उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए आवेदन शुरू

UOUAdmissions : OnlineEducation : DistanceLearning : UttarakhandNews : HigherEducation : January2026Admissions : StudentAlert : OpenUniversity : EducationUpdate : ApplyOnline : उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने जनवरी 2026 शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक छात्र-छात्राएं 31 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश पूरी तरह से ऑनलाइन माध्यम से होगा।

विश्वविद्यालय के सहायक क्षेत्रीय निदेशक डा. बृजेश बनकोटी ने कहा कि स्नातक, स्नातकोत्तर, प्रमाणपत्र और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय का आधिकारिक पोर्टल https://online.uou.ac.in उपलब्ध है। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों से अनुरोध किया कि आवेदन करने से पहले प्रास्पेक्टस का ध्यानपूर्वक अध्ययन करें…ताकि पाठ्यक्रम, पात्रता, शुल्क और अन्य दिशा-निर्देश स्पष्ट हों।

सहायक क्षेत्रीय निदेशक ने कहा कि सभी नए छात्रों के लिए सही ABCD-ID (Academic Bank of Credit ID) और DEB-ID (Distance Education Bureau ID) प्रदान करना अनिवार्य है। यदि किसी छात्र की ओर से गलत या अपूर्ण जानकारी दी जाती है….तो यूजीसी-डीईबी प्रवेश निरस्त कर सकता है।

डा. बनकोटी ने अभ्यर्थियों से समय पर आवेदन करने और सभी आवश्यक दस्तावेज सही तरीके से अपलोड करने की अपील की….ताकि प्रवेश प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा न आए।

उत्तराखंड: नए साल का संदेश खोलते ही 80 हजार गायब!

Uttarakhand News : Roorkee : Cyber Fraud : WhatsApp Scam : Online Theft : नये वर्ष के शुभकामना संदेशों का फायदा उठाकर साइबर ठग लगातार लोगों के खातों में सेंधमारी कर रहे हैं। ऐसा ही मामला महावीर एन्कलेव निवासी एमआर सुनील मौर्य के साथ हुआ। गुरुवार की रात को उन्होंने वाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से आए संदेश को खोला और केवल एक मिनट के भीतर उनके बैंक खाते से 80 हजार रुपये की रकम गायब हो गई।

पीड़ित ने तुरंत साइबर अपराध रोकने वाले टोल फ्री नंबर पर शिकायत की और सिविललाइंस थाने में भी तहरीर दी। पुलिस ने बताया कि यह संदेश एक फाइल के रूप में भेजा गया था। जैसे ही फाइल खोली गई….मोबाइल फोन हैक हो गया और ठग सीधे मोबाइल के माध्यम से खाते तक पहुँच बना रहा था।

पुलिस क्षेत्राधिकारी नरेंद्र पंत ने कहा कि साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके खोज रहे हैं। कभी खाते की केवाइसी मांगते हैं….तो कभी जानी-पहचानी आवाज में झांसा देकर रकम हड़प लेते हैं। उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की और कहा कि अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक या फाइल को बिल्कुल भी न खोलें….और परिचितों से संदिग्ध फाइल के बारे में पूछकर ही खोलें। यदि थोड़ी भी लापरवाही हुई, तो बिना ओटीपी के ही खाते से रकम गायब हो सकती है।

रुड़की में एक और मामला सामने आया….जिसमें एक फैक्ट्रीकर्मी शुभम कुमार के खाते से साइबर ठगों ने 39 हजार रुपये उड़ा लिए। ठग ने कॉल कर खुद को बैंक अधिकारी बताकर क्रेडिट कार्ड ब्लॉक होने का झांसा दिया और लिंक भेजा। शुभम ने लिंक खोलते ही रकम गायब हो गई।

पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है। वहीं करीब पांच दिन पहले आदर्शनगर के एक शिक्षक से भी क्रेडिट कार्ड एप डाउनलोड करने का झांसा देकर 1 लाख 30 हजार रुपये की ठगी की जा चुकी है।

पुलिस लगातार लोगों को आगाह कर रही है कि किसी भी अज्ञात लिंक या फाइल पर क्लिक न करें, और ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन में हमेशा सतर्क रहें।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल का बयान, अंकिता के लिए सरकार किसी भी स्तर की जांच से पीछे नहीं हटेगी

Uttarakhand News: Subodh Uniyal: Minister: Ankita Bhandari Case: कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अंकिता प्रकरण को लेकर चल रहे विवाद पर साफ कहा है कि अगर किसी के पास ठोस और भरोसेमंद सबूत हैं तो सरकार किसी भी स्तर की जांच से पीछे नहीं हटेगी। लेकिन सिर्फ आरोपों और सोशल मीडिया पर वायरल बातों के आधार पर फैसला लेना दोषियों को कानूनी फायदा पहुंचा सकता है।

पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि इस घटना से पूरी देवभूमि दुखी थी। धामी सरकार ने शुरुआत से ही मामले को गंभीरता से लिया। घटना के तुरंत बाद महिला डीआईजी के नेतृत्व में एसआईटी बनाई गई, आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और सभी जरूरी फोरेंसिक सबूत जुटाए गए। सरकार ने पीड़ित परिवार की सहमति से ऐसा मजबूत केस तैयार किया कि आरोपियों को जमानत तक नहीं मिल सकी और अंत में उन्हें उम्रकैद की सजा हुई।

सुबोध उनियाल ने कहा कि सीबीआई जांच की मांग पहले भी अदालत तक गई थी, लेकिन ट्रायल कोर्ट, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट—तीनों ने एसआईटी की जांच को सही माना और सीबीआई जांच से इनकार किया। अदालतों ने यह भी साफ किया कि किसी वीआईपी को बचाने की कोशिश नहीं हुई और जांच में किसी वीआईपी की भूमिका सामने नहीं आई।

बुलडोजर चलाने के आरोपों पर मंत्री ने कहा कि कोर्ट ने माना है कि कमरे को तोड़ने से पहले एफएसएल टीम सभी सबूत इकट्ठा कर चुकी थी। इसके बावजूद जानबूझकर गलत प्रचार किया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो-वीडियो को लेकर उन्होंने कहा कि इनमें न तारीख साफ है, न समय। कुछ बातों में खुद ही विरोधाभास है। कहीं अंकिता की मौत को सुसाइड बताया जा रहा है, जो पहले से हत्या के आरोप में सजा पा चुके अपराधियों को फायदा पहुंचा सकता है। मामला अभी अपील में है, ऐसे में इस तरह की बातें कानूनी प्रक्रिया को कमजोर कर सकती हैं।

उन्होंने आशंका जताई कि वायरल रिकॉर्डिंग किसी साजिश के तहत लीक की गई हो सकती है। बिना किसी सबूत के बार-बार कुछ लोगों का नाम लेना उनकी छवि खराब करने की कोशिश लगती है।

मंत्री ने अपील की कि जिन लोगों के पास सच में कोई पुख्ता सबूत हैं, वे सामने आएं। सरकार उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेगी। लेकिन जब तक ठोस प्रमाण नहीं मिलते, तब तक जल्दबाजी में लिया गया कोई भी फैसला न्याय की प्रक्रिया को नुकसान पहुंचा सकता है।

प्रेस वार्ता में प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र नेगी और प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन भी मौजूद रहे।

नैनीताल में डीएम का एक्शन,RTI का गलत इस्तेमाल करने वाले का हुआ तबादला

NAINITAL: Mohammad Akarm: RTI: जिलाधिकारी कार्यालय में तैनात प्रधान सहायक मोहम्मद अकरम द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारी की औपचारिक भर्त्सना की है और प्रशासनिक आधार पर उनका जिला मुख्यालय से स्थानांतरण कर दिया गया है।

प्रकरण के अनुसार, प्रधान सहायक मोहम्मद अकरम ने अपने ही कार्यालय के विभिन्न पटलों से अत्यधिक मात्रा में सूचना आरटीआई के तहत मांगी थी। लोक सूचना अधिकारी ने सीमित मानव संसाधनों के बावजूद कई दिनों की मेहनत के बाद लगभग तीन हजार पृष्ठों की सूचना नि:शुल्क संकलित कर उपलब्ध कराई। इसके बावजूद संबंधित कर्मचारी ने बिना किसी वैध कारण के सूचना प्राप्त करने से इनकार कर दिया, जिससे कार्यालय की कार्यप्रणाली प्रभावित हुई।

जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सूचना का अधिकार अधिनियम पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का माध्यम है, न कि शासकीय संसाधनों, समय और श्रम के अनावश्यक अपव्यय का। आदेश में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का उल्लेख करते हुए आरटीआई के विवेकपूर्ण और जिम्मेदार उपयोग पर जोर दिया गया है।

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि एक लोक सेवक से, उसके पद और दायित्वों को देखते हुए, सामान्य नागरिक की तुलना में अधिक संयमित और उत्तरदायी आचरण की अपेक्षा की जाती है। अपने ही कार्यालय से अत्यधिक सूचना मांगकर उसे प्राप्त न करना उत्तराखंड सरकारी सेवक आचरण नियमावली के प्रावधानों के विपरीत माना गया है।

प्रशासन ने मोहम्मद अकरम को भविष्य में आरटीआई अधिनियम के प्रयोग और शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में विधिक मर्यादाओं का पालन करने की कड़ी चेतावनी दी है। साथ ही, प्रशासनिक कारणों से उनका जिला मुख्यालय से स्थानांतरण कर दिया गया है।

लोहाघाट से निकली बस में लगी आग, चालक और परिचालक की सूझबूझ टला बड़ा हादसा

Uttarakhand: Roadways: Buses: Fire: नए साल की सुबह देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। लोहाघाट से देहरादून आ रही उत्तराखंड रोडवेज की बस में लालतप्पड़ के पास अचानक आग लग गई। यह घटना तड़के करीब 4 बजे की बताई जा रही है। बस के इंजन हिस्से से अचानक धुआं उठने लगा, जिसके बाद कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया।

धुआं और आग देख बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। चालक और परिचालक की सूझबूझ से बस को तुरंत सड़क किनारे रोका गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। यात्रियों के बाहर निकलते ही आग तेजी से फैल गई और बस की सीटें समेत पूरा ढांचा जलकर खाक हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। प्रशासन द्वारा आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

उत्तराखंड रोडवेज बेड़े में जुड़ी कई हाईटैक बसें, अब जल्द इलेक्ट्रिक बसों का संचालन भी होगा शुरू

Uttarakhand: Buses: Dehradun: Chief Minister Pushkar Singh Dhami: उत्तराखंड परिवहन निगम के बेड़े में 100 नई बसें शामिल की गई हैं। नववर्ष के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से इन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने 10 ए.सी. और 2 स्लीपर अनुबंधित बसों को भी जनता को समर्पित किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने परिवहन निगम की स्मारिका “अनवरत” तथा सड़क सुरक्षा पर आधारित कैलेंडर का विमोचन किया। साथ ही कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी से कार्य करने वाले कर्मठ कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित ये नई बसें राज्य के सार्वजनिक परिवहन तंत्र को और अधिक सशक्त बनाएंगी। इससे यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती यात्रा सुविधा मिलेगी, साथ ही राज्य की आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि दुर्गम और पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियों वाले उत्तराखंड में एक मजबूत परिवहन व्यवस्था न केवल नागरिक सुविधा के लिए बल्कि आर्थिक विकास के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। सरकार परिवहन निगम को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 13 से अधिक नए बस अड्डों और कार्यशालाओं का निर्माण पूरा किया जा चुका है, जबकि 14 अन्य स्थानों पर कार्य प्रगति पर है, जिनमें 4 आईएसबीटी भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शीघ्र ही निगम के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों को भी शामिल किया जाएगा। सीएम धामी ने कहा कि निगम की बसों में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे, ई-टिकटिंग, फ्लीट मॉनिटरिंग और समयबद्ध मेंटेनेंस जैसी आधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे यात्रियों के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा भी मजबूत होगी।

उन्होंने बताया कि सरकार ने निगम कर्मियों के हितों को ध्यान में रखते हुए डीए वृद्धि, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का क्रियान्वयन और नई भर्तियों के माध्यम से मैनपावर की कमी को दूर करने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार परिवहन निगम को “सेवा का माध्यम” मानते हुए इसे आधुनिक, आत्मनिर्भर और जनोन्मुखी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पारदर्शी नीतियों और जवाबदेही के साथ उत्तराखंड निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार, आप खुद देख लिजिए 2025 की रिपोर्ट

GoodGovernance : JanJanKiSarkar : UttarakhandModel : PublicService : CitizenCentric : ख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार का “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन और नागरिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन गया है। 31 दिसंबर 2025 तक प्रदेश के 13 जनपदों में कुल 173 शिविर आयोजित किए गए….जिसमें 1,08,710 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए।

इनमें से 15,730 आवेदनों का त्वरित निस्तारण किया गया और 11,493 नागरिकों को मौके पर प्रमाण-पत्र एवं सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसी अभियान के माध्यम से 63,202 से अधिक लोग विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी बने हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है…बल्कि यह जनता के विश्वास की पुनर्स्थापना और सरकार-जनता की दूरी समाप्त करने का प्रयास है। प्रत्येक जनपद में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि दिव्यांग, बुजुर्ग, महिलाओं और कमजोर वर्गों तक स्वयं पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को लंबित आवेदनों के समयबद्ध निस्तारण और शिविरों की निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में सुशासन अब कागजों तक सीमित नहीं है…बल्कि धरातल पर दिखाई दे रहा है। प्रदेश सरकार जनता के विश्वास के साथ सेवा, सुशासन और विकास के संकल्प को लगातार आगे बढ़ा रही है।

देहरादून में वर्षों बाद खुला आईएसबीटी का निकासी गेट, एनएच का पुराना आफिस भवन ध्वस्त

ISBTDehradun : TrafficUpdate : DMAction : BusRouteRelief : RoadSafety : लंबे वर्षों से जाम और असुविधाओं का कारण बने आईएसबीटी का निकासी गेट अब खुल चुका है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश और सख्त आदेशों के बाद गेट पर लगे अस्थायी निर्माण और चुंगी को हटाकर परिसर से बाहर जाने वाली बसों का मार्ग सुगम बनाया गया है।

डीएम के निरीक्षण और सक्रिय पहल के चलते अब दिल्ली, उत्तर प्रदेश और चंडीगढ़ की ओर जाने वाली बसें बिना बाधा के निकासी गेट से बाहर जा रही हैं। इससे आईएसबीटी परिसर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात का दबाव काफी कम हुआ है।

साथ ही एनएच के पुराने खाली कार्यालय भवन को ध्वस्त कर दिया गया है…जो लंबे समय से यातायात में बाधक बन रहा था। आईएसबीटी फ्लाईओवर के नीचे कट को व्यवस्थित किया गया और सड़क किनारे खाली भूमि पर टाइल्स बिछाकर नई पार्किंग निर्माण शुरू कर दी गई है।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएँ…ताकि आम जनता को आईएसबीटी क्षेत्र में सुचारु और सुरक्षित यातायात सुविधा मिल सके।

रेलवे में आई 312 रिक्त पदों भर्ती, 29 जनवरी से पहले करें अप्लाई

NewDelhi : RRBRecruitment : RailwayJobs : GovernmentJobs2026 : रेलवे में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है। रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB) ने आइसोलेटेड कैटेगरी के तहत विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। जो भी उम्मीदवार पद के लिए योग्य हैं….वे ऑनलाइन पोर्टल rrbapply.gov.in पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 29 जनवरी 2026 है, जबकि फीस जमा करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 रखी गई है।

रेलवे की ओर से इस भर्ती में कुल 312 रिक्त पद भरे जाएंगे। प्रमुख पदों में चीफ लॉ असिस्टेंट (22), पब्लिक प्रॉसिक्यूशन (7), जूनियर ट्रांसलेटर हिंदी (202), सीनियर पब्लिक इंस्पेक्टर (15), स्टाफ एंड वेलफेयर इंस्पेक्टर (24), साइंटिफिक असिस्टेंट ट्रेनिंग (2), लैब असिस्टेंट ग्रेड 3 केमिस्ट एंड मेटलर्जिस्ट (39) और साइंटिफिक सुपरवाइजर एर्गोनॉमिक्स एंड ट्रेनिंग (1) शामिल हैं।

पद के अनुसार पात्रता भी अलग-अलग है। इसमें आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का शिक्षा स्तर 12वीं से लेकर पोस्ट ग्रेजुएट तक होना चाहिए। न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 30 से 40 वर्ष के बीच पदानुसार तय की गई है। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के अनुसार होगी। योग्य उम्मीदवार आवेदन करने से पहले ऑफिशियल नोटिफिकेशन अवश्य पढ़ लें।

आवेदन करने के लिए सबसे पहले पोर्टल rrbapply.gov.in पर जाकर अपना अकाउंट बनाएं। इसके बाद लॉगिन करके फॉर्म भरें, कैटेगरी वाइज निर्धारित शुल्क जमा करें और फॉर्म सबमिट कर दें। अंत में फॉर्म का प्रिंटआउट अपने पास सुरक्षित रखें।

आवेदन शुल्क जनरल, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 500 रुपये है….जबकि एससी, एसटी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 250 रुपये है। यह शुल्क डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के माध्यम से जमा किया जा सकता है। CBT-1 के बाद जनरल, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग को 400 रुपये और एससी, एसटी और ईडब्ल्यूएस वर्ग को 250 रुपये रिफंड कर दिया जाएगा।

मौसम अपडेट पर डाले नजर, उत्तराखंड के 7 जिलों में बारिश के आसार

Uttarakhand : Dehradun : WeatherUpdate : Snowfall : FogAlert : मौसम विज्ञान केंद्र ने आज और कल उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में आंशिक बादल छाने और बारिश के साथ बर्फबारी होने का पूर्वानुमान जारी किया है। मैदानी क्षेत्रों में घने कोहरे के कारण येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

इस सर्दी में दिसंबर का महीना ज्यादातर सूखा रहा जिसका असर तापमान पर भी दिखा। अधिकांश क्षेत्रों में पारा सामान्य से अधिक बना रहा, लेकिन दिसंबर के अंतिम सप्ताह में ठंड बढ़ गई और तापमान में गिरावट आई। बारिश न होने के कारण लोगों को सूखी ठंड से काफी परेशानी हो रही है।

देहरादून में इस बार दिसंबर में बारिश नहीं हुई…जिससे हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई। बुधवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 329 दर्ज किया गया…जबकि ऋषिकेश में यह मध्यम श्रेणी में रहा और बुधवार को वहां का AQI 136 था। पर्वतीय क्षेत्रों में बादल छाए हुए हैं और मैदानी क्षेत्रों में कोहरे का प्रकोप जारी है। बुधवार को देहरादून में दिनभर बादल छाए रहे और तापमान में गिरावट देखी गई।

देहरादून का अधिकतम तापमान बुधवार को 13.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 9.7 डिग्री सेल्सियस रहा। उधम सिंह नगर में अधिकतम 15.4 और न्यूनतम 10.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मुक्तेश्वर का अधिकतम तापमान 19.4 और न्यूनतम 5.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि नई टिहरी में अधिकतम 16.8 और न्यूनतम 6.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

कोहरे के कारण देहरादून आने वाली हवाई सेवाएं रद्द कर दी गई हैं और कुछ उड़ानें देरी से पहुंची। ट्रेनों का समय भी प्रभावित हो रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। बागेश्वर, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, अल्मोड़ा और चंपावत में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। 3000 मीटर या उससे ऊँचे पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी अधिक होने की उम्मीद है….जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा।