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Uttarakhand: UKPSC: Priyanshu Pandey: ऋषिकेश के युवा प्रियांशु पांडेय ने अपने परिश्रम और संकल्प से वह मुकाम हासिल किया है, जो न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे शहर के लिए गर्व का विषय है। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) की प्रतिष्ठित परीक्षा में चौथा स्थान प्राप्त कर प्रियांशु ने यह साबित किया है कि समर्पण और अनुशासन से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
प्रियांशु, जिन्होंने NDS स्कूल से वर्ष 2015 में अपनी पढ़ाई पूरी की थी, बचपन से ही दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रकृति के प्रति गहरी संवेदनशीलता रखते थे। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने कठिन परिश्रम और निरंतर तैयारी के बल पर यह परीक्षा उत्तीर्ण की। 18 माह का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अब वे उत्तराखंड वन विभाग में वन क्षेत्र अधिकारी (Forest Range Officer – Gazetted) के पद पर कार्यभार संभाल रहे हैं।
उनकी इस सफलता ने ऋषिकेश के शैक्षिक परिदृश्य में एक नई ऊर्जा भर दी है। शहर के युवा उन्हें एक आदर्श के रूप में देख रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि सही दिशा में प्रयास करने से हर सपना साकार हो सकता है। प्रियांशु की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत विजय नहीं, बल्कि ऋषिकेश की सामूहिक पहचान और गौरव को नई ऊँचाई देती है।
हल्द्वानी: कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के मंगलवार को हल्द्वानी तहसील कार्यालय में किए गए औचक निरीक्षण ने प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल दी। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार से लेकर पटवारी और अमीन तक किसी भी अधिकारी के पास लंबित मामलों की सटीक जानकारी नहीं थी। कमिश्नर के सवालों पर सभी एक-दूसरे का चेहरा देखते रह गए।
तहसील परिसर में अव्यवस्थित पार्किंग, फैली गंदगी और खराब शौचालय देखकर कमिश्नर ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने तुरंत व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।
कोर्ट रूम पहुंचने पर जब कमिश्नर ने लंबित मामलों, धारा 143 के प्रकरणों और बकाएदारों की सूची चस्पा करने से संबंधित जानकारी मांगी तो अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर कमिश्नर ने पत्रावलियों के रखरखाव को असंतोषजनक बताते हुए कड़ी फटकार लगाई।
कमिश्नर रावत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि तीन माह के भीतर तहसील में लंबित सभी मामलों का निस्तारण किया जाए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
Uttarakhand: CM DHAMI: Nakal Virodhi Law: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि कुछ लोग परीक्षा प्रणाली को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सरकार नकल माफिया को किसी भी कीमत पर बख्शेगी नहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तराखंड का आने वाला समय स्थिरता और विकास का होगा।
सोमवार को स्थानीय होटल में साप्ताहिक समाचार पत्र अड्डा इनसाइडर के विमोचन समारोह में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि 4 जुलाई 2021 को जब उन्होंने प्रदेश की कमान संभाली थी, उस समय विभिन्न विभागों में लगभग 22 हजार पद खाली थे। सरकार के प्रयासों से अब तक 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है और किसी भी परीक्षा में नकल का मामला सामने नहीं आया। सीएम ने कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया, जिससे नकल माफिया और कोचिंग माफिया बौखला गए हैं और सरकार को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि जल्द ही ऐसे षड्यंत्रों का खुलासा होगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
जनता ने चुना विकास और स्थिरता
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने उन्हें राजनीतिक स्थिरता और विकास के लिए समर्थन दिया है। आने वाला समय निश्चित रूप से प्रदेश में प्रगति और स्थिरता का होगा।
आपदा प्रबंधन पर बोले सीएम
आपदा से जुड़े प्रश्न पर सीएम धामी ने कहा कि इस बार पूरा हिमालयी क्षेत्र आपदा की चपेट में आया है। उनकी प्राथमिकता रहती है कि वे प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों का दुख-दर्द बांटें और राहत-बचाव कार्यों को तेज करें। उन्होंने बताया कि सरकार वैज्ञानिक संस्थानों की मदद से आपदा के कारणों का अध्ययन कर रही है, ताकि समय रहते चेतावनी दी जा सके और नुकसान को कम किया जा सके।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, प्रो. सुरेखा डंगवाल, प्रो. दुर्गेश पंत और वरिष्ठ पत्रकार पवन लालचंद सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
Uttarakhand: Weather: Alert: उत्तराखंड में इस बार सामान्य से अधिक हुई बारिश ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। राज्य के कई जिलों में आई आपदाओं ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में भारी क्षति हुई है, जहां कई लोगों के घर टूट गए और वे बेघर हो गए। दुखद रूप से कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया, तो कुछ की रोज़ी-रोटी भी पूरी तरह छिन गई। प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
बीते दो दिनों से बारिश में थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन अपने घर-आशियाने खो चुके लोग अब राहत शिविरों में गुजर-बसर करने को मजबूर हैं। न उनके पास रहने को घर बचा है और न ही कोई साधन। शायद ही उन्होंने कभी सोचा होगा कि ऐसा वक्त भी देखना पड़ेगा।
हालांकि, 23 सितंबर तक राज्य में मौसम साफ रहने की संभावना है, लेकिन 24 सितंबर से एक बार फिर पहाड़ी जिलों में भारी बारिश का दौर शुरू होने का अनुमान जताया गया है। इस चेतावनी से लोग एक बार फिर सहम गए हैं और मानसून की विदाई का इंतजार कर रहे हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आज (मंगलवार) उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में कहीं-कहीं हल्की से बहुत हल्की बारिश के साथ गर्जन-तड़ित की संभावना है। वहीं, प्रदेश के बाकी जिलों में मौसम शुष्क बना रहने की उम्मीद है।
Uttarakhand: Kashipur:Police अल्ली खां क्षेत्र में रविवार देर रात बिना अनुमति निकाले गए “आई लव मोहम्मद” जुलूस ने शहर में बवाल खड़ा कर दिया। पुलिस द्वारा जुलूस रोकने का प्रयास किया गया तो भीड़ ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया और पथराव शुरू कर दिया। हालात बिगड़ने पर एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने काशीपुर में डेरा डाल दिया है और पीएसी की तैनाती कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, 21 सितंबर की रात करीब 9:40 बजे पुलिस को सूचना मिली कि अल्ली खां इलाके में बड़ी संख्या में लोग बिना अनुमति जुलूस निकाल रहे हैं। जब पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो भीड़ ने उन्हें घेरकर धक्का-मुक्की, गाली-गलौच और लात-घूंसे बरसाने शुरू कर दिए। इस दौरान डायल-112 वाहन (UK 01 GA-0336) और थाना वाहन (UK 07 GA-4524) के शीशे और बोनट तोड़ दिए गए। यहां तक कि पुलिसकर्मियों की वर्दी भी फाड़ दी गई।
पुलिसकर्मियों से मारपीट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में कोतवाली एसएसआई अनिल जोशी की तहरीर पर नदीम अख्तर, हनीफ गांधी, दानिश चौधरी सहित 400–500 अज्ञात लोगों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 191(2), 191(3), 121(1), 132, 221, 352, 351(2), 324(3), 190 में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर की जा रही है और घर-घर तलाशी अभियान चल रहा है। मामले की जांच टांडा चौकी इंचार्ज एसआई सुनील सुतेड़ी को सौंपी गई है।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि पुलिस पर हमला और सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ करने वालों की पहचान की जा रही है। इनके खिलाफ दंगा निरोधी धाराओं में कड़ी कार्रवाई की जा रही है। वहीं, खबर है कि कुछ आरोपी नैनीताल हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत लेने की कोशिश कर रहे हैं।
काशीपुर की घटना की जानकारी मेयर दीपक बाली सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को दी। सीएम धामी ने स्पष्ट कहा कि अराजकता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आरोपियों पर सख्त धाराओं में मुकदमे दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Uttarakhand: Haldwani: Youtube: Sourav Joshi: मशहूर यू-ट्यूबर सौरभ जोशी को अज्ञात बदमाशों ने भारी रकम की रंगदारी मांगते हुए जान से मारने की धमकी दी है। बताया जा रहा है कि उन्हें भाऊ गैंग के नाम से एक ईमेल भेजा गया, जिसमें पांच करोड़ रुपये की मांग की गई है। पैसे न देने की स्थिति में गोली मारने की चेतावनी दी गई। इस घटना के बाद सौरभ और उनका परिवार दहशत में है।
हल्द्वानी रामपुर रोड स्थित ओलिविया कॉलोनी निवासी सौरभ जोशी देश के लोकप्रिय यूट्यूबरों में शुमार हैं। शनिवार को उन्होंने कोतवाली पहुंचकर पुलिस से सुरक्षा उपलब्ध कराने की गुहार लगाई। अपनी शिकायत में उन्होंने उल्लेख किया कि 15 सितंबर को उन्हें धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ था। इसके चलते उन्होंने खुद के साथ परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की, खासकर इसलिए क्योंकि निकट भविष्य में उनकी शादी भी होने वाली है।
कोतवाल राजेश यादव के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए भाऊ गैंग के नाम पर रंगदारी मांगने और हत्या की धमकी देने जैसे गंभीर आरोपों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा और सौरभ को सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने एक बार फिर सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण और अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ा है। खासकर उन मामलों पर फोकस किया जा रहा है, जिनमें अदालतों से कब्जा हटाने के आदेश आए हैं या जहां पहले दिया गया स्टे आदेश अब समाप्त हो चुका है।
लैंड जिहाद पर जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कर दिया है कि “लैंड जिहाद” जैसे मामलों में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। इसी नीति के तहत प्रदेशभर में वन भूमि पर बने अवैध धार्मिक ढांचों और कब्जों को ध्वस्त किया जा रहा है।
335 धार्मिक अतिक्रमण ध्वस्त
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक 335 धार्मिक अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं। इनमें से करीब 300 अवैध मज़ारें थीं, जिन्हें वन भूमि से हटाया गया। इसके अलावा कुछ मंदिर और अन्य धार्मिक ढांचे भी अतिक्रमण की श्रेणी में पाए गए और तोड़े गए।
1450 हेक्टेयर भूमि मुक्त
पिछले डेढ़ साल में राज्य सरकार ने लगभग 1450 हेक्टेयर भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया है। इस अभियान की निगरानी के लिए आईएफएस अधिकारी पराग मधुकर धकाते को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। धकाते के अनुसार अदालतों के आदेशों और विभागीय स्तर पर मिली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
विभागीय सख्ती और तयशुदा प्रक्रिया
वन विभाग ने सभी डीएफओ को एक तयशुदा फॉर्मेट उपलब्ध कराया है, जिसके आधार पर क्षेत्रवार अतिक्रमण का ब्यौरा जुटाया जा रहा है। सरकार ने साफ कर दिया है कि वन भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Uttarakhand News: Cricket: Women:Kalpana Verma: Pantnagar University: पंतनगर ने उत्तराखंड को शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़े नाम दिए हैं। अब इस लिस्ट में खिलाड़ियों का नाम भी शामिल हो रहा है। हम बात कर रहे हैं कल्पना वर्मा की, जिन्होंने पंतनगर विश्वविद्यालय की एकमात्र महिला क्रिकेट खिलाड़ी के रूप में उन्होंने अपने अथक परिश्रम, अनुशासन और खेल प्रतिभा के दम पर न केवल विश्वविद्यालय और पंतनगर क्षेत्र, बल्कि पूरे उत्तराखंड का मान बढ़ाया है।
कल्पना की क्रिकेट यात्रा संघर्ष और समर्पण से भरी रही है। उन्होंने अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया और अपनी बल्लेबाजी व गेंदबाजी कौशल से सबका ध्यान आकर्षित किया। इस प्रदर्शन ने उन्हें अंडर-23 महिला टीम में भी स्थान दिलाया, जहां उन्होंने निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा को साबित किया।
उनकी मेहनत का सिलसिला यहीं नहीं थमा। हाल ही में कल्पना का चयन उत्तराखंड प्रीमियर लीग (WUPL) 2025 के लिए हुआ है। यह प्रतियोगिता प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित क्रिकेट लीग मानी जाती है और इसमें चयनित होना किसी भी खिलाड़ी के लिए गौरव की बात होती है। इस उपलब्धि ने कल्पना को प्रदेश की उभरती महिला क्रिकेटरों की सूची में विशेष स्थान दिला दिया है।
वर्तमान में कल्पना वर्मा उत्तराखंड सीनियर महिला क्रिकेट टीम के कैंप में कड़ी मेहनत कर रही हैं। यहां वह प्रदेश की अनुभवी खिलाड़ियों के साथ अभ्यास कर रही हैं और अपने खेल को राष्ट्रीय स्तर पर चमकाने की तैयारी में जुटी हुई हैं।
उनकी कहानी प्रदेश की युवा पीढ़ी, विशेषकर लड़कियों के लिए प्रेरणास्रोत है। कल्पना वर्मा ने यह साबित कर दिया है कि समर्पण, लगन और आत्मविश्वास के बल पर बड़े सपनों को साकार किया जा सकता है। आने वाले समय में वह भारतीय महिला क्रिकेट का चमकता सितारा बन सकती हैं।
GST: Navratri: Daily Products: सोमवार से नवरात्र की शुरुआत के साथ ही आम जनता को बड़ी राहत मिलने जा रही है। रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ी 295 वस्तुओं पर जीएसटी घटने से ये पहले से सस्ती हो जाएंगी। इनमें खाने-पीने की चीजों से लेकर कपड़े-जूते, टीवी, एसी, दवाइयां, दोपहिया-कार जैसे वाहन और अन्य उपभोक्ता सामान शामिल हैं।
जीएसटी दरों में इस बदलाव से न केवल मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी, बल्कि किसानों और कारोबारियों को भी फायदा होगा। खाद और कृषि उपकरणों पर जीएसटी कम होने से खेती की लागत घटेगी, जबकि छोटे उद्योगों की उत्पादन लागत भी कम होगी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि नवरात्र से दिसंबर तक बिक्री में करीब 20% तक बढ़ोतरी होगी, जिससे खुदरा व्यापारियों की कमाई भी बढ़ेगी।
खाद्य सामग्री
कृषि उपकरण व इनपुट
टेक्सटाइल
दवाइयां
शिक्षा से जुड़ी चीजें
रोजमर्रा के उपभोक्ता सामान
फुटवियर
मशीनरी
कार और स्कूटर
अब जीएसटी के मुख्य रूप से केवल दो स्लैब होंगे — 5% और 18%। इसके अलावा एक 40% का स्लैब भी रखा गया है, जिसमें गुटका, सिगरेट, बड़ी कारें (1200 सीसी से ऊपर या 4 मीटर से लंबी) जैसी वस्तुएं आएंगी। हालांकि, इन बड़ी कारों पर पहले 28% जीएसटी के साथ 22% सेस लगता था, इसलिए नए प्रावधान के बाद उपभोक्ताओं को यहां भी कुछ राहत मिलेगी।
कुल 453 आइटम पर जीएसटी दरों में बदलाव किया गया है। इनमें से 413 वस्तुओं पर टैक्स घटाया गया है, जिनमें से 295 रोजमर्रा से जुड़ी चीजें हैं। वहीं 40 वस्तुओं पर टैक्स बढ़ाया गया है।
1 वस्तु पर 18% की जगह 40% जीएसटी लगेगा।
257 वस्तुओं पर अब 12% की जगह 5% जीएसटी लगेगा।
38 वस्तुओं पर 12% की जगह जीएसटी शून्य कर दिया गया है।
58 वस्तुओं पर 18% की जगह 5% जीएसटी लगेगा।
19 वस्तुओं पर 12% की जगह अब 18% जीएसटी देना होगा।
3 वस्तुओं पर 5% की जगह 18% जीएसटी लागू होगा।
17 वस्तुओं पर 28% की जगह 40% जीएसटी देना होगा।
Uttarakhand : Ramnagar: Burkha: रामनगर में नाबालिग छात्रा से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय स्तर पर हलचल मचा दी है। इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें देखा जा सकता है कि एक मुस्लिम नाबालिग छात्रा अपने बैग से दो बुर्का निकालती है और उनमें से एक अपनी हिंदू सहपाठी को पहनने के लिए देती है, जबकि खुद भी बुर्का पहन लेती है। यह पूरी घटना गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को हिंदू नाबालिग छात्रा सुबह स्कूल गई थी, लेकिन घर नहीं लौटी। परिजनों ने तलाश की तो पता चला कि छात्रा अपनी मुस्लिम सहेली के घर पर थी। इस सूचना के बाद परिजन और स्थानीय लोग कोतवाली पहुंचे और पुलिस से कार्रवाई की मांग की। वहीं कुछ जगह कंप्यूटर सीखने की भी बात सामने आ रही है।
परिजनों की ओर से दी गई तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही छात्रा का सरकारी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण भी कराया गया। फिलहाल पुलिस उसके बयान दर्ज कर रही है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
शनिवार को भाजपा कार्यकर्ता, कुछ संगठनों के प्रतिनिधि और छात्रा के स्वजन कोतवाली पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि नाबालिग छात्रा को बहकाने और प्रभावित करने की कोशिश की गई है। कार्यकर्ताओं ने इस मामले को गंभीर बताते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
कोतवाल अरुण सैनी ने बताया कि घटना की जांच चल रही है और छात्रा से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले को गंभीरता से देख रही है और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।