नैनीताल जिले में बदली स्कूलों की टाइमिंग, 12 बजे से पहले हो जाएगी छुट्टी !

Nainital: School: Timing: Heat Wave: भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी नैनीताल ने जनपद के मैदानी क्षेत्रों के विद्यालयों के संचालन समय में बदलाव किया है। जारी आदेश के अनुसार हल्द्वानी, रामनगर एवं कोटाबाग विकासखंड के सभी शासकीय, अशासकीय एवं निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों में 22 मई 2026 से अग्रिम आदेशों तक नई समयसारिणी लागू रहेगी।जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित विद्यालय इस व्यवस्था से बाहर रहेंगे। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं हीटवेव से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।


नई समयसारिणी के अनुसार विद्यालयों में प्रार्थना सभा सुबह 6:45 बजे आयोजित होगी, जबकि विद्यालय संचालन का समय सुबह 7:00 बजे से 11:30 बजे तक रहेगा। मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

नैनीताल ढैला गांव में हादसा, कार 500 मीटर खाई में गिरी

NANITAL: Police: Accident: नैनीताल जिले के भवाली क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में पांच श्रद्धालुओं की मौत हो गई। हादसा सेनेटोरियम-रातीघाट बायपास रोड पर ढैला गांव से लगभग 500 मीटर पहले हुआ, जहां एक महिंद्रा कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी।

जानकारी के अनुसार वाहन संख्या UP 32 QU 1874 में कुल पांच लोग सवार थे, जिनमें दो पुरुष, दो महिलाएं और एक बच्चा शामिल था। दुर्घटना की सूचना मिलते ही SSP Dr. Manjunath T. C. के निर्देश पर पुलिस, SDRF और SSB की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।

स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस और SDRF टीम ने खाई में उतरकर सभी शवों को बाहर निकालकर सड़क तक पहुंचाया। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।

मौके पर एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र, क्षेत्राधिकारी रविकांत सेमवाल, प्रभारी निरीक्षक प्रकाश मेहरा सहित पुलिस और SDRF की टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की शिनाख्त और विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस प्रशासन द्वारा हादसे के कारणों की जांच की जा रही है तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जारी है।

हल्द्वानी में IPL के बीच सट्टेबाजी, पुलिस ने किया करोड़ों का खुलासा

Haldwani: Betting: IPL: नैनीताल एसएसपी Dr. Manjunath T. C. के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत नैनीताल पुलिस को IPL सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। मुखानी पुलिस और SOG टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो IPL मैचों पर बड़े स्तर पर सट्टा संचालित कर रहे थे।

पुलिस के अनुसार 21 मई 2026 को थाना मुखानी प्रभारी सुशील जोशी के नेतृत्व में उप निरीक्षक वीरेंद्र चंद एवं SOG टीम ने मधुबन कॉलोनी स्थित एस मोड़ के पास एक खाली प्लॉट में छापा मारा। कार्रवाई के दौरान तीनों आरोपी मोबाइल फोन के माध्यम से IPL मैचों में सट्टा लगाते हुए रंगे हाथ पकड़े गए।

मौके से पुलिस ने 6 मोबाइल फोन, एक रजिस्टर, एक पेन और 51 हजार 100 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना मुखानी में FIR संख्या 62/26 के तहत धारा 13 जुआ अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया है।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी प्रतिदिन करीब 7 से 8 लाख रुपये तक का सट्टा संचालित करते थे। पुलिस के अनुसार अब तक लगभग 3 करोड़ 50 लाख रुपये का सट्टा खिलाया जा चुका है।

गिरफ्तार आरोपियों में रवि गुप्ता निवासी दुर्गा कॉलोनी बनभूलपुरा, रोहित गुप्ता निवासी दुर्गा कॉलोनी बनभूलपुरा और मोहित प्रसाद निवासी नारायण नगर विक्टोरिया नंबर-1 मुखानी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी रवि गुप्ता के खिलाफ पहले भी आबकारी अधिनियम, जुआ अधिनियम और NDPS एक्ट के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं।

इस कार्रवाई में उप निरीक्षक वीरेंद्र चंद, हेड कांस्टेबल कुंदन कठायत, त्रिलोक रौतेला सहित SOG और मुखानी पुलिस की टीम शामिल रही।

उत्तराखंड: होम स्टे नियमों में संशोधन, जानिए क्या होंगे फायदे?

Uttarakhand Home Stay Policy | Community Tourism | Rural Tourism Uttarakhand | Home Stay New Rules | Uttarakhand Tourism | Village Tourism | Pushkar Singh Dhami | Tourism Policy Update | Homestay Registration | Uttarakhand News : उत्तराखंड में होम स्टे योजना अब नए स्वरूप में नजर आएगी। राज्य सरकार ने होम स्टे नीति में बड़े बदलाव करते हुए पहली बार “कम्युनिटी टूरिज्म” यानी सामुदायिक पर्यटन को बढ़ावा देने का फैसला लिया है। नई व्यवस्था से गांवों को पर्यटन से जोड़ने, युवाओं को रोजगार देने और पलायन रोकने पर फोकस किया गया है।

उत्तराखंड में साल 2015 में शुरू हुई होम स्टे योजना ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बड़ी पहल साबित हुई। इस योजना के जरिए गांवों में लोगों को अपने घरों में पर्यटकों को ठहराने और स्थानीय खानपान व संस्कृति से जोड़ने का मौका मिला। अब तक प्रदेश में 5 हजार से ज्यादा होम स्टे पंजीकृत हो चुके हैं।

सरकार का कहना है कि कुछ जगहों पर योजना का गलत इस्तेमाल भी हुआ….इसलिए अब नियमों में बदलाव कर इसे और मजबूत बनाया गया है। नई नीति को कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है।

नई होम स्टे नीति में सबसे बड़ा बदलाव “सामुदायिक आधारित पर्यटन इकाई” को लेकर किया गया है। इसके तहत अब 8 से 10 होम स्टे मिलकर एक पूरे गांव या 3 से 6 गांवों के समूह को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर सकेंगे। इससे गांव सामूहिक रूप से अपनी संस्कृति, परंपरा, लोक कला और स्थानीय भोजन को पर्यटकों तक पहुंचा सकेंगे।

नई नीति के अनुसार अब होम स्टे में अधिकतम कमरों की संख्या 6 से बढ़ाकर 8 कर दी गई है। हालांकि, कुल बेड की संख्या 24 से ज्यादा नहीं होगी। होम स्टे का संचालन उत्तराखंड के स्थायी निवासी ही कर सकेंगे और भवन स्वामी या उनका परिवार वहां स्थायी रूप से रहना जरूरी होगा।

सरकार ने बेड एंड ब्रेकफास्ट (BnB) इकाइयों को भी औपचारिक रूप से पर्यटन इकाई में शामिल किया है। इसके साथ ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, डिजिटल वेरिफिकेशन और ऑनलाइन रिन्यूअल की सुविधा को भी बढ़ावा दिया गया है…ताकि लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

पर्यटन विभाग के मुताबिक अब सभी पर्यटन इकाइयों का पंजीकरण 5 साल के लिए मान्य होगा। इसके बाद ऑनलाइन माध्यम से आसानी से रिन्यूअल कराया जा सकेगा।

पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने कहा कि पुरानी ट्रैवल और होम स्टे नियमावली को मिलाकर नई व्यवस्था तैयार की गई है। इससे प्रक्रिया आसान होगी और पर्यटन व्यवसाय को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।

पर्यटन उप निदेशक पूनम चंद ने कहा कि सामुदायिक पर्यटन मॉडल से पूरा गांव पर्यटन से जुड़ेगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और पहाड़ों से पलायन रोकने में मदद मिलेगी।

वहीं होम स्टे संचालकों ने भी नई नीति का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इस योजना से गांवों में रोजगार बढ़ा है और कई युवा वापस अपने गांव लौटकर स्वरोजगार शुरू कर रहे हैं।

सरकार को उम्मीद है कि नई होम स्टे नीति उत्तराखंड के गांवों को नई पहचान देने के साथ राज्य में पर्यटन को भी नई ऊंचाई तक पहुंचाएगी।

उत्तराखंड: कार्बेट घूमने जा रहे हैं? अब पहले से ज्यादा खर्च करनी होगी जेब

Corbett National Park | Safari Guide Fee | Ramnagar News | Corbett Safari | Uttarakhand Tourism | Jungle Safari : Corbett National Park में जंगल सफारी करने आने वाले पर्यटकों को अब पहले से ज्यादा गाइड शुल्क देना होगा। कार्बेट प्रशासन ने जिप्सी और कैंटर सफारी के लिए नेचर गाइड की फीस में बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें लागू होने के बाद अब पर्यटकों को सफारी के दौरान अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा।

जिप्सी सफारी में नेचर गाइड का शुल्क 900 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया है। वहीं ढिकाला कैंटर सफारी के लिए गाइड शुल्क 1150 रुपये से बढ़ाकर 1250 रुपये कर दिया गया है। कार्बेट पार्क निदेशक की अनुमति मिलने के बाद नई दरें लागू कर दी गई हैं।

कार्बेट पार्क के ढिकाला, बिजरानी, ढेला, झिरना और गिरिजा पर्यटन जोन में सफारी करने वाले पर्यटकों के लिए स्थानीय नेचर गाइड साथ ले जाना अनिवार्य होता है। वर्तमान में कार्बेट टाइगर रिजर्व में 161 नेचर गाइड पंजीकृत हैं…जिन्हें रोटेशन सिस्टम के तहत पर्यटकों के साथ भेजा जाता है।

नेचर गाइड सफारी के दौरान पर्यटकों को जंगल के नियम, वन्यजीवों और प्राकृतिक वातावरण की जानकारी देते हैं। सफारी पूरी होने के बाद पर्यटकों को गाइड शुल्क का भुगतान करना होता है।

गाइड लंबे समय से बढ़ती महंगाई को देखते हुए शुल्क बढ़ाने की मांग कर रहे थे। इस पर कार्रवाई करते हुए कार्बेट प्रशासन ने नई दरें लागू कर दी हैं। पार्क वार्डन Binder Pal ने कहा कि मंगलवार से बढ़ी हुई गाइड फीस लागू कर दी गई है।

उत्तराखंड: ICU में लगी आग ने ली महिला की जान, बचाव में जुटे पुलिसकर्मी भी झुलसे

Dehradun Hospital Fire : Panacea Hospital ICU Fire : ICU AC Blast : Dehradun News, Fire Incident : Garhwal Commissioner : Kailash Hospital : राजधानी देहरादून स्थित Panacea Hospital में बुधवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। अस्पताल के ICU में लगे AC में अचानक आग लगने से पूरे ICU में धुआं फैल गया। घटना सुबह करीब 9:20 बजे की बताई जा रही है। आग लगते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और मरीजों को तुरंत बाहर निकाला गया।

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया गया। हादसे की जानकारी मिलने पर Vinay Shankar Pandey और Garhwal Police के अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं।

इस हादसे में एक 60 वर्षीय महिला मरीज वीरवती निवासी कांवली, बल्लीवाला की मौत हो गई। वहीं करीब 10 लोग घायल हुए हैं…जिनमें राहत और बचाव कार्य में जुटे तीन पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। ICU में भर्ती अन्य मरीजों को Kailash Hospital, Coronation Hospital और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने कहा कि शुरुआती जांच में आग लगने की वजह ICU की फॉल सीलिंग में लगे AC में खराबी या ब्लास्ट मानी जा रही है। हालांकि घटना की असली वजह जांच के बाद ही साफ हो पाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार अस्पतालों में सुरक्षा को लेकर गंभीर है और इस मामले की सख्त जांच कराई जाएगी।

वहीं Pawan Sharma ने कहा कि उनके अस्पताल में कुल 13 मरीज लाए गए…जिनमें चार मरीज वेंटिलेटर पर थे और काफी झुलसे हुए थे। एक महिला को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों के अनुसार मौत की वजह धुएं से दम घुटना और जलना हो सकती है…लेकिन अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी।

मृतक महिला के बेटे सनी पाल ने कहा कि उनकी मां को दो दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आग लगने के बाद अस्पताल से फोन आया…लेकिन जब तक वह पहुंचे तब तक मां को कैलाश अस्पताल ले जाया जा चुका था…जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

घटना के बाद अस्पतालों की फायर सेफ्टी व्यवस्था और सुरक्षा ऑडिट को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

जनरल खंडूड़ी को सीएम धामी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, बेटे की तरह पार्थिव शरीर को दिया कंधा

Uttarakhand News: Bhuwan Chandra Khanduri: Cm Dhami: पूर्व सीएम मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बेहद भावुक नजर आए। जनरल खंडूड़ी के निधन की सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री धामी ना सिर्फ छत्तीसगढ़ से तत्काल देहरादून लौटे बल्कि बुधवार को हरिद्वार में सम्प्पन अंतेष्टि में भी शामिल हुए।
मंगलवार को जब जनरल बीसी खंडूडी का निधन हुआ तो उस समय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी छत्तीसगढ़ के बस्तर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल हो रहे थे। शोक समाचार मिलने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, तत्काल देहरादून के लिए रवाना हुए। यहां उन्होंने सीधे बंसत विहार स्थित जनरल खंडूडी के आवास का रुख कर, उन्हें भावभीनी श्रद्धासुमन अर्पित किए, साथ ही शोकाकुल परिवार का भी ढाढस बंधाया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के प्रति जनरल खंडूडी के योगदान को नमन करते हुए, राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक के साथ ही, एक दिन के अवकाश के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जनरल खंडूडी की अंतेष्टि पुलिस सम्मान के साथ सम्पन्न कराने के भी निर्देश दिए।

शवयात्रा में पार्थिव शरीर को दिया कंधा

शोकाकुल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार सुबह भी जनरल बीसी खंडूडी के आवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने पार्थिव शरीर को पुष्प अर्पित करने के साथ ही कंधा भी दिया। इसके बाद वो शव यात्रा के साथ भाजपा मुख्यालय पहुंचे, साथ ही हरिद्वार में आयोजित अंतेष्टि में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री इस दौरान बेहद भावुक और गमगीन नजर आए।

छत्तीसगढ़ से लौटते ही सीएम धामी पहुंचे खंडूड़ी आवास, भावुक हुआ माहौल

Pushkar Singh Dhami | Bhuvan Chandra Khanduri | Uttarakhand News | Tribute | Dehradun | Political News : उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के वसंत विहार स्थित पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय भुवन चंद्र खंडूड़ी के आवास पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

छत्तीसगढ़ दौरे से लौटने के बाद मुख्यमंत्री धामी सीधे स्वर्गीय खंडूड़ी के निवास पहुंचे और दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए विनम्र नमन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी का जीवन अनुशासन, राष्ट्रसेवा, ईमानदारी और जनकल्याण का प्रेरणादायी उदाहरण रहा है। उन्होंने कहा कि सेना में उत्कृष्ट सेवाएं देने के बाद उन्होंने राजनीति और सार्वजनिक जीवन में भी उच्च आदर्श स्थापित किए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड के विकास, सुशासन और पारदर्शी प्रशासन को मजबूत आधार देने में स्वर्गीय खंडूड़ी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने अपने कार्यकाल में जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कई दूरदर्शी फैसले लिए…जिनका लाभ आज भी प्रदेशवासियों को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण सहित परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखने की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षति केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखण्ड और देश की अपूरणीय क्षति है। इस दौरान कई जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।

दिल्ली JNU में फैकल्टी भर्ती शुरू, जानें पूरी डिटेल

JNU Recruitment 2026 : Teaching Jobs India: Professor Vacancy: JNU Faculty Bharti : University Jobs 2026 : दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) ने वर्ष 2026 के लिए फैकल्टी भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती के तहत प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

इस भर्ती प्रक्रिया में 100 से अधिक पद विभिन्न विषयों में उपलब्ध हैं। आवेदन प्रक्रिया 18 मई 2026 (शाम 4 बजे) से शुरू होकर 15 जून 2026 (शाम 5 बजे) तक चलेगी। उम्मीदवार CU-Chayan पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

योग्यता की बात करें तो प्रोफेसर पद के लिए संबंधित विषय में पीएचडी के साथ 10 साल का शिक्षण या शोध अनुभव जरूरी है। साथ ही कम से कम 10 शोध पत्र और 120 रिसर्च स्कोर होना अनिवार्य है।

एसोसिएट प्रोफेसर के लिए पीएचडी डिग्री के साथ 8 साल का अनुभव, कम से कम 7 शोध पत्र और 75 रिसर्च स्कोर आवश्यक है।

वहीं असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए संबंधित विषय में 55% अंकों के साथ मास्टर डिग्री और NET/SLET/SET पास होना जरूरी है। कुछ मामलों में पीएचडी धारकों को छूट भी दी गई है।

चयन प्रक्रिया UGC नियम 2018 के आधार पर होगी। पहले शैक्षणिक रिकॉर्ड और अनुभव की जांच की जाएगी…इसके बाद इंटरव्यू के आधार पर अंतिम चयन किया जाएगा। इंटरव्यू ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यम से हो सकता है।

आवेदन शुल्क की बात करें तो सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए 2000 रुपये शुल्क रखा गया है। जबकि एससी, एसटी, दिव्यांग और महिला उम्मीदवारों के लिए कोई शुल्क नहीं है।

अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट jnu.ac.in/career पर जा सकते हैं।

पूर्व CM भगत सिंह कोश्यारी को मिलेगा पद्म भूषण, राष्ट्रपति भवन में होगा सम्मान

Bhagat Singh Koshyari : Padma Bhushan 2026 : Uttarakhand News : Rashtrapati Bhavan Award : Dehradun News : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल Bhagat Singh Koshyari को पद्म भूषण सम्मान से नवाजा जाएगा। यह सम्मान 25 मई को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा…जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अन्य विभूतियों के साथ उन्हें यह प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान देंगी।

Bhagat Singh Koshyari को उत्तराखंड में “भगत दा” के नाम से भी जाना जाता है। वह एक शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार और राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े हुए नेता रहे हैं। उनकी पहचान सादगी, अनुशासन और समाज सेवा के प्रति समर्पण के लिए रही है।

17 जून 1942 को बागेश्वर जिले के पलानधुरा गांव में जन्मे कोश्यारी ने अपने करियर की शुरुआत शिक्षा क्षेत्र से की थी। बाद में उन्होंने सामाजिक कार्यों और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पिथौरागढ़ में सरस्वती शिशु मंदिर और विवेकानंद इंटर कॉलेज की स्थापना में भी योगदान दिया।

आपातकाल के दौरान उन्हें मीसा कानून के तहत जेल भी जाना पड़ा, जो उनके राजनीतिक और सामाजिक सक्रिय जीवन को दर्शाता है। बाद में उन्होंने उत्तराखंड आंदोलन और राज्य निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

राज्य गठन के बाद वे उत्तराखंड के अंतरिम कैबिनेट मंत्री बने और कुछ समय के लिए मुख्यमंत्री भी रहे। इसके अलावा उन्होंने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, राज्यसभा सांसद और लोकसभा सांसद के रूप में भी काम किया।

वर्ष 2019 में उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया और बाद में गोवा का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया।

अब उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया जाना उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और योगदान की बड़ी मान्यता माना जा रहा है।