उत्तराखंड: आंगनवाड़ी व्यवस्था पर बड़ा एक्शन, सख्त निगरानी के आदेश!

ChildWelfare|WomenEmpowerment|AnganwadiServices|NutritionScheme|HaldwaniNews : बाल संरक्षण आयोग के सदस्य योगेश रजवार की अध्यक्षता में ब्लॉक सभागार हल्द्वानी में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा बाल एवं महिला पोषण योजनाओं, महालक्ष्मी किट, रेडी-टू-ईट, अनुपूरक पोषाहार, आंचल अमृत योजना, नंदा गौरा योजना, PMMVY तथा वन स्टॉप सेंटर के संचालन सहित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

अध्यक्ष योगेश रजवार ने निर्देश दिए कि सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं सुपरवाइजर अपने-अपने क्षेत्रों में आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित अनुश्रवण करें और सुनिश्चित करें कि पोषण, स्वास्थ्य एवं शिक्षा से जुड़ी सभी सेवाएं पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि योजनाओं से वंचित बच्चों के लिए आधार कैंप आयोजित किए जाएं तथा मई माह के अंत तक सभी परियोजना अधिकारी अपने भ्रमण कार्यक्रम साझा करें। साथ ही जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों का संयुक्त निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक के बाद ब्लॉक परिसर में स्थित वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण भी किया गया…जहां सेवाओं के प्रभावी संचालन की समीक्षा की गई।

उत्तराखंड: सड़कों पर दिखने वाले बच्चों को लेकर बड़ा एक्शन प्लान, अब हर बच्चे पर होगी नजर

Child Labour Eradication | Haldwani Meeting | Uttarakhand Child Protection Commission | Rescue Rehabilitation | Interdepartmental Coordination : बाल श्रम उन्मूलन को लेकर उप श्रम आयुक्त कार्यालय हल्द्वानी के सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता योगेश सिंह रजवार सदस्य उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग ने की।

बैठक में श्रम विभाग, पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग (चाइल्ड हेल्पलाइन), विधिक सेवा प्राधिकरण और धरोहर संस्था समेत विभिन्न विभागों व संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

अध्यक्षता करते हुए योगेश सिंह रजवार ने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे अभियानों को और तेज करने की जरूरत है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और संयुक्त कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि प्रभावी परिणाम सामने आ सकें।

बैठक में रेस्क्यू, चिन्हीकरण और पुनर्वास जैसी प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया। साथ ही कूड़ा बीनने, गुब्बारे और पेन बेचने तथा भिक्षावृत्ति में लगे बच्चों को चिन्हित कर उन्हें बाल श्रम से मुक्त कर मुख्यधारा से जोड़ने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में रोस्टर बनाकर विशेष अभियान चलाने और जनजागरूकता बढ़ाने के लिए प्रिंट व सोशल मीडिया का अधिक से अधिक उपयोग करने को कहा गया। इसके अलावा, जिले में इस दिशा में कार्य कर रहे लोगों और संस्थाओं को जिला टास्क फोर्स से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में बाल श्रम उन्मूलन के लिए सभी विभागों ने मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

हल्द्वानी के 10 स्कूलों को नोटिस जारी

Haldwani: Schools: Dm Rayal: जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल के निर्देशों के क्रम में मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल द्वारा जनपद के विभिन्न निजी विद्यालयों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों एवं जांच आख्या के आधार पर कार्यवाही करते हुए 10 और निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

नोटिस प्राप्त करने वाले विद्यालयों में वुडलैंड सीनियर सेकेंडरी स्कूल हिम्मतपुर तल्ला हल्द्वानी, डी लैंप पब्लिक स्कूल दमुआढूंगा हल्द्वानी, दर्पण पब्लिक स्कूल हरिपुरनायक कुसुमखेड़ा हल्द्वानी, इम्युनल पब्लिक स्कूल मुखानी हल्द्वानी, हाइलेंडर्स पब्लिक स्कूल कलावती कॉलोनी हल्द्वानी, ग्रीन सिटी पब्लिक स्कूल बरेली रोड हल्द्वानी, टेंडर फीट पब्लिक स्कूल दमुआढूंगा हल्द्वानी, एल्केमे स्कूल कुसुमखेड़ा हल्द्वानी, जय दुर्गे एजुकेशनल पब्लिक स्कूल दमुआढूंगा बंदोबस्ती हल्द्वानी तथा न्यू फेगलैंड पब्लिक स्कूल हल्द्वानी शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व हल्द्वानी, लालकुआं, रामनगर, भवाली एवं भीमताल क्षेत्र के 28 विद्यालयों को भी नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

प्रमुख आरोप एवं अनियमितताएं


जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आए कि कई निजी विद्यालयों द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम में एनसीईआरटी पुस्तकों के अतिरिक्त अत्यधिक महंगी निजी प्रकाशनों की पुस्तकें अनिवार्य की गई हैं, जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त कुछ विद्यालयों द्वारा विशिष्ट विक्रेताओं से पुस्तकें एवं अन्य शिक्षण सामग्री क्रय करने हेतु अप्रत्यक्ष दबाव बनाया जा रहा है तथा विद्यालयों की वेबसाइट पर अनिवार्य सूचनाओं का प्रकटीकरण भी नहीं किया गया है।

विधिक आधार एवं निर्देश


यह कार्यवाही ‘बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009’, ‘उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019’ तथा माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में की जा रही है। शासन का उद्देश्य शिक्षा को सुलभ, पारदर्शी एवं आर्थिक रूप से न्यायसंगत बनाना है।

मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा संबंधित विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि 15 दिवस के भीतर संशोधित पुस्तक सूची जारी कर एनसीईआरटी पुस्तकों को प्राथमिकता दी जाए।
किसी भी प्रकार की विक्रेता विशेष की बाध्यता तत्काल समाप्त की जाए। विद्यालय अपनी वेबसाइट पर पुस्तक सूची एवं शुल्क संरचना का पूर्ण प्रकटीकरण सुनिश्चित करें।

अभिभावकों द्वारा पूर्व में खरीदी गई अनावश्यक पुस्तकों के संबंध में धनवापसी/समायोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। शिक्षण शुल्क के अतिरिक्त वसूले गए विभिन्न अवांछित शुल्कों का समायोजन आगामी महीनों की फीस में किया जाए।

जिलाधिकारी के निर्देशानुसार संबंधित विद्यालय की जांच हेतु विकासखंड स्तरीय संयुक्त जांच समिति गठित की गई है, जो 15 दिनों के भीतर अपनी जांच आख्या प्रस्तुत करेगी। निर्धारित समयसीमा में आदेशों का अनुपालन न करने की स्थिति में संबंधित विद्यालयों के विरुद्ध मान्यता निलंबन/निरस्तीकरण सहित विधिक एवं दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। जारी नोटिस में कहा गया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है एवं किसी भी प्रकार की अवहेलना को गंभीर उल्लंघन मानते हुए कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी रहेगा, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

Uttarakhand: Weather: Rain: Alert: उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते प्रदेशभर में अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक मौसम के तेवर तल्ख बने रहेंगे। खासकर पर्वतीय जिलों उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में गरज-चमक के साथ तेज बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

साथ ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की भी आशंका जताई गई है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के साथ ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के कारण प्रदेश में बादलों का डेरा बना रहेगा और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश के दौर जारी रह सकते हैं। इसके अलावा पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया सिस्टम भी जल्द असर दिखा सकता है, जिससे मौसम का यह अस्थिर दौर आगे भी बना रहने की संभावना है।

बागेश्वर की प्रेमा रावत का इंग्लैंड दौरे के लिए चयन, वनडे और टी-20 टीम में मिली जगह

Uttarakhand: Bageshwar: Prema Rawat: Cricket: India: England भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने महिला क्रिकेट को मजबूती देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए इंग्लैंड दौरे के लिए भारत ‘ए’ महिला टीम का ऐलान कर दिया है। इस दौरे में टीम 3-3 अनाधिकारिक टी20 और वनडे मुकाबले खेलेगी। चयन में युवा खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी गई है, जिससे भविष्य के लिए मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार की जा सके।

इंग्लैंड दौरे के लिए घोषित भारतीय महिला ‘ए’ टीम में कई उभरते चेहरों को मौका मिला है। वनडे टीम की कमान हरलीन देओल को सौंपी गई है, जबकि टी20 टीम की कप्तानी युवा खिलाड़ी अनुष्का शर्मा करेंगी। इस टीम में बागेश्वर कपकोट निवासी प्रेमा रावत को भी जगह मिली है। प्रेमा ने घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। इसके चलते उन्हें टीम में शामिल किया गया है। वहीं WPL में आरसीबी टीम की सदस्य हैं।

टी20 स्क्वाड में वृन्दा दिनेश को उपकप्तान बनाया गया है, वहीं जी कमालिनी और उमा छेत्री विकेटकीपर की भूमिका निभाएंगी। इसके अलावा वैष्णवी शर्मा, श्वेता सेहरावत, मिन्नू मनी और शबनम शकील जैसे युवा खिलाड़ियों को भी टीम में जगह दी गई है। वहीं वनडे टीम में प्रतिका रावल को उपकप्तान बनाया गया है। प्रिया पूनिया, तेजल हसबनीस, निकी प्रसाद और सयाली सतघरे जैसे खिलाड़ियों को भी मौका मिला है।

बीसीसीआई का यह कदम महिला क्रिकेट में प्रतिभाओं को निखारने और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इंग्लैंड दौरा इन खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मंच होगा।

पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी पर खरे उतरे धामी, उत्तराखंड मॉडल से भाजपा को मिली मजबूती

BJP Victory | West Bengal Election | Pushkar Singh Dhami | UCC | Political Impact : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद पूरे देश में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच जश्न का माहौल देखने को मिल रहा है। इस जीत में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भूमिका को भी काफी अहम माना जा रहा है।

चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने पश्चिम बंगाल की कई महत्वपूर्ण सीटों पर जनसभाएं की थीं। इनमें बनगांव दक्षिण, बनगांव उत्तर, बगदा और गैघाटा विधानसभा क्षेत्र शामिल रहे। इन सभाओं में भारी भीड़ उमड़ी…जिससे उनकी लोकप्रियता साफ नजर आई।

बताया जा रहा है कि बनगांव दक्षिण से स्वप्न मजूमदार, बनगांव उत्तर से अशोक कीर्तनिया, बगदा से सोमा ठाकुर और गैघाटा से शुभ्रत ठाकुर की जीत ने बीजेपी की स्थिति को और मजबूत कर दिया है। इन नतीजों के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह और बढ़ गया है।

चुनाव प्रचार के दौरान बंगाल के लोगों ने उत्तराखंड में लागू यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) की भी सराहना की। इसे धामी सरकार की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन सीटों पर मिली जीत से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की लोकप्रियता अब राज्य की सीमाओं से बाहर भी बढ़ रही है। बीजेपी के लिए यह एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है…खासकर उन राज्यों में जहां पार्टी अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।

हल्द्वानी में खुले में मीट बिक्री पर रोक, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

Haldwani Meat Sale Rules | Nagar Nigam Action | Public Hygiene Update : नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम में हुई एक बैठक के दौरान महापौर गजराज बिष्ट ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।

महापौर ने कहा कि शहर में कोई भी मीट-मांस विक्रेता खुले में मांस का विक्रय नहीं करेगा। सभी दुकानदारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि मांस को ढककर ही बेचा जाए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस नियम का पालन तीन दिन के भीतर करना जरूरी है। इसके बाद भी अगर कोई दुकानदार नियमों का उल्लंघन करता पाया गया…तो उसके खिलाफ चालान और अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम का कहना है कि यह कदम शहर में स्वच्छता बनाए रखने और लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

उत्तराखंड में आकाशीय बिजली गिरने से 500 बकरियों की मौत, पशुपालकों को भारी नुकसान

Chamoli Lightning Incident | Goat Deaths | Uttarakhand Weather : उत्तराखंड के चमोली जिले की निजमुला घाटी के भनाली तोक में बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में करीब 500 बकरियों की मौत हो गई।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने कहा कि ये बकरियां चरने के लिए भनाली तोक इलाके में गई थीं। अचानक खराब मौसम के बीच बिजली गिरने से यह हादसा हुआ।

जानकारी के अनुसार ये बकरियां 14 भेड़पालकों की थीं। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में बकरियों के मरने से पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

घटना के बाद पशुपालन विभाग की टीम के द्वारा बकरियों का पोस्टमार्टम किया जाएगा…ताकि मौत के कारणों की पुष्टि की जा सके।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रभावित भेड़पालकों को मुआवजा देने की मांग की है।

उत्तराखंड में स्कूल टाइमिंग बदली, अब दो शिफ्ट में चलेंगे विद्यालय

Uttarakhand School Timing | New Timetable | Summer Winter Schedule : उत्तराखंड सरकार ने सभी राजकीय और निजी प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों के लिए नई समय-सारिणी तय कर दी है। अब स्कूल साल में दो मौसम ग्रीष्मकाल और शीतकाल के अनुसार चलेंगे। यह फैसला छात्रों की सुविधा मौसम और पढ़ाई की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

शासन ने पहले 6 अप्रैल 2026 को जारी समय-सारिणी में आंशिक बदलाव करते हुए नया आदेश लागू किया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि पढ़ाई के कुल समय में किसी भी तरह की कमी नहीं की जाएगी।

ग्रीष्मकालीन समय-सारिणी (1 अप्रैल से 30 सितंबर):
इस दौरान स्कूल सुबह जल्दी शुरू होंगे। प्रार्थना सभा 7:15 से 7:30 बजे तक होगी और इसके बाद कक्षाएं चलेंगी। स्कूल का समय सुबह 7:15 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक रहेगा।

पहली कक्षा: 7:30 – 8:10
दूसरी कक्षा: 8:10 – 8:50
तीसरी कक्षा: 8:50 – 9:30
चौथी कक्षा: 9:30 – 10:10
मध्यांतर: 10:10 – 10:40
पांचवीं कक्षा: 10:40 – 11:15
छठी कक्षा: 11:15 – 11:50
सातवीं कक्षा: 11:50 – 12:25
आठवीं कक्षा: 12:25 – 1:00

शीतकालीन समय-सारिणी (1 अक्टूबर से 31 मार्च)
सर्दियों में स्कूल देर से शुरू होंगे। प्रार्थना सभा 8:45 से 9:00 बजे तक होगी। स्कूल का समय सुबह 8:45 बजे से दोपहर 3:10 बजे तक रहेगा।

पहली कक्षा: 9:00 – 9:45
दूसरी कक्षा: 9:45 – 10:30
तीसरी कक्षा: 10:30 – 11:15
चौथी कक्षा: 11:15 – 12:00
मध्यांतर: 12:00 – 12:30
पांचवीं कक्षा: 12:30 – 1:10
छठी कक्षा: 1:10 – 1:50
सातवीं कक्षा: 1:50 – 2:30
आठवीं कक्षा: 2:30 – 3:10

सरकार ने यह भी कहा है कि यदि किसी क्षेत्र में भौगोलिक या मौसम की वजह से बदलाव जरूरी हो…तो स्थानीय स्तर पर प्रस्ताव बनाया जा सकता है। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति निर्णय लेगी।

रामनगर-देहरादून के बीच नई रेल सेवा को मिली मंजूरी

Ramnagar Dehradun Train | New Rail Service Approval | Uttarakhand Connectivity : केंद्र सरकार ने रामनगर और देहरादून के बीच नई रेल सेवा शुरू करने को मंजूरी दे दी है। रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने इस संबंध में गढ़वाल के सांसद अनिल बलूनी को पत्र भेजकर जानकारी दी।

सांसद अनिल बलूनी ने जनवरी में रेल मंत्री से मुलाकात कर रामनगर-देहरादून के बीच सीधी ट्रेन चलाने की मांग की थी। अब इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है।

सांसद बलूनी ने इसके लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद जताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में रेल सुविधाओं को लेकर सरकार लगातार अच्छा काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में रेल नेटवर्क का विस्तार हो रहा है….जिससे लोगों को बेहतर यात्रा सुविधा मिल रही है।

उन्होंने बताया कि इससे पहले भी काठगोदाम-देहरादून नैनी दून एक्सप्रेस, कोटद्वार-नई दिल्ली रेल सेवा और देहरादून-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी सुविधाएं शुरू की जा चुकी हैं।

बलूनी ने कहा कि नई रामनगर-देहरादून रेल सेवा शुरू होने से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे यात्रा का समय कम होगा खर्च घटेगा और क्षेत्र के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। यह उत्तराखंड के समग्र विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।