रेलवे टिकट से लेकर यूपीआई और गैस सिलेंडर तक बड़े बदलाव, जानिए जरूरी अपडेट्स

Rules Change: अक्तूबर महीने की शुरुआत हो चुकी है और साथ ही कई अहम बदलाव भी लागू हो गए हैं जो सीधे आपके दैनिक जीवन और बजट को प्रभावित करेंगे। चाहे बात हो रेलवे टिकट बुकिंग के नियमों की यूपीआई ट्रांजैक्शन की या एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों की इस महीने कई नई अपडेट्स आपके काम को आसान तो बनाएंगी…लेकिन इनके बारे में जानना भी जरूरी है ताकि आप किसी परेशानी से बच सकें।

रेलवे टिकट बुकिंग में नया नियम लागू
आज से रेलवे ने टिकट बुकिंग में नया बदलाव किया है। अब रिजर्वेशन खुलने के पहले 15 मिनट केवल उन्हीं यात्रियों के लिए होगा जिनका आधार वेरिफिकेशन हो चुका है। यह नियम आईआरसीटीसी वेबसाइट और एप दोनों पर लागू होगा। इससे टिकट बुकिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जी बुकिंग कम होंगी।

एनपीएस नियमों में भी बदलाव
नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) से जुड़ी नई सुविधा के तहत अब नॉन-गवर्नमेंट सेक्टर के निवेशक एक ही PAN या PRAN नंबर के तहत कई योजनाओं में निवेश कर सकेंगे। यह बदलाव निवेशकों को अधिक विकल्प और सुविधा देगा।

यूपीआई ट्रांजैक्शन में नया अपडेट
यूपीआई ने भी धोखाधड़ी रोकने के लिए पी2पी (पर्सन टू पर्सन) मनी रिक्वेस्ट की सुविधा बंद कर दी है। यानी अब आप यूपीआई एप के जरिए सीधे पैसे मांग नहीं पाएंगे। वहीं यूपीआई ट्रांसफर की अधिकतम लिमिट बढ़ाकर 1 लाख से 5 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे बड़ी रकम भेजना आसान हो जाएगा।

एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ीं
दशहरे और दिवाली जैसे त्योहारों से पहले एलपीजी सिलेंडर के दामों में बदलाव हुआ है। दिल्ली में 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर अब 1595.50 रुपये का हो गया है…जो पहले 1580 रुपये था। घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है।

इन बदलावों से न केवल आपकी सुविधाओं में सुधार होगा…बल्कि आपको अपने खर्चों और योजनाओं को भी इसके अनुसार एडजस्ट करना होगा। इसलिए महीने की शुरुआत में ही इन नियमों और कीमतों की जानकारी रखना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

मर्चेंड नेवी में तैनात उत्तराखंड का युवक सिंगापुर-चीन के बीच हुआ लापता, परिजनों ने CM से लगाई गुहार

देहरादून: देहरादून निवासी एक युवक मर्चेंट नेवी की सेवा के दौरान सिंगापुर और चीन के बीच समुद्र में सफर करते वक्त रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गया। युवक के लापता होने की सूचना मिलने के बाद से उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्वजनों ने बंधक बनाए जाने की आशंका जताते हुए मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से मदद की गुहार लगाई है।

लापता युवक की पहचान करणदीप सिंह राणा (सीनियर डेक कैडेट) के रूप में हुई है, जो पटेलनगर की संजय कॉलोनी देहरादून का रहने वाला है और मूल रूप से रुद्रप्रयाग जिले के तिलवाड़ा जैली गांव से ताल्लुक रखता है। करणदीप 16 अगस्त को घर से दिल्ली होते हुए सिंगापुर गया था और वहां से 19 अगस्त को ट्रेनिंग के लिए एक व्यवसायिक जहाज (शिप) पर तैनात हुआ।

परिजनों के अनुसार करणदीप ने 20 सितंबर को परिवार से आखिरी बार बात की थी। उसी दिन देर शाम को एग्जीक्यूटिव शिप मैनेजमेंट कंपनी की ओर से सूचना दी गई कि करणदीप जहाज से लापता हो गया है। कंपनी ने सिर्फ यह बताया कि उसका एक जूता और एक कैमरा मिला है। हालांकि इसके आगे कोई ठोस जानकारी या आश्वासन नहीं दिया गया।

यह हादसा उस वक्त हुआ जब जहाज सिंगापुर से चीन की ओर जा रहा था और यह घटना श्रीलंका के दक्षिण-पूर्व में करीब 150 नॉटिकल माइल की दूरी पर घटी। कंपनी ने बताया कि श्रीलंका समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (Maritime Rescue Coordination Center) को सूचना दी गई थी और जहाज को वापस उस स्थान पर लाया गया जहां करणदीप लापता हुआ था। करीब 96 घंटे तक जहाज वहीं रुका रहा, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिला।

स्वजनों ने जताया शक: बंधक बनाए जाने की आशंका

करणदीप के पिता नरेंद्र राणा ने बताया कि उन्हें शक है कि उनके बेटे को जहाज में ही बंधक बनाकर रखा गया है। उन्हें जहाज के चालक दल से बात करने की अनुमति नहीं दी जा रही है…जिससे संदेह और गहराता जा रहा है। कंपनी द्वारा यह भी बताया गया कि करणदीप को आखिरी बार समुद्र से करीब 200 मीटर दूर देखा गया था।

नरेंद्र राणा ने यह भी बताया कि करणदीप समुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ मरीन स्टडीज का टॉपर रहा है और उसने पूर्व में भी दो जहाजों पर सेवा दी है…जहां उसके काम की सराहना की गई थी। ऐसे में उसका अचानक और रहस्यमयी तरीके से लापता होना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि किसी गहरे षड्यंत्र की आशंका को जन्म देता है।

मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से मदद की गुहार

परिजनों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिलाधिकारी देहरादून सहित विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर करणदीप की तलाश में तेजी लाने और मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।

उत्तराखंड: सरकारी अफसर रिश्वत मांगते पकड़ा गया, DM ने बिना देर किए किया सस्पेंड!

नैनीताल (उत्तराखंड): नैनीताल जिले में तैनात राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी) प्रकाश चंद्र देवतल्ला को रिश्वत मांगने के आरोप में जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पटवारी का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्हें स्पष्ट रूप से भूमि का खसरा देने के एवज में रिश्वत मांगते हुए सुना जा सकता है। वायरल ऑडियो की जांच के आदेश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए थे…जिसमें आरोपों की पुष्टि होने पर यह कार्रवाई की गई।

प्राथमिक जांच में यह पुष्टि हुई कि ऑडियो में सुनी गई आवाज पटवारी प्रकाश चंद्र देवतल्ला की ही है। जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने न केवल कार्य में लापरवाही बरती बल्कि सरकारी प्रक्रिया में जानबूझकर देरी करते हुए भूमि से संबंधित दस्तावेज़ उपलब्ध कराने के लिए 25 से 50 हजार रुपये तक की रिश्वत की मांग की थी।

इस संबंध में जिलाधिकारी नैनीताल ने उन्हें निलंबित कर तहसील खनस्यूं में सम्बद्ध किया है। साथ ही, विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में दोष सिद्ध होता है…तो आरोपी पटवारी के खिलाफ सख्त विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने सभी सरकारी कर्मियों को चेतावनी देते हुए निर्देश दिए हैं कि वे अपने आचरण को पूरी तरह पारदर्शी रखें और जनहित में कार्य करें। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत तत्काल जिला प्रशासन संबंधित प्राधिकरण अथवा टोल फ्री नंबर 1064 पर की जाए।

गौरतलब है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी नैनीताल जनपद में कई सरकारी कर्मचारियों पर रिश्वत के गंभीर आरोप लग चुके हैं…जिनमें से कई के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस की विजिलेंस यूनिट कार्रवाई कर चुकी है और कुछ आरोपी जेल में भी बंद हैं।

उत्तराखंड: नवरात्र और दशहरे पर कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, सरकार ने दिया यह तोहफा

देहरादून: उत्तराखंड की धामी सरकार ने दशहरे से पहले कर्मचारियों को बड़ा तोहफ़ा दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार 1 अक्टूबर को शारदीय नवरात्रि की महानवमी के अवसर पर प्रदेशभर में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। इस दिन राज्य सरकार के सभी कार्यालय, बैंक और कोषागार बंद रहेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मौके पर प्रदेशवासियों को महानवमी की बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नवरात्रि का यह पर्व समाज में नारी के महत्व और सम्मान को दर्शाता है और हमारी सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं का प्रतीक है। साथ ही उन्होंने सभी लोगों के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की।

सरकार की इस घोषणा के बाद कर्मचारियों को लगातार दो दिन की छुट्टी मिलने वाली है। 1 अक्टूबर को महानवमी पर अवकाश रहेगा और अगले दिन 2 अक्टूबर को दशहरा और गांधी जयंती के चलते छुट्टी रहेगी। ऐसे में त्योहारों के बीच दो दिन का अवकाश कर्मचारियों के लिए खास तोहफ़ा साबित होगा।

इस बीच प्रदेशभर में रामलीलाओं का मंचन जोर-शोर से चल रहा है। दशहरे के दिन रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया जाएगा। देहरादून के परेड ग्राउंड में इस बार 121 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया गया है…जहां दशहरा मेला भी आयोजित किया जा रहा है।

उत्तराखंड में 2 अक्टूबर तक होगी बारिश, विभाग के नए अपडेट पर डाले नजर

देहरादून: उत्तराखंड में इस साल मानसून ने जमकर तबाही मचाई। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। हालांकि अब प्रदेश से मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन मौसम के तेवर अभी भी बदले-बदले से नजर आ रहे हैं।

पिछले कुछ दिनों से राज्य के ज्यादातर हिस्सों में चटख धूप खिलने से लोग गर्मी और उमस से बेहाल थे। लेकिन मंगलवार को मौसम ने फिर करवट ली और प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो गया। नैनीताल और चंपावत जिलों में सुबह से ही बारिश दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार 30 सितंबर को बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं शेष पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं हल्की फुहारें देखने को मिल सकती हैं। हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है…जिससे तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है।

1 अक्टूबर को भी उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गयी थी। इसके अलावा 2 अक्टूबर को पर्वतीय जिलों के साथ उधम सिंह नगर में भी कहीं-कहीं हल्की बरसात हो सकती है।

हल्द्वानी के पत्रकारों ने सौंपा ज्ञापन,पत्रकार राजीव प्रताप को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन भी करेंगे

Uttarakhand: Haldwani: Rajeev Pratap: उत्तरकाशी जनपद के जोशियाड़ा बैराज से सोमवार को वरिष्ठ पत्रकार राजीव प्रताप का शव बरामद होने के बाद पूरे पत्रकार जगत में गहरा आक्रोश फैल गया है। राजीव प्रताप पिछले दस दिनों से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता थे। अचानक उनकी इस तरह से मौत हो जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।

बताया जा रहा है कि राजीव प्रताप लगातार डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से क्षेत्रीय स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर कर रहे थे। उनकी बेबाक पत्रकारिता और खुलासों ने कई प्रभावशाली लोगों को कटघरे में खड़ा किया था। ऐसे में उनकी संदिग्ध मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। पत्रकार समाज मान रहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लगातार आवाज उठाना ही उनके लिए खतरा साबित हुआ।

घटना के बाद हल्द्वानी में बड़ी संख्या में पत्रकार साथी सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और सरकार से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। पत्रकारों ने ज्ञापन सौंपकर साफ कहा कि अगर जल्द ही निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो आंदोलन को मजबूर होना पड़ेगा।

पत्रकारों का कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक आवाज पर प्रहार है। अगर सच लिखने वाले और भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले सुरक्षित नहीं हैं, तो समाज के सामने गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।

अब देखना होगा कि राज्य सरकार इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाती है और क्या पत्रकार राजीव प्रताप को न्याय मिल पाता है।

उत्तराखंड: अतिक्रमण हटाने गई टीम पर टूटा कहर, गुस्साई भीड़ ने फेंका गर्म दाल से भरा पतीला!

ऋषिकेश: ऋषिकेश में मंगलवार को एक अप्रत्याशित घटनाक्रम के दौरान नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने एम्स के पास शिवाजी नगर तिराहे पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। यह इलाका नगर निगम की ओर से जीरो जोन घोषित किया जा चुका है बावजूद इसके लंबे समय से ठेली और रेहड़ी वालों द्वारा अतिक्रमण कर व्यवसाय किया जा रहा था।

सुबह नगर निगम की टीम जब जेसीबी लेकर अतिक्रमण हटाने पहुंची तो कुछ स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब गुस्साई महिलाओं ने नगर निगम कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों पर गर्म दाल से भरा पतीला फेंक दिया। गनीमत रही कि कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ…लेकिन घटना ने मौके की संवेदनशीलता को बढ़ा दिया।

नगर निगम की टीम ने विरोध के बावजूद कार्रवाई जारी रखी और करीब एक दर्जन से ज्यादा अतिक्रमण हटाए गए। इस दौरान कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया।

नगर निगम की बोर्ड बैठक में शिवाजी नगर तिराहे को जीरो जोन घोषित किया गया है। इसके बावजूद यहां ठेली, रेहड़ी और अवैध पार्किंग के चलते आए दिन ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। एम्स जैसे प्रमुख संस्थान के पास अतिक्रमण के चलते एंबुलेंस और मरीजों को भी आवाजाही में कठिनाई हो रही थी।

एम्स चौकी प्रभारी निखलेश बिष्ट और नगर निगम के सफाई निरीक्षक सुभाष सेमवाल ने बताया कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था, इसलिए उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की गई।

पुलिस ने साफ कहा है कि यदि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण किया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड में शांति भंग करने वालों पर बोले सीएम धामी– अब जवाब मिलेगा उसी की भाषा में

देहरादून: देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में सोमवार देर रात शहर का माहौल अचानक गर्मा गया जब कुछ लोगों की भीड़ सड़कों पर उतर आई और धार्मिक नारेबाजी करते हुए सड़क जाम करने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया…लेकिन इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त प्रतिक्रिया दी है।

मुख्यमंत्री ने इसे केवल एक मामूली विवाद न मानते हुए सोची-समझी साजिश करार दिया है। उन्होंने साफ कहा कि यह त्योहारों और धार्मिक अवसरों के बीच माहौल बिगाड़ने का प्रयास है जो उन ताकतों द्वारा किया जा रहा है जो “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना से सहमत नहीं हैं।

यह विवाद एक धार्मिक पोस्ट पर आपत्तिजनक कमेंट के बाद शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर डाली गई एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया के रूप में दूसरे समुदाय के युवक ने अभद्र टिप्पणी कर दी। इसके बाद पटेलनगर क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस चौकी के बाहर प्रदर्शन करने लगे।

हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को शांत करने की कोशिश की…लेकिन जब लोग नहीं माने तो हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

सीएम धामी की कड़ी चेतावनी

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड गंगा, यमुना, चारधाम और आदि कैलाश जैसे आस्था के केंद्रों का प्रदेश है। यहां किसी भी प्रकार की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो लोग समाज में जहर घोलने का काम कर रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने दंगाइयों के खिलाफ सख्त दंगा विरोधी कानून लागू किया है…जिसके तहत अब सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से वसूली की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल कानून व्यवस्था का मामला नहीं…बल्कि सामाजिक सद्भाव और प्रदेश की शांति से जुड़ा गंभीर विषय है।

देहरादून पटेल नगर तनाव के बाद सीएम का वीडियो संदेश, ऐसा उत्तराखंड में नहीं चलने देंगे !

Uttarakhand: Cm Dhami: Police: Dehradun: बीती रात राजधानी के पटेल नगर इलाके में एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर तनाव फैल गया। इस दौरान हंगामा और बवाल की खबर सामने आई। घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ कहा कि उपद्रव करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। अगर किसी ने तोड़फोड़ की या सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया तो उसकी भरपाई भी वही करेंगे।

धामी ने चेतावनी दी कि यह देवभूमि है, यहां माहौल बिगाड़ने की इजाज़त किसी को नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि दंगा रोकने के लिए बनाए गए कानून के तहत गड़बड़ी फैलाने वालों को जेल भेजा जाएगा और पुलिस को पूरी छूट दी गई है कि ऐसे लोगों से सख्ती से निपटा जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि काशीपुर और देहरादून जैसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उधर, देर रात हुई घटना के बाद पटेल नगर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस तैनात कर दी गई है। अधिकारी घर-घर जाकर जांच कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है।

एसएसपी अजय सिंह के मुताबिक सत्यापन अभियान चल रहा है और उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने कहा कि सड़क पर किसी तरह का उन्माद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की ओर से बताया गया कि तनाव वाले इलाकों में राशन कार्ड और जनसेवा केंद्रों की भी जांच की जा रही है।

उत्तराखंड: मानसून खत्म, अब सीएम का साफ आदेश – निर्माण कार्य में लाएं तेजी!

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को अपने आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने राज्य में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की और सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि अब मानसून समाप्त हो चुका है…इसलिए कामों में तेजी लाई जाए।

मुख्यमंत्री ने खासतौर पर लोक निर्माण विभाग (PWD) के कामों पर जोर देते हुए कहा कि बरसात में खराब हुई सड़कों की मरम्मत तय समय के भीतर पूरी की जाए। उन्होंने साफ किया कि सड़क निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि जिन इलाकों से बार-बार सड़क खराब होने की शिकायतें मिल रही हैं, वहां अलर्ट रहकर विशेष निगरानी रखी जाए और काम की गुणवत्ता का भी खास ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि 31 अक्टूबर तक गड्ढा मुक्त सड़क अभियान के तहत सभी ज़रूरी पैच वर्क का काम पूरा कर लिया जाए और इसकी साप्ताहिक समीक्षा भी की जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, डॉ. पंकज पांडेय, विनय शंकर पांडेय, एडीजी ए.पी. अंशुमान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते और अपर सचिव बंशीधर तिवारी मौजूद रहे।