उत्तराखंड: 5 अक्टूबर को टली सरकारी परीक्षा, अब होगी इस दिन

देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की बहुप्रतीक्षित सहकारी निरीक्षक और सहायक विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा जिसे पेपर लीक विवाद के चलते स्थगित करना पड़ा था अब 16 नवंबर को कराई जाएगी। इस बार आयोग ने किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए फुलप्रूफ सुरक्षा इंतजाम किए हैं। आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने जानकारी दी कि यह परीक्षा पहले 5 अक्टूबर को होनी थी…लेकिन कुछ प्रशासनिक कारणों से इसे टालना पड़ा। उन्होंने बताया कि परीक्षा के लिए नई तिथि तय कर दी गई है…और एडमिट कार्ड जल्द ही जारी किए जाएंगे।

अब केवल सरकारी संस्थानों में होंगे परीक्षा केंद्र

डॉ. बरनवाल के अनुसार इस बार परीक्षा केंद्रों के चयन में भी बड़ा बदलाव किया गया है। केवल सरकारी शिक्षण संस्थानो…जैसे विश्वविद्यालय और सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज को ही केंद्र बनाया जाएगा। इन केंद्रों की निगरानी अब और सख्त होगी। पुलिस और मजिस्ट्रेट की संयुक्त टीमें परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगी। वहीं परीक्षा केंद्रों पर बायोमीट्रिक उपस्थिति पूरी तरह से तलाशी और निगरानी की पुख्ता व्यवस्था की जाएगी।

समूह-ग भर्तियों का नया परीक्षा कैलेंडर भी जल्द

आयोग ने यह भी घोषणा की है कि समूह-ग की बाकी भर्तियों का नया परीक्षा कैलेंडर भी जल्द ही जारी किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि अब भर्तियों में कोई देरी नहीं होगी और पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जाएगी।

पुस्तकालय भर्ती का परिणाम विभाग को भेजा गया

वहीं दूसरी ओर, आयोग ने उप पुस्तकालयाध्यक्ष, सूचना सहायक, सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष और सूचीकार पदों की भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया पूरी कर ली है। आयोग ने चयन सूची सोमवार को संबंधित विभाग को भेज दी है। अब विभाग द्वारा अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने कहा कि हमने आगामी परीक्षाओं के लिए कुछ अहम बदलाव किए हैं। इस बार पहले बनाए गए परीक्षा केंद्रों को हटाकर केवल सरकारी संस्थानों को चुना जाएगा। निगरानी व्यवस्था इतनी कड़ी होगी कि किसी भी प्रकार की अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।

दांतों का डॉक्टर बना Apple मे इंजीनियर, कैसे? पढ़िए पूरी कहानी!

नई दिल्ली: भारत में मेडिकल और इंजीनियरिंग को अक्सर सबसे सुरक्षित करियर विकल्प माना जाता है, लेकिन कभी-कभी असली सफलता उसी राह पर मिलती है जो सबसे कठिन और अनिश्चित हो। कुछ ऐसा ही किया अंशुल गांधी ने….जिन्होंने एक डेंटिस्ट बनने के बाद मेडिकल फील्ड छोड़कर टेक्नोलॉजी की दुनिया में छलांग लगाई…और आज वो दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी Apple में सीनियर मशीन लर्निंग इंजीनियर हैं।

डेंटिस्ट से डेटा साइंटिस्ट बनने का सफर

साल 2013 में अंशुल गांधी ने डेंटल कॉलेज से BDS की डिग्री हासिल की और एक डेंटिस्ट के रूप में करियर शुरू करने के लिए तैयार थे। लेकिन कुछ ही समय में उन्हें एहसास हुआ कि वह इस पेशे में खुद को पूरी तरह नहीं देख पा रहे हैं। रूट कैनाल और डेन्चर डिज़ाइन करते वक्त उनका मन किसी और दिशा में जाने की ओर इशारा कर रहा था…और वह दिशा थी कोडिंग और टेक्नोलॉजी।

कोडिंग के जुनून ने दिखाई नई राह

बचपन के कोडिंग के शौक को फिर से जिंदा करते हुए अंशुल ने C++ और Java जैसी भाषाएं सीखना शुरू किया। भारत में ही उन्होंने बतौर डेटा एनालिस्ट काम करना शुरू किया…जहाँ से उनका नाता AI और डेटा साइंस से जुड़ गया।

अमेरिका में मास्टर्स और AI में नई उड़ान

2016 में उन्होंने अमेरिका के ह्यूस्टन जाकर बायोमेडिकल इंफॉर्मेटिक्स में मास्टर्स किया एक ऐसा फील्ड जो हेल्थकेयर और टेक्नोलॉजी को जोड़ता है। यह डिग्री उनके लिए वरदान साबित हुई। 2018 में डिग्री पूरी कर उन्होंने हेल्थ डेटा पर काम करने वाले एक डेटा साइंटिस्ट के रूप में करियर की नई शुरुआत की।

Dell में मशीन लर्निंग इंजीनियर, फिर Apple तक का सफर

2021 में अंशुल को Dell में मशीन लर्निंग इंजीनियर की नौकरी मिली…जहाँ उन्होंने साइबर सिक्योरिटी के लिए AI/ML आधारित पेटेंट फाइल किया। लेकिन उनका सपना इससे भी बड़ा था Google, Meta या Apple जैसी कंपनियों में काम करना।

2024 में नौकरी बदलने की चाहत में उन्होंने दोबारा तैयारी शुरू की। लेकिन अब माहौल बदल चुका था Generative AI का दौर था और प्रतिस्पर्धा कहीं अधिक कठिन। अंशुल ने अपनी रणनीति बदली….LinkedIn नेटवर्क को 200 से बढ़ाकर 500+ किया। खुद को एक AI Thought Leader के रूप में स्थापित किया। LeetCode और मॉक इंटरव्यू से इंटरव्यू स्किल्स को धार दी।

सपना हुआ सच Apple में सीनियर इंजीनियर

जनवरी 2025 में अंशुल ने Apple के इंटरव्यू क्रैक किए और उन्हें सीनियर मशीन लर्निंग इंजीनियर की नौकरी मिल गई। यह उनके जुनून, निरंतर सीखने और सही नेटवर्किंग की जीत थी।

अंशुल गांधी की सफलता यह साबित करती है कि अगर आप अपने जुनून को पहचानकर उस दिशा में मेहनत करें…तो किसी भी क्षेत्र से आने वाला व्यक्ति अपने लक्ष्य को हासिल कर सकता है। उन्होंने दिखाया कि कैसे चिकित्सा शिक्षा से शुरुआत करके भी कोई व्यक्ति AI और टेक्नोलॉजी में अपनी अलग पहचान बना सकता है।

हल्द्वानी में सिटी बस सेवा का शुभारंभ, काठगोदाम से रवाना होगी पहली बस !

Haldwani: Bus: City Buses: हल्द्वानी शहर के लोगों के लिए खुशखबरी है। अब शहर में सार्वजनिक परिवहन को और अधिक सुविधाजनक, किफायती और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक नई पहल की जा रही है। परिवहन विभाग, हल्द्वानी द्वारा शुरू की जा रही सिटी बस सेवा का शुभारंभ मंगलवार, 14 अक्टूबर 2025 को किया जाएगा।

इस सेवा का उद्घाटन उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने कर कमलों से करेंगे। शुभारंभ समारोह का आयोजन सर्किट हाउस, काठगोदाम में प्रातः 9 बजे से किया जाएगा।

परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सिटी बस सेवा शहर के प्रमुख मार्गों पर चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएगी। इस सेवा का उद्देश्य शहरवासियों को सस्ती, सुलभ और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। अधिकारियों का कहना है कि इस सेवा से शहर के यातायात दबाव में कमी आएगी और साथ ही पर्यावरण संरक्षण व ऊर्जा बचत को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

सिटी बसें मुख्य रूप से स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए लाभकारी साबित होंगी।
उद्घाटन समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों के उपस्थित होने की संभावना है। इस पहल से हल्द्वानी शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को एक नई दिशा मिलेगी और शहर का यातायात तंत्र और भी व्यवस्थित, पर्यावरण अनुकूल तथा जनहितकारी बनेगा।

उत्तराखंड: डीएम के दरबार मे बुझे चेहरों पर लौटी रौशनी

देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में आम जनता की समस्याएं सुनीं। जिले के दूर-दराज से पहुंचे लोगों ने भूमि विवाद, घरेलू हिंसा, निजी भूमि पर अवैध कब्जा, बाढ़ सुरक्षा, आपदा मुआवजा, पेंशन और आर्थिक सहायता जैसी कुल 151 शिकायतें डीएम के सामने रखीं। इनमें से अधिकांश का समाधान मौके पर ही कर दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान कई मार्मिक और गंभीर मामले सामने आए। 75 वर्षीय राकेश तलवाड़…जो वर्षों से भूमि सीमांकन को लेकर परेशान थे अपनी समस्या के समाधान पर खुश होकर डीएम को आशीर्वाद देने पहुंचे। वहीं अधोईवाला निवासी बुजुर्ग सुशीला देवी ने मोबाइल टावर का अनुबंध समाप्त होने और किराया न मिलने की शिकायत की…जिस पर डीएम ने टावर सील करने के आदेश दिए।

जनता दर्शन में ऐसे भी मामले आए जहां घरेलू हिंसा, भू-माफिया की शिकायतें, बच्चों की पढ़ाई के लिए सहायता और वृद्धजनों के भरण-पोषण की गुहार लगाई गई। एक बुजुर्ग महिला, डेन्डो देवी, जिनका आधार कार्ड नहीं बन पा रहा था…उन्होंने बताया कि बायोमेट्रिक न मिलने के कारण वे सरकारी योजनाओं से वंचित हैं। डीएम ने ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए।

कई गंभीर सामाजिक समस्याओं पर डीएम ने त्वरित कार्रवाई की। एक महिला ने अपने बेटे पर उत्पीड़न और गाली-गलौज की शिकायत की…जिस पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। वहीं, कैंसर और किडनी से जूझ रहे मरीजों के इलाज के लिए सीएमओ को निःशुल्क इलाज सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।

शिकायतें सिर्फ व्यक्तिगत नहीं सामुदायिक स्तर की भी रहीं। सीमांत गांवों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या, सड़क और दीवारों की मरम्मत, स्कूल भवनों की स्थिति, स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी, बसों का संचालन बंद होना जैसी समस्याओं पर डीएम ने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

हल्द्वानी: अल्मोड़ा, टनकपुर, पिथौरागढ़, रामनगर समेत रूट पर चलेगी एक्ट्रा बसें

हल्द्वानी: आगामी दिवाली पर्व पर रोडवेज को आय में बढ़ोतरी की उम्मीद है। बीते सप्ताह में भी परिवहन निगम की कई बसें खाली रहीं, जिससे निगम की आमदनी प्रभावित हुई। हालांकि, अब त्योहारी सीजन को देखते हुए निगम ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

रोडवेज प्रशासन के अनुसार, 16 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान कर्मचारियों को ड्यूटी पर अतिरिक्त रूप से तैनात किया जाएगा ताकि यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो। साथ ही, पर्व के दिनों में ड्यूटी करने वाले कर्मियों को 1500 रुपये का प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।

प्रभारी क्षेत्रीय प्रबंधक आरएस बिष्ट ने बताया कि दीपावली के मौके पर दिल्ली, देहरादून, टनकपुर, पिथौरागढ़, रामनगर, बदरीनाथ और अल्मोड़ा रूटों पर बस सेवाएं बढ़ाई जाएंगी। पिछले कुछ दिनों में कम यात्रियों के कारण बसें खाली रही थीं, लेकिन दिवाली के समय भारी भीड़ की संभावना है। निगम को उम्मीद है कि इस सीजन में यात्रियों की संख्या बढ़ने से आय में भी सुधार होगा।

दून मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में मस्ती पड़ी महंगी, कई छात्रों पर हुई कार्रवाई

देहरादून: दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पीजी हॉस्टल में पार्टी का वीडियो वायरल होने के मामले में कॉलेज प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। वायरल वीडियो के बाद प्राचार्य द्वारा गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है…जिसके आधार पर संबंधित छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।

जांच समिति के अध्यक्ष और डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट (DMS) डॉ. एनएस बिष्ट ने जानकारी दी कि पार्टी के दौरान अस्पताल के डॉक्टरों से बदसलूकी करने वाले एक छात्र को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है। साथ ही उस पर 10,000 का जुर्माना भी लगाया गया है।

वहीं पार्टी में शामिल अन्य पीजी छात्रों पर अनुशासनहीनता का दोष तय करते हुए प्रत्येक पर 5,000 का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही उन्हें भविष्य में इस तरह की गतिविधियों से दूर रहने की सख्त हिदायत भी दी गई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल जैसे गंभीर पेशे में अनुशासन का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा…और भविष्य में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अशोभनीय व्यवहार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

गौलापार में लैंड फ्रॉड का मामला,नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष समेत 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज

Haldwani News: Police: Case: Land Fraud: नैनीताल जिले की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। हल्द्वानी के काठगोदाम थाना क्षेत्र में नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के पुत्र हरेंद्र कुंजवाल सहित सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी (धारा 420) का मुकदमा दर्ज किया गया है।

यह मामला गौलापार क्षेत्र के देवला तल्ला पजाया गांव की सरकारी भूमि की अवैध खरीद-फरोख्त से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि इन लोगों ने सरकारी जमीन को निजी संपत्ति दिखाकर खरीद-बिक्री की, जिससे शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।

इस प्रकरण की जांच कमिश्नर और आईजी की लैंड फ्रॉड समिति द्वारा की गई थी। समिति की रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी किए गए। इसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है

एसपी सिटी ने बताया कि इस मामले में जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। फिलहाल, सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और साजिश रचने से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है।

इस घोटाले की शिकायत आरटीआई कार्यकर्ता रविशंकर जोशी ने लैंड फ्रॉड समिति से की थी। उनका कहना है कि जिलाधिकारी ने एसडीएम को तत्काल जमीन पर कब्जा लेने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन की भूमिका को संदिग्ध बताया है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है, और अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच आगे क्या दिशा लेती है।

उत्तराखंड: पत्नी को करवा चौथ पर गिफ्ट देने के लिए लूटी बुजुर्ग की रकम

पिथौरागढ़: पिथौरागढ़ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहाँ एक युवक ने अपनी पत्नी को करवा चौथ पर साड़ी और उपहार देने के लिए लूट की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने एक 72 वर्षीय बुजुर्ग व्यापारी से 24,000 लूटे और उसी रकम से पत्नी के लिए साड़ी खरीदी। हालांकि यह प्यार ज्यादा दिन तक छिपा नहीं रह सका…पुलिस ने लूट के महज तीन दिन बाद आरोपी को धर दबोचा।

क्या है पूरा मामला?
10 अक्टूबर की सुबह पिथौरागढ़ नगर के तिलढुकरी में रहने वाले फैयाज खान जब दुकान बंद कर लौट रहे थे, तभी एक युवक ने उन्हें धक्का देकर 24,000 लूट लिए और फरार हो गया। पीड़ित के पोते की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सुरागों की मदद से पुलिस ने 28 वर्षीय सागर सोराड़ी को ऐंचोली से गिरफ्तार किया। पूछताछ में सागर ने बताया कि उसने करवा चौथ पर अपनी पत्नी को साड़ी और अन्य उपहार देने के लिए लूट की योजना बनाई थी।

पहले की रेकी, फिर वारदात को दिया अंजाम
सागर ने बुजुर्ग व्यापारी की पहले रेकी की और जैसे ही वे सुनसान गली में पहुंचे, उन्हें धक्का देकर रुपये लेकर भाग गया। इसके बाद सागर ने 3,000 से ज्यादा की साड़ी खरीदी और पत्नी को करवा चौथ पर गिफ्ट दी। पुलिस ने लूटी गई राशि में से ₹17,130 नकद और खरीदी गई साड़ी बरामद कर ली है।

आदतन अपराधी है आरोपी
एसपी के अनुसार सागर पहले भी मोबाइल लूट और स्मैक तस्करी जैसे मामलों में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट समेत 5 केस दर्ज हैं। वह जिले से बाहर भागने की तैयारी में था….लेकिन पुलिस ने समय रहते गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब उसके आपराधिक नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

उत्तराखंड: भोजनमाता की तपस्या लाई रंग, बेटा बना सब इंस्पेक्टर

पिथौरागढ़: सरकारी स्कूल में मिड डे मील बनाकर घर चलाने वाली मां की आंखों से आंसू उस वक्त छलक पड़े, जब बेटे के पुलिस में सब इंस्पेक्टर पद पर चयन की खबर आई। बरसों से चूल्हे की गर्मी सहने वाली उस मां का सपना आखिरकार साकार हुआ और उनके आंसू खुशी की बारिश में बदल गए।

यह कहानी है मुवानी कस्बे के धर्मेंद्र भट्ट की….जिसे लोग प्यार से ध्रुव कहते हैं। उसी ध्रुव ने मां के संघर्षों, संस्कारों और अपने हौसले से वो कर दिखाया…जो कई बार असंभव लगता है। एक सामान्य परिवार से निकलकर, निजी कंपनियों, होटलों और दुकानों में काम करते हुए अपनी पढ़ाई को ज़िंदा रखा और आखिरकार उत्तराखंड पुलिस सेवा में सब इंस्पेक्टर बनने का गौरव प्राप्त किया।

ध्रुव की मां पिछले 22 वर्षों से प्राथमिक विद्यालय मुवानी में भोजनमाता के रूप में कार्यरत हैं। कम संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने बेटे को सच्चाई, ईमानदारी और मेहनत के संस्कार दिए। जब बेटे ने सब इंस्पेक्टर बनने की खबर दी…तो मां की आंखें छलक पड़ीं। यह सिर्फ एक नौकरी का चयन नहीं…बल्कि उस मां के वर्षों के त्याग और धैर्य की जीत थी।

ध्रुव अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां के साथ-साथ अपने गुरु प्रताप सिंह पुंडीर को भी देते हैं। पुंडीर जी वर्तमान में उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, ऋषिकेश शाखा में कार्यरत हैं। ध्रुव कहते हैं कि अगर गुरु का मार्गदर्शन न मिला होता..तो शायद मैं कभी इस मुकाम तक न पहुंच पाता।

अपनी तैयारी के दौरान ही ध्रुव ने मुवानी में “ध्रुव कोचिंग क्लासेस” की शुरुआत की थी…जहां अब तक 25 से अधिक छात्र SSC GD और भारतीय सेना जैसी सेवाओं में चयनित हो चुके हैं। गरीब परिवारों के बच्चों के लिए यह संस्थान उम्मीद की किरण बन चुका है।

पुलिस सेवा को बताया सेवा का माध्यम

ध्रुव अप्रैल 2025 से डीडीहाट के डायट से डीएलएड कर रहे थे…लेकिन अब उन्होंने उस पाठ्यक्रम को छोड़कर पूरी निष्ठा से पुलिस सेवा को अपनाने का निर्णय लिया है। उनका मानना है कि पुलिस सेवा सिर्फ एक नौकरी नहीं…बल्कि समाज की रक्षा और सेवा का अवसर है।

ध्रुव भट्ट, सब इंस्पेक्टर (चयनित): मैं अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरु प्रताप पुंडीर, सभी गुरुजनों और विद्यार्थियों को देता हूं। आने वाले समय में पूरी ईमानदारी और निष्ठा से देश और समाज की सेवा करूंगा।

जहाँ सपनों को मिलती है उड़ान – Indian Defence Academy, Dehradun

देहरादून: देश की सेवा करने का सपना हर युवा के दिल में बसता है। लेकिन उस सपने को हकीकत में बदलने के लिए चाहिए सही मार्गदर्शन, सख़्त अनुशासन और श्रेष्ठ प्रशिक्षण। इन्हीं सिद्धांतों पर आधारित है Indian Defence Academy, Dehradun आज देशभर में अपनी शानदार उपलब्धियों, अनुशासित माहौल और बेहतरीन results के लिए जानी जाती है। यह संस्था न केवल Best NDA Coaching in India के रूप में पहचान बना चुकी है, बल्कि छात्रों और अभिभावकों की पहली पसंद के तौर पर Best NDA Coaching in Dehradun भी कहलाती है। यहाँ शिक्षा, अनुशासन और प्रशिक्षण का ऐसा संगम है जो हर aspirant को एक सफल future officer बनने के लिए तैयार करता है।

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और उत्कृष्ट अध्ययन वातावरण

Indian Defence Academy का कैम्पस आधुनिक शिक्षा और सैन्य प्रशिक्षण का एक संतुलित उदाहरण है। यहाँ विशाल और स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल टीचिंग सिस्टम, पुस्तकालय, साइंस और कंप्यूटर लैब्स जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जो छात्रों को एक केंद्रित और प्रेरणादायक अध्ययन माहौल प्रदान करती हैं। हर कक्षा में अनुभवी शिक्षकों द्वारा छात्रों को न केवल परीक्षा की तैयारी कराई जाती है, बल्कि उनमें नेतृत्व, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता भी विकसित की जाती है — ताकि वे न सिर्फ NDA में चयनित हों, बल्कि भविष्य में एक सशक्त अधिकारी के रूप में देश का नाम रोशन करें।

स्कूलिंग के साथ NDA तैयारी – Foundation Program

IDA की सबसे लोकप्रिय पहल है इसका NDA Foundation Course, जो 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के साथ NDA परीक्षा की तैयारी का एक संपूर्ण कार्यक्रम है। इस कोर्स में छात्र एक साथ स्कूल शिक्षा, NDA लिखित परीक्षा की तैयारी, शारीरिक प्रशिक्षण और SSB इंटरव्यू की ट्रेनिंग प्राप्त करते हैं।

यह प्रोग्राम उन छात्रों के लिए विशेष रूप से बनाया गया है जो बचपन से ही फौज में जाने का सपना देखते हैं और अपनी नींव मजबूत करना चाहते हैं। यह संयोजन IDA को अन्य संस्थानों से अलग और विशिष्ट बनाता है।

शारीरिक प्रशिक्षण और अनुशासित जीवनशैली

Indian Defence Academy में यह विश्वास किया जाता है कि “शारीरिक शक्ति और मानसिक दृढ़ता – दोनों सफलता की कुंजी हैं”। यहाँ रोजाना अनुभवी ट्रेनर्स के मार्गदर्शन में ग्राउंड ट्रेनिंग, दौड़, ड्रिल, योगा और फिटनेस सेशंस कराए जाते हैं।

हर छात्र का दिन एक सख़्त अनुशासन से शुरू होता है और सफलता के लक्ष्य पर खत्म होता है। यह अनुशासन ही है जो NDA जैसी कठिन परीक्षा के लिए आवश्यक मनोबल और स्थिरता प्रदान करता है।

होस्टल और मेस – घर जैसा वातावरण, फौज जैसा अनुशासन

IDA अपने छात्रों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और अनुशासित आवासीय सुविधा प्रदान करता है।

होस्टल पूरी तरह निगरानी में रहता है, ताकि छात्र एक केंद्रित और सकारात्मक माहौल में रह सकें।

मेस में पौष्टिक और संतुलित भोजन परोसा जाता है, जिससे छात्रों का शारीरिक स्वास्थ्य और ऊर्जा दोनों बने रहें।

यहाँ हर दिन की दिनचर्या इस तरह बनाई गई है कि अध्ययन, प्रशिक्षण और विश्राम – तीनों का सही संतुलन बना रहे।

उत्कृष्ट परिणाम और गौरवपूर्ण उपलब्धियाँ

Indian Defence Academy ने पिछले कुछ वर्षों में NDA, CDS, AFCAT और अन्य डिफेन्स परीक्षाओं में शानदार परिणाम दिए हैं।

हर बैच से कई छात्रों का चयन NDA और भारतीय सशस्त्र बलों में हुआ है।

इन उपलब्धियों ने IDA को देश की उन चुनिंदा अकादमियों में शामिल कर दिया है, जो अपने परिणामों के दम पर जानी जाती हैं।

“परिणाम हमारी पहचान, अनुशासन हमारी शान” — यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि IDA की सफलता की असली पहचान है।

हमारा मिशन और दृष्टिकोण

Indian Defence Academy का लक्ष्य है – हर उस युवा को सही दिशा देना जो राष्ट्र की सेवा करने का सपना देखता है।

यहाँ शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास – चारों पहलुओं पर समान रूप से ध्यान दिया जाता है।

हम मानते हैं कि NDA की तैयारी केवल एक परीक्षा की तैयारी नहीं, बल्कि जीवन की एक नई शुरुआत है।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे

Indian Defence Academy, Dehradun

Address: Parwal Road, Near Gyan Einstein International School Shisham Bara, Shimla Bypass Rd, Dehradun, Uttarakhand 248007

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Indian Defence Academy, Dehradun आज केवल एक कोचिंग नहीं, बल्कि एक प्रेरणास्थल है — जहाँ से निकलने वाला हर कैडेट मेहनत, अनुशासन और देशभक्ति का प्रतीक बनता है। अपने शानदार परिणामों, उत्कृष्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षित स्टाफ और समर्पित टीम के साथ, IDA ने खुद को भारत की सर्वश्रेष्ठ NDA कोचिंग और देहरादून की सबसे विश्वसनीय अकादमी के रूप में स्थापित कर लिया है।

“यहाँ सपने नहीं, देश के भविष्य तैयार होते हैं।”