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देहरादून: लंबे इंतजार के बाद उत्तराखंड बोर्ड की अंक सुधार परीक्षा 2025 का परिणाम आखिरकार घोषित कर दिया गया है। हाईस्कूल में 81.38% जबकि इंटरमीडिएट में 76% छात्र-छात्राएं सफल घोषित किए गए हैं। परिणाम की घोषणा से हजारों छात्रों को राहत मिली है, जो परीक्षा परिणाम में सुधार की उम्मीद लगाए बैठे थे।
हालांकि परीक्षा समय पर आयोजित होने के बावजूद परिणाम घोषित होने में काफी देरी हुई। इसके पीछे कई प्रशासनिक और प्राकृतिक कारण रहे। पहले पंचायत चुनाव फिर राज्य के कई हिस्सों में आई आपदा और अंत में राजकीय शिक्षक संघ द्वारा मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार इन तीन मुख्य कारणों ने मूल्यांकन प्रक्रिया को प्रभावित किया।
इस स्थिति को संभालने के लिए बोर्ड ने अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराया…जिसके बाद अब जाकर परिणाम जारी किए गए हैं।
इतनी संख्या में हुए थे आवेदन
बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटर के उन छात्र-छात्राओं को परीक्षा में बैठने का मौका दिया था, जो दो या एक विषय में अनुत्तीर्ण थे। इसके लिए 2 से 21 मई तक ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। हाईस्कूल के लिए 8400 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया। इंटरमीडिएट के लिए 10706 छात्रों ने परीक्षा दी। परीक्षाएं 4 से 11 अगस्त के बीच आयोजित की गईं, जिसके लिए पूरे राज्य में 97 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
काशीपुर: शहर में कार चोरी का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। रामनगर निवासी एक व्यक्ति ने अपनी फॉर्च्यूनर कार बेचने के लिए ओएलएक्स पर विज्ञापन डाला था। इसी विज्ञापन के जरिए एक युवक ने संपर्क किया और कार खरीदने की इच्छा जताई।
टेस्ट ड्राइव के दौरान दिया झांसा
खरीददार बनने का नाटक कर युवक रामनगर से काशीपुर पहुंचा और कार की टेस्ट ड्राइव मांगी। कार मालिक ने अपने बेटे को उसके साथ भेज दिया। ड्राइव के दौरान युवक ने गाड़ी में तकनीकी खराबी की बात कही। जब मालिक का बेटा जांच करने लगा तो सब सही मिला। इसी बीच आरोपी ने प्यास लगने का बहाना बनाया और बेटे को पानी लाने भेज दिया। जैसे ही बेटा उतरा युवक कार लेकर फरार हो गया।
पुलिस ने किया पीछा
घटना की जानकारी मिलते ही पिरूमद्वारा पुलिस चौकी को सतर्क किया गया। पीछा करने पर आरोपी प्रतापपुर बैरियर तक पहुंचा…जहां उसने बैरियर तोड़ दिया और आगे चल रही एक कार को टक्कर मार दी। घेराबंदी कड़ी होती देख आरोपी फॉर्च्यूनर छोड़ मौके से फरार हो गया।
फर्जी पहचान से किया संपर्क
जांच में पता चला है कि आरोपी ने फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया था। पुलिस को शक है कि वह किसी संगठित गैंग का हिस्सा हो सकता है जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देता है।
फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और इलाके में चेकिंग अभियान चला रही है। इस घटना ने ऑनलाइन खरीद-फरोख्त की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हल्द्वानी/नैनीताल: विश्व प्रसिद्ध बाबा नीम करोली महाराज के कैंची धाम तक पहुंचना अब बेहद आसान होने वाला है। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार एक ऐसी विशेष योजना पर काम कर रही है…जिसके जरिए श्रद्धालु सिर्फ तीन मिनट में कैंची धाम के दर्शन कर सकेंगे।
फिलहाल हल्द्वानी से पिथौरागढ़, मुनस्यारी, अल्मोड़ा, चम्पावत और बागेश्वर के लिए हवाई सेवाएं सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं। प्रतिदिन करीब 150 यात्री इन रूट्स पर सफर कर रहे हैं। इसी क्रम में अब भवाली स्थित कैंची धाम को भी हवाई नेटवर्क से जोड़े जाने की तैयारी चल रही है।
हेरिटेज एविएशन प्राइवेट लिमिटेड ने जिला प्रशासन से भवाली क्षेत्र में हेलीपैड की मांग की है। मंजूरी मिलने के बाद शटल सेवा की तरह श्रद्धालु हल्द्वानी से केवल तीन मिनट की हवाई यात्रा कर सीधे कैंची धाम पहुंच सकेंगे।
कंपनी प्रबंधन के अनुसार कैंची धाम के लिए यात्रियों की सबसे अधिक मांग आ रही है। प्रस्तावित योजना के तहत इस रूट का किराया करीब 1000 रुपये तय किया जा सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय कंपनी और प्रदेश सरकार की वार्ता के बाद ही होगा।
गढ़वाल मंडल में चारधाम हवाई सेवा की सफलता के बाद अब कुमाऊं में भी लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। जनवरी 2024 में शुरू हुई हल्द्वानी-पिथौरागढ़ हवाई सेवा को यात्रियों से शानदार प्रतिक्रिया मिली। महज 18 महीनों में कुमाऊं के 14 रूट्स पर हवाई सेवाओं की 80 से 90 प्रतिशत सीटें नियमित रूप से भर रही हैं।
अब सरकार की इस नई योजना से न केवल कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी…बल्कि कुमाऊं में पर्यटन और धार्मिक आस्था को भी नया आयाम मिलेगा।
चमोली : विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 25 नवंबर को अपराह्न 2:56 बजे शीतकाल के लिए विधिवत बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने की प्रक्रिया के तहत 21 नवंबर से पंच पूजाओं की शुरुआत होगी।
आज विजयदशमी के पावन अवसर पर श्री बदरीनाथ मंदिर परिसर में पंचांग गणना के आधार पर यह तिथि घोषित की गई। इस अवसर पर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, रावल अमरनाथ नंबूदरी, वेदपाठी गण तथा तीर्थ पुरोहितों की उपस्थिति में भव्य धार्मिक समारोह का आयोजन हुआ।
हक-हकूकधारियों को दी गई पगड़ियाँ
इस शुभ अवसर पर बीकेटीसी अध्यक्ष द्वारा वर्ष 2026 के लिए हक-हकूकधारियों को परंपरागत पगड़ी भेंट कर सम्मानित किया गया।
भंडारी थोक से मनीष भंडारी
मेहता थोक से महेंद्र सिंह मेहता और दिनेश भट्ट
कमदी थोक से कुलभूषण पंवार
30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
बीकेटीसी अध्यक्ष ने बताया कि अब तक 14.20 लाख से अधिक श्रद्धालु बदरीनाथ और 16.02 लाख से अधिक श्रद्धालु केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं, जो कुल मिलाकर 30.22 लाख तीर्थयात्रियों का रिकॉर्ड दर्शाता है। यह यात्रा मानसून आपदा के बावजूद सफलतापूर्वक संचालित हो रही है।
उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर भी श्रद्धांजलि अर्पित की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में चल रहे स्वच्छता पखवाड़ा की भी सराहना की।
कपाट बंदी की विस्तृत प्रक्रिया…
21 नवंबर – भगवान गणेश की पूजा, शाम को गणेश जी के कपाट बंद
22 नवंबर – आदि केदारेश्वर एवं शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद
23 नवंबर – खड्ग-पुस्तक पूजन और वेद ऋचाओं का वाचन बंद
24 नवंबर – मां लक्ष्मी को विशेष भोग अर्पण
25 नवंबर – श्री बदरीनाथ धाम के मुख्य कपाट होंगे बंद (दोपहर 2:56 बजे)
26 नवंबर – रावल जी, श्री कुबेर, उद्धव जी की गद्दी शीतकालीन प्रवास हेतु जोशीमठ के लिए रवाना होगी
अन्य धामों की कपाट बंदी….
केदारनाथ और यमुनोत्री – 23 अक्टूबर (भैया दूज)
गंगोत्री – 22 अक्टूबर (अन्नकूट)
मध्यमहेश्वर – 18 नवंबर
तुंगनाथ – 6 नवंबर
देहरादून: उत्तराखंड में आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सस्पेंस की स्थिति बनी हुई है। हाल ही में स्नातक स्तरीय परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए सीबीआई जांच कराने का निर्णय लिया है। इस बीच परीक्षार्थियों की मांग पर उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 5 अक्टूबर को होने वाली सहकारी निरीक्षक वर्ग 2 की परीक्षा को स्थगित कर दिया है। वहीं 12 अक्टूबर को प्रस्तावित सहायक कृषि अधिकारी और प्राविधिक सहायक वर्ग 1 की परीक्षा पर भी संशय बरकरार है।
प्रदेश में पेपर लीक की घटना ने आगामी परीक्षाओं पर असर डाला है। 5 अक्टूबर की परीक्षा की स्थगति के बाद अब 12 अक्टूबर की परीक्षा की तारीख भी अनिश्चित हो गई है। आयोग ने अभी तक इस परीक्षा के लिए कोई नई तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही कोई महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा।
एसटीएफ इस पेपर लीक मामले की जांच कर रही है, जिसमें मुख्य आरोपी खालिद के खिलाफ कई पहलुओं पर जांच जारी है। जांच के दौरान पता चला है कि खालिद ने किसी भी परीक्षा की तैयारी नहीं की थी और न ही उसके पास कोई नोटबुक या किताबें थीं। इसके बावजूद वह बिना तैयारी के कई परीक्षाओं में शामिल होता रहा…जिससे साफ होता है कि वह नकल के जरिए पास होने का प्रयास कर रहा था।
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष जीएस मार्तोलिया ने ईटीवी भारत से बातचीत में कहा कि 5 अक्टूबर की परीक्षा स्थगित की गई है क्योंकि परीक्षार्थियों ने तैयारी के लिए अधिक समय मांगा था। वहीं, 12 अक्टूबर की परीक्षा के संबंध में कोई अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है।
परीक्षार्थी और उनकी तैयारी के लिए यह समय काफी महत्वपूर्ण है और सरकार तथा आयोग मामले को गंभीरता से लेकर उचित कदम उठा रहा हैं ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता बनी रहे और सभी उम्मीदवारों को बराबर अवसर मिल सके।
रुद्रपुर: विजयादशमी से पहले रुद्रपुर के गांधी पार्क में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब रावण, कुंभकरण और मेघनाद के विशालकाय पुतले तेज हवा और बारिश की वजह से अचानक गिर गए। पुतले ज़मीन पर गिरते ही क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे आयोजकों की तैयारियों को तगड़ा झटका लगा है।
हर साल की तरह इस बार भी दशहरे पर रावण दहन की भव्य तैयारी की गई थी। रुद्रपुर में 65 फीट ऊंचे रावण और 60-60 फीट ऊंचे मेघनाद और कुंभकरण के पुतले तैयार किए गए थे। आयोजन स्थल गांधी पार्क में इन्हें सुबह से ही खड़ा किया गया था। लेकिन दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली। तेज हवा और हल्की बारिश के बीच पुतले एक-एक कर ज़मीन पर आ गिरे।
तेज़ हवा ने बिगाड़ा खेल, लेकिन टला बड़ा हादसा
गनीमत रही कि हादसे के वक्त मैदान में ज्यादा लोग मौजूद नहीं थे, जिससे किसी को चोट नहीं आई। हालांकि, पुतलों को गंभीर नुकसान पहुंचा है किसी का सिर टूट गया, किसी का हाथ और किसी का पैर अलग हो गया। अब आयोजकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि शाम को प्रस्तावित रावण दहन कार्यक्रम कैसे संपन्न कराया जाए।
आयोजन समिति के सदस्य हरीश अरोड़ा ने कहा कि अचानक मौसम के बदलाव की वजह से पुतले गिर गए और थोड़ा बहुत क्षति पहुंची है…लेकिन हम दर्शकों को निराश नहीं करेंगे। समिति की बैठक जारी है और शाम को हर हाल में रावण दहन किया जाएगा।
गौरतलब है कि इन पुतलों को तैयार करने में तीन महीने से ज्यादा का वक्त और लगभग डेढ़ लाख रुपये खर्च हुए हैं। हर साल रामपुर से आई विशेष टीम इन पुतलों को तैयार करती है। पुतलों के गिरने से कलाकारों और आयोजकों की मेहनत पर भी पानी फिरता नजर आ रहा है…लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था की कोशिशें तेज़ हैं।
देहरादून: उत्तराखंड सरकार अब प्रदेश में बिक रही शराब की गुणवत्ता पर सख्ती से नजर रखने जा रही है। राज्य में मिल रही मिलावटी शराब की शिकायतों के बाद आबकारी विभाग अब शराब की लैब टेस्टिंग कराएगा। इससे एक तरफ जहां उपभोक्ताओं का भरोसा लौटेगा…वहीं दूसरी ओर राज्य की राजस्व आय में भी इजाफा होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य सरकार ने राजस्व से जुड़े सभी विभागों को आय बढ़ाने के लिए सख्त कार्ययोजना सौंपी है। मकसद साफ है वित्तीय वर्ष 2025-26 तक उत्तराखंड को ‘राजस्व सरप्लस राज्य’ बनाए रखना।
जीएसटी के बाद राज्य में दूसरा सबसे बड़ा राजस्व स्रोत आबकारी विभाग है…लेकिन इस बार विभाग 5060 करोड़ रुपये का लक्ष्य पाने में पिछड़ता दिख रहा है। शुरुआती चार महीनों में सिर्फ 31 प्रतिशत राजस्व ही वसूल हो पाया है। अधिकारियों के अनुसार, पूरे साल में करीब 4800 करोड़ ही इकट्ठा हो पाएंगे।
इस कमी की बड़ी वजह है प्रदेश में निर्मित शराब में मिलावट की शिकायतें। इस कारण उपभोक्ता स्थानीय शराब की बजाय बाहर की ब्रांड्स को प्राथमिकता दे रहे हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन के अनुसार, अब से शराब की नियमित लैब टेस्टिंग की जाएगी ताकि गुणवत्ता पर नजर रखी जा सके और अवैध धंधों पर रोक लगे।
जीएसटी से सरकार को इस साल 11,221 करोड़ रुपये की उम्मीद है…लेकिन जीएसटी दरों में कटौती के चलते वसूली में नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। ऐसे में अब हर सेक्टर को अलग-अलग लक्ष्य देने की योजना बनाई जा रही है ताकि टैक्स संग्रह में गिरावट को रोका जा सके।
खनन विभाग इस साल अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। 950 करोड़ के लक्ष्य की तुलना में अब तक 40% से ज्यादा वसूली हो चुकी है। अब वन क्षेत्रों में नए खनन लॉट चिन्हित किए जाएंगे और निजी कंपनियों को पट्टे देने की भी तैयारी है।
परिवहन विभाग की शुरुआत थोड़ी धीमी रही…लेकिन वाहन बिक्री में बढ़ोतरी से उम्मीद जगी है कि साल के अंत तक 1500 करोड़ के लक्ष्य तक पहुंचा जा सकेगा। ऊर्जा विभाग की हालत थोड़ी चिंताजनक है। अब तक केवल 15 प्रतिशत राजस्व ही वसूला गया है। सरकार ने विभाग को तेजी से सुधार के निर्देश दिए हैं।
वन विभाग का प्रदर्शन अब तक कमजोर रहा है, लेकिन सरकार ने जड़ी-बूटियों, लीसा, और कार्बन क्रेडिट जैसे विकल्पों पर ध्यान केंद्रित करना शुरू किया है। इसके लिए विशेषज्ञ एजेंसी की मदद से इन स्रोतों से आय का सही आकलन किया जाएगा। साथ ही इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नए पर्यटन स्थल विकसित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य के आय स्रोत बढ़ाने के लिए सरकार हर जरूरी कदम उठा रही है। इससे विकास कार्यों के लिए धन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे नए स्रोतों की तलाश करें, और राजस्व वसूली में तेजी लाएं।
देहरादून: उत्तराखंड में शिक्षा को डिजिटल दिशा देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) अब मोबाइल आधारित ऑनलाइन पाठ्यक्रम शिक्षकों को उपलब्ध कराएगा। इन कोर्स में पंजीकरण से लेकर अध्ययन सामग्री, मूल्यांकन, प्रगति सारांश और प्रमाणपत्र डाउनलोड करने की सुविधा एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगी। साथ ही शिक्षकों की मदद के लिए हेल्पलाइन और चैटबॉट सपोर्ट भी दिया जाएगा।
एससीईआरटी ने ऑनलाइन पाठ्यक्रम और उत्तराखंड हैकाथॉन शुरू कर शिक्षा के डिजिटल एकीकरण की दिशा में नया अध्याय जोड़ा है। अब शिक्षकों को खुद इन तकनीकी संसाधनों को अपनाकर विद्यार्थियों के सामने नए ढंग से प्रस्तुत करना होगा। गुणवत्तापूर्ण अध्यापन के लिए मानकीकृत पाठ योजनाओं पर भी जोर दिया गया है।
शिक्षा सचिव रविनाथ रामन ने कहा कि यह पहल शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों को नई दिशा देगी। शिक्षा में सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के समावेश को उन्होंने राज्य के लिए गर्व की बात बताया।
वहीं एससीईआरटी निदेशक बंदना गर्ब्याल का कहना है कि हैकाथॉन और ई-मैगज़ीन रतब्याणी जैसी पहलें शिक्षा में नवाचार और शोध को बढ़ावा देंगी। उनका मानना है कि तकनीक के इस इस्तेमाल से शिक्षकों और विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों से निपटने की ताकत मिलेगी।
Uttarakhand: Rajeev Pratap: Journalist:दीपनगर स्थित आवास पर दिवंगत पत्रकार राजीव प्रताप के परिजनों से मिलने आज सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी पहुँचे। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में पूरी मदद की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी राजीव प्रताप के निधन पर गहरा दुख जताया है और परिवार के प्रति संवेदनाएँ प्रकट की हैं। साथ ही घटना की गहन और निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। उत्तरकाशी के पुलिस उपाधीक्षक की अगुवाई में बनी यह टीम मामले की हर पहलू से जांच करेगी ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके।
देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) ने अपनी आगामी परीक्षाओं को लेकर पूरी तैयारी कर ली है। आयोग की सभी परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार बिना किसी बदलाव के आयोजित की जाएंगी। अब हर परीक्षा केंद्र पर एक अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा…जो सीधे आयोग के मुख्यालय से जुड़ा रहेगा। इससे आयोग के अधिकारी परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर हर वक्त नजर रख सकेंगे। इसके साथ ही पहले से लग रहे दो कैमरों के साथ कुल तीन सीसीटीवी कैमरे केंद्रों पर सक्रिय रहेंगे।
मोबाइल नेटवर्क बाधित होने के कारण परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल सेवा ठप रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए हर परीक्षा केंद्र पर एक हॉटलाइन लैंडलाइन फोन की व्यवस्था की गई है…जिससे केंद्र के कंट्रोल रूम से आयोग के कंट्रोल रूम के बीच त्वरित संवाद हो सकेगा।
मंगलवार को आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में परीक्षा की शुचिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान यह निर्णय लिया गया कि परीक्षा के दौरान प्रत्येक जिले के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।
परीक्षार्थियों के लिए यह जरूरी होगा कि वे परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले यानी सुबह साढ़े आठ बजे तक परीक्षा केंद्र पहुंच जाएं। साढ़े दस बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। साथ ही यह भी तय किया गया कि जो अभ्यर्थी बिना बायोमीट्रिक जांच के परीक्षा केंद्र में प्रवेश करेगा उसे आयोग की परीक्षाओं से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि परीक्षा केंद्रों पर क्लाक रूम यानी सामान रखने की सुविधा नहीं होगी। अभ्यर्थियों को अपने साथ लाया हुआ सामान परीक्षा केंद्र के बाहर ही रखना होगा।
आयोग के अनुसार, पांच अक्टूबर को सहकारी निरीक्षक वर्ग-दो और सहायक विकास अधिकारी (सहकारी) के 45 पदों के लिए लिखित परीक्षा देहरादून और हल्द्वानी के 26 केंद्रों पर आयोजित होगी। आयोग ने प्रवेश पत्र अपनी आधिकारिक वेबसाइट www.sssc.uk.gov.in
पर जारी कर दिए हैं। वहीं 12 अक्टूबर को सहायक कृषि अधिकारी वर्ग-एक (रसायन विज्ञान) एवं प्राविधिक सहायक वर्ग-एक (अभियंत्रण शाखा) के लिए परीक्षा देहरादून के एक केंद्र में होगी।
दिव्यांग अभ्यर्थियों को परीक्षा के दौरान श्रुतलेखक की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी…ताकि उन्हें परीक्षा में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
यूकेएसएसएससी के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने बताया कि आयोग की सभी परीक्षाओं में पारदर्शिता और शुचिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। हर परीक्षा केंद्र पर जिला स्तरीय अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की जांच करेंगे। साथ ही कड़े सुरक्षा प्रबंध, उच्च तकनीक जैमर और शत प्रतिशत बायोमीट्रिक जांच सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो सके।