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Uttarakhand: Weather: Alert: Rain: मौसम विभाग द्वारा चेतावनी जारी करते हुए अगले 5 दिनों (19 से 23 अगस्त 2025) के दौरान उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा, गर्जन-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने तथा तेज से अति तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। विशेषकर देहरादून, बागेश्वर, पिथौरागढ़ जिलों के लिए सतर्कता अत्यंत आवश्यक है। कृपया सुरक्षित रहें, नदियों-नालों के पास जाने से बचें और पुलिस प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। ( Rain alert in Uttarakhand)
Nainital: Election: जिला पंचायत नैनीताल के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। दीपा दरम्वाल को जिला पंचायत अध्यक्ष और देवकी बिष्ट को उपाध्यक्ष पद के लिए चुना गया है। ( Nainital Jila Panchayat President Election)
बता दें कि जिला पंचायत चुनाव संपन्न होने के बाद परिणाम पर रोक लगा दी गई थी। इसके चलते उसी दिन देर रात वोटों की गिनती की गई और उन्हें सुरक्षित रख लिया गया। आज आधिकारिक रूप से परिणाम की घोषणा की गई, जिसमें दीपा दर्मवाल को अध्यक्ष और देवकी बिष्ट को उपाध्यक्ष घोषित किया गया। ( Bjp Candidate Deepa Darmwal Wins)
Meerut: Rajasthan: राजस्थान में मेरठ कांड जैसा सनसनीखेज मामला सामने आया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़ बास कस्बे में रविवार को करीब 35 वर्षीय विवाहित युवक का शव उसके किराए के मकान की छत पर रखे एक नीले ड्रम में बरामद हुआ। शव पर नमक डालकर उसे छिपाने की कोशिश की गई थी।
शव की पहचान और संदिग्ध
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान हंसराज उर्फ सूरज के रूप में हुई है। घटना के बाद उसकी पत्नी, तीनों बच्चे और मकान मालिक का बेटा शनिवार से लापता हैं। मकान मालिक की पत्नी मिथलेश को ड्रम से दुर्गंध आने पर यह खौफनाक राज खुला। हंसराज मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के खांडेपुर गांव का निवासी था। वह करीब छह हफ्ते पहले किशनगढ़ बास के आदर्श कॉलोनी में किराए पर रहने आया था और स्थानीय ईंट-भट्टे पर काम करता था।
मेरठ कांड से समानता
इस मामले ने स्थानीय लोगों को मेरठ की उस घटना की याद दिला दी, जिसमें इसी साल मार्च में एक मर्चेंट नेवी अधिकारी की हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए पत्नी ने इसी तरह का तरीका अपनाया था।
Lalkuan: Uttarakhand: Women Died: हल्द्वानी नगर के जवाहर नगर वार्ड नंबर तीन में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। यहां रहने वाली 45 वर्षीय महिला सुधा देवी का शव उनके ही घर में फांसी पर लटका हुआ मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बताया जा रहा है कि सुधा देवी के पति और बेटे की पहले ही मौत हो चुकी थी, जिसके बाद से वह मानसिक अवसाद में रहती थीं। फिलहाल वह अपनी बेटी के साथ अकेली एक कमरे में रह रही थीं। घटना की जानकारी जैसे ही बेटी को मिली, घर में कोहराम मच गया। मां की अचानक हुई मौत ने युवती को पूरी तरह से तोड़ दिया है। पिता और भाई को पहले ही खो चुकी यह लड़की अब मां के चले जाने से पूरी तरह अनाथ हो गई है।
पड़ोसियों के अनुसार, परिवार पर लगातार दुखों का पहाड़ टूटने के कारण सुधा देवी अक्सर चुपचाप और गुमसुम रहती थीं। पुलिस फिलहाल मामले की छानबीन कर रही है, वहीं इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। लोग इस बात को लेकर दुखी हैं कि पहले पति और बेटे का साया छिन गया और अब युवती अपनी मां से भी वंचित हो गई।
Nainital High court: Election: Panchayat: बहुचर्चित जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव और कथित अपहरण मामले की सुनवाई सोमवार को उत्तराखंड उच्च न्यायालय, नैनीताल में हुई। हालांकि, खंडपीठ ने इस पर कोई आदेश पारित नहीं किया और अगली सुनवाई की तारीख 19 अगस्त तय की गई है। इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ कर रही है।
कोर्ट ने जिला प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिया है कि अब तक हुई समस्त कार्रवाई का ब्यौरा शपथपत्र के रूप में अदालत में पेश किया जाए। साथ ही, SSP प्रहलाद नारायण मीणा ने अदालत को भरोसा दिलाया कि सभी आरोपी 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।
अदालत ने उन पांच पंचायत सदस्यों को सुनने से साफ इंकार कर दिया जिनके अपहरण का आरोप लगा है।
री-पोल की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर भी कोर्ट ने सुनवाई से मना कर दिया। खंडपीठ ने साफ कहा कि फिलहाल अदालत सिर्फ चुनाव के दिन हुई घटनाओं पर स्वतः संज्ञान लेकर विचार कर रही है।
सुनवाई के बाद अब आरोपी बीजेपी नेताओं और कथित अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी की संभावना तेज हो गई है। SSP ने कोर्ट में वादा किया है कि दोषियों को जल्द हिरासत में लिया जाएगा।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने SSP को कठोर शब्दों में फटकार लगाई। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि “नैनीताल केवल पर्यटन स्थल नहीं, यह उच्च न्यायालय का मुख्यालय भी है”। वायरल वीडियो का बचाव करने पर SSP से नाराज़ होकर कोर्ट ने पूछा— “क्या हम अंधे हैं? आपकी पुलिस बल आखिर कर क्या रही थी? शहर में हिस्ट्रीशीटर क्यों खुलेआम घूम रहे थे?”।
चीफ जस्टिस ने यहां तक कह दिया कि SSP अपराधियों का अनुचित तरीके से बचाव कर रहे हैं और सरकारी वकील से सीधे कहा “सरकार से कहिए कि SSP का ट्रांसफर कर दिया जाए”।
Lic Jobs: Vacancy: LIC AE Recruitment 2025: भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने सहायक प्रशासनिक अधिकारी (AAO) जनरलिस्ट, सहायक अभियंता (AE) और AAO विशेषज्ञ पदों पर भर्ती के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 841 रिक्त पदों को भरा जाएगा। LIC के आवेदन पत्र 16 अगस्त 2025 से शुरू चुके हैं। उम्मीदवारों को 8 सितंबर 2025 तक आवेदन पूरा करने की सलाह दी जाती है।
हालांकि, न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 32 वर्ष तय की गई है। अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार आगे लेख में दिए गए विवरणों की जांच कर सकते हैं।
LIC के आवेदन पत्र 16 अगस्त 2025 से शुरू हो गए हैं और उम्मीदवार 8 सितंबर 2025 तक आवेदन कर सकते हैं। एलआईसी अपने नियमों के अनुसार सहायक प्रशासनिक अधिकारी एएओ/एई पद के लिए आयु में छूट प्रदान करता है। अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार नोटिफिकेशन चेक कर सकते हैं।
Betalghat: Police: Election Commission:बेतालघाट क्षेत्र पंचायत चुनाव के दौरान हुई गोलीबारी की घटना पर राज्य निर्वाचन आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
14 अगस्त को प्रमुख और उपप्रमुख के चुनाव के समय बेतालघाट में फायरिंग की गई थी, जिसमें एक ग्रामीण घायल हो गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने के लिए गोलियां चलाई गईं। घटना के बाद पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की और अब तक छह आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने इसे गंभीर चुनावी उल्लंघन माना और अधिकारियों की जवाबदेही तय की। आयोग के संयुक्त सचिव कमलेश मेहता ने आदेश जारी कर भवाली के सीओ प्रमोद कुमार साह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन से की है। साथ ही बेतालघाट के एसओ अनीश अहमद को निलंबित करने तथा उनके विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई शुरू करने की अनुशंसा की गई है।
यह कदम चुनावी माहौल में निष्पक्षता बनाए रखने और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्ती का संकेत माना जा रहा है। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में किसी भी तरह की हिंसा या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हल्द्वानी: लालकुआं बिंदुखत्ता के इंदिरा नगर द्वितीय निवासी छात्र उदय पांडे ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल में कक्षा 9 में प्रवेश प्राप्त किया है। उदय बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहे हैं और अब उन्हें राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल बेंगलुरु में दाखिला मिला है। वे अब तक नैनी वैली सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र रहे हैं।
उदय पांडे के पिता दिनेश चंद्र पांडे और माता हेमा पांडे हैं। बेटे की इस उपलब्धि पर पूरे परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय गणमान्य लोगों और विद्यालय परिवार ने उदय को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल (Rashtriya Military School) देश की उन प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थाओं में से एक है, जो भारतीय सेना के भविष्य के अधिकारियों और अनुशासित नागरिकों को तैयार करने के उद्देश्य से स्थापित किए गए।
स्थापना वर्ष: इस विद्यालय की स्थापना वर्ष 1946 में हुई थी।
पुराना नाम: पहले इसे किंग जॉर्ज VI रॉयल इंडियन मिलिट्री कॉलेज के नाम से जाना जाता था।
परिवर्तन: बाद में इसका नाम बदलकर मिलिट्री स्कूल किया गया और स्वतंत्रता के बाद इसे राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल का दर्जा मिला।
विशेषता: यह विद्यालय भारतीय सेना के अनुशासन, मूल्य और परंपराओं को विद्यार्थियों में विकसित करने के लिए जाना जाता है। यहाँ शिक्षा के साथ-साथ खेल, नेतृत्व क्षमता और चरित्र निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
पूर्व छात्र: इस संस्थान से निकले कई छात्र भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में उच्च पदों पर सेवारत रह चुके हैं।
उदय पांडे का राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल बेंगलुरु में चयन न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। यह विद्यालय देशभक्ति, अनुशासन और श्रेष्ठ शिक्षा का संगम है, और यहाँ प्रवेश मिलना किसी भी छात्र के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
Nainital: Dhari: Bhawana: Block Head: धारी ब्लॉक में राजनीति के मैदान में नया इतिहास रचते हुए 22 वर्षीय भावना ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ब्लॉक प्रमुख का चुनाव जीत लिया है। यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि भावना ने भाजपा प्रत्याशी रेखा आर्या को बेहद कड़े मुकाबले में केवल एक वोट से पराजित किया। भावना जिले की अब तक की सबसे कम उम्र की ब्लॉक प्रमुख बन गई हैं।
धारी ब्लॉक प्रमुख पद के लिए हुए चुनाव में कुल 27 बीडीसी सदस्य शामिल थे। जीत के लिए कम से कम 14 मतों की आवश्यकता थी। अंतिम क्षण तक मुकाबला बेहद रोचक बना रहा। दोनों प्रत्याशियों ने पूरा दमखम लगाया, लेकिन अंततः भावना ने 14 सदस्यों का विश्वास जीतते हुए जीत हासिल की।
भावना शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं। उन्होंने एमएससी और बीएड की डिग्री हासिल की है। इतनी कम उम्र में राजनीति में कदम रखकर उन्होंने साबित किया है कि जुनून और मेहनत से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
जीत दर्ज करने के बाद भावना ने कहा कि उनकी प्राथमिकता धारी ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में विकास कार्य करना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बीडीसी सदस्यों और ग्रामीणों को साथ लेकर क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बुनियादी सुविधाओं पर काम करेंगी।
भावना की जीत न केवल धारी ब्लॉक बल्कि पूरे जिले के लिए चर्चा का विषय बन गई है। इतनी कम उम्र में मिली यह सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा है कि वे भी राजनीति और सामाजिक कार्यों में आगे बढ़कर बदलाव ला सकते हैं। इस ऐतिहासिक जीत के साथ भावना ने साबित किया है कि जज़्बा और ईमानदारी के साथ राजनीति में नई राह बनाई जा सकती है।
Almora: ISI: Mahendra Prasad: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। भैसियाछाना ब्लॉक के प्लयू गांव का रहने वाला महेंद्र प्रसाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करता हुआ पकड़ा गया है। बताया जा रहा है कि वह भारतीय सेना और रक्षा अनुसंधान संगठन (डीआरडीओ) से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां गुप्त तरीके से साझा कर रहा था।
सूत्रों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों को जब इसकी भनक लगी तो तुरंत कार्रवाई की गई और महेंद्र की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी गई। जैसे ही पुख्ता सबूत हाथ लगे, उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई। अब एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि उसके संपर्क में और कौन-कौन लोग थे तथा कहीं यह जासूसी नेटवर्क और बड़ा तो नहीं है।
गांव में जब यह खबर पहुंची तो लोगों में भारी आक्रोश और हैरानी देखी गई। ग्रामीणों ने साफ किया कि उनका महेंद्र से अब कोई लेना-देना नहीं है। जानकारी के मुताबिक, महेंद्र कई साल पहले नौकरी की तलाश में राजस्थान चला गया था। इसके बाद उसने गांव आना-जाना लगभग बंद कर दिया था। इसी वजह से गांव वाले भी उसके बारे में बहुत कम जानते थे।
घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। स्थानीय लोग इसे देश की सुरक्षा के साथ गद्दारी मान रहे हैं। वहीं पुलिस और खुफिया एजेंसियां लगातार उसकी पृष्ठभूमि और संपर्कों को खंगालने में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि देश की सुरक्षा से जुड़ा यह गंभीर मामला है और किसी भी साजिश का पर्दाफाश करने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।