घर से निकलने से पहले पढ़ लें ये खबर, उत्तराखंड में बढ़ने वाली है भीषण गर्मी

Heat Wave | Uttarakhand Weather | IMD Alert | Dehradun Weather | Haridwar Heat | Summer Alert | SEOC Uttarakhand: भारत मौसम विज्ञान विभाग और मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में आने वाले दिनों में तापमान लगातार बढ़ने की संभावना है। खासतौर पर हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और देहरादून में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक पहुंच सकता है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने सभी जिलों के प्रशासन और संबंधित विभागों को एडवाइजरी जारी करते हुए जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार 19 मई को हरिद्वार में तापमान 40 डिग्री से अधिक रहने की संभावना है। वहीं ऊधमसिंह नगर, देहरादून, नैनीताल और पौड़ी गढ़वाल में तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। टिहरी गढ़वाल, अल्मोड़ा, चम्पावत और निचले चमोली क्षेत्रों में तापमान 30 से 35 डिग्री तक रहने का अनुमान है।

20 मई को भी हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में तेज गर्मी पड़ने की संभावना जताई गई है। देहरादून, नैनीताल और पौड़ी में भी तापमान बढ़ सकता है। 21 और 22 मई को भी मौसम का यही हाल बने रहने का अनुमान है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने लोगों से दोपहर के समय अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग को हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और गर्मी से जुड़ी बीमारियों से निपटने के लिए अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके साथ ही पेयजल और बिजली व्यवस्था सुचारु बनाए रखने, स्कूलों, निर्माण स्थलों और बाहरी कार्यों में लगे श्रमिकों के लिए जरूरी सावधानियां बरतने को कहा गया है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

नैनीताल में करीब ढाई लाख राशन कार्डों की होगी जांच !

Nainital: Ration Card: Uttarakhand: Verification: नैनीताल जिले में राशन कार्डों के सत्यापन अभियान को तेज कर दिया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले के कुल 2 लाख 32 हजार 580 राशन कार्डों का सत्यापन किया जाना है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को 30 मई तक अभियान पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन की ओर से राशन कार्ड धारकों के सत्यापन के लिए समिति गठित की गई है। सत्यापन का कार्य 17 अप्रैल से शुरू किया गया है।

जिले में क्षेत्रवार राशन कार्डों की संख्या की यदि बात की जाए तो हल्द्वानी में 114440, रामनगर में 40792, नैनीताल में 32161, कैंचीधाम में 12319, कालाढूंगी में 14103 तथा धारी में 18377 शामिल हैं। कुल राशन कार्डों की संख्या 2,32,580 है।

आरओ विनय जोशी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर सत्यापन अभियान शुरू कर दिया गया है। अब तक 70 राशन कार्डों का सत्यापन किया जा चुका है, जिनमें से 13 कार्ड अपात्र पाए गए हैं। राशन कार्ड सत्यापन की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने जिले के नोडल अधिकारियों, उपजिलाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को अभियान में तेजी लाने व निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापन पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

देहरादून डीएम IAS सविन बंसल ने एक साथ 96 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए

Dehradun: Homestay: Uttarakhand: जिले में नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे होमस्टे पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अब तक 96 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए गए हैं। इनमें पहले चरण में 17 और दूसरे चरण में 79 होमस्टे शामिल हैं। साथ ही इन इकाइयों को पर्यटन विभाग की वेबसाइट से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

जिला प्रशासन की पांच मजिस्ट्रेट टीमों ने सहसपुर और रायपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों में कुल 136 निरीक्षण किए। जांच के दौरान कई होमस्टे निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित पाए गए। प्रशासन का कहना है कि कई होमस्टे होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की तरह चलाए जा रहे थे, जबकि उनका पंजीकरण स्थानीय निवास आधारित होमस्टे के रूप में कराया गया था।

निरीक्षण में सामने आया कि कई स्थानों पर अग्निशमन उपकरण नहीं थे या उनकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। कई होमस्टे बिना फूड लाइसेंस संचालित हो रहे थे। कुछ जगहों पर रसोई व्यवस्था तक नहीं मिली, जबकि कई इकाइयों को लीज और किराये पर देकर होटल की तरह उपयोग किया जा रहा था। निर्धारित क्षमता से अधिक कमरे संचालित करने और विदेशी नागरिकों के ठहराव की अनिवार्य सूचना नहीं देने जैसी गंभीर अनियमितताएं भी मिलीं।

प्रशासन के अनुसार कई होमस्टे देर रात तक तेज आवाज में डीजे, बार संचालन और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के अड्डे बनते जा रहे थे। ऐसे स्थानों पर ठहरने वाले उपद्रवी तत्वों द्वारा शहर में नशे की हालत में हुड़दंग, ओवर स्पीड वाहन चलाने और हथियारों से फायरिंग जैसी घटनाएं सामने आ रही थीं, जिससे कानून व्यवस्था पर असर पड़ रहा था।

डीएम सविन बंसल ने कहा कि होमस्टे योजना का उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, खानपान और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देना है, लेकिन कुछ लोग इसका दुरुपयोग कर व्यावसायिक गतिविधियां चला रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।

लखनऊ से नैनीताल तक का सफर महज पांच घंटे !ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव तैयार

Nainital: Lucknow: National Highway: Greenfield Expressway: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने की तैयारी शुरू हो गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बरेली से हल्द्वानी तक करीब 100 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव तैयार किया है। इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद लखनऊ से नैनीताल तक का सफर महज पांच घंटे में पूरा किया जा सकेगा, जबकि वर्तमान में इस दूरी को तय करने में 8 से 9 घंटे तक लग जाते हैं।

प्रस्तावित 4 लेन एक्सप्रेसवे का उद्देश्य बरेली-हल्द्वानी मार्ग पर लगने वाले ट्रैफिक जाम को कम करना और यात्रियों को तेज व सुरक्षित सफर उपलब्ध कराना है। अभी खराब सड़कों और भारी यातायात के कारण इस रूट पर लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

एनएचएआई के अनुसार एक्सप्रेसवे के लिए बरेली में एक इंटरचेंज बनाया जाएगा, जो दिल्ली-मुरादाबाद-बरेली हाईवे से सीधे जुड़ाव देगा। इससे दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और रोहिलखंड क्षेत्र से नैनीताल और कुमाऊं तक पहुंचना आसान हो जाएगा।

भविष्य में इस एक्सप्रेसवे को प्रस्तावित शामली-गोरखपुर कॉरिडोर से जोड़ने की भी योजना है। इसके बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड तक यात्रा और अधिक सुगम हो जाएगी।

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पूरी तरह आधुनिक तकनीक और ग्रीन एनर्जी आधारित सुविधाओं से लैस होगा। साथ ही इस पर टोल व्यवस्था भी लागू होगी। माना जा रहा है कि सालाना टोल पास लागू होने के बाद यात्रियों को बेहद कम खर्च में सफर की सुविधा मिल सकेगी।

पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले इस प्रोजेक्ट को उत्तर भारत की कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

उत्तराखंड: यहां जिलाधिकारी ने कर दी कटौती, सरकारी विभागों के लिए नियम अनिवार्य

चम्पावत: वैश्विक परिस्थितियों के चलते बढ़ती ईंधन लागत और आर्थिक दबाव को देखते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने शासन के निर्देशों के क्रम में जनपद में ईंधन बचत, ऊर्जा संरक्षण तथा संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को लेकर व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऊर्जा संरक्षण केवल प्रशासनिक आवश्यकता नहीं बल्कि सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी भी है।

जिलाधिकारी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब सरकारी विभागों में बैठकों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रणाली को प्राथमिकता दी जाएगी तथा अत्यंत आवश्यक होने पर ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही निजी क्षेत्र में भी ‘वर्क फ्रॉम होम’ संस्कृति को प्रोत्साहित करने पर बल दिया गया है।

ऊर्जा बचत के उद्देश्य से सरकारी काफिलों में वाहनों की संख्या को तत्काल प्रभाव से 50 प्रतिशत तक सीमित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अतिरिक्त सरकारी एवं निजी भवनों, मॉल, होटल तथा रेस्तरां में एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने अथवा एसी के अनावश्यक उपयोग को हतोत्साहित करने को कहा गया है। जिलाधिकारी ने अनावश्यक सजावटी प्रकाश व्यवस्था पर नियंत्रण रखने के निर्देश भी दिए हैं। जनपद में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ईवी चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

साथ ही प्रत्येक शनिवार को विशेष ‘नो व्हीकल डे’ अभियान चलाया जाएगा, जिसके अंतर्गत कारपूलिंग, सार्वजनिक परिवहन तथा साइकिल के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए “मेड इन उत्तराखण्ड” अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प एवं जीआई टैग उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए एमएसएमई इकाइयों एवं स्वयं सहायता समूहों को प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, ताकि स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध हो सके।

पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहन देने हेतु धार्मिक, ग्रामीण, वेलनेस एवं इको-टूरिज्म सर्किटों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। वहीं सरकारी स्तर पर गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं पर अस्थायी रोक लगाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

स्वास्थ्य एवं बचत को ध्यान में रखते हुए आशा कार्यकर्ताओं एवं महिला समूहों के माध्यम से कम तेल वाले भोजन के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही विद्यालयों एवं सरकारी कैंटीनों में तेल के उपयोग की समीक्षा भी की जाएगी।

कृषि क्षेत्र में प्राकृतिक खेती एवं जीरो बजट फार्मिंग को बढ़ावा देकर रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। एग्रीस्टैक एवं फार्मर आईडी के माध्यम से उर्वरक प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।

जिलाधिकारी ने बताया कि ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के अंतर्गत रूफटॉप सोलर परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा तथा नेट मीटरिंग अनुमोदनों की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। साथ ही पीएनजी कनेक्शनों के विस्तार को मिशन मोड में संचालित करने तथा माइनिंग, सोलर एवं पावर प्रोजेक्ट्स को सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से त्वरित स्वीकृति प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी।

जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के संतुलित उपयोग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। उन्होंने नागरिकों से कम से कम एक वर्ष तक नई सोने की खरीद सीमित रखने तथा सामाजिक एवं धार्मिक नेताओं के सहयोग से पुराने आभूषणों के पुनः उपयोग को बढ़ावा देने का भी आग्रह किया।

जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इन दिशा-निर्देशों का स्वयं कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें तथा अधीनस्थ कार्मिकों के माध्यम से भी इसे प्रभावी रूप से लागू कराया जाए।

होमस्टे किराए पर दे दिया, नैनीताल जिले में छापेमारी और हुए कई खुलासे !

Naintal: Homestay:  जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल के निर्देश पर रविवार को अपर जिलाधिकारी विवेक कुमार राय के नेतृत्व में जिलेभर में होम स्टे चेकिंग अभियान चलाया गया।

जांच में अनेक होम स्टे ऐसे पाए गए जो होटल की तर्ज पर चलाए जा रहे हैं, जिन्हें किराए में दिए गए हैं।स्वामी बाहर रहते हैं। जबकि मानक एवं योजना के उद्देश्य हैं, कि स्वामी होमस्टे में ही रहेगा तथा घर का भोजन ही परोसेगा जिससे एक परिवार की आजीविका व रोजगार उसके होम स्टे से चले।

प्रशासन की संयुक्त टीमों ने विभिन्न तहसीलों और पर्यटन क्षेत्रों में संचालित होम स्टे इकाइयों का निरीक्षण किया। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में बिना पंजीकरण संचालित, एवं किराए में किसी अन्य को देकर स्वयं स्वामी जिले से बाहर रहते व बंद पड़े होमस्टे पाए गए।

जांच में यह भी सामने आया कि बड़ी संख्या में होम स्टे का संचालन किराए पर हो रहा है जबकि वास्तविक मालिक कहीं और रह रहा है जो होम स्टे संचालन के नियमों के विरुद्ध है।

प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जिलेभर में कुल 238 होम स्टे का निरीक्षण किया गया, जिनमें से 35 होम स्टे बिना वैध पंजीकरण के संचालित पाए गए, जबकि 123 होम स्टे मौके पर बंद अथवा मानक के विपरीत किसी अन्य को किराए में देकर होटल की तर्ज पर संचालित मिले।

तहसीलवार निरीक्षण में रामनगर क्षेत्र में 31 होम स्टे चेक किए गए, जिनमें 4 अवैध और 18 होटल की तर्ज पर संचालित व बंद व मानक के विपरीत मिले। कालाढूंगी में 20 निरीक्षणों के दौरान 4 अवैध और 9 किसी अन्य को किराए पर दिए व मानक के विपरीत पाए गए। लालकुआं में 3 होम स्टे की जांच में 1 मानक के विपरीत मिला। हल्द्वानी क्षेत्र में 5 निरीक्षणों के दौरान 2 अवैध होम स्टे संचालित पाए गए।

सबसे अधिक निरीक्षण नैनीताल क्षेत्र में किए गए, जहां 91 होम स्टे की जांच में 8 अवैध और 39 किसी अन्य को किराए में दिए जो होटल की तर्ज पर मानक के विपरीत मिले। श्री कैंची धाम क्षेत्र में 48 निरीक्षणों के दौरान 13 अवैध और 34 मानक के विपरीत पाए गए, जबकि धारी क्षेत्र में 40 निरीक्षणों में 4 अवैध और 22 मानक के विपरीत मिले।निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर होम स्टे खाली मिले और कुछ संचालक मौके पर उपस्थित नहीं पाए गए,किसी अन्य को किराए पर दिए गए पाए गए, जिनके द्वारा होटल की तर्ज पर मानक के विपरीत पाए गए। प्रशासन ने यह भी पाया कि कई इकाइयों में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। कुछ होम स्टे में पार्किंग व्यवस्था नहीं थी, जबकि कई स्थानों पर किराया सूची और आवश्यक सूचनाएं प्रदर्शित नहीं मिलीं।जिला प्रशासन ने सभी होम स्टे संचालकों को मानक के अनुरूप संचालित करने नियमानुसार पंजीकरण कराने, पर्यटकों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और शासन द्वारा तय मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण एवं मानक के विपरीत संचालित हो रहे होम स्टे के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नैनीताल डीएम को मिली फेम इंडिया मैगजीन में जगह, उत्तराखंड के 5 जिलाधिकारियों के नाम सूची में शामिल

देहरादून: ललित मोहन रयाल समेत उत्तराखंड के पांच जिलाधिकारियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रशासनिक कार्यशैली का लोहा मनवाया है। फेम इंडिया मैगजीन और एशिया पोस्ट द्वारा जारी वर्ष 2026 की प्रारंभिक सूची में प्रदेश के पांच डीएम को “टॉप 100 बेस्ट डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट्स 2026” में स्थान मिला है।

देशभर के करीब 800 जिलों में कार्यरत जिलाधिकारियों और डिप्टी कमिश्नरों के मूल्यांकन के बाद जारी इस सूची में उत्तराखंड से ललित मोहन रयाल, नितिन सिंह भदौरिया, प्रशांत आर्य, मयूर दीक्षित और विशाल मिश्रा को जगह मिली है।

विशेष रूप से नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने अपनी प्रभावशाली प्रशासनिक कार्यशैली और जनहित से जुड़े निर्णयों के चलते अलग पहचान बनाई है। उन्हें उत्तराखंड के शीर्ष जिलाधिकारियों में प्रमुख स्थान मिलने को जनपद के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

फेम इंडिया और एशिया पोस्ट द्वारा किए गए इस मूल्यांकन में प्रशासनिक नेतृत्व, जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, नवाचार, पारदर्शिता, आपदा प्रबंधन, कानून व्यवस्था और जनसंपर्क जैसे विभिन्न मानकों को आधार बनाया गया। प्रारंभिक सूची में चयनित अधिकारियों में से अब शीर्ष 25 अधिकारियों का अंतिम चयन किया जाएगा। अंतिम सूची फेम इंडिया मैगजीन के जून 2026 अंक में प्रकाशित होगी।

उत्तराखंड के इन अधिकारियों की उपलब्धि को प्रदेश में बेहतर प्रशासन और सुशासन का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। वहीं नैनीताल में डीएम ललित मोहन रयाल की इस उपलब्धि पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने खुशी जताते हुए इसे जिले के लिए गर्व का क्षण बताया है।

हल्द्वानी मीडिया एकादश ने प्राधिकरण एकादश को हराया, अब फाइनल में तय होगी सीरीज

Haldwani: Cricket: International Stadium: इंटरनेशनल स्टेडियम गौलापार में खेले गए पांच मैचों की क्रिकेट श्रृंखला के चौथे मुकाबले में मीडिया 11 ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्राधिकरण 11 को 23 रनों से हरा दिया। इस जीत के साथ मीडिया 11 ने सीरीज में दमदार वापसी करते हुए मुकाबला 2-2 की बराबरी पर पहुंचा दिया है। अब सीरीज का फैसला फाइनल मैच में होगा।

मंगलवार सुबह खेले गए मुकाबले में मीडिया 11 ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम की शुरुआत संभली हुई रही और बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी के साथ रन जोड़े। हर्ष रावत ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 42 रन बनाए, जबकि अंकित साह ने 26 और राकेश रावत ने 20 रनों की उपयोगी पारियां खेलीं। निर्धारित 20 ओवर में मीडिया 11 ने 153 रनों का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया।

प्राधिकरण 11 की ओर से कप्तान ए.पी. बाजपेई, समीर, प्रदीप और शिवम ने एक-एक विकेट हासिल किया।

153 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी प्राधिकरण 11 की शुरुआत बेहद खराब रही। मीडिया 11 के गेंदबाज राधे ने पहले ही ओवर में विकेट लेकर विपक्षी टीम पर दबाव बना दिया। इसके बाद हर्ष रावत और अंकित साह की सटीक गेंदबाजी के सामने प्राधिकरण 11 की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई। प्राधिकरण 11 की ओर से अभिषेक ने 37 रन, कुलदीप ने 16 और प्रदीप ने 11 रन बनाए, लेकिन टीम को जीत तक नहीं पहुंचा सके।

मीडिया 11 की ओर से हर्ष रावत और अंकित साह ने तीन-तीन विकेट झटके, जबकि राधे ने दो विकेट हासिल किए। शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर मीडिया 11 ने मुकाबला अपने नाम कर लिया। अब दोनों टीमों के बीच होने वाले फाइनल मुकाबले पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

उत्तराखंड में तैनात IAS अधिकारी ने कुछ ऐसा किया जिसकी चर्चा हर जगह हो रही है !

Uttarakhand: Ias Bansidhar Tiwari: Cycle: ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर सरकार की मुहिम को धरातल पर उतारते हुए उत्तराखंड शासन में अपर सचिव मुख्यमंत्री, महानिदेशक सूचना और एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने शनिवार को अनूठी पहल की। वह सहस्त्रधारा रोड स्थित अपने आवास से रिंग रोड स्थित सूचना निदेशालय तक साइकिल से पहुंचे।

यह पहल केवल दफ्तर पहुंचने का माध्यम नहीं रही, बल्कि ईंधन बचत, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार प्रशासन का मजबूत संदेश भी बनकर सामने आई। प्रधानमंत्री Narendra Modi के ऊर्जा बचत आह्वान और मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निर्देशों के क्रम में सूचना विभाग में प्रत्येक शनिवार “नो व्हीकल डे” मनाने का निर्णय लिया गया है।

महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से सार्वजनिक परिवहन, कार पूलिंग और साइकिल जैसे विकल्प अपनाने की अपील की है। वहीं एमडीडीए में भी उनके नेतृत्व में “तेल बचाओ मुहिम” शुरू की गई है, जिसके तहत ईंधन बचत, सीमित बिजली उपयोग और पर्यावरण संरक्षण को लेकर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

खास बात यह रही कि उन्होंने इस पहल को केवल बैठकों और निर्देशों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि खुद साइकिल चलाकर उदाहरण पेश किया। तेजी से बढ़ते देहरादून शहर में, जहां ट्रैफिक और प्रदूषण बड़ी चुनौती बन चुके हैं, वहां एक वरिष्ठ अधिकारी की यह पहल लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है। छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव की दिशा तय होती है और बंशीधर तिवारी की यह पहल उसी सोच की मजबूत तस्वीर मानी जा रही है।

उत्तराखंड में अब घर बैठे बनेंगे राशन कार्ड, जानिए पूरी प्रक्रिया

Ration Card Online Service | URCMS Portal | Smart PDS Uttarakhand | Online Ration Card | Dehradun News | E-KYC Update | Ration Card Services | Uttarakhand Government | Citizen Login : उत्तराखंड में राशन कार्ड से जुड़ी सेवाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन हो गई हैं। सरकार ने यूनिफाइड राशन कार्ड मैनेजमेंट सिस्टम (यूआरसीएमएस) पोर्टल शुरू कर दिया है…जिससे अब लोग घर बैठे नया राशन कार्ड बनवा सकेंगे और पुराने कार्ड में संशोधन भी कर पाएंगे।

भारत सरकार की स्मार्ट पीडीएस योजना के तहत शुरू किए गए इस नए सिस्टम का उद्देश्य राशन कार्ड सेवाओं को अधिक पारदर्शी, आसान और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है। पुराने आरसीएमएस पोर्टल को अपडेट कर नई सुविधाओं के साथ यूआरसीएमएस पोर्टल तैयार किया गया है।

अब नागरिकों को राशन कार्ड बनवाने या उसमें नाम जोड़ने, हटाने और अन्य बदलाव कराने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। लोग आधिकारिक पोर्टल uk.smartpds.nic.in पर Citizen Login के जरिए आवेदन कर जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं।

नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वालों को आधार आधारित ओटीपी सत्यापन करना होगा। वहीं पुराने राशन कार्ड में किसी भी तरह का संशोधन करने के लिए परिवार के मुखिया के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी की जरूरत होगी। इसके लिए मुखिया का मोबाइल नंबर सक्रिय होना जरूरी है।

जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल ने कहा कि नागरिक नए राशन कार्ड के लिए तहसील और जिला पूर्ति कार्यालय में भी संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से लोगों को तेज और पारदर्शी सेवाएं मिलेंगी।

इसके साथ ही जिला पूर्ति विभाग ने पुराने राशन कार्ड धारकों से 30 मई तक ई-केवाईसी पूरा करने की अपील की है। विभाग के अनुसार “मेरा ई-केवाईसी” ऐप के माध्यम से लोग घर बैठे यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

नए राशन कार्ड के लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, आय प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, बिजली बिल, बैंक पासबुक और गैस बुक की कॉपी जरूरी होगी। वहीं राशन कार्ड को एक दुकान से दूसरी दुकान ट्रांसफर कराने के लिए प्रार्थना पत्र सहित अन्य जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे।