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IT Job Fair | Uttarakhand Youth | Employment Opportunity | ITDA | Dehradun : उत्तराखंड में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (ITDA) द्वारा देहरादून में रोजगार मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन IRDT ऑडिटोरियम में किया गया…जिसमें आईटी और अन्य क्षेत्रों की प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया।
रोजगार मेले का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी भी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में रोजगार देने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया तथा युवाओं का उत्साहवर्धन किया गया।
रोजगार मेले में आईडीआईटी-ऐस्कल के प्रशिक्षित छात्र-छात्राओं, भूतपूर्व सैनिकों के आश्रितों और अन्य युवक-युवतियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी को देखते हुए भविष्य में भी ऐसे रोजगारोन्मुखी आयोजनों को बड़े स्तर पर आयोजित करने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड की 21 कंपनियों ने भाग लिया। विभिन्न क्षेत्रों में रिक्त पदों के लिए कुल 359 युवक-युवतियों ने साक्षात्कार दिया। चयन प्रक्रिया के बाद लगभग 195 अभ्यर्थियों का कंपनियों द्वारा चयन किया गया।
इस अवसर पर चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए। वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के रोजगार मेलों से युवाओं को प्रदेश में ही रोजगार के अवसर मिलेंगे और पलायन रोकने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम का संचालन आईडीआईटी CALC के नोडल अधिकारी द्वारा किया गया। आयोजन में आईटीडीए के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
Pushkar Singh Dhami | Uttarakhand Agriculture | Ideal Village | Farmer News | Horticulture | Uttarakhand News | Agriculture Development : मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड की बैठक में अधिकारियों को हर विकासखंड से एक गांव को कृषि और उद्यान के क्षेत्र में आदर्श गांव के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक खेती तकनीकों के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर क्षेत्र की जलवायु, भूमि और भौगोलिक परिस्थितियों का अध्ययन कर यह तय किया जाए कि वहां कौन-सी फसल, फल या सब्जियां बेहतर उत्पादन दे सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने कृषि बोर्ड को अगले तीन वर्षों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक में सरसों, तिल, सूरजमुखी और सोयाबीन जैसी तिलहनी फसलों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। साथ ही किसानों को उन्नत बीज, खाद और नई तकनीक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने बायोगैस संयंत्र और सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने किसानों को डिजिटल माध्यम से अपनी उपज बेचने के लिए प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में Anil Kumar Dabbu समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
Team India: Vaibhav Suryavanshi: Srilanka: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने जून में श्रीलंका में आयोजित होने वाली वनडे ट्राई सीरीज के लिए इंडिया-ए टीम का ऐलान कर दिया है। युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताते हुए चयनकर्ताओं ने 15 वर्षीय प्रतिभाशाली बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। बाएं हाथ के इस ओपनर को पहली बार इतने बड़े मंच पर खुद को साबित करने का अवसर मिला है।
टीम की कमान तिलक वर्मा को सौंपी गई है, जबकि रियान पराग को उपकप्तान बनाया गया है। इस ट्राई सीरीज में भारत-ए के अलावा मेजबान श्रीलंका-ए और अफगानिस्तान-ए टीमें हिस्सा लेंगी। प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला 21 जून को खेला जाएगा।
आईपीएल में प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाले प्रियांश आर्या और प्रभसिमरन सिंह को भी स्क्वाड में शामिल किया गया है। इसके अलावा आयुष बडोनी, निशांत सिंधु, हर्ष दुबे, अंशुल कंबोज, यश ठाकुर और विपराज निगम जैसे युवा खिलाड़ियों को भी मौका मिला है।
भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 9 जून को श्रीलंका-ए के खिलाफ करेगी। इसके बाद टीम अफगानिस्तान-ए और श्रीलंका-ए से दोबारा भिड़ेगी। ट्राई सीरीज के सभी मुकाबले दांबुला में खेले जाएंगे। वहीं, दौरे के दौरान प्रस्तावित रेड बॉल सीरीज के लिए टीम की घोषणा बाद में की जाएगी।
तिलक वर्मा (कप्तान), प्रियांश आर्य, वैभव सूर्यवंशी, रियान पराग (उपकप्तान), आयुष बडोनी, निशांत सिंधु, हर्ष दुबे, सूर्यांश शेडगे, प्रभसिमरन सिंह (विकेट कीपर), कुमार कुशाग्र (विकेट कीपर), विप्रज निगम, यश ठाकुर, युद्धवीर सिंह, अंशुल कंबोज, अरशद खान।
Uttarakhand Voter List | Election Commission | SIR Campaign | Voter Verification | Uttarakhand News | BLO Survey | Election Update : भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड समेत 19 राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान शुरू करने की घोषणा की है। उत्तराखंड में यह अभियान 29 मई 2026 से शुरू होगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी BVRC Purushottam ने बताया कि राज्य में 1 जुलाई 2026 को आधार मानकर मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 29 मई से 7 जून 2026 तक गणना प्रपत्रों की प्रिंटिंग और कर्मचारियों के प्रशिक्षण का कार्य किया जाएगा। इसके बाद 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बीएलओ घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और गणना प्रपत्रों का वितरण व संग्रह करेंगे।
उत्तराखंड में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी।
निर्वाचन आयोग के अनुसार 10 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर 2026 को जारी होगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि प्रदेश में 11,733 पोलिंग बूथ हैं और राजनीतिक दलों द्वारा अब तक 21,808 बीएलए की तैनाती की जा चुकी है।
Pushkar Singh Dhami | Appointment Letter | Uttarakhand Jobs | Health Department | Medical Officer | Government Jobs | Uttarakhand News : मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में 307 नव नियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
इनमें 243 चिकित्सा अधिकारी, 42 फार्मासिस्ट और उद्यान विभाग के 22 प्रयोगशाला सहायकों एवं मशरूम पर्यवेक्षकों को नियुक्ति पत्र दिए गए।
मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह नियुक्ति पत्र सिर्फ नौकरी का दस्तावेज नहीं…बल्कि जनता की सेवा का संकल्प है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। प्रदेश में अब तक 62 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं और करीब 12 लाख मरीजों का 2200 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस इलाज हुआ है।
उन्होंने कहा कि राज्य में 5 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जबकि 2 मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा 9 नर्सिंग कॉलेज और 3 नर्सिंग स्कूल भी संचालित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कृषि और उद्यानिकी को बढ़ावा देने के लिए कीवी, ड्रैगन फ्रूट, मशरूम उत्पादन और मधुमक्खी पालन जैसी योजनाओं पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाएं पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही हैं। राज्य में लागू सख्त नकल विरोधी कानून के कारण पिछले साढ़े चार वर्षों में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है।
इस कार्यक्रम में Subodh Uniyal, Ganesh Joshi समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
Driving License Rules | Haldwani News | Traffic Rules | DL Suspension | Transport Department | Road Safety | Uttarakhand News : शराब पीकर गाड़ी चलाने और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वालों के लिए अब ड्राइविंग लाइसेंस वापस पाना आसान नहीं होगा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 20 अप्रैल से नए नियम लागू कर दिए हैं।
नए आदेश के अनुसार अब निलंबित ड्राइविंग लाइसेंस को वापस लेने के लिए केवल काउंसलिंग और शपथपत्र काफी नहीं होगा। चालक को अधिकृत मोटर ट्रेनिंग संस्थान से प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्रमाणपत्र जमा करने पर ही ड्राइविंग लाइसेंस वापस मिलेगा।
एआरटीओ BK Singh ने कहा कि नशे में वाहन चलाने पर छह महीने और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए वाहन चलाने पर तीन महीने के लिए लाइसेंस निलंबित किया जाता है।
उन्होंने कहा कि अब लाइसेंस दोबारा पाने के लिए माफीनामा और काउंसलिंग के साथ दो दिन का ड्राइविंग प्रशिक्षण भी जरूरी कर दिया गया है।
एआरटीओ ने लोगों से दलालों से बचने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि डीएल, टैक्स, परमिट और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी फीस लोग परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए खुद जमा कर सकते हैं।
विभाग की ओर से यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। स्कूल बसों और अन्य वाहनों की नियमित जांच भी जारी है।
UCC Uttarakhand | Halala Case | Roorkee News | Triple Talaq | Haridwar News | Uttarakhand News | Police Case: उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के बाद हलाला का पहला मामला दर्ज किया गया है। हरिद्वार जिले के रुड़की में एक महिला की शिकायत पर पुलिस ने उसके पति समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
मामला बुग्गावाला थाना क्षेत्र का है। महिला ने अपने पति दानिश, ससुर, सास, जेठ, देवर, ननद और ननदोई समेत कुल आठ लोगों पर दहेज उत्पीड़न और हलाला कराने के आरोप लगाए हैं।
महिला ने पहले दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था। जांच के दौरान महिला और उसके परिवार ने आरोप लगाया कि उसे तीन तलाक देने के बाद हलाला कराया गया।
पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपों की पुष्टि होने पर यूसीसी के तहत भी मुकदमा दर्ज कर लिया है।
एसएसपी Navneet Singh Bhullar ने कहा कि मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर आरोप पत्र भी अदालत में दाखिल कर दिया है।
उत्तराखंड में यूसीसी लागू होने के बाद इसे हलाला से जुड़ा पहला मामला माना जा रहा है।
Kalpana Bisht | Women Bakery Unit | REAP Project | Uttarakhand Women Empowerment | Dehradun News | Self Employment | Uttarakhand News : राजधानी देहरादून की रहने वाली Kalpana Bisht आज प्रदेश की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना और राज्य सरकार की योजनाओं की मदद से उन्होंने “स्वाभिमान महिला बेकरी यूनिट” शुरू की…जो अब महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने का बड़ा उदाहरण बन चुकी है।
विकासनगर के ग्राम सोरना डोभरी की रहने वाली कल्पना बिष्ट ने वर्ष 2024-25 में करीब 10 लाख रुपये की लागत से बेकरी यूनिट स्थापित की। इसमें रीप परियोजना से 6 लाख रुपये की सहायता, 3 लाख रुपये का बैंक ऋण और 1 लाख रुपये का स्वयं का योगदान शामिल था।
आज यह यूनिट सालाना करीब 40 लाख रुपये का कारोबार कर रही है। साथ ही 9 महिलाओं को रोजगार देकर उन्हें आत्मनिर्भर बना रही है।
स्वाभिमान महिला बेकरी यूनिट में मांडवे के बिस्कुट, गुड़-मक्खन बिस्कुट, मिल्क रस, हनी ओट्स बिस्कुट और अन्य पारंपरिक मिलेट्स उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। स्थानीय स्वाद और पौष्टिकता के कारण इन उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।
38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान इस यूनिट ने खिलाड़ियों को मिलेट्स आधारित उत्पाद उपलब्ध कराए। इस दौरान यूनिट ने करीब 27 क्विंटल बिस्कुट बेचकर लगभग 10 लाख रुपये की आय अर्जित की।
अब इस यूनिट के उत्पाद देहरादून के साथ-साथ उत्तरकाशी और टिहरी तक पहुंच रहे हैं। उत्पादों की सप्लाई के लिए महिला समूह ने शून्य प्रतिशत ब्याज पर इको वैन भी खरीदी है।
कल्पना बिष्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने वर्ष 2021 में महिला समूह के उत्कृष्ट कार्यों के लिए 5 लाख रुपये की सहायता राशि भी दी थी।
जिला परियोजना प्रबंधक Sonam Gupta ने कहा कि स्वाभिमान महिला बेकरी यूनिट अब अन्य महिला समूहों के लिए रोल मॉडल बन रही है और भविष्य में ऐसे और मॉडल विकसित किए जाएंगे।
Ramnagar Dehradun Train | Uttarakhand Railway | Train News | Ramnagar Express | Dehradun News | Railway Update | Uttarakhand News : लंबे इंतजार के बाद अब रामनगर से देहरादून के बीच ट्रेन सेवा शुरू होने जा रही है। रेलवे बोर्ड ने ट्रेन संचालन के दिन तय कर दिए हैं, हालांकि ट्रेन किस तारीख से चलेगी, इसकी आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ एक्सप्रेस अब सप्ताह में दो दिन रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस के रूप में संचालित की जाएगी। यह ट्रेन शुक्रवार और रविवार को चलेगी।
रामनगर से यह ट्रेन 15310 नंबर के साथ सुबह 5:50 बजे रवाना होगी और दोपहर 12:40 बजे देहरादून पहुंचेगी। वापसी में 15309 नंबर से ट्रेन देहरादून से शाम 3:55 बजे चलेगी और रात करीब 11:30 बजे रामनगर पहुंचेगी।
यह ट्रेन काशीपुर, रोशनपुर, पीपलसाना, मुरादाबाद, नजीबाबाद और हरिद्वार रेलवे स्टेशन से होकर गुजरेगी।
ट्रेन में कुल 17 कोच होंगे…जिनमें स्लीपर, सेकेंड एसी, थर्ड एसी, चेयर कार, जनरल और सेकेंड सिटिंग कोच शामिल रहेंगे।
पौड़ी सांसद Anil Baluni की मांग पर केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने इस ट्रेन सेवा को मंजूरी दी थी।
रामनगर रेलवे स्टेशन के अधीक्षक Ramkumar Barnwal ने कहा कि रेलवे बोर्ड से पत्र मिल चुका है। अब गोरखपुर रेलवे से अंतिम अनुमति मिलने के बाद ट्रेन संचालन शुरू किया जाएगा।
Nainital News | Rare Fungus | Guupinopsis Alpina | Kumaun University | Himalayan Research | Uttarakhand News | Science News : कुमाऊं विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के शोधार्थियों ने देश में पहली बार एक दुर्लभ जैली फंगस “ग्यूपिनोप्सिस अल्पाइना” की खोज की है। इसे “अल्पाइन जेलीकोन” के नाम से भी जाना जाता है।
यह दुर्लभ फंगस नैनीताल के पास पंगोट क्षेत्र में सड़ती हुई लकड़ी पर उगता हुआ मिला है। इससे पहले यह प्रजाति केवल ईरान और उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों में ही पाई गई थी।
वैज्ञानिकों के अनुसार हिमालयी क्षेत्र में इस फंगस की खोज बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसकी तस्वीर प्रसिद्ध वैज्ञानिक पत्रिका “करंट साइंस” के मुखपृष्ठ पर भी प्रकाशित की गई है।
जानकारी के अनुसार अगस्त 2024 में डीएसबी परिसर के वनस्पति विज्ञान विभाग के छात्रों ने डॉ. प्रभा पंत के नेतृत्व में पंगोट क्षेत्र का शैक्षणिक भ्रमण किया था। इसी दौरान इस दुर्लभ फंगस की पहचान हुई।
इसके बाद विभाग के Kapil Khulbe के नेतृत्व में इसकी जांच की गई। एफआरआई के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. एनके हर्ष ने पुष्टि की कि यह प्रजाति भारत में पहली बार पाई गई है।
शोधकर्ताओं का मानना है कि प्रवासी पक्षियों के जरिए इस फंगस के बीजाणु लंबी दूरी तय कर हिमालय तक पहुंचे हो सकते हैं।
वैज्ञानिकों के अनुसार इस खोज से हिमालयी जैव विविधता, पर्यावरणीय बदलाव और पर्वतीय पारिस्थितिकी को समझने में मदद मिलेगी।
इस फंगस की पहचान सुनहरे पीले रंग, नरम रबड़ जैसी बनावट और बारिश में दोबारा फूल जाने की विशेषता से होती है। यह बर्फ पिघलने के बाद सबसे पहले उगने वाले कवकों में से एक माना जाता है।