हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज पर धामी की नजर

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में खेलों को नई दिशा देने के लिए विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में बनने वाले महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की कार्यवाही में तेजी लाई जाए। इन परियोजनाओं से प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी और उत्तराखंड खेल क्षेत्र में नई पहचान बना सकेगा। ( Womens Sports College Chamapawat)

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान तैयार की गई खेल अवसंरचना का नियमित रखरखाव और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इन परिसंपत्तियों का अधिकतम उपयोग करने के लिए राज्यभर में नियमित खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाए, ताकि खेल गतिविधियों को निरंतर गति मिलती रहे। ( Sports University Haldwani)

उन्होंने युवाओं में खेलों के प्रति उत्साह बढ़ाने के लिए न्याय पंचायत स्तर से लेकर विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी जैसी प्रतियोगिताओं को भव्य रूप में आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को खेल एवं युवा कल्याण विभाग आवश्यक सहयोग प्रदान करे। ( Cm Pushkar Singh Dhami on Sports)

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 39वें राष्ट्रीय खेलों के दृष्टिगत खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को समय पर पुरस्कार, छात्रवृत्ति और बीमा सुरक्षा के लाभ सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र और कॉरपोरेट जगत की भागीदारी से खेल अवसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि खेल सुविधाएं गांव-गांव तक पहुंच सकें। साथ ही, अनुभवी प्रशिक्षकों की नियुक्ति और नई खेल अकादमियों की स्थापना में तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना है। ( Sports University in Uttarakhand)

उत्तराखंड में दीपावली से पहले बिजली हुई महंगी, यूपीसीएल ने जारी की नई दरें

देहरादून: दीपावली से पहले उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं को महंगाई का झटका लगने वाला है। यूपीसीएल ने अक्टूबर महीने के लिए फ्यूल पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट के तहत दरें जारी कर दी हैं…जिसके चलते 6 पैसे से लेकर 26 पैसे प्रति यूनिट तक बिजली महंगी हो गई है।

इस बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में 26 से 104 रुपये तक की वृद्धि होगी। राज्य में लागू नई व्यवस्था के अनुसार बाजार से महंगी बिजली खरीदने की स्थिति में उपभोक्ताओं से अगले महीने के बिल में सरचार्ज वसूला जाता है।

दीपावली के दौरान खपत बढ़ने से यह असर और ज्यादा महसूस होगा। पिछले कई महीनों से उपभोक्ताओं पर बिजली दरों में लगातार सरचार्ज का भार पड़ रहा है और यह सिलसिला अक्टूबर में भी जारी रहेगा।

नई दरें (प्रति यूनिट बढ़ोतरी):

बीपीएल उपभोक्ता – 0.06

सामान्य घरेलू उपभोक्ता – 0.17

कॉमर्शियल – 0.24

सरकारी संस्थान – 0.23

औद्योगिक उपभोक्ता – 0.23

कृषि कार्य – 0.12

ईवी चार्जिंग स्टेशन – 0.21

अस्थायी निर्माण – 0.26

मुख्य अभियंता जसवंत सिंह की ओर से FPPCA दरों के तहत सरचार्ज वसूली का आदेश जारी कर दिया गया है।

उत्तराखंड: स्कूल में बच्चों से रेत-बजरी ढुलवाना पड़ा भारी, प्रधानाचार्य निलंबित

देहरादून: राजकीय प्राथमिक विद्यालय बांध विस्थापित बंजारावाला में एक शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां स्कूली बच्चों से रेत-बजरी ढुलवाने का काम कराया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।

वीडियो में साफ देखा गया कि स्कूल ड्रेस पहने छोटे बच्चे तसले और फावड़े से रेत उठाकर एक जगह से दूसरी जगह ले जा रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए विद्यालय की प्रधानाचार्य को सेवा से निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए।

उप शिक्षा अधिकारी रायपुर को जांच के निर्देश दिए गए थे। जांच में यह पाया गया कि बच्चों से वाकई में बाल श्रम कराया गया है। जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया और रायपुर ब्लॉक कार्यालय से सम्बद्ध किया गया है।

वहीं विद्यालय में कार्यरत अन्य शिक्षिकाओं से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग ने साफ संकेत दिया है कि दोषी पाए जाने पर अन्य शिक्षिकाओं पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड: आर्मी कैंटीन में नाबालिग से गलत हरकत, सेना का जवान गिरफ्तार

थराली(चमोली): उत्तराखंड के चमोली जनपद स्थित थराली क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है…जहां एक स्थानीय जनप्रतिनिधि की नाबालिग बेटी के साथ छेड़खानी का आरोप सेना के एक जवान पर लगा है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

थराली थाना प्रभारी पंकज कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि एक स्थानीय जनप्रतिनिधि द्वारा दी गई तहरीर में कहा गया है कि सेना के जवान ने रविवार को उनकी बेटी को आर्मी कैंटीन में सामान देने के बहाने बुलाया और वहां उसके साथ छेड़खानी करने का प्रयास किया।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि यह घटना रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे की है, जब किशोरी अपने पालतू मवेशियों को घुमाने ले जा रही थी। इसी दौरान कैंटीन में तैनात हवालदार रविन्द्र कुमार ने उसे बुलाया और उसके साथ गलत हरकत करने की कोशिश की। किशोरी ने किसी तरह खुद को बचाया और घर पहुंचकर परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।

घटना के बाद परिजनों ने न सिर्फ पुलिस को तहरीर दी..बल्कि सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर न्याय की गुहार भी लगाई। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराज़गी देखने को मिली।

थानाध्यक्ष पंकज कुमार ने बताया कि मामले की तहरीर मिलने के बाद आरोपी जवान रविन्द्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही पुलिस द्वारा उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सेना के अधिकारियों से संपर्क कर पूछताछ की जा रही है।

उत्तराखंड के इस शहर में अब नहीं होगी बिजली गुल! UPCL का बड़ा कदम शुरू

देहरादून: उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) अब राज्य की विद्युत वितरण प्रणाली को तकनीकी रूप से सशक्त और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में तेज़ी से काम कर रहा है। उपभोक्ताओं को बिना रुकावट और उच्च गुणवत्ता की बिजली आपूर्ति देने के उद्देश्य से यूपीसीएल ने अपने बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं।

इस दिशा में एक बड़ा कदम ऋषिकेश शहर में भूमिगत केबलिंग प्रोजेक्ट की शुरुआत है। इस परियोजना के तहत गंगा तट और मुख्य बाजार क्षेत्रों में बिजली की लाइनों को भूमिगत किया जाएगा। इसका सीधा फायदा यह होगा कि बारिश तूफान या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण बिजली कटौती की घटनाओं में कमी आएगी।

भूमिगत केबलिंग से सिर्फ बिजली व्यवस्था ही मजबूत नहीं होगी…बल्कि शहर का सौंदर्य भी निखरेगा। गंगा किनारे और व्यस्त बाजार क्षेत्रों में अब खुले तारों की जगह साफ-सुथरे फुटपाथ और सड़कों का दृश्य दिखेगा। यह बदलाव न केवल स्थानीय निवासियों…बल्कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के अनुभव को भी बेहतर बनाएगा।

इस परियोजना में SCADA (Supervisory Control and Data Acquisition) सिस्टम को भी शामिल किया गया है, जिसके जरिए विद्युत नेटवर्क की रियल टाइम निगरानी की जा सकेगी। किसी भी फॉल्ट की तुरंत पहचान कर उसे कम समय में ठीक करना संभव होगा। इससे उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का सामना कम करना पड़ेगा और आपूर्ति अधिक भरोसेमंद बनेगी।

इस प्रोजेक्ट को भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय से हरी झंडी मिल चुकी है। यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक अनिल यादव ने बताया कि हाल ही में आयोजित 50वीं मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक में ऋषिकेश क्षेत्र (कुंभ क्षेत्र/गंगा कॉरिडोर) में विद्युत लाइनों को भूमिगत करने और देहरादून में स्काडा सिस्टम लागू करने की स्वीकृति दी गई है।

हल्द्वानी में रेलवे ट्रैक की मरम्मत, रात को बंद रहेगी मंडी के पास वाली रेलवे क्रोसिंग

Haldwani: Train: Crossing: लालकुआं-हल्द्वानी रेलखंड के समपार संख्या 51A पर ट्रैक मरम्मत कार्य के कारण सड़क मार्ग दो रातों तक बंद रहेगा। रेलवे विभाग के अनुसार 5 और 6 अक्टूबर की रात को 8 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक सड़क यातायात पूरी तरह से बंद रहेगा।

इस मरम्मत कार्य की सूचना प्रभारी सेक्शन इंजीनियर द्वारा एसडीएम हल्द्वानी और पुलिस उपाधीक्षक को भी दी गई है। उन्होंने बताया कि यह कार्य लालकुआं-हल्द्वानी खंड के नवीन मंडी गेट पर किया जाएगा, जहां रेल ट्रैक की मरम्मत की जानी है।

रेलवे विभाग ने मरम्मत के दौरान वाहनों के लिए आंवाला चौकी गेट से आवाजाही की वैकल्पिक व्यवस्था की है। मरम्मत कार्य पूरा होते ही संबंधित मार्ग को पुनः खोल दिया जाएगा।

हल्द्वानी से दिल्ली जानें वाली बसों की बढ़ाई गई संख्या, त्योहार को देखते हुए बड़ा फैसला

Uttarakhand: Haldwani: Road Ways: Buses: Delhi त्योहारी सीजन और छुट्टियों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए परिवहन विभाग ने विशेष इंतज़ाम किए हैं। विभाग ने बताया कि छुट्टियों के दिनों में रोडवेज की कई बसें अतिरिक्त रूप से दिल्ली भेजी जा रही हैं, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

परिवहन अधिकारियों ने बताया कि सामान्य दिनों की तुलना में दिल्ली रूट पर बसों की संख्या बढ़ाई गई है। साथ ही प्रमुख बस अड्डों पर अतिरिक्त स्टाफ और टिकट काउंटर भी लगाए गए हैं। भीड़ नियंत्रण के लिए यात्रियों से अपील की गई है कि वे अग्रिम टिकट बुक करवाएं।

रोडवेज प्रशासन का कहना है कि त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुविधा सर्वोपरि है और सभी बसों की फिटनेस, सफाई तथा समय-सारिणी का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

सरकारी नौकरी का सुनहरा अवसर! DDA में बंपर भर्ती, जल्दी करें आवेदन

नई दिल्ली: दिल्ली विकास प्राधिकरण ने विभिन्न विभागों में कुल 1,732 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। 6 अक्टूबर सुबह 10 बजे से शुरू हुई यह प्रक्रिया 5 नवंबर 2025 शाम 6 बजे तक चलेगी। इच्छुक अभ्यर्थी DDA की आधिकारिक वेबसाइट dda.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

इस भर्ती के तहत जूनियर इंजीनियर, स्टेनोग्राफर, पटवारी, मल्टी टास्किंग स्टाफ, असिस्टेंट डायरेक्टर जैसे कुल 26 अलग-अलग कैटेगरी के पदों को भरा जाएगा।

भर्ती कार्यक्रम एक नजर में

क्र.सं.गतिविधितिथि
1आवेदन प्रारंभ6 अक्टूबर 2025
2अंतिम तिथि5 नवंबर 2025 (शाम 6 बजे)
3परीक्षा आयोजनदिसंबर 2025 – जनवरी 2026 (संभावित)

रिक्त पदों का विवरण (कुछ प्रमुख पद)

पदपद संख्या
मल्टी टास्किंग स्टाफ (गैर-मंत्रालयी)745
माली282
जूनियर सचिवालय सहायक199
जूनियर इंजीनियर (सिविल)104
पटवारी79
अनुभागीय अधिकारी (बागवानी)75
जेई (इलेक्ट्रिकल/मैकेनिकल)67
स्टेनोग्राफर ग्रेड D44
योजना सहायक23
सहायक निदेशक (योजना)19
अन्य पदशेष

शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए शैक्षणिक योग्यता पद के अनुसार भिन्न है:

10वीं पास से लेकर स्नातकोत्तर डिग्री तक के उम्मीदवार पात्र हैं।

इंजीनियरिंग पदों के लिए संबंधित ट्रेड में डिप्लोमा/BE/B.Tech आवश्यक है।

नायब तहसीलदार के लिए स्नातक के साथ कानून की डिग्री को वरीयता दी जाएगी।

सुरक्षा अधिकारी के लिए शारीरिक मापदंड भी अनिवार्य हैं।

आयु सीमा अधिकतर पदों के लिए 18 से 40 वर्ष तक निर्धारित है (पदवार अंतर संभव)।

विस्तृत पात्रता जानकारी के लिए DDA की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी विज्ञापन नोटिफिकेशन जरूर पढ़ें।

वेतनमान और पे लेवल

DDA द्वारा जारी वेतन विवरण के अनुसार:

कुछ पदों पर लेवल-11 के तहत 67,700 से 2,08,700

वहीं लेवल-10 में 56,100 से 1,77,500 तक का वेतनमान निर्धारित है।

MTS और क्लरिकल ग्रेड के पदों के लिए वेतन लेवल-1 से लेवल-4 तक होगा।

कैसे करें आवेदन?

वेबसाइट पर जाएं: dda.gov.in

Recruitment सेक्शन में जाएं

इच्छित पद चुनें और “Apply Online” पर क्लिक करें

आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें और शुल्क जमा करें

आवेदन को Submit करके प्रिंटआउट निकाल लें

नोट…..

आवेदन केवल ऑनलाइन मोड में मान्य होंगे।

CBT (कंप्यूटर आधारित टेस्ट) दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच आयोजित किया जाएगा।

परीक्षा की तारीखें और एडमिट कार्ड जारी करने की सूचना अलग से दी जाएगी।

उत्तराखंड में बनेंगी 23 नई खेल अकादमियां, सीएम धामी ने की घोषणा !

देहरादून: उत्तराखंड प्रीमियर लीग (UPL) 2025 का समापन रविवार को धूमधाम के साथ हुआ। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फाइनल मुकाबले की विजेता टीम हरिद्वार एलमास को ट्रॉफी प्रदान की और प्रदेश में खेलों को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।

मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री धामी ने सभी प्रतिभागी टीमों और खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि जीत-हार खेल का हिस्सा है…लेकिन खेल भावना, परिश्रम और आगे बढ़ने का जज्बा ही असली जीत है। उन्होंने युवाओं से खेल को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। खेल न सिर्फ शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक हैं….बल्कि यह अनुशासन टीमवर्क और संघर्षशीलता जैसे गुण भी विकसित करते हैं 

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों से देश में खेल संस्कृति को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि आज भारत खेलों के क्षेत्र में वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बना रहा है।

महिला खिलाड़ियों की भागीदारी को सराहा

मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष खुशी जताई कि UPL में महिला क्रिकेटरों की चार टीमों ने भाग लिया और बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने इसे भविष्य के लिए “मील का पत्थर” बताया। साथ ही उत्तराखंड की तीन होनहार बेटियों राघवी बिष्ट, प्रेमा रावत और नंदनी कश्यप के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चयन को राज्य के लिए गौरव की बात बताया।

उत्तराखंड का टैलेंट बाहर क्यों?….सीएम धामी ने उठाया सवाल

मुख्यमंत्री ने चिंता जताई कि उत्तराखंड के कई खिलाड़ी आज दूसरे राज्यों की ओर से खेल रहे हैं। उन्होंने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड से अपील की कि ऐसा ढांचा तैयार किया जाए जिससे राज्य की टीम देश की सर्वश्रेष्ठ टीमों में गिनी जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार खेलों को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठा रही है।

खेल अवसंरचना को मिलेगा नया आयाम

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में शीघ्र ही स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान लागू किया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी, जहां हर साल लगभग 920 विश्वस्तरीय एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा सरकार हल्द्वानी में पहला खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना पर भी तेजी से काम कर रही है।

नई खेल नीति, खिलाड़ियों को मिलेगी सरकारी नौकरी

प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई नई खेल नीति के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी देने का प्रावधान किया गया है। साथ ही मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए कई योजनाएं संचालित हो रही है…

मुख्यमंत्री खेल विकास निधि

मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना

मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना

खेल किट योजना

उत्तराखंड में अब नहीं सस्ती रहेगी जमीन, नए सर्किल रेट में देखिए पूरी लिस्ट

देहरादून। अगर आप उत्तराखंड में ज़मीन खरीदने की योजना बना रहे हैं तो आपकी जेब पर अब पहले से ज़्यादा बोझ पड़ेगा। रविवार से प्रदेशभर में नए सर्किल रेट लागू कर दिए गए हैं जिससे जमीन की रजिस्ट्री कराते समय स्टांप ड्यूटी भी ज्यादा देनी होगी। औसतन 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है…जबकि देहरादून में अकृषि भूमि के रेट में अधिकतम 22 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है।

राजधानी देहरादून में सबसे महंगी जमीन वाली राजपुर रोड पर भी सर्किल रेट में इज़ाफा हुआ है। घंटाघर से आरटीओ कार्यालय तक की भूमि दर अब 62 हजार से बढ़कर 68 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर हो गई है…यानी 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी।

यह आदेश जिलाधिकारी सविन बंसल की संस्तुति पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा द्वारा जारी किया गया है। नए सर्किल रेट लागू होने से अब 1044 अकृषि और 536 कृषि क्षेत्रों में भूमि खरीद फरोख्त महंगी हो गई है। इनमें सदर क्षेत्र के 586 अकृषि और 174 कृषि क्षेत्र भी शामिल हैं।

अधिकारियों के अनुसार 50 ऐसे क्षेत्र हैं जहां सर्किल रेट में 22 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। खासतौर से उन इलाकों में जहां से प्रशासन को राजस्व में बढ़ोतरी की संभावना है। शासन को भेजा गया प्रस्ताव करीब 8 महीने बाद स्वीकृत हुआ है।


प्रमुख इलाकों में नए सर्किल रेट इस प्रकार हैं:

क्षेत्रपहले (₹/वर्गमीटर)अब (₹/वर्गमीटर)
घंटाघर से आरटीओ कार्यालय₹62,000₹68,000
आरटीओ कार्यालय से मसूरी बाईपास₹55,000₹60,000
घंटाघर से बल्लूपुर₹50,000₹55,000
गांधी रोड से सहारनपुर चौक₹50,000₹55,000
प्रिंस चौक से रिस्पना पुल₹50,000₹55,000
ईसी रोड₹50,000₹55,000
सुभाष रोड₹50,000₹55,000
बल्लूपुर चौक से बल्लीवाला₹45,000₹50,000
रिस्पना पुल से रेलवे फाटक₹45,000₹50,000
रिस्पना पुल से जोगीवाला₹45,000₹50,000
बल्लूपुर चौक से प्रेमनगर₹35,000₹40,000
जोगीवाला से कुआंवाला₹35,000₹40,000
सहस्रधारा रोड (आईटी पार्क तक)₹35,000₹40,000
आईटी पार्क से छतरी चौक₹27,000₹30,000
सहारनपुर रोड से हरिद्वार रोड तक₹27,000₹30,000
लालपुल-कारगी रोड₹27,000₹30,000
रिंग रोड (जोगीवाला)₹27,000₹30,000
शिमला बाईपास रोड₹18,000₹22,000
चंद्रबनी रोड₹18,000₹22,000
माजरा रोड₹18,000₹22,000
मोथरोवाला (फायरिंग रेंज तक)₹18,000₹22,000
कारगी चौक से बंजारावाला₹18,000₹22,000
रायपुर-थानो रोड₹18,000₹22,000

दूरी के हिसाब से रेट तय:

सर्किल रेट में इस बार भी पहले की तरह प्रमुख मार्गों से दूरी के आधार पर दरें निर्धारित की गई हैं।

प्रमुख सड़कों से 50 मीटर तक की दूरी वाले क्षेत्रों में सबसे अधिक रेट तय किया गया है।

50 मीटर से 350 मीटर के बीच मध्यम रेट रखा गया है,

जबकि 350 मीटर से अधिक दूरी वाले क्षेत्रों के लिए दरें अपेक्षाकृत कम हैं।

नए सर्किल रेट का क्या असर होगा?

जमीन खरीदने पर रजिस्ट्री की लागत बढ़ेगी

स्टांप शुल्क पहले की तुलना में ज्यादा देना होगा

कई क्षेत्रों में बिक्री की दरें भी बढ़ने की संभावना

सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी का अनुमान

प्रशासन की अपील:

प्रशासन ने सभी खरीददारों और विक्रेताओं से अपील की है कि वे नए सर्किल रेट के अनुसार ही रजिस्ट्री कराएं…और लेनदेन से पहले वर्तमान रेट की जानकारी ज़रूर प्राप्त करें।