दो वोटर आईडी मामले में कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा को चुनाव आयोग का नोटिस

Pawan Khera: Voter Card: Notice: Election Commission: कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन पर दो अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का आरोप है। इस मामले में नई दिल्ली जिला निर्वाचन कार्यालय ने उन्हें नोटिस जारी कर 8 सितंबर सुबह 11 बजे तक जवाब देने को कहा है। जारी नोटिस में कहा गया है कि पवन खेड़ा का नाम एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में पाया गया है, जो जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत दंडनीय अपराध है।

भाजपा का आरोप

भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने पवन खेड़ा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पास दो मतदाता पहचान पत्र (EPIC) नंबर हैं—एक जंगपुरा विधानसभा क्षेत्र (पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र) में और दूसरा नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र (नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र) में। मालवीय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कांग्रेस को “बड़ी वोट चोर” करार दिया और चुनाव आयोग से इसकी गहन जांच की मांग की। उनका सवाल था कि क्या खेड़ा ने इन दोनों पहचान पत्रों के जरिए कई बार मतदान भी किया है, जो सीधा चुनावी कानून का उल्लंघन होगा।

पवन खेड़ा का पलटवार

वहीं, पवन खेड़ा ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा उन्हें और उनकी पार्टी को निशाना बनाने के चक्कर में चुनाव आयोग की ही कमियों को उजागर कर रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुद मालवीय की पोस्ट से पता चला कि उनके नाम से दूसरा EPIC कार्ड भी मौजूद है।

खेड़ा ने दावा किया कि उन्होंने 2016-17 में दूसरा नाम हटाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन आयोग ने कार्रवाई नहीं की। इसके लिए चुनाव आयोग ही जिम्मेदार है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नेताओं का यह हमला उल्टा आयोग पर ही सवाल खड़े कर गया है।

पवन खेड़ा ने यह भी मांग की कि यह जांच होनी चाहिए कि कहीं दिल्ली में उनके वोट का दुरुपयोग तो नहीं हुआ। उन्होंने कहा—“मुझे सीसीटीवी फुटेज चाहिए कि मेरा वोट कहीं भाजपा को तो नहीं चला गया।”

हल्द्वानी लाइव ब्रेकिंग: नैनीताल जिले में 3 सितंबर को बंद रहेंगे स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र

Nainital: School: Closed: Rain: भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा 2 सितंबर 2025 को जारी किए गए पूर्वानुमान के अनुसार, नैनीताल जिले में 3 सितंबर 2025 को भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इस चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए “अलर्ट” जारी किया है।

पूर्वानुमान के अनुसार, गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और अति तीव्र वर्षा के दौर की भी आशंका बनी हुई है। वर्तमान समय में जिले के पर्वतीय एवं मैदानी क्षेत्रों में कई स्थानों पर लगातार भारी वर्षा हो रही है। इसके चलते नदियों, नालों और गधेरों में तेज जल प्रवाह दर्ज किया जा रहा है। साथ ही, संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन की संभावना भी बनी हुई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र रहेंगे बंद
छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने आदेश जारी किया है कि 3 सितंबर 2025 (सोमवार) को नैनीताल जिले के सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय एवं निजी विद्यालयों (कक्षा 1 से 12 तक) तथा सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय अवकाश रहेगा।

हालांकि, यह आदेश उन आवासीय शैक्षणिक संस्थानों पर लागू नहीं होगा, जहाँ छात्रों के लिए आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हैं।

शिक्षकों और स्टाफ को आवश्यकता अनुसार बुलाया जाएगा
जारी आदेश के अनुसार, विद्यालयों में शिक्षकों और कार्यालय स्टाफ की उपस्थिति अनिवार्य नहीं होगी। उन्हें केवल आवश्यकता पड़ने पर ही संस्थान में बुलाया जा सकेगा।

कड़े निर्देश और कार्रवाई की चेतावनी
मुख्य शिक्षाधिकारी नैनीताल एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि आदेश का कड़ाई से पालन हो। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आदेशों का उल्लंघन होता है, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।

इस प्रकार, भारी बारिश और संभावित आपदाओं को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सतर्कता बरतते हुए आमजन और विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आपदा की घड़ी में प्रभावितों से मिलने पहुंचे,तुरंत जारी किए निर्देश

देहरादून: उत्तराखंड में जारी भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक सच्चे जनसेवक की भूमिका निभाई। कठिन परिस्थितियों की परवाह किए बिना वे हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में आपदा प्रभावित गाँवों तक ट्रैक्टर से पहुँचे और स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया। उनका यह कदम प्रभावित जनता के प्रति उनकी संवेदनशीलता और सेवा भाव को दर्शाता है।

स्थलीय निरीक्षण और प्रभावित परिवारों से संवाद

मुख्यमंत्री धामी ट्रैक्टर के माध्यम से उन जलमग्न और ग्रामीण इलाकों तक पहुँचे जहाँ सामान्य वाहन नहीं पहुँच सकते थे। वहाँ उन्होंने प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और ज़रूरतों की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सरकार इस संकट की घड़ी में हर नागरिक के साथ खड़ी है और किसी भी तरह की कमी राहत कार्यों में नहीं आने दी जाएगी।

अधिकारियों को दिए गए निर्देश

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत और पुनर्वास कार्यों में गति और पारदर्शिता लाई जाए। उन्होंने विशेष रूप से निम्न निर्देश दिए:

राहत शिविरों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए, जिनमें भोजन, पानी, दवाइयाँ और स्वच्छता सुनिश्चित हो।

जिन परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की आवश्यकता है, उन्हें तुरंत शिफ्ट किया जाए।

किसानों को हुई फसल क्षति का त्वरित आंकलन कर मुआवजा प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।

आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य शिविर स्थापित कर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

जनता का विश्वास और सकारात्मक संदेश

मुख्यमंत्री धामी के इस साहसिक और संवेदनशील कदम से स्थानीय जनता में सकारात्मक संदेश गया। प्रभावित लोग राहत महसूस कर रहे हैं कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से समझ रही है और हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री की तत्परता और संवेदनशीलता की खुले दिल से सराहना की।

निरीक्षण के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधि और अधिकारी

इस अवसर पर क्षेत्र के विधायक प्रदीप बत्रा, हरिद्वार के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित अन्य जिला प्रशासन के अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने मिलकर आपदा राहत कार्यों को गति देने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने का संकल्प लिया।

देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर समेत 7 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी

Uttarakhand: Weather Update: उत्तराखंड मौसम विभाग ने बुधवार, 03 सितम्बर 2025 के लिए भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। देहरादून, उत्तरकाशी, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, चम्पावत और बागेश्वर जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इन जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है, जिससे भूस्खलन, सड़क अवरोध और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रहेगा। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने भी जिला प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने और आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड का दर्द: बारिश और पहाड़ों के बीच शव को कंधे पर उठाकर घर लाए ग्रामीण

Uttarakhand: Pithoragarh: पिथौरागढ़ जिले के सीमांत मंच क्षेत्र से एक बार फिर सड़क सुविधा की कमी की हृदय विदारक तस्वीर सामने आई है। यहां एक बुजुर्ग के निधन के बाद शव को वाहन से सिर्फ मंच तक लाया जा सका, लेकिन आगे 12 किलोमीटर लंबा सफर ग्रामीणों को कंधे पर तय करना पड़ा।

रूइया ग्राम पंचायत के खटगिरी तोक निवासी 65 वर्षीय संतोष सिंह पिछले कुछ दिनों से बीमार थे और जिला अस्पताल में भर्ती थे। सोमवार को घर लौटते वक्त रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। वाहन से शव को मंच तक लाया गया, इसके बाद ग्रामीणों ने पन्नी में लपेटकर डंडे से बांधते हुए बारिश और फिसलन भरे पहाड़ी रास्तों पर कंधे पर उठाकर गांव तक पहुंचाया। इस दौरान लगभग चार घंटे लगे।

ग्रामीण प्रेम सिंह, गणेश, हिमांशु, बचन सिंह, रवींद्र, राजन सिंह, श्याम सिंह, केशव सिंह और अमित ने बताया कि सड़क न होने से मरीज, गर्भवती महिलाएं और अब शव तक कंधे पर ढोना उनकी मजबूरी बन गई है। यह समस्या वर्षों से जस की तस बनी हुई है।

मृतक के दोनों बेटे बाहर नौकरी करते हैं और मंगलवार को उनके गांव लौटने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। बताया जा रहा है कि 2003 से प्रस्तावित इस सड़क का निर्माण आज तक शुरू नहीं हो पाया है, हालांकि हाल ही में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सर्वे दोबारा शुरू किया गया है।

उत्तराखंड में तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए 13 महिलाएं चुनी गईं

Uttarakhand: Teelu Rauteli Award: उत्तराखंड सरकार ने इस साल प्रतिष्ठित तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए प्रदेशभर से 13 महिलाओं का चयन किया है। यह सम्मान 4 सितंबर को आईआरडीटी सभागार में आयोजित होने वाले समारोह में प्रदान किया जाएगा।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि चयनित महिलाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। इसके साथ ही 33 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी राज्य स्तरीय सम्मान दिया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने अपनी क्षमता से बढ़कर काम करते हुए समाज और प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं को सशक्त करना सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

नैनीताल में बारिश ने तोड़े पुराने रिकॉर्ड, ज्योलीकोट–भवाली मार्ग समेत कुल 27 मार्ग बंद

Nainital: Rain: Alert: Road Closed: नैनीताल ज़िले में बीते 24 घंटों से हो रही लगातार भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नैनीताल द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार ज़िले की सभी तहसीलों में वर्षा हो रही है।

वर्षा का विवरण (01 सितम्बर से 02 सितम्बर सुबह 08 बजे तक)

नैनीताल – 174.0 मिमी

हल्द्वानी – 98.0 मिमी

लालकुआँ – वर्षा उपलब्ध नहीं

कालाढूंगी – 21.2 मिमी

रामनगर – 46.0 मिमी

धारी – 105.5 मिमी

भीमताल – वर्षा उपलब्ध नहीं

बेतालघाट – 85.0 मिमी

ओखलकांडा (खनस्यूँ) – 98.0 मिमी

चोरगलिया – 104.5 मिमी

सड़क मार्गों की स्थिति

भारी वर्षा और भूस्खलन के कारण ज़िले में 01 राष्ट्रीय राजमार्ग, 04 राज्य मार्ग, 02 प्रमुख जिला मार्ग और 20 ग्रामीण मार्ग बंद हो गए हैं। इनमें शामिल हैं:

ज्योलीकोट–भवाली मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग)

भवाली–नैनीताल–गोड़ियाखाल मार्ग (प्रांतीय मार्ग)

कालाढूंगी–रामनगर मार्ग (राज्य मार्ग)

हल्द्वानी–कालाढूंगी मार्ग (राज्य मार्ग)

हल्द्वानी–भवाली मार्ग (राज्य मार्ग)

खैरना–धुरा–रामगढ़ मार्ग (ग्रामीण मार्ग)

ओखलकांडा–भल्यूटा–धनाचूली मार्ग (ग्रामीण मार्ग)

भवाली–रामगढ़–ताड़ीखेत मार्ग (राज्य मार्ग)

रानीखेत–सुवाखान–भवाली मार्ग (राज्य मार्ग)

भवाली–ज्योलीकोट–धारी–सतखोली मार्ग (ग्रामीण मार्ग)

रामगढ़–नैनीताल मार्ग (ग्रामीण मार्ग)

भवाली–दुगई–हरतोला मार्ग (ग्रामीण मार्ग)

ताड़ीखेत–रामगढ़–भवाली मार्ग (ग्रामीण मार्ग)

नैनीताल–काफलतढ़ी मार्ग (PMGSY काफलतढ़ी)

ज्योलीकोट–भवाली–मुक्तेश्वर मार्ग (ग्रामीण मार्ग)

द्वाराहाट–महतोली मार्ग (ग्रामीण मार्ग)

रामनगर–धूमाकोट–कालागढ़–आठखान मार्ग (राज्य मार्ग 62)

भवाली–सुयालबाड़ी मार्ग (ग्रामीण मार्ग)

लोसी–भवाली–रामगढ़ मार्ग (PMGSY एग्जीक्यूटिव)

अल्मोड़ा–रामगढ़–भवाली मार्ग (ग्रामीण मार्ग)

कालाढूंगी–सुवाखान मार्ग (ग्रामीण मार्ग)

भवाली–ताड़ीखेत मार्ग (ग्रामीण मार्ग)

ज्योलीकोट–सुवाखान मार्ग (प्रांतीय खंड नैनीताल–103)

सितारगंज–नैनीताल मार्ग (मुख्य जिला मार्ग)

रामगढ़–धूमाकोट मार्ग (ग्रामीण मार्ग)

कालाढूंगी–भीमताल मार्ग (अस्थाई खंड भवाली)

कालाढूंगी–देवला मार्ग (PMGSY हल्द्वानी)

विद्युत और पेयजल की स्थिति

हेड़ाखान और ओखलकांडा क्षेत्र के टीचर बखरखेत, माजखेत, स्यालकोट, पोखरिया क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित है।

पेयजल योजना रामनगर, शेर नाला एवं सूर्या नाला, कोश्या कुटोली क्षेत्र की नालों में पानी का बहाव तेज़ होने के कारण प्रभावित हुई है।

नदियों/नालों की स्थिति

गोला नदी का जलस्तर 62,302 क्यूसेक पर पहुँच गया है।

कोशी नदी का जलस्तर 31,386 क्यूसेक पर है।

धमोला नदी का जलस्तर 12,128.68 क्यूसेक पर दर्ज किया गया है।

तीनों नदियों का जलस्तर सामान्य से अधिक बह रहा है और कई स्थानों पर खतरे के निशान के पास है।

प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भारी वर्षा और सड़क बंद होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचें। नदियों और नालों के किनारे न जाएँ और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। आपदा प्रबंधन केंद्र ने जानकारी दी है कि मार्गों को खोलने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

बारिश और आपदा के बीच यूपीसीएल की तैयारी, सभी जिलों में टीमें तैनात

Uttarakhand: उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलधार बारिश और खराब मौसम को देखते हुए उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित किया है। विद्युत आपूर्ति बनाए रखने और उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए सभी जिलों में डिजास्टर रिस्पांस टीमें तैनात कर दी गई हैं।

यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने सभी फील्ड स्टाफ और इंजीनियरों को उच्च सतर्कता मोड में काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिकूल मौसम में बिजली आपूर्ति को सुचारू रखना चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन कंपनी इसके लिए पूरी तरह तैयार है। सभी अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार गश्त और निरीक्षण कर रहे हैं। किसी भी विद्युत अवरोध, पोल गिरने या तार टूटने की स्थिति में तुरंत मुख्यालय और नियंत्रण कक्ष को सूचना दी जा रही है।

एमडी ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि भारी वर्षा के दौरान विशेष सतर्कता बरतें। गिरे हुए पोल या टूटे तारों से दूर रहें और उन्हें छूने या हटाने की कोशिश न करें। विद्युत संबंधी किसी भी समस्या या आपदा की स्थिति में तुरंत यूपीसीएल के टोल-फ्री नंबर 1912 या नजदीकी बिजली घर से संपर्क करें। साथ ही गीले हाथों से बिजली उपकरणों का इस्तेमाल न करने की सलाह भी दी गई है।

यूपीसीएल ने स्पष्ट किया है कि सभी लाइन स्टाफ और फील्ड इंजीनियर सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अनिवार्य रूप से करेंगे। बारिश, आंधी और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल करने के दौरान पूरी सावधानी बरती जाएगी। सभी नियंत्रण कक्ष और उपकेंद्र उपभोक्ताओं को तुरंत सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं।

नैनीताल जा रही टैक्सी पर गिरा विशाल बोल्डर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी थे सवार !

Nainital Highway: Taxi: Bolder: Rain: बरसात का मौसम पहाड़ों में हमेशा खतरनाक साबित होता है। नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग पर बीते दिन ऐसा ही एक हादसा होते-होते टल गया। हल्द्वानी से नैनीताल की ओर जा रही एक टैक्सी में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कुछ लोग सफर कर रहे थे। जैसे ही वाहन दो गांवों के बीच के मोड़ पर पहुँचा, अचानक पहाड़ से विशाल बोल्डर टूटकर सीधे टैक्सी पर आ गिरा।

बोल्डर वाहन के बोनट पर गिरा, जिससे गाड़ी का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। घटना इतनी अचानक हुई कि यात्रियों की सांसें थम गईं, लेकिन सौभाग्य से सभी यात्री सुरक्षित रहे और किसी को चोट तक नहीं आई। हादसे के बाद स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और वाहन को सुरक्षित स्थान पर हटाने में मदद की।

कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात बाधित हो गया, जिससे लंबी कतारें लग गईं। बाद में पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को संभाल लिया। एडीएम नैनीताल विवेक राय ने यात्रियों को बरसात के दिनों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि अनावश्यक यात्रा से बचना ही सबसे सुरक्षित उपाय है। यह घटना पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय सतर्कता और धैर्य की अहमियत को फिर से याद दिलाती है।

नैनीताल की बेटियां बनीं लखपति, पहाड़ी उत्पादों की बढ़ी डिमांड

Bhimtal: नैनीताल जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूह अब आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रहे हैं। सरकारी योजनाओं के सहयोग से महिलाएं स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाकर स्वरोजगार से जुड़ रही हैं।

जिले की 13,303 महिलाएं ‘लखपति दीदी योजना’ में शामिल होकर हर साल एक लाख से पांच लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। ये महिलाएं जैम, जेली, अचार, जूस, हस्तशिल्प, पहाड़ी दालें, ऐपण कला, पेंटिंग, सिलाई और बुनाई जैसे पारंपरिक और आधुनिक उत्पाद तैयार कर रही हैं।

ब्लॉकवार आंकड़ों के अनुसार, भीमताल से 1,029, बेतालघाट से 1,813, धारी से 936, हल्द्वानी से 1,407, कोटाबाग से 3,161, ओखलकांडा से 788, रामगढ़ से 1,828 और रामनगर ब्लॉक से 2,341 महिलाएं इस योजना का हिस्सा बनी हैं।

एपीडी चंद्रा फर्त्याल ने बताया कि एनआरएलएम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। पहाड़ी उत्पादों की बिक्री से न सिर्फ महिलाओं की आमदनी बढ़ रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।