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KedarnathYatra | KedarnathRoute | CharDhamYatra | UttarakhandNews | Kedarnath2026 | Rudraprayag | | KedarnathTrack : केदारनाथ यात्रा में लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए अब नए और सुरक्षित पैदल मार्ग पर तेजी से काम किया जा रहा है।
चारधाम यात्रा के दौरान सोनप्रयाग से गौरीकुंड और केदारनाथ तक जाने वाले रास्ते पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है। पैदल यात्री, घोड़े-खच्चर और कंडी एक ही मार्ग से गुजरते हैं…जिससे कई जगह जाम जैसे हालात बन जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि 2013 की आपदा के बाद जो नया रास्ता बनाया गया था…वह पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा रहा है। यह रास्ता मंदाकिनी नदी के लेफ्ट बैंक पर बना है…जहां लगातार कटाव का खतरा बना रहता है।
वरिष्ठ जियोलॉजिस्ट एमपीएस बिष्ट के अनुसार पुराना पारंपरिक मार्ग मंदाकिनी के राइट बैंक पर था…जो वैज्ञानिक रूप से ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
अब पुराने वॉशआउट मार्ग से ऊपर पहाड़ी क्षेत्र में हार्ड रॉक पर नया रास्ता तैयार किया गया है। यह वर्तमान मार्ग से करीब एक किलोमीटर छोटा भी बताया जा रहा है।
रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि नए मार्ग पर स्ट्रीट लाइट, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और शेड जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। काम पूरा होने के बाद इसे यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि नए मार्ग के शुरू होने से केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भीड़ का दबाव कम होगा और यात्रा ज्यादा सुरक्षित बन सकेगी।
योजना के मुताबिक नए रास्ते का इस्तेमाल पैदल यात्रियों के लिए किया जाएगा…जबकि घोड़े-खच्चरों की आवाजाही पुराने मार्ग पर ही रहेगी।
DehradunNews | CancerPatient | DistrictAdministration | SavinBansal | CSRFund | FinancialHelp | UttarakhandNews | DMDehradun : देहरादून में जिला प्रशासन ने एक कैंसर पीड़ित परिवार की मदद कर मानवता की मिसाल पेश की है। रायपुर क्षेत्र की रहने वाली संध्या रमोला ने जिलाधिकारी सविन बंसल से आर्थिक मदद की गुहार लगाई थी।
संध्या के पति गले के कैंसर से पीड़ित हैं और उनका इलाज चल रहा है। लगातार इलाज और कीमोथेरेपी के कारण वह काम करने में असमर्थ हो गए हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी थी।
परिवार पर करीब 71 हजार रुपये का बैंक ऋण भी बकाया था। बैंक की ओर से लगातार नोटिस और किश्त जमा करने का दबाव बनाया जा रहा था…जिससे परिवार मानसिक तनाव में था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड से पूरा 71 हजार रुपये का ऋण जमा कराया और परिवार को कर्ज से राहत दिलाई। इसके साथ ही रायफल क्लब मद से 50 हजार रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी दी गई।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार जरूरतमंद और संकट में फंसे परिवारों को हर संभव मदद पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
प्रशासन की इस पहल को मानवीय संवेदनशीलता और जनसेवा का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
HaldwaniNews | EktaBisht | SwachhBharat | CleanlinessCampaign | BrandAmbassador | UttarakhandNews | WomenCricketer | HaldwaniMayor : हल्द्वानी नगर निगम ने प्रसिद्ध महिला क्रिकेटर एकता बिष्ट को स्वच्छता अभियान का ब्रांड एंबेसडर घोषित किया है। शुक्रवार को एकता बिष्ट शहर पहुंचीं…जहां उन्होंने लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक और प्रेरित किया।
मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने कहा कि एकता बिष्ट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। वह युवाओं और महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
उन्होंने कहा कि एकता बिष्ट के जुड़ने से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक अभियानों को नई पहचान मिलेगी।
नगर निगम की ओर से शहर को साफ और जागरूक बनाने के लिए कई कार्यक्रम चलाए जाएंगे…जिनमें एकता बिष्ट सक्रिय भूमिका निभाएंगी।
UttarakhandNews | ElectionCommission | VoterList | SIR | VoterVerification | CEO_Uttarakhand | VoterID | ElectionUpdate : उत्तराखंड में चुनाव आयोग जल्द विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर अभियान शुरू करने जा रहा है। राज्य में करीब 70 लाख मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है…लेकिन करीब नौ लाख ऐसे मतदाता हैं जिनका वर्ष 2003 का रिकॉर्ड नहीं मिल पाया है।
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि ऐसे मतदाताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। उनके लिए 12 वैध दस्तावेजों की सूची जारी की गई है…जिनके आधार पर सत्यापन किया जा सकेगा।
एसआईआर अभियान शुरू होने के बाद बीएलओ मतदाताओं के घर पहुंचकर गणना प्रपत्र देंगे। इस फॉर्म पर बीएलओ का नाम और मोबाइल नंबर भी लिखा होगा।
मतदाताओं को इसमें वर्ष 2003 के वोट की जानकारी भरनी होगी। अगर उस समय वोट नहीं था…तो माता-पिता के वोट की जानकारी देनी होगी। यदि उनका भी रिकॉर्ड नहीं है…तो दादा-दादी की जानकारी मांगी जाएगी।
अगर किसी के पास पुराना वोट रिकॉर्ड नहीं है…तो चुनाव आयोग द्वारा जारी 12 दस्तावेजों में से कोई भी दस्तावेज इस्तेमाल किया जा सकेगा।
इन दस्तावेजों में आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और परिवार रजिस्टर समेत कई जरूरी दस्तावेज शामिल हैं।
मतदाताओं को सलाह दी गई है कि वे अपने दस्तावेज पहले से तैयार रखें…ताकि सत्यापन के दौरान परेशानी न हो।
मतदाता सूची की जानकारी सीईओ उत्तराखंड की वेबसाइट पर भी देखी जा सकती है।
एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाता को नया फोटो लगाकर फॉर्म वापस बीएलओ को देना होगा। अगर 2003 का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है…तो इसकी जानकारी लिखकर फॉर्म जमा करना होगा। इसके बाद जरूरत पड़ने पर ईआरओ कार्यालय में दस्तावेज जमा करने के लिए नोटिस भेजा जाएगा।
Haldwani News | Petrol Diesel Price Hike | Transport Fare Increase | Uttarakhand Transport News | Fuel Price | Mountain Route Freight | Haldwani Petrol Pump : हल्द्वानी में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का असर अब ट्रांसपोर्ट कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। परिवहन कारोबारियों ने कहा है कि ईंधन और वाहन रखरखाव का खर्च लगातार बढ़ रहा है…जिसके चलते पहाड़ी मार्गों पर माल भाड़ा बढ़ाया जा सकता है।
देवभूमि ट्रांसपोर्ट महासंघ जल्द इस मुद्दे पर बैठक करने जा रहा है। बैठक में किराये में करीब आठ से दस प्रतिशत तक बढ़ोतरी पर फैसला लिया जा सकता है।
महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि डीजल, ग्रीस, लुब्रिकेंट्स, बैटरी और स्पेयर पार्ट्स समेत सभी जरूरी सामान महंगे हो गए हैं। इससे ट्रांसपोर्ट कारोबारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।
वर्तमान में हल्द्वानी से अलग-अलग पर्वतीय क्षेत्रों के लिए अलग-अलग माल भाड़ा लिया जाता है। अल्मोड़ा के लिए 100 रुपये प्रति क्विंटल, बागेश्वर के लिए 150 रुपये और मुनस्यारी-धारचूला के लिए 300 रुपये प्रति क्विंटल तक किराया लिया जा रहा है।
इधर, शुक्रवार को हल्द्वानी के कुछ पेट्रोल पंपों पर चार से पांच घंटे तक पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित रही। खासकर नैनीताल रोड के कुछ पेट्रोल पंपों पर सुबह से दोपहर तक ईंधन नहीं मिल पाया…जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कुछ पेट्रोल पंपों पर केवल प्रीमियम पेट्रोल उपलब्ध था…जिसकी कीमत सामान्य पेट्रोल से ज्यादा थी। बाद में शाम तक ईंधन की आपूर्ति सामान्य हो गई।
पर्वतीय पेट्रोलियम एसोसिएशन के अनुसार शहर में ईंधन की सप्लाई सामान्य है और कुछ समय के लिए ही दिक्कत हुई थी। फिलहाल हल्द्वानी में पेट्रोल की कीमत 95 रुपये 42 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमत 90 रुपये 64 पैसे प्रति लीटर दर्ज की गई है।
Haldwani: Petrol: Pump: Inspection: जिले में पेट्रोल और डीजल की कमी की अफवाहों के बीच प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी और एसडीएम हल्द्वानी प्रमोद कुमार ने शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सभी पेट्रोल पंपों पर ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता पाई गई।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिला नैनीताल में कुल 99 पेट्रोल पंप संचालित हैं और सभी पर पेट्रोल व डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।
अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन लगातार हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम समेत सभी तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों और डीलरों के साथ समन्वय बनाए हुए है, ताकि ईंधन आपूर्ति सुचारू बनी रहे।
सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जिले में ईंधन की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।
Haridwar | Pathri News | Woman Missing Case | Kidnapping Allegation | Uttarakhand Crime : हरिद्वार के पथरी क्षेत्र में एक महिला के रहस्यमय परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। पीड़ित पति ने गांव के ही एक व्यक्ति पर उसकी पत्नी को जबरन अगवा करने और वापस लौटाने के बदले दो लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया है। मामले में एसएसपी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की गई है।
पीड़ित के अनुसार उसकी शादी वर्ष 2016 में सुल्तानपुर निवासी युवती से हुई थी और उनके चार छोटे बच्चे हैं। आरोप है कि 18 अप्रैल 2026 को वह काम के सिलसिले में श्रीनगर गया हुआ था। इसी दौरान गांव का ही एक व्यक्ति उसकी पत्नी को जबरन घर से ले गया।
पति का कहना है कि सूचना मिलने पर जब वह वापस गांव पहुंचा और आरोपित के घर जाकर पत्नी के बारे में पूछताछ की, तो आरोपित और उसके परिजनों ने उसके साथ गाली-गलौच और मारपीट की।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपितों ने उसे धमकी देते हुए कहा कि दो लाख रुपये देने पर ही उसकी पत्नी को वापस किया जाएगा, अन्यथा उसे जान से मार दिया जाएगा।
घटना के बाद से परिवार भय और मानसिक तनाव में है। मां के अचानक गायब होने से चारों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल बताया जा रहा है। परिवार के सामने बच्चों के पालन-पोषण की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
ग्रामीणों ने भी मामले में पुलिस से जल्द कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
Uttarakhand: Nainital: Hotel: Challan: जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल द्वारा महिला की शिकायत को गंभीरता पूर्वक लेते हुए त्वरित कार्यवाही करते हुए अधिकारियों की टीम को मौके पर भेजा, समस्या का समाधान। होटल का 16000/ रुपये का किया चालान।
शिकायत कर्ता टण्डन परिवार एवं डण्डरियाल परिवार आदि के द्वारा जिलाधिकारी नैनीताल को शिकायत करते हुए अवगत कराया कि नैनीताल जिला मुख्यालय के मल्लीताल क्षेत्र में स्थित ब्रॉडवे होटल की टंकियों से लगातार पानी ओवरफ्लो होने के कारण उनके घर पर पानी और सीलन बढ़ती जा रही है। पानी ओवरफ्लो होता रहता। शिकायत में संबंधित द्वारा इसके अलावा यह भी अवगत कराया कि ब्रॉडवे होटल एवं नीलम राज होटल द्वारा रास्ते में गन्दगी भी की जा रही है।
प्राप्त शिकायत का त्वरित संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल द्वारा कार्यवाही करते हुए राजस्य विभाग, जल संस्थान, पर्यटन विभाग एव नगर पालिका परिषद, नैनीताल टीम गठित की गई उक्त टीम द्वारा सुक्रवार को मौके पर जाकर संयुक्त निरीक्षण किया गया, जिसमें शिकायतकर्ता द्वारा की गयी शिकायत की पुष्टि हुई है मौके पर पाया गया कि होटल ब्रॉडवे द्वारा स्थापित छत की टंकी से लगातार अनावश्यक पानी का बहाव हो रहा है। जिस क्रम में जल संस्थान द्वारा मौके पर ही सम्बन्धित होटल का जल संयोजन विच्छेपित किया गया और पानी के दुरुपयोग पर 5000 रुपये का चालान किया एवं पर्यटन विभाग द्वारा रुपये 10,000/- का अर्थदण्ड लगाया गया। इसके अतिरिक्त नगर पालिका द्वारा होटल से हो रही गंदगी पर रु० 1000/- का अर्थदण्ड लगाया गया।
निरीक्षण के दौरान तहसीलदार नैनीताल अक्षय भट्ट सहित जल संस्थान के सहायक अभियंता, नगर पालिका के सफाई निरीक्षण एवं पर्यटन विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
Nainital | Kainchi Dham Traffic Plan | Bhowali Diversion | Weekend Traffic Update : जनपद के कैंची धाम, भवाली और भीमताल क्षेत्र में वीकेंड के दौरान बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए यातायात शाखा भवाली/भीमताल द्वारा विशेष ट्रैफिक एवं डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। यह व्यवस्था प्रत्येक शनिवार और रविवार को प्रभावी रहेगी।
जारी ट्रैफिक प्लान के अनुसार अल्मोड़ा और रानीखेत की ओर से हल्द्वानी आने वाले भारी वाहनों को क्वारब और खैरना से डायवर्ट कर रामगढ़-मुक्तेश्वर मार्ग के जरिए हल्द्वानी भेजा जाएगा। वहीं हल्द्वानी से पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले आवश्यक सेवाओं से जुड़े भारी वाहन अपने निर्धारित मार्ग से संचालित होंगे…जबकि अन्य भारी वाहनों को यातायात दबाव के अनुसार मस्जिद तिराहा भवाली से पहले रोका जाएगा अथवा रामगढ़ और खुटानी मोटर मार्ग से भेजा जाएगा।
प्रशासन ने बाहरी राज्यों और जनपदों से आने वाले पर्यटकों के लिए भी विशेष व्यवस्था लागू की है। वाया भीमताल होकर कैंची धाम जाने वाले निजी वाहनों को भीमताल विकास भवन पार्किंग में पार्क कराया जाएगा। यहां से श्रद्धालुओं को शटल सेवा के माध्यम से भवाली और कैंची धाम भेजा जाएगा।
इसी प्रकार गेठिया-नैनीताल मार्ग से कैंची धाम जाने वाले पर्यटकों के निजी वाहनों को भवाली सैनेटोरियम पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा तथा वहां से शटल सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
वीकेंड के दौरान टैक्सी और दोपहिया वाहनों का कैंची धाम में प्रवेश पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे वाहनों को भी सैनेटोरियम पार्किंग में पार्क कर शटल सेवा से मंदिर तक भेजा जाएगा।
यातायात पुलिस ने पर्यटकों, स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए लागू ट्रैफिक एवं डायवर्जन प्लान का पालन करें और यात्रा के दौरान सहयोग बनाए रखें।
Agniveer Ramanjit Singh Death | Military Training | Uttarakhand News : पुणे में सैन्य प्रशिक्षण के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से सितारगंज तहसील क्षेत्र के शक्तिफार्म स्थित पिपलिया गांव निवासी अग्निवीर जवान रमनजीत सिंह का निधन हो गया। शुक्रवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। तिरंगे में लिपटे जवान के पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही पूरा माहौल गमगीन हो उठा। “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों के बीच हजारों लोगों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।
पिपलिया निवासी जोगेंद्र सिंह के 18 वर्षीय पुत्र रमनजीत सिंह का चयन गत वर्ष अग्निवीर योजना के तहत हुआ था। वह पुणे, महाराष्ट्र में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे। परिजनों के अनुसार उनकी ट्रेनिंग पूरी होने में केवल एक सप्ताह का समय शेष था…लेकिन इसी बीच अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। सेना के अस्पताल में उपचार के दौरान 13 मई को उनका निधन हो गया।
रमनजीत के चाचा बलकार सिंह ने बताया कि रमनजीत बचपन से ही सेना में भर्ती होकर देश सेवा करना चाहते थे। अग्निवीर में चयन के बाद वह बेहद खुश थे और पूरी मेहनत व लगन से प्रशिक्षण ले रहे थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
जब जवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बनबसा से पहुंची राजपूत रेजीमेंट की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर वीर जवान को श्रद्धांजलि दी। सैन्य सम्मान के साथ हुए अंतिम संस्कार के दौरान हर आंख नम दिखाई दी। सेना के अधिकारियों ने रमनजीत की मां को राष्ट्रीय ध्वज सौंपकर सम्मान व्यक्त किया।
रमनजीत के बड़े भाई पवनजीत खेती-बाड़ी करते हैं…जबकि उनके पिता जोगेंद्र सिंह सिडकुल स्थित एक फैक्ट्री में कार्यरत हैं। जवान की असमय मृत्यु से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
कैबिनेट मंत्री Saurabh Bahuguna ने अग्निवीर रमनजीत सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में देश सेवा का जज्बा पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।