उत्तराखंड में बच्चों के लिए शुरू होगा राज्य का पहला नशा मुक्ति केंद्र

UttarakhandNews : Dehradun : NarcoticsControl : DrugAwareness : AntiDrugCampaign : SavinBansal : जिलाधिकारी सविन बंसल ने बृहस्पतिवार को ऋषिपर्णा सभागार में जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की बैठक लेकर नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर कड़ा अंकुश लगाने की समीक्षा की। किशोर और नाबालिग बच्चों में नशे की प्रवृत्ति को देखते हुए उन्होंने देहरादून में बच्चों के लिए राज्य का पहला विशेष नशा मुक्ति केंद्र खोलने का निर्णय लिया। इसके लिए समाज कल्याण विभाग को शीघ्र गाइडलाइन के साथ प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने मेडिकल स्टोर और दवा फैक्ट्री की सघन जांच करने, सभी मेडिकल स्टोर में 10 दिनों के भीतर सीसीटीवी स्थापित कराने और हेल्पलाइन नंबर 9625777399 पर प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने के आदेश दिए। उन्होंने स्कूल और कॉलेजों में ड्रग्स टेस्टिंग कराने, एंटी ड्रग्स कमेटी में छात्रों को शामिल करने और नशे के संभावित क्षेत्रों में सीसीटीवी लगाने के भी निर्देश दिए।

पुलिस ने पिछले एक माह में 19 जगहों पर अवैध ड्रग्स कारोबार की शिकायतों की जांच की, 12 मामलों में मुकदमा दर्ज किया और ग्राफिक एरा, उत्तरांचल यूनिवर्सिटी और यूनिसन कॉलेज में 17 छात्रों की ड्रग्स टेस्टिंग कराई। जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को डिटेक्शन सेंटर का सत्यापन कर अनुपस्थित केंद्रों का पंजीकरण रद्द करने और एएनटीएफ, एसटीएफ, पुलिस, एनसीबी और औषधि नियंत्रक के साथ मिलकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इस कदम का उद्देश्य नशे के अवैध कारोबार को जड़ से समाप्त करना और बच्चों तथा युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाना है। प्रशासन ने जागरूकता कार्यक्रम और हेल्पलाइन के प्रचार के माध्यम से नागरिकों को नशे के खतरे और सूचना देने के तरीकों से भी अवगत कराया।

उत्तराखंड में फिर से उज्जवला योजना, ये सभी शर्त पूरा होने पर मिलेगा फ्री सिलेंडर

UjjwalaYojana : PMUY : FreeGasConnection : BPLFamilies : GovernmentScheme : GasConnection : UttarakhandNews : उत्तराखंड में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे लोगों के लिए केंद्र सरकार की ओर से राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने उज्जवला योजना (PMUY) की साइट फिर से खोल दी है। इस योजना के तहत जिन परिवारों के पास गैस सिलेंडर का कनेक्शन नहीं है, वे फ्री में इसका लाभ उठा सकते हैं।

राजधानी देहरादून में अभी तक लगभग 54,000 परिवार उज्जवला योजना का लाभ ले रहे हैं। योजना के लिए आवेदन मार्च 2024 में बंद हो गई थी, लेकिन अब 19 महीने बाद इसे फिर से खोल दिया गया है। इच्छुक उपभोक्ता अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

उज्जवला योजना पर डीएसओ के.के. अग्रवाल ने कहा कि योजना का लाभ केवल उन परिवारों को मिलेगा जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। इसके लिए कुछ पात्रता व नियम तय किए गए हैं:

  1. उज्जवला योजना के लिए पात्रता और शर्तें…….
  2. परिवार की मासिक आय 10,000 से कम होनी चाहिए।
  3. परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी सेवा में नहीं होना चाहिए।
  4. किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट 50,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  5. सिंचित भूमि 2.5 एकड़ से अधिक नहीं होनी चाहिए। मकान उपलब्ध कराए गए परिवारों के पास 30 मीटर से अधिक भूमि नहीं होनी चाहिए।
  6. परिवार के किसी भी सदस्य के पास वाहन नहीं होना चाहिए।
  7. योजना का गलत तरीके से लाभ लेने वाले पर कानूनी कार्रवाई होगी।
  8. सरकार का उद्देश्य है कि योजना का लाभ सही जरूरतमंद तक पहुंचे और हर पात्र परिवार को समय पर मुफ्त गैस कनेक्शन उपलब्ध हो।

हल्द्वानी में आम नागरिकों के लिए फैसला, बड़े डीजे और व्हील लाइटिंग झालरों पर रोक

NainitalPolice : TrafficControl : WeddingSeason: SSPNainital : TrafficManagement : NainitalNews : UttarakhandNews : नैनीताल जिले में शादी‑विवाह सीजन के दौरान बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। शहर के कई हिस्सों में बारातों के कारण जाम और असुविधा बढ़ रही थी…जिससे आमजन, विद्यार्थी और बुजुर्ग परेशान हो रहे थे।

पुलिस ने तय किया है कि बारातों में बड़े पहियों वाले लाइटिंग झालर और हाई‑बेस डीजे का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। रात 10 बजे के बाद डीजे बजाना मना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर मौके पर कार्रवाई और जफ्ती की जाएगी।

सभी वेडिंग पॉइंट, बैंक्वेट हॉल और बारात स्थलों पर पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी। वेडिंग हॉल संचालकों, डीजे संचालकों और लाइटिंग व्यवसाइयों के साथ बैठक करके नियमों की जानकारी दी जाएगी। बारात की लंबाई अधिकतम 200 मीटर तक ही सीमित रहेगी, और केवल हाथ वाले झालरों की अनुमति होगी। बारात की हेड और टेल को अनुशासित रूप से चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

एसएसपी ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में किसी भी अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जाए। पुलिस ने जनपदवासियों से अपील की है कि शादी‑समारोह मर्यादित, सुव्यवस्थित और यातायात नियमों के अनुरूप आयोजित करें। नियम उल्लंघन की सूचना के लिए 9411112979 या 112 पर संपर्क करे।

क्या आप जानते हैं, एक साल में कितनी बार करवा सकते हैं आयुष्मान कार्ड से फ्री इलाज !

Ayushman Card : PMJAY : Health Insurance : Cashless Treatment:  Dehradun : UttarakhandNews :  केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण उपाय बन चुकी है। इस योजना के तहत हर पात्र परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है।

इस योजना का लाभ उठाने के लिए परिवारों को एक Ayushman Card दिया जाता है, जिसे अस्पताल में दिखाकर भर्ती, ऑपरेशन, दवाइयां और डिस्चार्ज तक का खर्च सरकार द्वारा पूरा उठाया जाता है। मरीज या उसके परिजनों को एक रुपया भी खर्च करने की आवश्यकता नहीं होती।

सबसे आम सवाल यह है कि इस कार्ड का साल में कितनी बार उपयोग किया जा सकता है। इसका उत्तर स्पष्ट है….कार्ड पर किसी भी प्रकार की बार-बार की सीमा नहीं केवल राशि सीमा है। यदि किसी मरीज ने साल की शुरुआत में 50 हजार रुपये का इलाज कराया, तो शेष 4.50 लाख रुपये साल भर में अन्य इलाज के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

यदि किसी वित्तीय वर्ष में कार्ड की पूरी राशि खर्च हो जाती है…तो उस साल के बाकी समय में मुफ्त इलाज उपलब्ध नहीं होगा। रिन्यूअल पूरी तरह ऑटोमैटिक है। हर नए वित्तीय वर्ष के साथ यानी 1 अप्रैल से कार्ड में फिर से 5 लाख रुपये की नई राशि जोड़ दी जाती है। इसके लिए लाभार्थियों को किसी फॉर्म, आवेदन या शुल्क की जरूरत नहीं है।

इस तरह Ayushman Card योजना गरीब परिवारों को वित्तीय संकट से बचाते हुए…सुरक्षित और निर्बाध स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करती है।

उत्तराखंड में फिलहाल नए स्मार्ट मीटर नही लगेंगे, विभाग ने क्यों उठाया ये कदम !

Smart Meters : Dehradun : Uttarakhand News :  स्मार्ट मीटरों को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद ऊर्जा निगम ने बड़ा फैसला लिया है। प्रबंध निदेशक के नेतृत्व में 22 नवंबर 2025 को हुई समीक्षा बैठक में निर्देश जारी किए गए कि जब तक स्मार्ट मीटरों से जुड़ी सभी शिकायतें पूरी तरह निस्तारित नहीं हो जातीं….तब तक मीटर बदलने का कार्य तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए।

बैठक में जनप्रतिनिधियों और उपभोक्ताओं द्वारा उठाई गई समस्याओं का संज्ञान लेते हुए निर्देश दिए गए कि फिलहाल केवल NSC और IDF श्रेणी के मीटरों को ही स्मार्ट मीटर से बदला जाएगा। इसके साथ ही शिकायतों के निस्तारण के लिए विशेष मेगा कैंप आयोजित किए जाएंगे…जिनमें AMISP के कार्मिकों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी…ताकि उपभोक्ताओं की शिकायतों का मौके पर समाधान किया जा सके।

क्षेत्रीय मुख्य अभियंताओं को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर शिकायतों का पूर्ण निस्तारण करें और मुख्यालय को रिपोर्ट भेजें। इसी रिपोर्ट के आधार पर ही स्मार्ट मीटर बदलने की प्रक्रिया पुनः शुरू की जाएगी।

ऊर्जा निगम ने यह कदम उपभोक्ताओं की बढ़ती चिंताओं को देखते हुए उठाया है…ताकि भविष्य में सभी को पारदर्शी और सुचारू सेवा उपलब्ध हो सके।

उत्तराखंड में डेमोग्राफिक बदलाव के कई मामले, हल्द्वानी में सीएम का बड़ा बयान !

हल्द्वानी: प्रदेश में बदलते जनसांख्यिकीय स्वरूप को लेकर सरकार गंभीर दिखाई दे रही है। इसी क्रम में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड की संस्कृति, जनसांख्यिकी और मूल स्वरूप को किसी भी परिस्थिति में प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जनसंख्या संरचना में आए परिवर्तनों और संदिग्ध प्रमाणपत्र जारी होने की कई शिकायतें सामने आई हैं, जिन्हें गंभीरता से लिया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पिछले दस वर्षों में जारी हुए विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्रों—जैसे निवास, आय, जाति तथा पात्रता से जुड़े दस्तावेजों—की दोबारा जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान गलत तरीके से पात्रता लेने या देने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सरकार का कहना है कि यह कदम प्रदेश की सुरक्षा, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए आवश्यक है। अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि वे सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना स्थानीय प्रशासन को दें।

उत्तराखंड के धारगांव में 21 साल की शिवानी बनीं निर्विरोध प्रधान

Uttarakhand: Shivani Rana: Gram Pradhan: टिहरी जिले के भिलंग क्षेत्र की ग्राम सभा धारगाँव में पंचायत उपचुनाव के दौरान एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। यहाँ बीएड की छात्रा शिवानी राणा को ग्रामीणों की सर्वसम्मति से निर्विरोध ग्राम प्रधान चुना गया। युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने वाली यह पहल न केवल स्थानीय राजनीति में नई ऊर्जा का संचार करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि ग्रामीण समाज अब बदलाव के लिए युवाओं पर भरोसा जताने लगा है।

शिवानी ने हाल ही में एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय से बीएससी उत्तीर्ण की है और वर्तमान में बीएड की पढ़ाई कर रही हैं। पढ़ाई जारी रखते हुए ग्राम पंचायत की जिम्मेदारियाँ निभाना उनके समर्पण और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। ग्रामीणों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वे शिवानी को ही प्रधान के रूप में देखना चाहते हैं, और यही कारण रहा कि उपचुनाव में उनके सामने कोई अन्य उम्मीदवार खड़ा नहीं हुआ।

शिवानी का परिवार साधारण पृष्ठभूमि से आता है—पिता विशाल सिंह राणा वाहन चालक हैं और माता सुमित्रा राणा प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका। चार भाई–बहनों में दूसरे नंबर की शिवानी ने अपने दृढ़ निश्चय और लगन से ग्रामीणों का विश्वास जीता है।

ग्राम प्रधान के रूप में उनकी पहली प्राथमिकता धारगाँव की क्षतिग्रस्त और संकरी सड़कों को दुरुस्त कराना है, जिसे ग्रामीण लंबे समय से प्रमुख समस्या मानते आए हैं। उपचुनाव में सात में से पाँच वार्ड सदस्य भी सर्वसम्मति से निर्विरोध चुने गए, जो गाँव की एकजुटता और सामूहिक सोच को दर्शाता है।

शिवानी राणा का निर्विरोध चयन इस बात का प्रमाण है कि आज का युवा केवल सपने नहीं देखता, बल्कि ज़िम्मेदारियाँ उठाकर अपने गाँव और समाज को बेहतर दिशा देने की क्षमता भी रखता है। यह चुनाव परिणाम पूरे पहाड़ी क्षेत्र के लिए प्रेरणा है कि जब युवाओं को अवसर मिलता है, वे सकारात्मक बदलाव की मजबूत आधारशिला बन सकते हैं।

रणजी के बाद T20, आर्यन जुयाल ने गोवा के खिलाफ खेली 93 रनों की नाबाद पारी

Aryan Juyal: Uttar Pradesh: T20 Match: Goa: Fifty: आईपीएल के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले सैयद मुश्ताक अली T20 ट्रॉफी की शुरुआत हो गई है। इसी क्रम में गोवा और उत्तर प्रदेश के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। उत्तर प्रदेश ने इस मुकाबले को 6 विकट से अपने नाम किया। विकेटकीपर बल्लेबाज आर्यन जुयाल ने अपने रणजी ट्रॉफी फॉर्म को जारी रखा और शानदार 93 रनों की नाबाद पारी खेली।

मुकाबला की समरी की बात करें तो गोवा ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में नौ विकेटक नुकसान पर 172 रन बनाए। गोवा के लिए अभिनव ने सर्वाधिक 72 रनों की पारी खेली। जबकि यूपी के लिए शिवम मावी ने सर्वाधिक 3 विकेट झटके।

लक्ष्य पीछा करने उतरी की शुरुआत अच्छी नहीं रही और कप्तान करण शर्मा शून्य पर पवेलियन लौटे l हालांकि दूसरे छोर पर आर्यन जुयाल ने रनों की गति को बरकरार रखा। आर्यन ने प्रियंम गर्ग और समीर रिजवी के साथ अहम साझेदारी की।

आर्यन जुयाल पिछले 6 साल से उत्तर प्रदेश के लिए घरेलू क्रिकेट खेला रहे हैं और उसी अनुभव का इस्तेमाल उन्होंने इस मैच में भी किया। आर्यन जुयाल नॉट आउट रहे और उन्होंने 57 गेंदों के नाबाद 93 रनों की पारी खेली। उनकी पारी में 11 चौके और तीन चक्के शामिल रहे। आर्यन की शानदार पारी की बदौलत ने 10 गेंद पहले लक्ष्य हासिल कर लिया। इस शानदार के चलते आर्यन को प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया।

उत्तराखंड में बिल्डरों की मनमानी होगी खत्म, नई नियमावली से निवेशक होंगे सुरक्षित

Dehradun : RealEstate : BuilderRegulations : InvestorProtection : UttarakhandNews : प्रदेश में निवेशकों के पैसे लेकर प्रोजेक्ट अधूरे छोड़ने, तय वादों से मुकरने और फरार होने वाले “कंक्रीट माफिया” यानी बिल्डरों पर अब सरकार सख्त होने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने बिल्डरों की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए एक कड़ी और पारदर्शी नियमावली के मसौदे पर काम तेज कर दिया है। नई नियमावली लागू होने के बाद बिल्डरों की मनमानी पर रोक लगेगी और निवेशकों का पैसा सुरक्षित रहेगा।

नई नियमावली के प्रमुख बिंदु:

बिल्डर का अनिवार्य पंजीकरण: हर बिल्डर को प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले संबंधित विकास प्राधिकरण और RERA में पंजीकरण कराना होगा। बिना पंजीकरण नक्शा स्वीकृत नहीं होगा और कोई विज्ञापन भी जारी नहीं किया जा सकेगा।

एस्क्रो अकाउंट व्यवस्था: निवेशकों से मिली राशि सीधे बिल्डर को नहीं दी जाएगी। पैसा एस्क्रो अकाउंट में जमा होगा और निर्माण की प्रगति के अनुसार किश्तों में जारी किया जाएगा। इससे पैसों के दुरुपयोग पर रोक लगेगी।

प्रोजेक्ट पूरा किए बिना शहर छोड़ने पर रोक: बिल्डरों को प्रोजेक्ट पूरा होने तक शहर छोड़ने पर प्रतिबंध होगा। अचानक गायब होने या भागने की स्थिति में FIR और आर्थिक दंड का प्रावधान होगा। साथ ही संबंधित प्रोजेक्ट को सरकार अपने कब्जे में ले सकेगी।

प्रोजेक्ट की ऑनलाइन मॉनिटरिंग: हर प्रोजेक्ट का निर्माण चरण, धनराशि की स्थिति और बिल्डर का प्रोफाइल पोर्टल पर सार्वजनिक होगा। नक्शे से हटकर निर्माण मिलने पर प्राधिकरण को तुरंत सीलिंग और मुकदमा दर्ज करने का अधिकार मिलेगा।

उपभोक्ता सुरक्षा प्रावधान:

तय समय पर फ्लैट हैंडओवर न करने पर जुर्माना।

तय सुविधाएं न मिलने पर बिल्डर जिम्मेदार होगा, खरीदार को रिफंड और ब्याज मिलेगा।

पैसा गलत जगह खर्च होने पर रोक और ठगी में त्वरित कार्रवाई।

एस्क्रो अकाउंट एक सुरक्षित बैंक अकाउंट है…जहां सौदे को पूरा होने तक धनराशि किसी विश्वसनीय तृतीय पक्ष द्वारा रखी जाती है। आवश्यकताओं को पूरा करने पर ही धनराशि विक्रेता को दी जाती है। यदि आवश्यकताएं पूरी नहीं होतीं…तो पैसा वापस खरीदार को लौटाया जाता है। यह व्यवस्था बिल्डर और खरीदार दोनों को संभावित धोखाधड़ी से बचाती है।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि नई नियमावली लागू होने के बाद किसी भी बिल्डर को निवेशकों के पैसे लेकर गायब नहीं होने दिया जाएगा। पारदर्शिता और जवाबदेही हर कदम पर सुनिश्चित होगी। निवेशकों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रहेगी और बिल्डर सेक्टर में अनुशासन और भरोसे का माहौल बनेगा।

उत्तराखंड: पंचतत्व में विलीन हुए दिवाकर भट्ट, हरिद्वार में बेटे ने दी मुखाग्नि

Diwakar Bhatt : Uttarakhand News : Haridwar News : UKD :  उत्तराखंड आंदोलन के प्रखर सिपाही और पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट को आज हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके पुत्र ललित भट्ट ने नम आंखों से उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार से पहले उनके घर से श्मशान घाट तक निकली अंतिम यात्रा में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा।

राजनीति और समाजसेवा से जुड़ी कई बड़ी हस्तियाँ दिवाकर भट्ट को श्रद्धांजलि देने हरिद्वार पहुँचीं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से डीएम मयूर दीक्षित और एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। राजकीय सम्मान के तहत उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।

नेताओं ने कह कि राज्य निर्माण आंदोलन का चमकता सितारा बुझ गया।

पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि अस्सी के दशक से उन्होंने दिवाकर भट्ट के साथ राज्य निर्माण की लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने कहा कि दिवाकर भट्ट का जाना उत्तराखंड के लिए अपूर्णीय क्षति है। राज्य के प्रति उनका समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा।

यूकेडी के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह एरी ने भावुक होकर कहा कि दिवाकर भट्ट सिर्फ नेता नहीं बल्कि उत्तराखंड आंदोलन के मजबूत स्तंभ थे।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि वह सच्चे समाजसेवक थे और हमेशा उत्तराखंडीयत को जीते थे। ईश्वर उन्हें दोबारा भी उत्तराखंड की मिट्टी में जन्म दे।