सहकारी बैंक से बिना ब्याज के मिला 5 लाख का ऋण, रेशम नई पहल ने पहाड़ की कला को दी पहचान

हल्द्वानी: उत्तराखंड की पहाड़ियों में महिलाओं की प्रतिभा और आत्मनिर्भरता को नई पहचान दिलाने वाला रेशम नई पहल’ स्वयं सहायता समूह आज महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन चुका है। परंपरागत कार्यों से आगे बढ़ते हुए इस समूह ने रेशम को नवाचार और रचनात्मकता से जोड़कर एक नई दिशा दी है, जिससे न केवल स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिला है बल्कि उत्तराखंड की कला को भी नई पहचान मिली है।

समूह की कोषाध्यक्ष कविता ऐरी बताती हैं कि आमतौर पर रेशम का उपयोग सूट, साड़ी और परिधानों तक सीमित माना जाता है, लेकिन ‘रेशम नई पहल’ ने इस सोच को बदल दिया। समूह की महिलाओं ने रेशम से पेंटिंग, एप्रन, घड़ी, सजावटी वस्तुएं और कई ऐसे अनोखे क्रिएटिव उत्पाद तैयार किए हैं, जो भारत में पहली बार इस रूप में बनाए जा रहे हैं। इन उत्पादों में परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम देखने को मिलता है।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में उत्तराखंड सरकार की नीतियों ने भी इस पहल को मजबूती दी है। सरकार की योजना के तहत समूह को सहकारी बैंक से 0 प्रतिशत ब्याज पर 5 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहयोग ने समूह को अपने कार्य का विस्तार करने, कच्चा माल जुटाने और नए प्रयोग करने का अवसर दिया। इसके साथ ही कई अन्य महिलाएं भी इस पहल से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की राह पर आगे बढ़ीं।

आज ‘रेशम नई पहल’ स्वयं सहायता समूह विभिन्न मेलों, प्रदर्शनियों और स्थानीय बाजारों में स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों की सफल बिक्री कर रहा है। इससे महिलाओं की आय में बढ़ोतरी के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास में भी उल्लेखनीय इजाफा हुआ है।

अब समूह का लक्ष्य अपनी इस रेशमी कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाना है, ताकि उत्तराखंड की महिलाओं की मेहनत, नवाचार और प्रतिभा पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना सके। यह कहानी केवल रेशम की नहीं, बल्कि उन महिलाओं की है जो हौसले और सहयोग से अपने भविष्य को खुद गढ़ रही हैं।

हल्दूचौड़ में स्वरोजगार,रिटायर होने के बाद दीपक सिंह बिष्ट ने ग्रामीणों के लिए खोजा रास्ता !

Haldwani News: Swarogar:नैनीताल ज़िले के हल्दूचौड़ क्षेत्र में स्वरोजगार और ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का एक प्रेरक उदाहरण सामने आया है। भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत्त दीपक सिंह बिष्ट ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) और उत्तराखंड सरकार की उद्यम प्रोत्साहन नीतियों का लाभ उठाते हुए Meenakshi Enterprise नामक एग्रो फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना कर ग्रामीण उद्योग को नई दिशा दी है। इस इकाई की स्थापना के लिए इन्हें कुल ₹46 लाख की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई, जिसके माध्यम से आधुनिक मशीनों से सुसज्जित उत्पादन केंद्र तैयार किया गया।

Meenakshi Enterprise में पोहा (ब्रांड Shree Shyam), सूजी, पास्ता, मैकरोनी, वर्मिसेली (सिवई) और दलिया जैसे उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पादों का उत्पादन किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर निर्मित इन उत्पादों को बाजारों, मेलों और विभिन्न प्रदर्शनी स्टालों के माध्यम से बेचा जाता है, जिससे क्षेत्रीय उत्पादों को व्यापक पहचान मिल रही है।

इस उद्योग की स्थापना से रोजगार सृजन को भी महत्वपूर्ण बल मिला है। इकाई में 10 महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्यों सहित कई स्थानीय युवाओं को रोज़गार प्राप्त हुआ है। इससे न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है बल्कि उनके आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को भी नई मजबूती मिली है। महिलाएँ उत्पादन से लेकर बिक्री तक की प्रक्रियाओं में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जो ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

लगातार बढ़ती उत्पाद बिक्री से इस यूनिट से लगभग ₹3 लाख मासिक आय हो रही है। यह उपलब्धि साबित करती है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग और उद्यमी का दृढ़ संकल्प मिलकर ग्रामीण क्षेत्र में विकास की मजबूत आधारशिला तैयार कर सकते हैं। Meenakshi Enterprise आज इस बात का सशक्त उदाहरण है कि— “सरकारी सहयोग, सही दिशा और निरंतर प्रयास ग्रामीण उद्योगों को सफलता की नई ऊँचाइयों पर पहुँचा सकते हैं।”

उत्तराखंड के इस गांव में शराब पर पूरी तरह रोक, नियम तोड़ने पर एक लाख का जुर्माना

Chamoli Village Liquor Ban : Ghes Village Decision : Alcohol Ban in Uttarakhand : Gram Panchayat Resolution : जनपद चमोली के विकासखंड स्थित घेस गांव में सामाजिक अनुशासन को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। अब गांव में किसी भी मांगलिक या धार्मिक आयोजन में शराब पीने और पिलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। ग्राम पंचायत की बैठक में यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया….जिसके तहत नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

ग्राम प्रधान देवकी देवी की अध्यक्षता में आयोजित ग्राम पंचायत की बैठक में महिला मंगल दल और युवक मंगल दल ने गांव में बढ़ते शराब के चलन पर गहरी चिंता जताई। ग्रामीणों का कहना था कि शराब के कारण पारिवारिक कलह और सामाजिक अशांति बढ़ रही है। इस पर पंचायत ने शराब बेचने और मांगलिक कार्यों में शराब के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पारित किया।

प्रस्ताव के अनुसार यदि कोई व्यक्ति शराब पीते या पिलाते हुए पकड़ा जाता है…तो उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति का बिजली कनेक्शन काटा जाएगा और उसे सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ेगा। पंचायत ने यह भी तय किया कि नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इसके अलावा गांव में सार्वजनिक स्थानों पर गाली-गलौज करने पर 50 हजार रुपये जुर्माना और बिजली कनेक्शन काटने का भी निर्णय लिया गया है। पंचायत ने इन सभी नियमों को सख्ती से लागू करने पर सहमति जताई।

बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्य लीला देवी, महिला मंगल दल अध्यक्ष खिला देवी युवक मंगल दल अध्यक्ष विपिन सिंह, उप प्रधान नंदन सिंह, मोहन सिंह, खगोती देवी, अनीता देवी, दीपा देवी, जानकी देवी, देवी सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

ग्रामीणों ने कहा कि इससे पहले भी चमोली जिले के देवाल विकासखंड के सैनिक बाहुल्य गांव सवाड़ में प्रधान आशा धपोला ने शराब पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बाद तलोर पदमला गांव की प्रधान जानकी देवी ने भी गांव में शराब बिक्री और धार्मिक व मांगलिक आयोजनों में शराब पर रोक लगाई थी।

क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यह इलाका धार्मिक और पर्यटक स्थलों से जुड़ा हुआ है, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। ऐसे में शराब का बढ़ता कारोबार क्षेत्र में अशांति फैलाता है, इसलिए इस तरह के प्रतिबंध सामाजिक और सांस्कृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी हैं।

घेस गांव के इस फैसले को क्षेत्र में सामाजिक सुधार की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है….जिससे आने वाले समय में अन्य गांव भी प्रेरणा ले सकते हैं।

कौशल एकेडमी इंटरनेशनल को मिला सर्वश्रेष्ठ होटल मैनेजमेंट संस्थान का खिताब

Kaushal Academy: Haldwani: नगर के प्रतिष्ठित व्यवसायिक शिक्षण संस्थान कौशल एकेडमी इंटरनेशनल ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्टता का प्रमाण देते हुए इस वर्ष भी प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ होटल मैनेजमेंट संस्थान का खिताब हासिल किया है। यह सम्मान संस्थान को लगातार दूसरे वर्ष प्रदान किया गया है, जिससे नगर सहित पूरे क्षेत्र में गौरव का माहौल है।

कौशल एकेडमी इंटरनेशनल से प्रशिक्षित विद्यार्थी आज देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। संस्थान के छात्र विश्व के नामचीन ब्रांड्स जैसे एमिरेट्स, बुर्ज अल अरब, पाम जुमेरा, अटलांटिस, बुर्ज खलीफा, मिरेकल गार्डन, दुबई मॉल, आईएमजी वर्ल्ड, ग्लोबल विलेज और ग्रीन प्लेनेट जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में कार्यरत हैं। कई छात्र 18 से 24 लाख रुपये तक का वार्षिक पैकेज प्राप्त कर रहे हैं।

संस्थान द्वारा संचालित तीन वर्षीय अंतरराष्ट्रीय डिग्री प्रोग्राम की विशेषता यह है कि इसमें छात्रों के लिए विदेश में प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है। इससे ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं को भी वैश्विक मंच पर अपने कौशल को प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है।

इस अवसर पर संस्थान के प्रधान सलाहकार डॉ. गिरीश घुगत्याल ने सम्मान के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि पिछले दस वर्षों में संस्थान से जुड़े 1000 से अधिक युवा आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्य कर देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

उत्तराखंड: न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता होंगे उत्तराखंड हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश

Uttarakhand High Court :  New Chief Justice : Supreme Court Collegium : Justice Manoj Kumar Gupta : Nainital High Court : सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देश के पांच उच्च न्यायालयों में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर महत्वपूर्ण सिफारिशें जारी की हैं। इन सिफारिशों में उत्तराखंड हाई कोर्ट का नाम भी शामिल है। कॉलेजियम ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता को नैनीताल स्थित उत्तराखंड हाई कोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है।

यह निर्णय 18 दिसंबर 2025 को आयोजित सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक में लिया गया। वर्तमान में उत्तराखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी. नरेंद्र आगामी 9 जनवरी 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता उत्तराखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का कार्यभार संभालेंगे।

कॉलेजियम द्वारा उत्तराखंड के साथ-साथ मेघालय, झारखंड, सिक्किम और पटना हाई कोर्ट के लिए भी नए मुख्य न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश की गई है। अब इन सभी सिफारिशों को अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। केंद्र की मंजूरी के बाद राष्ट्रपति द्वारा आधिकारिक नियुक्ति आदेश जारी किए जाएंगे।

न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता का न्यायिक करियर लंबा और अनुभवपूर्ण रहा है। उन्होंने वर्ष 1987 में लखनऊ विश्वविद्यालय से विधि स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद 6 दिसंबर 1987 को उन्होंने अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया। कानून के क्षेत्र में वर्षों तक सक्रिय अभ्यास के बाद 12 अप्रैल 2013 को उन्हें अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया। बाद में 10 अप्रैल 2015 को उन्हें इलाहाबाद हाई कोर्ट का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया।

न्यायमूर्ति गुप्ता को प्रशासनिक और न्यायिक मामलों में गहरी समझ रखने वाले न्यायाधीश के रूप में जाना जाता है। उत्तराखंड हाई कोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनकी नियुक्ति से राज्य की न्यायिक व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

परिवार को महीनों से था इंतजार,कैंची धाम पहुंचने से पहले हुई अनहोनी !

Kaichi Dham: Accident: Uttarakhand: Nainital Police: उत्तराखंड के कैंची धाम मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में बरेली से दर्शन के लिए जा रहे एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। निगलाट क्षेत्र के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी, जिससे तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक 7 वर्षीय बच्चे सहित छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

जानकारी के अनुसार बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के ग्राम चावण, पोस्ट मुड़िया निवासी राहुल पटेल (35) गुरुवार सुबह करीब छह बजे अपने परिवार के आठ अन्य सदस्यों के साथ कैंची धाम दर्शन के लिए निकले थे। वाहन को उनके बहनोई करन चला रहे थे, जो गुजरात के निवासी और एयरफोर्स में तकनीशियन के पद पर कार्यरत हैं।

सुबह करीब साढ़े नौ बजे भवाली से कैंची धाम की ओर जाते समय उनकी स्कॉर्पियो-एन (संख्या यूपी 25 डीजेड 4653) अचानक अनियंत्रित हो गई और लगभग 50 मीटर नीचे खाई में गिरकर शिप्रा नदी के किनारे अटक गई। हादसे के बाद खाई में फंसे लोगों की चीख-पुकार सुनकर राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने एसडीआरएफ की मदद से तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और सभी घायलों को बाहर निकालकर 108 एंबुलेंस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवाली पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने राहुल की मां गंगा देवी (55), पत्नी बृजेश कुमारी (26) और साली नैंसी गंगवार (24) को मृत घोषित कर दिया। इस दुर्घटना में राहुल का 7 वर्षीय बेटा ऋषि, बहन स्वाति (20), बहनोई करन, भतीजा अक्षय (20) और बहन ज्योति (25) घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर हल्द्वानी रेफर कर दिया गया।

अस्पताल में अपने परिजनों को खोने के बाद राहुल पटेल गहरे सदमे में नजर आए। उन्होंने बताया कि वह पिछले छह महीनों से बाबा के दर्शन की योजना बना रहे थे और आखिरकार परिवार के साथ निकले थे, लेकिन मंदिर से मात्र छह किलोमीटर पहले हुए इस हादसे ने उनका सब कुछ छीन लिया। यह हादसा पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो गया है और एक बार फिर पहाड़ी सड़कों पर सतर्कता की जरूरत को उजागर करता है।

भाजपा सरकार गरीबों और मजदूरों के हितों को कमजोर कर रही है: विधायक सुमित हृदयेश

Uttarakhand: Haldwani: Sumit Hridayesh: Manerega: हल्द्वानी में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ कर सरकार गरीबों और मजदूरों के हितों को कमजोर कर रही है।

सुमित हृदयेश के अनुसार, पहले मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन का रोजगार मिलता था, लेकिन अब इसे घटाकर 60 दिन कर दिया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि योजना की फंडिंग व्यवस्था में बदलाव कर केंद्र सरकार ने राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव डाल दिया है। पहले जहां केंद्र और राज्य के बीच 90:10 का योगदान था, अब इसे बदलकर 60:40 कर दिया गया है, जिससे राज्य सरकारों की वित्तीय जिम्मेदारी बढ़ गई है।

कांग्रेस विधायक ने मनरेगा का नाम बदले जाने पर भी गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि योजना के नाम से महात्मा गांधी को हटाना उनके विचारों और योगदान का अपमान है। साथ ही उन्होंने सवाल किया कि मनरेगा का नाम बदलकर “विकसित भारत – जी राम जी” रखने की जरूरत क्यों पड़ी।

सुमित हृदयेश ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार लगातार गरीब, मजदूर और ग्रामीण वर्ग के अधिकारों में कटौती कर रही है। उन्होंने भाजपा को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर भाजपा अपने प्रवक्ताओं और विशेषज्ञों के साथ सार्वजनिक बहस के लिए तैयार है तो कांग्रेस भी पूरी मजबूती से तथ्यों के साथ सामने आएगी।

इसके अलावा उन्होंने हल्द्वानी प्रशासन पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि शहर में बिना ठोस कारणों के जगह-जगह लाल निशान लगाए जा रहे हैं, जो केवल बजट खर्च करने की मंशा को दर्शाते हैं। उन्होंने इसे जनता के हितों के खिलाफ बताते हुए प्रशासन से इस पर पुनर्विचार करने की मांग की।

देहरादून नगर निगम ने बनाया नियम, पालतू कुत्ता भौंका तो मालिक को देना पड़ेगा जुर्माना !

PetDogs : Dehradun : MunicipalRules : DogRegistration : DogBite : PetOwners : AnimalWelfare : NewRules : DehradunNews : DogControl : देहरादून नगर निगम ने अब पालतू कुत्तों के लिए सख्त नियम लागू कर दिए हैं। अगर कोई पालतू कुत्ता लोगों के लिए परेशानी बनता है…तो उसके मालिक को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। नगर निगम के सौ वार्डों में करीब 25 से 30 हजार पालतू कुत्ते पालित हैं, जबकि शहर में आवारा कुत्तों की संख्या 50 हजार से अधिक है।

नगर निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि लोग अपने पालतू कुत्तों का पंजीकरण नहीं करवा रहे हैं। हाल ही में राजपुर में एक वरिष्ठ नागरिक महिला और एक ऑटो चालक पर रॉटवीलर के हमले जैसी घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त नमामी बंसल ने पशु चिकित्सा अनुभाग को निर्देश दिए कि उपविधि के नियमों में सख्ती की जाए।

वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वरुण अग्रवाल के मुताबिक उपविधि में पहली बार यह तय किया गया है कि अगर किसी कुत्ते के भौंकने से पड़ोसी को परेशानी होती है…तो उसके मालिक पर 2 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 1 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा। आवारा कुत्ते को गोद लेने पर पंजीकरण शुल्क (500 रुपये) में पूरी तरह छूट मिलेगी और वैक्सीनेशन नगर निगम की ओर से मुफ्त कराया जाएगा। इसके अलावा रात में बेवजह भौंकने वाले कुत्तों के मालिकों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

देहरादून के कई वार्डों में एक से ज्यादा पालतू कुत्ते घरों में रखे गए हैं। चेतावनी के बावजूद लोग कुत्तों का पंजीकरण नहीं करवा रहे हैं और कुछ लोग आवारा कुत्तों को भी पाल रहे हैं। सार्वजनिक जगहों पर भोजन देने और उनके कारण होने वाली समस्याओं के कारण कई बार टकराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती थी। इसलिए तत्काल प्रभाव से नई उपविधि लागू करना जरूरी हो गया।

मेयर सौरभ थपलियाल का कहना है कि पार्षदों ने कई बार डॉग बाइट मामलों के बढ़ने पर नाराजगी जताई है। लोगों को जागरूक करने और चेतावनी देने के बावजूद पालतू कुत्तों का पंजीकरण करवाने में रुचि नहीं दिखाई गई। इसलिए अब नए नियमों के तहत कुत्तों के मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशांत वीर की किस्मत बदली, CSK ने 20 वर्षीय खिलाड़ी को 14.20 करोड़ में इस वजह से खरीदा !

IPL : MiniAuction : PrashantVeer : CSK : UncappedPlayer ; CricketDebut : T20Cricket : IndianPremierLeague : UPCricket : ChennaiSuperKings : अबुधाबी में आयोजित इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के लिए मिनी ऑक्शन में उत्तर प्रदेश के ऑलराउंडर प्रशांत वीर ने इतिहास रच दिया। जैसे ही उनका नाम नीलामी मंच पर आया फ्रेंचाइजियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। शुरुआत में लखनऊ सुपर जायंट्स और मुंबई इंडियंस ने उन पर बोली लगाई….इसके बाद राजस्थान रॉयल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स, सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपर किंग्स भी बोली लगाने में शामिल हो गए।

अंततः चेन्नई सुपर किंग्स ने प्रशांत वीर को 14.20 करोड़ रुपये में खरीदा। इस सौदे के साथ प्रशांत वीर IPL इतिहास के सबसे महंगे अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी बन गए। CSK में उन्हें रविंद्र जडेजा के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है…जिन्हें नवंबर में राजस्थान रॉयल्स के साथ ट्रेड किया गया था।

प्रशांत वीर बाएं हाथ के स्पिन-बॉलिंग ऑलराउंडर हैं। 24 नवंबर 2005 को यूपी के अमेठी जिले के संग्रामपुर ब्लॉक में जन्मे प्रशांत ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में कई लोगों को प्रभावित किया। घरेलू टी20 टूर्नामेंट में उन्होंने अब तक सात पारियों में नौ विकेट लिए और छह पारियों में 112 रन बनाए….जिसमें तीन बार नाबाद लौटे।

सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में अपने पहले मैच में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ 10 गेंद में नाबाद 37 रन बनाने के बाद वे सुर्खियों में आए। इसके पहले भी वे यूपी टी20 लीग में नोएडा सुपर किंग्स के लिए खेल चुके थे और CSK ने उन्हें ट्रायल के लिए बुलाया था।

सिर्फ सात दिनों में मुंबई और कोलकाता के बीच यात्रा करते हुए प्रशांत ने छह मुकाबलों में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होंने 170 के स्ट्राइक रेट से 112 रन बनाए और 6.76 की इकॉनमी से नौ विकेट लिए।

सिर्फ 20 साल की उम्र में 14.20 करोड़ रुपये की नीलामी राशि प्रशांत वीर के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है…..जो उन्हें घरेलू खिलाड़ी से CSK की भविष्य की योजनाओं में एक अहम खिलाड़ी बना सकती है।

सांसद पप्पू यादव के बेटे का आईपीएल में चयन, तीस लाख रुपए मिलेंगे

IPL Mini Auction 2026 : Sarthak Ranjan Joins : KKR for : Debut Season : T20Cricket : IPL :अबू धाबी के एतिहाद एरीना में 16 दिसंबर को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के लिए मिनी नीलामी आयोजित की गई। इस नीलामी में ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन सबसे महंगे खिलाड़ी बने…जिन्हें कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने 25.20 करोड़ रुपये में खरीदा। केकेआर ने श्रीलंकाई तेज गेंदबाज मधीशा पचिराना को 18 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। वहीं, अनकैप्ड खिलाड़ियों प्रशांत वीर और कार्तिक शर्मा को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने समान रूप से 14.20 करोड़ रुपये में खरीदा।

इस नीलामी में सबसे चर्चा में रहे 29 वर्षीय क्रिकेटर सार्थक रंजन। उन्हें तीन बार की चैम्पियन केकेआर ने 30 लाख रुपये में खरीदा….जो उनके बेस प्राइस के समान है। यह IPL में सार्थक का पहला अनुभव होगा और अब यह देखने वाली बात होगी कि वे आगामी सीजन में केकेआर के लिए कितने मैच खेलते हैं।

सार्थक ने पिछले साल दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) 2025 में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स के लिए 11 मैचों की 10 पारियों में 495 रन बनाए…जिसमें चार अर्धशतक और एक उच्चतम स्कोर 82 रन शामिल है। इस दौरान उन्होंने 56 चौके और 18 छक्के जड़े और डीपीएल 2025 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में दूसरे स्थान पर रहे।

सार्थक पिछले साल मार्च में सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने अपने पिता पप्पू यादव के साथ कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। उनके पिता पूर्णिया लोकसभा सीट से सांसद हैं….जबकि उनकी मां रंजीत रंजन छत्तीसगढ़ से कांग्रेस के टिकट पर राज्यसभा सांसद हैं।

घरेलू क्रिकेट में सार्थक ने दिल्ली की ओर से अब तक 2 फर्स्ट क्लास, 4 लिस्ट-ए और 5 टी20 मैच खेले हैं। फर्स्ट क्लास में उन्होंने 28 रन बनाए और उनका एवरेज 9.33 रहा। लिस्ट-ए में उनके नाम पर 105 रन दर्ज हैं और उनका औसत 26.25 है। टी20 क्रिकेट में उन्होंने 66 रन बनाए, औसत 13.20 का रहा।

सार्थक ने नवंबर 2018 में हैदराबाद के खिलाफ फर्स्ट क्लास डेब्यू किया। इससे पहले फरवरी 2017 में ऋषभ पंत की कप्तानी में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ लिस्ट-ए डेब्यू और जनवरी 2016 में वडोदरा के खिलाफ टी20 डेब्यू किया था।

अब सार्थक का फोकस अपने IPL डेब्यू पर रहेगा….और सभी की नजरें उनके प्रदर्शन पर होंगी।