






Uttarakhand |Indore News | Anjali Thapa | chamoli : मध्य प्रदेश के इंदौर में एक 20 वर्षीय युवती की आठवीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। युवती की पहचान उत्तराखंड के चमोली निवासी अंजलि थापा के रूप में हुई है। घटना से पहले युवती और उसके लिव-इन पार्टनर के बीच विवाद होने की बात सामने आई है। पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
यह घटना तेजाजी नगर थाना क्षेत्र के पलास परिसर की है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, अंजलि अपने साथी अजय मुंडे के साथ फ्लैट में रह रही थी। पुलिस दोनों के बीच पिछले तीन दिनों से विवाद होने की जानकारी की जांच कर रही है। फिलहाल युवती की मौत के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हुई है।
पुलिस के मुताबिक अंजलि मूल रूप से उत्तराखंड के चमोली जिले की रहने वाली थी और दिल्ली के एक स्पा में काम करती थी। कुछ साल पहले उसकी मुलाकात उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के समयपुर निवासी अजय मुंडे से हुई थी। बाद में दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे।
बताया गया है कि 18 अक्टूबर को दोनों दिल्ली से इंदौर पहुंचे थे। यहां उन्होंने पलास परिसर के बी-ब्लॉक की आठवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 801 किराये पर लिया था। सोसाइटी के लोगों को दोनों ने पीथमपुर में नौकरी करने की बात बताई थी।
तेजाजी नगर थाना प्रभारी देवेंद्र मरकाम ने कहा कि पूछताछ में अजय ने बताया कि दोनों के बीच पिछले तीन दिनों से विवाद चल रहा था। शनिवार को साथ में शराब पीने के बाद भी दोनों के बीच कहासुनी हुई।
अजय का दावा है कि विवाद के दौरान वह किसी काम से किचन में गया था। इसी बीच अंजलि बालकनी से नीचे गिर गई। हालांकि घटना किन परिस्थितियों में हुई इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
अंजलि के नीचे गिरने की जानकारी मिलते ही सोसाइटी के लोग मौके पर पहुंचे। रेजिडेंट संघ के अध्यक्ष अभिषेक दुबे और अन्य लोग उसे गंभीर हालत में राऊ स्थित मैक्सवेल अस्पताल ले गए। वहां से उसे एमवाय अस्पताल रेफर किया गया। एमवाय अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस पूछताछ में अजय ने दावा किया कि अंजलि पिछले तीन दिनों से किसी व्यक्ति से फोन पर बात कर रही थी। उसने इस बात को लेकर भी विवाद होने की जानकारी दी है। अजय ने बताया कि वह मजदूरी करता था….जबकि अंजलि स्पा में काम करती थी। उसके मुताबिक अंजलि अपने परिजनों के संपर्क में भी नहीं थी।
फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। युवती की मौत कैसे हुई और घटना से पहले हुए विवाद की क्या वजह थी इन सवालों के जवाब जुटाए जा रहे हैं। पुलिस की जांच और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Uttarakhand Weather | Rain Alert | Snowfall Forecast : उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। मौसम विभाग ने राज्य के पांच पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई है। इससे पहाड़ों में ठंड बढ़ सकती है। वहीं, मैदानी और निचले इलाकों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की भी संभावना है।
पर्वतीय जिलों में 3200 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं। अगर बारिश और बर्फबारी होती है, तो पहाड़ी इलाकों के तापमान में गिरावट आ सकती है। इससे ठंड का असर और बढ़ने की संभावना है।
इन पांच जिलों को छोड़कर प्रदेश के बाकी मैदानी और निचले इलाकों में मौसम साफ और शुष्क रहने का अनुमान है।
राजधानी देहरादून में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। हालांकि बीच-बीच में हल्के बादल दिखाई दे सकते हैं। दिन के समय धूप खिलने का अनुमान है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक देहरादून में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 16 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस हो रही है।
पिछले 24 घंटों में प्रदेश के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य रहा। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान सामान्य से लेकर कुछ अधिक दर्ज किया गया।
अब पहाड़ों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने पर तापमान में गिरावट आ सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में ठंड का असर बढ़ने की संभावना है।

AIIMS Rishikesh : Parking Fee : Uttarakhand News : एम्स ऋषिकेश में इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को अब पार्किंग के लिए भी पैसे खर्च करने होंगे। अस्पताल परिसर में वाहन खड़ा करने के लिए शुल्क वसूला जाएगा। इसके लिए एम्स प्रशासन ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ठेकेदार नियुक्त कर दिया है।
निर्धारित दरों के मुताबिक दोपहिया वाहन पार्क करने पर 20 रुपये और चारपहिया वाहन खड़ा करने पर 40 रुपये देने होंगे। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी श्रीलॉय मोहंती ने भी पार्किंग शुल्क की व्यवस्था की पुष्टि की है।
एम्स ऋषिकेश में उत्तराखंड के अलावा दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। कई मरीजों को डॉक्टर से परामर्श लेने, जांच कराने और रिपोर्ट दिखाने के लिए अस्पताल में काफी समय बिताना पड़ता है। ऐसे में पार्किंग शुल्क उनके खर्च को बढ़ा सकता है।
खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च परेशानी का कारण बन सकता है। मरीजों के इलाज, दवाइयों, जांच और आने-जाने पर पहले ही खर्च होता है। अब वाहन पार्क करने के लिए भी शुल्क देना होगा।
एम्स में पार्किंग शुल्क लगाए जाने को लेकर ऋषिकेश के व्यापार मंडल ने नाराजगी जताई है। इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए शुल्क के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई गई है।
स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहे हैं कि दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को राहत देने के लिए कोई विशेष व्यवस्था हो सकती है या नहीं।
एम्स के जनसंपर्क अधिकारी श्रीलॉय मोहंती ने कहा कि अस्पताल में आने वाले लोगों को पार्किंग शुल्क देना होगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। दोपहिया वाहनों के लिए 20 रुपये और चारपहिया वाहनों के लिए 40 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
हालांकि उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि ये दरें कितनी अवधि की पार्किंग के लिए लागू होंगी और मरीजों या उनके तीमारदारों को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं।

Education News | Uttarakhand News | Teacher Recruitment : उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बेसिक शिक्षकों के 400 से अधिक पद खाली हैं। इन पदों को भरने के लिए शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
शनिवार को शासकीय आवास पर विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री ने शिक्षकों की भर्ती, प्रधानाचार्यों की पदोन्नति और स्कूलों में खेल सुविधाएं विकसित करने सहित कई विषयों पर चर्चा की।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम होने के बावजूद जरूरत से ज्यादा शिक्षक तैनात हैं। वहीं कई विद्यालयों में छात्रों की संख्या अधिक है….लेकिन शिक्षकों की कमी बनी हुई है। ऐसे में शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा, ताकि जरूरत वाले स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हो सकें।
बैठक में राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्यों के खाली पदों को भरने पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि विद्यालयों में शैक्षणिक और प्रशासनिक कामकाज बेहतर तरीके से चल सके।
इसके साथ ही उन्होंने विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की और संबंधित कार्यों के भूमि-पूजन, शिलान्यास, उद्घाटन तथा लोकार्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा।
सरकारी स्कूलों में खेल सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्रदेश के हर जिले के प्रत्येक ब्लॉक में एक विद्यालय में खेल मैदान बनाने की योजना है। इसके लिए शिक्षा विभाग अपने विद्यालय परिसरों में जमीन उपलब्ध कराएगा।
इस काम को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के बीच जल्द समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को इसकी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं।
इससे पहले शिक्षा और युवा कल्याण विभाग के बीच प्रदेश में खेल गतिविधियों के लिए वार्षिक खेल कैलेंडर लागू किया जा चुका है।

Sports News | Yashasvi Mer |Haldwani News : खेल के मैदान में उम्र नहीं, प्रतिभा और मेहनत पहचान बनाती है। इस बात को नन्ही खिलाड़ी यशस्वी मेर ने अपनी शानदार उपलब्धि से साबित किया है। 10वें उत्तराखंड स्पोर्ट्स स्टेट गेम्स 2026 में यशस्वी ने अंडर-12 वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
ऊधम सिंह नगर के बाजपुर में आयोजित इस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल हासिल करना यशस्वी के लिए बड़ी उपलब्धि है। उनकी इस सफलता से परिवार और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है।
कम उम्र में मिली इस कामयाबी ने यशस्वी की खेल प्रतिभा को सामने लाया है। उनकी जीत दूसरे बच्चों को भी खेल के क्षेत्र में मेहनत करने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
यशस्वी की उपलब्धि पर परिवारजनों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सभी को उम्मीद है कि वह आगे भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन करेंगी।

MDDA Action | Illegal Plotting |Dehradun News : मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने अवैध प्लॉटिंग, निर्माण और बिना जरूरी मंजूरी के चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। शनिवार 24 अक्टूबर को प्राधिकरण की टीम ने देहरादून, मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में अभियान चलाकर सात स्थानों पर कार्रवाई की। इस दौरान शिमला बाईपास क्षेत्र में करीब 20 बीघा जमीन पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया….जबकि पौंधा में 30 से 40 बीघा जमीन पर की जा रही प्लॉटिंग को सील किया गया।
MDDA के मुताबिक मेदनीपुर, शिमला बाईपास रोड के ढकरानी-हरबर्टपुर क्षेत्र में करीब 20 बीघा भूमि पर गौरव रावत की ओर से की जा रही प्लॉटिंग के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
वहीं पौंधा रोड पर राजेंद्र अग्रवाल की ओर से करीब 30 से 40 बीघा जमीन पर की जा रही प्लॉटिंग को सील किया गया। प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि जमीन या प्लॉट खरीदने से पहले स्वीकृत लेआउट और जरूरी दस्तावेजों की जांच जरूर करें।
मसूरी के विन्सेन्ट हिल, क्रेग टॉप एस्टेट, वैवरली और हाथीपांव रोड क्षेत्र में अरुण सहगल तथा निर्माणकर्ता राहुल रोहानी से जुड़े अवैध निर्माण के मामले में सीलिंग की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि निर्माण के लिए स्वीकृत नक्शे और निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है।
विधौली स्थित यूपीईएस कॉलेज के पास भी MDDA की टीम ने पांच स्थानों पर सीलिंग की। इनमें अक्षय पंवार का कैफे, रवि शंकर का कैफे और दुकान, गायत्री शर्मा की दुकान और माही कैफे शामिल हैं। प्राधिकरण के मुताबिक संबंधित प्रतिष्ठानों में जरूरी मानचित्र स्वीकृति या अनुमतियों से जुड़ी अनियमितताओं के चलते कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान MDDA के क्षेत्रीय अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौजूद रहे। प्राधिकरण ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग, बिना अनुमति निर्माण और नियमों के खिलाफ संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
MDDA उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। नियमों का उल्लंघन सामने आने पर नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।

Uttarakhand News | CM Pushkar Singh Dhami | Viral Audio Case : उत्तराखंड के चकराता क्षेत्र से जुड़े कथित वायरल ऑडियो मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीड़ित परिवार से संपर्क किया है। शनिवार को मुख्यमंत्री ने बालक राम की बेटी दीक्षा से फोन पर बात कर पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने परिवार को हरसंभव मदद और सुरक्षा का भरोसा दिया है।
सीएम धामी ने एसएसपी को मामले की गंभीरता से जांच करने और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक की सुरक्षा और सम्मान सरकार की प्राथमिकता है। किसी भी व्यक्ति या परिवार को डर के माहौल में रहने के लिए मजबूर नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और उसे न्याय दिलाने के लिए जरूरी सहयोग करेगी।
सोशल मीडिया पर कुछ दिन पहले एक कथित ऑडियो वायरल हुआ था। आरोप है कि इसमें कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह के भाई और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह तथा राजपाल सिंह से जुड़े लोगों की बातचीत में बालक राम के परिवार और उनकी बेटियों के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और धमकी दी गई।
ऑडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। भाजपा नेता और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान ने भी पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच कराने की मांग की थी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 22 अक्टूबर को भी इस कथित वायरल ऑडियो को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि ऑडियो की जांच जरूरी है। अब उन्होंने पीड़ित परिवार से बातचीत कर सुरक्षा का भरोसा दिया है और पुलिस अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल मामले में वायरल ऑडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

Uttarakhand Politics | CM Pushkar Singh Dhami| Akhilesh Yadav : उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया बताए जाने के कथित बयान पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अखिलेश यादव का वीडियो साझा करते हुए कहा कि उत्तराखंड देवभूमि भी है और वीरभूमि भी।
सीएम धामी ने कहा कि इस पवित्र धरती ने देश को संत, सैनिक और राष्ट्रसेवा में समर्पित अनेक व्यक्तित्व दिए हैं। ऐसे में उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहना प्रदेश के स्वाभिमान और यहां के लोगों के संघर्ष का अपमान है।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में उत्तराखंड राज्य आंदोलन का जिक्र करते हुए मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्री रहते हुए हुई रामपुर तिराहा घटना की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि राज्य की मांग कर रहे आंदोलनकारियों पर उस समय गोलियां चली थीं। उत्तराखंड के लोग आंदोलन के दौरान हुए संघर्ष और बलिदान को आज भी नहीं भूले हैं।
सीएम धामी ने कहा कि एक ओर उत्तराखंड के आंदोलनकारियों को गोलीबारी का सामना करना पड़ा था….वहीं अब प्रदेश के लोगों को घुसपैठिया कहे जाने का मामला सामने आया है। उन्होंने इसे उत्तराखंड के लोगों की भावनाओं से जुड़ा विषय बताया।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या वह अपने राजनीतिक सहयोगी अखिलेश यादव के इस बयान का समर्थन करती है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि उत्तराखंड के लोगों के लिए इस तरह की टिप्पणी उसे स्वीकार है या नहीं।
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता अपने इतिहास, संघर्ष और बलिदान को नहीं भूलेगी।

Haldwani: Cricket: Press 11: BJP Yuva Morcha: Rakshit Tandon: हल्द्वानी। हल्द्वानी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में मीडिया 11 और भाजपा युवा मोर्चा के बीच खेले गए मैत्री क्रिकेट मुकाबले में पत्रकार 11 ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भाजपा युवा मोर्चा को 7 विकेट से शिकस्त दी। मुकाबले में रक्षित टंडन की नाबाद 31 रनों की पारी जीत का बड़ा आधार बनी।
टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भाजपा युवा मोर्चा की टीम निर्धारित 20 ओवर में 106 रन ही बना सकी। टीम की ओर से सुधांशु ने सर्वाधिक 23 रन बनाए, जबकि कमल रावत ने 17 और रौनक ने 15 रनों का योगदान दिया। रौनक जब दो रन पर थे तब पंकज पांडे से उनका एक आसान कैच छूट गया था।
मीडिया 11 की ओर से गेंदबाजी में दिनेश पांडे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन विकेट झटके। राधे और विनोद ने दो विकेट हासिल किए, जबकि संतोष, राकेश रावत और अन्य गेंदबाजों ने भी टीम को अहम सफलताएं दिलाईं।
107 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पत्रकार 11 की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम के सलामी बल्लेबाज जीवन राज पहले ही ओवर में पवेलियन लौट गए। हालांकि, दूसरे छोर पर मौजूद रक्षित टंडन ने जिम्मेदारी संभाली और टीम को मुश्किल से बाहर निकाला।
रक्षित ने पंकज पांडे, संतोष जोशी और राकेश रावत के साथ उपयोगी साझेदारियां कीं। पंकज पांडे ने 24 रन, राकेश रावत ने 16 रन और संतोष जोशी ने 17 रनों का योगदान दिया। वहीं, रक्षित टंडन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 31 रन की नाबाद पारी खेली और टीम को जीत तक पहुंचाया।
इस मुकाबले में रक्षित टंडन को पहली बार बतौर सलामी बल्लेबाज मैदान पर उतारा गया था। कोच शैलेंद्र नेगी का यह प्रयोग पूरी तरह सफल साबित हुआ। रक्षित ने न सिर्फ एक छोर संभाले रखा, बल्कि अपनी जिम्मेदार पारी से टीम की जीत भी सुनिश्चित की।
दूसरी ओर, रक्षित की शानदार बल्लेबाजी ने खराब फॉर्म से जूझ रहे जीवन राज की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मैच के बाद टीम के बल्लेबाजी क्रम में बदलाव को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इस तरह पत्रकार 11 ने शानदार खेल दिखाते हुए मुकाबला 7 विकेट से अपने नाम कर लिया।

Daler Mehndi | Pushkar Singh Dhami | Mika Singh : उत्तराखंड में पंजाबी गायक दलेर मेहंदी के कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब लगातार चर्चा में है। मामले को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर दलेर मेहंदी से फोन पर बातचीत की। वहीं गायक मीका सिंह ने मुख्यमंत्री के प्रयास की सराहना करते हुए कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल से अपने बयान पर सफाई देने और दलेर मेहंदी से माफी मांगने की अपील की है।
मुख्यमंत्री धामी ने बातचीत के दौरान दलेर मेहंदी का हालचाल जाना और विवाद को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अतिथियों का स्वागत और सम्मान करने की परंपरा रही है। देवभूमि की पहचान यहां की लोकसंस्कृति, आत्मीयता और आपसी सौहार्द से है। कलाकारों का भी हमेशा सम्मान किया जाता रहा है।
सीएम धामी ने कहा कि उनकी कोशिश है कि इस घटनाक्रम को पीछे छोड़कर बातचीत, सौहार्द और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ा जाए।
इस मामले में मुख्यमंत्री धामी ने पहले भी लोगों से विवाद को ज्यादा तूल न देने की अपील की थी। उन्होंने दलेर मेहंदी और मीका सिंह से बातचीत करने की बात कही थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मीका सिंह से भी फोन पर चर्चा की।
बातचीत के बाद मीका सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर मुख्यमंत्री के प्रति सम्मान जताया। उन्होंने कहा कि सीएम धामी ने खुद फोन कर दलेर मेहंदी से जुड़े मामले पर बात की…जिसकी वह सराहना करते हैं। मीका सिंह ने मुख्यमंत्री को विनम्र और जमीन से जुड़ा व्यक्ति बताया।
मीका सिंह ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वह सुबोध उनियाल से अपने बयान को स्पष्ट करने के लिए एक वीडियो जारी करने और दलेर मेहंदी से माफी मांगने को कहें। मीका सिंह ने यह बात मंत्री के उस कथित बयान के संदर्भ में कही, जिसमें दलेर मेहंदी पर कार्यक्रम के दौरान नशे में होने की बात कही गई थी।
उन्होंने कहा कि गलतफहमियां हो सकती हैं…लेकिन उन्हें बातचीत और शालीनता से दूर किया जा सकता है। मीका सिंह ने उम्मीद जताई कि इस प्रयास से विवाद खत्म होगा और दलेर मेहंदी के सम्मान का ध्यान रखा जाएगा।
यह पूरा मामला नरेंद्रनगर में आयोजित सिद्धपीठ कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की सांस्कृतिक संध्या से जुड़ा है। कार्यक्रम में दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे। इस दौरान बैकग्राउंड साउंड ट्रैक के इस्तेमाल को लेकर दर्शकों के बीच नाराजगी सामने आई।
विवाद बढ़ने पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और उन्होंने गायक के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया और कई कलाकारों ने दलेर मेहंदी के समर्थन में प्रतिक्रियाएं दीं।
अब मुख्यमंत्री धामी की दलेर मेहंदी और मीका सिंह से बातचीत के बाद सबकी नजर इस बात पर है कि विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश किस दिशा में आगे बढ़ती है।