देहरादून की स्नेह राणा का दमदार प्रदर्शन,भारत की विश्वकप में शानदार जीत

Uttarakhand: Cricket : Women: World Cup: महिला वनडे विश्व कप 2025 के उद्घाटन मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 59 रन से हराकर टूर्नामेंट की विजयी शुरुआत की। गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में खेले गए मैच में श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। भारत ने निर्धारित 47 ओवर में 8 विकेट पर 269 रन बनाए। डकवर्थ-लुईस नियम के तहत मिले 271 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंकाई टीम 45.4 ओवर में 211 रन पर सिमट गई।

देहरादून के सिनोला गांव की स्नेह राणा ने इस मुकाबले में हरफनमौला खेल दिखाया। उन्होंने दो छक्कों और दो चौकों की मदद से 28 रन की तेजतर्रार पारी खेली और गेंदबाजी में भी दो विकेट झटके। उनके प्रदर्शन से भारत की जीत सुनिश्चित हुई, जिससे उनके गृह नगर देहरादून में उत्साह का माहौल देखने को मिला। इससे पहले इंग्लैंड दौरे में भी उन्होंने 30 रन और दो विकेट लेकर टीम को अहम योगदान दिया था।

भारत की जीत में अमनजोत कौर, दीप्ति शर्मा, स्नेह राणा, श्रीचरणी और प्रतीका रावल ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। श्रीलंका की ओर से कप्तान चमारी अटापट्टू 43 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहीं, जबकि निलाक्षिका सिल्वा ने 35 रन का योगदान दिया। दशहरे के पर्व से पहले मिली इस जीत से भारतीय क्रिकेट प्रेमियों में जश्न का माहौल है।

वन्य जीव हमले में जनहानि पर अब मिलेगा 10 लाख रुपए की मदद, सीएम धामी ने किया ऐलान

देहरादून: वन्य जीवों के संरक्षण और सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे प्रयासों को मजबूती देने के लिए हर साल अक्टूबर के पहले सप्ताह को वन्य जीव सप्ताह के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष भी देहरादून जू में वन्य जीव प्राणी सप्ताह का भव्य आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने वन्य जीवों के हमले में होने वाली जनहानि के लिए मिलने वाली सहायता राशि को 6 लाख रुपए से बढ़ाकर 10 लाख रुपए करने की घोषणा की। राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है….जिसे वन विभाग आगामी मंत्रिमंडल की बैठक में पेश कर लागू करेगा।

सीएम धामी ने वन्यजीवों को प्रदेश की आस्था संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा बताते हुए कहा कि देवी-देवताओं के वाहन भी वन्य जीव हैं जो सह-अस्तित्व का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लगभग 14.77 प्रतिशत भूमि राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव विहार और संरक्षण क्षेत्रों के रूप में संरक्षित है….जो पूरे देश के 5.27 प्रतिशत अनुपात से कहीं अधिक है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पर्यावरण की रक्षा के साथ-साथ इकोनॉमी, इकोलॉजी और टेक्नोलॉजी के बीच संतुलन बनाकर विकास कर रही है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में कम से कम एक नया पर्यटन स्थल विकसित किया जाएगा, जो पर्यटकों के लिए सुलभ और प्राकृतिक स्वरूप में रहेगा।

सीएम ने यह भी कहा कि बाघ, गुलदार, हाथी और हिम तेंदुए जैसे दुर्लभ वन्य प्राणियों की संख्या में वृद्धि हुई है….लेकिन मानव-वन्यजीव संघर्ष भी बढ़ रहा है। इसे कम करने के लिए ड्रोन और जीपीएस जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। स्थानीय लोगों को वन संरक्षण में शामिल करने के लिए आजीविका के नए अवसर दिए जा रहे हैं।

राज्य सरकार की ‘सीएम यंग ईको-प्रेन्योर’ योजना के तहत नेचर गाइड, ड्रोन पायलट, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर और इको टूरिज्म जैसे क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। साथ ही इको क्लब के जरिए छात्रों के लिए वन्य जीवों से जुड़ी शैक्षिक यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरनमेंट” आह्वान को उद्धृत करते हुए मुख्यमंत्री ने पर्यटकों से अपील की कि वे जंगल सफारी और धार्मिक पर्यटन स्थलों में गंदगी न फैलाएं….ताकि प्रकृति की रक्षा हो सके।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वन और वन्य जीवों की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है और इकोनॉमी, इकोलॉजी व टेक्नोलॉजी के सामंजस्य से ही प्रदेश का समग्र विकास संभव है।

उत्तराखंड: तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार को मारी टक्कर , किच्छा निवासी युवक की मौत !

रुद्रपुर: बरा क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी…जिसमें किच्छा निवासी 40 वर्षीय सतविंदर सिंह की मौत हो गई जबकि उसका साथी हरपाल सिंह गंभीर रूप से घायल है। दोनों दशहरा मेला देखने के बाद वापस लौट रहे थे जब यह हादसा हुआ।

घटना के बाद सतविंदर सिंह को पहले सितारगंज के उप जिला अस्पताल ले जाया गया…जहां उसकी हालत गंभीर देख उसे रुद्रपुर के निजी अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहाँ भर्ती करने से इंकार कर दिया गया। अंततः उसे जिला अस्पताल लाया गया…जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

सूचना पाते ही सतविंदर के स्वजन अस्पताल पहुंचकर बिलख उठे। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।

नैनीताल में 15 साल की नाबालिग ने बच्चे को जन्म दिया, परिजन भी हैरान

नैनीताल: शहर में 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के बच्चे को जन्म देने की घटना ने सबका ध्यान खींचा है। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। पुलिस इस मामले में बच्चे के पिता के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने के लिए नाबालिग के परिवार की तहरीर का इंतजार कर रही है।

मल्लीताल क्षेत्र की इस नाबालिग लड़की को सुबह करीब पांच बजे अचानक पेट में तेज दर्द उठा। उसने शुरुआत में पेट दर्द को गैस की समस्या बताया। तत्काल उसे बीडी पांडेय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद गर्भवती होने और प्रसव पीड़ा होने की पुष्टि की। इसके बाद नाबालिग को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। डॉक्टरों के मुताबिक वह लगभग 9 महीने से गर्भवती थी।

सूचना पाकर कोतवाली प्रभारी हेम पंत, एसआई आशा बिष्ट समेत अन्य पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों तथा नाबालिग के परिजनों से मामले की जानकारी ली। परिवार के अनुसार नाबालिग के पिता एक होटल में काम करते हैं जबकि मां घरेलू काम करती हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

उत्तराखंड बोर्ड की अंक सुधार परीक्षा का रिजल्ट घोषित

देहरादून: लंबे इंतजार के बाद उत्तराखंड बोर्ड की अंक सुधार परीक्षा 2025 का परिणाम आखिरकार घोषित कर दिया गया है। हाईस्कूल में 81.38% जबकि इंटरमीडिएट में 76% छात्र-छात्राएं सफल घोषित किए गए हैं। परिणाम की घोषणा से हजारों छात्रों को राहत मिली है, जो परीक्षा परिणाम में सुधार की उम्मीद लगाए बैठे थे।

हालांकि परीक्षा समय पर आयोजित होने के बावजूद परिणाम घोषित होने में काफी देरी हुई। इसके पीछे कई प्रशासनिक और प्राकृतिक कारण रहे। पहले पंचायत चुनाव फिर राज्य के कई हिस्सों में आई आपदा और अंत में राजकीय शिक्षक संघ द्वारा मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार इन तीन मुख्य कारणों ने मूल्यांकन प्रक्रिया को प्रभावित किया।

इस स्थिति को संभालने के लिए बोर्ड ने अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराया…जिसके बाद अब जाकर परिणाम जारी किए गए हैं।

इतनी संख्या में हुए थे आवेदन

बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटर के उन छात्र-छात्राओं को परीक्षा में बैठने का मौका दिया था, जो दो या एक विषय में अनुत्तीर्ण थे। इसके लिए 2 से 21 मई तक ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। हाईस्कूल के लिए 8400 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया। इंटरमीडिएट के लिए 10706 छात्रों ने परीक्षा दी। परीक्षाएं 4 से 11 अगस्त के बीच आयोजित की गईं, जिसके लिए पूरे राज्य में 97 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।

उत्तराखंड: टेस्ट ड्राइव के बहाने फॉर्च्यूनर उड़ाई, घेराबंदी में आरोपी कार छोड़कर हुआ फरार

काशीपुर: शहर में कार चोरी का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। रामनगर निवासी एक व्यक्ति ने अपनी फॉर्च्यूनर कार बेचने के लिए ओएलएक्स पर विज्ञापन डाला था। इसी विज्ञापन के जरिए एक युवक ने संपर्क किया और कार खरीदने की इच्छा जताई।

टेस्ट ड्राइव के दौरान दिया झांसा

खरीददार बनने का नाटक कर युवक रामनगर से काशीपुर पहुंचा और कार की टेस्ट ड्राइव मांगी। कार मालिक ने अपने बेटे को उसके साथ भेज दिया। ड्राइव के दौरान युवक ने गाड़ी में तकनीकी खराबी की बात कही। जब मालिक का बेटा जांच करने लगा तो सब सही मिला। इसी बीच आरोपी ने प्यास लगने का बहाना बनाया और बेटे को पानी लाने भेज दिया। जैसे ही बेटा उतरा युवक कार लेकर फरार हो गया।

पुलिस ने किया पीछा

घटना की जानकारी मिलते ही पिरूमद्वारा पुलिस चौकी को सतर्क किया गया। पीछा करने पर आरोपी प्रतापपुर बैरियर तक पहुंचा…जहां उसने बैरियर तोड़ दिया और आगे चल रही एक कार को टक्कर मार दी। घेराबंदी कड़ी होती देख आरोपी फॉर्च्यूनर छोड़ मौके से फरार हो गया।

फर्जी पहचान से किया संपर्क

जांच में पता चला है कि आरोपी ने फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया था। पुलिस को शक है कि वह किसी संगठित गैंग का हिस्सा हो सकता है जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देता है।

फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और इलाके में चेकिंग अभियान चला रही है। इस घटना ने ऑनलाइन खरीद-फरोख्त की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

उत्तराखंड: अब 3 मिनट में होंगे बाबा नीम करोली धाम के दर्शन !

हल्द्वानी/नैनीताल: विश्व प्रसिद्ध बाबा नीम करोली महाराज के कैंची धाम तक पहुंचना अब बेहद आसान होने वाला है। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार एक ऐसी विशेष योजना पर काम कर रही है…जिसके जरिए श्रद्धालु सिर्फ तीन मिनट में कैंची धाम के दर्शन कर सकेंगे।

फिलहाल हल्द्वानी से पिथौरागढ़, मुनस्यारी, अल्मोड़ा, चम्पावत और बागेश्वर के लिए हवाई सेवाएं सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं। प्रतिदिन करीब 150 यात्री इन रूट्स पर सफर कर रहे हैं। इसी क्रम में अब भवाली स्थित कैंची धाम को भी हवाई नेटवर्क से जोड़े जाने की तैयारी चल रही है।

हेरिटेज एविएशन प्राइवेट लिमिटेड ने जिला प्रशासन से भवाली क्षेत्र में हेलीपैड की मांग की है। मंजूरी मिलने के बाद शटल सेवा की तरह श्रद्धालु हल्द्वानी से केवल तीन मिनट की हवाई यात्रा कर सीधे कैंची धाम पहुंच सकेंगे।

कंपनी प्रबंधन के अनुसार कैंची धाम के लिए यात्रियों की सबसे अधिक मांग आ रही है। प्रस्तावित योजना के तहत इस रूट का किराया करीब 1000 रुपये तय किया जा सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय कंपनी और प्रदेश सरकार की वार्ता के बाद ही होगा।

गढ़वाल मंडल में चारधाम हवाई सेवा की सफलता के बाद अब कुमाऊं में भी लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। जनवरी 2024 में शुरू हुई हल्द्वानी-पिथौरागढ़ हवाई सेवा को यात्रियों से शानदार प्रतिक्रिया मिली। महज 18 महीनों में कुमाऊं के 14 रूट्स पर हवाई सेवाओं की 80 से 90 प्रतिशत सीटें नियमित रूप से भर रही हैं।

अब सरकार की इस नई योजना से न केवल कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी…बल्कि कुमाऊं में पर्यटन और धार्मिक आस्था को भी नया आयाम मिलेगा।

उत्तराखंड: इस दिन बंद होंगे भगवन बद्री नाथ धाम के कपाट, जानिए कब से शुरू होगी पंच पूजाएं

चमोली : विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 25 नवंबर को अपराह्न 2:56 बजे शीतकाल के लिए विधिवत बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने की प्रक्रिया के तहत 21 नवंबर से पंच पूजाओं की शुरुआत होगी।

आज विजयदशमी के पावन अवसर पर श्री बदरीनाथ मंदिर परिसर में पंचांग गणना के आधार पर यह तिथि घोषित की गई। इस अवसर पर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, रावल अमरनाथ नंबूदरी, वेदपाठी गण तथा तीर्थ पुरोहितों की उपस्थिति में भव्य धार्मिक समारोह का आयोजन हुआ।

हक-हकूकधारियों को दी गई पगड़ियाँ

इस शुभ अवसर पर बीकेटीसी अध्यक्ष द्वारा वर्ष 2026 के लिए हक-हकूकधारियों को परंपरागत पगड़ी भेंट कर सम्मानित किया गया।

भंडारी थोक से मनीष भंडारी

मेहता थोक से महेंद्र सिंह मेहता और दिनेश भट्ट

कमदी थोक से कुलभूषण पंवार

30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

बीकेटीसी अध्यक्ष ने बताया कि अब तक 14.20 लाख से अधिक श्रद्धालु बदरीनाथ और 16.02 लाख से अधिक श्रद्धालु केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं, जो कुल मिलाकर 30.22 लाख तीर्थयात्रियों का रिकॉर्ड दर्शाता है। यह यात्रा मानसून आपदा के बावजूद सफलतापूर्वक संचालित हो रही है।

उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर भी श्रद्धांजलि अर्पित की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में चल रहे स्वच्छता पखवाड़ा की भी सराहना की।

कपाट बंदी की विस्तृत प्रक्रिया…

21 नवंबर – भगवान गणेश की पूजा, शाम को गणेश जी के कपाट बंद

22 नवंबर – आदि केदारेश्वर एवं शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद

23 नवंबर – खड्ग-पुस्तक पूजन और वेद ऋचाओं का वाचन बंद

24 नवंबर – मां लक्ष्मी को विशेष भोग अर्पण

25 नवंबर – श्री बदरीनाथ धाम के मुख्य कपाट होंगे बंद (दोपहर 2:56 बजे)

26 नवंबर – रावल जी, श्री कुबेर, उद्धव जी की गद्दी शीतकालीन प्रवास हेतु जोशीमठ के लिए रवाना होगी

अन्य धामों की कपाट बंदी….

केदारनाथ और यमुनोत्री – 23 अक्टूबर (भैया दूज)

गंगोत्री – 22 अक्टूबर (अन्नकूट)

मध्यमहेश्वर – 18 नवंबर

तुंगनाथ – 6 नवंबर

उत्तराखंड: पेपर लीक के बाद 5 अक्टूबर की परीक्षा स्थगित, जानिए आगे का अपडेट

देहरादून: उत्तराखंड में आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सस्पेंस की स्थिति बनी हुई है। हाल ही में स्नातक स्तरीय परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए सीबीआई जांच कराने का निर्णय लिया है। इस बीच परीक्षार्थियों की मांग पर उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 5 अक्टूबर को होने वाली सहकारी निरीक्षक वर्ग 2 की परीक्षा को स्थगित कर दिया है। वहीं 12 अक्टूबर को प्रस्तावित सहायक कृषि अधिकारी और प्राविधिक सहायक वर्ग 1 की परीक्षा पर भी संशय बरकरार है।

प्रदेश में पेपर लीक की घटना ने आगामी परीक्षाओं पर असर डाला है। 5 अक्टूबर की परीक्षा की स्थगति के बाद अब 12 अक्टूबर की परीक्षा की तारीख भी अनिश्चित हो गई है। आयोग ने अभी तक इस परीक्षा के लिए कोई नई तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही कोई महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा।

एसटीएफ इस पेपर लीक मामले की जांच कर रही है, जिसमें मुख्य आरोपी खालिद के खिलाफ कई पहलुओं पर जांच जारी है। जांच के दौरान पता चला है कि खालिद ने किसी भी परीक्षा की तैयारी नहीं की थी और न ही उसके पास कोई नोटबुक या किताबें थीं। इसके बावजूद वह बिना तैयारी के कई परीक्षाओं में शामिल होता रहा…जिससे साफ होता है कि वह नकल के जरिए पास होने का प्रयास कर रहा था।

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष जीएस मार्तोलिया ने ईटीवी भारत से बातचीत में कहा कि 5 अक्टूबर की परीक्षा स्थगित की गई है क्योंकि परीक्षार्थियों ने तैयारी के लिए अधिक समय मांगा था। वहीं, 12 अक्टूबर की परीक्षा के संबंध में कोई अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है।

परीक्षार्थी और उनकी तैयारी के लिए यह समय काफी महत्वपूर्ण है और सरकार तथा आयोग मामले को गंभीरता से लेकर उचित कदम उठा रहा हैं ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता बनी रहे और सभी उम्मीदवारों को बराबर अवसर मिल सके।

उत्तराखंड: बिना तीर के ही मारा गया रावण? यहाँ मची अफरा-तफरी

रुद्रपुर: विजयादशमी से पहले रुद्रपुर के गांधी पार्क में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब रावण, कुंभकरण और मेघनाद के विशालकाय पुतले तेज हवा और बारिश की वजह से अचानक गिर गए। पुतले ज़मीन पर गिरते ही क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे आयोजकों की तैयारियों को तगड़ा झटका लगा है।

हर साल की तरह इस बार भी दशहरे पर रावण दहन की भव्य तैयारी की गई थी। रुद्रपुर में 65 फीट ऊंचे रावण और 60-60 फीट ऊंचे मेघनाद और कुंभकरण के पुतले तैयार किए गए थे। आयोजन स्थल गांधी पार्क में इन्हें सुबह से ही खड़ा किया गया था। लेकिन दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली। तेज हवा और हल्की बारिश के बीच पुतले एक-एक कर ज़मीन पर आ गिरे।

तेज़ हवा ने बिगाड़ा खेल, लेकिन टला बड़ा हादसा
गनीमत रही कि हादसे के वक्त मैदान में ज्यादा लोग मौजूद नहीं थे, जिससे किसी को चोट नहीं आई। हालांकि, पुतलों को गंभीर नुकसान पहुंचा है किसी का सिर टूट गया, किसी का हाथ और किसी का पैर अलग हो गया। अब आयोजकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि शाम को प्रस्तावित रावण दहन कार्यक्रम कैसे संपन्न कराया जाए।

आयोजन समिति के सदस्य हरीश अरोड़ा ने कहा कि अचानक मौसम के बदलाव की वजह से पुतले गिर गए और थोड़ा बहुत क्षति पहुंची है…लेकिन हम दर्शकों को निराश नहीं करेंगे। समिति की बैठक जारी है और शाम को हर हाल में रावण दहन किया जाएगा।

गौरतलब है कि इन पुतलों को तैयार करने में तीन महीने से ज्यादा का वक्त और लगभग डेढ़ लाख रुपये खर्च हुए हैं। हर साल रामपुर से आई विशेष टीम इन पुतलों को तैयार करती है। पुतलों के गिरने से कलाकारों और आयोजकों की मेहनत पर भी पानी फिरता नजर आ रहा है…लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था की कोशिशें तेज़ हैं।