हल्द्वानी तहसील में निजी लोगों द्वारा फाइलों पर डीलिंग का खुलासा

हल्द्वानी:सोमवार पूर्वाह्न जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने तहसील हल्द्वानी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार/नायब तहसीलदार न्यायालय से जुड़े भू-राजस्व अभिलेख कक्ष में दो निजी व्यक्ति मौजूद पाए गए। हैरानी की बात यह रही कि ये दोनों लोग आम नागरिकों से सीधे फाइलों पर बातचीत और लेन-देन कर रहे थे, जबकि उस समय वहां कोई भी अधिकृत सरकारी कर्मचारी मौजूद नहीं था।

निरीक्षण में यह भी सामने आया कि न्यायालयीन भू-राजस्व फाइलें अनधिकृत व्यक्तियों की पहुंच में थीं। इस स्थिति पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताते हुए इसे प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था में गंभीर लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं सरकारी अभिलेखों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती हैं और न्यायालयीन प्रक्रिया में बाहरी हस्तक्षेप का संकेत देती हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), नैनीताल को पूरे प्रकरण की विस्तृत और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि निजी व्यक्ति कौन थे, वे किस आधार पर न्यायालय कक्ष में मौजूद थे, किन फाइलों पर उन्होंने काम किया, उन्हें वहां तक पहुंच कैसे मिली और उस समय संबंधित कर्मचारी क्यों अनुपस्थित थे।

इसके साथ ही यह भी जांच होगी कि क्या किसी अधिकारी या कर्मचारी ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उन्हें काम करने की अनुमति दी थी और क्या इस अनधिकृत गतिविधि से किसी को लाभ या नुकसान हुआ। जरूरत पड़ने पर अभिलेख सुरक्षित रखने और संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों व प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी आपराधिक गतिविधि के संकेत मिलते हैं, तो उसका उल्लेख रिपोर्ट में किया जाए। पूरी जांच रिपोर्ट तीन सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया है।

नैनीताल पुलिस ने खोज निकाले 206 मोबाइल, कीमत 33 लाख से ज्यादा

Haldwani: Mobile: Stolen: Police: नए साल से पहले नैनीताल पुलिस ने आम नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए उनकी खोई हुई खुशियां लौटा दीं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल के निर्देशन में पुलिस की मोबाइल ऐप सेल ने 206 गुमशुदा मोबाइल फोन खोज निकाले। बरामद किए गए इन मोबाइल फोनों की कुल अनुमानित कीमत करीब 33 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।

 एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने सभी मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को सौंपे। लंबे समय बाद अपने कीमती मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरों पर संतोष और खुशी साफ दिखाई दी। कई लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नवंबर और दिसंबर में दर्ज शिकायतों के आधार पर मोबाइल ऐप सेल ने आईएमईआई नंबर और सीईआईआर पोर्टल की सहायता से मोबाइल फोनों को ट्रैक किया। इस अभियान के दौरान उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल समेत उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से मोबाइल बरामद किए गए। एसएसपी ने कहा कि पुलिस आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत है और भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे।

त्रिपुरा छात्र मामले पर बोले सीएम धामी,कानून तोड़ने वालों के लिए बनी है जेल

देहरादून: उत्तराखंड में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या को लेकर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि प्रदेश में किसी भी तरह की हिंसा या अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें दो नाबालिग हैं, जिन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। सरकार ने फरार आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है और उसकी तलाश में एक पुलिस टीम को नेपाल भी भेजा गया है।

मुख्यमंत्री धामी ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि फरार आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड में रहने वाले हर नागरिक की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अपराधियों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। उन्होंने मृतक छात्र एंजेल चकमा के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की।

गौरतलब है कि त्रिपुरा के पश्चिम जिले के नंदननगर निवासी एंजेल चकमा पर 9 दिसंबर को करीब छह लोगों ने हमला किया था। बताया गया कि उन्होंने नस्लीय टिप्पणी का विरोध किया था, जिसके बाद यह घटना हुई। गंभीर रूप से घायल एंजेल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान 26 दिसंबर को उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना से त्रिपुरा में शोक की लहर फैल गई।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने भी इस मामले पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से बातचीत की है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री धामी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और फरार आरोपी को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा।

उत्तराखंड: बेरोजगार पति का सिर दर्द बन गई दो शादी, रच डाली अपनी ही मौत की झूठी कहानी

ManojKumar : FakeDeathDrama : BigamyCase : UttarakhandPolice : Almora : Nainital : Delhi : CaughtByPolice : TwoWives : LegalAction : उत्तराखंड में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां दो पत्नियों के बीच फंसे एक युवक ने अपनी मौत का झूठा ड्रामा रच दिया। युवक करीब 19 दिन तक लापता रहा और इस दौरान उत्तराखंड पुलिस उसकी तलाश में जुटी रही। बाद में वह दिल्ली में सकुशल मिला। पुलिस ने उसे बरामद कर परिजनों को सौंप दिया है….और अब उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि युवक दो शादियों और बेरोजगारी के कारण परेशान था। वह अपनी दूसरी पत्नी से पीछा छुड़ाना चाहता था….इसलिए उसने अपनी मौत की झूठी कहानी बनाई।

नैनीताल से लापता हुआ था युवक

दक्षिण दिल्ली के समालखा गांव निवासी मनोज कुमार अपनी पत्नी के साथ अल्मोड़ा जिले के रानीखेत में रह रहा था। उसकी पत्नी एक शिक्षिका है। मनोज 8 दिसंबर को किसी काम से नैनीताल गया था….लेकिन वापस घर नहीं लौटा। काफी कोशिशों के बाद भी जब उससे संपर्क नहीं हो पाया और फोन बंद आया, तो 9 दिसंबर को पत्नी ने पुलिस को सूचना दी।

खाई में मिली स्कूटी, बढ़ा शक

जांच के दौरान पुलिस को मनोज की स्कूटी बागेश्वर जिले के पन्याली के पास खाई में पड़ी मिली। इसके बाद पुलिस को हादसे या जंगली जानवर के हमले की आशंका हुई। हालांकि स्कूटी मिलने के बावजूद मनोज का कोई सुराग नहीं लग पा रहा था। पुलिस ने युवक को सर्विलांस पर रखा और लगातार तलाश जारी रखी। करीब 19 दिन बाद मनोज के मोबाइल की लोकेशन दिल्ली के बिजवासन इलाके में ट्रेस हुई।

दिल्ली से सकुशल बरामद

सूचना मिलते ही उत्तराखंड पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मनोज को दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार वह वहां चोरी-छिपे रह रहा था।

जांच में यह भी सामने आया कि मनोज ने पहले दूसरे धर्म की युवती से प्रेम विवाह किया था, जिससे उसका एक बेटा है। बाद में परिवार के दबाव में साल 2019 में उसकी दूसरी शादी एक शिक्षिका से कराई गई…जिससे उसे एक और बेटा है। दोनों पत्नियों को एक-दूसरे की जानकारी नहीं थी।

दूसरी पत्नी से बचने के लिए रचा झूठा ड्रामा

पुलिस का कहना है कि मनोज दूसरी पत्नी से पीछा छुड़ाना चाहता था। इसी वजह से उसने अपनी स्कूटी खाई में फेंकी और खुद दिल्ली चला गया….ताकि लोग उसे मृत मान लें। अब पुलिस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

घोड़ा लाइब्रेरी महोत्सव में सीएम धामी, कालाढूंगी क्षेत्र को मिली 114 करोड़ की सौगात

Uttarakhand: Kotabagh: CM Dhami: संकल्प फाउंडेशन की ओर से आयोजित घोड़ा लाइब्रेरी ‘पहाड़ पंछ्याण’ महोत्सव 2025 में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने कालाढूंगी–कोटाबाग क्षेत्र में 114 करोड़ रुपये से ज्यादा की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि घोड़ा लाइब्रेरी एक अनोखी पहल है, जो दूर-दराज के इलाकों में बच्चों और लोगों तक किताबें और शिक्षा पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान और पहाड़ के उत्पादों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। सीएम धामी ने कहा कि जिन योजनाओं की शुरुआत हुई है, उनसे सड़कों, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा। इसका फायदा सिर्फ कालाढूंगी ही नहीं, आसपास के इलाकों को भी मिलेगा और लोगों की जिंदगी आसान बनेगी।

शीतकालीन पर्यटन पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सोच से उत्तराखंड में शीतकालीन यात्रा शुरू हुई, जिससे सर्दियों में भी पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है। सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में उत्तराखंड की सर्दियों, धूप, मौसम और पहाड़ों की खूबियों का जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खुद हरसिल आए और शीतकालीन यात्रा में शामिल हुए, जिससे उत्तराखंड को देश-विदेश में पहचान मिली। अब बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु सर्दियों में भी उत्तराखंड पहुंच रहे हैं और राज्य इसके लिए पूरी तरह तैयार है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘एक जिला, एक मेला’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन फेस्टिवल’ जैसी योजनाओं पर काम हो रहा है। नैनीताल में विंटर फेस्ट कार्निवल हुआ और उत्तरकाशी समेत दूसरे जिलों में भी ऐसे आयोजन किए जा रहे हैं, ताकि सालभर पर्यटन चलता रहे। उन्होंने कहा कि पहले सर्दियों में कामकाज ठप हो जाता था, लेकिन अब सालभर रोजगार और व्यापार को फायदा मिलेगा। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड में कानून सबसे ऊपर है। उन्होंने साफ कहा कि भाईचारे का मतलब यह नहीं कि कोई कानून तोड़े या अतिक्रमण करे। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि घोड़ा लाइब्रेरी ‘पहाड़ पंछ्याण’ जैसे आयोजन शिक्षा, संस्कृति और विकास को एक साथ आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

उत्तराखंड: ऋषिकेश में वन सर्वे बना जाम की वजह, रेल और सड़क यातायात ठप

Rishikesh : ForestSurveyProtest : MansaDeviCrossing : TrainHalted : TrafficJam : RailwayDisruption : UttarakhandNews : मंशा देवी रेलवे फाटक पर रविवार को वन सर्वे के विरोध में स्थानीय लोगों ने जाम लगा दिया। जाम के कारण रेलवे और सड़क यातायात दोनों बुरी तरह प्रभावित रहे। हालात ऐसे बने कि ऋषिकेश से रवाना हुई दो ट्रेनों को बीच रास्ते में ही रोकना पड़ा।

जानकारी के अनुसार गंगानगर एक्सप्रेस को मंशा देवी फाटक से कुछ दूरी पहले रोक दिया गया…..जबकि कोच्चिवाली एक्सप्रेस को वीरभद्र रेलवे स्टेशन पर खड़ा किया गया। जाम के चलते यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बापू ग्राम के पास नंदू फार्म क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप वाहनों को आंतरिक मार्ग पर जाने से भी रोक दिया। इससे ऋषिकेश से लेकर आईडीपीएल गेट नंबर दो तक करीब पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। सड़क पर वाहन रेंगते नजर आए और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा।

रविवार को वन विभाग द्वारा वन सर्वे का तीसरा दिन था….लेकिन विरोध के चलते कई इलाकों में विभागीय टीमों को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। जाम और विरोध प्रदर्शन के कारण रेलवे ट्रैक पर ट्रेन संचालन पूरी तरह प्रभावित रहा।

स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया गया। देर शाम तक हालात सामान्य कराने की कोशिश जारी रही।

देहरादून में जल्द शुरू होगी आधुनिक ईवी मिनी बस शटल सेवा

EV Shuttle : Dehradun : Mini Electric Bus : Smart Transport : Automated Parking : मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में देहरादून जिला प्रशासन जल्द ही शहर में आधुनिक मिनी इलेक्ट्रिक बसों (ईवी) की शटल सेवा शुरू करने जा रहा है। इस सेवा के तहत 13 सीटर नई ईवी बसें खरीदी जाएंगी, जिनका संचालन शहर के तीन ऑटोमेटेड पार्किंग स्थलों – परेड ग्राउंड, तिब्बती मार्केट और कोरोनेशन से किया जाएगा।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने वर्चुअल बैठक में स्मार्ट सिटी, एडॉर्न संस्था और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए निर्देश दिए कि बस स्टॉपेज, चार्जिंग स्टेशन, रूट चार्ट और पार्किंग से संबंधित सभी व्यवस्थाएं शीघ्र पूरी की जाएँ।

ईवी मिनी बसों की शटल सेवा पार्किंग में वाहन रखने वाले लोगों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि आम जनता के लिए न्यूनतम टिकट दर लागू होगी। प्रारंभिक चरण में 5 बसों की खरीद की जा रही है…जिन्हें भविष्य में जरूरत अनुसार बढ़ाया जाएगा।

इस सेवा से शहर में जाम कम होगा और लोगों को बेहतर पार्किंग तथा आवागमन की सुविधा मिलेगी। वर्तमान में ‘फ्री सखी कैब सुविधा’ भी संचालित की जा रही है….जो पार्किंग से व्यस्त इलाकों तक यात्रियों को मुफ्त ले जा रही है।

जिला प्रशासन के अनुसार बस सेवा शुरू होने के बाद घंटाघर, सुभाष रोड, गांधी पार्क, परेड ग्राउंड सहित लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में नागरिकों को आधुनिक और हरित परिवहन की सुविधा मिलेगी।

उत्तराखंड: कार में अंगीठी जलाकर सोए ड्राइवर की मौत, नोएडा से लाए थे पर्यटक

Nainital : Taxi Driver Death : Charcoal Heater : Accidental Death : नोएडा से पर्यटकों को लेकर नैनीताल पहुंचे टैक्सी चालक मनीष गंधार (सिरोहा, यमुनापार, मथुरा, उत्तर प्रदेश) की अंगीठी की गैस से दम घुटने के कारण मौत हो गई। चालक को वाहन के भीतर सुबह बेसुध अवस्था में कंबल ओढ़े हुए पाया गया।

जानकारी के अनुसार, मनीष गंधार शनिवार को अपने टैक्सी वाहन संख्या यूपी16-जेटी-8565 से नोएडा से पर्यटकों को लेकर नैनीताल पहुंचे थे। रात करीब 9 बजे उन्होंने सूखाताल पार्किंग में वाहन खड़ा कर, वाहन के भीतर कोयले की अंगीठी जलाकर सो गए। सुबह 8:30 बजे तक जब वे नहीं उठे, तो पार्किंग कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी।

कोतवाल हेम चंद्र पंत और टीम मौके पर पहुंचे। चालक को बाहर निकालने के लिए उन्होंने शीशा तोड़ा….लेकिन उसे मृत पाया गया। चालक के मुंह से छाग निकल रहा था। प्रथम दृष्टया मौत अंगीठी की गैस के कारण हुई प्रतीत हो रही है।

पुलिस ने चालक के स्वजनों को सूचित कर पंचनामे और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि होगी।

उत्तराखंड: अस्पताल में तैनाती के 20 दिन बाद डॉक्टर को रिश्वत लेते विजिलेंस ने दबोचा

Uttarakhand News : Corruption : Vigilance : Rishwat : Arrest : Roorkee : रुड़की सिविल अस्पताल में तैनात डॉ. आभास सिंह को शनिवार देर रात देहरादून से आई विजिलेंस टीम ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। चिकित्सक ने मारपीट के मामले में घायल व्यक्ति से सप्लीमेंट्री रिपोर्ट बनाने के नाम पर 40 हजार रुपये की मांग की थी।

जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ने देहरादून विजिलेंस को सूचना दी। इसके बाद टीम ने जाल बिछाकर 20 हजार रुपये की राशि शिकायतकर्ता के माध्यम से चिकित्सक को देने का निर्णय किया। शनिवार रात करीब 10 बजे ब्लड बैंक के पास डॉ. आभास सिंह ने पैसे लेते ही विजिलेंस टीम ने उन्हें दबोच लिया। उनके घर की भी तलाशी ली गई।

विजिलेंस ने आरोपी चिकित्सक को अपने साथ देहरादून ले जाकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। डॉ. आभास सिंह कुछ दिन पूर्व मसूरी अस्पताल से रुड़की सिविल अस्पताल स्थानांतरित हुए थे। उनकी पत्नी भी चिकित्सक हैं और उनका स्थानांतरण भी रुड़की अस्पताल में हुआ।

मामले की गंभीरता को देखते हुए विजिलेंस टीम अन्य संबंधित पहलुओं की भी जांच कर रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर आधारित पुस्तक “धर्म रक्षक धामी” का संतों ने किया विमोचन

हरिद्वार: युवाओं के लिए प्रेरणा माने जा रहे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर आधारित पुस्तक “धर्म रक्षक धामी” का विमोचन हरिद्वार के ऋषिकुल सभागार में किया गया। यह कार्यक्रम सनातन सद्भावना समिति की ओर से आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संत, धर्माचार्य और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

पुस्तक का विमोचन करते हुए जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि राष्ट्र को सही दिशा में चलाने के लिए धर्म आधारित नीति जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब धर्म सुरक्षित रहेगा, तभी राष्ट्र भी सुरक्षित रहेगा। मुख्यमंत्री धामी द्वारा जिहादी मानसिकता के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाई की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह पुस्तक उनके कार्यों को सामने लाने का अच्छा प्रयास है।

निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानन्द गिरी महाराज ने पुस्तक की लेखिकाएं डॉ. सोनाली मिश्रा और रीना मानसेरा को आशीर्वाद देते हुए उनके प्रयास को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में अवैध गतिविधियों पर सरकार की सख्ती से गलत मानसिकता वाले लोग परेशान हैं।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि इस पुस्तक के माध्यम से मुख्यमंत्री धामी को मां मनसा देवी का आशीर्वाद मिला है, जो प्रदेश के लोगों में नई ऊर्जा भरेगा।

पूर्व राज्यपाल और पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोशियारी ने मुख्यमंत्री धामी को युवाओं का प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि धामी के भीतर धर्म और राष्ट्र सेवा का भाव साफ दिखाई देता है और उनके द्वारा उठाए गए कदम देवभूमि के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और नैनीताल सांसद अजय भट्ट ने कहा कि यह पुस्तक प्रदेश की जनता के लिए एक उपहार है, जिससे युवा पीढ़ी मुख्यमंत्री के कामों को करीब से जान सकेगी।

कार्यक्रम में कई महामंडलेश्वर और संतों ने भी अपने विचार रखे और धामी सरकार के प्रयासों की तारीफ की। पुस्तक का परिचय डॉ. सोनाली मिश्रा ने दिया, जबकि अतिथियों का आभार रीना मानसेरा ने जताया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. देवेंद्र भसीन ने किया।

इस मौके पर राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, राज्य मंत्री विनय रोहिल्ला, मेयर किरण जैसल, भाजपा पदाधिकारी, संत समाज और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में “धर्म रक्षक धामी” पुस्तक का विधिवत विमोचन किया गया।