धामी का चंपावत दौरा, कई गांवों में रुककर लोगों से किया सीधा संवाद

चंपावत: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अपने विधानसभा क्षेत्र चम्पावत का सड़क मार्ग से व्यापक दौरा किया। उन्होंने चम्पावत से टनकपुर तक के मार्ग में विभिन्न गाँवों में रुककर ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया और विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान मुड़ियानी, धौन, स्वाला, अमोड़ी, चल्थी, सिंयाड़ी, सूखीढांग और आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण किया। जगह-जगह स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने फूलों और मंगल गीतों के साथ मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत मेरी प्रेरणा है। यहाँ की जनता का स्नेह और विश्वास मेरी सबसे बड़ी पूंजी है। जनता का यह आशीर्वाद ही मेरे कार्यों की सच्ची ऊर्जा है।

बच्चों से किया संवाद, पूछा उनके सपनों के बारे में

मुख्यमंत्री धामी ने अपने दौरे के दौरान बच्चों से भी बातचीत की। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई और भविष्य के सपनों के बारे में पूछा और उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा —

“आपका उज्ज्वल भविष्य ही मेरा लक्ष्य है। जिस दिन आप आत्मविश्वास से अपने सपने पूरे करेंगे, उस दिन उत्तराखण्ड अपने विकास के सर्वोत्तम शिखर पर होगा।”

मुख्यमंत्री ने बच्चों को शिक्षा का महत्व बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और कौशल विकास को प्राथमिकता दे रही है।

स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा — मुख्यमंत्री ने खरीदी पहाड़ी गडेरी और अदरक

चल्थी पहुँचने पर मुख्यमंत्री धामी एक स्थानीय दुकान पर रुके, जहाँ उन्होंने स्वयं स्थानीय कृषि उत्पाद गडेरी (पहाड़ी बड़ी अर्बी) और अदरक खरीदी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “वोकल फॉर लोकल” के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है और हर व्यक्ति को स्थानीय उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए। “हम अपने स्थानीय उत्पादों को पहचान दें — यही सच्ची आत्मनिर्भरता है,” मुख्यमंत्री ने कहा।

विकास कार्यों की समीक्षा और निर्देश

मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे विकास, सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और सिंचाई से जुड़े कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित के सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किए जाएँ।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता की सुविधा, सुरक्षा और समग्र विकास सुनिश्चित करना है। “जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही मेरा सबसे बड़ा लक्ष्य है,” मुख्यमंत्री ने कहा।

दीपावली की शुभकामनाएँ दीं

मुख्यमंत्री धामी ने ग्रामीणों को दीपावली, धनतेरस और भैयादूज की अग्रिम शुभकामनाएँ देते हुए प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, दायित्वधारी श्याम नारायण पांडे, अनिल डब्बू, शंकर कोरंगा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

उत्तराखंड में दो घरों पर छापा, 25 लड़के-लड़कियां का काम जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान!

सितारगंज: शहर में बुधवार को पुलिस और साइबर टीम ने साइबर ठगी के शक में दो स्थानों पर छापेमारी कर हड़कंप मचा दिया। दोनों जगहों पर कॉल सेंटर चल रहे थे…जहां युवक-युवतियां लोन और रिकवरी के नाम पर अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए गए।

साइबर टीम प्रभारी सुंदरम शर्मा, कोतवाल नरेश चौहान, एसएसआई विक्रम धामी और महिला पुलिस अधिकारियों की टीम ने सबसे पहले मीना बाजार स्थित दो मंजिला मकान में छापा मारा। यहां कॉल सेंटर में काम कर रहे युवकों-युवतियों से पूछताछ की गई। इसके बाद टीम ने चौधरी मार्केट के पास एक अन्य मकान में भी छापा मारा…जहां भी गुप्त रूप से कॉल सेंटर संचालित हो रहा था।

पुलिस ने दोनों जगह से मोबाइल फोन, लैपटॉप और कई दस्तावेज जब्त किए हैं। पूछताछ करीब सात घंटे से अधिक तक चली। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इन कॉल सेंटरों के जरिए फाइनेंस के बाद रिकवरी के नाम पर अवैध तरीके अपनाए जा रहे थे। पुलिस को शक है कि ये कॉल सेंटर किसी बड़े ऑनलाइन ठगी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि दोनों कॉल सेंटर आवासीय मकानों में गुप्त तरीके से चलाए जा रहे थे…जहां युवक-युवतियां रिकवरी एजेंट के रूप में काम कर रहे थे। पूछताछ में शामिल युवकों-युवतियों के परिजन भी काफी चिंतित नजर आए।

उन्होंने कहा कि मुख्य खाताधारकों और लेनदेन की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस विस्तृत बयान देगी।

सितारगंज: शहर में बुधवार को पुलिस और साइबर टीम ने साइबर ठगी के शक में दो स्थानों पर छापेमारी कर हड़कंप मचा दिया। दोनों जगहों पर कॉल सेंटर चल रहे थे…जहां युवक-युवतियां लोन और रिकवरी के नाम पर अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए गए।

साइबर टीम प्रभारी सुंदरम शर्मा, कोतवाल नरेश चौहान, एसएसआई विक्रम धामी और महिला पुलिस अधिकारियों की टीम ने सबसे पहले मीना बाजार स्थित दो मंजिला मकान में छापा मारा। यहां कॉल सेंटर में काम कर रहे युवकों-युवतियों से पूछताछ की गई। इसके बाद टीम ने चौधरी मार्केट के पास एक अन्य मकान में भी छापा मारा…जहां भी गुप्त रूप से कॉल सेंटर संचालित हो रहा था।

पुलिस ने दोनों जगह से मोबाइल फोन, लैपटॉप और कई दस्तावेज जब्त किए हैं। पूछताछ करीब सात घंटे से अधिक तक चली। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इन कॉल सेंटरों के जरिए फाइनेंस के बाद रिकवरी के नाम पर अवैध तरीके अपनाए जा रहे थे। पुलिस को शक है कि ये कॉल सेंटर किसी बड़े ऑनलाइन ठगी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि दोनों कॉल सेंटर आवासीय मकानों में गुप्त तरीके से चलाए जा रहे थे…जहां युवक-युवतियां रिकवरी एजेंट के रूप में काम कर रहे थे। पूछताछ में शामिल युवकों-युवतियों के परिजन भी काफी चिंतित नजर आए।

उन्होंने कहा कि मुख्य खाताधारकों और लेनदेन की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस विस्तृत बयान देगी।

सितारगंज: शहर में बुधवार को पुलिस और साइबर टीम ने साइबर ठगी के शक में दो स्थानों पर छापेमारी कर हड़कंप मचा दिया। दोनों जगहों पर कॉल सेंटर चल रहे थे…जहां युवक-युवतियां लोन और रिकवरी के नाम पर अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए गए।

साइबर टीम प्रभारी सुंदरम शर्मा, कोतवाल नरेश चौहान, एसएसआई विक्रम धामी और महिला पुलिस अधिकारियों की टीम ने सबसे पहले मीना बाजार स्थित दो मंजिला मकान में छापा मारा। यहां कॉल सेंटर में काम कर रहे युवकों-युवतियों से पूछताछ की गई। इसके बाद टीम ने चौधरी मार्केट के पास एक अन्य मकान में भी छापा मारा…जहां भी गुप्त रूप से कॉल सेंटर संचालित हो रहा था।

पुलिस ने दोनों जगह से मोबाइल फोन, लैपटॉप और कई दस्तावेज जब्त किए हैं। पूछताछ करीब सात घंटे से अधिक तक चली। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इन कॉल सेंटरों के जरिए फाइनेंस के बाद रिकवरी के नाम पर अवैध तरीके अपनाए जा रहे थे। पुलिस को शक है कि ये कॉल सेंटर किसी बड़े ऑनलाइन ठगी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि दोनों कॉल सेंटर आवासीय मकानों में गुप्त तरीके से चलाए जा रहे थे…जहां युवक-युवतियां रिकवरी एजेंट के रूप में काम कर रहे थे। पूछताछ में शामिल युवकों-युवतियों के परिजन भी काफी चिंतित नजर आए।

उन्होंने कहा कि मुख्य खाताधारकों और लेनदेन की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस विस्तृत बयान देगी।

साबरमती से हरिद्वार के बीच फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन, दिल्ली और जयपुर जाने वालों को भी मिलेगा लाभ

देहरादून: त्योहारों के मौसम में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने साबरमती से हरिद्वार के बीच फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह स्पेशल ट्रेन 15 अक्तूबर से 30 नवंबर तक संचालित की जाएगी।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक आदित्य गुप्ता ने बताया कि 09425/09426 साबरमती–हरिद्वार–साबरमती फेस्टिवल एक्सप्रेस के दोनों ओर से कुल 14-14 फेरे चलाए जाएंगे।

ट्रेन का संचालन समय:

  • ट्रेन साबरमती रेलवे स्टेशन से हर बुधवार और शनिवार सुबह 8:50 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 5:30 बजे हरिद्वार पहुंचेगी।
  • वहीं, हरिद्वार से यह ट्रेन प्रत्येक बृहस्पतिवार और रविवार रात 9:40 बजे रवाना होकर अगले दिन रात 9:30 बजे साबरमती पहुंचेगी।

महत्वपूर्ण ठहराव:
ट्रेन का ठहराव रुड़की, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली, दिल्ली कैंट, गुरुग्राम, रेवाड़ी, अलवर, दौसा, गांधीनगर, जयपुर, किशनगढ़, अजमेर, मारवाड़, फालना, आबूरोड, पालनपुर और महेसाणा स्टेशनों पर रहेगा।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन के संचालन से त्योहारों के दौरान यात्रियों को यात्रा में काफी सुविधा मिलेगी और अतिरिक्त भीड़ का दबाव कम होगा।

ग्राउंड जीरो पर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, स्वाला भूस्खलन क्षेत्र का किया स्थलीय निरीक्षण

Uttarakhand News: Cm Pushkar Singh Dhami: Champawat: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को चम्पावत-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्वाला भूस्खलन क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करने पहुँचे। मुख्यमंत्री ने मौके पर जिला प्रशासन और एनएच-09 के अधिकारियों से भूस्खलन की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद मुख्यमंत्री धामी का काफिला सीधे स्वाला पहुँचा, जहाँ उन्होंने पहाड़ी से लगातार गिर रहे मलबे और सड़क की क्षति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मार्ग को जल्द से जल्द सुचारू करने के लिए कार्य युद्धस्तर पर किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों और यात्रियों को राहत मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भूस्खलन रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा बजट जारी किया गया है और 2026 तक केंद्र और राज्य सरकार की राष्ट्रीय राजमार्ग इकाई इस समस्या का स्थायी समाधान निकाल लेगी।

निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री धामी का काफिला अमोड़ी और टनकपुर की ओर रवाना हुआ। इस दौरान उन्होंने 115 किलोमीटर का बाय रोड सफर कर जनता से मुलाकात की। धौन, स्वाला, अमोड़ी, चल्थी, सिंनयाड़ी, बस्तिया, टनकपुर और बनबसा क्षेत्रों में मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार जनता के साथ खड़ी है और विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भूस्खलन रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा बजट जारी किया गया है। 2026 तक केंद्र और राज्य सरकार की राष्ट्रीय राजमार्ग इकाई इस समस्या से निजात दिला देगी।

दिवाली से ठीक पहले अवैध शराब के खिलाफ चेकिंग, डीएम रयाल बोले, रोज रिपोर्ट चाहिए

Nainital News: DM: Ias Lalit Mohan Rayal:Over Rating: Alcohol: जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने आबकारी विभाग को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिले में किसी भी स्थिति में अवैध शराब की बिक्री नहीं होनी चाहिए। इस दिशा में निरंतर चेकिंग अभियान चलाए जाएं और प्रत्येक आबकारी निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्र में अवैध शराब की रोकथाम हेतु सघन कार्रवाई सुनिश्चित करें। ( Nainital Dm Lalit Mohan Rayal)

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि अधिकारी प्रतिदिन अभियान की रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि कार्रवाई की निरंतर निगरानी की जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सरकारी निविदा के अंतर्गत संचालित मदिरा दुकानों पर ओवर रेटिंग (अधिक मूल्य वसूली) की कोई भी शिकायत नहीं आनी चाहिए। इस पर आबकारी विभाग को कड़ी निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं। ( Checking in wine shop of Nainital)

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी क्षेत्र से ओवर रेटिंग या अवैध बिक्री की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित अधिकारी एवं कर्मियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर विभागीय दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जिलाधिकारी रयाल ने कहा कि इस प्रकार की शिकायतें शासन और प्रशासन की छवि को धूमिल करती हैं, इसलिए विभाग को पूर्ण सतर्कता और पारदर्शिता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने आबकारी विभाग को यह भी निर्देशित किया कि आम जनता से प्राप्त शिकायतों का शीघ्र और प्रभावी निस्तारण किया जाए, ताकि जनविश्वास बना रहे।

उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि जनता को निष्पक्ष और ईमानदार प्रशासन मिले, इसलिए कोई भी कर्मचारी या अधिकारी यदि इस अभियान में उदासीनता दिखाता है तो उसके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद आबकारी विभाग ने जिलेभर में विशेष चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है।

उत्तराखंड में गढ़ा जा रहा है झूठा नैरेटिव, दोहरे मापदंडों पर उठ रहे हैं सवाल !

देहरादून: देश में जब भी कोई राज्य या नेतृत्व विकास की दिशा में ठोस कदम बढ़ाता है, तब-तब कुछ समूह और प्लेटफॉर्म उस प्रयास को संदेह और नकारात्मकता के घेरे में लाने की कोशिश करते दिखाई देते हैं। यह सिलसिला नया नहीं है — बस पात्र और स्थान बदलते रहते हैं।

पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, फिर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस राजनीतिक रणनीति के निशाने पर हैं। ताज़ा मामला भी इसी प्रवृत्ति को दिखाता है, जहां न्यूज़ लॉन्ड्री जैसे पोर्टल्स पर कांग्रेस के इशारे पर झूठे नैरेटिव गढ़ने के आरोप लगे हैं।

धामी सरकार के खिलाफ भ्रम फैलाने की कोशिश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने पिछले वर्षों में निवेश, पर्यटन, कानून व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू करने, लैंड जिहाद और अवैध धर्मांतरण पर सख्त कार्रवाई, 25,000 से अधिक सरकारी भर्तियाँ और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस जैसे फैसलों से सुर्खियाँ बटोरी हैं।

लेकिन जैसे-जैसे उत्तराखंड विकास के रास्ते पर आगे बढ़ा, वैसे-वैसे भ्रम की राजनीति भी तेज़ हुई। आरोप है कि वामपंथी विचारधारा से प्रभावित कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने कांग्रेस की “टूलकिट” के तहत धामी सरकार के खिलाफ नकारात्मक रिपोर्टें प्रकाशित कीं, जिनका मकसद तथ्यों से अधिक भ्रम फैलाना था।

दोहरे मापदंडों पर सवाल

दिलचस्प बात यह है कि जिन प्लेटफॉर्म्स को उत्तराखंड सरकार के विज्ञापन खर्च या सूचना विभाग के कामकाज पर सवाल उठाने की आदत है, वे कांग्रेस शासित तेलंगाना सरकार के ₹776 करोड़ के सूचना विभाग बजट (2025) पर पूरी तरह चुप हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि यह चुप्पी दर्शाती है कि आलोचना का मकसद निष्पक्षता नहीं बल्कि राजनीतिक टारगेटिंग है।

पहले मोदी, फिर योगी… अब धामी

यह पैटर्न पहले भी देखा जा चुका है। जब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्वच्छ भारत मिशन जैसे अभियानों से विश्व पटल पर पहचान बनाई, तब भी कुछ समूह केवल कमियां खोजने में व्यस्त थे।
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल में कानून व्यवस्था और निवेश में सुधार को लेकर जनता में विश्वास बढ़ा, लेकिन उन्हीं प्लेटफॉर्म्स ने “छवि निर्माण” के नाम पर नकारात्मकता फैलाने की कोशिश की। अब वही खेल उत्तराखंड में खेला जा रहा है — जहां कांग्रेस समर्थित समूहों द्वारा जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।

सूचना और दुष्प्रचार में फर्क जरूरी

लोकतंत्र में सवाल पूछना महत्वपूर्ण है, लेकिन सवालों के पीछे की मंशा भी उतनी ही अहम होती है।
अगर उद्देश्य विकास को रोकना या जनता के बीच भ्रम फैलाना बन जाए, तो यह लोकतंत्र की आत्मा को कमजोर करता है।
जनता के लिए यही सबसे बड़ा सबक है — सूचना और दुष्प्रचार में फर्क समझना ही सच्ची जागरूकता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रद्द किया ये आदेश, जांच के निर्देश

Uttarakhand: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी जिलों में मकानों पर नंबर प्लेट लगाने के मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित आदेशों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। साथ ही उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

दरअसल, सोशल मीडिया पर ऐसे पत्र वायरल हुए थे जिनमें बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन और अन्य सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए मकानों पर नंबर प्लेट लगाने का काम एक बाहरी व्यक्ति को सौंपा गया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार की सभी योजनाएँ जनहित, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ लागू की जानी चाहिएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ऐसे कार्यों में स्थानीय लोगों के रोजगार और हितों को प्राथमिकता दी जाए।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि 10 करोड़ रुपये तक की सरकारी अधिप्राप्तियों में स्थानीय लोगों को ही सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और इस संबंध में जारी आदेशों का हर स्तर पर सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।

सीएम धामी ने दिया प्रमाण, राजनीति नहीं, युवाओं का भविष्य सर्वोपरि

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक बार फिर युवाओं के दिलों में अपनी जगह बना चुके हैं। देहरादून में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री धामी ने आज 1456 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें सचिवालय प्रशासन विभाग में चयनित 109 समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी और शिक्षा विभाग में चयनित 1347 सहायक अध्यापक (एलटी) शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में अब सरकारी नौकरी केवल मेहनत और योग्यता के आधार पर मिलेगी, न कि किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार से।

पिछले चार वर्षों में धामी सरकार ने 26,500 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी का अवसर देकर यह संदेश दिया है कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील, पारदर्शी और प्रतिबद्ध है। इन नियुक्तियों के पीछे मुख्यमंत्री धामी का गहन मंथन, स्पष्ट नीति और दिन-रात की मेहनत है। उन्होंने खुद भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी मशीनरी के साथ बैठकर व्यापक रूपरेखा तैयार की, ताकि एक ऐसी व्यवस्था बने जिसमें केवल मेहनत और ईमानदारी ही सफलता की कुंजी हो।

जब उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) का पेपर प्रकरण सामने आया, तो विपक्ष ने सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की। पर उस कठिन समय में मुख्यमंत्री धामी भागे नहीं, बल्कि युवाओं के बीच जाकर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। युवाओं की मांग पर विवादित परीक्षा को रद्द कर मात्र तीन माह में पुनः परीक्षा आयोजित कराने के निर्देश देकर उन्होंने यह साबित किया कि उनके लिए राजनीति नहीं, युवाओं का भविष्य सर्वोपरि है।

विपक्ष ने जहां फेक नैरेटिव तैयार करने और भ्रम फैलाने में समय गँवाया, वहीं सीएम धामी ने सिस्टम के भीतर झांककर उसे दुरुस्त करने का साहस दिखाया। परिणामस्वरूप, आज उत्तराखण्ड में भर्ती प्रक्रिया इतनी पारदर्शी, तेज़ और निष्पक्ष है कि विपक्ष के सारे आरोप खुद बेमानी साबित हो रहे हैं। अभिमन्यु की तरह विपक्ष के सियासी चक्रव्यूह में उतरने वाले मुख्यमंत्री धामी ने एक ही वार में युवाओं का विश्वास जीत लिया।आज इतने बड़े पैमाने पर हुई यह नियुक्ति उन सबके लिए करारा जवाब है जो सरकार पर सवाल उठा रहे थे।

मुख्यमंत्री धामी का यह कदम केवल नियुक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की युवा नीति, रोजगार सृजन और सुशासन की भावना को भी दर्शाता है। चार साल में 26,500 सरकारी नौकरियाँ देकर उन्होंने साबित किया है कि उत्तराखण्ड में योग्यता को सम्मान मिल रहा है, मेहनत को पहचान मिल रही है, और युवाओं के सपने अब साकार हो रहे हैं। धामी सरकार का यह संकल्प ही उसे अन्य सरकारों से अलग बनाता है

हल्द्वानी में चलेंगी सिटी बस, काठगोदाम से रवाना हुई पहली बस

HALDWANI: City Buses: हल्द्वानी शहर के आम नागरिकों के लिए मंगलवार का दिन नई राहत लेकर आया, जब मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी सिटी बस सेवा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस परिसर से हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सिटी बस सेवा का शुभारंभ शहर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सेवा से नागरिकों को सस्ती, सुलभ और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से शहर के यातायात दबाव में कमी आएगी, प्रदूषण घटेगा और ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड के प्रत्येक नगर में आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था विकसित करना है, ताकि आम जन को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध हो सके।

   परिवहन विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि सिटी बस सेवा को चरणबद्ध तरीके से शहर के प्रमुख मार्गों पर प्रारंभ किया जाएगा, जिससे स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों तथा नौकरीपेशा लोगों को अधिक सुविधा मिलेगी।

इस अवसर पर  विधायक बंशीधर भगत (कालाढूंगी), राम सिंह केड़ा (भीमताल),भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत, आईजी रिद्धिमा अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी अनामिका,  जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

हल्द्वानी में पटाखा व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी, जीएसटी बिल में मिली भारी अनियमितताएं

Uttarakhand: Haldwani: Action: Gst: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत राज्य कर विभाग ने त्योहारी सीजन में जीएसटी चोरी पर नकेल कसते हुए बड़ी कार्रवाई की है। राज्य कर आयुक्त सौनिका सिंह के निर्देश पर अपर आयुक्त राकेश कुमार (कुमाऊं जोन, रुद्रपुर) और संयुक्त आयुक्त (एस.आई.बी./प्रवर्तन) रोशन लाल के नेतृत्व में गठित दो विशेष टीमों ने हल्द्वानी में पटाखा व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की।

कार्रवाई के दौरान विभागीय अधिकारियों ने व्यापारियों के खरीद-बिक्री रिकार्ड, स्टॉक और जीएसटी इनवॉइस की गहन जांच की। जांच में भारी अनियमितताएं और कर चोरी के संकेत मिलने पर मौके पर ही टैक्स की वसूली की गई। विभाग ने दोनों प्रतिष्ठानों से कुल ₹13 लाख रुपये का राजस्व तत्काल जमा कराया। विभाग ने बताया कि संबंधित फर्मों की वित्तीय गतिविधियों की विस्तृत जांच आगे भी जारी रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इस अभियान में राज्य कर विभाग के दस से अधिक अधिकारी शामिल रहे, जिनमें डिप्टी कमिश्नर हेमलता शुक्ला, असिस्टेंट कमिश्नर दीपक कुमार, तिलेश पंत, सूरज सिंह, उज्ज्वल बालाकोटी, राज्य कर अधिकारी प्रशांत शुक्ला, आरवेश, आकाश, राम महेश और विनुजा आठर प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

संयुक्त आयुक्त रोशन लाल ने कहा कि त्योहारी सीजन में व्यापारिक गतिविधियों की आड़ में टैक्स चोरी करने वालों पर विभाग सख्त निगरानी रखेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा, “मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत हर व्यापारी को पारदर्शी और वैधानिक व्यापार करना होगा। कर चोरी करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।”

विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में हल्द्वानी के अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों की स्टॉक और जीएसटी रिटर्न की गहन जांच की जाएगी। राज्य कर विभाग ने सभी व्यापारियों को कर नियमों के पालन की सख्त हिदायत दी है।