उत्तराखंड में आकाशीय बिजली गिरने से 500 बकरियों की मौत, पशुपालकों को भारी नुकसान

Chamoli Lightning Incident | Goat Deaths | Uttarakhand Weather : उत्तराखंड के चमोली जिले की निजमुला घाटी के भनाली तोक में बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में करीब 500 बकरियों की मौत हो गई।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने कहा कि ये बकरियां चरने के लिए भनाली तोक इलाके में गई थीं। अचानक खराब मौसम के बीच बिजली गिरने से यह हादसा हुआ।

जानकारी के अनुसार ये बकरियां 14 भेड़पालकों की थीं। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में बकरियों के मरने से पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

घटना के बाद पशुपालन विभाग की टीम के द्वारा बकरियों का पोस्टमार्टम किया जाएगा…ताकि मौत के कारणों की पुष्टि की जा सके।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रभावित भेड़पालकों को मुआवजा देने की मांग की है।

उत्तराखंड में स्कूल टाइमिंग बदली, अब दो शिफ्ट में चलेंगे विद्यालय

Uttarakhand School Timing | New Timetable | Summer Winter Schedule : उत्तराखंड सरकार ने सभी राजकीय और निजी प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों के लिए नई समय-सारिणी तय कर दी है। अब स्कूल साल में दो मौसम ग्रीष्मकाल और शीतकाल के अनुसार चलेंगे। यह फैसला छात्रों की सुविधा मौसम और पढ़ाई की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

शासन ने पहले 6 अप्रैल 2026 को जारी समय-सारिणी में आंशिक बदलाव करते हुए नया आदेश लागू किया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि पढ़ाई के कुल समय में किसी भी तरह की कमी नहीं की जाएगी।

ग्रीष्मकालीन समय-सारिणी (1 अप्रैल से 30 सितंबर):
इस दौरान स्कूल सुबह जल्दी शुरू होंगे। प्रार्थना सभा 7:15 से 7:30 बजे तक होगी और इसके बाद कक्षाएं चलेंगी। स्कूल का समय सुबह 7:15 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक रहेगा।

पहली कक्षा: 7:30 – 8:10
दूसरी कक्षा: 8:10 – 8:50
तीसरी कक्षा: 8:50 – 9:30
चौथी कक्षा: 9:30 – 10:10
मध्यांतर: 10:10 – 10:40
पांचवीं कक्षा: 10:40 – 11:15
छठी कक्षा: 11:15 – 11:50
सातवीं कक्षा: 11:50 – 12:25
आठवीं कक्षा: 12:25 – 1:00

शीतकालीन समय-सारिणी (1 अक्टूबर से 31 मार्च)
सर्दियों में स्कूल देर से शुरू होंगे। प्रार्थना सभा 8:45 से 9:00 बजे तक होगी। स्कूल का समय सुबह 8:45 बजे से दोपहर 3:10 बजे तक रहेगा।

पहली कक्षा: 9:00 – 9:45
दूसरी कक्षा: 9:45 – 10:30
तीसरी कक्षा: 10:30 – 11:15
चौथी कक्षा: 11:15 – 12:00
मध्यांतर: 12:00 – 12:30
पांचवीं कक्षा: 12:30 – 1:10
छठी कक्षा: 1:10 – 1:50
सातवीं कक्षा: 1:50 – 2:30
आठवीं कक्षा: 2:30 – 3:10

सरकार ने यह भी कहा है कि यदि किसी क्षेत्र में भौगोलिक या मौसम की वजह से बदलाव जरूरी हो…तो स्थानीय स्तर पर प्रस्ताव बनाया जा सकता है। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति निर्णय लेगी।

रामनगर-देहरादून के बीच नई रेल सेवा को मिली मंजूरी

Ramnagar Dehradun Train | New Rail Service Approval | Uttarakhand Connectivity : केंद्र सरकार ने रामनगर और देहरादून के बीच नई रेल सेवा शुरू करने को मंजूरी दे दी है। रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने इस संबंध में गढ़वाल के सांसद अनिल बलूनी को पत्र भेजकर जानकारी दी।

सांसद अनिल बलूनी ने जनवरी में रेल मंत्री से मुलाकात कर रामनगर-देहरादून के बीच सीधी ट्रेन चलाने की मांग की थी। अब इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है।

सांसद बलूनी ने इसके लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद जताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में रेल सुविधाओं को लेकर सरकार लगातार अच्छा काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में रेल नेटवर्क का विस्तार हो रहा है….जिससे लोगों को बेहतर यात्रा सुविधा मिल रही है।

उन्होंने बताया कि इससे पहले भी काठगोदाम-देहरादून नैनी दून एक्सप्रेस, कोटद्वार-नई दिल्ली रेल सेवा और देहरादून-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी सुविधाएं शुरू की जा चुकी हैं।

बलूनी ने कहा कि नई रामनगर-देहरादून रेल सेवा शुरू होने से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे यात्रा का समय कम होगा खर्च घटेगा और क्षेत्र के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। यह उत्तराखंड के समग्र विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

नैनीताल जिले में कई स्कूल…फीस वापस या एडजेस्ट करने के निर्देश !

Uttarakhand: Nainital: Schools: Fees: जनपद नैनीताल में निजी विद्यालयों द्वारा पाठ्यक्रम, शुल्क एवं अन्य व्यवस्थाओं में अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशों के क्रम में मुख्य शिक्षा अधिकारी, नैनीताल गोविन्द राम जायसवाल द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। पूर्व में हल्द्वानी, लालकुआं, रामनगर एवं भीमताल क्षेत्र के 17 विद्यालयों को नोटिस जारी किए जाने के उपरांत अब अन्य विद्यालयों के विरुद्ध भी कार्यवाही की गई है।

मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतों/जनसुनवाई एवं विभिन्न स्तरों पर प्राप्त प्रतिवेदनों के आधार पर विभिन्न विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है जिनमें श्री गुरु नानक पब्लिक स्कूल रामनगर, ग्रीनवुड ग्लोबल स्कूल हल्द्वानी, ओकवार्ड पब्लिक स्कूल रामनगर, ग्रीन फील्ड एकेडमी रामनगर, मदर ग्लोरी पब्लिक स्कूल रामनगर, शाइनिंग स्टार स्कूल रामनगर, डी विटो स्कूल भवाली, महर्षि विद्या मंदिर भवाली, निर्मला कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल हल्द्वानी, क्वींस सीनियर सेकेंडरी स्कूल हल्द्वानी, द सनबीम पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, शामिल हैं।

जारी आदेश के अनुसार, परीक्षण में यह तथ्य प्रकाश में आए हैं कि कुछ विद्यालयों द्वारा एन.सी.ई.आर.टी. पुस्तकों के अतिरिक्त अत्यधिक महंगी निजी प्रकाशनों की पुस्तकें अनिवार्य की जा रही हैं, जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है। साथ ही कुछ विद्यालयों द्वारा विशिष्ट विक्रेताओं से पुस्तकें एवं अन्य सामग्री क्रय करने हेतु बाध्य किए जाने तथा विद्यालयों की वेबसाइट पर अनिवार्य सूचनाओं का प्रकटीकरण न किए जाने की शिकायतें भी प्राप्त हुई हैं।

मुख्य शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि उक्त कृत्य “राइट ऑफ चिल्ड्रन टू फ्री एंड कंपलसरी एजुकेशन एक्ट 2009, सीबीएसई दिशा-निर्देशों एवं कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 के प्रावधानों के प्रतिकूल हैं। विद्यालयों को “नो प्रॉफिट नो लॉस” के सिद्धांत पर संचालित किया जाना अपेक्षित है।

आदेश में संबंधित विद्यालयों को 15 दिवस के भीतर बुक लिस्ट में संशोधन कर एन.सी.ई.आर.टी. पुस्तकों को प्राथमिकता देने, अनावश्यक/महंगी पुस्तकों को हटाने, वेबसाइट पर बुक लिस्ट एवं फीस संरचना का अनिवार्य प्रकटीकरण करने तथा अभिभावकों से वसूल की गई अतिरिक्त धनराशि के समायोजन/वापसी हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में संबंधित प्रकरण की जांच हेतु विकासखंड स्तर पर संयुक्त जांच समिति गठित की गई है, जो निर्धारित समयावधि में जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समयावधि में निर्देशों का अनुपालन न किए जाने की स्थिति में संबंधित विद्यालयों के विरुद्ध मान्यता निरस्तीकरण/निलंबन, सीबीएसई को संबद्धता संबंधी कार्यवाही हेतु संस्तुति, अर्थदंड तथा अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

कुमाऊं विश्वविद्यालय में यूजी एडमिशन शुरू

KumaunUniversity | Admission2026 | UGAdmission | SamarthPortal | BAAdmission | BScAdmission | BComAdmission | HaldwaniNews | EducationNews | ABCID | NEP2020 | UttarakhandEducation : कुमाऊं विश्वविद्यालय में स्नातक (यूजी) स्तरीय सभी पाठ्यक्रमों जैसे बीए, बीएससी और बीकॉम में प्रवेश के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू कर दी गई है। सत्र 2026-27 के लिए इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं अब समर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

छात्र-छात्राएं डीएसबी परिसर नैनीताल एमबीपीजी और महिला महाविद्यालय हल्द्वानी सहित विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी सरकारी एवं निजी कॉलेजों में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। पंजीकरण प्रक्रिया 31 मई तक जारी रहेगी।

कुमाऊं विश्वविद्यालय की समर्थ पोर्टल नोडल अधिकारी डॉ. उमंग ने जानकारी दी कि आवेदन के लिए छात्रों को 50 रुपये का ऑनलाइन पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा। रजिस्ट्रेशन लिंक ukadmission.samarth.ac.in के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। एक बार पंजीकरण करने के बाद छात्र अधिकतम 10 कॉलेजों और विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि 31 मई के बाद पंजीकरण डेटा के आधार पर कॉलेज स्तर पर मेरिट तैयार की जाएगी। जून के पहले सप्ताह में मेरिट सूची जारी होने की संभावना है और इसी महीने के भीतर प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। जुलाई से नए सत्र की कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी।

डॉ. उमंग ने छात्रों को सलाह दी है कि आवेदन करते समय सभी जानकारी सावधानीपूर्वक भरें और मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी स्वयं के ही उपयोग करें। नाम, पिता का नाम और अन्य विवरणों की स्पेलिंग ठीक से जांचना आवश्यक है।

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत छात्रों के लिए अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC ID) बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह आईडी डिजीलॉकर या abc.gov.in पोर्टल के माध्यम से आधार नंबर की मदद से बनाई जा सकती है और प्रवेश आवेदन के समय इसे दर्ज करना जरूरी है।

ऋषिकेश में राफ्टिंग पर बड़ा एक्शन, 4 कंपनियां 15 दिन के लिए बंद!

Rishikesh Rafting Ban Weather Alert Safety Rules Enforcement Adventure Tourism | अचानक बदले मौसम ने गंगा में रोमांच का रुख कुछ घंटों के लिए थाम दिया। रविवार सुबह तेज वर्षा और अंधड़ के चलते प्रशासन ने सुबह से 11:30 बजे तक राफ्टिंग गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी। मौसम के सामान्य होते ही दोबारा राफ्टिंग शुरू कर दी गई…जिससे पर्यटकों ने राहत की सांस ली।

राफ्टिंग एवं साहसिक खेल अधिकारी (मुनिकीरेती) जसपाल चौहान ने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर विभाग पूरी तरह सतर्क है और सभी संचालकों से तय मानकों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसी क्रम में विभाग ने नियमों की अनदेखी करने वाली चार राफ्टिंग कंपनियों पर 15 दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। जांच में सामने आया कि इन कंपनियों द्वारा पर्यटकों को जर्जर लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई जा रही थीं नावों में ओवरलोडिंग की जा रही थी और हेलमेट जैसे जरूरी सुरक्षा उपकरणों में भी मानकों की अनदेखी की जा रही थी।

अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे। प्रशासन का कहना है कि रोमांच के साथ-साथ सुरक्षा सबसे जरूरी है और इसमें किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

टिहरी झील के फ्लोटिंग हट्स पर रोक, कमेटी करेगी जांच

Tehri Floating Huts Incident Safety Investigation SDRF Rescue Uttarakhand News | बीते शनिवार देर शाम डोबरा-चांठी क्षेत्र के समीप टिहरी झील में बने फ्लोटिंग हट्स अचानक तकनीकी खराबी के चलते जोखिमपूर्ण स्थिति में आ गए। जानकारी के अनुसार हट्स के एक्सल-ज्वाइंट खुल जाने से संरचना अस्थिर हो गई….जिससे वहां मौजूद लोगों की सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगा।

घटना के समय फ्लोटिंग हट्स में करीब 30 लोग मौजूद थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। राहत की बात यह रही कि इस दौरान किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

प्रशासन द्वारा प्रारंभिक जांच में फ्लोटिंग हट्स का संचालन असुरक्षित पाया गया है। इसके चलते एहतियातन इनके संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पूर्ण सुरक्षा मानकों और आवश्यक सुधार कार्यों के बाद ही इनका दोबारा संचालन संभव होगा।

मुख्य विकास अधिकारी टिहरी वरुणा अग्रवाल ने घटना के कारणों की जांच और भविष्य में सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने के लिए एक समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता एसडीएम टिहरी कमलेश मेहता करेंगे।

समिति में अधीक्षण अभियंता लोनिवि केएस नेगी, पुलिस क्षेत्राधिकारी नई टिहरी चंद्रमोहन सिंह, जिला पर्यटन विकास अधिकारी सोबत सिंह राणा और एसडीआरएफ प्रभारी निरीक्षक कविंद्र सजवाण को सदस्य बनाया गया है।

प्रशासन ने समिति को निर्देश दिए हैं कि वे मौके का निरीक्षण कर घटना के कारणों का विस्तृत परीक्षण करें और चार दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

तूफानी बारिश से उत्तराखंड बेहाल: पेड़ गिरे, हाईवे जाम, बिजली गुल और रेल सेवाएं भी ठप

Uttarakhand Weather News | Heavy Rainfall Alert | Storm Damage India | Haridwar Waterlogging | Rishikesh Railway Disruption : उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है…जिससे प्रदेश भर में जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई जिलों में झमाझम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है। इस बदलाव से तापमान में गिरावट आई है…जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली….लेकिन तेज अंधड़ और बारिश ने नई परेशानियां खड़ी कर दी हैं।

तेज हवाओं के चलते कई जगहों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए जिससे यातायात बाधित हुआ। हरिद्वार के ज्वालापुर बाजार में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन गई…जिससे स्थानीय लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कनखल क्षेत्र की कई कॉलोनियों में भी पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हुआ।

ऋषिकेश में सुबह अचानक आए तेज तूफान ने हालात बिगाड़ दिए। श्यामपुर क्षेत्र के गुमानीवाला बायपास पर दो विशाल पेड़ गिरने से हाईवे पर लंबा जाम लग गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए खुद ही पेड़ों को हटाने का प्रयास शुरू किया…जिसके बाद पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मार्ग को साफ कराया।

श्यामपुर चौकी प्रभारी सुमित चौधरी ने कहा कि पेड़ों को हटाकर अब यातायात सामान्य कर दिया गया है। खराब मौसम को देखते हुए पुलिस ने वाहन चालकों और पैदल यात्रियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

वहीं बिजली व्यवस्था भी इस तूफान से प्रभावित हुई है। विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता शक्ति प्रसाद ने बताया कि पेड़ गिरने से कई बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं…जिससे आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। मरम्मत कार्य तेजी से जारी है और अस्थायी रूप से बिजली सप्लाई दी जा रही है…हालांकि एक ट्रांसफार्मर अभी बंद है।

रेल सेवाओं पर भी मौसम का असर देखने को मिला। ऋषिकेश में रेलवे ट्रैक के पास पेड़ गिरने से 25 हजार वोल्ट की ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन टूट गई…जिससे ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। रेलवे विभाग द्वारा लाइन को ठीक करने का कार्य जारी है।

उधर रामनगर में भी तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। तेज हवाओं से पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं…जबकि आम और लीची की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका से बागवान चिंतित हैं।

हल्द्वानी:सीएम धामी के निर्देश, DM रयाल का एक्शन, कई स्कूलों को वापस करनी पड़ सकती है फीस !

Haldwani: Schools: Fees: DM Lalit Mohan Rayal: उत्तराखंड में निजी स्कूलों की मनमानी पर अब बड़ा प्रहार शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निर्देश पर नैनीताल जिले से सख्त कार्रवाई की शुरुआत की गई है। हल्द्वानी और आसपास के 17 निजी विद्यालयों को आदेश जारी किया गया है कि री-एडमिशन, अतिरिक्त शुल्क या अन्य नामों पर अभिभावकों से वसूली गई रकम वापस करें या आगामी महीनों की फीस में समायोजित करें।

जिलाधिकारी Lalit Mohan Rayal के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने यह कार्रवाई की है। लंबे समय से अभिभावक निजी स्कूलों द्वारा महंगी किताबें एक ही दुकान से खरीदने का दबाव, बार-बार ड्रेस बदलवाने और निर्धारित दुकानों से जूते-ड्रेस लेने जैसी शिकायतों से परेशान थे।

प्रवेश सत्र शुरू होते ही प्रशासन ने करीब 100 विद्यालयों को नियम उल्लंघन के नोटिस भेजे थे। जवाबों की समीक्षा के बाद पहले चरण में 17 स्कूलों पर यह सख्त कदम उठाया गया है।

जिलाधिकारी ने साफ कहा है कि जारी आदेश का पालन न करने वाले विद्यालयों पर अगले दो सप्ताह में मान्यता रद्द करने की संस्तुति तक की जाएगी।

इस कार्रवाई से जहां अभिभावकों में राहत और खुशी का माहौल है, वहीं निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है। नैनीताल जिले से शुरू हुई यह मुहिम अब पूरे प्रदेश में बड़े अभियान का संकेत मानी जा रही है।

हल्द्वानी में कांग्रेस नेता हेमंत साहू का बड़ा बयान, प्राइवेट स्कूल अभिभावकों का आर्थिक शोषण

Uttarakhand News: Haldwani: Hemant Sahu: युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष हेमंत साहू ने निजी विद्यालयों पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि प्रदेश के कई प्राइवेट स्कूल अभिभावकों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए अभिभावक खुलकर विरोध नहीं कर पाते, लेकिन लगातार गोपनीय शिकायतें सामने आ रही हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं।

हेमंत साहू ने कहा कि जहां भी निजी स्कूलों की मनमानी और अतिरिक्त शुल्क वसूली की शिकायतें मिल रही हैं, वहां तत्काल सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल 17 स्कूलों पर कार्रवाई कर देने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि पूरे उत्तराखंड के सभी निजी विद्यालयों पर समान रूप से जांच और सख्ती लागू होनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि हल्द्वानी सहित प्रदेश के कई निजी स्कूल अब शिक्षा संस्थान कम और “लूट केंद्र” ज्यादा बन चुके हैं, जिससे अभिभावकों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

युवा कांग्रेस नेता ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए ठोस नीति बनाई जाए और ऐसे स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके।