भाजपा नेता विनोद कश्यप हत्याकांड में फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश

DehradunCrime | VinodKashyap | Uttarakhand: सहसपुर क्षेत्र के बैरागीवाला में भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला सोशल मीडिया सह-संयोजक विनोद कश्यप की हत्या के मामले में पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई जगहों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

जानकारी के अनुसार शनिवार शाम खेत में पानी को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। आरोप है कि कुछ लोगों ने हथौड़ों, लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया, जिसमें विनोद कश्यप की मौत हो गई। घटना में उनके भाई अशोक कुमार, राजेश और बहन सुषमा भी गंभीर रूप से घायल हुए थे।

पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने कई नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है…जबकि सात आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।

पुलिस के अनुसार फरार आरोपी जनपद से बाहर भी भाग सकते हैं। उनकी तलाश में उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों समेत कई स्थानों पर दबिश दी जा रही है। गिरफ्तारी के लिए पांच विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं।

एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने कहा कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

मुख्यमंत्री धामी खेत में उतरे और खुद चलाया टिलर,पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने का संदेश दिया

Organic Farming | Pushkar Singh Dhami | Uttarakhand News : मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने सोमवार को अपने नगला तराई स्थित निजी आवास के खेत में पहुंचकर स्वयं टिलर चलाया और खेत की जुताई की। इस दौरान उन्होंने गोबर की प्राकृतिक खाद डालकर जैविक और पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने का संदेश दिया। उनकी माता Bishna Devi भी इस अवसर पर मौजूद रहीं।

मुख्यमंत्री ने खेत में श्रम करते हुए किसानों की मेहनत और कृषि के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि खेती केवल रोजगार का साधन नहीं…बल्कि भारतीय संस्कृति और ग्रामीण जीवन की आधारशिला है। आधुनिक तकनीक के साथ पारंपरिक और प्राकृतिक खेती को अपनाकर कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि गोबर की खाद जैसी प्राकृतिक पद्धतियां मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाती हैं। किसानों को रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर जैविक खेती की ओर बढ़ना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को आधुनिक बनाने और जैविक उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार काम कर रही है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को तकनीकी और आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान कृषि, ग्रामीण संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ी हुई है। सरकार पारंपरिक खेती, बागवानी, प्राकृतिक कृषि और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से भी खेती और ग्रामीण विकास से जुड़ने की अपील की। उनका कहना था कि आधुनिक सोच और नई तकनीक के साथ युवा कृषि क्षेत्र में बेहतर अवसर पैदा कर सकते हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बना सकते हैं।

उत्तराखंड में उमड़ी रिकॉर्डतोड़ भीड़, श्रद्धालुओं के लिए रेलवे को चलानी पड़ीं स्पेशल ट्रेनें, जानिए शेड्यूल

Somvati Amavasya | Haridwar Special Train | Railway News : सोमवती अमावस्या के अवसर पर हरिद्वार में उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई विशेष अनारक्षित ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। इन ट्रेनों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना है।

रेलवे अधिकारियों ने कहा कि हरिद्वार और लखनऊ के बीच विशेष अनारक्षित ट्रेनें चलाई जा रही हैं। गाड़ी संख्या 04326 हरिद्वार-लखनऊ स्पेशल 17 जून तक संचालित की जाएगी। यह ट्रेन हरिद्वार से शाम 6:35 बजे रवाना होकर लक्सर, नजीबाबाद, नगीना, धामपुर, स्योहारा, कांठ, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर, हरदोई और बालामऊ जंक्शन होते हुए तड़के लखनऊ पहुंचेगी।

वहीं गाड़ी संख्या 04325 लखनऊ-हरिद्वार स्पेशल 18 जून तक संचालित की जा रही है। यह ट्रेन सुबह लखनऊ से रवाना होकर शाम को हरिद्वार पहुंचेगी…जिससे श्रद्धालुओं को यात्रा में सुविधा मिलेगी।

इसके अलावा हरिद्वार-बठिंडा और बठिंडा-हरिद्वार स्पेशल ट्रेनों का भी संचालन किया गया है। इन ट्रेनों के माध्यम से पंजाब और उत्तराखंड के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत मिली है।

रेलवे अधिकारियों ने कहा कि हरिद्वार में स्नान पर्व और वीकेंड के चलते यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था की गई है…ताकि स्टेशन और ट्रेनों में भीड़ का दबाव कम किया जा सके।

इस बीच आरआरबी एनटीपीसी परीक्षा के अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए चलाई जा रही परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का संचालन भी निर्धारित अवधि तक जारी रहा। इन ट्रेनों से हजारों अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में मदद मिली।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक Mahesh Yadav ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन के समय और संचालन की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें तथा रेलवे के दिशा-निर्देशों का पालन करें।

बागेश्वर के पवन बचखेती बने फ्लाइंग ऑफिसर, मेहनत और लगन से पूरा किया बचपन का सपना

Flying Officer Pawan Bachkheti | Indian Air Force | Bageshwar News : उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के पातल गांव के युवा पवन बचखेती ने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है और लोग उन्हें बधाइयां दे रहे हैं।

पवन बचखेती का चयन एएफसीएटी (AFCAT) परीक्षा के माध्यम से हुआ था। इसके बाद उन्हें दिसंबर 2024 में भारतीय वायुसेना अकादमी, हैदराबाद में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया। 13 जून को आयोजित पासिंग आउट परेड के बाद उन्होंने सफलतापूर्वक कमीशन प्राप्त किया और भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में नियुक्ति हासिल की।

पवन सैन्य परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पिता लक्ष्मी दत्त बचखेती भारतीय सेना की 4 कुमाऊं रेजिमेंट से नायक सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हैं…जबकि उनकी माता सोनी देवी गृहिणी हैं। परिवार के संस्कार और देशसेवा की भावना ने बचपन से ही उन्हें सेना में अधिकारी बनने के लिए प्रेरित किया।

पवन की शुरुआती पढ़ाई गांव में हुई, जबकि आगे की शिक्षा उन्होंने रुद्रपुर में पूरी की। बचपन से ही वर्दी पहनकर देश की सेवा करने का सपना देखने वाले पवन ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के दम पर यह सफलता हासिल की।

उनकी इस उपलब्धि को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा माना जा रहा है। परिजनों, रिश्तेदारों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

पवन बचखेती की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए…तो गांव का युवा भी देश की सर्वोच्च सेवाओं में अपनी जगह बना सकता है।

सेना में हैं तो जरूर पढ़ें, वोटर लिस्ट अपडेट पर आया महत्वपूर्ण आदेश

Voter List Revision | Service Voter | Uttarakhand Election : उत्तराखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बीच सैन्य वोटरों को लेकर उठ रहे सवालों पर निर्वाचन विभाग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। विभाग ने कहा है कि सर्विस वोटर श्रेणी में पंजीकृत सैन्य कर्मियों को इस प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा और उनका नाम पहले की तरह मतदाता सूची में बना रहेगा।

इन दिनों राज्यभर में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण किया जा रहा है। इसके तहत मतदाताओं के विवरण का सत्यापन किया जा रहा है और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर जानकारी का मिलान किया जा रहा है। इसी बीच सैन्य कर्मियों और उनके परिवारों में यह जिज्ञासा बनी हुई थी कि क्या उन्हें भी दोबारा सत्यापन कराना होगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार भारतीय सेना, अर्द्धसैनिक बलों और अन्य पात्र सेवाओं में कार्यरत जिन लोगों का नाम सर्विस वोटर के रूप में दर्ज है..उन्हें एसआईआर प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। उनका नाम पुनरीक्षण के बाद भी सर्विस वोटर श्रेणी में यथावत बना रहेगा।

निर्वाचन विभाग का कहना है कि सेवा में कार्यरत सैन्य कर्मियों का पहले से ही निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापन किया जाता है…इसलिए उन्हें दोबारा सत्यापन कराने की आवश्यकता नहीं है।

हालांकि सेना या अन्य सेवाओं से सेवानिवृत्त होकर अपने गृह क्षेत्र में वापस लौट चुके लोगों पर यह छूट लागू नहीं होगी। उनका नाम सामान्य मतदाता के रूप में दर्ज किया जाएगा और उन्हें अन्य नागरिकों की तरह पुनरीक्षण प्रक्रिया में भाग लेना होगा।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी B. V. R. C. Purushottam ने कहा कि सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों को आवश्यक दस्तावेज और जानकारी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपलब्ध करानी होगी…ताकि उनका सत्यापन पूरा किया जा सके।

निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है…जिससे चुनाव प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी हो सके।

बाबा ने मुझे अपने घर बुला लिया…अमेरिका से पहुंचे भक्त ने कैंची धाम में साझा किया भावुक अनुभव

Kainchi Dham | Neem Karoli Baba | Max Williams : Neem Karoli Baba के 62वें स्थापना दिवस के अवसर पर कैंची धाम में देश-विदेश से श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान अमेरिका से पहुंचे भक्त Max Williams ने बाबा के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त करते हुए कहा कि कैंची धाम पहुंचकर उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे स्वयं बाबा ने उन्हें अपने घर वापस बुला लिया हो।

मैक्स विलियम्स ने कहा कि वर्ष 2020 में आध्यात्मिक प्रवचनों और संतों के विचारों से प्रेरित होकर उनका रुझान अध्यात्म की ओर बढ़ा। इसके बाद उन्होंने अपना जीवन बाबा नीब करौरी महाराज की शिक्षाओं और सेवा कार्यों के लिए समर्पित कर दिया। वर्तमान में वह अमेरिका में रहकर बाबा के संदेशों के प्रचार-प्रसार से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने कहा कि साथी भक्तों के सहयोग से उन्हें पहली बार कैंची धाम आने का अवसर मिला। इस यात्रा को अपने जीवन का विशेष अनुभव बताते हुए मैक्स भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि यहां पहुंचते ही उन्हें अद्भुत शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ।

मैक्स ने कहा, “कैंची धाम का वातावरण बेहद दिव्य है। यहां के लोग बहुत सहयोगी और दयालु हैं। जैसे ही मैंने इस पवित्र भूमि पर कदम रखा, मुझे महसूस हुआ कि बाबा ने मुझे अपने घर वापस बुला लिया है।”

स्थापना दिवस के मौके पर उमड़ी भारी भीड़ के बीच उन्होंने पुलिस और प्रशासन की व्यवस्थाओं की भी सराहना की। उनका कहना था कि सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए किए गए इंतजाम सुव्यवस्थित हैं…जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन करने में काफी सुविधा मिल रही है।

कैंची धाम के स्थापना दिवस पर हर वर्ष की तरह इस बार भी देश और विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। पूरे क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है। श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर महाप्रसाद ग्रहण कर रहे हैं और बाबा के जयकारों से पूरा धाम गूंज रहा है।

दीदी कैफे से लेकर योजनाओं तक…खटीमा में सीएम धामी का दौरा बना चर्चा का केंद्र

PushkarSinghDhami | KhatimaProgram | UttarakhandNews : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीन दिवसीय खटीमा प्रवास के दौरान बगुलिया स्थित शहीद हरी किशन शिक्षण संस्थान में आयोजित “जन-जन की सरकार, मुख्य सेवक आपके द्वार” कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत संचालित दीदी कैफे का शुभारंभ भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। राज्य में विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं और हर क्षेत्र में सुधार किया जा रहा है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और योजनाओं का लाभ भी वितरित किया गया।

खटीमा में सीएम धामी ने भोलेनाथ और हनुमान जी की प्रतिमाओं का किया अनावरण

PushkarSinghDhami | UttarakhandNews | Khatiima : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज खटीमा के बंडिया क्षेत्र में भगवान भोलेनाथ और महाबली हनुमान जी की प्रतिमाओं का विधिवत अनावरण किया। कार्यक्रम के दौरान पूरे क्षेत्र में धार्मिक आस्था, श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां की संस्कृति, परंपरा और धार्मिक आस्था हमारी पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए लगातार काम कर रही है…ताकि सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रखा जा सके।

सीएम धामी ने कहा कि भगवान भोलेनाथ और हनुमान जी की प्रतिमाएं समाज में सकारात्मक ऊर्जा, विश्वास और जनकल्याण की भावना को मजबूत करेंगी। ऐसे आयोजन सामाजिक एकता और भाईचारे को भी बढ़ावा देते हैं।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। लोगों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियों को मिल रहे बढ़ावे पर संतोष जताया।

इस मौके पर कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। पूरा कार्यक्रम भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ।

उत्तराखंड में जल्द मिलेगी देवभूमि परिवार आईडी, राज्यपाल की मंजूरी के बाद रास्ता साफ

Devbhoomi Family ID | Uttarakhand Government | Digital Governance : उत्तराखंड में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी प्रशासनिक पहल जल्द शुरू होने जा रही है। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद देवभूमि परिवार अधिनियम-2026 लागू होने का रास्ता साफ हो गया है। इसके तहत राज्य में लंबे समय से रह रहे परिवारों को एक विशेष पहचान संख्या यानी “देवभूमि परिवार आईडी” जारी की जाएगी।

सरकार का उद्देश्य प्रदेश के नागरिकों का एकीकृत डिजिटल डाटाबेस तैयार करना है…जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी और आसान तरीके से लोगों तक पहुंचाया जा सके। इस व्यवस्था से नागरिकों और सरकार दोनों को कई सुविधाएं मिलेंगी।

अधिनियम के अनुसार उत्तराखंड में लगातार 15 वर्ष या उससे अधिक समय से निवास कर रहे परिवारों को यह आईडी उपलब्ध कराई जाएगी। इस आईडी के माध्यम से परिवार से जुड़ी विभिन्न जानकारियां डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगी।

योजनाओं का लाभ लेना होगा आसान

देवभूमि परिवार आईडी लागू होने के बाद लोगों को बार-बार अलग-अलग योजनाओं के लिए दस्तावेज जमा कराने और सत्यापन कराने की परेशानी से राहत मिलेगी। एक बार जानकारी दर्ज होने के बाद विभिन्न सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया सरल हो जाएगी।

महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता

इस नई व्यवस्था की एक खास बात यह है कि परिवार की सबसे वरिष्ठ वयस्क महिला को परिवार का मुखिया माना जाएगा। यदि परिवार में कोई वयस्क महिला नहीं है…तभी सबसे वरिष्ठ पुरुष सदस्य को यह जिम्मेदारी दी जाएगी।

गड़बड़ी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

कानून में डाटाबेस से छेड़छाड़ या गलत जानकारी देने वालों के खिलाफ सख्त दंड का भी प्रावधान किया गया है। दोषी पाए जाने पर जेल और आर्थिक दंड दोनों का सामना करना पड़ सकता है।

बनेगा विशेष प्राधिकरण

देवभूमि परिवार आईडी योजना के संचालन और निगरानी के लिए एक विशेष प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे…जबकि विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी इसमें सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे।

सरकार का मानना है कि इस पहल से योजनाओं का लाभ सही पात्र लोगों तक पहुंचेगा, पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी सेवाओं को डिजिटल रूप से अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

उत्तराखंड: घर में घुसकर भाजपा नेता की हत्या, फिर भड़का जनाक्रोश; आगजनी के बाद आरोपियों के घरों पर चला बुलडोजर

BJP Leader Murder | Bulldozer Action | Uttarakhand News : सहसपुर क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला सोशल मीडिया सहसंयोजक और निजी स्कूल शिक्षक विनोद कश्यप (44) की हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। घटना के विरोध में रविवार को बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता गांव में जुटे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

जानकारी के अनुसार खेतों की सिंचाई के लिए पानी लेने को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। शनिवार शाम यह विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि 8 से 10 लोग बेलचा, हथौड़ा और अन्य हथियार लेकर विनोद कश्यप के घर में घुस गए और हमला कर दिया। हमले में विनोद कश्यप की मौत हो गई…जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है।

घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। रविवार सुबह लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ स्थानों पर पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं। हालात को देखते हुए कई थानों की पुलिस और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया।

12 लोगों पर मुकदमा, कई गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में 12 लोगों के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। कई नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है…जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई

हत्या के बाद बढ़ते तनाव के बीच प्रशासन ने आरोपियों के घरों पर कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस और प्रशासन की टीम बुलडोजर लेकर गांव पहुंची और चिन्हित निर्माणों पर कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार नियमानुसार अवैध निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया अपनाई गई।

इंटरनेट बंद, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और अधिकारियों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या तनावपूर्ण स्थिति को रोका जा सके।

मुख्यमंत्री ने दिया सख्त संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उत्तराखंड की शांति और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

फिलहाल बैरागीवाला गांव में स्थिति पर प्रशासन की कड़ी नजर है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।