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Telecom Regulatory Authority of India: भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने कॉलर नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) प्रणाली को देशभर में लागू करने की मंजूरी दे दी है। इस नई सुविधा के तहत अब सिर्फ नंबर नहीं बल्कि कॉल करने वाले का नाम भी दिखाई देगा। वर्तमान में CNAP का परीक्षण चुनिंदा क्षेत्रों में किया जा रहा है और वोडाफोन आइडिया ने हरियाणा में इसका पायलट रन शुरू कर दिया है। जियो और अन्य नेटवर्क ऑपरेटर भी जल्द ही परीक्षण शुरू करेंगे।
TRAI ने बताया कि मार्च 2026 तक सभी भारतीय नेटवर्क ऑपरेटर रिलायंस जियो, एयरटेल और Vi को CNAP पूरी तरह लागू करना होगा। नई प्रणाली शुरुआत में केवल 4G और 5G उपकरणों पर काम करेगी…इसलिए 2G उपयोगकर्ता इसे अभी नहीं इस्तेमाल कर पाएंगे।
CNAP सुविधा कॉलर की पहचान आसान बनाएगी, स्पैम कॉल से सुरक्षा देगी और ट्रूकॉलर जैसी थर्ड-पार्टी ऐप्स पर निर्भरता घटाएगी। ट्राई एक केंद्रीकृत डेटाबेस बनाने पर विचार कर रहा है…जिससे ऑपरेटर कॉलिंग डेटा साझा कर सकेंगे। कॉलर का नाम उनके KYC रिकॉर्ड के आधार पर दिखाया जाएगा। इस बदलाव से कॉलिंग अनुभव सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद होगा।
ROORKEE NEWS : रुड़की के बुग्गावाला थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। तेलपुरा पुल के पास एक तेज रफ्तार डीसीएम वाहन ने बाइक सवार जीजा-साले को जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया।
पुलिस के अनुसार मृतक सचिन पुत्र वेदपाल, निवासी ग्राम टांडा मानसिंह थाना बिहारीगढ़, सहारनपुर, अपने साले काका, निवासी ग्राम अन्नेकी, हरिद्वार, के साथ बाइक से अन्नेकी गांव जा रहे थे। जब दोनों तेलपुरा पुल के निकट पहुंचे…तभी सामने से आ रहे एक लोडर (डीसीएम) ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों की मौके पर ही जान चली गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी भगवान मेहर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शवों को एंबुलेंस से पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
हादसे के बाद कुछ देर के लिए सड़क पर लंबा जाम लग गया…जिसे पुलिस ने नियंत्रित कराया। थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक आपस में जीजा-साले हैं। वाहन को कब्जे में लेकर चालक की तलाश की जा रही है।
Uttarakhand News: Canada: Language: AI: Kumauni: देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध लोकभाषाओं गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। अमेरिका के सिएटल और कनाडा के सरे-वैंकूवर में “भाषा एआई पोर्टल (Bhasha AI Portal)” का भव्य शुभारंभ किया गया, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो संदेश के माध्यम से किया।
इस पोर्टल के जरिये तीनों लोकभाषाओं के करीब 10 लाख शब्द, वाक्य, कहावतें और लोककथाएं एकत्र की जाएंगी ताकि AI सिस्टम इन्हें समझ सके और भविष्य में हमारी मातृभाषाओं में संवाद कर सके। यह पहल Devbhoomi Uttarakhand Cultural Society Canada की ओर से आयोजित कार्यक्रम में हुई, जिसमें 4000 से अधिक प्रवासी उत्तराखंडी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री धामी ने इस पहल को उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को डिजिटल युग से जोड़ने वाला युगांतकारी प्रयास बताया।
जब तक हमारी भाषा जीवित है, हमारी संस्कृति जीवित है। उत्तराखंड सरकार मातृभाषाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए हरसंभव सहयोग करेगी।
अमेरिका में रहने वाले एआई आर्किटेक्ट सचिदानंद सेमवाल ने इस प्रोजेक्ट को केवल तकनीकी पहल नहीं बल्कि जड़ों से जुड़ने का जनआंदोलन बताया।
20 वर्षों के इंजीनियरिंग और 4 वर्षों के AI अनुभव का उपयोग अगर अपनी मातृभाषा के संरक्षण में हो रहा है, तो यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। उन्होंने बताया कि इस मिशन से कोई भी व्यक्ति जुड़ सकता है…चाहे वह इंजीनियर हो, भाषा विशेषज्ञ, लोक कलाकार, समाजसेवी या व्यवसायी।
Devbhoomi Uttarakhand Cultural Society Canada के अध्यक्ष बिशन खंडूरी ने कहा कि यह गर्व की बात है कि इस ऐतिहासिक लॉन्च की मेजबानी का अवसर उनकी संस्था को मिला। उन्होंने घोषणा की कि अमेरिका और कनाडा में AI-सक्षम भाषा शिक्षण केंद्र (AI-enabled Learning Centers) स्थापित किए जाएंगे, जहां प्रवासी बच्चे आधुनिक तकनीक की सहायता से गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी भाषाएं सीख सकेंगे। ये केंद्र प्रीतम भारतवाण की जागर अकादमी से संबद्ध रहेंगे।
HALDWANI LIVE NEWS : हल्द्वानी के कोटाबाग में तैनात एक वन दरोगा शुक्रवार सुबह अपने सरकारी कमरे में बेसुध हालत में पाए गए। उन्हें तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया…जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार, मृतक पूरन चंद्र आर्या मूल रूप से शांतिपुरी नंबर-3 पंतनगर, ऊधमसिंह नगर के निवासी थे और कोटाबाग में वन विभाग में कार्यरत थे। गुरुवार रात उन्होंने खाना खाकर अपने कमरे में सोने चले गए थे। रात तक उनकी हालत सामान्य थी…लेकिन शुक्रवार सुबह कर्मचारियों ने उन्हें बेहोश पाया।
दरवाजा खटखटाने पर भी जब कोई जवाब नहीं आया तो कर्मचारियों ने चिंता जाहिर की और कमरा खोला। आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को ले जाया गया…लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पूरन चंद्र आर्या अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। कोमवाल अमरचंद शर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजन को सौंप दिया गया है।
Bring Bill and Get Prize Mega Lucky Draw: रामनगर की सोनिया ने बिल लाओ ईनाम पाओ मेगा लकी ड्रा में इलेक्ट्रिक कार जीतकर खुशी का इजहार किया है। कार जीतने की खबर सुनते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें फोन करके शुभकामनाएं दीं…जिससे सोनिया का उत्साह दोगुना हो गया। इससे पहले सोनिया इस योजना के तहत मोबाइल और घड़ी जीत चुकी हैं।
यह योजना वर्ष 2022 में राज्य सरकार द्वारा करदाताओं को कर भुगतान के लिए प्रोत्साहित करने और जागरूक करने के लिए शुरू की गई थी। इसके तहत खरीदारी के बिल और जीएसटी नंबर विभागीय एप में अपलोड करने होते थे।
सोनिया मूल रूप से जिला पौड़ी गढ़वाल के सिमतोली गांव की निवासी हैं और वर्तमान में रामनगर के पीरूमदारा गांव चंद्रपुर तिवारी में रहती हैं। वे इन दिनों पति के साथ कोटद्वार में हैं। सोनिया बताती हैं कि जैसे ही पति आशीष थपलियाल ने खरीदारी के पक्के बिल अपलोड करना शुरू किया…उन्हें भी प्रेरणा मिली और उन्होंने स्वयं भी बिल और जीएसटी नंबर एप में अपलोड करना शुरू कर दिया।
सोनिया कहती हैं, “पहले मुझे इसी योजना में मोबाइल और घड़ी मिल चुकी हैं…लेकिन कार जीतने की उम्मीद नहीं थी। शायद इसी साल मार्च में एप बंद हो गया था। जैसे ही कोटद्वार में मोबाइल पर जीएसटी विभाग से कॉल आई और फिर मुख्यमंत्री ने शुभकामनाएं दीं, मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस योजना में भाग लेने के लिए सोनिया का धन्यवाद किया। उल्लेखनीय है कि सोनिया के पति आशीष थपलियाल जल निगम कोटद्वार में सहायक अभियंता के पद पर हैं और उन्होंने भी इस योजना में मोबाइल जीता है।
UTTARKASHI NEWS: Marriage: क्या आपने कभी ऐसी शादी देखी है, जहां दूल्हा नहीं बल्कि दुल्हन बारात लेकर अपने ससुराल पहुंचे? अगर नहीं तो यह परंपरा आपको जरूर हैरान कर देगी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी और हिमाचल प्रदेश की सीमावर्ती घाटियों में आज भी ऐसी परंपरा देखने को मिलती है।
इन क्षेत्रों में दुल्हन बारातियों के साथ दूल्हे के घर पहुंचती है। खास बात यह है कि दुल्हन फेरे और जयमाला से पहले ही दूल्हे की गैरमौजूदगी में अपने मायके से विदा होती है। जैसे आमतौर पर दूल्हा बारात लेकर ससुराल जाता है वैसे ही यहां दुल्हन 100 से अधिक लोगों के साथ बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंचती है। दूल्हन और उसके साथ आने वालों का स्वागत भी ठीक वैसे ही किया जाता है जैसे पारंपरिक बारात का किया जाता है।
इस अनोखी परंपरा को ‘जोजोड़ा विवाह’ कहा जाता है, जिसका अर्थ है…जो जोड़ा भगवान खुद बनाते हैं। इसमें दुल्हन के साथ आने वाले लोगों को ‘जोजोड़िये’ कहा जाता है। इस परंपरा का उद्देश्य बेटी के पिता पर आर्थिक बोझ कम करना है।
हालांकि अब यह परंपरा धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है…लेकिन कुछ गांव आज भी इसे सहेज कर रखे हुए हैं। हाल ही में उत्तरकाशी के आराकोट क्षेत्र के कलीच गांव में हुई कविता और मनोज की शादी इसी परंपरा का उदाहरण बनी। इस शादी में कविता अपने परिवार और बारातियों के साथ दूल्हे मनोज चौहान के घर पहुंची…जो पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई।
UTTARAKHAND NEWS : राज्य सरकार अब औद्योगिक विकास को पर्वतीय जनपदों तक पहुंचाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि अगले पांच वर्षों में राज्य के नौ पहाड़ी जिलों में 10 हजार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम (एमएसएमई) उद्योग स्थापित किए जाएं। इन उद्योगों के माध्यम से दो लाख युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
ये उद्योग स्थानीय संसाधनों और उत्पादों पर आधारित होंगे…ताकि पहाड़ों में ही रोजगार सृजन हो सके और पलायन की समस्या का स्थायी समाधान निकले। सरकार औद्योगिक निवेश को पर्वतीय जिलों की ओर मोड़ने की दिशा में ठोस रणनीति पर काम कर रही है। इसके तहत छोटे और मझोले उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा…जिससे स्थानीय कच्चे माल और पारंपरिक उत्पादों का उपयोग कर आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा।
राज्य सरकार प्रत्येक पहाड़ी जनपद में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने का निर्णय ले चुकी है। फिलहाल औद्योगिक विकास का केंद्र अधिकतर मैदानी जिले हैं, जहां हरिद्वार, देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल में पिछले ढाई दशकों में 51,123 उद्योग स्थापित हुए हैं, जबकि नौ पहाड़ी जनपदों में यह संख्या 43,431 है।
सरकार का मानना है कि अक्षय ऊर्जा, हर्बल, एरोमेटिक्स, उद्यानिकी, फूलों की खेती, पर्यटन और तीर्थाटन जैसे क्षेत्रों में ग्रीन उद्योगों को बढ़ावा देकर युवाओं को घर के पास स्वरोजगार के अवसर दिए जा सकते हैं। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा…बल्कि पलायन पर भी अंकुश लगेगा।
उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे ने कहा कि सरकार का फोकस अब पहाड़ों की ओर है। एमएसएमई के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं…ताकि उद्योगों का रुख पर्वतीय क्षेत्रों की ओर मोड़ा जा सके।
Two months after disruption, four trains to run on Uttarakhand route: जम्मू मंडल में प्राकृतिक आपदा के कारण दो माह से प्रभावित चार ट्रेनों का संचालन अब निर्धारित शेड्यूल के अनुसार फिर से शुरू किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि नवंबर माह से इन ट्रेनों का संचालन पूरी तरह सामान्य हो जाएगा।
बीते अगस्त में जम्मू मंडल में भारी बारिश, जलभराव और भूस्खलन के कारण रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ था। इस दौरान जम्मू से श्री माता वैष्णो देवी कटरा के बीच संचालित कई ट्रेनों को निरस्त या शॉर्ट टर्मिनेट कर दिया गया था।
स्थिति सामान्य होने के बाद अब इस रूट पर ट्रेनों का संचालन सामान्य होने लगा है। इस बीच सहारनपुर से मुरादाबाद मंडल तक संचालित होने वाली 15655/56 कामाख्या–श्री माता वैष्णो देवी कटरा–कामाख्या एक्सप्रेस और 14609/10 योगनगरी ऋषिकेश–श्री माता वैष्णो देवी कटरा–योगनगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन नवंबर माह में पूर्व निर्धारित शेड्यूल के अनुसार फिर से शुरू होगा।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक आदित्य गुप्ता ने कहा कि कामाख्या एक्सप्रेस ट्रेन 2 नवंबर से कामाख्या और 5 नवंबर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा से चलना शुरू करेगी। वहीं श्री माता वैष्णो देवी कटरा–योगनगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस ट्रेन 1 नवंबर से ऋषिकेश और श्री माता वैष्णो देवी कटरा से पूर्व निर्धारित समय अनुसार संचालित होगी।
देहरादून: त्योहारी सीजन में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए उत्तराखंड परिवहन निगम ने बड़ा फैसला लिया है। अब रोडवेज बसों के रूट को किसी भी समय बदला जा सकेगा…ताकि ज्यादा यात्रियों वाले मार्गों पर बसें डायवर्ट की जा सकें। इस फैसले से यात्रा व्यवस्था में लचीलापन बढ़ेगा और यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।
निगम के महाप्रबंधक संचालन क्रांति सिंह ने बताया कि अब प्रत्येक डिपो का केंद्र प्रभारी बस के रूट में बदलाव कर सकेगा…लेकिन इसके लिए उसे बस के प्रस्थान से आधा घंटा पहले निगम मुख्यालय की आईटी टीम को सूचना देनी होगी। आईटी टीम नए रूट को तुरंत सिस्टम में अपडेट करेगी। इस संबंध में राज्यभर के सभी डिपो केंद्र प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
त्योहारों के मौसम में दिल्ली से देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, टनकपुर और रुद्रपुर के बीच बसों की संख्या बढ़ाई गई है। इसके अलावा चंपावत, नैनीताल, पौड़ी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ समेत पर्वतीय रूटों पर भी यात्रियों की संख्या बढ़ने के कारण निगम ने यह लचीली व्यवस्था लागू की है।
उदाहरण के तौर पर अगर दिल्ली से देहरादून आने वाली ग्रामीण डिपो की बस में ऋषिकेश के अधिक यात्री होंगे….तो वह बस वाया ऋषिकेश भेजी जा सकेगी। इसी तरह रुद्रपुर डिपो की बस को वाया हल्द्वानी या टनकपुर किया जा सकता है। जरूरत के हिसाब से किसी भी रूट में अस्थायी बदलाव संभव होगा।
परिवहन निगम के पास 850 बसें
वर्तमान में उत्तराखंड परिवहन निगम के पास लगभग 850 रोडवेज बसें हैं। गत वर्ष यह संख्या करीब 900 थी…लेकिन 50 बसें कंडम घोषित की जा चुकी हैं। इनमें से कई बसें अपनी निर्धारित किलोमीटर सीमा पूरी कर चुकी हैं….जिन्हें जल्द नीलाम करने की तैयारी चल रही है। वहीं अगले दो महीनों में 200 नई बसें निगम को मिलने की संभावना है…जिससे परिवहन व्यवस्था और मजबूत होगी।
महाप्रबंधक क्रांति सिंह ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के हिसाब से अब बसों का रूट बदला जा सकेगा। सभी केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि रूट बदलने से पहले मुख्यालय को सूचित करें। आईटी टीम तुरंत नया रूट अपडेट करेगी ताकि किसी यात्री को असुविधा न हो।
Uttarakhand News: Major Air Scare Averted in Dehradun Indigo Flight Makes Emergency Landing – उत्तराखंड से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर देहरादून जिले से सामने आ रही है….जहां मंगलवार शाम को एक बड़ा हादसा टल गया। बताया जा रहा है कि देहरादून से बेंगलुरु जा रही इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट में उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद तकनीकी खराबी आ गई। अचानक इंजन से असामान्य आवाजें आने लगीं…जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। करीब एक घंटे तक 170 यात्रियों की सांसें थमी रहीं…लेकिन पायलट की सूझबूझ और त्वरित निर्णय से बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के मुताबिक इंडिगो फ्लाइट (6E-6136) ने शाम करीब 6 बजकर 5 मिनट पर जॉलीग्रांट एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। कुछ ही देर बाद इंजन से अजीब आवाज आने पर पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क किया और विमान को होल्डिंग पैटर्न में रखकर करीब 53 मिनट तक हवा में चक्कर लगाते रहे। इसके बाद शाम 6:59 बजे विमान को सुरक्षित रूप से जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर उतार लिया गया।
इस दौरान एयरपोर्ट की इमरजेंसी टीमें, दमकल विभाग और एंबुलेंस मौके पर तैयार रहीं। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। विमान को जांच के लिए पार्किंग बे में खड़ा कर दिया गया है।
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, यह तकनीकी खराबी संभवत: बर्ड हिट या इंजन फॉल्ट के कारण हुई हो सकती है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट भेज दी गई है। फिलहाल जांच जारी है।
इस आपात स्थिति के चलते दिल्ली और मुंबई से देहरादून आने वाली दो अन्य फ्लाइट्स को एहतियातन डायवर्ट किया गया था…लेकिन अब हवाई संचालन फिर से सामान्य हो गया है।