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Chamoli News: Disaster: चमोली जिले के नगर पंचायत नंदानगर के वार्ड कुन्तरि लगाफाली में भारी वर्षा के चलते मलबा आने से बड़ा हादसा हो गया। घटना में छह मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। प्रारंभिक सूचना के अनुसार पांच लोग लापता हैं, जबकि दो लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। एसडीआरएफ की टीम नंदप्रयाग पहुंच चुकी है, वहीं एनडीआरएफ की टीम भी गोचर से नंदप्रयाग के लिए रवाना हो गई है।
मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) ने बताया कि मौके पर मेडिकल टीम और तीन 108 एम्बुलेंस भेज दी गई हैं ताकि घायलों को तुरंत उपचार मिल सके।
Uttarakhand: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में राजकीय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने मुलाकात कर अपनी विभिन्न मांगों को उनके समक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि मांगों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने सचिव कार्मिक की अध्यक्षता में सचिव शिक्षा, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा तथा राजकीय शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों के साथ एक सप्ताह के अन्दर बैठक करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकीय शिक्षक संघ के मांग पत्र के नियमों के आलोक में अग्रेतर कार्यवाही कार्यवाही की जाए।
Asian Cup 2025: PAK vs UAE: एशिया कप 2025 के 10वें मुकाबले में पाकिस्तान का सामना आज संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से होगा। यह मैच दुबई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में रात 9 बजे से शुरू होगा। मैच से पहले खबरें आई थीं कि पाकिस्तानी टीम निर्धारित समय तक अपने होटल से बाहर नहीं निकली थी, जिससे कयास लगाए जाने लगे थे कि टीम मैच का बहिष्कार कर सकती है।
हालांकि, अब पुष्टि हो गई है कि पाकिस्तान टीम इस मुकाबले में भाग लेगी। टीम को स्टेडियम पहुंचने का निर्देश मोहसिन नकवी ने जारी किया, जिसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा की। वहीं यूएई की टीम ने टॉस जीत कर बोलिंग करने का फैसला लिया है ।
इससे पहले एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारतीय खिलाड़ियों द्वारा हाथ न मिलाने की घटना के कारण पाकिस्तान टीम नाराज़ थी और उन्होंने आईसीसी को पत्र लिखकर मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट को हटाने की मांग की थी। आईसीसी ने यह मांग खारिज कर दी, और अब पायक्रॉफ्ट ही यूएई के खिलाफ मैच का रेफरी बनाए गए हैं।
खास बात यह है कि अगर पाकिस्तान टीम आज मैच नहीं खेलती, तो यूएई सीधे सुपर-4 में प्रवेश कर जाती । पाकिस्तान को अपने पिछले मुकाबले में भारत के हाथों हार का सामना करना पड़ा था, जबकि यूएई ने अपने पिछले मैच में ओमान को हराया था। ऐसे में आज का मैच किसी नॉकआउट मुकाबले से कम नहीं है। जीतने वाली टीम सुपर-4 में प्रवेश करेगी, वहीं हारने वाली टीम का अभियान समाप्त हो जाएगा।
Uttarakhand News: Jubin Nautiyal: बॉलीवुड के मशहूर गायक जुबिन नौटियाल ने हाल ही में उत्तराखंड में आई विनाशकारी आपदा पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपने संदेश में राज्यवासियों के प्रति संवेदनाएं प्रकट करते हुए लिखा कि “वे पहाड़ और नदियाँ जिन्होंने हमें जीवन और आशीर्वाद दिया, आज वे कठिन परिस्थितियों का सामना कर रही हैं। मेरी संवेदनाएं उन सभी परिवारों के साथ हैं जो इस कठिन समय में दुख और क्षति झेल रहे हैं।”
जुबिन ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि इस संकट की घड़ी में उत्तराखंड को सिर्फ प्रार्थनाओं की ही नहीं बल्कि हमारे प्यार, एकजुटता और सामूहिक शक्ति की भी आवश्यकता है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे आपसी सहयोग और एकजुटता के साथ इस चुनौती का सामना करें।

साथ ही, गायक ने सरकार से अनुरोध किया कि वे इस आपदा की गंभीरता को समझते हुए तुरंत प्रभावी कार्रवाई करें, प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और उन्हें हर संभव मदद प्रदान करें। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता हमेशा से धैर्य और आस्था की मिसाल रही है, और इस विपत्ति से बाहर आने की शक्ति उनमें मौजूद है।
जुबिन नौटियाल का यह संदेश न केवल पीड़ितों के लिए सांत्वना का स्रोत है, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच एकता और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा देता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आपदा की इस चुनौतीपूर्ण घड़ी में हर नागरिक को मिलकर काम करना होगा और राज्य को फिर से स्थिर और सुरक्षित बनाना होगा।
Pakistan: Asia Cup: एशिया कप का दसवां मुकाबला आज दुबई में पाकिस्तान और मेजबान यूएई के बीच खेला जाना था। लेकिन मैच से ठीक पहले पाकिस्तान ने मैदान पर उतरने से इंकार कर दिया। इसके चलते पाकिस्तान को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया और यूएई को वॉकओवर मिल गया। इस जीत के साथ मेजबान टीम ने दो अंक हासिल करते हुए सुपर-4 में जगह बना ली।
दरअसल, भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को हुए मैच के बाद विवाद खड़ा हो गया था। उस मैच में भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी टीम से हाथ मिलाने से मना कर दिया था। पाकिस्तान ने इस मामले की शिकायत मैच रेफरी एंडी पॉयक्रॉफ्ट के खिलाफ की और आरोप लगाया कि उन्होंने कप्तान सलमान अली आगा को टॉस के दौरान हैंडशेक न करने को कहा था।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) का मानना था कि पॉयक्रॉफ्ट का यह कदम MCC के नियमों और खेल की भावना दोनों के खिलाफ है। इसी को लेकर PCB ने आईसीसी से मांग की थी कि पॉयक्रॉफ्ट को एशिया कप के बाकी मैचों से हटाया जाए। हालांकि आईसीसी ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की।
सूत्रों के मुताबिक, जब पाकिस्तान की मांग पूरी नहीं हुई तो बोर्ड ने यूएई के खिलाफ मैच न खेलने का फैसला लिया। हालांकि PCB या उसके चेयरमैन मोहसिन नकवी की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन इतना साफ हो गया कि पाकिस्तान की नाराजगी ने उसे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।
Uttarakhand: Uttarakhand Chit Fund Scam: उत्तराखंड हाई कोर्ट ने प्रदेश के नागरिकों को भारी वित्तीय नुकसान पहुँचाने वाले चिटफंड घोटाले में सीबीआई जांच कराने का आदेश जारी किया है। यह मामला एलयूसीसी नामक कंपनी से जुड़ा है, जिसने स्थानीय एजेंटों के माध्यम से 800 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की और फरार हो गई।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने बुधवार को सुनवाई के दौरान निर्देश दिए कि जिन लोगों का पैसा इस कंपनी में फंसा है, वे अपनी शिकायत सीबीआई के पास जमा करें। कोर्ट में सीबीआई ने कहा कि जांच की अनुमति मिल चुकी है और जांच एजेंसी की ओर से स्वीकृति पत्र भी पेश किया गया। वहीं, उत्तराखंड पुलिस ने बताया कि कुछ मामलों में मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और अन्य की जांच जारी है।
हालांकि, 27 पीड़ितों ने कोर्ट को बताया कि पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है, और बिना मुकदमा दर्ज किए उनका निवेश वापस नहीं मिलेगा। कोर्ट ने प्रभावित लोगों से कहा कि वे अपनी शिकायतों के साथ निवेश का प्रमाण पत्र भी संलग्न करें।
जारी शिकायतों में बताया गया कि एलयूसीसी ने 2021 में प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यालय खोले और स्थानीय एजेंटों के माध्यम से लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया। एजेंटों ने अपने परिचितों को निवेश के लिए आकर्षित किया, जबकि कंपनी ने राज्य में सोसायटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम के तहत कोई वैध पंजीकरण तक नहीं कराया। 2023-24 में कंपनी अपने कार्यालय बंद कर फरार हो गई।
प्रदेश और अन्य राज्यों में अब तक इस कंपनी के खिलाफ 56 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपित दुबई भाग चुका है। निवेशक अब एजेंटों और पुलिस के दबाव में हैं।
कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर ही जांच आगे बढ़ेगी, और सभी प्रभावित लोग उचित दस्तावेजों के साथ शिकायत दर्ज कराएं।
Pakistan: Fake: Football: Team: पाकिस्तान एक बार फिर विवादों में घिर गया है। हाल ही में यूएई में भारत-पाकिस्तान हैंडशेक विवाद थमा भी नहीं था कि अब जापान में एक नया मामला सामने आ गया। दरअसल, जापान ने हवाई अड्डे पर पाकिस्तान की एक फर्जी फुटबॉल टीम पकड़ ली और सभी को देश से डिपोर्ट कर दिया। इसके साथ ही जापानी अधिकारियों ने इस मामले की जानकारी पाकिस्तान की फेडरल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) को भी दी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इन नकली खिलाड़ियों को जाली दस्तावेज़ों के सहारे फुटबॉल प्लेयर बनाकर जापान ट्रेनिंग के लिए भेजा गया था। हर व्यक्ति से लगभग 40 लाख रुपये की वसूली की गई थी।
मानव तस्करी का खुलासा
मामले में मानव तस्करी से जुड़े एक बड़े आरोपी मलिक वकास को FIA ने 15 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया। उसने “गोल्डन फुटबॉल ट्रायल” नाम से एक क्लब रजिस्टर कराया था और इसी बहाने लोगों को अवैध रूप से विदेश भेजने का काम करता था। आरोपी ने सियालकोट एयरपोर्ट से 22 सदस्यीय नकली फुटबॉल टीम जापान भेजी थी, लेकिन जांच के दौरान जापानी अधिकारियों ने दस्तावेजों को फर्जी पाया।
जांच में यह भी पता चला कि खिलाड़ियों को फुटबॉलर की तरह व्यवहार और ट्रेनिंग भी दी गई थी। वकास ने पाकिस्तान फुटबॉल महासंघ (PFF) का जाली रजिस्ट्रेशन लेटर और विदेश मंत्रालय से नकली NOC तक तैयार करवा लिया था। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि जनवरी 2024 में भी इसी तरह की योजना बनाकर उसने 17 लोगों को जापान भेजा था।
क्यों बढ़ रहा है पाकिस्तान से बाहर जाने का चलन?
पाकिस्तान की बिगड़ती आर्थिक स्थिति, भ्रष्टाचार और राजनीतिक अस्थिरता की वजह से वहां का युवा बेहतर जीवन की तलाश में देश छोड़ रहा है। कई लोग कानूनी रास्तों से विदेश जाने का खर्च नहीं उठा पाते, इसलिए दलालों के जरिए अवैध तरीके अपनाते हैं और इस तरह के धोखाधड़ी के जाल में फँस जाते हैं।
Uttarakhand: Dehradun: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में उन्होंने हस्तशिल्प आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और 11 प्रतिभाशाली शिल्पियों को उत्तराखंड शिल्प रत्न पुरस्कार से नवाजा।
सम्मानित होने वालों में उत्तरकाशी की श्रीमती जानकी देवी और भागीरथी देवी, बागेश्वर के इन्द्र सिंह, अल्मोड़ा के लक्ष्मण सिंह व भूपेंद्र सिंह बिष्ट, नैनीताल के जीवन चंद्र जोशी, मोहन चंद्र जोशी और जानकी बिष्ट, हल्द्वानी के जगदीश पांडेय, चमोली के प्रदीप कुमार और गुड्डी देवी तथा उत्तरकाशी के महिमानंद तिवारी शामिल रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की बुनाई और हस्तशिल्प कला अपनी पारंपरिक डिज़ाइन और उच्च गुणवत्ता के लिए देश-विदेश में पहचान बना चुकी है। उन्होंने हर्षिल की ऊनी शाल, मुनस्यारी-धारचूला की थुलमा, अल्मोड़ा की ट्वीड, छिनका की पंखी और पिछौड़े की डिज़ाइन का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि ये उत्पाद अब वैश्विक स्तर पर भी सराहे जा रहे हैं।
उन्होंने भांग और बांस के रेशों से बने वस्त्रों की बढ़ती मांग को राज्य के लिए अवसर बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “वोकल फॉर लोकल”, “लोकल टू ग्लोबल” और “मेक इन इंडिया” जैसी पहलें शिल्पियों को सशक्त बना रही हैं। साथ ही, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम और कौशल सम्मान जैसी योजनाएं उनके सामाजिक-आर्थिक विकास को गति दे रही हैं।
श्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार भी शिल्पी पेंशन योजना, शिल्प रत्न सम्मान, बुनकर क्लस्टर, प्रशिक्षण कार्यक्रम, मेलों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने नागरिकों से स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को प्राथमिकता देने की अपील की और विश्वास जताया कि शिल्पी और बुनकर उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
इस अवसर पर परिषद के उपाध्यक्ष वीरेन्द्र दत्त सेमवाल, विधायक सरिता आर्य, सुरेश गड़िया, बाल आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना सहित वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में शिल्पी मौजूद रहे।
Uttarakhand: Dehradun: Buses: शिव मंदिर के पास पुल टूटने से देहरादून-मसूरी मार्ग पर वाहनों की आवाजाही मंगलवार को पूरी तरह से बंद रही। इसके चलते उत्तराखंड परिवहन निगम की मसूरी जाने वाली सभी बस सेवाएँ प्रभावित रहीं और यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग से यात्रा करनी पड़ी।
पुल टूटने के बाद पुलिस-प्रशासन ने कुठालगेट से आगे वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी। नतीजतन, देहरादून से मसूरी और मसूरी होकर अन्य पर्वतीय स्थलों तक जाने वाली कोई भी बस सेवा संचालित नहीं हो सकी। निगम की ओर से ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले यात्रियों की धनराशि रिफंड कर दी गई।
परिवहन निगम की 30 नियमित बसों में से 25 बसें केवल दून-मसूरी मार्ग पर चलती हैं और शेष बसें मसूरी होकर अन्य गंतव्यों तक जाती हैं। सामान्य दिनों में ये बसें प्रतिदिन तीन ट्रिप करती हैं और करीब साढ़े तीन से चार हजार यात्री इस सेवा का लाभ उठाते हैं। पुल टूटने से इन सभी यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग से यात्रा करनी पड़ी।
मसूरी होकर चंबा व आगे जाने वाली बसों का संचालन भी पूरी तरह बंद रहा। हालांकि, बड़कोट (उत्तरकाशी) और नैनबाग (टिहरी) की ओर जाने वाली बसें विकासनगर-यमुना पुल होकर चलाई गईं। इसके अलावा मसूरी मार्ग पर चलने वाली निजी कंपनी विश्वनाथ सेवा की करीब 20 बसें भी स्थगित रहीं।
वैकल्पिक मार्ग से हो सकती है यात्रा
पुलिस-प्रशासन ने बताया कि देहरादून-लंबीधार-किमाड़ी मार्ग भी बंद है। वर्तमान में केवल देहरादून-विकासनगर-यमुना पुल-कैंपटी फॉल मार्ग खुला हुआ है। यह मार्ग पक्का है, लेकिन इससे देहरादून से मसूरी की दूरी दोगुने से भी अधिक हो जाती है। जहाँ सामान्यत: दूरी करीब 35 किलोमीटर है, वहीं विकासनगर होकर जाने पर यह दूरी लगभग 80 किलोमीटर तक पहुँच रही है।
Uttarakhand: Sanskrit Education: केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेडी ने उत्तराखंड को संस्कृत शिक्षा में अग्रणी बनाने का संकल्प व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में संस्कृत के विकास और प्रसार के लिए विश्वविद्यालय हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा और राज्य को संस्कृत शिक्षा में एक मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।
दिल्ली स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय के मुख्यालय में आयोजित बैठक में उत्तराखंड शासन के संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार गैरोला की अध्यक्षता में उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय, संस्कृत अकादमी और संस्कृत बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में कुलपति ने उत्तराखंड में संस्कृत शिक्षा के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के लिए विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार गैरोला ने बताया कि उत्तराखंड की द्वितीय राजभाषा संस्कृत है और इसका उद्देश्य इसे आमजन तक पहुँचाना है। उन्होंने संस्कृत विद्यालयों और महाविद्यालयों के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था, जैसे पुस्तकें, शिक्षकों की नियुक्ति, छात्रवृत्ति, छात्र आवास, तथा प्रशिक्षण कार्यशालाओं के लिए अनुदान के प्रस्ताव पेश किए। इसके अलावा, अष्टादशी योजना, संस्कृत ग्रामों का विस्तार, वोकेशनल प्रशिक्षण और शिक्षक कौशल विकास के कार्यक्रम भी राज्य में लागू किए जाएंगे।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य में संस्कृत शिक्षा को तकनीकी और शैक्षणिक दृष्टि से सशक्त किया जाएगा। कुलपति प्रो. वरखेडी ने अधिकारियों से कहा कि हर पहल को सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए, ताकि उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा में देशभर में उदाहरण स्थापित कर सके।