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Prema Rawat: India A: Australia Tour: ऑस्ट्रेलिया महिला ए टीम ने भारतीय महिला ए टीम को तीन मैचों की टी-20 सीरीज़ में 3-0 से हराकर सीरीज़ अपने नाम कर ली। हालांकि स्कोरलाइन एकतरफा दिखती है, लेकिन मुकाबले बेहद करीबी रहे। भारत पहले टी-20 में 13 रन से और तीसरे मैच में सिर्फ तीन रन से हार गया। अनुभव की कमी टीम इंडिया के लिए बड़ा अंतर साबित हुई।
इस सीरीज़ की सबसे बड़ी खोज उत्तराखंड के बागेश्वर की प्रेमा रावत रहीं। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर टीम में जगह बनाने वाली प्रेमा ने तीन मैचों में कुल सात विकेट चटकाए। उनका गेंदबाजी औसत 9.28 रहा और इकॉनोमी रेट केवल 5.41 रही, जो टी-20 प्रारूप में काबिले-तारीफ़ है। प्रेमा की सटीक गेंदबाजी ने हर मैच में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों को परेशान किया और वह भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी बनकर उभरीं।
पिछले साल इंडिया ए के ऑस्ट्रेलिया दौरे में उत्तराखंड की ही राघवी बिष्ट ने शानदार प्रदर्शन किया था, और इस बार प्रेमा रावत ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। लगातार दो सीज़न में उत्तराखंड की खिलाड़ियों का चमकना इस राज्य के महिला क्रिकेट में उभरते स्तर और संभावनाओं को दर्शाता है।
देहरादून: बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत तिरंगा फहराया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से शुरू हुआ यह अभियान आज जन-जन तक पहुँचकर राष्ट्रभक्ति का महाअभियान बन चुका है। तिरंगा हमारी स्वतंत्रता, एकता और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि स्वतंत्रता दिवस पर सभी अपने घर, कार्यालय या दुकान पर तिरंगा सम्मानपूर्वक फहराएँ और देश की आज़ादी के लिए बलिदान देने वाले वीर सेनानियों को नमन करें।
उन्होंने लोगों से अपील की कि तिरंगे के साथ अपनी फोटो लेकर harghartiranga.com पर अवश्य साझा करें।
नई दिल्ली: 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अचानक इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति के इस्तीफे की स्थिति में उपराष्ट्रपति कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेते हैं, लेकिन उपराष्ट्रपति के कार्यकाल के बीच में पद खाली होने पर कार्यवाहक उपराष्ट्रपति की कोई व्यवस्था संविधान में नहीं है। ऐसे में एकमात्र विकल्प नए चुनाव कराना ही होता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा इस्तीफा स्वीकार करने और गृह मंत्रालय द्वारा अधिसूचना जारी होते ही चुनाव आयोग ने औपचारिकताएं शुरू कर दीं।
अंतरिम व्यवस्था
उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं, इसलिए उनके इस्तीफे के बाद राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह अस्थायी रूप से उच्च सदन की अध्यक्षता कर रहे हैं। यह केवल संसदीय कार्यों तक सीमित है, और उन्हें उपराष्ट्रपति की शक्तियां नहीं मिलतीं।
निर्वाचक मंडल और मतदान पद्धति
उपराष्ट्रपति का चुनाव लोकसभा और राज्यसभा के सभी निर्वाचित व मनोनीत सदस्यों वाले निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। केवल सांसद ही मतदान करते हैं, विधायक नहीं। मतदान आनुपातिक प्रतिनिधित्व की एकल संक्रमणीय मत प्रणाली के तहत गुप्त मतदान द्वारा होता है, और सदस्य पार्टी व्हिप से बाध्य नहीं होते।
राष्ट्रपति चुनाव से अंतर
राष्ट्रपति चुनाव में मनोनीत सदस्य वोट नहीं देते और राज्य विधानसभाओं की भी भूमिका होती है, जबकि उपराष्ट्रपति चुनाव में केवल संसद सदस्य वोट करते हैं और मनोनीत सदस्य भी शामिल होते हैं।
उम्मीदवार की योग्यता
उम्मीदवार भारत का नागरिक हो, कम से कम 35 वर्ष का हो, राज्यसभा का सदस्य हो और किसी लाभ के पद पर न हो। नामांकन पत्र पर कम से कम 20 प्रस्तावक और 20 समर्थकों के हस्ताक्षर आवश्यक हैं। कार्यकाल पाँच साल का होता है और कार्यकाल समाप्त होने के बाद उत्तराधिकारी के आने तक पद पर बने रह सकते हैं। कार्यकालों की कोई सीमा नहीं है, और एस. राधाकृष्णन व मोहम्मद हामिद अंसारी ने लगातार दो-दो कार्यकाल पूरे किए हैं।
उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के बाद देश का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है और राष्ट्रपति पद के उत्तराधिकार में प्रथम स्थान पर है। राष्ट्रपति के अनुपस्थित या अक्षम होने की स्थिति में उपराष्ट्रपति अधिकतम छह महीने तक कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है। इस दौरान वह राज्यसभा सभापति के दायित्व नहीं निभाता।
राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम, 1952 के अनुसार, अधिसूचना जारी होने के बाद पूरी चुनाव प्रक्रिया अधिकतम 32 दिनों में पूरी करनी होती है। संविधान का अनुच्छेद 68(2) कहता है कि मध्यावधि चुनाव “यथाशीघ्र” कराए जाएं। संभावना है कि अगस्त के अंतिम सप्ताह तक नया उपराष्ट्रपति पदभार संभाल लेगा।
संसद के दोनों सदनों में वर्तमान में कुल 786 सदस्य हैं (जिसमें 6 रिक्तियां शामिल हैं)। 100% मतदान की स्थिति में जीत के लिए 394 वोट आवश्यक होंगे। एनडीए के पास लोकसभा में 293 और राज्यसभा में 129 सांसद हैं, यानी कुल 422 वोट — जो आवश्यक बहुमत से काफी अधिक है।
Agniveer: Ranikhet: भारतीय सेना में अग्निवीर बनने की तैयारी कर रहे युवक-युवतियों के लिए अल्मोड़ा जिले से अहम सूचना जारी हुई है। सेना भर्ती कार्यालय ने शारीरिक परीक्षा की तिथियां घोषित कर दी हैं। जानकारी के अनुसार, ऑनलाइन परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों के लिए 11 सितंबर से 21 सितंबर तक कुमाऊं रेजीमेंट सेंटर, रानीखेत के सोमनाथ मैदान में भर्ती रैली आयोजित होगी, जिसमें योग्य उम्मीदवार भाग ले सकते हैं।
भर्ती कार्यक्रम के तहत 18 सितंबर को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सभी जिलों के अभ्यर्थियों के लिए आरटी जेसीओ, जेसीओ कैटरिंग, एजुकेशन हवलदार और हवलदार एसएसी की भर्ती होगी। गौरतलब है कि सेना में शामिल होने के इच्छुक अग्निवीरों की ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम 30 जून से शुरू हुई थी, जिसमें अभ्यर्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
नैनीताल, उधम सिंह नगर, अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों के सफल अभ्यर्थियों के लिए 11 सितंबर से शारीरिक परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इसमें अग्निवीर जीडी, क्लर्क/स्टोर कीपर, टेक्नीशियन और ट्रेडमैन की भर्ती परीक्षाएं शामिल होंगी।
Kaushal Academy: Haldwani: कुमाऊँ के चौखुटिया गाँव के ललित नेगी का चयन अंतर्राष्ट्रीय इंटर्नशिप प्रोग्राम के लिए दुबई में हुआ है। ललित ने कौशल एकेडमी इंटरनेशनल में अंतर्राष्ट्रीय होटल मैनेजमेंट कोर्स में प्रवेश लिया था, जिसमें दो वर्ष का विदेश प्रशिक्षण शामिल है।
ललित के पिता एक शेफ हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। आर्थिक रूप से साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले ललित ने अपनी मेहनत और लगन से यह उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के प्रोफेसर जितेंद्र अधिकारी ने बताया कि कौशल एकेडमी निर्धन और प्रतिभावान छात्रों को होटल मैनेजमेंट कोर्स में विशेष शुल्क छूट देकर प्रोत्साहित करती है, जिससे वे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने करियर का निर्माण कर सकें।
ललित का यह चयन न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है और यह संदेश देता है कि अवसर मिलने पर ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवा भी वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
Nainital District: Schools: Rain: Closed: नैनीताल जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। नदी-नाले उफान पर हैं और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। मौसम विभाग ने जिले में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके मद्देनज़र जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए एक से 12वीं तक के सभी सरकारी, गैर-सरकारी, निजी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है। प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को सुरक्षित घर पर रखें और खराब मौसम में अनावश्यक रूप से बाहर जाने से बचें।
भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमों को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील और भूस्खलन-प्रवण क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके। जिला प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने, नदियों और नालों के किनारे जाने से बचने तथा मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। आने वाले 24 घंटे मौसम की दृष्टि से बेहद संवेदनशील बताए जा रहे हैं, ऐसे में सतर्कता और सुरक्षा ही जनहानि और नुकसान से बचने का सबसे प्रभावी उपाय मानी जा रही है।
Uttarakhand: Transport: Bus: उत्तराखंड परिवहन निगम पहली बार वातानुकूलित (एसी) स्लीपर कोच बसों का संचालन शुरू करने जा रहा है। निगम ने 18 नई बसों के अनुबंध के लिए टेंडर जारी किए हैं, जिनमें छह एसी स्लीपर बसें और 12 एसी डीलक्स बसें शामिल हैं। प्रारंभिक चरण में ये छह स्लीपर बसें केवल दो शहरों के लिए संचालित होंगी। योजना के तहत, देहरादून से कानपुर और जयपुर मार्ग पर चार बसें तथा हल्द्वानी से जयपुर के लिए दो बसें चलाई जाएंगी।
इसके साथ ही, निगम द्वारा दिल्ली, आगरा, फरीदाबाद, गुरुग्राम और लखनऊ के लिए एसी डीलक्स बसों का संचालन भी शुरू किया जाएगा। ये नई बसें टू-बाई-टू सीटिंग व्यवस्था के साथ होंगी और वॉल्वो बसों की तुलना में किराया कम रखा जाएगा, ताकि यात्रियों को किफायती दर पर आरामदायक सफर मिल सके। निगम का उद्देश्य इन बसों के माध्यम से निजी डग्गामार बसों की बढ़ती संख्या पर रोक लगाना है।
वर्तमान में निगम केवल दिल्ली, गुरुग्राम, चंडीगढ़ और कटरा मार्ग पर सुपर डीलक्स वॉल्वो बसें चला रहा है, जिनका किराया साधारण बसों की तुलना में ढाई से तीन गुना अधिक है। पहले निगम दिल्ली मार्ग पर जनरथ एसी (थ्री-बाई-टू) बसें भी संचालित करता था, लेकिन अनुबंध समाप्त होने के बाद लगभग पांच साल पहले यह सेवा बंद कर दी गई थी। इस कारण, जो यात्री साधारण बस से यात्रा नहीं करना चाहते और वॉल्वो बस का किराया वहन नहीं कर पाते, वे उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की एसी जनरथ बसों पर निर्भर हो गए हैं।
इस बीच, देहरादून से लखनऊ, कानपुर, लखीमपुर, बरेली, दिल्ली, गुरुग्राम, जयपुर, आगरा, कटरा और अमृतसर सहित कई मार्गों पर निजी बसों का संचालन तेज़ी से बढ़ा है। महाप्रबंधक (संचालन) पवन मेहरा ने बताया कि यदि नए एसी स्लीपर और डीलक्स बसों का संचालन सफल रहता है, तो इनकी संख्या भविष्य में और बढ़ाई जाएगी।
Uttarakhand: Rain: School: Closed: मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून द्वारा भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद उत्तराखंड के कई जिलों में प्रशासन ने एहतियातन स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है। चमोली और अल्मोड़ा जनपद में 13 और 14 अगस्त को सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय एवं निजी विद्यालयों (कक्षा 1 से 12 तक) के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे। वहीं, बागेश्वर जिले में 13 अगस्त को स्कूलों की छुट्टी का ऐलान किया गया है।
प्रशासनिक आदेश के अनुसार, यह निर्णय मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित तिथियों पर जिले के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी विद्यालय पूरी तरह बंद रहेंगे। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में भी गतिविधियां स्थगित रहेंगी।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में राज्य के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना जताई है। चेतावनी में विशेषकर निचले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और यातायात प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग व जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
चमोली, अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों के संबंधित विद्यालयों को निर्देश जारी कर दिए हैं, ताकि विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को समय से सूचना मिल सके। साथ ही, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी आदेशों की जानकारी दी गई है, जिससे वे केंद्रों में आने वाले बच्चों और गर्भवती महिलाओं को अग्रिम सूचना दे सकें। यह कदम न केवल विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा बल्कि खराब मौसम के दौरान होने वाली संभावित दुर्घटनाओं से भी बचाव में मदद करेगा। प्रशासन ने साफ किया है कि मौसम की स्थिति में सुधार के बाद ही विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र पुनः संचालित होंगे।
Haldwani: Railway: Inspection: हल्द्वानी में रेलवे भूमि के सर्वे एवं सीमांकन की प्रक्रिया के तहत आज रेलवे, राजस्व विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम ने निरीक्षण और चिन्हांकन कार्य किया। इस अभियान के दौरान टीम ने रेलवे भूमि पर 90 से अधिक अतिक्रमणों की पहचान की। इन अतिक्रमणों में अवैध निर्माण, आवासीय भवन, मस्जिदें और मजारें शामिल हैं। सभी संबंधित अतिक्रमणकारियों को कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत नोटिस जारी किए गए हैं।
स्थानीय जांच में यह भी पाया गया कि अतिक्रमित भूमि की खरीद-फरोख्त स्टाम्प पेपर के माध्यम से की गई है। इसके अलावा क्षेत्र में कई अस्थायी शेड और ढांचे भी मिले। सर्वे टीम द्वारा मुनादी की जा रही है, जिसमें लोगों से अपील की जा रही है कि वे स्वेच्छा से रेलवे भूमि खाली करें, अन्यथा उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान उप जिलाधिकारी हल्द्वानी राहुल शाह, सीनियर सेक्शन इंजीनियर काठगोदाम गिरजेश कुमार, तहसीलदार हल्द्वानी मनीषा बिष्ट, तहसीलदार लालकुआं कुलदीप पांडे, राजस्व और वन विभाग के अधिकारी, पुलिस बल, रेलवे पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। टीम ने अतिक्रमण स्थलों का विस्तृत विवरण तैयार किया और पूरे क्षेत्र का सीमांकन कार्य संपन्न किया।
इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराना और रेलवे संपत्ति से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। संबंधित विभागों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक पूरी रेलवे भूमि अतिक्रमण से मुक्त नहीं हो जाती। सभी विभागों के बीच आपसी समन्वय और सहयोग से इस प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसे अवैध कब्जों पर रोक लगाई जा सके और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच मौसम विभाग ने आज राज्य के कई हिस्सों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक प्रदेश के 8 जनपदों हरिद्वार, नैनीताल, उधम सिंह नगर, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चंपावत और बागेश्वर में आज दिनभर तेज से भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए इन जिलों के जिलाधिकारियों ने सतर्कता बरतते हुए छुट्टी का आदेश जारी किया है। प्रशासन के निर्देशानुसार उधम सिंह नगर, बागेश्वर, नैनीताल, पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चंपावत और देहरादून जिलों में आज सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रहेंगे। यह आदेश कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए लागू रहेगा। साथ ही, आंगनबाड़ी केंद्रों में भी आज अवकाश घोषित किया गया है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ क्षेत्रों में बारिश इतनी तेज हो सकती है कि निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की स्थिति पैदा हो सकती है। इस कारण स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। खासकर नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी गई है।
प्रदेश के कई पहाड़ी क्षेत्रों में बीते कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई जगहों पर सड़क मार्ग बाधित हो गए हैं और यातायात व्यवस्था पर असर पड़ा है। वहीं, मैदानी इलाकों में भी जलभराव की समस्या देखने को मिल रही है।
प्रशासन ने आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा है और राहत दलों को तैनात किया गया है। इसके अलावा, मौसम विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर नए अपडेट जारी करेगा। जनता से अपील है कि वे मौसम संबंधी अलर्ट पर ध्यान दें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।