एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव, शुरुआत होते ही सामने आया बड़ा फर्जीवाड़ा

Haldwani: MBPG: College: हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव के दौरान शनिवार को मतदान की शुरुआत में ही गड़बड़ी सामने आई। कॉलेज में कुल 13,978 छात्र-छात्राओं को वोट डालना है। मतदान शुरू होते ही एक युवक फर्जी पहचान पत्र के साथ पकड़ लिया गया। एनएसयूआई के अध्यक्ष पद प्रत्याशी कमल बोरा की शिकायत पर प्रशासन ने जांच की तो उसका आई-कार्ड नकली निकला।

फर्जीवाड़ा सामने आते ही कॉलेज प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी छात्र को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अब प्रत्येक मतदाता का आई-कार्ड स्कैन कर सत्यापन किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि निष्पक्ष चुनाव के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की गई है।

कमल बोरा ने चेतावनी दी है कि यदि चुनाव में गड़बड़ी हुई तो वह आमरण अनशन करेंगे। वहीं, सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल चौहान ने स्पष्ट किया कि मतदान पूरी तरह सुरक्षा घेरे में कराया जा रहा है और गड़बड़ी या फर्जी मतदान करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

हल्द्वानी में छात्रसंघ चुनाव, शनिवार को ट्रैफिक व्यवस्था में किए गए है कई बदलाव

हल्द्वानी: हल्द्वानी में छात्रसंघ चुनाव और मतगणना के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था बदल दी गई है।

नैनीताल रोड पर सभी प्रकार के मालवाहक और बड़े वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। ऐसे वाहन बाईपास मार्ग से गुजरेंगे।

तिकोनिया से काठगोदाम जाने वाले वाहन भोटियापड़ाव चौकी से डायवर्ट होकर दाहिनी ओर से जाएंगे, जबकि काठगोदाम से तिकोनिया आने वाले वाहन अपनी लाइन में चलते रहेंगे।

जरूरत पड़ने पर नैनीताल रोड से आने वाले वाहनों को कॉलटेक्स/हाइडिल तिराहा और पंचक्की की ओर डायवर्ट किया जाएगा।

पहाड़ से आने वाली रोडवेज और निजी बसें सीधे अपने रूट से रोडवेज बस स्टेशन तक जा सकेंगी।

हल्द्वानी से पहाड़ की ओर जाने वाली बसें भोटियापड़ाव से डायवर्ट होकर महारानी होटल तिराहे तक दाहिनी ओर चलेंगी और फिर नैनीताल रोड पकड़ेंगी।

महिला डिग्री कॉलेज चुनाव के दौरान अटल रोड से कुल्यालपुरा चौराहा की ओर जाने वाले वाहन नगर निगम रोड/नहर कवरिंग रोड से होकर पनचक्की की ओर जाएंगे।

दोनहरिया तिराहा, पानी की टंकी तिराहा और तिकोनिया से कुल्यालपुरा चौराहा तक वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा।

पार्किंग व्यवस्था

चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों, कर्मचारियों और पत्रकारों के वाहन एम.बी. इंटर कॉलेज मैदान में पार्क होंगे।

छात्रसंघ चुनाव में वोट डालने आए छात्र अपने वाहन ठंडी सड़क में खड़े करेंगे।

महिला डिग्री कॉलेज की ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के वाहन कॉलेज के बाईं ओर रोड किनारे पार्क होंगे।

जीरो जोन और बैरियर ड्यूटी

कलावती तिराहा से कुल्यालपुरा चौराहा तक दोपहिया और चौपहिया वाहनों की एंट्री बंद होगी। केवल चुनाव से जुड़े अधिकारी और कर्मचारियों के वाहन ही जा सकेंगे।

भोटियापड़ाव चौकी से लेकर महारानी होटल तिराहे तक का क्षेत्र जीरो जोन रहेगा।

डिग्री कॉलेज तिराहा से कुल्यालपुरा चौराहा और सरस्वती रेस्टोरेंट तक वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा।

महाविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2025 हेतु शहर हल्द्वानी का यातायात/डायवर्जन प्लान एवं पार्किंग व्यवस्था

नोट- यह डायवर्जन प्लान दिनांक 27.09.2024 को समय प्रातः 09:00 बजे से मतगणना समाप्ति तक प्रभावी रहेगा

रिपोर्ट कार्ड… धामी सरकार के कार्यकाल में 26,025 युवाओं को मिली नौकरी

Uttarakhand: Government: Report Card: उत्तराखंड राज्य के 25 साल पूरे होने पर रोजगार के आंकड़े युवाओं के लिए ऐतिहासिक संदेश लेकर आए हैं। महज़ चार साल के भीतर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी नौकरी के क्षेत्र में वह उपलब्धि हासिल की है, जो पिछले दो दशकों में भी संभव नहीं हो पाई। धामी सरकार के कार्यकाल में 26,025 युवाओं को नियुक्ति पत्र मिले, जबकि राज्य गठन के बाद 20 साल तक 9 मुख्यमंत्रियों की सरकारें मिलकर भी केवल 11,528 नौकरियां ही उपलब्ध करा सकीं।

सरकारी भर्तियों के लिहाज़ से धामी का कार्यकाल सबसे अहम साबित हुआ है। न सिर्फ नियुक्तियों की संख्या में रिकॉर्ड बना, बल्कि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और भरोसेमंद व्यवस्था ने युवाओं का विश्वास भी जीता। समूह ‘ग’ में ही लगभग 16,000 नियुक्तियां की गईं, जबकि अधिकारियों के 10,000 पदों पर योग्य उम्मीदवार चयनित हुए। खास बात यह रही कि कई अभ्यर्थियों ने एक से अधिक परीक्षाएं पास कर नौकरी पाई।

धामी सरकार ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए एडवांस जॉब कैलेंडर भी जारी कर दिया है। इसमें 10,000 से ज्यादा पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अधिकांश विज्ञप्तियां जल्द जारी होंगी। लक्ष्य है कि ये परीक्षाएं भी इसी साल पूरी की जाएं।

20 साल बनाम 4 साल – बड़ा अंतर

  • 20 साल (9 मुख्यमंत्री): 11,528 नौकरियां
  • 4 साल (धामी सरकार): 26,025 नौकरियां

आयोगवार भर्ती – धामी सरकार का रिकॉर्ड

  • UKSSSC: 11,041
  • UKPSC: 8,359
  • UMSSSB: 5,926

अन्य सरकारों का प्रदर्शन (20 साल)

  • UKSSSC: 4,193
  • UKPSC: 6,128
  • UMSSSB: 1,207

मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में नौकरियां

  • एन.डी. तिवारी – 1,571
  • बी.सी. खंडूरी – 123
  • रमेश पोखरियाल निशंक – 236
  • विजय बहुगुणा – 812
  • हरीश रावत – 2,496
  • त्रिवेंद्र सिंह रावत – 5,083
  • पुष्कर सिंह धामी – 26,025

युवाओं की राय

आकाश जोशी (UKPSC चयनित): “जॉब कैलेंडर से तैयारी करना आसान हो गया है। अब इंतजार नहीं करना पड़ता।”

विकास पंवार (चयनित अभ्यर्थी): “पहली बार लगा कि भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष है। चार परीक्षाएं पास करने के बाद सफलता मिली।”

संदीप कुमार (समूह ग चयनित): “समारोह में मंच पर नियुक्ति पत्र पाना जीवन का अविस्मरणीय पल था। भरोसे का नया दौर शुरू हुआ है।”

देहरादून में वामपंथी टूलकिट्स, JNU जैसे नारों ने खड़े किए गंभीर सवाल?

Dehradun: JNU: Protest: यूकेएसएससी भर्ती परीक्षा पेपर लीक प्रकरण को लेकर उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के बैनर तले चल रहा आंदोलन अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। आरोप है कि इस आंदोलन में वामपंथी टूलकिट्स की सक्रियता बढ़ गई है, जिनके समर्थन में कांग्रेस भी खड़ी दिखाई दे रही है। आंदोलन के दौरान देहरादून परेड ग्राउंड में ऐसे भड़काऊ नारे लगे, जो पहले जेएनयू और जामिया जैसे कैंपसों में सुने जाते रहे हैं।

बेरोजगार संघ के नेतृत्व में शुरू हुआ यह आंदोलन बॉबी पंवार के नेतृत्व में उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा का रूप ले चुका है। कहा जा रहा है कि अब इसमें बाहरी वामपंथी संगठनों और लेफ्ट से जुड़े युवाओं की भी एंट्री हो चुकी है। सोशल मीडिया के जरिए भीड़ जुटाना, सरकार विरोधी नारेबाजी कराना और माहौल गरमाना इन टूलकिट्स की रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है।

चर्चा यह भी है कि इस आंदोलन को फंडिंग कहां से हो रही है और क्या इसमें बाहरी एजेंसियों की भूमिका है। बताया जा रहा है कि इनका एजेंडा बीजेपी शासित राज्यों की सरकारों को कमजोर करना और चुनाव से पहले कांग्रेस के पक्ष में वातावरण तैयार करना है।

पेपर लीक मामले में खालिद मलिक और उसकी बहन साबिया के नाम सामने आने के बाद यह मुद्दा और गरमा गया। बीजेपी ने इसे “नकल जिहाद” करार दिया है। वहीं, आरोप है कि आंदोलनकारियों में बड़ी संख्या में मुस्लिम युवक-युवतियां भी शामिल हैं। इससे टूलकिट्स की सक्रियता पर और सवाल खड़े हो गए हैं।

देवभूमि उत्तराखंड में सरकार पहले से ही लव जिहाद, लैंड जिहाद और अन्य मुद्दों पर सख्त रुख अपनाए हुए है। वहीं, आरएसएस अपने स्थापना शताब्दी वर्ष मना रहा है, जिसके खिलाफ वामपंथी संगठन सक्रिय बताए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यहां एक विचारधारा का टकराव साफ दिखाई दे रहा है, जिसमें कांग्रेस, वामपंथी संगठनों और कुछ धार्मिक संगठनों की मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या खालिद मलिक और साबिया के पीछे और भी शक्तियां काम कर रही हैं।

धामी सरकार का दावा है कि पिछले चार वर्षों में 25,000 से अधिक युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के तहत नौकरियां दी गई हैं। विपक्ष पर आरोप है कि वह इस साख को चोट पहुँचाने के लिए टूलकिट्स के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है।

फिलहाल देहरादून परेड ग्राउंड में लगे नारों और आंदोलन में शामिल अजनबी चेहरों को लेकर पुलिस और प्रशासन के सामने सतर्क रहने की चुनौती बढ़ गई है।

हल्द्वानी में एक निरीक्षण और बड़ी कार्रवाई, एक साथ कई अधिकारी नपे !

देहरादून:लगातार मिल रही शिकायतों और अनियमितताओं के खुलासे के बाद हल्द्वानी तहसील में बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संज्ञान में मामला आने के बाद जिलाधिकारी नैनीताल वंदना सिंह ने कार्रवाई करते हुए तहसीलदार मनीषा बिष्ट का तबादला कर दिया गया है। उनके खिलाफ विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि (Special Adverse Entry) भी अंकित की गई है।

सीएम धामी ने प्रशासनिक अधिकारियों से सख्त लहजे में सवाल किया था कि “ये कानून गो घर से तहसील कैसे चला रहा है?” जिसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया।

कुमायूं आयुक्त के निरीक्षण में हल्द्वानी तहसील में गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं। रिपोर्ट शासन और जिला प्रशासन को भेजी गई, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

किस पर हुई कार्रवाई?

तहसीलदार हल्द्वानी मनीषा बिष्ट का तबादला, सेवा अभिलेख में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज।

सर्वे कानूनगो अशरफ अली को हल्द्वानी तहसील से हटाकर ऊधम सिंह नगर भेजा गया, निलंबन की संस्तुति भी भेजी गई।

रजिस्ट्रार कानूनगो भगवत बिष्ट का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण।

जिलाधिकारी नैनीताल ने कहा कि तहसील हल्द्वानी में सामने आई अनियमितताओं की जांच जारी है और जांच पूरी होने पर अन्य दोषी कार्मिकों पर भी कड़ी कार्रवाई होगी।

सीएम धामी की चेतावनी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “जब पब्लिक शिकायतें हम तक पहुंचती हैं तो हमें जांच पड़ताल करके कार्रवाई करनी होती है। हल्द्वानी तहसील एक कानूनगो के घर से चलने की शिकायत मिली, जांच कराई गई और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की गई। यह चेतावनी है कि जिला मुख्यालय व तहसीलों में व्यवस्थाएं नियमानुसार और सुचारू रूप से चलें, अन्यथा आगे और भी बड़ा एक्शन होगा।”

विश्वकप के लिए भारतीय महिला टीम में बागेश्वर की प्रेमा रावत का स्टैंड बाय खिलाड़ी के रूप में चयन

Bageshwar: Cricket: World Cup: Prema Rawat: उत्तराखंड की बेटियों ने खेल जगत में एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। खासकर क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेल में प्रदेश की कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इन्हीं में से एक नाम है बागेश्वर जिले की प्रेमा रावत, जिनका चयन महिला क्रिकेट विश्व कप के लिए भारतीय टीम में स्टैंडबाय खिलाड़ी के रूप में हुआ है।

बागेश्वर की कपकोट तहसील के दूरस्थ गांव सुमटी से ताल्लुक रखने वाली प्रेमा ने कड़ी मेहनत और शानदार प्रदर्शन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। वह स्पिन गेंदबाज होने के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी माहिर हैं, जिससे टीम को मजबूती मिलती है। हाल ही में उन्हें इंडिया-ए टीम में जगह मिली थी, जहां ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उन्होंने तीन मुकाबलों में सात विकेट लेकर सभी को प्रभावित किया। इसी प्रदर्शन ने उन्हें विश्व कप टीम तक पहुंचने का रास्ता दिया।

प्रेमा की शुरुआती पढ़ाई उनके गांव से हुई, जबकि वर्तमान में उनका परिवार बरेली में रहता है। उनके पिता केदार सिंह रावत भारतीय वायु सेना में सेवाएं दे रहे हैं और मां बसंती देवी गृहिणी हैं। बचपन से ही प्रेमा को क्रिकेट का जुनून था। गांव में अक्सर वह बच्चों के साथ बल्ला उठाकर मैदान में उतर जाती थीं। उनकी इस उपलब्धि से न सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरा क्षेत्र गर्व महसूस कर रहा है। बधाइयों का सिलसिला लगातार जारी है और प्रेमा उत्तराखंड की उन बेटियों में शामिल हो गई हैं जो अपने हौसले और हुनर से नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रही हैं।

नैनीताल जिले में बड़े पैमाने पर निरीक्षकों और उप निरीक्षकों के हुए तबादले

Nainital: Police: Transfer:नैनीताल जिले में पुलिस व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने बड़े पैमाने पर निरीक्षकों और उप निरीक्षकों के तबादले किए हैं। इस फेरबदल के तहत कई थानों और चौकियों के प्रभारी बदले गए हैं।

जारी आदेश के अनुसार, निरीक्षक हरपाल सिंह को एसओजी/एएनटीएफ/साइबर सेल से हटाकर थाना चोरगलिया का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, निरीक्षक विजय मेहता को कालाढूंगी से एएनटीएफ का प्रभारी नियुक्त किया गया है। निरीक्षक अरुण कुमार सैनी को रामनगर से कालाढूंगी और निरीक्षक राजेश कुमार यादव को हल्द्वानी से शिकायत प्रकोष्ठ भेजा गया है। इसके अलावा निरीक्षक अमरचंद शर्मा को पुलिस लाइन से हल्द्वानी थाने की जिम्मेदारी दी गई है।

इसी तरह निरीक्षक दिनेश सिंह फर्त्याल को लालकुआं से डीसीआरबी, ब्रजमोहन सिंह राणा को सम्मन सेल से लालकुआं, और राजेंद्र सिंह रावत को पुलिस लाइन से सम्मन सेल प्रभारी बनाया गया है।

उप निरीक्षक स्तर पर भी कई बदलाव किए गए हैं। उप निरीक्षक महेंद्र प्रसाद को कोतवाली हल्द्वानी से रामनगर, सोमेंद्र सिंह को बिंदुखत्ता चौकी से रामनगर, वीरेंद्र बिष्ट को मुखानी से तल्लीताल, विजय कुमार को धानाचूली से बेतालघाट और हरिराम को बेतालघाट से धानाचूली चौकी प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसी क्रम में कई अन्य उप निरीक्षकों और अपर उप निरीक्षकों का भी स्थानांतरण किया गया है।

यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। निरीक्षक महेश चंद्रा को भवाली से हल्द्वानी और निरीक्षक शिवराज सिंह बिष्ट को हल्द्वानी से भवाली यातायात प्रभारी बनाया गया है।

उत्तराखंड के चिमल्यूं गांव में पहुंची एयर एंबुलेंस, सविता और विपिन को मिली खुशी !

Uttarakhand: Air Ambulance: पौड़ी गढ़वाल के चिमल्यूं गांव की 28 वर्षीय गर्भवती महिला सविता की जान एयर एंबुलेंस सेवा से बचाई गई। महिला की हालत गंभीर होने पर उन्हें पहले पौड़ी अस्पताल में भर्ती किया गया, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर बेस अस्पताल श्रीनगर लाया गया। यहां चिकित्सकों ने उनकी स्थिति नाजुक बताते हुए एम्स ऋषिकेश रेफर किया।

मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने तत्काल एयर एंबुलेंस की व्यवस्था कराई। इसके जरिये सविता को सुरक्षित एम्स ऋषिकेश पहुंचाया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार जारी है। समय पर मिली इस सुविधा से मां और बच्चे दोनों की जान बच सकी।

महिला के पति विपिन सिंह ने भावुक होते हुए प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य मंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अगर एयर एंबुलेंस समय पर न मिलती तो उनकी पत्नी और बच्चे की जान पर गंभीर खतरा हो सकता था।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश रावत ने बताया कि सविता का बीपी और शुगर लेवल सामान्य से अधिक था और चूंकि यह उनका पहला प्रसव था, स्थिति जटिल हो गई थी। ऐसे में मंत्री के निर्देश पर तुरंत एयर एंबुलेंस से एम्स भेजा गया।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर मरीज को समय पर और सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराना है, चाहे वह कितना भी दूरस्थ क्षेत्र क्यों न हो। यह एयर एंबुलेंस सेवा राज्य सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने दूर-दराज के इलाकों के मरीजों को उन्नत चिकित्सा सुविधा देने के लिए एयर एंबुलेंस सेवा शुरू की है।

उत्तराखंड में धामी का मॉडल, दंगाई बख्शे नहीं जाएंगे और नुकसान की वसूली सीधे उनसे की जाएगी

Uttarakhand:Kashipur: काशीपुर के अल्ली खां मोहल्ले में रविवार रात ‘आई लव मोहम्मद’ जुलूस के दौरान हुई हिंसा ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। पुलिस कर्मियों से मारपीट और वाहनों को नुकसान पहुंचाने के मामले में उत्तराखंड सरकार ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ शब्दों में कहा कि दंगाई बख्शे नहीं जाएंगे और हुए नुकसान की वसूली सीधे उनसे की जाएगी।

पुलिस ने इस मामले में अब तक 500 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस कार्रवाई में समाजवादी पार्टी के नेता नदीम अख्तर समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है…जबकि दो अन्य सपा नेता हनीफ गांधी और दानिश चौधरी अभी फरार हैं। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को राजपुर रोड पर जीएसटी जागरूकता अभियान के दौरान मीडिया से बातचीत में कहा कि दंगारोधी कानून के तहत सार्वजनिक और निजी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई दंगाइयों से ही कराई जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में इस तरह की घटनाओं को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। काशीपुर में बिना अनुमति के निकाले जा रहे जुलूस को रोकने पर हंगामा हुआ था…जिसमें कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर हमला कर कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया था।

घटना के दूसरे दिन से ही प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी है। अल्ली खां मोहल्ले में करीब 200 घरों और दुकानों को तोड़ा गया है। यह कार्रवाई आज भी जारी है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून के उल्लंघन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

नकल जिहादियों को मिट्टी में मिलाकर रहेगी सरकार: सीएम धामी

Uttarakhand: CM Pushkar Singh Dhami: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद कोचिंग माफिया और नकल माफिया एक होकर नकल जिहाद छेड़ने का प्रयास कर रहा है। लेकिन सरकार नकल जिहादियों को हर हाल में मिट्टी में मिलाकर रहेगी।

बुधवार को भाजपा पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि, राज्य सरकार ने नकल माफिया पर अंकुश लगाने के लिए देश का सर्वश्रेष्ठ नकल विरोधी कानून लागू किया। इसके बाद से 100 से अधिक नकल माफिया को जेल भेजा गया। सरकार के प्रयासों से विगत चार वर्षों में पारदर्शिता के साथ
25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली है। अब युवा अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर कई- कई परीक्षाओं में सफल हो रहे हैं।

परंतु, कुछ लोगों को युवाओं की यह प्रगति रास नहीं आ रहा है। इसलिए ऐसे शरारती तत्व संगठित हो युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेलने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की सख्ती से बौखलाया नकल और कोचिंग माफिया एक होकर देवभूमि में नकल जिहाद छेड़ने का का प्रयास कर रहा है। इसके जरिए जांच पूरी होने से पहले ही, प्रदेश में अराजकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार ऐसे तत्वों के इरादों को सफल नहीं होने देगी, राज्य सरकार हर हाल में परीक्षा माफिया और नकल जिहादियों को मिट्टी में मिलाने के लिए कृतसंकल्प है। सरकार नकल जिहाद की किसी भी कोशिश को पूरा नहीं होने देगी।