क्वारब पहाड़ी पर पहली बार लागू होगी बर्म तकनीक, तीन दिन में पूरा होगा काम

Uttarakhand: Almora: उत्तराखंड के राष्ट्रीय राजमार्ग-109 पर स्थित क्वारब क्षेत्र की पहाड़ी, जो अक्सर मलबा गिरने की वजह से सुर्खियों में रहती है, अब एक नई तकनीक के जरिए राहत देने जा रही है। इस बार पारंपरिक उपायों की जगह ‘बर्म तकनीक’ का इस्तेमाल किया जा रहा है।

राष्ट्रीय राजमार्ग खंड रानीखेत के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि इस तकनीक के तहत पहाड़ी पर सीढ़ीनुमा मेड़ें बनाई जाएंगी। खेतों की मेड़ जैसी इन संरचनाओं से बारिश का पानी सीधे सड़क पर न आकर धीरे-धीरे नीचे की ओर बहेगा। इससे मिट्टी और पत्थर मेड़ों में ही रुक जाएंगे और सड़क पर मलबा आने की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि काम को तीन दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद मार्ग पर यातायात बिना रुकावट संचालित किया जा सकेगा। अब तक इस क्षेत्र में हर बरसात के दौरान घंटों तक सड़क बंद रहती थी, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।

सड़क तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, बर्म तकनीक न केवल किफायती है बल्कि पर्वतीय इलाकों में मलबा नियंत्रण के लिए स्थायी समाधान भी साबित हो सकती है। यदि यह प्रयोग सफल रहा, तो इसे राज्य के अन्य संवेदनशील मार्गों पर भी लागू करने पर विचार किया जाएगा।

करीब एक साल से लगातार क्वारब की पहाड़ी से मलबा गिरना बड़ी चुनौती बनी हुई थी। ऐसे में यह पहल सड़क सुरक्षा और यातायात सुगमता की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

हल्द्वानी में वीजा के नाम पर ठगी, बेटी को ऑस्ट्रेलिया भेजना चाहते थे पिता !

Uttarakhand News: Haldwani: IAS Deepak Rawat: हल्द्वानी स्थित कैम्प कार्यालय में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम के दौरान आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री, दीपक रावत, ने जनता द्वारा रखे गए विभिन्न प्रकरणों पर सुनवाई की और कई मामलों में मौके पर ही समाधान किया।

कार्यक्रम में वीज़ा धोखाधड़ी से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया, जिसमें एक व्यक्ति अपनी पुत्री को ऑस्ट्रेलिया भेजना चाहता था और एजेंट ने उससे आठ लाख रुपये लिए। वीज़ा अस्वीकृत हो जाने के बाद भी एजेंट ने धनराशि वापस नहीं की। आयुक्त ने ऐसे एजेंटों को सख्त चेतावनी दी कि वे आमजन को इस प्रकार ठगने का प्रयास न करें। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे सतर्क रहें और वीज़ा प्रक्रिया से संबंधित समस्त जानकारी तथा अनुमानित खर्च इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध है, जिसे देखकर ही कोई निर्णय लें।

खैरना क्षेत्र का एक गंभीर सड़क दुर्घटना प्रकरण सामने आया जिसमें एक महिला और उसका सात वर्षीय पुत्र सड़क पर जा रहे थे, तभी सामने से आ रहे बाइक सवार ने अचानक लेन बदलते हुए उन्हें टक्कर मार दी। दुर्घटना में महिला घायल हो गई और पुत्र की मृत्यु हो गई। आयुक्त ने ऐसे मामलों में सख्त से सख्त कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही, दोषी को पीड़ित परिवार को प्रतिमाह पाँच हजार रुपये, इलाज का खर्च और बाइक के बीमा की धनराशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इसी प्रकार ऊधम सिंह नगर के सिरौली कलां गाँव में गिरवी भूमि की बिक्री का मामला सामने आया जिसमें गिरवी का उल्लेख किये बिना धोखाधड़ी कर भूमि की बिक्री कर दी गई थी। इस प्रकरण को अत्यंत गंभीर मानते हुए आयुक्त ने तत्काल संज्ञान लिया और मौके पर ही न्याय दिलाते हुए धनराशि वापस कराई गई। इस प्रकार की समस्याओं में आमतौर पर लम्बी प्रक्रिया लगती है, किंतु जनता मिलन कार्यक्रम के दौरान त्वरित सुनवाई कर शिकायत का निस्तारण किया गया।

हल्द्वानी की लो॰नि॰वि॰ की सड़क पर अतिक्रमण कर दुकानों का संचालन किए जाने की शिकायत पर भी संज्ञान लिया गया। लोक निर्माण विभाग को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

इसी दौरान लो॰नि॰वि॰ के वरिष्ठ अभियंता ने अवगत कराया कि नैनीताल ज़िले में वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों के लगभग 428 किलोमीटर पैचवर्क हेतु निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। अनुबंध प्रक्रिया पूरी कर, अन्य कार्य भी इस सप्ताह आरंभ कर दिए जाएंगे। अभियंता ने आश्वस्त किया कि पैचवर्क का कार्य एक माह के भीतर पूर्ण कर लिया जाएगा।

जनसुनवाई में पिथौरागढ, चम्पावत एवं अल्मोडा के लगभग 30 निवासियों ने बताया कि उनके द्वारा रूद्रपुर में कालोनाईजर से प्लॉट लिये गए थे लेकिन कालोनाईजर द्वारा कोई विकास नहीं किया और ना कालोनाइजर द्वारा नक्शा पास किया गया। जिस पर आयुक्त ने कालोनाइजर सतपाल यादव को आगामी जनसुनवाई में कार्यालय में तलब किया है।

इसके अतिरिक्त भूमि धोखाधड़ी, संपत्ति विवाद तथा पारिवारिक मुद्दों से संबंधित अनेक प्रकरणों की भी सुनवाई की गई। कुछ मामलों में तत्काल समाधान उपलब्ध कराया गया, जबकि शेष मामलों के निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

आयुक्त ने कहा कि जनता मिलन कार्यक्रम का उद्देश्य जनता की समस्याओं का शीघ्र और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि वे आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और उनका समयबद्ध समाधान करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब आमजन अपनी समस्याओं को लेकर अधिकारी के पास पहुँचते हैं तो उनका समाधान करना अधिकारी का दायित्व और कर्तव्य दोनों है।

बारिश के चलते बंद हुई रोड,उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी की परीक्षा देने हेलीकॉप्टर से पहुंचे चार छात्र

देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में हाल की भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। जगह-जगह सड़कें बंद हैं और मलबा गिरने से यातायात पूरी तरह ठप हो चुका है। इन्हीं परिस्थितियों में राजस्थान से आए चार छात्र—उमरम जाट, मगराम जाट, प्रकाश गोदारा जाट और लकी चौधरी—को अपनी बीएड परीक्षा तक पहुँचने में बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा।

ये छात्र उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी, हल्द्वानी से पढ़ाई कर रहे हैं। परीक्षा का केंद्र हल्द्वानी में था और मुनस्यारी से वहाँ तक की दूरी लगभग 280 किलोमीटर है। सामान्य हालात में यह सफर करीब 10 घंटे में पूरा हो जाता, लेकिन लगातार बंद रास्तों और बाधित यातायात के कारण यात्रा असंभव लग रही थी। टैक्सी चालक भी इन परिस्थितियों में जाने से हिचकिचा रहे थे, जिससे छात्रों की सालभर की मेहनत दांव पर लगती दिखी।

ऐसे में किसी ने उन्हें हेरिटेज एविएशन की हेलीकॉप्टर सेवा की जानकारी दी। चारों ने आपस में विचार कर जोखिम उठाने का निर्णय लिया। करीब 25 से 30 मिनट की उड़ान के बाद छात्र सीधे परीक्षा केंद्र पहुँच गए। उमरम जाट ने बताया कि उन्हें लगा था अब परीक्षा देना संभव नहीं होगा, लेकिन हेलीकॉप्टर उनकी आखिरी उम्मीद बन गया। वहीं लकी चौधरी ने कहा कि भले ही यह महंगा पड़ा, पर संतोष है कि साल बर्बाद नहीं हुआ।

उत्तराखंड में 2100 बेसिक शिक्षकों की भर्ती को लेकर आया अपडेट

Uttarakhand: उत्तराखंड सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग में बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, जल्द ही प्राथमिक शिक्षक सेवा नियमावली में संशोधन पूरा होने के बाद ज़िलावार स्तर पर 2100 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शुक्रवार को राजभवन में आयोजित शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में यह जानकारी साझा की।

मंत्री ने कहा कि नई नियुक्तियों से हर सरकारी बेसिक स्कूल में कम से कम दो शिक्षक सुनिश्चित हो जाएंगे। इसके साथ ही 2815 प्रवक्ता पदों पर एलटी शिक्षकों को अंतरिम पदोन्नति दी जाएगी। हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक के 830 खाली पदों को भी वरिष्ठ एलटी और प्रवक्ता कैडर से पदोन्नति के माध्यम से भरा जाएगा। सरकार इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए हाईकोर्ट में अपील दायर करने की तैयारी कर रही है।

स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी कार्रवाई का जिक्र करते हुए मंत्री ने बताया कि लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे 234 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इसके अलावा 55 और चिकित्सकों की सेवाएं खत्म करने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।

हल्द्वानी रामलीला मैदान के पास मिला शव,सोने की कारीगरी का काम करता था सुभाष

हल्द्वानी: रामलीला मैदान के पास गुरुद्वारा के पीछे स्थित जगन्नाथ गली में शनिवार को एक खाली प्लॉट से युवक का शव बरामद हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान सुभाष, निवासी कलकत्ता के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह हल्द्वानी में सोने की कारीगरी का काम करता था। फिलहाल शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस मौत के कारणों की जांच में जुटी हुई है।

केदारनाथ हेमकुंड साहिब रोपवे प्रोजेक्ट को मंजूरी

Uttarakhand: Kedarnath Hemkund Ropeway Project:  उत्तराखंड में धार्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए बड़ी पहल की जा रही है। राज्य सरकार जल्द ही रुद्रप्रयाग के सोनप्रयाग से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे निर्माण का कार्य शुरू करने जा रही है। इसके लिए सचिवालय में राष्ट्रीय राजमार्ग लॉजिस्टिक्स प्रबंधन लिमिटेड (NHLML) और पर्यटन विभाग के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इन रोपवे परियोजनाओं से जहां श्रद्धालुओं की यात्रा सुविधाजनक होगी, वहीं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नया बल मिलेगा। उन्होंने बताया कि समझौते के तहत NHLML की 51 प्रतिशत और राज्य सरकार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। इसके साथ ही निवेश की 90 प्रतिशत राशि पर्यटन, परिवहन और गतिशीलता से जुड़े क्षेत्रों पर खर्च की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने वाला कदम बताते हुए कहा कि इस परियोजना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण के प्रयास भी मजबूत होंगे।

जानकारी के अनुसार, सोनप्रयाग से केदारनाथ के बीच 12.9 किलोमीटर लंबे रोपवे का निर्माण लगभग 4100 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा, जबकि गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक 12.4 किलोमीटर लंबे रोपवे के लिए करीब 2700 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन परियोजनाओं से केदारनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा में काफी सहूलियत मिलेगी।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने भी इस समझौते को प्रदेश के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि स्थानीय लोगों के लिए यह रोजगार और आर्थिक विकास का नया द्वार खोलेगा।

गौरतलब है कि राज्य में रोपवे के साथ-साथ सड़कों के विस्तार पर भी तेजी से काम हो रहा है। चारधाम ऑल वेदर रोड, दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड, हल्द्वानी बाईपास, काठगोदाम-लालकुंआ मार्ग सहित कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं भी धरातल पर उतर रही हैं।

नैनीताल हाईकोर्ट ने BCCI और CAU से मांगा जवाब, पूर्व उपाध्यक्ष ने लगाया टेंडर में धांधली का आरोप

Uttarakhand: UPL 2025: उत्तराखंड प्रीमियर लीग क्रिकेट 2025 शुरू होने से पहले ही विवाद खड़ा हो गया है। नैनीताल हाईकोर्ट में इस टूर्नामेंट को लेकर एक याचिका दायर की गई, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने बीसीसीआई और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (सीएयू) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

दरअसल, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के पूर्व उपाध्यक्ष सुरेंद्र भंडारी ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया है कि लीग का ठेका बिना पारदर्शिता के एक ही कंपनी के मालिक को दे दिया गया, जो नियमों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया को सार्वजनिक नहीं किया गया और बोर्ड के हितों से समझौता कर लिया गया।

याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया कि बीसीसीआई द्वारा 2019 से अब तक सीएयू को 22 करोड़ रुपये से अधिक का फंड मिला, लेकिन इस राशि का सही उपयोग खिलाड़ियों और खेल सुविधाओं पर नहीं किया गया। आरोप है कि खिलाड़ियों को टूर्नामेंट में बेहतर सुविधा देने की बजाय उनका पेट केले और पानी से भर दिया गया।

सुरेंद्र भंडारी ने कहा कि उत्तराखंड प्रीमियर लीग के आयोजन से बोर्ड को करीब दो करोड़ रुपये मिलने थे, लेकिन उसे भी माफ कर दिया गया। साथ ही, फ्रेंचाइजी कंपनियों के विज्ञापन से होने वाली आय को भी नजरअंदाज कर दिया गया।

इस मामले पर मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने बीसीसीआई, सीएयू और उसके पदाधिकारियों से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और पूरे मामले की जांच जरूरी है।

देहरादून में नकली शादी का कार्ड वायरल, हिंदू संगठनों ने शुरू किया विरोध !

Uttarakhand: Fake Wedding Invitation: देहरादून से एक चौंकाने वाला मामला चर्चा में है। शहर में 6 सितंबर को आयोजित होने वाली एक फर्जी शादी का निमंत्रण पत्र तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह कार्ड अंग्रेजी में छपवाया गया है और इसे देखने में बिल्कुल असली शादी का निमंत्रण माना जा सकता है। इसमें शीर्षक दिया गया है – “सबसे मजेदार नकली शादी।”

मिली जानकारी के अनुसार यह आयोजन राजधानी के एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान की ओर से किया जा रहा है। जैसे ही निमंत्रण वायरल हुआ, कई संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना है कि भारतीय संस्कृति और शादी जैसे पवित्र संस्कार का मजाक बनाया जा रहा है। मामले को गंभीरता से देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। आयोजकों को साफ चेतावनी दी गई है कि अगर किसी की भावनाएं आहत हुईं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्यक्रम की खासियत यह है कि इसमें न दूल्हा होगा और न ही दुल्हन। इसके बावजूद बारात और शादी जैसी पूरी पार्टी की थीम रखी गई है। आयोजकों ने युवक-युवतियों के लिए ड्रेस कोड तय किया है—युवकों को कुर्ता और युवतियों को पारंपरिक परिधान पहनने के साथ हाथों में मेहंदी लगाकर आना होगा। इस पार्टी में शामिल होने के लिए 1001 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस रखी गई है।

हिंदू संगठनों का कहना है कि देवभूमि उत्तराखंड में इस तरह का आयोजन परंपराओं और धार्मिक भावनाओं का अपमान है। उनका मानना है कि शादियां भारतीय संस्कृति में सिर्फ एक रस्म नहीं बल्कि संस्कार हैं और ऐसे आयोजनों से इसकी गरिमा कम होती है।

फेक वेडिंग का यह चलन पहले दिल्ली, मुंबई, गोवा और बेंगलुरु जैसे महानगरों में देखा गया है, जहां इसे मनोरंजन और मस्ती के तौर पर आयोजित किया जाता है। यहां मेहंदी, संगीत, ढोल-नगाड़े जैसे सभी रस्में पूरी तरह निभाई जाती हैं, फर्क सिर्फ इतना होता है कि इसमें असली दूल्हा-दुल्हन की जगह सिर्फ मेहमान पार्टी का आनंद लेते हैं। इन कार्यक्रमों में एंट्री फीस 1500 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक होती है और महंगे टिकट लेने वालों को खास सुविधाएं दी जाती हैं। अब यह ट्रेंड धीरे-धीरे देहरादून जैसे शहरों तक पहुंचने लगा है।

फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और आयोजन की हर जानकारी खंगाल रही है। विरोध और विवाद को देखते हुए इस नकली शादी का आयोजन होगा या नहीं, यह अब प्रशासन की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।

मौसम सुधरते ही शुरू हुई बदरीनाथ यात्रा, श्रद्धालुओं में उत्साह

लगातार पांच दिनों तक मानसून की मार झेलने के बाद आखिरकार चमोली जिले में मौसम ने राहत दी है। मौसम साफ होते ही प्रशासन ने बदरीनाथ धाम की यात्रा पर लगी रोक हटा दी। सुबह से ही धूप खिलने और हाईवे सुचारु रहने के बाद ज्योतिर्मठ, चमोली और पीपलकोटी सहित विभिन्न पड़ावों में रुके 500 से अधिक यात्रियों को प्रशासन की देखरेख में बदरीनाथ धाम रवाना किया गया। बारिश थमने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली और सुरक्षित यात्रा के लिए प्रशासन का आभार जताया।

हालांकि हेमकुंड साहिब यात्रा पर अभी भी आम यात्रियों को अनुमति नहीं दी गई है। ट्रस्ट और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा को देखते हुए यात्रियों को रोकना आवश्यक है। फिलहाल केवल स्थानीय लोग ही हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के दर्शन कर पाए हैं। गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के सीईओ सरदार सेवा सिंह ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए यात्रा की अनुमति फिलहाल स्थगित रहेगी।

प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जैसे ही परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल होंगी, हेमकुंड साहिब यात्रा भी पुनः शुरू की जाएगी।

काठगोदाम से चलने वाली संपर्क क्रांति ट्रेन पुरानी दिल्ली के बजाए आनन्द विहार जाएगी

Sampark Kranti: Haldwani: Delhi: Railway Update: दिल्ली-यमुना ब्रिज सं0 249 पर वर्षा का पानी खतरे के निशान से उपर आ जाने के कारण संरक्षा को ध्यान में रखते हुए गाड़ियों का मार्ग परिवर्तन एवं टर्मिनल चेन्ज निम्नवत किया जा रहा है।

मार्ग परिवर्तन-

उदयपुर सिटी से 06 सितम्बर, 2025 को चलने वाली 19601 उदयपुर सिटी-न्यूजलपाईगुडी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग दिल्ली सराय रोहिल्ला-नई दिल्ली-साहिबाबाद के रास्ते चलाई जायेगी।

लालगढ़ 05 सितम्बर, 2025 को चलाई गयी 15910 लालगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग दिल्ली किशनगंज-नई दिल्ली-साहिबाबाद के रास्ते चलाई जायेगी।

किशनगंज से 05 सितम्बर, 2025 को चलाई गयी 15715 किशनगंज़-अजमेर एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग दिल्ली साहिबाबाद-नई दिल्ली-दिल्ली सराय रोहिल्ला के रास्ते चलाई जायेगी।

टनकपुर से 05 सितम्बर, 2025 को चलाई गयी 15092 टनकपुर-दौराई एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग साहिबाबाद-नई दिल्ली-दिल्ली सराय रोहिल्ला के रास्ते चलाई जायेगी।

काठगोदाम से 05 सितम्बर, 2025 को चलाई गयी 15014 काठगोदाम-जैसलमेर एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग साहिबाबाद-नई दिल्ली-दिल्ली के रास्ते चलाई जायेगी।

आजमगढ़ से 05 सितम्बर, 2025 को चलाई गयी 12225 आजमगढ़-दिल्ली एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग साहिबाबाद-नई दिल्ली-दिल्ली के रास्ते चलाई जायेगी।

उदयपुर सिटी से 06 सितम्बर, 2025 को चलने वाली 19601 उदयपुर सिटी-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग दिल्ली सराय रोहिल्ला-नई दिल्ली-सहिबाबाद के रास्ते चलाई जायेगी।

टर्मिनल परिवर्तन-

काठगोदाम से 06 सितम्बर, 2025 को चलने वाली 15036 काठगोदाम़़-दिल्ली एक्सप्रेस दिल्ली के स्थान पर आनन्द विहार जायेगी।