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देहरादून: उत्तराखंड की धामी सरकार ने दशहरे से पहले कर्मचारियों को बड़ा तोहफ़ा दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार 1 अक्टूबर को शारदीय नवरात्रि की महानवमी के अवसर पर प्रदेशभर में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। इस दिन राज्य सरकार के सभी कार्यालय, बैंक और कोषागार बंद रहेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मौके पर प्रदेशवासियों को महानवमी की बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नवरात्रि का यह पर्व समाज में नारी के महत्व और सम्मान को दर्शाता है और हमारी सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं का प्रतीक है। साथ ही उन्होंने सभी लोगों के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की।
सरकार की इस घोषणा के बाद कर्मचारियों को लगातार दो दिन की छुट्टी मिलने वाली है। 1 अक्टूबर को महानवमी पर अवकाश रहेगा और अगले दिन 2 अक्टूबर को दशहरा और गांधी जयंती के चलते छुट्टी रहेगी। ऐसे में त्योहारों के बीच दो दिन का अवकाश कर्मचारियों के लिए खास तोहफ़ा साबित होगा।
इस बीच प्रदेशभर में रामलीलाओं का मंचन जोर-शोर से चल रहा है। दशहरे के दिन रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया जाएगा। देहरादून के परेड ग्राउंड में इस बार 121 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया गया है…जहां दशहरा मेला भी आयोजित किया जा रहा है।
देहरादून: उत्तराखंड में इस साल मानसून ने जमकर तबाही मचाई। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। हालांकि अब प्रदेश से मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन मौसम के तेवर अभी भी बदले-बदले से नजर आ रहे हैं।
पिछले कुछ दिनों से राज्य के ज्यादातर हिस्सों में चटख धूप खिलने से लोग गर्मी और उमस से बेहाल थे। लेकिन मंगलवार को मौसम ने फिर करवट ली और प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो गया। नैनीताल और चंपावत जिलों में सुबह से ही बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार 30 सितंबर को बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं शेष पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं हल्की फुहारें देखने को मिल सकती हैं। हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है…जिससे तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है।
1 अक्टूबर को भी उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गयी थी। इसके अलावा 2 अक्टूबर को पर्वतीय जिलों के साथ उधम सिंह नगर में भी कहीं-कहीं हल्की बरसात हो सकती है।
Uttarakhand: Haldwani: Rajeev Pratap: उत्तरकाशी जनपद के जोशियाड़ा बैराज से सोमवार को वरिष्ठ पत्रकार राजीव प्रताप का शव बरामद होने के बाद पूरे पत्रकार जगत में गहरा आक्रोश फैल गया है। राजीव प्रताप पिछले दस दिनों से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता थे। अचानक उनकी इस तरह से मौत हो जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।
बताया जा रहा है कि राजीव प्रताप लगातार डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से क्षेत्रीय स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर कर रहे थे। उनकी बेबाक पत्रकारिता और खुलासों ने कई प्रभावशाली लोगों को कटघरे में खड़ा किया था। ऐसे में उनकी संदिग्ध मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। पत्रकार समाज मान रहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लगातार आवाज उठाना ही उनके लिए खतरा साबित हुआ।
घटना के बाद हल्द्वानी में बड़ी संख्या में पत्रकार साथी सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और सरकार से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। पत्रकारों ने ज्ञापन सौंपकर साफ कहा कि अगर जल्द ही निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो आंदोलन को मजबूर होना पड़ेगा।
पत्रकारों का कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक आवाज पर प्रहार है। अगर सच लिखने वाले और भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले सुरक्षित नहीं हैं, तो समाज के सामने गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
अब देखना होगा कि राज्य सरकार इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाती है और क्या पत्रकार राजीव प्रताप को न्याय मिल पाता है।
ऋषिकेश: ऋषिकेश में मंगलवार को एक अप्रत्याशित घटनाक्रम के दौरान नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने एम्स के पास शिवाजी नगर तिराहे पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। यह इलाका नगर निगम की ओर से जीरो जोन घोषित किया जा चुका है बावजूद इसके लंबे समय से ठेली और रेहड़ी वालों द्वारा अतिक्रमण कर व्यवसाय किया जा रहा था।
सुबह नगर निगम की टीम जब जेसीबी लेकर अतिक्रमण हटाने पहुंची तो कुछ स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब गुस्साई महिलाओं ने नगर निगम कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों पर गर्म दाल से भरा पतीला फेंक दिया। गनीमत रही कि कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ…लेकिन घटना ने मौके की संवेदनशीलता को बढ़ा दिया।
नगर निगम की टीम ने विरोध के बावजूद कार्रवाई जारी रखी और करीब एक दर्जन से ज्यादा अतिक्रमण हटाए गए। इस दौरान कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया।
नगर निगम की बोर्ड बैठक में शिवाजी नगर तिराहे को जीरो जोन घोषित किया गया है। इसके बावजूद यहां ठेली, रेहड़ी और अवैध पार्किंग के चलते आए दिन ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। एम्स जैसे प्रमुख संस्थान के पास अतिक्रमण के चलते एंबुलेंस और मरीजों को भी आवाजाही में कठिनाई हो रही थी।
एम्स चौकी प्रभारी निखलेश बिष्ट और नगर निगम के सफाई निरीक्षक सुभाष सेमवाल ने बताया कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था, इसलिए उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की गई।
पुलिस ने साफ कहा है कि यदि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण किया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
देहरादून: देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में सोमवार देर रात शहर का माहौल अचानक गर्मा गया जब कुछ लोगों की भीड़ सड़कों पर उतर आई और धार्मिक नारेबाजी करते हुए सड़क जाम करने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया…लेकिन इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त प्रतिक्रिया दी है।
मुख्यमंत्री ने इसे केवल एक मामूली विवाद न मानते हुए सोची-समझी साजिश करार दिया है। उन्होंने साफ कहा कि यह त्योहारों और धार्मिक अवसरों के बीच माहौल बिगाड़ने का प्रयास है जो उन ताकतों द्वारा किया जा रहा है जो “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना से सहमत नहीं हैं।
यह विवाद एक धार्मिक पोस्ट पर आपत्तिजनक कमेंट के बाद शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर डाली गई एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया के रूप में दूसरे समुदाय के युवक ने अभद्र टिप्पणी कर दी। इसके बाद पटेलनगर क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस चौकी के बाहर प्रदर्शन करने लगे।
हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को शांत करने की कोशिश की…लेकिन जब लोग नहीं माने तो हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
सीएम धामी की कड़ी चेतावनी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड गंगा, यमुना, चारधाम और आदि कैलाश जैसे आस्था के केंद्रों का प्रदेश है। यहां किसी भी प्रकार की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो लोग समाज में जहर घोलने का काम कर रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने दंगाइयों के खिलाफ सख्त दंगा विरोधी कानून लागू किया है…जिसके तहत अब सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से वसूली की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल कानून व्यवस्था का मामला नहीं…बल्कि सामाजिक सद्भाव और प्रदेश की शांति से जुड़ा गंभीर विषय है।
Uttarakhand: Cm Dhami: Police: Dehradun: बीती रात राजधानी के पटेल नगर इलाके में एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर तनाव फैल गया। इस दौरान हंगामा और बवाल की खबर सामने आई। घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ कहा कि उपद्रव करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। अगर किसी ने तोड़फोड़ की या सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया तो उसकी भरपाई भी वही करेंगे।
धामी ने चेतावनी दी कि यह देवभूमि है, यहां माहौल बिगाड़ने की इजाज़त किसी को नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि दंगा रोकने के लिए बनाए गए कानून के तहत गड़बड़ी फैलाने वालों को जेल भेजा जाएगा और पुलिस को पूरी छूट दी गई है कि ऐसे लोगों से सख्ती से निपटा जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि काशीपुर और देहरादून जैसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उधर, देर रात हुई घटना के बाद पटेल नगर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस तैनात कर दी गई है। अधिकारी घर-घर जाकर जांच कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है।
एसएसपी अजय सिंह के मुताबिक सत्यापन अभियान चल रहा है और उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने कहा कि सड़क पर किसी तरह का उन्माद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की ओर से बताया गया कि तनाव वाले इलाकों में राशन कार्ड और जनसेवा केंद्रों की भी जांच की जा रही है।
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को अपने आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने राज्य में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की और सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि अब मानसून समाप्त हो चुका है…इसलिए कामों में तेजी लाई जाए।
मुख्यमंत्री ने खासतौर पर लोक निर्माण विभाग (PWD) के कामों पर जोर देते हुए कहा कि बरसात में खराब हुई सड़कों की मरम्मत तय समय के भीतर पूरी की जाए। उन्होंने साफ किया कि सड़क निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन इलाकों से बार-बार सड़क खराब होने की शिकायतें मिल रही हैं, वहां अलर्ट रहकर विशेष निगरानी रखी जाए और काम की गुणवत्ता का भी खास ध्यान रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि 31 अक्टूबर तक गड्ढा मुक्त सड़क अभियान के तहत सभी ज़रूरी पैच वर्क का काम पूरा कर लिया जाए और इसकी साप्ताहिक समीक्षा भी की जाए।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, डॉ. पंकज पांडेय, विनय शंकर पांडेय, एडीजी ए.पी. अंशुमान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते और अपर सचिव बंशीधर तिवारी मौजूद रहे।
देहरादून: स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियों के बाद अब मामला CBI जांच के घेरे में है। इसी बीच उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की महत्वपूर्ण बोर्ड बैठक मंगलवार को आयोजित की जा रही है…जिसमें आगामी परीक्षाओं को लेकर फैसले की उम्मीद की जा रही है।
आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में आयोग आगामी परीक्षाओं के आयोजन को लेकर अहम निर्णय ले सकता है। सीबीआई जांच के बाद आयोग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर पहले से ही निगरानी बढ़ गई है। ऐसे में अब आयोग हर कदम सावधानी से उठा रहा है।
आयोग के परीक्षा कैलेंडर के अनुसार….
5 अक्तूबर को सहकारी निरीक्षक और सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) की परीक्षा प्रस्तावित है।
12 अक्तूबर को सहायक कृषि अधिकारी (वर्ग-1) और प्राविधिक सहायक (वर्ग-1) की परीक्षा होनी है।
वहीं 28 अक्तूबर से वन दरोगा के 124 पदों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) प्रस्तावित है।
लेकिन स्नातक स्तर की परीक्षा पर उठे सवालों और CBI जांच की गंभीरता को देखते हुए आयोग अब हर परीक्षा की समीक्षा कर रहा है।
समय पर नहीं आए एडमिट कार्ड
आयोग ने सोमवार को 5 अक्तूबर की परीक्षा के एडमिट कार्ड जारी करने की तैयारी की थी लेकिन देर रात तक कार्ड अपलोड नहीं किए गए। सूत्रों के अनुसार आयोग फिलहाल किसी भी जल्दबाज़ी से बचना चाहता है और हर निर्णय को बोर्ड बैठक के बाद ही अंतिम रूप देगा।
मंगलवार को होने वाली बैठक में इन बिंदुओं पर हो सकती है चर्चा…
प्रस्तावित परीक्षाओं को समय पर कराना है या स्थगित करना है
परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा और टेक्निकल मॉनिटरिंग पर ध्यान
नकल रोकने के लिए नई तकनीकी व्यवस्था
CBI जांच के दायरे में आए मामलों के चलते भर्ती प्रक्रिया में सुधार
CBI जांच के बाद छात्रों में परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर आशंका बनी हुई है। बड़ी संख्या में उम्मीदवार आयोग से स्पष्ट दिशा-निर्देश और पुख्ता इंतजाम की मांग कर रहे हैं। वहीं आयोग भी इस बार छवि सुधारने और भरोसा बहाल करने के लिए पूरी तरह सतर्क है।
देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित प्राचीन और ऐतिहासिक टपकेश्वर महादेव मंदिर से भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान चांदी का नाग बीते रविवार को चोरी हो गया। लगभग 200 ग्राम वजनी यह नाग शिवलिंग पर वर्षों से सुशोभित था और श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का प्रतीक माना जाता था।
मंदिर प्रबंधन ने इस घटना को सिर्फ एक चोरी नहीं…बल्कि सदियों पुरानी परंपरा और धार्मिक भावनाओं पर सीधी चोट बताया है। घटना की सूचना मिलते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और सेवादारों में गहरा रोष फैल गया।
घटना के बाद मंदिर की देखरेख कर रहे श्री टपकेश्वर महादेव सेवादल के कार्यकारिणी सदस्य अनुभव अग्रवाल ने सोमवार को कैंट थाना पहुंचकर चोरी की लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि मंदिर की टीम ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से संदिग्ध की पहचान की कोशिश की और एक व्यक्ति को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
कैंट थानाध्यक्ष केसी भट्ट ने बताया कि जिस व्यक्ति को मंदिर समिति ने पकड़ा है, वह संदिग्ध है और जांच जारी है। मामले में धारा 380 (चोरी) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस टीमें आरोपी की गिरफ्तारी और चांदी के नाग की बरामदगी के प्रयास में जुटी हैं। उन्होंने कहा कि कोशिश की जा रही है कि भगवान शिव के मस्तक पर चांदी का नाग दोबारा सुशोभित किया जाए।
देहरादून का टपकेश्वर महादेव मंदिर न केवल एक पूजास्थल है बल्कि महाभारत काल से जुड़ी आध्यात्मिक विरासत भी है। यह मंदिर एक प्राकृतिक गुफा में स्थित है…जिसे द्रोण गुफा कहा जाता है। मान्यता है कि गुरु द्रोणाचार्य ने यहीं तपस्या की थी।
एक पौराणिक कथा के अनुसार जब अश्वत्थामा दूध के लिए रो रहे थे तो भगवान शिव उनकी पुकार सुनकर प्रसन्न हुए और गुफा की छत से दूध की धारा प्रवाहित की जो बाद में जल में परिवर्तित हो गई। यही जल आज भी शिवलिंग पर बूंद-बूंद गिरता रहता है…जिससे यह स्थान टपकेश्वर के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
हरिद्वार: हरिद्वार के कनखल थाना क्षेत्र स्थित दयाल एनक्लेव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक युवक को गोली मार दी गई। युवक को गंभीर हालत में उसके साथी आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे….लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जैसे ही युवक की मौत की पुष्टि हुई उसके साथ आए युवक मौके से चुपचाप फरार हो गए। अस्पताल प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचित किया…जिसके बाद कनखल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी
घटना की सूचना पर एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल खुद अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की बारीकी से जानकारी ली। पुलिस टीम अब इलाके की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि फरार साथियों की पहचान की जा सके।
घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन अस्पताल पहुंचे। बेटे की लाश देख परिवार में कोहराम मच गया। परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं।
कनखल पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल लोगों की पहचान जल्द कर ली जाएगी और पूरे हत्याकांड का जल्द खुलासा किया जाएगा। फिलहाल इलाके में दहशत का माहौल है और हर कोई इस सनसनीखेज वारदात को लेकर हैरान है।