उत्तराखंड की लोक संस्कृति का बढ़ा मान, हेमा नेगी करासी को मिलेगा उस्ताद बिस्मिल्ला खान युवा पुरस्कार

Rudraprayag | Uttarakhand | HemaNegiKarasi : देवभूमि उत्तराखंड की लोक-संस्कृति की मधुर गूंज अब देश ही नहीं…बल्कि दुनिया के कई हिस्सों तक पहुंच रही है। इसी सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाने वाली सुप्रसिद्ध लोक गायिका एवं संस्कृति संरक्षक हेमा नेगी करासी को वर्ष 2024-25 के प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी के “उस्ताद बिस्मिल्ला खान युवा पुरस्कार” से सम्मानित किए जाने की घोषणा ने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित कर दिया है।

यह सम्मान उन्हें उत्तराखंड की लोक-संस्कृति, पारंपरिक लोक कलाओं और लोक संगीत के संरक्षण एवं संवर्धन में दिए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जा रहा है। इस उपलब्धि को केवल एक कलाकार का सम्मान नहीं…बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध लोकधरोहर की राष्ट्रीय पहचान के रूप में देखा जा रहा है।

हेमा नेगी करासी ने अपने स्वर और समर्पण से उत्तराखंड की उन लोक विधाओं को फिर से जीवंत किया है जो धीरे-धीरे विलुप्त हो रही थीं। उन्होंने जागर, थड़िया, चौंफला और झुमेलो जैसे पारंपरिक लोकगीतों को आधुनिक मंचों पर प्रस्तुत कर नई पीढ़ी तक पहुंचाया। उनके गीतों में पहाड़ की संस्कृति, परंपरा और मिट्टी की खुशबू साफ झलकती है।

संघर्षों से सम्मान तक का सफर

रुद्रप्रयाग जिले के दूरस्थ गांव तुखिंडा में जन्मी हेमा नेगी करासी का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। विवाह के बाद उनका जीवन और भी चुनौतियों से घिरा…लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी कला साधना को जारी रखा।

उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में जब वे पारंपरिक उत्तराखंडी वेशभूषा के साथ मंच पर जाती थीं…तो कई बार उनका मजाक उड़ाया गया और ताने भी सुनने पड़े। लेकिन उन्होंने अपनी संस्कृति को ही अपनी ताकत बनाया और उसी पहचान को गर्व के साथ आगे बढ़ाया।

आज वही लोक परिधान और सांस्कृतिक प्रस्तुति उत्तराखंड की पहचान बन चुकी है और देश-विदेश में सराही जा रही है।

तीलू रौतेली पुरस्कार से भी सम्मानित

हेमा नेगी करासी को उत्तराखंड सरकार द्वारा महिलाओं के सर्वोच्च सम्मानों में से एक ‘तीलू रौतेली पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया जा चुका है। यह सम्मान उनके संघर्ष, साहस और संस्कृति के क्षेत्र में दिए गए योगदान का प्रमाण है।

उत्तराखंड: 21 वर्षीय अग्निवीर रोहित सिंह का जम्मू में बलिदान, परिवार में मातम

Tehri | Uttarakhand | RohitSingh | AgniVeer : जम्मू में तैनात भारतीय सेना के अग्निवीर और टिहरी जिले के घनसाली निवासी 21 वर्षीय रोहित सिंह का अपनी ही सर्विस रायफल से गोली लगने से निधन हो गया। हालांकि घटना कैसे हुई..इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

सेना की ओर से शहीद अग्निवीर रोहित सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचाया गया है। शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। जैसे ही यह दुखद समाचार गांव पहुंचा…पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

रोहित सिंह टिहरी जिले के घनसाली क्षेत्र की पट्टी भिलंग के ग्राम पंचायत मेंदू सिंधवाल गांव के निवासी थे। वे करीब एक वर्ष पहले भारतीय सेना की 20 गढ़वाल राइफल में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए थे…और वर्तमान में जम्मू में तैनात थे।

ग्राम प्रधान कुंवर सिंह ने कहा कि रोहित ने हाल ही में अपनी ट्रेनिंग पूरी की थी और उसके बाद उनकी पोस्टिंग जम्मू में हुई थी। 10 जून की सुबह यह दर्दनाक घटना हुई…जिसमें उनकी मृत्यु हो गई।

इस घटना से गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शहीद के पिता सुरेंद्र सिंह दुबई में कार्यरत हैं…जबकि उनका छोटा भाई मोहित कक्षा 9 में अध्ययनरत है।

स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने रोहित सिंह के बलिदान को नमन करते हुए परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।

कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सूचना, 4 दिन रहेगा विशेष ट्रैफिक रूट

Kainchi Dham Mela | Traffic Advisory | Uttarakhand News : कैंची धाम स्थापना दिवस और मेले को लेकर पुलिस प्रशासन ने 13 जून से 16 जून तक विशेष ट्रैफिक प्लान जारी कर दिया है। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए विभिन्न राज्यों, जनपदों और पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों के लिए अलग-अलग पार्किंग और शटल सेवा की व्यवस्था की गई है।

प्रशासन ने साफ किया है कि मेले के दौरान कैंची धाम क्षेत्र में निजी वाहनों की आवाजाही सीमित रहेगी और अधिकांश श्रद्धालुओं को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़े कर शटल सेवा से मंदिर तक पहुंचाया जाएगा।

बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था

दिल्ली, एनसीआर, हरिद्वार, देहरादून, मुरादाबाद और रामपुर की ओर से आने वाले वाहनों को हल्द्वानी और गौलापार क्षेत्र की पार्किंगों तक भेजा जाएगा। यहां से श्रद्धालु शटल बसों के माध्यम से कैंची धाम पहुंच सकेंगे।

रेल और रोडवेज बस से आने वाले यात्रियों के लिए काठगोदाम रेलवे स्टेशन और हल्द्वानी रोडवेज स्टेशन से भी विशेष शटल सेवा संचालित की जाएगी।

नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों से आने वालों के लिए प्लान

रामनगर, कालाढूंगी, लालकुआं, नैनीताल, ज्योलीकोट, धारी और मुक्तेश्वर से आने वाले श्रद्धालुओं को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़े करने होंगे। भीमताल विकास भवन पार्किंग और भवाली सैनिटोरियम पार्किंग को प्रमुख पार्किंग केंद्र बनाया गया है।

पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले वाहनों के लिए निर्देश

अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले वाहनों को खैरना पार्किंग में रोका जाएगा। यहां से श्रद्धालुओं को शटल सेवा के माध्यम से कैंची धाम भेजा जाएगा।

भारी वाहनों पर रहेगा प्रतिबंध

13 जून से 16 जून तक अधिकांश समय भारी माल वाहनों का संचालन प्रतिबंधित रहेगा। केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन निर्धारित समय में ही आवाजाही कर सकेंगे।

केएमओयू और रोडवेज बसों के लिए विशेष व्यवस्था

13 जून को बस सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होंगी…जबकि 14 जून से 16 जून तक कई मार्गों पर बसों को वैकल्पिक रास्तों से भेजा जाएगा ताकि कैंची धाम क्षेत्र में यातायात का दबाव कम किया जा सके।

दुपहिया वाहनों की एंट्री रहेगी बंद

14 जून सुबह 8 बजे से 16 जून शाम 4 बजे तक टैक्सी बाइक और अन्य दुपहिया वाहनों का कैंची धाम क्षेत्र की ओर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

शटल सेवा के प्रमुख केंद्र

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भवाली, भीमताल, खैरना, काठगोदाम, हल्द्वानी रोडवेज स्टेशन, रेलवे स्टेशन और गौलापार आईएसबीटी से लगातार शटल सेवाएं संचालित की जाएंगी।

प्रशासन की अपील

पुलिस और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से ट्रैफिक प्लान का पालन करने, निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने और शटल सेवा का लाभ उठाने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि इससे यातायात सुचारु रहेगा और श्रद्धालुओं को दर्शन करने में सुविधा मिलेगी।

कैंची धाम मेले के दौरान सुरक्षा, यातायात और पार्किंग व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी श्रद्धालु को परेशानी का सामना न करना पड़े।

कैंची धाम मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अहम अपडेट, प्रशासन ने जारी की शटल सेवा की नई किराया सूची

Kainchi Dham Mela | Nainital News | Uttarakhand News : कैंची धाम मेले को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। हर वर्ष बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इस बार शटल सेवा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा रहा है।

प्रशासन का कहना है कि मेले के दौरान सबसे अधिक दबाव यातायात व्यवस्था पर रहता है। इसे देखते हुए विभिन्न स्थानों से कैंची धाम तक चलने वाली शटल सेवाओं का किराया निर्धारित कर दिया गया है…ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

निर्धारित किराये के अनुसार हल्द्वानी से कैंची धाम तक एक तरफ का किराया 150 रुपये रखा गया है। वहीं भीमताल और नैनीताल से आने वाले यात्रियों के लिए 100 रुपये प्रति व्यक्ति किराया तय किया गया है। भवाली और खैरना से कैंची धाम तक शटल सेवा का किराया 50 रुपये प्रति व्यक्ति निर्धारित किया गया है।

प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि निर्धारित किराये से अधिक राशि किसी भी यात्री से न वसूली जाए। इसके लिए सभी पार्किंग स्थलों और प्रमुख स्थानों पर किराया सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाएगी।

उत्तराखंड में मौसम का बड़ा यू-टर्न! तेज बारिश, ओलावृष्टि और आंधी का ऑरेंज अलर्ट, इन जिलों में रहें सतर्क

Uttarakhand Weather | Dehradun Rain | Weather Alert : उत्तराखंड के कई हिस्सों में बुधवार देर रात हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद मौसम का मिजाज बदल गया है। बारिश के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली है…जबकि कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। मौसम विभाग ने आज से प्रदेश में मौसम के और ज्यादा सक्रिय रहने का अनुमान जताया है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार देहरादून समेत कई जिलों में तेज बारिश, आंधी, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। इसके मद्देनजर कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य के मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का प्रभाव देखने को मिलेगा। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और चंपावत जिलों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

वहीं उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जैसे पर्वतीय जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के भी आसार हैं।

मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में तेज बारिश, बिजली चमकने, ओलावृष्टि और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।
शुक्रवार तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है।

उत्तराखंड: एक कॉलेज के 10 होनहार बने देश की शान, अग्निवीर और टेरिटोरियल आर्मी में एक साथ चयन

Agniveer : Roorkee News : हरिद्वार जिले के लंढौरा स्थित चमन लाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय (स्वायत्त) के विद्यार्थियों ने एक बार फिर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। भारतीय थल सेना अग्निवीर भर्ती के अंतिम परिणाम में कॉलेज के 9 छात्रों का चयन अग्निवीर पद पर हुआ है…जबकि एक छात्र का चयन टेरिटोरियल आर्मी में हुआ है।

अग्निवीर बनने वाले छात्रों में रोहित कुमार, सागर धीमान, नवीन कुमार, अनिवेश कुमार, हिमांशु गुप्ता, विनीत, आर्यन राणा, मोहम्मद कैफ और मोहम्मद उजैर शामिल हैं। वहीं एनसीसी कैडेट सौरभ सिंह ने टेरिटोरियल आर्मी में चयनित होकर उपलब्धि हासिल की है।

महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार चयनित अधिकांश छात्र एनसीसी से जुड़े रहे हैं…जिसके कारण उनमें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और देश सेवा की भावना मजबूत हुई। इसी मेहनत और समर्पण के दम पर उन्होंने यह सफलता हासिल की है।

प्राचार्य डॉ. सुशील उपाध्याय और एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. अपर्णा शर्मा ने सभी चयनित छात्रों को शुभकामनाएं दीं और इसे संस्थान के लिए गर्व का क्षण बताया।

कॉलेज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रामकुमार शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि केवल विद्यार्थियों की नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में कॉलेज के 25 से अधिक छात्र भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा बलों में चयनित होकर देश सेवा कर चुके हैं।

प्रबंधन ने जल्द ही चयनित छात्रों के सम्मान में एक कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है। यह सफलता क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है।

उत्तराखंड: साइबर ठगों का नया तरीका, वित्त मंत्री का वीडियो दिखाकर PWD अफसर को लगाया चूना

CyberCrime : Dehradun News : Uttarakhand Police : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस बार साइबर ठगों ने फेसबुक पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का निवेश से जुड़ा फर्जी वीडियो दिखाकर लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक रिटायर्ड अधिकारी से करीब 30 लाख रुपये ठग लिए।

पीड़ित दर्शन लाल सिंह, निवासी नेहरू कॉलोनी, देहरादून ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि फेसबुक पर दिखाए गए वीडियो में निवेश का आकर्षक दावा किया जा रहा था…जिस पर भरोसा करके उन्होंने एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश शुरू किया।

जानकारी के अनुसार ठगों ने पहले उन्हें एक ऐप डाउनलोड कराया और फिर “ग्लोबल ट्रेडिंग” नाम की वेबसाइट पर अकाउंट खुलवाया। शुरुआत में 200 डॉलर जमा कराए गए…और बाद में अधिक लाभ का लालच देकर लगातार रकम जमा करवाई जाती रही।

पीड़ित के अनुसार 23 अप्रैल 2026 को उनका अकाउंट फ्रीज कर दिया गया। तब तक वह लगभग 11,700 डॉलर (करीब 11 लाख रुपये) निवेश कर चुके थे। इसके बाद खाते को अनफ्रीज कराने के नाम पर और पैसे मांगे गए…और धीरे-धीरे कुल रकम करीब 30 लाख रुपये तक पहुंच गई।

रिटायर्ड अधिकारी ने कहा कि उन्होंने यह रकम गूगल पे, डेबिट कार्ड और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से ट्रांसफर की। जब उन्होंने पैसा वापस निकालने की कोशिश की…तो उनसे और रकम जमा करने का दबाव बनाया जाने लगा…जिससे उन्हें ठगी का शक हुआ।

इसके बाद उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने कहा कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जिन बैंक खातों में पैसा गया है…उनकी जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि साइबर ठग सोशल मीडिया और फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को लालच देकर ठगी कर रहे हैं…इसलिए किसी भी अनजान निवेश स्कीम पर भरोसा न करें।

कैंची धाम जाने वालों के लिए खुशखबरी, नया बाईपास जल्द होगा शुरू

KainchiDham : NainitalNews : BaileyBridge : UttarakhandTourism : TrafficRelief : नैनीताल। कैंची धाम आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और कुमाऊं क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। भवाली-दूनीखाल-रातीघाट बाईपास मार्ग पर बेली ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अब ब्रिज का ट्रायल किया जाएगा और सफल परीक्षण के बाद इसे आम यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।

जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर बाद पुल पर वाहनों की आवाजाही का ट्रायल किया जाएगा। यदि ट्रायल सफल रहता है तो गुरुवार को इसका विधिवत उद्घाटन कर बाईपास मार्ग को सभी वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा।

कैंची धाम में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ और जाम की समस्या को देखते हुए यह बाईपास काफी अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में समीक्षा बैठक में निर्देश दिए थे कि बाईपास के शुरू होने से हाईवे पर ट्रैफिक दबाव कम होगा और श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।

करीब तीन वर्ष पहले भवाली सेनिटोरियम से रातीघाट तक बाईपास का प्रस्ताव तैयार किया गया था…जिसे इस वर्ष के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन कैंची धाम स्थापना दिवस को देखते हुए पहले चरण में बेली ब्रिज को समय से पहले तैयार किया गया है।

15 जून को कैंची धाम स्थापना दिवस पर लगभग दो लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने मेले की तैयारियां तेज कर दी हैं।

ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था

मेले के दौरान हल्द्वानी से कैंची धाम तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा…ताकि एंबुलेंस, पुलिस और फायर सेवाएं बिना बाधा के तेजी से पहुंच सकें। भारी भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

शटल सेवा से होगी आवाजाही

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भीमताल, भवाली, नैनीताल, हल्द्वानी और खैरना से शटल सेवा संचालित की जाएगी। हल्द्वानी से बस और टैक्सी, भवाली से रोडवेज और निजी बसें तथा अन्य स्थानों से टैक्सी वाहनों की व्यवस्था की गई है।

प्रशासन का कहना है कि मेले को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना प्राथमिकता है।

उत्तराखंड मौसम अलर्ट: कई जिलों में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि की संभावना

UttarakhandWeather | Heatwave | RainAlert | DehradunNews | IMDAlert : उत्तराखंड में मौसम का मिजाज इन दिनों तेजी से बदल रहा है। जहां एक ओर मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी और लू ने लोगों को परेशान कर रखा है…वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही से मौसम सुहावना बना हुआ है।

मैदानी जिलों में तेज धूप के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। रुड़की, खटीमा और पंतनगर जैसे क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है…जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले एक से दो दिनों तक तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद अगले कुछ दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है।

पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो रही है…जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है। बुधवार को उत्तरकाशी, देहरादून और टिहरी के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और गर्जन के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

वहीं हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जिलों में मौसम शुष्क बना रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने गुरुवार से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की चेतावनी दी है…जिसके चलते मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

इसके तहत देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाएं, बिजली चमकने और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

प्रमुख तापमान (डिग्री सेल्सियस):
देहरादून: अधिकतम 37.4, न्यूनतम 22.2 पंतनगर: अधिकतम 40.0, न्यूनतम 24.6 मुक्तेश्वर: अधिकतम 26.2, न्यूनतम 14.6 नई टिहरी: अधिकतम 26.8, न्यूनतम 13.6

उत्तराखंड: स्कूली बच्चे, पर्यटक और ग्रामीण सब परेशान…रामनगर की सड़कों के सुधार की उठी मांग

RamnagarNews | PWD | RoadCondition | LocalIssues | UttarakhandNews : क्षेत्र की खराब सड़कों के सुधारीकरण और डामरीकरण की मांग को लेकर समाजसेवी राहुल सिंह दरम्वाल और उनकी टीम ने PWD कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान ग्रामीणों ने रामनगर क्षेत्र की कई सड़कों की बदहाल स्थिति पर गंभीर चिंता जताई।

राहुल सिंह दरम्वाल ने कहा कि छोई मार्ग, क्यारी गांव को जोड़ने वाली सड़क, पाटकोट मार्ग, तेलीपुरा और जस्सागांजा सहित कई सड़कें लंबे समय से खराब हालत में हैं। इन सड़कों पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं…जिससे स्थानीय ग्रामीण और राहगीर घायल हो रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग केवल कागजों में काम दिखा रहा है…जबकि जमीनी स्तर पर हालात बेहद खराब हैं। लोगों का कहना है कि कई सड़कों के प्रस्ताव एक से डेढ़ साल पहले ही भेजे जा चुके हैं…लेकिन अब तक उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

राहुल सिंह दरम्वाल ने सवाल उठाया कि आखिर फाइलें किन अधिकारियों के पास अटकी हुई हैं और क्यों लंबे समय से सड़कों का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग, स्कूली बच्चे और पर्यटक हर दिन इन खराब सड़कों से गुजरने को मजबूर हैं…जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इस दौरान जिम कॉर्बेट जीएम एसोसिएशन के सदस्यों ने भी PWD कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। उनका कहना है कि खराब सड़कों के कारण जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क आने वाले पर्यटक निराश होकर लौट रहे हैं….जिससे पर्यटन पर भी असर पड़ रहा है।

इस मौके पर राहुल सिंह दरम्वाल, करन बिष्ट, सौरभ छिमवाल, रवि तिवारी, राजीव शाह, सुन्दर सिंह बिष्ट, किरण सागर, राजेश पंत, प्रकाश पाठक, देवी सिंह, बबीता मेहरा सहित कई स्थानीय लोग और होटल कारोबारी मौजूद रहे।