हल्द्वानी में बारिश से राहत के लिए बनाया गया प्लान, टीम 24 घंटे सक्रिय रहेंगी और तत्काल होगी कार्रवाई

हल्द्वानी: मानसून के दौरान शहर की सड़कों को गड्ढामुक्त रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम सभागार में विभागीय अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर मजिस्ट्रेट ए.पी. वाजपेयी और नगर आयुक्त परितोष वर्मा ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों और सड़क रखरखाव की समीक्षा की।

बैठक में एडीबी (ADB) के अधिकारियों को तीनपानी से नरीमन तिराहा, कालूसिद्ध चौराहे से कटघरिया और मुखानी चौराहे से कोलटैक्स तक के मार्गों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए। संबंधित अधिकारियों को प्रतिदिन स्थलीय निरीक्षण कर बारिश के कारण बने गड्ढों की पहचान करने और मौसम अनुकूल होते ही तत्काल मरम्मत कराने को कहा गया।

नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में चल रहे कार्यों के लिए तीन पैकेजों के अंतर्गत प्रत्येक पैकेज में दो-दो क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। ये टीमें मानसून और आपदा के दौरान 24 घंटे सक्रिय रहेंगी तथा जलभराव, सड़क क्षति, गड्ढों की मरम्मत और जल निकासी जैसी समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई करेंगी।

पेयजल निर्माण निगम को राजपुरा, सुभाष नगर, जगदम्बा नगर और इंदिरा नगर समेत अन्य क्षेत्रों में सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़कों की बैकफिलिंग और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया। बारिश के दौरान सड़क धंसने या गड्ढे बनने की स्थिति में तुरंत समतलीकरण और आवश्यक मरम्मत करने तथा मानसून समाप्त होने के बाद इन सड़कों का डामरीकरण प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जीएसटी कार्यालय, कटघरिया सहित अन्य परियोजनाओं की डीपीआर तैयार करने में तेजी लाने, तीनपानी-मंडी मार्ग पर विद्युत पोल शिफ्टिंग और ह्यूम पाइप बिछाने के कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर भी जोर दिया गया।

नगर मजिस्ट्रेट और नगर आयुक्त ने सभी विभागों के अधिकारियों को मानसून अवधि में मुख्यालय पर उपलब्ध रहने, मोबाइल फोन हर समय चालू रखने तथा किसी भी आपदा या आपात सूचना पर बिना देरी मौके पर पहुंचकर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में निकली भर्ती, कौन कर सकता है आवेदन !

SBI Recruitment 2026 | Law Officer Jobs | Bank Jobs India : भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर (SCO) भर्ती 2026 के तहत असिस्टेंट मैनेजर (लॉ) और डिप्टी मैनेजर (लॉ) के कुल 49 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 14 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 24 जून से शुरू हो चुकी है।

इस भर्ती के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से एलएलबी (LLB की डिग्री होना आवश्यक है। इसके साथ ही संबंधित पद के अनुसार बार काउंसिल में पंजीकरण और निर्धारित कार्य अनुभव भी अनिवार्य है। असिस्टेंट मैनेजर (लॉ) के लिए कम से कम 2 वर्ष और डिप्टी मैनेजर (लॉ) के लिए 4 वर्ष का संबंधित अनुभव मांगा गया है।

चयन प्रक्रिया में ऑनलाइन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू शामिल होंगे। लिखित परीक्षा में ऑब्जेक्टिव और डिस्क्रिप्टिव दोनों प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे। अंतिम चयन परीक्षा और इंटरव्यू में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।

चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार आकर्षक वेतन मिलेगा। डिप्टी मैनेजर (लॉ) का बेसिक वेतन 64,820 से 93,960 तक है…जबकि असिस्टेंट मैनेजर (लॉ) का वेतन एसबीआई के निर्धारित वेतनमान के अनुसार मिलेगा। इसके अलावा डीए, एचआरए, पीएफ, पेंशन और अन्य भत्तों का लाभ भी दिया जाएगा।

ऐसे करें आवेदन

उम्मीदवार एसबीआई की आधिकारिक करियर वेबसाइट पर जाकर Current Openings सेक्शन में उपलब्ध Assistant Manager (Law) / Deputy Manager (Law) भर्ती लिंक के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद शुल्क जमा कर फॉर्म सबमिट करना होगा।

मुख्यमंत्री धामी की नीति आयोग के साथ बड़ी बैठक, प्रदेश को लेकर एक बड़ा फैसला

Pushkar Singh Dhami | NITI Aayog | Uttarakhand Development : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में नीति आयोग के सदस्य प्रो. (डॉ.) एम. श्रीनिवास के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। बैठक में उत्तराखंड के समग्र और सतत विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों और विकास की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दूरदर्शी नीतियां तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं…जिससे स्वास्थ्य, पेयजल, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसलिए योजनाओं के निर्माण में स्थायी आबादी के साथ-साथ फ्लोटिंग पॉपुलेशन को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने, स्वास्थ्य शिक्षा को बढ़ावा देने, महिलाओं और बच्चों के पोषण में सुधार, एनीमिया और कुपोषण जैसी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया।

उन्होंने कृषि, बागवानी, पर्यटन, जल संसाधन, जैव विविधता और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में नीति आयोग के सहयोग से नियमित सेमिनार और विचार-विमर्श आयोजित करने का सुझाव भी दिया…ताकि राज्य की जरूरतों के अनुरूप बेहतर और व्यावहारिक नीतियां तैयार की जा सकें।

मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण को समय की आवश्यकता बताते हुए रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए प्रभावी नीति बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार और नीति आयोग के संयुक्त प्रयासों से उत्तराखंड के संतुलित और समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम सहित राज्य सरकार और नीति आयोग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

नैनीताल जिले में 19 वर्षीय युवक ने उठाया बड़ा कदम, परिवार में मचा कोहराम

Nainital News | Jyolikot News | Uttarakhand News : नैनीताल जिले के ज्योलीकोट क्षेत्र में 19 वर्षीय युवक की आत्महत्या का मामला सामने आया है। युवक का शव उसके कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है।

जानकारी के अनुसार ज्योलीकोट निवासी निखिल गंगवार मंगलवार रात भोजन करने के बाद अपने कमरे में सोने चला गया था। बुधवार सुबह जब वह काफी देर तक बाहर नहीं आया तो परिजनों ने उसे आवाज लगाई…लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद कमरे की जाली से अंदर देखने पर युवक फंदे से लटका दिखाई दिया।

घटना की सूचना मिलते ही परिजनों ने कमरे का दरवाजा खोला। इसी दौरान पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। युवक को तुरंत बीडी पांडे अस्पताल ले जाया गया…जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। परिजनों से पूछताछ के साथ-साथ अन्य सभी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड के इन 9 जिलों में बारिश को लेकर मौसम विभाग का अपडेट

Uttarakhand News: Rain: Update: उत्तराखंड में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने बुधवार को राज्य के नौ जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, उधम सिंह नगर, नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है। वहीं हरिद्वार और उधम सिंह नगर में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों में गर्जन के साथ बिजली चमकने और बारिश के तीव्र दौर देखने को मिल सकते हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, जिससे कई संपर्क मार्ग बाधित हो गए हैं। वहीं नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में भी खतरा बना हुआ है।

राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पहाड़ों में बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि मैदानी जिलों में उमस और गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। मंगलवार को कई क्षेत्रों में हुई हल्की बारिश से लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली।

मौसम विभाग ने लोगों, विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वालों से सतर्क रहने, नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। प्रशासन भी संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है।

बदरीनाथ धाम मामले में सीएम धामी सख्त, PA तत्काल प्रभाव से निलंबित और FIR दर्ज

Uttarakhand: BKTC: बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे आदि के संबंध में प्राप्त कथित अनियमितताओं की शिकायत पर मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सरकार एक्शन मोड में नजर आई । इस मामले की गहन जांच के लिए आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। वहीं, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने अनुशासन एवं प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई है।


श्री बद्रीनाथ मंदिर में दान -चढ़ावे को लेकर अनियमितता की शिकायत पर गठित उच्च स्तरीय समिति में अध्यक्ष आयुक्त गढ़वाल मंडल के साथ प्रबंध निदेशक, एनएचएम संदीप तिवारी तथा कार्यालय महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान को सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं।


सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार समिति मंदिर में प्राप्त होने वाले दान-चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच करेगी तथा 15 दिनों के भीतर अपनी जांच आख्या एवं संस्तुतियां शासन को प्रस्तुत करेगी।
जांच के दौरान आवश्यकता पड़ने पर समिति किसी भी अधिकारी, विशेषज्ञ अथवा अन्य संबंधित व्यक्ति का सहयोग एवं परामर्श प्राप्त कर सकेगी। साथ ही समिति दान-चढ़ावे के प्रबंधन तंत्र को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपायों एवं सुझावों से भी शासन को अवगत कराएगी।


दूसरी तरफ, श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की है। पदीय दायित्वों के निर्वहन में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आने पर 03 जुलाई 2026 को नौटियाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। साथ ही मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया।
प्राप्त स्पष्टीकरण एवं जांच समिति की प्रारंभिक आख्या का परीक्षण करने पर आरोप प्रथम दृष्टया पुष्ट पाए गए। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की थी । समिति ने यह भी माना कि कर्मचारी को वर्तमान पद पर बनाए रखने से जांच प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


इन्हीं तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए जांच की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है।
निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता देय होगा। साथ ही उन्हें बीकेटीसी कार्यालय, जोशीमठ (जनपद चमोली) से संबद्ध किया गया है। इस अवधि में सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना उन्हें मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी तथा उन्हें जांच एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही में अपेक्षित सहयोग देना अनिवार्य होगा।
बीकेटीसी ने स्पष्ट किया है कि समिति प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता के मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड के सभी जिलों में बारिश को लेकर अपडेट, कई मार्ग भी हुए बंद

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के सभी जिलों में बारिश की संभावना जताते हुए देहरादून, पौड़ी, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। संवेदनशील पर्वतीय इलाकों में कम समय में तेज से अति तीव्र वर्षा, आकाशीय बिजली और भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है।

सोमवार को हुई भारी बारिश का असर कई जिलों में देखने को मिला। पिथौरागढ़ के धारचूला क्षेत्र में नेगल गाड़ पर बना अस्थायी पुल तेज बहाव में बह गया, जिससे तीजम और उमचिया गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया। वहीं गंगोत्री हाईवे पर डबरानी और नेताला के पास मलबा आने से यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। यमुनोत्री हाईवे पर स्यानाचट्टी के समीप भूस्खलन के कारण करीब पांच घंटे तक आवाजाही ठप रही। बाद में मशीनों की मदद से मलबा हटाकर मार्ग को दोबारा खोल दिया गया।

राजधानी देहरादून में भी सुबह से बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहा। मौसम विभाग ने दिनभर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों का पूर्वानुमान जताया है। देहरादून का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार 8 और 9 जुलाई को प्रदेश में मानसून और अधिक सक्रिय रहेगा। कई स्थानों पर तेज बारिश, आकाशीय बिजली और पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका है। 10 जुलाई को भी कुमाऊं मंडल के अधिकांश तथा गढ़वाल मंडल के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदियों, बरसाती नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें। पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें तथा प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

धनगढ़ी सेतु लोकार्पण में सांसद को नहीं बुलाने की खबरों को पीडब्ल्यूडी ने बताया भ्रामक

Haldwani: Ramnagar: Dhangadi: रामनगर के धनगढ़ी सेतु के लोकार्पण कार्यक्रम में पौड़ी गढ़वाल लोकसभा सांसद को आमंत्रित नहीं किए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने स्पष्टीकरण जारी किया है। विभाग ने इन खबरों को भ्रामक बताते हुए कहा कि संबंधित सांसद सहित सभी जनप्रतिनिधियों को समय पर कार्यक्रम की सूचना और आमंत्रण भेजा गया था।

राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, लोक निर्माण विभाग, हल्द्वानी के अधिशासी अभियंता इं. महेन्द्र कुमार ने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से 3 जुलाई 2026 की देर शाम 5 जुलाई को धनगढ़ी सेतु के लोकार्पण की तिथि निर्धारित किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही उसी रात करीब 10 बजे पौड़ी गढ़वाल लोकसभा सांसद को व्हाट्सएप संदेश के माध्यम से कार्यक्रम की जानकारी भेज दी गई।

उन्होंने बताया कि 4 जुलाई को मंत्रालय से आमंत्रण पत्र अनुमोदित होने के बाद पौड़ी गढ़वाल सांसद, उत्तराखंड के सभी राज्यसभा सांसदों तथा संबंधित विधायकों को नाम सहित व्हाट्सएप के माध्यम से औपचारिक आमंत्रण भेजा गया। इसके अलावा सभी संबंधित जनप्रतिनिधियों से दूरभाष पर भी संपर्क करने का प्रयास किया गया।

पीडब्ल्यूडी के अनुसार पौड़ी गढ़वाल सांसद से प्रारंभिक संपर्क नहीं हो सका, लेकिन बाद में व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से उनसे बातचीत हुई। इस दौरान उन्हें कार्यक्रम की पूरी जानकारी देते हुए लोकार्पण समारोह में शामिल होने का अनुरोध भी किया गया।

अधिशासी अभियंता ने कहा कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने वर्षाकाल से पहले आम जनता को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से धनगढ़ी सेतु के शीघ्र लोकार्पण को मंजूरी दी थी। इसी क्रम में 5 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री की उपस्थिति में, क्षेत्र के विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में धनगढ़ी सेतु का लोकार्पण संपन्न कराया गया।

पीडब्ल्यूडी ने स्पष्ट किया कि सांसद को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किए जाने संबंधी दावे तथ्यहीन हैं और विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सभी संबंधित जनप्रतिनिधियों को समय पर सूचना एवं आमंत्रण उपलब्ध कराया गया था।

हल्द्वानी: सेनेटरी पैड तक के लिए तरसाई गई विवाहिता, पति पर जबरन संबंध बनाने का लगाया आरोप

Haldwani|DowryHarassment|Uttarakhand : हल्द्वानी में दहेज उत्पीड़न का एक मामला सामने आया है। विवाहिता की शिकायत पर पुलिस ने पति समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़िता का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे। उन्होंने मायके की संपत्ति में हिस्सा दिलाने का दबाव भी बनाया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसे रोजमर्रा की जरूरी चीजों, यहां तक कि सेनेटरी पैड के लिए भी परेशान किया जाता था।

महिला का कहना है कि मासिक धर्म के दौरान भी पति उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाता था और विरोध करने पर मारपीट करता था। इसके अलावा उसकी पढ़ाई के लिए पैसे देना भी बंद कर दिया गया….जिसके बाद उसे मायके से मदद लेकर अपनी फीस जमा करनी पड़ी।

शिकायत के अनुसार पिछले वर्ष परीक्षा देकर घर लौटने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे घर से बाहर निकाल दिया गया।

मुखानी थाना पुलिस ने विवाहिता की तहरीर के आधार पर पति समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

उत्तराखंड के इतिहास में सबसे लंबा कार्यकाल पूरा करने वाले राज्यपाल बने गुरमीत सिंह

Uttarakhand | Governor | Dehradun : उत्तराखंड के राजनीतिक और संवैधानिक इतिहास में 6 जुलाई का दिन खास बन गया है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) अब प्रदेश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राज्यपाल बन गए हैं। उन्होंने पूर्व राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।

इससे पहले सबसे लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड सुदर्शन अग्रवाल के नाम था। उन्होंने 8 जनवरी 2003 से 28 अक्टूबर 2007 तक कुल 1,755 दिनों तक राज्यपाल के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं।

लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने 15 सितंबर 2021 को उत्तराखंड के आठवें राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने 1,755 दिन का कार्यकाल पूरा करने के बाद 1,756वें दिन में प्रवेश करते ही प्रदेश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक इस पद पर रहने वाले राज्यपाल का नया रिकॉर्ड बना लिया।

राज्यपाल के कार्यकाल के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास, रिवर्स पलायन, महिला सशक्तीकरण और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधार जैसे विषयों पर लगातार काम किया गया है। सैन्य पृष्ठभूमि से आने वाले राज्यपाल के नाम यह उपलब्धि दर्ज होना उत्तराखंड के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है।