वेंडी स्कूल में समर कैंप शुरू, शारीरिक और मानसिक मजबूती पर दिया जाएगा जोर

Haldwani: Vendy School: Summer Camp: वेंडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार को उत्साह, उमंग और रचनात्मक गतिविधियों के साथ समर कैंप 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। विद्यालय परिसर बच्चों की ऊर्जा, मुस्कान और नई चीजें सीखने के उत्साह से पूरी तरह जीवंत नजर आया।


समर कैंप का उद्घाटन विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कैंप का उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और रचनात्मक क्षमता को विकसित करना है। विभिन्न खेल एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सीखने और स्वयं को निखारने का अवसर दिया जा रहा है।
कैंप में क्रिकेट, फुटबॉल, योग, स्केटिंग, डांस, संगीत, आर्ट एंड क्राफ्ट, स्टोरी टेलिंग, पेंटिंग तथा अन्य मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
कैंप की शुरुआत ऊर्जावान फिटनेस एवं ज़ुम्बा सत्र के साथ हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने भरपूर आनंद लिया। पूरे दिन विद्यालय में सकारात्मक ऊर्जा और रचनात्मक माहौल देखने को मिला।


अंत में विद्यालय के निदेशक डॉ विकल बवाड़ी एवं प्रधानाचार्य डॉ भावना बवाड़ी ने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों के अंदर ऊर्जा, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का विकास करती हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के क्रियाकलाप बच्चों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


विद्यालय प्रशासन ने कहा कि समर कैंप केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाने का सशक्त मंच है।

हल्द्वानी के युवाओं के लिए खुला ग्लोबल करियर का दरवाजा, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का एक और प्रयास

Haldwani: Chandigarh University: उत्तराखंड के युवाओं के लिए अब विश्वस्तरीय तकनीकी शिक्षा और ग्लोबल करियर के अवसर उनके अपने क्षेत्र के करीब उपलब्ध होने जा रहे हैं। तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में जहां पारंपरिक शिक्षा मॉडल लगातार चुनौती का सामना कर रहे हैं, वहीं चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश ने देश के पहले ‘एआई-ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लिनरी’ स्मार्ट कैंपस के रूप में नई पहचान बनाई है। लगभग 2,500 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित यह अत्याधुनिक कैंपस उत्तराखंड, खासकर हल्द्वानी और कुमाऊं मंडल के छात्रों के लिए बड़े अवसर लेकर आया है।

हल्द्वानी में आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, यूपी के डीन साइंसेज़ डॉ. हिमांशु त्रिपाठी ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन लंबे समय से उन्हें आधुनिक तकनीक, एडवांस्ड रिसर्च सुविधाओं और ग्लोबल इंडस्ट्री एक्सपोज़र के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। अब यह स्थिति बदलने जा रही है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप पूरी तरह इंडस्ट्री-रेडी बनाना है।

डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि आज की दुनिया में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं रह गई है। आने वाला समय उन्हीं युवाओं का होगा जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी और डिजिटल इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में दक्ष होंगे। इसी सोच के साथ यूनिवर्सिटी ने अपने पूरे शैक्षणिक ढांचे को आधुनिक उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया है। अब हल्द्वानी और कुमाऊं के छात्र अपने घर के पास रहकर अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

यूनिवर्सिटी ने गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, आईबीएम समेत दुनिया की 23 से अधिक अग्रणी ग्लोबल और नेशनल कंपनियों के साथ एमओयू किए हैं। इन साझेदारियों का उद्देश्य छात्रों को केवल किताबों तक सीमित न रखते हुए उन्हें लाइव प्रोजेक्ट्स, इंडस्ट्री ट्रेनिंग और रियल-टाइम कॉर्पोरेट अनुभव प्रदान करना है। इसके साथ ही 100 से अधिक बड़ी कंपनियों की भागीदारी वाला ‘कॉर्पोरेट एडवाइजरी बोर्ड’ छात्रों को शुरुआत से ही करियर गाइडेंस और इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप मार्गदर्शन दे रहा है।

डॉ. हिमांशु त्रिपाठी ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए यूनिवर्सिटी ने 68 नए और विशेष प्रोग्राम लॉन्च किए हैं। इनमें 40 अंडरग्रेजुएट, 16 पोस्टग्रेजुएट और 12 लेटरल एंट्री प्रोग्राम शामिल हैं। इसके अलावा रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए 22 मल्टीडिसिप्लिनरी पीएचडी प्रोग्राम भी शुरू किए गए हैं। इन कार्यक्रमों का मुख्य फोकस भविष्य की टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री डिमांड के अनुरूप युवाओं को तैयार करना है।

उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी में एआई-आधारित स्मार्ट लर्निंग सिस्टम विकसित किया गया है, जहां छात्रों को आधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, रिसर्च लैब्स और इनोवेशन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे छात्रों को केवल अकादमिक ज्ञान ही नहीं बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा, जो उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में बेहतर अवसर दिलाने में मदद करेगा।

उत्तराखंड के छात्रों को आर्थिक रूप से सहयोग देने के लिए यूनिवर्सिटी ने सीयूसीईटी 2026 स्कॉलरशिप और एडमिशन पोर्टल की भी घोषणा की है। इस प्रवेश परीक्षा के माध्यम से योग्य छात्रों को 50 करोड़ रुपये तक की स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी। डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि पिछले सत्र में भी 2,000 से अधिक छात्रों को करोड़ों रुपये की स्कॉलरशिप का लाभ मिला था। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी और कुमाऊं क्षेत्र के छात्र ऑनलाइन माध्यम से इस परीक्षा में भाग लेकर देश के सबसे आधुनिक स्मार्ट कैंपस में अपनी जगह सुनिश्चित कर सकते हैं।

स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए यूनिवर्सिटी में ‘कैम्पस टैंक’ और ‘सीयू एआई स्पेस’ जैसी विशेष पहल भी शुरू की गई हैं। ‘कैम्पस टैंक’ के जरिए अब तक 1,000 से अधिक स्टार्टअप्स को लगभग 6 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 50 करोड़ रुपये की फंडिंग से जोड़ा जा चुका है। वहीं छात्राओं को तकनीकी रिसर्च और इनोवेशन में आगे बढ़ाने के लिए ‘नारी’ योजना के तहत विशेष अवसर दिए जा रहे हैं।

हाल ही में यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित ‘क्वांटम फॉर भारत’ मिशन और देश के पहले ‘एआई हेल्थकेयर हैकाथॉन’ ने भी राष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चा बटोरी। इस हैकाथॉन में देशभर से 5,000 से अधिक युवाओं ने भाग लिया था। यूनिवर्सिटी का दावा है कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को भविष्य की तकनीकों के साथ जोड़ने और उन्हें इनोवेशन की दिशा में आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में डॉ. हिमांशु त्रिपाठी ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि उत्तर भारत के युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने वाला ट्रांसफॉर्मेटिव एजुकेशन इकोसिस्टम है। उन्होंने भरोसा जताया कि इसका सबसे बड़ा लाभ उत्तराखंड, विशेष रूप से हल्द्वानी और कुमाऊं के छात्रों को मिलेगा, जिन्हें अब बड़े अवसरों के लिए महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।

धामी सरकार का मास्टर प्लान! जंगलों की आग रोकने के लिए होगी 1000 नई भर्तियां

Uttarakhand News : Forest Fire Control : Pushkar Singh Dhami : Monsoon Preparedness : Forest Guard Recruitment : Char Dham Yatra : पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में वनाग्नि नियंत्रण, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और मानसून तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगलों में आग लगाने और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि वनाग्नि की सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचें।

पूरे प्रदेश में लागू होगा शीतलखेत मॉडल

मुख्यमंत्री ने वनाग्नि रोकने के लिए शीतलखेत मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने फायर लाइन के आसपास छोटी तलैया बनाने, मजबूत एक्शन प्लान तैयार करने और आग बुझाने वाले कर्मचारियों को पर्याप्त उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जंगलों में आग की घटनाओं को रोकने के लिए जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाए।

फॉरेस्ट गार्ड के 1000 पदों पर होगी भर्ती

मुख्यमंत्री ने वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड के एक हजार नए पदों पर भर्ती करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम समितियों और वन पंचायतों को वनाग्नि रोकथाम के लिए आवश्यक बजट उपलब्ध कराने की बात कही। मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने हर वन डिवीजन में पशु चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मोबाइल अलर्ट सिस्टम के जरिए वनाग्नि की सूचना तुरंत पहुंचाने पर भी जोर दिया।

पेयजल और बिजली व्यवस्था पर विशेष फोकस

गर्मी के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल टैंकरों की पर्याप्त व्यवस्था रहे और खराब पेयजल लाइनों को जल्द ठीक किया जाए। मुख्यमंत्री ने तीर्थ और पर्यटन स्थलों सहित सभी क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास करने को कहा।

मानसून से पहले सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने मानसून सीजन को देखते हुए सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलों के प्रभारी सचिवों को अपने-अपने क्षेत्रों का निरीक्षण करने और संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा।

अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट होगा अनिवार्य

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट कराने और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और मानसून के दौरान उन्हें अस्पताल पहुंचाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

चारधाम यात्रियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य जांच में फिट न पाए जाने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा न करने की सलाह दी जाए।

धामी सरकार का बड़ा तोहफा! सड़क, मंदिर, पानी और बिजली के लिए करोड़ों मंजूर

Uttarakhand Development : Pushkar Singh Dhami : Rural Road Scheme : Temple Beautification : Power Station : Drinking Water Project : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में ग्रामीण सड़क, पेयजल, बिजली और धार्मिक स्थलों के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी है। विभिन्न परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि के तहत मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना में 6 नई ग्रामीण सड़क योजनाओं के लिए 23.86 करोड़ मंजूर किए हैं। इसके अलावा चारधाम यात्रा मार्ग पर चलने वाले अश्ववंशीय पशुओं के बीमा के लिए 1.05 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।

तामली क्षेत्र की पेयजल योजना को मिली मंजूरी

तामली क्षेत्र में पेयजल संकट को दूर करने के लिए लिफ्ट पेयजल योजना के तहत 14.57 करोड़ की परियोजना को मंजूरी दी गई है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 करोड़ जारी करने की स्वीकृति भी दी गई है।

चम्पावत और सल्ट क्षेत्र को मिली विकास योजनाओं की सौगात

जनपद चम्पावत के बनबसा नगर पंचायत में खराब सड़कों और नालियों के निर्माण के लिए 1 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। विधानसभा क्षेत्र सल्ट के मुख्य बाजारों में 10 हाईमास्ट लाइट लगाने के लिए 29.32 लाख मंजूर किए गए हैं। वहीं दुगड्डा विकासखंड के महाबगढ़ मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए 1.69 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। हरबर्टपुर क्षेत्र में उदिया खाला के पास सुरक्षा दीवार और पुलियों के निर्माण के लिए 97.79 लाख मंजूर किए गए हैं।

मंदिरों के सौंदर्यीकरण पर विशेष फोकस

जनपद अल्मोड़ा के रानीखेत विधानसभा क्षेत्र में कई मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए 1.50 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इनमें नवाड शिव मंदिर काल भैरव मंदिर, हिरानंद महाराज मंदिर और उणूली महादेव मंदिर सहित कई धार्मिक स्थल शामिल हैं। इसके अलावा पौड़ी जिले के देवीखाल स्थित माँ बाल कुँवारी माता मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए ₹72.67 लाख मंजूर किए गए हैं।

टनकपुर-बनबसा में बनेगा नया बिजली स्टेशन

टनकपुर और बनबसा क्षेत्र में 220/33 केवी विद्युत स्टेशन स्थापित करने की परियोजना के तहत 3 करोड़ जारी करने को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना की कुल लागत 150.40 करोड़ बताई गई है।

पार्क और मंदिर विकास कार्यों को भी मंजूरी

किच्छा विधानसभा के ग्राम दरऊ में डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क और तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए 25 लाख स्वीकृत किए गए हैं। वहीं राजा हरूहीत मंदिर के सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार के लिए 93.36 लाख मंजूर किए गए हैं।

सामुदायिक भवन का नाम स्वर्गीय दीपक पुंडीर के नाम पर

मुख्यमंत्री ने मसूरी विधानसभा क्षेत्र के पुरूकुल गांव में बने सामुदायिक भवन का नाम पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष स्वर्गीय दीपक पुंडीर के नाम पर रखने को मंजूरी दी है। अब यह भवन “स्व. दीपक पुंडीर सामुदायिक भवन” के नाम से जाना जाएगा।

नैनीताल जिले में गाड़ी की धुलाई और निर्माण में पानी के इस्तेमाल में लगा पूर्ण प्रतिबंध

नैनीताल: भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने पेयजल संकट से निपटने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। जनहित में जारी आदेशों के तहत जनपद क्षेत्र में नए पेयजल संयोजनों की स्वीकृति और निर्गमन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। यह आदेश 25 मई 2026 से 20 जून 2026 अथवा मानसून शुरू होने तक प्रभावी रहेगा।

प्रशासन ने भवन निर्माण कार्यों के लिए पूर्व में स्वीकृत अस्थायी जल संयोजनों को भी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही वाहन सर्विस सेंटरों और धुलाई केंद्रों पर पानी से वाहन धोने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब केवल ड्राई वॉश प्रणाली से ही वाहन सफाई की अनुमति होगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के जल संयोजन काटने और दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

आदेश में टुल्लू पंप और सक्शन पंप के उपयोग पर भी पूरी तरह रोक लगाई गई है। निरीक्षण के दौरान ऐसे पंप मिलने पर उन्हें जब्त करते हुए जल कनेक्शन विच्छेदित किया जाएगा। पेयजल का उपयोग सिंचाई, फर्श धुलाई और अन्य गैर-जरूरी कार्यों के लिए भी प्रतिबंधित रहेगा।

प्रशासन ने पेयजल लाइनों में लीकेज की स्थिति में तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि जनहित में चल रहे सरकारी निर्माण कार्यों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है, लेकिन वहां भी पानी के दुरुपयोग पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

उत्तराखंड के इन जिलों में अगले 24 घंटों का ऑरेंज अलर्ट जारी !

Uttarakhand: Weather: Alert: मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई पर्वतीय और मैदानी जिलों के लिए अगले 24 घंटों का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट 22 मई 2026 दोपहर 1:55 बजे से 23 मई 2026 दोपहर 1:55 बजे तक प्रभावी रहेगा। विभाग के अनुसार बागेश्वर, चमोली, देहरादून, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी जिलों के कुछ क्षेत्रों में तेज मौसम गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

विशेष रूप से सोनप्रयाग, जोशीमठ, मुनस्यारी, केदारनाथ, कपकोट, डोईवाला, देवप्रयाग, गंगोत्री और आसपास के इलाकों में तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर यह 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में बिजली गिरने, ओलावृष्टि और तेज तूफान की भी आशंका व्यक्त की है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

चारधाम यात्रा मार्गों पर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

सीएम धामी बोले कानून से बड़ा कोई नहीं, सड़कों पर नमाज़ पढ़ने को लेकर सख्त रुख

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में सड़कों पर नमाज़ पढ़ने को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि देवभूमि उत्तराखंड में सार्वजनिक सड़कों को धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से बाधित करने की अनुमति किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आस्था का सम्मान सभी को है, लेकिन कानून और व्यवस्था से ऊपर कोई नहीं हो सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश में चारधाम यात्रा चल रही है और लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। ऐसे में राज्य का वातावरण शांत, व्यवस्थित और अनुशासित बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सड़कें आम जनता की आवाजाही के लिए हैं, उन्हें अवरोध या प्रदर्शन का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा।

सीएम धामी ने कहा कि नमाज़ मस्जिदों, ईदगाहों और निर्धारित स्थानों पर ही पढ़ी जानी चाहिए। सार्वजनिक मार्गों को बाधित कर लोगों को परेशानी में डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग वोट बैंक की राजनीति के लिए सड़क पर नमाज़ का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन उत्तराखंड सरकार की नीति पूरी तरह स्पष्ट है।

मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि सार्वजनिक सड़कों को बंधक बनाकर अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि देवभूमि की शांति, संस्कृति और अनुशासन से खिलवाड़ करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी तथा राज्य में कानून का राज सर्वोपरि रहेगा।

उत्तराखंड: ट्रेकिंग करने वालों के लिए जरूरी खबर, अब बिना रजिस्ट्रेशन नहीं कर सकेंगे ट्रेकिंग

Pithoragarh News | Uttarakhand Trekking Rules|Tourism Registration | Breaking News | Adventure Travel India | Travel Safety | Himalayan Trekking | Latest News | Hindi News | District Administration : सीमांत जिले पिथौरागढ़ में ट्रेकिंग और पर्वतारोहण पर जाने वाले पर्यटकों के लिए नया नियम लागू कर दिया गया है। अब किसी भी ट्रेकिंग रूट पर जाने से पहले सभी ट्रेकर्स का पूर्व रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। यह कदम यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

पिथौरागढ़ जिले में मिलम, रालम, सुंदरढूंगा, नामिक, दारमा वैली, पंचाचूली बेस कैंप, नंदा देवी ईस्ट बेस कैंप, नाभीढांग और लिपुलेख पास जैसे कई प्रसिद्ध ट्रेकिंग मार्ग हैं। मौसम खराब होने या अचानक परिस्थितियां बिगड़ने पर कई बार ट्रेकर्स फंस जाते हैं…जिससे राहत कार्य में दिक्कत होती है।

पिथौरागढ़ के सभी ट्रेकिंग रूट पर जाने वाले सभी ट्रेकर्स और पर्वतारोहण दलों को पहले से पूरी जानकारी देकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके लिए ई-मेल tourismpithoragarh@gmail.com पर नाम, पता, मोबाइल नंबर, आयु और आधार नंबर जैसी जानकारी भेजनी होगी।

पिथौरागढ़ जिला पर्यटन विकास अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्य ने कहा कि ट्रेकिंग पर जाने वाले सभी दलों की जानकारी रिकॉर्ड में रखी जाएगी और मौसम विभाग व आपदा प्रबंधन विभाग की चेतावनियों का पालन करना अनिवार्य होगा।

उन्होंने कहा कि बिना सूचना के ट्रेकिंग पर जाने और किसी घटना की स्थिति में जिम्मेदारी संबंधित टूर ऑपरेटर की होगी, और आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बड़ा अपडेट! यात्रियों के लिए नया रूट प्लान जारी

Delhi Dehradun Expressway | Traffic Diversion | NHAI Update | Uttarakhand News | Breaking News | Road Safety Alert | Datkali Tunnel | Mohand Route | Highway News | Latest Update : दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया गया है। शुक्रवार से गणेशपुर से डाटकाली मंदिर के बीच 12 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा। यह कदम भूस्खलन की आशंका और ढलान स्थिरीकरण कार्य को देखते हुए उठाया गया है।

गणेशपुर से डाटकाली मंदिर के बीच एलिवेटेड रोड पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ढलानों को मजबूत करने का काम करेगा। इसके चलते इस हिस्से पर यातायात को अस्थायी रूप से डायवर्ट किया जा रहा है।

वाहनों के लिए नया रूट प्लान
देहरादून से दिल्ली जाने वाले वाहन मोहंड के पुराने मार्ग से गुजरेंगे।
दिल्ली से देहरादून आने वाले वाहन निर्धारित लेन व्यवस्था के अनुसार एलिवेटेड रोड पर चलेंगे, जिसमें बायीं लेन की बजाय दायीं लेन का उपयोग किया जाएगा।

यह ट्रैफिक डायवर्जन 22 मई से शुरू होकर 8 जून तक लागू रहेगा। इस दौरान एलिवेटेड रोड के लगभग 1.25 किलोमीटर हिस्से पर यातायात प्रभावित रहेगा, जबकि बाकी मार्ग सामान्य रूप से खुला रहेगा।

यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए पूरे मार्ग पर 24 घंटे फ्लैगमैन तैनात किए जाएंगे। ये कर्मी वाहनों को सुरक्षित दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

एलिवेटेड रोड के पहाड़ी हिस्से में जियो-जूट तकनीक, साइल नेलिंग और स्केलिंग के माध्यम से ढलान को मजबूत किया जाएगा। साथ ही ढीले पत्थरों और अतिरिक्त मलबे को हटाने का काम भी किया जाएगा, ताकि भविष्य में भूस्खलन की घटनाओं को रोका जा सके।

एनएचएआई ने यात्रियों से अपील की है कि वे डायवर्जन के दौरान सावधानी से यात्रा करें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें और मौके पर तैनात कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें।

बिजली विभाग के संविदा कर्मी की संदिग्ध मौत, कर्मचारियों पर हत्या का आरोप से मचा हड़कंप

Ramnagar News | Uttarakhand Crime | Electricity Department | Suspicious Death | Breaking News | Hindi News | Kaladhungi Police | Contract Worker Death | Viral News | Latest Update : कालाढूंगी थाना क्षेत्र के अंतर्गत बैलपड़ाव स्थित विद्युत सब स्टेशन में तैनात संविदा कर्मी देवेंद्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने बिजली विभाग के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों पर मारपीट कर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

जानकारी के अनुसार देवेंद्र बैलपड़ाव स्थित विद्युत सब स्टेशन में संविदा कर्मी के रूप में कार्यरत था। गुरुवार दोपहर वह किसी निजी काम से रामनगर आया हुआ था। इसी दौरान भवानीगंज क्षेत्र में उसके साथ कथित रूप से मारपीट की घटना हुई।

मृतक के मौसेरे भाई अशोक कुमार ने कहा कि उन्होंने मौके पर कुछ लोगों को देवेंद्र के साथ मारपीट करते देखा। आरोप है कि मारपीट के बाद उसे जबरन कार में बैठाकर ले जाया गया।

परिजनों का कहना है कि कुछ समय बाद बिजली विभाग से जुड़े कुछ लोग देवेंद्र को गंभीर हालत में रामनगर सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे…जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है।

सूचना मिलने पर रामनगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।

रामनगर कोतवाल सुशील कुमार ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल जांच जारी है।