उत्तराखंड: नैनीताल के एक होटल में सुखवंत सिंह ने खुद पर गोली चलाकर की आत्महत्या

Suicide : Haldwani : Kashiipur : Gaulapar : Uttarakhand : उत्तराखंड के हल्द्वानी के गौलापार में देर रात 2:30 बजे एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। काशीपुर के पैगा निवासी सुखवंत सिंह ने देवभूमि होटल में रूम लेकर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

पुलिस के अनुसार सुखवंत सिंह अपनी पत्नी और 12 साल के बच्चे के साथ नैनीताल घूमने आया था। रुपए के कुछ मामलों को लेकर वह होटल में परेशान था। पत्नी और बच्चे ने उसे समझाने की कोशिश की…लेकिन जब वे रिसेप्शन में नीचे आए उसी समय उसने अपने भेजे में गोली मार ली। गोली दाहिनी ओर से चली और बाईं ओर से निकल गई।

इस गोली चलने की छीना-झपटी में पत्नी और बच्चे को मामूली खरोंच भी आई। गौलापार के सीओ अमित कुमार सैनी ने कहा कि सुखवंत सिंह की मौत हो चुकी है और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

काशीपुर में उसके खिलाफ पहले से लगभग पांच फ्रॉड के मामले दर्ज हैं। स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

लालकुआं से बेंगलुरु के लिए स्पेशल एक्सप्रेस चलेगी

Lalkuan: Banglore: Train: Uttarakhand: Railway: क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट ने लालकुआं रेलवे स्टेशन से लालकुआं–बेंगलुरु स्पेशल एक्सप्रेस (05074) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. मोहन बिष्ट और नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह लोटनी भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद अजय भट्ट ने कहा कि वर्तमान में कुमाऊं क्षेत्र से मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, दिल्ली और भुज के लिए नियमित रेल सेवाएं संचालित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि कुमाऊं से ‘वंदे भारत’ ट्रेन चलाने के लिए रेल मंत्रालय पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि लालकुआं रेलवे स्टेशन का विस्तारीकरण कार्य तेजी से प्रगति पर है और भविष्य में इसे उत्तराखंड का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा, जिससे देश के कोने-कोने के लिए सुपरफास्ट रेलगाड़ियां चलाई जा सकेंगी।

विधायक डॉ. मोहन बिष्ट ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा क्षेत्र में कराए जा रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि रेल सुविधाओं के विस्तार से क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति मिलेगी।

इस मौके पर एडीआरएम मनोज कुमार, सहायक वाणिज्य प्रबंधक राजेश कुशवाहा, सीडीओ प्रकाश कुमार, भाजपा मंडल अध्यक्ष अरुण जोशी, नगर पंचायत के सदस्य तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। रेलगाड़ी के शुभारंभ के बाद सांसद अजय भट्ट ने स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और नागरिकों की समस्याएं भी सुनीं।

बता दें कि यह विशेष गाड़ी प्रत्येक मंगलवार को क्रांतिवीर संगोली रायण्णा (बंगलूरू) से और प्रत्येक शनिवार को लालकुआं से चलेगी।

उत्तराखंड: पुर्तगाल से लौटे पिता की चार दिन की खुशी, सड़क हादसे में बेटे की मौत से मातम मे बदली

Uttarakhand news : Sitarganj : road accident : Navjot Singh : family tragedy : कभी-कभी जिंदगी की क्रूर विडंबना इंसान को शॉक में डाल देती है। ऐसा ही हुआ नवजोत सिंह और उनके परिवार के साथ। चार साल से विदेश में नौकरी कर रहे पिता जसवंत सिंह आखिरकार छह जनवरी को भारत लौटे। लंबे समय बाद पिता-पुत्र की मुलाकात बेहद भावुक रही।

नवजोत अपने पिता को दिल्ली से लेकर अपने गांव नवदिया हरैया (अमरिया) जिला पीलीभीत पहुंचे। चार दिन तक घर में खुशियों का माहौल रहा। पिता और बेटे ने साथ बैठकर पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और सपनों पर चर्चा की। फूफा कुलवंत सिंह ने कहा कि नवजोत आईएलटीएस की तैयारी कर रहा था और कंप्यूटर का प्रशिक्षण भी ले रहा था।

लेकिन इसी खुशी के चार दिन बाद दस जनवरी को नवजोत का रास्ते में सड़क हादसे में निधन हो गया। वह सितारगंज में कोचिंग जाने के लिए बाइक पर निकला था, तभी यह हादसा हो गया।

नवजोत मझौला स्थित एक निजी विद्यालय में 11वीं कक्षा का छात्र था। पिता विदेश में रहकर बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे थे…लेकिन लौटने के चार दिन बाद ही उनका बेटा हमेशा के लिए उनसे छिन गया।

हादसे की खबर ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। मां बदहवास हैं और पिता गहरे शोक में हैं। पूरे गांव में मातम का माहौल है। लोग यही कह रहे हैं कि चार साल का इंतजार और चार दिन की खुशी नवजोत के परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गई।

हल्द्वानी: डीएम के सख्त निर्देश, सड़कों को बार-बार खोदने से आम लोगों को परेशानी ना हो

हल्द्वानी: हल्द्वानी, कालाढुंगी और रामनगर क्षेत्र में घरेलू गैस पाइपलाइन और सीएनजी स्टेशनों की स्थापना को लेकर प्रशासन ने काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को हल्द्वानी कैंप कार्यालय में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में एचपीसीएल और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि गैस पाइपलाइन बिछाने का काम फिलहाल धीमी गति से चल रहा है, जिसे जल्द पूरा करना जरूरी है। उन्होंने एचपीसीएल को लोक निर्माण विभाग, जल संस्थान, विद्युत विभाग, नगर निगम और अन्य एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर काम आगे बढ़ाने को कहा।

उन्होंने यह भी कहा कि हल्द्वानी में पहले से पेयजल और सीवरेज लाइन का काम चल रहा है, ऐसे में गैस पाइपलाइन का काम इन्हीं के साथ किया जाए, ताकि सड़कों को बार-बार खोदने से आम लोगों को परेशानी न हो। सभी विभागों को आपस में सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हुए समन्वय से काम करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जहां भी सड़क खुदाई या मैनहोल से जुड़ा काम हो, वहां पूरी सुरक्षा के साथ कार्य किया जाए। आबादी वाले इलाकों में स्थानीय लोगों को पहले जानकारी देकर उनकी सुविधा के अनुसार काम करने को कहा गया।

बैठक में बताया गया कि जिले में एचपीसीएल द्वारा प्रस्तावित 25 सीएनजी स्टेशनों में से 12 स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है, जबकि बाकी स्टेशनों पर काम तेजी से चल रहा है।

एचपीसीएल अधिकारियों ने जानकारी दी कि रुद्रपुर से हल्द्वानी तक 40 किलोमीटर स्टील पाइपलाइन में से 36 किलोमीटर का काम पूरा हो गया है। शेष 4 किलोमीटर पाइपलाइन हल्द्वानी शहर के अलग-अलग इलाकों में बिछाई जानी है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा हल्द्वानी, कालाढुंगी और रामनगर क्षेत्र में 32 किलोमीटर गैस पाइपलाइन का काम भी पूरा हो चुका है।

परियोजना के तहत जिले में करीब 85 हजार उपभोक्ताओं को गैस पाइपलाइन से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि जून 2026 तक रामपुर रोड स्थित बेलबाबा मंदिर स्टेशन तक पाइपलाइन से गैस आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी, इसके बाद आगे का काम भी तेजी से किया जाएगा।

बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल चौहान, एचपीसीएल के प्रबंधक हिमांशु जंतवाल, सहायक प्रबंधक दीपक पपोला सहित जल संस्थान, विद्युत विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

धामी ने एक बार फिर राज्यवासियों की सुनी, न्याय से कोई समझौता नहीं किया जाएगा !

देहरादून: उत्तराखंड में बीते पंद्रह दिनों के घटनाक्रम ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक दृढ़, संवेदनशील और निर्णायक नेतृत्व के रूप में स्थापित किया है। जिस तरह से उन्होंने इस कठिन समय में परिस्थितियों का सामना किया, उसने उनके नेतृत्व की परिपक्वता को स्पष्ट रूप से सामने रखा है।

चार वर्ष पहले जब उन्होंने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी, तब राजनीतिक गलियारों में यह संदेह बना हुआ था कि क्या वे इस चुनौतीपूर्ण राज्य को स्थिरता दे पाएंगे। बार-बार नेतृत्व परिवर्तन देखने वाले उत्तराखंड में कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना था कि यह भी केवल एक अस्थायी प्रयोग होगा। लेकिन समय के साथ धामी ने न केवल इन आशंकाओं को गलत साबित किया, बल्कि यह भी दिखाया कि वे संकट के क्षणों में कठोर और साहसिक निर्णय लेने से पीछे नहीं हटते।

हालिया घटनाक्रम में कई प्रभावशाली नाम सामने आए और अनेक राजनीतिक समीकरण प्रभावित हुए, लेकिन मुख्यमंत्री स्वयं किसी भी विवाद से पूरी तरह अलग रहे। इसका प्रमुख कारण उनकी अब तक बनी साफ-सुथरी और पारदर्शी छवि है, जिसे चुनौती देना विरोधियों के लिए भी आसान नहीं रहा।

सरकार का रुख शुरू से स्पष्ट रहा है कि न्याय से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, चाहे इसके लिए राजनीतिक जोखिम ही क्यों न उठाने पड़ें। अब सीबीआई जांच से पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और यह उम्मीद की जा रही है कि बहन अंकिता को पूर्ण और निष्पक्ष न्याय अवश्य मिलेगा।

उत्तराखंड: 16 शहरों में 24 घंटे स्वच्छ पानी के लिए 1600 करोड़ की योजना को केंद्र से मिली मंजूरी

Drinking Water Project : Uttarakhand : World Bank Funding : Urban Development : Clean Water : Infrastructure : उत्तराखंड के तेजी से विकसित हो रहे 16 शहरों में पेयजल आपूर्ति मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने विश्व बैंक की 1600 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत आधुनिक पेयजल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा….जिससे लगभग एक लाख घरों की करीब छह लाख की आबादी को 24 घंटे स्वच्छ पानी मिलेगा।

पेयजल निगम के अधिकारियों के अनुसार टेंडर प्रक्रिया तीन महीने में पूरी की जाएगी…और इसके बाद केंद्र से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद अगले छह महीने में निर्माण कार्य शुरू होगा।

प्राथमिक शहरों में काम:

सेलाकुई, भवाली, भीमताल, गोपेश्वर, रामपुर

पाडली गुर्जर, डोईवाला, पशुपतिनाथ

रानीपोखरी ग्रांट, रानीपोखरी मौजा, बागेश्वर

अन्य शहर और क्षेत्र जहां योजना लागू होगी:

चकराता, हरिद्वार (इमसीखेड़ी)

रुद्रप्रयाग (उखीमठ, अगस्त्यमुनी, तिलवाड़ा)

टिहरी, उत्तरकाशी (पुरोला, बड़कोट, नौगांव, चिन्यालीसौड़)

चमोली (गैरसैंण, नंदप्रयाग)

ऊधमसिंह नगर (सुल्तानपुर पट्टी, दिनेशपुर, गुलरभोज, नगला, केलाखेड़ा, लालपुर, महुवाडाबरा)

नैनीताल (कालाढूंगी)

मुख्य अभियंता संजय सिंह ने कहा कि प्रस्ताव वर्तमान में अंतिम चरण में है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इस परियोजना से न केवल पानी की उपलब्धता में सुधार होगा…बल्कि शहरों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आएगा। 

उत्तराखंड: जर्मन शेफर्ड ‘पायलट’ ने बाघ से आखरी दम तक लड़कर मालिक की बचाई जान

German Shepherd : Tiger Attack : Uttarakhand : Hero Dog : Wildlife Incident : Ramanagar : Brave Dog : Nainital : नैनीताल जिले के तराई पश्चिमी वन प्रभाग के पास ग्राम मदनपुर गैबुआ में एक अद्भुत वफादारी की कहानी सामने आई है। यहां एक जर्मन शेफर्ड कुत्ता (पायलट) अपने मालिक रक्षित पांडे की जान बचाने के लिए खुद एक खूंखार बाघ से भिड़ गया।

घटना कल शाम हुई जब रक्षित पांडे अपने पालतू कुत्ते पायलट के साथ खेत की ओर गए थे। तभी पहले से घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक रक्षित पर हमला करने की कोशिश की। खतरे को भांपते ही पायलट ने तुरंत बाघ पर हमला कर उसे उलझा दिया।

इस संघर्ष में बाघ और कुत्ते के बीच जोरदार भिड़ंत हुई। दुर्भाग्यवश पायलट को गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही शहीद हो गया। लेकिन उसकी बहादुरी के चलते रक्षित पांडे सुरक्षित बच गए।

घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। भाजपा नेता विपिन कांडपाल ने वन विभाग के डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्या को सूचना दी। वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मृत कुत्ते का पोस्टमार्टम कराया।

डीएफओ प्रकाश आर्या ने कहा कि क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और बाघ की गतिविधियों पर निगरानी जारी है। वहीं विपिन कांडपाल ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की और वन विभाग से बाघ को आबादी से दूर सुरक्षित स्थान पर भेजने की मांग की।

पायलट की शहादत ने यह साबित कर दिया कि वफादारी और साहस की कोई सीमा नहीं होती। रामनगर के ग्रामीणों के लिए यह घटना एक चेतावनी भी है कि वन्यजीवों के निकट होने पर हमेशा सतर्क रहना चाहिए।

उत्तराखंड के एनसीसी कैडेट्स का राष्ट्रीय मंच पर परचम, स्वर्ण पदक जीतकर बढ़ाया राज्य का मान

Uttarakhand NCC : RDC 2026 : NCC Cadets Achievement : Gold Medal : National Level Competition : Dehradun News : उत्तराखंड के एनसीसी कैडेट्स ने गणतंत्र दिवस शिविर (RDC-2026) और अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन किया है। अनुशासन मेहनत और समर्पण के बल पर कैडेट्स ने स्वर्ण पदक हासिल किए और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपना स्थान सुनिश्चित किया।

पंतनगर स्थित 1-यूके आर एंड वी स्क्वाड्रन के सीनियर अंडर ऑफिसर असलम अंसारी ने टेंट पेगिंग (वेटरन्स) प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी उत्कृष्ट अश्वारोहण क्षमता का परिचय दिया। इसी स्क्वाड्रन की सार्जेंट लक्ष्मी पासवान ने ड्रेसेज–नोविस गर्ल्स वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल कर संतुलन, अनुशासन और उच्च स्तर के कौशल का प्रदर्शन किया।

निशानेबाजी के क्षेत्र में 31 यूके बटालियन एनसीसी हरिद्वार की कैडेट नैंसी बघेल ने 50 मीटर (पीप साइट प्रोन) स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया। इसके चलते उनका चयन अखिल भारतीय जीवी मावलंकर शूटिंग प्रतियोगिता और 68वीं राष्ट्रीय शूटिंग चैम्पियनशिप के लिए हुआ।

एनसीसी निदेशालय उत्तराखंड ने सभी सफल कैडेट्स और उनके प्रशिक्षकों को बधाई दी। निदेशालय ने कहा कि ये उपलब्धियां राष्ट्रीय कैडेट कोर द्वारा सिखाए गए अनुशासन, परिश्रम और समर्पण की सशक्त मिसाल हैं।

इन सफलताओं से न केवल उत्तराखंड के युवाओं की प्रतिभा सामने आई है….बल्कि यह भी साबित हुआ है कि मेहनत और लगन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। राज्य के युवा आज पूरे देश में अपनी पहचान बना रहे हैं और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।

उत्तराखंड: दिवंगत अंकिता भंडारी के माता-पिता गांव लौटते समय भालू से बाल-बाल बचे, जानिए कैसे ?

Uttarakhand : Shrinagar : Pauri : BearAttack : AnkitaBhandariParents : WildlifeAlert : राजधानी देहरादून से अपने गांव लौट रहे दिवंगत अंकिता भंडारी के माता-पिता और उनके ड्राइवर का सामना अचानक एक भालू से हो गया। यह घटना आठ जनवरी को डोभ-श्रीकोट के पास घटी।

जानकारी के अनुसार अंकिता के माता-पिता ने सात जनवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की थी। अगले दिन गांव लौटते समय अंकिता की माता सोनी देवी की अचानक तबियत खराब हुई और उन्होंने गाड़ी रोककर सड़क किनारे उतरकर उल्टी करनी शुरू की। इसी दौरान भालू वहां पहुंच गया।

अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने कहा कि हम तीनों अचानक भालू को देखकर डर गए और तेजी से गाड़ी में बैठ गए। चालक ने तुरंत वाहन चलाया और हम सुरक्षित गांव पहुँच गए।

वीरेंद्र भंडारी ने कहा कि डोभ-श्रीकोट और आसपास के क्षेत्र में भालू सक्रिय है और उन्होंने जिला प्रशासन और वन विभाग से क्षेत्र को भालू के आतंक से मुक्त कराने की मांग की है।

उत्तराखंड: इस दिन से मिलेगी वृद्ध जनों को निशुल्क आवासीय सुविधा

Uttarakhand : Free Residential Facility : Senior Citizens : Dehradun : राजधानी देहरादून के रायवाला स्थित राजकीय वृद्ध एवं अशक्त आवास गृह में 15 जनवरी से वरिष्ठ नागरिकों के लिए निशुल्क आवासीय सुविधा शुरू हो जाएगी। वृद्ध आवास में रहने से लेकर भोजन तक की सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।

इस आवास में 25 वृद्ध और अशक्त व्यक्तियों के लिए मुफ्त रहन-सहन की सुविधा उपलब्ध होगी। जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग ने सुविधा के बारे में जानकारी लेने के लिए हेल्पलाइन नंबर 7500351411 भी जारी किया है। इच्छुक वृद्धजन और उनके परिवार इस नंबर पर संपर्क कर पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि भोजन की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 15 जनवरी से सभी निवासियों को निशुल्क पौष्टिक और संतुलित भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। अभी तक पांच वृद्धजन के रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं, और पूरे आवास में 25 लोगों के रहने की व्यवस्था तैयार है।

संपर्क के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी का मोबाइल नंबर: 9412114011