





देहरादून: स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियों के बाद अब मामला CBI जांच के घेरे में है। इसी बीच उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की महत्वपूर्ण बोर्ड बैठक मंगलवार को आयोजित की जा रही है…जिसमें आगामी परीक्षाओं को लेकर फैसले की उम्मीद की जा रही है।
आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में आयोग आगामी परीक्षाओं के आयोजन को लेकर अहम निर्णय ले सकता है। सीबीआई जांच के बाद आयोग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर पहले से ही निगरानी बढ़ गई है। ऐसे में अब आयोग हर कदम सावधानी से उठा रहा है।
आयोग के परीक्षा कैलेंडर के अनुसार….
5 अक्तूबर को सहकारी निरीक्षक और सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) की परीक्षा प्रस्तावित है।
12 अक्तूबर को सहायक कृषि अधिकारी (वर्ग-1) और प्राविधिक सहायक (वर्ग-1) की परीक्षा होनी है।
वहीं 28 अक्तूबर से वन दरोगा के 124 पदों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) प्रस्तावित है।
लेकिन स्नातक स्तर की परीक्षा पर उठे सवालों और CBI जांच की गंभीरता को देखते हुए आयोग अब हर परीक्षा की समीक्षा कर रहा है।
समय पर नहीं आए एडमिट कार्ड
आयोग ने सोमवार को 5 अक्तूबर की परीक्षा के एडमिट कार्ड जारी करने की तैयारी की थी लेकिन देर रात तक कार्ड अपलोड नहीं किए गए। सूत्रों के अनुसार आयोग फिलहाल किसी भी जल्दबाज़ी से बचना चाहता है और हर निर्णय को बोर्ड बैठक के बाद ही अंतिम रूप देगा।
मंगलवार को होने वाली बैठक में इन बिंदुओं पर हो सकती है चर्चा…
प्रस्तावित परीक्षाओं को समय पर कराना है या स्थगित करना है
परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा और टेक्निकल मॉनिटरिंग पर ध्यान
नकल रोकने के लिए नई तकनीकी व्यवस्था
CBI जांच के दायरे में आए मामलों के चलते भर्ती प्रक्रिया में सुधार
CBI जांच के बाद छात्रों में परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर आशंका बनी हुई है। बड़ी संख्या में उम्मीदवार आयोग से स्पष्ट दिशा-निर्देश और पुख्ता इंतजाम की मांग कर रहे हैं। वहीं आयोग भी इस बार छवि सुधारने और भरोसा बहाल करने के लिए पूरी तरह सतर्क है।
देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित प्राचीन और ऐतिहासिक टपकेश्वर महादेव मंदिर से भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान चांदी का नाग बीते रविवार को चोरी हो गया। लगभग 200 ग्राम वजनी यह नाग शिवलिंग पर वर्षों से सुशोभित था और श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का प्रतीक माना जाता था।
मंदिर प्रबंधन ने इस घटना को सिर्फ एक चोरी नहीं…बल्कि सदियों पुरानी परंपरा और धार्मिक भावनाओं पर सीधी चोट बताया है। घटना की सूचना मिलते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और सेवादारों में गहरा रोष फैल गया।
घटना के बाद मंदिर की देखरेख कर रहे श्री टपकेश्वर महादेव सेवादल के कार्यकारिणी सदस्य अनुभव अग्रवाल ने सोमवार को कैंट थाना पहुंचकर चोरी की लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि मंदिर की टीम ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से संदिग्ध की पहचान की कोशिश की और एक व्यक्ति को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
कैंट थानाध्यक्ष केसी भट्ट ने बताया कि जिस व्यक्ति को मंदिर समिति ने पकड़ा है, वह संदिग्ध है और जांच जारी है। मामले में धारा 380 (चोरी) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस टीमें आरोपी की गिरफ्तारी और चांदी के नाग की बरामदगी के प्रयास में जुटी हैं। उन्होंने कहा कि कोशिश की जा रही है कि भगवान शिव के मस्तक पर चांदी का नाग दोबारा सुशोभित किया जाए।
देहरादून का टपकेश्वर महादेव मंदिर न केवल एक पूजास्थल है बल्कि महाभारत काल से जुड़ी आध्यात्मिक विरासत भी है। यह मंदिर एक प्राकृतिक गुफा में स्थित है…जिसे द्रोण गुफा कहा जाता है। मान्यता है कि गुरु द्रोणाचार्य ने यहीं तपस्या की थी।
एक पौराणिक कथा के अनुसार जब अश्वत्थामा दूध के लिए रो रहे थे तो भगवान शिव उनकी पुकार सुनकर प्रसन्न हुए और गुफा की छत से दूध की धारा प्रवाहित की जो बाद में जल में परिवर्तित हो गई। यही जल आज भी शिवलिंग पर बूंद-बूंद गिरता रहता है…जिससे यह स्थान टपकेश्वर के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
हरिद्वार: हरिद्वार के कनखल थाना क्षेत्र स्थित दयाल एनक्लेव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक युवक को गोली मार दी गई। युवक को गंभीर हालत में उसके साथी आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे….लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जैसे ही युवक की मौत की पुष्टि हुई उसके साथ आए युवक मौके से चुपचाप फरार हो गए। अस्पताल प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचित किया…जिसके बाद कनखल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी
घटना की सूचना पर एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल खुद अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की बारीकी से जानकारी ली। पुलिस टीम अब इलाके की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि फरार साथियों की पहचान की जा सके।
घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन अस्पताल पहुंचे। बेटे की लाश देख परिवार में कोहराम मच गया। परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं।
कनखल पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल लोगों की पहचान जल्द कर ली जाएगी और पूरे हत्याकांड का जल्द खुलासा किया जाएगा। फिलहाल इलाके में दहशत का माहौल है और हर कोई इस सनसनीखेज वारदात को लेकर हैरान है।
देहरादून/पिथौरागढ़: उत्तराखंड की मासूम बेटी “लाडली” को न्याय दिलाने के लिए अब लड़ाई देश की सबसे बड़ी अदालत में पहुंचेगी। जनभावनाओं की लहर और प्रदेशभर में उमड़े जनआक्रोश के बीच उत्तराखंड सरकार ने इस बहुचर्चित मामले में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है।
शनिवार को पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने पुष्टि की कि पुनर्विचार याचिका दाखिल हो चुकी है। यह याचिका एसपी सिटी हल्द्वानी प्रकाश चंद्र आर्य द्वारा तैयार की गई….जिन्होंने संवेदनशीलता और तत्परता के साथ सुप्रीम कोर्ट में इसे प्रस्तुत किया।
अब सुप्रीम कोर्ट में लड़ी जाएगी “लाडली” की लड़ाई
इस केस को सर्वोच्च स्तर पर प्रभावी ढंग से रखने के लिए भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को इसकी पैरवी की ज़िम्मेदारी दी गई है। यह कदम इस बात का संकेत है कि सरकार इस मामले को केवल प्रशासनिक नहीं…बल्कि संवेदनात्मक स्तर पर भी बेहद गंभीरता से ले रही है।
जनता की आवाज़ को मिला कानूनी रास्ता
पिछले कुछ दिनों में प्रदेश भर में जिस तरह से “लाडली” को न्याय दिलाने की मांग ने आंदोलन का रूप लिया, वह अभूतपूर्व रहा। हर गली-मोहल्ले, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और जनसभाओं में यही आवाज़ गूंज रही थी “लाडली को न्याय दो।”
अब जब सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में इस पर पुनर्विचार याचिका दायर कर दी है…तो जनता को उम्मीद है कि न्याय की रोशनी उस मासूम तक ज़रूर पहुंचेगी, जिसने कभी किसी का बुरा नहीं चाहा था।
बागेश्वर: भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर मनीष पांडे इन दिनों अपने पैतृक गांव भीड़ी पहुंचे हुए हैं। गांव पहुंचते ही उन्होंने देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्रिकेट प्रेमी युवा उनसे मिलने पहुंचे। लोग उनके साथ तस्वीरें खिंचवाते रहे और युवा खिलाड़ी खेल से जुड़ी जानकारी भी जुटाते नजर आए।
मनीष पांडे ने सबसे पहले कोटागड़ी स्थित कोकिला मां के दरबार में दर्शन किए। इसके बाद वह अपने गांव भीड़ी पहुंचे और सोमवार सुबह हरू मंदिर दफौट में पूजा-अर्चना की। चैत्र नवरात्र में उनका गांव आने का कार्यक्रम था…लेकिन उस समय वे नहीं आ सके थे। इस बार उन्होंने कोटगाड़ी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में भी भागीदारी की।
पांडे के साथ उनके पिता कृष्णा नंद पांडे, मां तारा पांडे बहन अनीता और दामाद नीतेश भी मौजूद रहे। मंदिर समिति के अध्यक्ष गोविंद बल्लभ पाठक, सचिव गोविंद कृष्ण पाठक और पुजारी जीवन पाठक ने उनका भव्य स्वागत किया। कोकिला मां के मंदिर में उन्होंने वेदज्ञ पंडितों से दुर्गा सप्तशती का पाठ भी कराया।
पूजा-अर्चना के बाद पांडे परिवार चौकोड़ी लौट गया…जहां वे कुमाऊं मंडल पर्यटन आवास गृह में ठहरे हैं। परिवार के खीमानंद पांडे ने बताया कि क्रिकेटर के पिता तीन दिन पहले ही गांव पहुंच गए थे। वहीं हरू मंदिर समिति के दान सिंह दफौटी ने बताया कि इन दिनों मंदिर में नवरात्र का विशेष आयोजन चल रहा है।
Uttarakhand: CBI: Pushkar Singh Dhami: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार दोपहर एक बार फिर अपने अलग अंदाज से युवाओं का दिल जीत लिया। परेड ग्राउंड में चल रहे धरने पर जब वे अचानक पहुंचे, तो वहां मौजूद युवा हैरान रह गए। इस दौरान उन्होंने न केवल युवाओं की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी शंकाओं को दूर किया, बल्कि खुद को एक मुख्यमंत्री के साथ-साथ अभिभावक और दोस्त की भूमिका में भी पेश किया।
धामी ने कहा कि चाहें तो यह वार्ता मुख्यमंत्री कार्यालय में भी हो सकती थी, लेकिन उन्होंने युवाओं से धरना स्थल पर ही संवाद करना सही समझा। उन्होंने माना कि गर्मी और त्योहारी सीजन के बीच युवाओं का आंदोलन करना उन्हें भी खटक रहा था, और वे लगातार इस स्थिति को लेकर चिंतित थे।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सरकार भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के युवाओं की जिंदगी में सरकारी नौकरी का महत्व बेहद गहरा है, क्योंकि यहां युवा सिर्फ पढ़ाई ही नहीं करते, बल्कि नौकरी पाने के लक्ष्य के साथ मेहनत करते हैं। यही कारण है कि सरकार युवाओं के सपनों को किसी भी कीमत पर टूटने नहीं देगी।
उन्होंने याद दिलाया कि बीते चार साल में राज्य में रिकॉर्ड 25 हजार सरकारी नौकरियां दी गई हैं और नकल विरोधी सख्त कानून भी लागू किया गया है। धामी ने यह भी घोषणा की कि भर्ती से जुड़ी किसी भी शिकायत की सीबीआई जांच कराने को वे पूरी तरह तैयार हैं।
धरने पर पहुंचे सीएम ने युवाओं को एक और बड़ी राहत देते हुए आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने की भी घोषणा की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार उनके सुरक्षित भविष्य के लिए पूरी तरह से संकल्पित है।
उत्तरकाशी: चारधाम में प्रमुख गंगोत्री धाम के कपाट 22 अक्टूबर को अन्नकूट पर्व पर पूरे विधि-विधान के साथ बंद कर दिए जाएंगे। इस अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए मां गंगा के दर्शन और पूजन उनके शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा में किए जाएंगे।
श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति ने नवरात्र के पावन पर्व पर कपाटबंदी की तिथि और समय घोषित किया है। समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि गंगोत्री धाम के कपाट 22 अक्टूबर, यानी कार्तिक के छठे दिन, 11 बजकर 36 मिनट पर अभिजीत मुहूर्त में श्रद्धालुओं के लिए बंद किए जाएंगे।
इसके बाद मां गंगा की भोग मूर्ति को डोली में बैठाकर शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा के लिए रवाना किया जाएगा। उस दिन मां गंगा की उत्सव डोली देवी मंदिर में रात्रि प्रवास करेगी।
अगले दिन 23 अक्टूबर को मां गंगा की मूर्ति मुखबा स्थित मंदिर में विराजमान की जाएगी, जहां अगले छह महीनों तक विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी। इस प्रकार श्रद्धालु इस समय मां गंगा का आशीर्वाद मुखबा में प्राप्त कर सकेंगे।
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने आज एक भावनात्मक और स्पष्ट संदेश जारी करते हुए आंदोलनरत युवाओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि जिस उत्तराखंड के लिए हमारे शहीदों और आंदोलनकारियों ने अपने प्राण न्यौछावर किए, वह केवल एक भौगोलिक सीमा नहीं…बल्कि एक सपना था एक ऐसा राज्य जहाँ हर बेटे-बेटी को न्याय, सम्मान और बेहतर जीवन मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जब हमारे कुछ बच्चे सड़कों पर हैं…तो मैं उन्हें यही कहना चाहता हूँ कि वे भी हमारे अपने हैं, हमारे परिवार का हिस्सा हैं।
उन्होंने स्वयं को प्रदेश का ‘मुख्य सेवक’ बताते हुए कहा कि हर आवाज़ को सुनना हर पीड़ा को समझना और हर दिल तक पहुँचना उनका कर्तव्य है। उन्होंने युवाओं को आश्वस्त किया कि सरकार उनकी भावनाओं और भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है।
नकल माफियाओं को चेतावनी, छात्रों से संवेदनशीलता
मुख्यमंत्री ने 2023 में लाए गए देश के पहले सख्त नकल विरोधी कानून का ज़िक्र करते हुए स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य केवल नकल माफियाओं और भ्रष्ट तंत्र पर कार्रवाई करना है, न कि मेहनती छात्रों को डराना।
कुछ लोग हमेशा कानून का उल्लंघन करते हैं…ऐसे हाकमो और उनके हाकिमों को हम ऐसा सबक सिखाएंगे कि वे कभी भूल नहीं पाएंगे साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि छात्रों के साथ कोई भेदभाव या मनभेद सरकार की नीति नहीं रही है और न कभी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब एक परिवार हैं और परिवार का उद्देश्य सभी सदस्यों का कल्याण होता है। मैं सभी से आग्रह करता हूँ कि संवाद और विश्वास की राह पर आगे बढ़ें।
उन्होंने यह भी दोहराया कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने का जो “विकल्प रहित संकल्प” लिया गया है…उसे सरकार जनता के साथ मिलकर ही पूर्ण करेगी।
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में इन दिनों बच्चों में हैंड, फुट और माउथ डिजीज (HFMD) यानी हाथ, पैर और मुंह की बीमारी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इस संक्रमण से 5 से 15 वर्ष की आयु के स्कूली बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की पीडियाट्रिक ओपीडी में हर दिन तीन से चार बच्चे इस बीमारी के लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं।
दून मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इस समय हाथ, पैर और मुंह की बीमारी से बच्चे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह संक्रमण तभी माना जाता है जब हथेलियों, पैरों के तलवों और मुंह में एक साथ दर्दनाक छाले नजर आएं। केवल मुंह में छाले होने से HFMD की पुष्टि नहीं होती।
डॉ. अशोक के अनुसार ओपीडी में आ रहे अधिकतर बच्चे स्कूलों में पढ़ने वाले हैं। यह संक्रमण एक बच्चे से दूसरे में बहुत तेजी से फैलता है…इसलिए जिन बच्चों में लक्षण दिखें उन्हें 5 से 7 दिन तक स्कूल ना भेजें। इससे बाकी बच्चों को संक्रमित होने से रोका जा सकता है।
इस बीमारी में बच्चों को तेज बुखार मुंह में दर्दनाक छाले, थकान, और खाने में अरुचि जैसी समस्याएं होती हैं। इस दौरान बच्चों को खूब पानी, तरल आहार और आराम देना जरूरी है। बीमारी से घबराने की जरूरत नहीं है….लेकिन सही समय पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
यदि आपके बच्चे में ये लक्षण नजर आएं…..
मुंह में छाले या गले में खराश
हाथ-पैर की त्वचा पर लाल चकत्ते या फफोले
तेज बुखार या थकावट
खाने-पीने से परहेज
तो उसे स्कूल न भेजें और तत्काल किसी बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।
डॉक्टरों की सलाह है कि अभिभावक सतर्क रहें और बच्चों को दूसरों से दूर रखें जब तक पूरी तरह स्वस्थ न हो जाएं। साथ ही बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न दें।
Uttarakhand News: CM Dhami: CBI: UKSSSC: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वे सिर्फ पद पर बैठने वाले नेता नहीं बल्कि जनता के बीच जाकर उनकी आवाज़ सुनने वाले सच्चे जननायक हैं। सोमवार को जब युवा अपनी मांगों को लेकर धरनास्थल पर डटे हुए थे, तब मुख्यमंत्री स्वयं वहां पहुंचे और सभी मांगों को मौके पर ही स्वीकार कर लिया। यही नहीं, उन्होंने भर्ती घोटाले की सीबीआई जांच की संस्तुति भी की, जिससे युवाओं के मन में लंबे समय से उठ रहे संदेह दूर हो गए।
मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट कहा कि युवाओं की आकांक्षाओं और सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी तथा भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस चर्चा को वे चाहें तो दफ्तर में भी कर सकते थे, लेकिन युवाओं के बीच आकर उनकी भावनाएं समझना उनका कर्तव्य है। इस सादगी और संवेदनशीलता ने युवाओं के मन को गहराई से छू लिया।
धरने पर बैठे युवाओं में मुख्यमंत्री के इस कदम से नई ऊर्जा और विश्वास की लहर दौड़ गई। सभी ने एक स्वर में कहा कि धामी जी ने एक बार फिर यह दिखाया है कि वे केवल सत्ता चलाने वाले मुख्यमंत्री नहीं बल्कि जनता के बीच खड़े होकर उनके सपनों को पूरा करने वाले सच्चे मार्गदर्शक हैं।
राजनीति में अक्सर नेताओं पर दूर रहने के आरोप लगते हैं, लेकिन धामी बार-बार अपने व्यवहार और निर्णयों से इस छवि को तोड़ते आए हैं। उनका यह कदम युवाओं के लिए न केवल राहतभरा है बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक सकारात्मक संदेश भी है कि सरकार हर युवा की आवाज़ सुनने और उस पर अमल करने के लिए प्रतिबद्ध है।