उत्तराखंड में शराब की दुकानों को लेकर बड़ा अपडेट, हाईकोर्ट ने दिए अहम निर्देश

UttarakhandHighCourt | LiquorShops | Nainital : उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य में स्कूलों, अस्पतालों, राष्ट्रीय और राजकीय राजमार्गों तथा रिहायशी क्षेत्रों के आसपास संचालित शराब की दुकानों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कहा है कि यदि किसी स्थान पर नियमों के विपरीत शराब की दुकान संचालित होने की शिकायत है…तो संबंधित जिले के जिलाधिकारी के समक्ष नया आवेदन प्रस्तुत किया जाए।

खंडपीठ ने निर्देश दिया कि जिलाधिकारी शिकायत मिलने के बाद सभी पक्षों को सुनें और छह सप्ताह के भीतर कानून के अनुसार निर्णय लें।

याचिका में दावा किया गया था कि हरिद्वार सहित कई क्षेत्रों में अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और रिहायशी इलाकों के नजदीक शराब की दुकानें संचालित हो रही हैं। इससे स्थानीय लोगों और विद्यार्थियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात कही गई।

याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि इस संबंध में पहले राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेजी गई थी…लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा।

सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय के वर्ष 2016 के उन दिशा-निर्देशों का भी उल्लेख किया गया…जिनमें राजमार्गों और संवेदनशील स्थानों के आसपास शराब की दुकानों के संचालन को लेकर नियम तय किए गए थे।

हाईकोर्ट ने फिलहाल जनहित याचिका का निस्तारण करते हुए स्पष्ट किया कि प्रत्येक मामले में पहले संबंधित जिलाधिकारी के स्तर पर शिकायत की सुनवाई होगी। उसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड में यहाँ आवासीय मकान में चल रहा था मदरसा, हिंदू संगठनों ने किया हंगामा

Joshimath | Chamoli | Madrasa | Uttarakhand : चमोली जिले के ज्योतिर्मठ नगर क्षेत्र में एक आवासीय मकान में कथित रूप से मदरसा संचालित किए जाने को लेकर गुरुवार को विवाद खड़ा हो गया। बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर विरोध जताया और पुलिस-प्रशासन से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की।

संगठनों का आरोप है कि एक आवासीय भवन में लंबे समय से बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। उनका कहना है कि यह गतिविधि नियमों के अनुरूप नहीं है…और इसकी जांच होनी चाहिए। सूचना मिलने पर कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और पुलिस को भी बुलाया।

कार्यकर्ताओं का दावा है कि बच्चों को पढ़ाने के लिए एक शिक्षक को करीब 12 हजार रुपये मासिक वेतन पर रखा गया था। उन्होंने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए संबंधित गतिविधि को बंद कराने की मांग की।

विहिप के प्रांत संत संपर्क प्रमुख पवन राठौर ने कहा कि उत्तराखंड में मदरसों से जुड़े नियमों को लेकर सरकार के फैसलों के बाद इस तरह की गतिविधियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं बजरंग दल के पदाधिकारियों ने भी मामले में प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।

दूसरी ओर, शिक्षक मिन्नादुल्ला ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वह बच्चों को केवल भाषा की शिक्षा देते हैं। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य किसी नियम का उल्लंघन करना नहीं है।

तहसीलदार महेंद्र ने कहा कि मामला प्रशासन के संज्ञान में है और पुलिस इसकी जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने भी पुष्टि की कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

उत्तराखंड: सरकारी शिक्षक की सालाना आय सिर्फ 6 हजार रुपये! चौंक गए न आप? लेकिन मामला यही है

Rudrapur | IncomeCertificate | UdhamSinghNagar | Uttarakhand : ऊधम सिंह नगर में एक सरकारी शिक्षक द्वारा कथित रूप से गलत जानकारी देकर आय प्रमाण पत्र बनवाने का मामला जांच के दायरे में आ गया है। जसपुर निवासी रवि दास की शिकायत पर तहसील प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

शिकायत के अनुसार जसपुर ब्लॉक में तैनात एक सरकारी शिक्षक ने वर्ष 2013 में अपनी वार्षिक आय केवल 6 हजार रुपये दर्शाकर आय प्रमाण पत्र बनवाया था। जबकि शिकायतकर्ता का दावा है कि उस समय शिक्षक की वास्तविक वार्षिक आय छह लाख रुपये से अधिक थी।

आरोप है कि आय प्रमाण पत्र के लिए दिए गए स्व-घोषणा पत्र (सेल्फ डिक्लेरेशन) में भी गलत जानकारी दी गई। शिकायत मिलने के बाद तहसील प्रशासन ने शिक्षा विभाग से संबंधित शिक्षक की सेवा संबंधी जानकारी मांगी।

मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि संबंधित व्यक्ति वर्ष 2013 में परिषदीय विद्यालय में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत था।

अब अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि आय प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं इसका उपयोग आरटीई के तहत प्रवेश, किसी सरकारी योजना, छात्रवृत्ति या अन्य वित्तीय लाभ लेने के लिए तो नहीं किया गया।

मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा ने कहा कि शिकायत के आधार पर अभिलेखों की जांच की गई है। संबंधित व्यक्ति के वर्ष 2013 में सहायक शिक्षक होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है…तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड: घर की पानी की टंकी में मिला 6 फीट लंबा ब्लैक कोबरा, मानसून में रहें सतर्क

Haldwani | BlackCobra | SnakeRescue | Uttarakhand : मानसून की बारिश शुरू होते ही जहरीले सांप रिहायशी इलाकों की ओर आने लगे हैं। हल्दूचौड़ के जग्गीबंगर क्षेत्र में एक घर की पानी की टंकी से करीब 6 फीट लंबे ब्लैक कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। मकान मालिक की सतर्कता और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।

जानकारी के अनुसार घर के मालिक दीप बमेठा रोज की तरह पानी की टंकी देखने पहुंचे। जैसे ही उन्होंने टंकी खोली, अंदर एक बड़ा ब्लैक कोबरा कुंडली मारकर बैठा दिखाई दिया। उन्होंने घबराने के बजाय तुरंत टंकी बंद कर दी और परिवार के सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर रहने के लिए कहा।

इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही गौला रेंज की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक अभियान चलाकर कोबरा को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद सांप को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।

वन विभाग ने कहा कि बरसात के मौसम में बिलों और निचले इलाकों में पानी भरने से सांप सुरक्षित स्थान की तलाश में घरों, पानी की टंकियों, स्टोर रूम और अन्य जगहों तक पहुंच सकते हैं। इसलिए लोगों को सतर्क रहने और पानी की टंकियों, बाथरूम, स्टोर तथा आसपास की झाड़ियों की नियमित जांच करने की सलाह दी गई है।

गौला रेंज के रेंजर चंदन सिंह अधिकारी ने कहा कि हाल के दिनों में हल्दूचौड़ क्षेत्र से तीन सांपों का रेस्क्यू किया जा चुका है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं सांप दिखाई दे तो उसे पकड़ने या मारने की कोशिश न करें…बल्कि तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें।

उत्तराखंड: अस्कोट से दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर, सीधी बस सेवा फिर शुरू

Askot | DelhiBusService | Pithoragarh| Uttarakhand : पिथौरागढ़ जिले के अस्कोट से दिल्ली के लिए सीधी रोडवेज बस सेवा एक बार फिर शुरू हो गई है। लंबे इंतजार के बाद बस के रोडवेज स्टेशन पहुंचते ही स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल देखने को मिला। इस सेवा के दोबारा शुरू होने से क्षेत्र के 45 से अधिक गांवों की करीब 15 हजार आबादी को बड़ी राहत मिली है।

अस्कोट क्षेत्र के लोगों की यात्रा को आसान बनाने के लिए मुख्य बाजार में रोडवेज स्टेशन बनाया गया था। इसके उद्घाटन के बाद यहां से दिल्ली के लिए सीधी बस सेवा शुरू की गई थी…लेकिन 23 जून से यह सेवा अचानक बंद हो गई। इससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

स्थानीय लोगों ने कई बार परिवहन निगम से बस सेवा दोबारा शुरू करने की मांग की। इसके बाद अब गुरुवार से बस का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया है। बस सेवा बहाल होने पर यात्रियों ने खुशी जताई और इसे क्षेत्र के लिए बड़ी सुविधा बताया।

पिथौरागढ़ डिपो के एआरएम रविशेखर कापड़ी ने कहा कि बस में तकनीकी खराबी आने के कारण कुछ समय के लिए सेवा प्रभावित हुई थी। अब खराबी दूर कर दी गई है और अस्कोट से दिल्ली के लिए बस का नियमित संचालन किया जाएगा।

बस सेवा दोबारा शुरू होने से दिल्ली और रास्ते में पड़ने वाले अन्य शहरों की यात्रा करने वाले लोगों को अब पहले की तरह सीधी और सुविधाजनक परिवहन सुविधा मिल सकेगी।

उत्तराखंड में समय से पहले चुनाव होंगे? मुख्यमंत्री धामी ने दिया बड़ा अपडेट

Uttarakhand Election | CM Dhami | Assembly Election : उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव समय से पहले कराए जाने की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि फिलहाल सरकार या किसी भी स्तर पर समय से पहले चुनाव कराने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।

गुरुवार को देहरादून में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले हो सकते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि ऐसी किसी भी संभावना की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि न तो सरकार को इस संबंध में कोई निर्देश मिले हैं और न ही चुनाव समय से पहले कराने की कोई तैयारी चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव कब होंगे…इसका निर्णय भारत निर्वाचन आयोग करेगा और सभी उसी के अनुसार कार्य करेंगे।

पिछले कुछ समय से उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज थी कि विधानसभा चुनाव तय समय से पहले, यानी वर्ष 2026 के अंत में कराए जा सकते हैं। इन अटकलों के पीछे विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं के लगातार दौरे, मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रियाएं और आगामी आयोजनों को वजह माना जा रहा था।

हालांकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान के बाद फिलहाल इन चर्चाओं पर विराम लग गया है। उन्होंने साफ कहा कि अभी तक समय से पहले चुनाव कराने को लेकर कोई आधिकारिक सूचना या निर्णय नहीं है।

वर्तमान उत्तराखंड विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2027 तक है। ऐसे में तय कार्यक्रम के अनुसार विधानसभा चुनाव 2027 की शुरुआत में होने की संभावना है…जब तक कि चुनाव आयोग कोई अलग निर्णय न ले।

धामी सरकार की इस योजना ने बदल दी युवाओं की जिंदगी, 123 को मिली विदेश में नौकरी

Global Employment|Skill Development| Foreign Jobs|Uttarakhand : उत्तराखंड के युवाओं को विदेशों में रोजगार दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना लगातार बेहतर परिणाम दे रही है। इस योजना के तहत अब तक 123 युवाओं को विभिन्न देशों में रोजगार मिल चुका है। सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य युवाओं को कौशल और भाषा प्रशिक्षण देकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के लिए तैयार करना है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 65 युवाओं को जापान, 30 युवाओं को सऊदी अरब और एक युवती को जर्मनी में नौकरी मिल चुकी है। इसके अलावा हाल ही में 27 युवाओं का चयन संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हॉस्पिटैलिटी और होटल मैनेजमेंट क्षेत्र के लिए हुआ है। इन अभ्यर्थियों की वीजा और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

योजना के तहत युवाओं को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। देहरादून में प्रतिदिन जर्मन और जापानी भाषा की नियमित कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। वहीं बागेश्वर और अल्मोड़ा में भी ऑनलाइन भाषा प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध है। प्रत्येक बैच में 20 से 30 प्रशिक्षार्थियों को आठ महीने का प्रशिक्षण दिया जाता है।

भाषा प्रशिक्षण की कुल फीस 64 हजार रुपये निर्धारित है…जिसमें राज्य सरकार 20 प्रतिशत तक आर्थिक सहायता देती है। यदि कोई अभ्यर्थी प्रशिक्षण के लिए ऋण लेता है तो उसके ब्याज का 75 प्रतिशत हिस्सा भी सरकार वहन करती है। आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के लिए जर्मन भाषा का प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है।

प्रशिक्षण के बाद युवाओं को नर्सिंग, हेल्थकेयर, एल्डरली केयर, हॉस्पिटैलिटी, कंस्ट्रक्शन और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान सहसपुर स्थित छात्रावास में रहने वाले युवाओं को निःशुल्क आवास और भोजन की सुविधा भी दी जा रही है।

उधम सिंह नगर की प्रशिक्षार्थी रुचिका अधिकारी ने कहा कि वह पिछले तीन महीने से जापानी भाषा का प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाओं के कारण प्रशिक्षण लेना आसान हो गया है।

योजना की सबसे प्रेरणादायक सफलता सपना राणा की है…जिन्होंने जर्मन भाषा का प्रशिक्षण लेने के बाद जर्मनी में नर्स के पद पर करीब 3.30 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन वाली नौकरी हासिल की है। सपना ने कहा कि सही प्रशिक्षण और सरकारी सहयोग की बदौलत उनका विदेश में काम करने का सपना पूरा हुआ।

सेवायोजन विभाग का कहना है कि आने वाले समय में अधिक से अधिक युवाओं को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देकर अंतरराष्ट्रीय रोजगार से जोड़ने की दिशा में अभियान को और तेज किया जाएगा।

उत्तराखंड में पदक विजेताओं के लिए खुशखबरी, सीएम धामी ने जारी किए निर्देश

Uttarakhand: Cm Dhami: Instructions: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी सेवा में समायोजित करने की प्रक्रिया को तय समय के अंदर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा आउट ऑफ टर्न नौकरी पाने वाले अधिकांश खिलाड़ियों को खेल विभाग में ही नियुक्त मिले सके, इस पर भी कार्ययोजना बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा केंद्र सरकार द्वारा लाई गई राष्ट्रीय खेल नीति 2025 के अनुरूप ही राज्य में नई खेल नीति लाई जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय-गोलापार, हल्द्वानी में आगामी माह से सत्र को प्रारंभ करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा गोलापार स्टेडियम में प्रवेश प्रक्रिया एवं कोच, कर्मचारी, अधिकारी की नियुक्ति प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा एक ब्लॉक एक मिनी स्टेडियम के तहत मिनी स्टेडियमों के निर्माण कार्य में भी तेजी लाई जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लेगेसी प्लान पर तेज गति से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज देहरादून, हल्द्वानी गोलापार स्टेडियम, रुद्रपुर वेलोड्रोम, टिहरी झील, हरिद्वार एवं पिथौरागढ़ स्थित स्टेडियमों में विकसित की गई सुविधाओं को खिलाड़ियों के लिए और उपयोगी बनाई जाएं। उन्होंने कहा 38वें राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के दौरान विकसित किए गए बुनियादी ढांचे के रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए एवं इसके लिए कार्य योजना बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 39वें राष्ट्रीय खेल 2027 के लिए खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के लिए विभिन्न विधाओं में विशेष प्रशिक्षण शिविर संचालन शुरू किया जाए। विभिन्न खेल संघों के साथ खिलाड़ियों की चयन/ चिन्हीकरण प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा राज्य सरकार का संकल्प आगामी राष्ट्रीय खेलों में और बेहतर प्रदर्शन कर देवभूमि को खेलभूमि के रूप में भी स्थापित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिला एक स्पोर्ट्स के तहत सभी जनपदों में निर्धारित खेलों के लिए संबंधित जनपदों में कोचिंग, प्रतिभा पहचान एवं प्रतिस्पर्धा को भी विकसित किया जाए। प्रत्येक जिला खेल छात्रावास को उस जनपद के निर्धारित खेल हेतु ODOS खेल नर्सरी के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प प्रदेश के प्रत्येक खिलाड़ी तक गुणवत्तापूर्ण खेल सुविधाएं पहुंचाना तथा उन्हें अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि युवाओं के सपनों को साकार करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं है। उन्होंने कहा विभागीय अधिकारी खिलाड़ियों की आवश्यकता अनुसार राज्य में खेल योजनाओं को आगे बढ़ाएं।

बैठक में बताया गया कि अब तक कुल 29 मेडल धारक खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में समायोजित किया जा चुका है। इसके साथ एक ब्लॉक एक मिनी स्टेडियम के तहत अब तक कुल 48 मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जा चुका है। वहीं 10 मिनी स्टेडियम का कार्य गतिमान है। अन्य मिनी स्टेडियमों पर भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई गतिमान है।

बैठक में बताया गया कि भारत के प्रथम महिला आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट का कार्य तेजी से गतिमान है। इस कॉलेज के संचालन के लिए कुल 16 पद सृजित किए गए हैं। इसकी प्रवेश प्रक्रिया भी गतिमान है। साथ ही उत्तराखण्ड का प्रथम एवं भारत का दसवां राज्य खेल विश्वविद्यालय — गोलापार, हल्द्वानी में विश्वविद्यालय सभागार, केंद्रीय पुस्तकालय, स्वास्थ्य केंद्र, कैफेटेरिया, अनुसंधान केंद्र, शूटिंग रेंज, सेमिनार हॉल, बैडमिंटन हॉल, फुटबॉल मैदान, हॉकी मैदान, 8 लेन एथलीट ट्रैक, सहित कुल 39 अवसंरचना घटक का विकास किया जा रहा है।

उत्तराखंड: यहां हाईवे पर कार पर गिरा भारी बोल्डर, एक ही परिवार के छह लोग थे सवार

Landslide | Pauri | Uttarakhand : उत्तराखंड के पौड़ी जिले में सतपुली-गुमखाल हाईवे पर गुरुवार दोपहर बड़ा हादसा होने से टल गया। किर्खू पांग गांव से दिल्ली जा रही एक स्विफ्ट कार पर अचानक पहाड़ी से भारी बोल्डर गिर गया। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई…लेकिन उसमें सवार एक ही परिवार के पांच सदस्य और चालक सुरक्षित बच गए।

जानकारी के अनुसार कार सतपुली से कोटद्वार की ओर जा रही थी। सतपुली मल्ली के पास अचानक पहाड़ी से मलबा सड़क पर आ गया…जिससे कार बीच रास्ते में फंस गई। चालक वाहन को निकालने की कोशिश कर ही रहा था कि तभी ऊपर से एक बड़ा बोल्डर कार के पिछले हिस्से पर आ गिरा। टक्कर इतनी तेज थी कि कार का पिछला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। उप निरीक्षक सबर सिंह नेगी के नेतृत्व में रेस्क्यू अभियान चलाया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई।

कार में थलीसैंण क्षेत्र का एक परिवार सवार था…जो दिल्ली जा रहा था। सुरक्षित निकाले गए लोगों में चालक विनोद, संपत्ति देवी (68 वर्ष), दिलबर सिंह (46 वर्ष), करिश्मा नेगी (36 वर्ष), प्रशांत नेगी (13 वर्ष) और ओजस नेगी (8 वर्ष) शामिल हैं।

रेस्क्यू अभियान में एसडीआरएफ के जवानों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। स्थानीय लोगों ने हाईवे के इस संवेदनशील हिस्से में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की मांग की है।

उत्तराखंड कांग्रेस में टिकट को लेकर बढ़ी हलचल, चुनाव से पहले बढ़ी नेतृत्व की चिंता

UttarakhandPolitics | Congress | AssemblyElection : उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव में अभी समय है…लेकिन कांग्रेस में टिकट को लेकर हलचल तेज हो गई है। कई विधानसभा सीटों पर दावेदारों की संख्या बढ़ने से पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। हाल के घटनाक्रमों ने कांग्रेस नेतृत्व की चिंता भी बढ़ा दी है।

पिथौरागढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की मौजूदगी में हुए विवाद ने पार्टी की अंदरूनी खींचतान को उजागर कर दिया। इसके बाद पार्टी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कुछ नेताओं को नोटिस जारी किया और जिला महिला कांग्रेस कमेटी को भंग कर दिया।

पार्टी के भीतर चर्चा है कि यह मामला सिर्फ एक जिले तक सीमित नहीं है। कई अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी टिकट के दावेदार सक्रिय हैं…जिससे आने वाले समय में संगठन के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।

बताया जा रहा है कि कुछ जिलाध्यक्ष भी पार्टी के उस निर्देश से नाराज हैं…जिसमें चुनाव लड़ने के इच्छुक पदाधिकारियों से संगठनात्मक पद छोड़ने की बात कही गई है। इस मुद्दे को लेकर कुछ नेताओं ने अपनी आपत्ति पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व तक भी पहुंचाई है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आएंगे…टिकट वितरण कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है। पार्टी नेतृत्व के सामने संगठन में संतुलन बनाए रखने और सभी दावेदारों को साथ लेकर चलने की चुनौती रहेगी।

फिलहाल कांग्रेस संगठन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अंदरूनी मतभेदों को सुलझाने के प्रयास जारी हैं…ताकि चुनाव से पहले पार्टी एकजुट होकर मैदान में उतर सके।