी क्षेत्र में भी प्राधिकरण ने कार्रवाई की। यहां शाहिद राव की ओर से किए जा रहे दो अलग-अलग निर्माणों को सील किया गया। इसी इलाके में फईयाज राव के एक अन्य निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।

एमडीडीए की टीम ने चंद्रमणी रोड पर पूजा विहार के नजदीक ललित कश्यप की ओर से किए जा रहे निर्माण को सील किया। प्राधिकरण के मुताबिक इस निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृत नहीं कराया गया था।

वहीं राजपुर रोड पर साई मंदिर के पास अमित गर्ग के निर्माण के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। टीम ने निर्माण स्थल को सील कर दिया।

प्राधिकरण ने आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भवन बनाने और बिना मंजूरी निर्माण करने के मामलों पर सख्ती बरतने की बात कही है। एमडीडीए का कहना है कि निर्माण शुरू करने से पहले संबंधित मानचित्र और जरूरी अनुमतियां लेना जरूरी है। तय नियमों का पालन नहीं होने पर सीलिंग समेत अन्य कार्रवाई की जा सकती है।

निर्माण संबंधी नियमों का पालन न होने से भूमि उपयोग और शहरी नियोजन से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसी को देखते हुए प्राधिकरण की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में निर्माण कार्यों की निगरानी कर रही हैं।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून का सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। हर निर्माणकर्ता की जिम्मेदारी है कि वह भवन निर्माण से पहले जरूरी स्वीकृतियां प्राप्त करे और तय नियमों का पालन करे।

उन्होंने कहा कि बिना अनुमति निर्माण करने और आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक भवन तैयार करने के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे निर्माणों पर नजर रखने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने निर्माणकर्ताओं से भवन बनाने से पहले मानचित्र स्वीकृत कराने और संबंधित नियमों का पालन करने की अपील की।