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Ayush Badoni: Uttarakhand: Team India: भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर के रिप्लेसमेंट का एलान बीसीसीआई ने कर दिया है। सुंदर, जो पहले वनडे मैच में इंजर्ड हो गए थे, वह वनडे सीरीज के शेष मैचों से बाहर हो गए हैं। अब दिल्ली के क्रिकेटर 26 साल के आयुष बडोनी को सुंदर का रिप्लेसमेंट बना दिया है। आयुष को पहली बार टीम इंडिया से बुलावा आया है। दूसरे वनडे से पहले राजकोट में बडोनी भारतीय स्क्वॉड से जुड़ेंगे।
टिहरी जिले के सिलोड़ गांव निवासी क्रिकेटर आयुष बडोनी के टीम इंडिया में चयन से उत्तराखंड के क्रिकेट फैंस भी काफी खुश हैं। साल 2018 में जब अंडर-19 भारतीय टीम श्रीलंका दौरे पर गई थी, वहां आयुष बडोनी ने कमाल का प्रदर्शन किया था जिसके बाद वह लगातार सुर्खियों में बने रहे।घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने का उनको इनाम मिला है। वह हाल ही में साउथ अफ्रीका A के खिलाफ ODI सीरीज के लिए इंडिया A टीम का भी हिस्सा थे। उन्होंने दो मैच खेले और जिस एकमात्र मैच में उन्हें बल्लेबाजी का मौका मिला, उसमें 66 रन भी बनाए। बडोनी इंडियन प्रीमियर लीग में वो लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेलते हैं। 2022 में अपने IPL डेब्यू के बाद से LSG के लिए एक भरोसेमंद खिलाड़ी रहे हैं
LHBCoach : HaridwarExpress : BikanerHaridwar : IndianRailways : PassengerSafety : FasterTrains : ComfortableJourney : TrainUpgrade : Uttarakhand : RailNews : रेलवे की ओर से यात्रियों के आराम और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बीकानेर-हरिद्वार-बीकानेर एक्सप्रेस में पारंपरिक आईसीएफ कोच की जगह एलएचबी कोच लगाए जा रहे हैं।
गाड़ी संख्या 14717 बीकानेर-हरिद्वार एक्सप्रेस बीकानेर से 19 जनवरी से और 14718 हरिद्वार-बीकानेर एक्सप्रेस हरिद्वार से 20 जनवरी से एलएचबी कोच से संचालित होगी।
ट्रेन में 16 डिब्बे हैं…जिनमें 3 थर्ड एसी, 6 स्लीपर, 5 जनरल, 1 पावर कार और 1 गार्ड डिब्बा शामिल है। एलएचबी कोच लगने से ट्रेन की गति बढ़ेगी और सुरक्षा भी बेहतर होगी।
मुख्य विशेषताएं:
सुरक्षा: एंटी टेलीस्कोपिक डिजाइन और स्टेनलेस स्टील से निर्मित, दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाते हैं।
आराम: बेहतर कपलिंग सिस्टम के कारण झटके कम लगते हैं और यात्रा आरामदायक होती है।
गति: एलएचबी कोच की गति 160 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है, जबकि पुराने आईसीएफ कोच 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलते थे।
उत्पादन: शुरुआत में जर्मनी से आयात किए गए थे, अब भारत की कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री में बनाए जा रहे हैं।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि जल्द ही मसूरी एक्सप्रेस को भी एलएचबी कोच से चलाया जाएगा…जिससे यात्रियों को और बेहतर सुविधा और सुरक्षा मिलेगी।
DrugFreeVillage : AlcoholBan : Rudraprayag : CommunityAction : Uttarakhand : SocialHarmony : रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि विकासखंड की दूरस्थ ग्राम पंचायत क्यूडी दशज्यूला ने नशा मुक्त गांव बनाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। पंचायत की सार्वजनिक बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब गांव में शराब का सेवन, बिक्री और सामाजिक आयोजनों में मदिरा परोसना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
उल्लंघन करने पर 21 हजार रुपए का जुर्माना और सामाजिक बहिष्कार जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। ग्राम प्रधान चंदा देवी ने कहा कि शराब के कारण गांव में पारिवारिक कलह और विवाद होते थे। यह निर्णय महिलाओं और बच्चों के हित में लिया गया है।
ग्रामीणों ने इस फैसले का खुलकर स्वागत किया। पूनम देवी ने कहा कि शराबबंदी से युवाओं को सही दिशा मिलेगी और वे शिक्षा व रोजगार पर ध्यान देंगे। गांव को नशा मुक्त बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
सामाजिक कार्यकर्ता प्रवीण रावत ने भी इस पहल का समर्थन किया। उनका कहना है कि शराब न मिलने से घरेलू हिंसा और आपसी झगड़ों में कमी आएगी। पंचायत ने सभी ग्रामीणों से नियमों का पालन करने और क्यूडी दशज्यूला को पूर्ण नशा मुक्त बनाने में सहयोग करने की अपील की है।
कमला देवी, अध्यक्ष महिला मंगल दल ने कहा कि यह फैसला गांव की महिलाओं के लिए राहत लेकर आया है। इसमें सभी को सहयोग करना होगा।
DumperAccident : CarbonMonoxide : Nainital : Ramnagar : PetroMax : TragicDeath : Uttarakhand : ColdWave : SafetyAlert : नैनीताल जिले के रामनगर में ठंड से बचने के लिए डंपर वाहन के अंदर पेट्रोमैक्स जलाने से चाचा-भतीजे की मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। रामनगर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के संभल जिले के मोहम्मद इरफान और मोहम्मद इकरार डंपर वाहन के चालक थे। दोनों संभल से रामनगर के ग्राम पीरुमदारा स्थित स्टोन क्रशर में उपखनिज सामग्री लेने आए। रविवार तड़के लगभग 5 बजे उन्होंने 18 टायरा डंपर में सामग्री लोड की और वाहन बाहर खड़ा किया।
ठंड से बचने के लिए दोनों डंपर के केबिन में ही बैठ गए और पेट्रोमैक्स जलाया। शीशे बंद होने के कारण पेट्रोमैक्स से निकलने वाली गैस ने उन्हें बेहोश कर दिया। दोपहर में जब अन्य लोगों ने आवाज दी तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। शीशा तोड़कर बाहर निकाला गया…लेकिन दोनों को सरकारी अस्पताल रामनगर ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टर कृतिका ने कहा कि प्रारंभिक जांच में मौत दम घुटने से हुई प्रतीत हो रही है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं और जांच जारी है।
मृतक के भाई कासिम ने कहा कि इरफान और इकरार मेहनत-मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। परिवार इस दुखद घटना से बुरी तरह प्रभावित है। पुलिस पूरे मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
RoadAccident : Nainital : TempoTraveler : ChildrenInjured : Uttarakhand : RescueOperation : TrafficSafety : उत्तराखंड के नैनीताल जिले में भीमताल-हल्द्वानी रोड पर भयंकर सड़क हादसा हुआ। बोहराकून के पास छात्रों से भरे टेंपो ट्रैवलर के खाई में गिरने से 27 लोग घायल हो गए हैं…जिनमें 24 बच्चे शामिल हैं। घायलों को तुरंत रेस्क्यू कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भीमताल पहुंचाया गया…जहां उनका उपचार जारी है।
जानकारी के मुताबिक दिल्ली से 25 बच्चों का ग्रुप नैनीताल और कैंची धाम घूमने आया था। लौटते समय भीमताल-हल्द्वानी रोड पर टेंपो अनियंत्रित होकर लगभग 40 मीटर गहरी खाई में जा गिरा और पेड़ पर रुक गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ टीम ने मिलकर घायलों को बाहर निकाला।
हादसे में 2 वयस्क और 16 बच्चों का उपचार CHC भीमताल में किया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल 4 बच्चों को सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर किया गया।
नैनीताल पुलिस के अनुसार संकरी सड़क और ट्रैवलर के पीछे लगातार पास मांगने वाली कार के चलते चालक का नियंत्रण खोना हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है। चालक अमित कुमार ने कहा कि वाहन का टायर पास देते समय सड़क से बाहर निकल गया…जिससे वाहन खाई में गिर गया।
एसडीआरएफ और पुलिस ने सभी घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने का काम तेजी से किया। प्रशासन और पुलिस घटना की जांच कर रहे हैं और सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने की संभावना है।
FarmerSuicide : PoliceAction : Uttarakhand : Rudrapur : Kasipur : SSPAction : PublicSafety : काशीपुर के किसान आत्महत्या मामले में वायरल वीडियो में लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने सख्त कार्रवाई की है। इस मामले में थाना आईटीआई के उपनिरीक्षक कुंदन सिंह रौतेला और प्रकाश बिष्ट को निलंबित कर दिया गया है…जबकि चौकी पैगा की पूरी पुलिस टीम को लाइन हाजिर किया गया है।
जानकारी के अनुसार हल्द्वानी के काठगोदाम थाना क्षेत्र के गौलापार स्थित एक होटल में आत्महत्या करने से पहले मृतक किसान सुखवंत सिंह ने वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में उन्होंने कई लोगों और पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी उधम सिंह नगर मणिकांत मिश्रा ने मामले की गंभीरता देखते हुए त्वरित कार्रवाई की।
प्रकरण में उपनिरीक्षक कुंदन सिंह रौतेला (थानाध्यक्ष, कोतवाली आईटीआई) और उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट को तुरंत निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा चौकी पैगा पर तैनात 10 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। इनमें उपनिरीक्षक/चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार, अपर उपनिरीक्षक सोमवीर सिंह, आरक्षी भूपेंद्र सिंह, दिनेश तिवारी, मुख्य आरक्षी शेखर बनकोटी, आरक्षी सुरेश चन्द्र, योगेश चौधरी, राजेन्द्र गिरी, दीपक प्रसाद और संजय कुमार शामिल हैं।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने कहा कि पुलिस में किसी भी प्रकार की लापरवाही, संवेदनहीनता या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता की शिकायतों और गंभीर मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
घटना के बाद मृतक का शव देर शाम काशीपुर पहुंचा। इस दौरान परिजनों और ग्रामीणों का जमावड़ा लगा। परिजनों ने प्रशासन के सामने तीन मांगें रखीं…जिनमें से दो पर प्रशासन ने आश्वासन दिया। इस मामले की जांच सीएम पुष्कर सिंह धामी के आदेश पर कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को सौंपी गई है।
Ration Card, : e-KYC : Uttarakhand : Dehradun, : Government Relief : उत्तराखंड में अब पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए राशन कार्ड धारकों को ई-केवाईसी कराने की जरूरत नहीं होगी। भारत सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार इन बच्चों को अगले एक साल तक ई-केवाईसी से छूट दी गई है। इस निर्णय से लगभग चार लाख राशन कार्ड धारकों को राहत मिलेगी।
हालांकि पांच से छह साल के बच्चों के लिए बायोमेट्रिक अपडेट कराना जरूरी रहेगा। देहरादून जिले में कुल 3.75 लाख राशन कार्ड जारी किए गए हैं। इनमें राष्ट्रीय खाद्य योजना के तहत 2.19 लाख, अंत्योदय योजना के तहत 15131 और राज्य खाद्य योजना के तहत 1.41 लाख राशन कार्ड हैं। कुल 14.73 लाख यूनिटों का सत्यापन भारत सरकार के निर्देश पर चल रहा है।
जिला पूर्ति अधिकारी के अनुसार इन यूनिटों में करीब 70 हजार ऐसे यूनिट हैं जिनमें पांच साल से कम उम्र के बच्चे शामिल हैं। अब तक इन बच्चों की केवाईसी कराने में राशन कार्ड धारकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था।
देहरादून शहर में ई-केवाईसी प्रक्रिया तेजी से चल रही है। लोगों में जागरूकता बढ़ी है और अब तक नौ लाख से ज्यादा लोग अपनी ई-केवाईसी करा चुके हैं। शुरुआती दौर में थोड़ी परेशानी थी…लेकिन अब लोग अपने दस्तावेज सही समय पर अपडेट कर रहे हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने कहा कि भारत सरकार के नए निर्देशों के बाद पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए ई-केवाईसी कराना अब अनिवार्य नहीं रहेगा…जिससे राशन कार्ड धारकों को बड़ी राहत मिली है।
Indian Army : Agniveer : Recruitment Rally : Dehradun : Uttarakhand : उत्तराखंड में भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती का अगला चरण 15 जनवरी से शुरू हो रहा है। सेना भर्ती कार्यालय (ARO) लैंसडौन की ओर से 15 से 30 जनवरी तक गबर सिंह कैंप कोटद्वार में भर्ती रैली आयोजित की जाएगी।
इस रैली में अभ्यर्थियों का दौड़, शारीरिक दक्षता, दस्तावेज जांच और चिकित्सीय परीक्षण किया जाएगा। यह कार्यक्रम गढ़वाल मंडल के सात जिलों—चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, देहरादून और हरिद्वार के करीब 13 हजार अभ्यर्थियों के लिए है। भर्ती में अग्निवीर जनरल ड्यूटी, क्लर्क/एसकेटी, टेक्निकल और ट्रेड्समैन पदों पर चयन होगा।
रैली मे व्यवस्था:
प्रतिदिन लगभग 1100 अभ्यर्थी कोटद्वार पहुंचने की उम्मीद है।
अतिरिक्त बसों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
रैली स्थल पर दो अलग द्वार बनाए गए हैं एक दौड़ के लिए और दूसरा चिकित्सीय परीक्षण के लिए।
सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस तैनात रहेगी।
आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन, चिकित्सा और एंबुलेंस सेवा मौजूद रहेगी।
जरूरी दस्तावेज:
अभ्यर्थियों को आधार से लिंक मोबाइल नंबर, एडमिट कार्ड, मूल प्रमाणपत्र और तीन-तीन स्वप्रमाणित प्रतियां साथ लानी होंगी।
आधार और पैन कार्ड
ऑनलाइन पुलिस चरित्र प्रमाणपत्र
20 पासपोर्ट साइज फोटो
शैक्षणिक और स्थायी निवास प्रमाणपत्र
जाति और विद्यालय चरित्र प्रमाणपत्र
धर्म, चरित्र और अविवाहित प्रमाणपत्र
आवश्यकता अनुसार NCC, खेल और रिलेशन प्रमाणपत्र
शपथ पत्र रैली स्थल पर तैयार होगा
दलालों से सतर्क रहें:
ARO लैंसडौन के निदेशक कर्नल आरएस पंवार ने अभ्यर्थियों से कहा कि वे किसी भी प्रकार के दलाल या एजेंट के झांसे में न आएं। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी है। किसी भी चरण में कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। चयन केवल योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर होता है।
Tankpur News: एनएचपीसी टनकपुर की शिकायत पर प्रशासन द्वारा बैराज क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित दुकानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई।
तहसीलदार जगदीश नेगी के नेतृत्व में एनएचपीसी टनकपुर बैराज क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, जिसके अंतर्गत अवैध रूप से संचालित 6 दुकानों को हटाया गया।
इस दौरान किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती भी की गई।
प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध कब्जों के विरुद्ध स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उपजिलाधिकारी आकाश जोशी ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध निरंतर अभियान चलाया जाएगा और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त रखा जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे नियमों का पालन करें तथा किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या कब्जा करने से बचें।
FakeIDs : BangladeshCitizens : Dehradun : CSCScam : NationalSecurity : AadhaarFraud : LawEnforcement : Uttarakhand News : देहरादून में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी तरीके से भारतीय पहचान पत्र और दस्तावेज दिलाने का संगठित नेटवर्क उजागर हुआ है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक मानते हुए पूरे जिले के सभी कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) की जांच के आदेश दे दिए हैं।
पुलिस की जांच में पता चला है कि शहर और आसपास के इलाकों में कुछ CSC के जरिए बांग्लादेशियों के आधार कार्ड, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे। इन फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर वे सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और अन्य सेवाओं तक पहुंच बना चुके थे।
जांच में यह भी सामने आया कि दस्तावेजों की तैयारी में जानबूझकर गलत पता, फर्जी परिवार विवरण और मनगढ़ंत पहचान फीड की गई थी। कई मामलों में स्थानीय सत्यापन पूरी तरह दरकिनार किया गया। जिला प्रशासन अब यह पता लगा रहा है कि किन CSC से कितने दस्तावेज जारी किए गए और इसके बदले कितनी रकम ली गई।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह कोई अकेला मामला नहीं है…बल्कि एक पूरा नेटवर्क सक्रिय था। इसमें CSC संचालक, दस्तावेज जुटाने वाले बिचौलिए और विदेशी नागरिक शामिल हो सकते हैं। पुलिस पिछले एक-दो साल में जारी संदिग्ध आधार और पहचान पत्रों का डाटा खंगाल रही है और आने वाले दिनों में और राजफाश होने की संभावना है।
जिन बांग्लादेशी नागरिकों के दस्तावेज फर्जी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं फर्जीवाड़े में शामिल लोगों की गिरफ्तारी भी तय मानी जा रही है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि विदेशी नागरिकों को भारतीय पहचान मिलना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे फर्जी दस्तावेजों के सहारे सिम कार्ड, बैंक खाते, राशन कार्ड और अन्य संवेदनशील सुविधाएं ली जा सकती हैं। दोषी पाए जाने वाले CSC संचालकों के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण और आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। किसी भी स्तर पर मिलीभगत या लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।