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देहरादून: उत्तराखंड सरकार अब प्रदेश में बिक रही शराब की गुणवत्ता पर सख्ती से नजर रखने जा रही है। राज्य में मिल रही मिलावटी शराब की शिकायतों के बाद आबकारी विभाग अब शराब की लैब टेस्टिंग कराएगा। इससे एक तरफ जहां उपभोक्ताओं का भरोसा लौटेगा…वहीं दूसरी ओर राज्य की राजस्व आय में भी इजाफा होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य सरकार ने राजस्व से जुड़े सभी विभागों को आय बढ़ाने के लिए सख्त कार्ययोजना सौंपी है। मकसद साफ है वित्तीय वर्ष 2025-26 तक उत्तराखंड को ‘राजस्व सरप्लस राज्य’ बनाए रखना।
जीएसटी के बाद राज्य में दूसरा सबसे बड़ा राजस्व स्रोत आबकारी विभाग है…लेकिन इस बार विभाग 5060 करोड़ रुपये का लक्ष्य पाने में पिछड़ता दिख रहा है। शुरुआती चार महीनों में सिर्फ 31 प्रतिशत राजस्व ही वसूल हो पाया है। अधिकारियों के अनुसार, पूरे साल में करीब 4800 करोड़ ही इकट्ठा हो पाएंगे।
इस कमी की बड़ी वजह है प्रदेश में निर्मित शराब में मिलावट की शिकायतें। इस कारण उपभोक्ता स्थानीय शराब की बजाय बाहर की ब्रांड्स को प्राथमिकता दे रहे हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन के अनुसार, अब से शराब की नियमित लैब टेस्टिंग की जाएगी ताकि गुणवत्ता पर नजर रखी जा सके और अवैध धंधों पर रोक लगे।
जीएसटी से सरकार को इस साल 11,221 करोड़ रुपये की उम्मीद है…लेकिन जीएसटी दरों में कटौती के चलते वसूली में नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। ऐसे में अब हर सेक्टर को अलग-अलग लक्ष्य देने की योजना बनाई जा रही है ताकि टैक्स संग्रह में गिरावट को रोका जा सके।
खनन विभाग इस साल अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। 950 करोड़ के लक्ष्य की तुलना में अब तक 40% से ज्यादा वसूली हो चुकी है। अब वन क्षेत्रों में नए खनन लॉट चिन्हित किए जाएंगे और निजी कंपनियों को पट्टे देने की भी तैयारी है।
परिवहन विभाग की शुरुआत थोड़ी धीमी रही…लेकिन वाहन बिक्री में बढ़ोतरी से उम्मीद जगी है कि साल के अंत तक 1500 करोड़ के लक्ष्य तक पहुंचा जा सकेगा। ऊर्जा विभाग की हालत थोड़ी चिंताजनक है। अब तक केवल 15 प्रतिशत राजस्व ही वसूला गया है। सरकार ने विभाग को तेजी से सुधार के निर्देश दिए हैं।
वन विभाग का प्रदर्शन अब तक कमजोर रहा है, लेकिन सरकार ने जड़ी-बूटियों, लीसा, और कार्बन क्रेडिट जैसे विकल्पों पर ध्यान केंद्रित करना शुरू किया है। इसके लिए विशेषज्ञ एजेंसी की मदद से इन स्रोतों से आय का सही आकलन किया जाएगा। साथ ही इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नए पर्यटन स्थल विकसित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य के आय स्रोत बढ़ाने के लिए सरकार हर जरूरी कदम उठा रही है। इससे विकास कार्यों के लिए धन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे नए स्रोतों की तलाश करें, और राजस्व वसूली में तेजी लाएं।
देहरादून: उत्तराखंड में शिक्षा को डिजिटल दिशा देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) अब मोबाइल आधारित ऑनलाइन पाठ्यक्रम शिक्षकों को उपलब्ध कराएगा। इन कोर्स में पंजीकरण से लेकर अध्ययन सामग्री, मूल्यांकन, प्रगति सारांश और प्रमाणपत्र डाउनलोड करने की सुविधा एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगी। साथ ही शिक्षकों की मदद के लिए हेल्पलाइन और चैटबॉट सपोर्ट भी दिया जाएगा।
एससीईआरटी ने ऑनलाइन पाठ्यक्रम और उत्तराखंड हैकाथॉन शुरू कर शिक्षा के डिजिटल एकीकरण की दिशा में नया अध्याय जोड़ा है। अब शिक्षकों को खुद इन तकनीकी संसाधनों को अपनाकर विद्यार्थियों के सामने नए ढंग से प्रस्तुत करना होगा। गुणवत्तापूर्ण अध्यापन के लिए मानकीकृत पाठ योजनाओं पर भी जोर दिया गया है।
शिक्षा सचिव रविनाथ रामन ने कहा कि यह पहल शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों को नई दिशा देगी। शिक्षा में सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के समावेश को उन्होंने राज्य के लिए गर्व की बात बताया।
वहीं एससीईआरटी निदेशक बंदना गर्ब्याल का कहना है कि हैकाथॉन और ई-मैगज़ीन रतब्याणी जैसी पहलें शिक्षा में नवाचार और शोध को बढ़ावा देंगी। उनका मानना है कि तकनीक के इस इस्तेमाल से शिक्षकों और विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों से निपटने की ताकत मिलेगी।
Uttarakhand: Rajeev Pratap: Journalist:दीपनगर स्थित आवास पर दिवंगत पत्रकार राजीव प्रताप के परिजनों से मिलने आज सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी पहुँचे। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में पूरी मदद की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी राजीव प्रताप के निधन पर गहरा दुख जताया है और परिवार के प्रति संवेदनाएँ प्रकट की हैं। साथ ही घटना की गहन और निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। उत्तरकाशी के पुलिस उपाधीक्षक की अगुवाई में बनी यह टीम मामले की हर पहलू से जांच करेगी ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके।
देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) ने अपनी आगामी परीक्षाओं को लेकर पूरी तैयारी कर ली है। आयोग की सभी परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार बिना किसी बदलाव के आयोजित की जाएंगी। अब हर परीक्षा केंद्र पर एक अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा…जो सीधे आयोग के मुख्यालय से जुड़ा रहेगा। इससे आयोग के अधिकारी परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर हर वक्त नजर रख सकेंगे। इसके साथ ही पहले से लग रहे दो कैमरों के साथ कुल तीन सीसीटीवी कैमरे केंद्रों पर सक्रिय रहेंगे।
मोबाइल नेटवर्क बाधित होने के कारण परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल सेवा ठप रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए हर परीक्षा केंद्र पर एक हॉटलाइन लैंडलाइन फोन की व्यवस्था की गई है…जिससे केंद्र के कंट्रोल रूम से आयोग के कंट्रोल रूम के बीच त्वरित संवाद हो सकेगा।
मंगलवार को आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में परीक्षा की शुचिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान यह निर्णय लिया गया कि परीक्षा के दौरान प्रत्येक जिले के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।
परीक्षार्थियों के लिए यह जरूरी होगा कि वे परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले यानी सुबह साढ़े आठ बजे तक परीक्षा केंद्र पहुंच जाएं। साढ़े दस बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। साथ ही यह भी तय किया गया कि जो अभ्यर्थी बिना बायोमीट्रिक जांच के परीक्षा केंद्र में प्रवेश करेगा उसे आयोग की परीक्षाओं से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि परीक्षा केंद्रों पर क्लाक रूम यानी सामान रखने की सुविधा नहीं होगी। अभ्यर्थियों को अपने साथ लाया हुआ सामान परीक्षा केंद्र के बाहर ही रखना होगा।
आयोग के अनुसार, पांच अक्टूबर को सहकारी निरीक्षक वर्ग-दो और सहायक विकास अधिकारी (सहकारी) के 45 पदों के लिए लिखित परीक्षा देहरादून और हल्द्वानी के 26 केंद्रों पर आयोजित होगी। आयोग ने प्रवेश पत्र अपनी आधिकारिक वेबसाइट www.sssc.uk.gov.in
पर जारी कर दिए हैं। वहीं 12 अक्टूबर को सहायक कृषि अधिकारी वर्ग-एक (रसायन विज्ञान) एवं प्राविधिक सहायक वर्ग-एक (अभियंत्रण शाखा) के लिए परीक्षा देहरादून के एक केंद्र में होगी।
दिव्यांग अभ्यर्थियों को परीक्षा के दौरान श्रुतलेखक की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी…ताकि उन्हें परीक्षा में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
यूकेएसएसएससी के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने बताया कि आयोग की सभी परीक्षाओं में पारदर्शिता और शुचिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। हर परीक्षा केंद्र पर जिला स्तरीय अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की जांच करेंगे। साथ ही कड़े सुरक्षा प्रबंध, उच्च तकनीक जैमर और शत प्रतिशत बायोमीट्रिक जांच सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो सके।
देहरादून: गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवहन निगम ने कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। निगम के महाप्रबंधक संचालन क्रांति सिंह ने मंगलवार को सभी मंडलीय प्रबंधकों और अधिकारियों को पत्र जारी कर यह निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में भारी बारिश, प्राकृतिक आपदाओं और मार्ग बंद होने के कारण बस संचालन प्रभावित हुआ है, जिससे निगम की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है।
निगम को कर्मचारियों को समय पर वेतन देने में भी कठिनाई हो रही है वहीं मार्च के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को भी भुगतान लंबित है। अब पीक सीजन शुरू हो चुका है और आने वाले दशहरा, दिवाली जैसे त्योहारों पर यात्री संख्या में बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिससे निगम की आय में सुधार हो सकता है।
इसलिए निगम ने फैसला किया है कि आवश्यक कारणों को छोड़कर अब किसी भी अधिकारी, कर्मचारी को छुट्टी नहीं दी जाएगी। सभी से अनुरोध किया गया है कि वे मिलकर निगम के संचालन में पूरा योगदान दें ताकि वेतन भुगतान सहित अन्य वित्तीय दिक्कतों का समाधान हो सके।
महाप्रबंधक क्रांति सिंह ने स्पष्ट किया कि यह कदम निगम की मजबूरी है और कर्मचारियों की सहभागिता से ही निगम संकट से उबर सकता है।
हल्द्वानी: डाक विभाग ने एक अक्टूबर 2025 से बड़ा बदलाव करते हुए वर्षों पुरानी रजिस्ट्री सेवा को बंद कर दिया है। अब ग्राहक अपने दस्तावेज और पार्सल को केवल स्पीड पोस्ट के जरिए ही भेज सकेंगे। इस नई व्यवस्था के तहत नई दरें लागू कर दी गई हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
नैनीताल मंडल के सभी डाकघरों में अब रजिस्ट्री सेवा को स्पीड पोस्ट में समाहित कर दिया गया है। डाक विभाग का कहना है कि यह कदम डाक सेवाओं को तेज, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए उठाया गया है। हालांकि स्पीड पोस्ट को रजिस्टर्ड कराने के लिए अब 5 रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
डाक विभाग के मुताबिक इस नई व्यवस्था के तहत ग्राहकों को ओटीपी आधारित सुरक्षित डिलीवरी की सुविधा भी दी जाएगी। यानी अब रिसीवर को पार्सल तभी मिलेगा जब वह सही ओटीपी दिखाएगा। इस सुविधा को ‘वेल्यू एडेड सर्विस’ नाम दिया गया है।
नई स्पीड पोस्ट दरें (1 अक्टूबर से लागू)
स्थानीय (50 ग्राम तक) 15-19
स्थानीय (51-250 ग्राम) 25-24
स्थानीय (251-500 ग्राम) 30-28
वन इंडिया वन रेट (50 ग्राम) 35-47
200 किमी तक (51-250 ग्राम) 35-59
नोट: इन दरों में GST अलग से देनी होगी।
छात्रों को नवंबर से छूट
डाक विभाग ने जानकारी दी कि 1 नवंबर से छात्रों को 10% की छूट दी जाएगी….जिससे उन्हें राहत मिल सकेगी।
प्रवर डाक अधीक्षक अमित दत्त ने कहा कि यह फैसला ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए लिया गया है। रजिस्ट्री सेवा को स्पीड पोस्ट में मिलाकर ट्रैकिंग, सुरक्षित डिलीवरी और तेज पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही ओटीपी आधारित डिलीवरी से गलत हाथों में सामान जाने की संभावना भी खत्म होगी।
इस बदलाव के बाद अब जरूरी कागजात या पार्सल भेजने के लिए लोगों को सिर्फ स्पीड पोस्ट का ही सहारा लेना होगा। वहीं थोड़ी अतिरिक्त लागत के बदले बेहतर, सुरक्षित और तेज सेवा मिलने का दावा किया गया है।
Uttarakhand: Heli Service: बुधवार को उत्तराखंड में पिथौरागढ़–मुनस्यारी–पिथौरागढ़ और हल्द्वानी–अल्मोड़ा–हल्द्वानी रूट पर नई हवाई सेवाओं की शुरुआत हुई। इन सेवाओं के शुरू होने से अब यात्रियों को दूरस्थ इलाकों तक पहुँचने में काफी आसानी होगी।
अल्मोड़ा और मुनस्यारी ऐतिहासिक व सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर हैं, जो प्राकृतिक सुंदरता और प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध हैं। नई हेली सेवाओं से अब पर्यटक इन जगहों तक पहले से कहीं तेज़ और सुविधाजनक तरीके से पहुँच सकेंगे। हल्द्वानी से अल्मोड़ा तक जहाँ पहले 3–4 घंटे का समय लगता था, वहीं अब कुछ ही मिनटों में सफर पूरा किया जा सकेगा। इससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
फिलहाल राज्य के कई हिस्सों को हेली सेवाओं से जोड़ा जा चुका है, जिनमें गौचर, जोशियाड़ा, हल्द्वानी, मुनस्यारी, मसूरी, पिथौरागढ़, पंतनगर, चंपावत, बागेश्वर, नैनीताल और अल्मोड़ा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। आने वाले समय में और भी जगहों तक हवाई सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।
नई हेली सेवाएँ रोजाना दो बार संचालित होंगी।
पिथौरागढ़ से मुनस्यारी: सुबह 10:30 बजे और दोपहर 1:50 बजे
मुनस्यारी से पिथौरागढ़: सुबह 10:50 बजे और दोपहर 2:10 बजे
हल्द्वानी से अल्मोड़ा: सुबह 11:50 बजे और दोपहर 3:10 बजे
अल्मोड़ा से हल्द्वानी: दोपहर 12:50 बजे और शाम 4:10 बजे
किराया ₹2500 रखा गया है और टिकट बुकिंग ऑनलाइन airheritage.in पर की जा सकती है।
यह पहल राज्य में हवाई संपर्क को और मजबूत करने के साथ ही पर्यटन को नई ऊँचाइयाँ देने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
Rules Change: अक्तूबर महीने की शुरुआत हो चुकी है और साथ ही कई अहम बदलाव भी लागू हो गए हैं जो सीधे आपके दैनिक जीवन और बजट को प्रभावित करेंगे। चाहे बात हो रेलवे टिकट बुकिंग के नियमों की यूपीआई ट्रांजैक्शन की या एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों की इस महीने कई नई अपडेट्स आपके काम को आसान तो बनाएंगी…लेकिन इनके बारे में जानना भी जरूरी है ताकि आप किसी परेशानी से बच सकें।
रेलवे टिकट बुकिंग में नया नियम लागू
आज से रेलवे ने टिकट बुकिंग में नया बदलाव किया है। अब रिजर्वेशन खुलने के पहले 15 मिनट केवल उन्हीं यात्रियों के लिए होगा जिनका आधार वेरिफिकेशन हो चुका है। यह नियम आईआरसीटीसी वेबसाइट और एप दोनों पर लागू होगा। इससे टिकट बुकिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जी बुकिंग कम होंगी।
एनपीएस नियमों में भी बदलाव
नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) से जुड़ी नई सुविधा के तहत अब नॉन-गवर्नमेंट सेक्टर के निवेशक एक ही PAN या PRAN नंबर के तहत कई योजनाओं में निवेश कर सकेंगे। यह बदलाव निवेशकों को अधिक विकल्प और सुविधा देगा।
यूपीआई ट्रांजैक्शन में नया अपडेट
यूपीआई ने भी धोखाधड़ी रोकने के लिए पी2पी (पर्सन टू पर्सन) मनी रिक्वेस्ट की सुविधा बंद कर दी है। यानी अब आप यूपीआई एप के जरिए सीधे पैसे मांग नहीं पाएंगे। वहीं यूपीआई ट्रांसफर की अधिकतम लिमिट बढ़ाकर 1 लाख से 5 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे बड़ी रकम भेजना आसान हो जाएगा।
एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ीं
दशहरे और दिवाली जैसे त्योहारों से पहले एलपीजी सिलेंडर के दामों में बदलाव हुआ है। दिल्ली में 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर अब 1595.50 रुपये का हो गया है…जो पहले 1580 रुपये था। घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है।
इन बदलावों से न केवल आपकी सुविधाओं में सुधार होगा…बल्कि आपको अपने खर्चों और योजनाओं को भी इसके अनुसार एडजस्ट करना होगा। इसलिए महीने की शुरुआत में ही इन नियमों और कीमतों की जानकारी रखना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
देहरादून: देहरादून निवासी एक युवक मर्चेंट नेवी की सेवा के दौरान सिंगापुर और चीन के बीच समुद्र में सफर करते वक्त रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गया। युवक के लापता होने की सूचना मिलने के बाद से उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्वजनों ने बंधक बनाए जाने की आशंका जताते हुए मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से मदद की गुहार लगाई है।
लापता युवक की पहचान करणदीप सिंह राणा (सीनियर डेक कैडेट) के रूप में हुई है, जो पटेलनगर की संजय कॉलोनी देहरादून का रहने वाला है और मूल रूप से रुद्रप्रयाग जिले के तिलवाड़ा जैली गांव से ताल्लुक रखता है। करणदीप 16 अगस्त को घर से दिल्ली होते हुए सिंगापुर गया था और वहां से 19 अगस्त को ट्रेनिंग के लिए एक व्यवसायिक जहाज (शिप) पर तैनात हुआ।
परिजनों के अनुसार करणदीप ने 20 सितंबर को परिवार से आखिरी बार बात की थी। उसी दिन देर शाम को एग्जीक्यूटिव शिप मैनेजमेंट कंपनी की ओर से सूचना दी गई कि करणदीप जहाज से लापता हो गया है। कंपनी ने सिर्फ यह बताया कि उसका एक जूता और एक कैमरा मिला है। हालांकि इसके आगे कोई ठोस जानकारी या आश्वासन नहीं दिया गया।
यह हादसा उस वक्त हुआ जब जहाज सिंगापुर से चीन की ओर जा रहा था और यह घटना श्रीलंका के दक्षिण-पूर्व में करीब 150 नॉटिकल माइल की दूरी पर घटी। कंपनी ने बताया कि श्रीलंका समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (Maritime Rescue Coordination Center) को सूचना दी गई थी और जहाज को वापस उस स्थान पर लाया गया जहां करणदीप लापता हुआ था। करीब 96 घंटे तक जहाज वहीं रुका रहा, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिला।
स्वजनों ने जताया शक: बंधक बनाए जाने की आशंका
करणदीप के पिता नरेंद्र राणा ने बताया कि उन्हें शक है कि उनके बेटे को जहाज में ही बंधक बनाकर रखा गया है। उन्हें जहाज के चालक दल से बात करने की अनुमति नहीं दी जा रही है…जिससे संदेह और गहराता जा रहा है। कंपनी द्वारा यह भी बताया गया कि करणदीप को आखिरी बार समुद्र से करीब 200 मीटर दूर देखा गया था।
नरेंद्र राणा ने यह भी बताया कि करणदीप समुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ मरीन स्टडीज का टॉपर रहा है और उसने पूर्व में भी दो जहाजों पर सेवा दी है…जहां उसके काम की सराहना की गई थी। ऐसे में उसका अचानक और रहस्यमयी तरीके से लापता होना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि किसी गहरे षड्यंत्र की आशंका को जन्म देता है।
मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से मदद की गुहार
परिजनों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिलाधिकारी देहरादून सहित विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर करणदीप की तलाश में तेजी लाने और मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
नैनीताल (उत्तराखंड): नैनीताल जिले में तैनात राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी) प्रकाश चंद्र देवतल्ला को रिश्वत मांगने के आरोप में जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पटवारी का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्हें स्पष्ट रूप से भूमि का खसरा देने के एवज में रिश्वत मांगते हुए सुना जा सकता है। वायरल ऑडियो की जांच के आदेश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए थे…जिसमें आरोपों की पुष्टि होने पर यह कार्रवाई की गई।
प्राथमिक जांच में यह पुष्टि हुई कि ऑडियो में सुनी गई आवाज पटवारी प्रकाश चंद्र देवतल्ला की ही है। जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने न केवल कार्य में लापरवाही बरती बल्कि सरकारी प्रक्रिया में जानबूझकर देरी करते हुए भूमि से संबंधित दस्तावेज़ उपलब्ध कराने के लिए 25 से 50 हजार रुपये तक की रिश्वत की मांग की थी।

इस संबंध में जिलाधिकारी नैनीताल ने उन्हें निलंबित कर तहसील खनस्यूं में सम्बद्ध किया है। साथ ही, विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में दोष सिद्ध होता है…तो आरोपी पटवारी के खिलाफ सख्त विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सभी सरकारी कर्मियों को चेतावनी देते हुए निर्देश दिए हैं कि वे अपने आचरण को पूरी तरह पारदर्शी रखें और जनहित में कार्य करें। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत तत्काल जिला प्रशासन संबंधित प्राधिकरण अथवा टोल फ्री नंबर 1064 पर की जाए।
गौरतलब है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी नैनीताल जनपद में कई सरकारी कर्मचारियों पर रिश्वत के गंभीर आरोप लग चुके हैं…जिनमें से कई के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस की विजिलेंस यूनिट कार्रवाई कर चुकी है और कुछ आरोपी जेल में भी बंद हैं।